आंध्र प्रदेश को 3 लाख पक्के घर: मोदी सरकार की बड़ी सौगात, जानिए कैसे बदलेगी तस्वीर

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आंध्र प्रदेश को 3 लाख पक्के घर: मोदी सरकार की बड़ी सौगात, जानिए कैसे बदलेगी तस्वीर

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पीएमएवाई-जी से आवास निर्माण तक

✎ प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) का लक्ष्य ग्रामीण क्षेत्रों में सभी बेघर और कच्चे घरों में रहने वाले परिवारों को बुनियादी सुविधाओं के साथ पक्के मकान उपलब्ध कराना है, जिसमें अब 3D कंक्रीट प्रिंटिंग जैसी नवीन निर्माण तकनीकों को…

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विषय प्रासंगिकता — यह टॉपिक कहाँ आता है

  • GS Paper II — सरकार की नीतियाँ और विभिन्न क्षेत्रों में विकास के लिए हस्तक्षेप तथा उनके अभिकल्पन और कार्यान्वयन से उत्पन्न विषय  |  GS Paper III — आधारभूत संरचना: ऊर्जा, बंदरगाह, सड़क, विमानपत्तन, रेलवे आदि। निवेश मॉडल।
  • Prelims: प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण), 3D कंक्रीट प्रिंटिंग तकनीक, ग्रामीण विकास मंत्रालय, आवास और शहरी कार्य मंत्रालय, लखपति दीदी योजना, राष्ट्रीय सरस मेला, आवास का अधिकार, सतत विकास लक्ष्य
  • Essay: ग्रामीण भारत का कायाकल्प: समावेशी विकास और सशक्तिकरण, तकनीकी नवाचार और सामाजिक परिवर्तन: भारत के विकास पथ पर प्रभाव

त्वरित पुनरावृत्ति: प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) का लक्ष्य ग्रामीण क्षेत्रों में सभी बेघर और कच्चे घरों में रहने वाले परिवारों को बुनियादी सुविधाओं के साथ पक्के मकान उपलब्ध कराना है, जिसमें अब 3D कंक्रीट प्रिंटिंग जैसी नवीन निर्माण तकनीकों को भी शामिल किया जा रहा है।

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यह खबर चर्चा में क्यों?

हाल ही में, केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री ने आंध्र प्रदेश के गुंटूर जिले के बुर्रीपालेम गांव में देश की पहली 3D कंक्रीट प्रिंटिंग हाउसिंग पायलट परियोजना की आधारशिला भी रखी गई, जो ग्रामीण आवास क्षेत्र में तकनीकी नवाचार का एक महत्वपूर्ण कदम है।

पृष्ठभूमि

  • भारत सरकार का लक्ष्य वर्ष 2022 तक ‘सभी के लिए आवास’ (Housing for All) उपलब्ध कराना था, जिसे अब आगे बढ़ाया गया है।
  • प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) [PMAY-G] का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में बेघर परिवारों और कच्चे तथा जीर्ण-शीर्ण घरों में रहने वाले परिवारों को बुनियादी सुविधाओं के साथ पक्के मकान उपलब्ध कराना है।
  • यह योजना सामाजिक-आर्थिक जाति जनगणना (SECC) 2011 के आंकड़ों का उपयोग करके लाभार्थियों का चयन करती है, जिसमें अपवर्जन मानदंड और ग्राम सभा द्वारा सत्यापन शामिल है।
  • 3D कंक्रीट प्रिंटिंग तकनीक निर्माण क्षेत्र में एक उभरती हुई तकनीक है जो निर्माण प्रक्रिया को गति देने और लागत को कम करने की क्षमता रखती है।
  • यह पहल ‘लखपति दीदी’ योजना और ‘राष्ट्रीय सरस मेला’ जैसे कार्यक्रमों के साथ मिलकर ग्रामीण महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण पर भी जोर देती है।

प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) [PMAY-G] क्या है?

  • PMAY-G को 2016 में इंदिरा आवास योजना (IAY) के पुनर्गठन के रूप में लॉन्च किया गया था, जिसका लक्ष्य 2022 तक सभी बेघर और कच्चे घरों में रहने वाले परिवारों को पक्के घर उपलब्ध कराना था।
  • इस योजना के तहत, मैदानी क्षेत्रों में प्रति इकाई सहायता 1.20 लाख रुपये और पहाड़ी/कठिन क्षेत्रों तथा एकीकृत वामपंथी उग्रवाद (LWE) जिलों में 1.30 लाख रुपये है।
  • लाभार्थियों को शौचालय निर्माण के लिए स्वच्छ भारत मिशन-ग्रामीण (SBM-G) या अन्य स्रोतों से 12,000 रुपये की अतिरिक्त सहायता भी प्रदान की जाती है।
  • यह योजना केंद्र और राज्य सरकारों के बीच लागत-साझाकरण के आधार पर वित्तपोषित है: मैदानी क्षेत्रों में 60:40, पूर्वोत्तर और हिमालयी राज्यों में 90:10, तथा केंद्र शासित प्रदेशों में 100% केंद्र सरकार द्वारा।
  • घरों का निर्माण लाभार्थी स्वयं करते हैं, जिससे उन्हें अपनी पसंद के अनुसार घर बनाने की स्वतंत्रता मिलती है, जबकि सरकार तकनीकी सहायता और वित्तीय सहायता प्रदान करती है।
  • यह योजना ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार सृजन में भी सहायक है, क्योंकि घर निर्माण के लिए स्थानीय सामग्री और श्रम का उपयोग किया जाता है।
  • हाल ही में, 3D कंक्रीट प्रिंटिंग जैसी नवीन तकनीकों को पायलट परियोजनाओं के रूप में शामिल किया जा रहा है ताकि निर्माण को तेज और अधिक कुशल बनाया जा सके।

मुख्य विशेषताएँ

विशेषता महत्व
3 लाख पक्के आवासों की सौगात आंध्र प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में आवासहीन गरीबों को सुरक्षित और स्थायी आश्रय प्रदान करना, जीवन स्तर में सुधार।
3D कंक्रीट प्रिंटिंग हाउसिंग परियोजना आवास निर्माण में अभिनव और तीव्र तकनीक का उपयोग, लागत प्रभावी और समय बचाने वाली निर्माण विधियों को बढ़ावा देना।
प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण 2.0) केंद्र सरकार की प्रमुख आवास योजना का विस्तार, ‘सभी के लिए आवास’ के लक्ष्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम।
3,600 करोड़ रुपये का निवेश राज्य में ग्रामीण विकास और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देना, रोजगार सृजन में सहायक।
बुर्रीपालेम गांव में शुभारंभ ग्रामीण क्षेत्रों पर विशेष ध्यान केंद्रित करना, स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करना।

महत्व

सामाजिक महत्व

  • गरीब और वंचित परिवारों को पक्के मकान उपलब्ध कराकर सामाजिक समानता और गरिमा सुनिश्चित करना।
  • महिलाओं के सशक्तिकरण में योगदान, क्योंकि आवास का स्वामित्व अक्सर महिला सदस्यों के नाम पर होता है, जिससे उन्हें सुरक्षा और अधिकार मिलता है।
  • स्वच्छता और स्वास्थ्य में सुधार, क्योंकि पक्के मकानों में बेहतर स्वच्छता सुविधाएं और सुरक्षित वातावरण मिलता है।

आर्थिक महत्व

  • आवास निर्माण क्षेत्र में निवेश से रोजगार सृजन को बढ़ावा मिलेगा, विशेषकर ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में।
  • 3D कंक्रीट प्रिंटिंग जैसी नई तकनीकों के उपयोग से निर्माण लागत और समय में कमी आ सकती है, जिससे संसाधनों का अधिक कुशल उपयोग होगा।
  • ग्रामीण अर्थव्यवस्था को गति मिलेगी, क्योंकि निर्माण सामग्री और श्रम की मांग बढ़ेगी।

तकनीकी महत्व

  • 3D कंक्रीट प्रिंटिंग तकनीक का उपयोग भारत में आवास निर्माण के भविष्य के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है, जो तेजी से और टिकाऊ निर्माण को संभव बनाता है।
  • यह तकनीक निर्माण क्षेत्र में नवाचार और आधुनिकीकरण को बढ़ावा देगी, जिससे अन्य राज्यों में भी इसके अनुप्रयोग की संभावनाएं बढ़ेंगी।
  • यह पारंपरिक निर्माण विधियों की तुलना में अधिक पर्यावरण-अनुकूल हो सकती है, क्योंकि यह सामग्री की बर्बादी को कम कर सकती है।

शासनिक महत्व

  • केंद्र और राज्य सरकारों के बीच सहयोगात्मक संघवाद (Cooperative Federalism) का एक उदाहरण, जो राष्ट्रीय लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए मिलकर काम कर रहे हैं।
  • योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और लक्षित लाभार्थियों तक लाभ पहुंचाने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
  • ग्रामीण विकास मंत्रालय की पहल ग्रामीण क्षेत्रों में जीवन की गुणवत्ता में सुधार के लिए सरकार की प्राथमिकता को उजागर करती है।

चुनौतियाँ

1. भूमि अधिग्रहण और उपलब्धता

  • ग्रामीण क्षेत्रों में भी उपयुक्त भूमि की पहचान और अधिग्रहण एक चुनौती हो सकती है, खासकर घनी आबादी वाले क्षेत्रों में।
  • भूमि विवाद और स्वामित्व संबंधी मुद्दे परियोजना के क्रियान्वयन में देरी का कारण बन सकते हैं।

2. गुणवत्ता नियंत्रण और निगरानी

  • बड़ी संख्या में आवासों के निर्माण में गुणवत्ता मानकों को बनाए रखना और भ्रष्टाचार को रोकना एक महत्वपूर्ण चुनौती है।
  • दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों में निर्माण कार्यों की प्रभावी निगरानी सुनिश्चित करना मुश्किल हो सकता है।

3. तकनीकी कौशल और प्रशिक्षण

  • 3D कंक्रीट प्रिंटिंग जैसी नई निर्माण तकनीकों के लिए कुशल श्रमशक्ति और तकनीकी ज्ञान की आवश्यकता होगी, जिसका ग्रामीण क्षेत्रों में अभाव हो सकता है।
  • स्थानीय कारीगरों और श्रमिकों को नई तकनीक में प्रशिक्षित करना एक बड़ी चुनौती होगी।

4. वित्तीय प्रबंधन और पारदर्शिता

  • परियोजना के लिए आवंटित 3,600 करोड़ रुपये के प्रभावी और पारदर्शी उपयोग को सुनिश्चित करना।
  • निधियों के दुरुपयोग और लीकेज को रोकना एक निरंतर चुनौती है।

5. लाभार्थी चयन और पात्रता

  • वास्तविक आवासहीन और पात्र लाभार्थियों की पहचान करना, ताकि कोई भी योग्य व्यक्ति छूट न जाए और अयोग्य व्यक्ति लाभ न उठा सकें।
  • सामाजिक-आर्थिक जाति जनगणना (SECC) डेटा का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित करना।

चुनौतियाँ — यूपीएससी दृष्टिकोण

मुद्दा चिंता
भूमि की उपलब्धता ग्रामीण क्षेत्रों में भी उपयुक्त और विवाद रहित भूमि की पहचान करना कठिन।
निर्माण की गुणवत्ता बड़ी संख्या में आवासों में समान गुणवत्ता बनाए रखना और निरीक्षण सुनिश्चित करना।
तकनीकी कौशल का अभाव 3D प्रिंटिंग जैसी नई तकनीकों के लिए प्रशिक्षित श्रमिकों की कमी।
वित्तीय अनियमितताएं परियोजना निधियों के दुरुपयोग और भ्रष्टाचार की संभावना।
लाभार्थी पहचान वास्तविक पात्र लाभार्थियों तक लाभ पहुंचाना और अपात्रों को बाहर करना।
परियोजना की गति निर्धारित समय-सीमा के भीतर सभी आवासों का निर्माण पूरा करना।

आगे की राह

  • भूमि बैंक का निर्माण और भूमि अधिग्रहण प्रक्रियाओं को सुव्यवस्थित करना ताकि परियोजनाओं में अनावश्यक देरी न हो।
  • 3D कंक्रीट प्रिंटिंग जैसी नई निर्माण तकनीकों के लिए स्थानीय युवाओं को कौशल प्रशिक्षण प्रदान करना।
  • आवास निर्माण की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए सख्त निगरानी तंत्र और तीसरे पक्ष के ऑडिट को लागू करना।
  • लाभार्थियों के चयन में पारदर्शिता और निष्पक्षता बनाए रखने के लिए डिजिटल प्लेटफॉर्म और डेटा विश्लेषण का उपयोग करना।
  • निधियों के प्रभावी उपयोग और भ्रष्टाचार को रोकने के लिए प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (DBT) और मजबूत वित्तीय प्रबंधन प्रणाली अपनाना।
  • केंद्र और राज्य सरकारों के बीच बेहतर समन्वय और सहयोग सुनिश्चित करना ताकि योजनाओं का क्रियान्वयन सुचारु रूप से हो सके।
  • पर्यावरण-अनुकूल और टिकाऊ निर्माण सामग्री तथा तकनीकों को बढ़ावा देना।

यूपीएससी मूल्य-संवर्धन

मुख्य परीक्षा उत्तर-लेखन हेतु कीवर्ड

प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण · 3D कंक्रीट प्रिंटिंग तकनीक · ग्रामीण विकास मंत्रालय · आवास क्रांति · सामाजिक-आर्थिक सशक्तिकरण · सहकारी संघवाद · बुनियादी ढांचा विकास · ग्रामीण उत्थान · नीति कार्यान्वयन · आर्थिक संवृद्धि

संवैधानिक व नीतिगत संबंध

  • अनुच्छेद 21: जीवन के अधिकार का विस्तार
  • अनुच्छेद 38: राज्य लोक कल्याण को बढ़ावा देगा
  • अनुच्छेद 46: कमजोर वर्गों के हितों का संवर्धन
  • अनुच्छेद 243G: पंचायतों की शक्तियां, अधिकार और उत्तरदायित्व

अवधारणा प्रवाह

सरकार की ‘सभी के लिए आवास’ प्रतिबद्धता  →  प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) का क्रियान्वयन  →  आंध्र प्रदेश को 3 लाख आवासों की स्वीकृति  →  3D कंक्रीट प्रिंटिंग जैसी नई तकनीकों का उपयोग  →  आवासहीन परिवारों को पक्के मकानों का आवंटन  →  ग्रामीण जीवन स्तर में सुधार और आर्थिक सशक्तिकरण

प्रारंभिक अभ्यास प्रश्न

Q1. प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण (PMAY-G) के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. यह योजना ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा कार्यान्वित की जाती है।
2. इसका उद्देश्य वर्ष 2024 तक ‘सभी के लिए आवास’ के लक्ष्य को प्राप्त करना है।
3. इस योजना के तहत लाभार्थियों को पक्के मकान बनाने के लिए वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है।
उपरोक्त कथनों में से कितने सही हैं?

  1. केवल एक
  2. केवल दो
  3. सभी तीन
  4. कोई नहीं

उत्तर: केवल दो — कथन 1 सही है। प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण (PMAY-G) ग्रामीण विकास मंत्रालय के तहत कार्यान्वित की जाती है। कथन 2 गलत है। PMAY-G का लक्ष्य 2022 तक ‘सभी के लिए आवास’ था, जिसे बाद में 2024 तक बढ़ा दिया गया था, लेकिन अब यह लक्ष्य 2024 तक भी पूरी तरह प्राप्त नहीं हुआ है। कथन 3 सही है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में पात्र लाभार्थियों को पक्के मकान बनाने के लिए वित्तीय सहायता प्रदान करना है।

Q2. निम्नलिखित में से कौन-सा कथन 3D कंक्रीट प्रिंटिंग तकनीक का सबसे सटीक वर्णन करता है?

  1. यह एक निर्माण विधि है जिसमें पूर्वनिर्मित कंक्रीट ब्लॉकों का उपयोग करके संरचनाएँ बनाई जाती हैं।
  2. यह एक एडिटिव मैन्युफैक्चरिंग प्रक्रिया है जो डिजिटल डिज़ाइन डेटा का उपयोग करके परत-दर-परत कंक्रीट संरचनाओं का निर्माण करती है।
  3. यह एक ऐसी तकनीक है जिसमें कंक्रीट को उच्च दबाव वाले स्प्रे गन का उपयोग करके दीवारों पर लगाया जाता है।
  4. यह एक विधि है जिसमें कंक्रीट को मोल्ड में डालकर सुखाया जाता है और फिर उन्हें जोड़कर संरचनाएँ बनाई जाती हैं।

उत्तर: यह एक एडिटिव मैन्युफैक्चरिंग प्रक्रिया है जो डिजिटल डिज़ाइन डेटा का उपयोग करके परत-दर-परत कंक्रीट संरचनाओं का निर्माण करती है। — 3D कंक्रीट प्रिंटिंग एक एडिटिव मैन्युफैक्चरिंग प्रक्रिया है, जहाँ कंप्यूटर-नियंत्रित रोबोटिक आर्म डिजिटल डिज़ाइन के आधार पर कंक्रीट की परतें बिछाकर संरचनाओं का निर्माण करता है। यह पारंपरिक निर्माण विधियों की तुलना में अधिक गति और दक्षता प्रदान करती है।

मुख्य अभ्यास प्रश्न

✍ प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण (PMAY-G) भारत में ग्रामीण आवास की चुनौतियों का समाधान करने में कितनी सफल रही है? हाल ही में आंध्र प्रदेश में 3D कंक्रीट प्रिंटिंग तकनीक के उपयोग के संदर्भ में इस योजना के भविष्य की संभावनाओं का मूल्यांकन कीजिए। (15 Marks)

रूपरेखा: मॉडल-उत्तर संरचना:
1. परिचय: PMAY-G का संक्षिप्त परिचय, इसके उद्देश्य और ग्रामीण आवास में इसकी भूमिका।
2. सफलता का मूल्यांकन: योजना की उपलब्धियाँ (जैसे निर्मित आवासों की संख्या, लाभार्थियों तक पहुँच), साथ ही इसकी सीमाएँ और चुनौतियाँ (जैसे गुणवत्ता, भू-स्वामित्व के मुद्दे, कार्यान्वयन में देरी)।
3. 3D कंक्रीट प्रिंटिंग तकनीक: इस तकनीक का विस्तृत विवरण, इसके लाभ (गति, लागत-दक्षता, टिकाऊपन) और आंध्र प्रदेश में इसके पायलट परियोजना का उल्लेख।
4. भविष्य की संभावनाएँ: PMAY-G के तहत 3D प्रिंटिंग के संभावित प्रभाव (तेज निर्माण, बेहतर गुणवत्ता, दूरस्थ क्षेत्रों में पहुँच), ‘सभी के लिए आवास’ लक्ष्य को प्राप्त करने में इसकी भूमिका।
5. निष्कर्ष: योजना की समग्र सफलता का सारांश और नई तकनीकों के समावेश से ग्रामीण आवास क्षेत्र में आने वाले सकारात्मक बदलावों पर बल।

स्रोत: PIB (Press Information Bureau)

Andhra Pradesh PCS (APPSC) — राज्य PCS अभ्यास

Prelims: मोदी सरकार द्वारा हाल ही में आंध्र प्रदेश को प्रदान किए गए 3 लाख पक्के आवासों के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. यह आवास योजना ‘प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण)’ के अंतर्गत प्रदान किए गए हैं। 2. इस योजना का उद्घाटन श्री शिवराज सिंह चौहान और श्री चंद्रबाबू नायडू द्वारा संयुक्त रूप से किया गया। 3. आवासों का निर्माण ‘बुर्रीपालेम’ नामक स्थान से शुरू किया गया। उपर्युक्त में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?

  1. केवल 1 और 2
  2. केवल 2 और 3
  3. केवल 1 और 3
  4. 1, 2 और 3

उत्तर: केवल 1 और 3 — कथन 1 गलत है क्योंकि यह आवास योजना ‘प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण)’ के अंतर्गत नहीं, बल्कि केंद्र सरकार की एक विशेष पहल के रूप में प्रदान किए गए। कथन 2 और 3 सही हैं।

Mains: आंध्र प्रदेश राज्य में पक्के आवासों की कमी को दूर करने के लिए केंद्र सरकार द्वारा हाल ही में उठाए गए कदमों का आलोचनात्मक मूल्यांकन कीजिए। साथ ही, राज्य में आवासीय सुविधाओं के विकास में आने वाली प्रमुख चुनौतियों पर प्रकाश डालते हुए, उनके समाधान हेतु सुझाव प्रस्तुत कीजिए।


शैक्षिक उद्देश्य हेतु AanyaAi द्वारा जनित।

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