उत्तर प्रदेश अंतर्राष्ट्रीय व्यापार महोत्सव 2026: अमित शाह ने किया चौथे संस्करण का उद्घाटन

केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने आज उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा में उत्तर प्रदेश अंतर्राष्ट्रीय व्याप — diagram

उत्तर प्रदेश अंतर्राष्ट्रीय व्यापार महोत्सव 2026: अमित शाह ने किया चौथे संस्करण का उद्घाटन

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उत्तर प्रदेश अंतर्राष्ट्रीय व्यापार महोत्सव

✎ उत्तर प्रदेश अंतर्राष्ट्रीय व्यापार महोत्सव 'मेक इन इंडिया' पहल को बढ़ावा देने, राज्य के उत्पादों को वैश्विक मंच प्रदान करने और उत्तर प्रदेश को निवेश के केंद्र के रूप में स्थापित करने का एक महत्वपूर्ण प्रयास है।

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विषय प्रासंगिकता — यह टॉपिक कहाँ आता है

  • GS Paper III — भारतीय अर्थव्यवस्था तथा योजना, संसाधनों को जुटाना, संवृद्धि, विकास तथा रोज़गार से संबंधित विषय  |  GS Paper II — संघ एवं राज्यों के कार्य तथा उत्तरदायित्व, संघीय ढाँचे से संबंधित विषय एवं चुनौतियाँ
  • Prelims: उत्तर प्रदेश अंतर्राष्ट्रीय व्यापार महोत्सव, मेक इन इंडिया, एक ज़िला एक उत्पाद (ODOP), पंडित दीनदयाल उपाध्याय, मुक्त व्यापार नीति, डबल इंजन सरकार, विनिर्माण क्षेत्र
  • Essay: भारत की आर्थिक संवृद्धि में राज्यों की भूमिका, आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में ‘मेक इन इंडिया’ की प्रासंगिकता

त्वरित पुनरावृत्ति: उत्तर प्रदेश अंतर्राष्ट्रीय व्यापार महोत्सव ‘मेक इन इंडिया’ पहल को बढ़ावा देने, राज्य के उत्पादों को वैश्विक मंच प्रदान करने और उत्तर प्रदेश को निवेश के केंद्र के रूप में स्थापित करने का एक महत्वपूर्ण प्रयास है।

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यह खबर चर्चा में क्यों?

केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा में उत्तर प्रदेश अंतर्राष्ट्रीय व्यापार महोत्सव के चौथे संस्करण का उद्घाटन किया। इस महोत्सव का उद्देश्य उत्तर प्रदेश के उत्पादों, विशेषकर ‘एक ज़िला एक उत्पाद’ (One District One Product – ODOP) योजना के तहत आने वाले उत्पादों को वैश्विक मंच प्रदान करना और राज्य में निवेश को आकर्षित करना है। यह आयोजन ‘मेक इन इंडिया’ पहल को बढ़ावा देने तथा राज्य की अर्थव्यवस्था को 1 ट्रिलियन डॉलर तक पहुँचाने के लक्ष्य को प्राप्त करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

पृष्ठभूमि

  • उत्तर प्रदेश अंतर्राष्ट्रीय व्यापार महोत्सव का चौथा संस्करण राज्य के आर्थिक विकास और वैश्विक व्यापार में उसकी भागीदारी को बढ़ावा देने के लिए एक महत्वपूर्ण पहल है।
  • यह महोत्सव ‘मेक इन इंडिया’ मिशन के 12 साल पूरे होने के अवसर पर आयोजित किया जा रहा है, जिसकी घोषणा प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने 25 सितंबर को की थी।
  • पंडित दीनदयाल उपाध्याय की 110वीं जयंती भी 25 सितंबर को मनाई जाती है, जिन्होंने आज़ादी के बाद पहली बार मुक्त व्यापार और कृषि-आधारित आर्थिक नीति का प्रस्ताव रखा था।
  • भारत की अर्थव्यवस्था, जिसे कभी ‘फ़्रैजाइल 5’ (Fragile 5) में गिना जाता था, अब विश्व की शीर्ष 5 अर्थव्यवस्थाओं में शामिल हो गई है, जिसका श्रेय ‘मेक इन इंडिया’ जैसी नीतियों को दिया जाता है।
  • उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य की अर्थव्यवस्था को 1 ट्रिलियन डॉलर तक पहुँचाने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य निर्धारित किया है, जिसके लिए निवेश और औद्योगिक विकास पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
  • राज्य में कानून-व्यवस्था में सुधार, अनुकूल औद्योगिक नीतियाँ और सक्रिय सरकारी समर्थन ने निवेश के लिए एक सकारात्मक माहौल बनाया है।

उत्तर प्रदेश अंतर्राष्ट्रीय व्यापार महोत्सव क्या है?

  • यह उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा आयोजित एक वार्षिक कार्यक्रम है जिसका उद्देश्य राज्य के उत्पादों और सेवाओं को राष्ट्रीय तथा अंतर्राष्ट्रीय खरीदारों के सामने प्रदर्शित करना है।
  • यह महोत्सव राज्य में निवेश आकर्षित करने, व्यापार संबंधों को बढ़ावा देने और स्थानीय उद्योगों को वैश्विक बाज़ारों से जोड़ने के लिए एक मंच प्रदान करता है।
  • ‘एक ज़िला एक उत्पाद’ (ODOP) योजना इस महोत्सव का एक प्रमुख आकर्षण है, जो राज्य के प्रत्येक ज़िले के विशिष्ट उत्पादों को बढ़ावा देती है।
  • यह ‘मेक इन इंडिया’ पहल के अनुरूप है, जिसका लक्ष्य भारत को विनिर्माण, डिज़ाइन और नवाचार का वैश्विक केंद्र बनाना है।
  • महोत्सव में विभिन्न क्षेत्रों जैसे रक्षा गलियारा (Defence Corridor), वाहन विनिर्माण (Vehicle Manufacturing) और चिकित्सा उपकरण पार्क (Medical Device Park) में निवेश के अवसरों पर प्रकाश डाला जाता है।
  • यह आयोजन छोटे उद्योगपतियों, युवाओं और सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (MSMEs) को अपने उत्पादों का प्रदर्शन करने और नए बाज़ार खोजने का अवसर देता है।
  • यह उत्तर प्रदेश को ‘भयमुक्त’ और निवेश के केंद्र के रूप में स्थापित करने की राज्य सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
  • इस महोत्सव के माध्यम से उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था को 1 ट्रिलियन डॉलर तक पहुँचाने के लक्ष्य को प्राप्त करने में सहायता मिलेगी।

मुख्य विशेषताएँ

विशेषता महत्व
उत्तर प्रदेश अंतर्राष्ट्रीय व्यापार महोत्सव का चौथा संस्करण यह उत्तर प्रदेश को वैश्विक व्यापार और निवेश केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
Make in India मिशन का प्रचार यह कार्यक्रम ‘मेक इन इंडिया’ पहल को बढ़ावा देता है, जिसका उद्देश्य भारत को विनिर्माण, डिजाइन और नवाचार का वैश्विक केंद्र बनाना है।
पंडित दीनदयाल उपाध्याय की आर्थिक नीति मुक्त व्यापार और कृषि-आधारित आर्थिक नीति के उनके सिद्धांतों को भारत के विकास का आधार बताया गया है, जो वर्तमान आर्थिक नीतियों से जुड़ा है।
एक जिला एक उत्पाद (One District One Product – ODOP) योजना यह योजना स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देकर छोटे उद्योगों और युवाओं के लिए आर्थिक विकास की धुरी बन रही है।
रक्षा गलियारा (Defence Corridor) और विनिर्माण केंद्र उत्तर प्रदेश में रक्षा उत्पादन और वाहन विनिर्माण जैसे क्षेत्रों में निवेश से औद्योगिक विकास और रोजगार सृजन को बढ़ावा मिल रहा है।
1 ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था का लक्ष्य उत्तर प्रदेश द्वारा यह महत्वाकांक्षी लक्ष्य राज्य की बढ़ती आर्थिक क्षमता और निवेश के अनुकूल माहौल को दर्शाता है।

महत्व

आर्थिक महत्व

  • उत्तर प्रदेश को निवेश और उत्पादन के एक प्रमुख केंद्र के रूप में स्थापित करना।
  • राज्य की अर्थव्यवस्था को 1 ट्रिलियन डॉलर तक ले जाने के लक्ष्य को प्राप्त करने में सहायक।
  • छोटे और मध्यम उद्योगों (MSMEs) को ‘एक जिला एक उत्पाद’ योजना के माध्यम से बढ़ावा देना।

औद्योगिक विकास

  • रक्षा गलियारे, वाहन विनिर्माण और चिकित्सा उपकरण पार्कों की स्थापना से औद्योगिक आधार का विस्तार।
  • कानून-व्यवस्था में सुधार से निवेशकों के लिए अनुकूल माहौल का निर्माण।
  • वैश्विक खरीदारों को आकर्षित कर उत्तर प्रदेश के उत्पादों की अंतरराष्ट्रीय पहचान बढ़ाना।

रणनीतिक महत्व

  • भारत को वैश्विक उत्पादन, डिजाइन और नवाचार केंद्र के रूप में मजबूत करना।
  • राष्ट्रीय सुरक्षा में योगदान, जैसे ब्रह्मोस मिसाइल और AK-203 असॉल्ट राइफल का उत्पादन।
  • राज्यों के बीच आर्थिक प्रतिस्पर्धा और विकास को बढ़ावा देना, जिससे समग्र राष्ट्रीय विकास में योगदान।

चुनौतियाँ

1. बुनियादी ढाँचा और कनेक्टिविटी

  • अंतर्राष्ट्रीय व्यापार और निवेश को आकर्षित करने के लिए विश्व स्तरीय बुनियादी ढांचे (सड़क, रेल, हवाई अड्डे) की आवश्यकता।
  • दूरदराज के क्षेत्रों से उत्पादों को बाजार तक पहुंचाने के लिए बेहतर कनेक्टिविटी सुनिश्चित करना।

2. कौशल विकास और रोजगार

  • बढ़ते औद्योगिक क्षेत्रों की मांगों को पूरा करने के लिए कुशल कार्यबल की उपलब्धता सुनिश्चित करना।
  • युवाओं के लिए पर्याप्त रोजगार के अवसर पैदा करना, विशेषकर नए उद्योगों में।

3. छोटे उद्योगों को बढ़ावा

  • छोटे और कुटीर उद्योगों को वित्तीय सहायता, प्रौद्योगिकी उन्नयन और बाजार पहुंच प्रदान करना।
  • अंतर्राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप गुणवत्ता और प्रतिस्पर्धात्मकता बनाए रखना।

4. पर्यावरण स्थिरता

  • औद्योगिक विकास के साथ-साथ पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखना।
  • प्रदूषण नियंत्रण और सतत विकास प्रथाओं को लागू करना।

चुनौतियाँ — यूपीएससी दृष्टिकोण

मुद्दा चिंता
निवेश का माहौल कानून-व्यवस्था में सुधार के बावजूद, निवेशकों के विश्वास को बनाए रखना और नौकरशाही बाधाओं को कम करना।
अंतर्राष्ट्रीय प्रतिस्पर्धा वैश्विक बाजारों में उत्तर प्रदेश के उत्पादों की प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ाना और गुणवत्ता मानकों को पूरा करना।
तकनीकी उन्नयन छोटे उद्योगों और पारंपरिक शिल्प को आधुनिक तकनीक और नवाचार से जोड़ना।
बाजार पहुंच अंतर्राष्ट्रीय खरीदारों तक उत्पादों की पहुंच सुनिश्चित करना और निर्यात प्रक्रियाओं को सरल बनाना।

सरकारी पहल — प्रीलिम्स हेतु अवश्य याद रखें

  • एक जिला एक उत्पाद (One District One Product – ODOP)

आगे की राह

  • बुनियादी ढाँचे के विकास में तेजी लाना, विशेषकर औद्योगिक गलियारों और लॉजिस्टिक्स हब में।
  • कौशल विकास कार्यक्रमों को औद्योगिक आवश्यकताओं के अनुरूप बनाना और युवाओं को रोजगार योग्य बनाना।
  • छोटे और मध्यम उद्योगों को वित्तीय सहायता, तकनीकी मार्गदर्शन और बाजार लिंकेज प्रदान करना।
  • ईज ऑफ डूइंग बिजनेस (Ease of Doing Business) को और बेहतर बनाने के लिए नियामक प्रक्रियाओं को सरल बनाना।
  • अनुसंधान और विकास (R&D) को बढ़ावा देना ताकि उत्पादों में नवाचार और गुणवत्ता सुनिश्चित की जा सके।
  • अंतर्राष्ट्रीय व्यापार समझौतों और निर्यात प्रोत्साहन योजनाओं का अधिकतम लाभ उठाना।
  • पर्यावरण अनुकूल विनिर्माण प्रक्रियाओं को बढ़ावा देना और सतत विकास लक्ष्यों को प्राप्त करना।

यूपीएससी मूल्य-संवर्धन

मुख्य परीक्षा उत्तर-लेखन हेतु कीवर्ड

उत्तर प्रदेश अंतर्राष्ट्रीय व्यापार महोत्सव · मेक इन इंडिया · वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट · डबल इंजन सरकार · आर्थिक संवृद्धि · निवेश प्रोत्साहन · औद्योगिक नीति · पंडित दीनदयाल उपाध्याय

संवैधानिक व नीतिगत संबंध

  • {‘article’: ‘अनुच्छेद 301’, ‘note’: ‘व्यापार, वाणिज्य और समागम की स्वतंत्रता’}
  • {‘article’: ‘अनुच्छेद 302’, ‘note’: ‘व्यापार पर प्रतिबंध लगाने की संसद की शक्ति’}
  • {‘article’: ‘अनुच्छेद 246’, ‘note’: ‘संघ और राज्य सूची में आर्थिक विषय’}

अवधारणा प्रवाह

अंतर्राष्ट्रीय व्यापार महोत्सव का आयोजन  →  निवेशकों और खरीदारों को आकर्षित करना  →  राज्य में उत्पादन और निर्यात में वृद्धि  →  स्थानीय उद्योगों और MSMEs को बढ़ावा  →  आर्थिक संवृद्धि और रोजगार सृजन  →  उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था का विस्तार

प्रारंभिक अभ्यास प्रश्न

Q1. निम्नलिखित कथनों पर विचार करें:
1. ‘मेक इन इंडिया’ पहल 25 सितंबर, 2014 को शुरू की गई थी।
2. पंडित दीनदयाल उपाध्याय ने स्वतंत्रता के बाद भारत के लिए मुक्त व्यापार और कृषि-आधारित आर्थिक नीति का प्रस्ताव रखा था।
3. उत्तर प्रदेश अंतर्राष्ट्रीय व्यापार महोत्सव का उद्देश्य राज्य में निवेश और उत्पादन को बढ़ावा देना है।
उपरोक्त में से कितने कथन सही हैं?

  1. केवल एक
  2. केवल दो
  3. सभी तीनों
  4. कोई नहीं

उत्तर: सभी तीनों — कथन 1: ‘मेक इन इंडिया’ पहल 25 सितंबर, 2014 को शुरू की गई थी, जिसका उद्देश्य भारत को विनिर्माण, डिजाइन और नवाचार का वैश्विक केंद्र बनाना था। कथन 2: पंडित दीनदयाल उपाध्याय ने वास्तव में स्वतंत्रता के बाद भारत के लिए मुक्त व्यापार और कृषि-आधारित आर्थिक नीति का प्रस्ताव रखा था। कथन 3: उत्तर प्रदेश अंतर्राष्ट्रीय व्यापार महोत्सव का मुख्य उद्देश्य राज्य के उत्पादों को वैश्विक मंच पर लाना, निवेश आकर्षित करना और उत्पादन तथा व्यापार को बढ़ावा देना है।

Q2. निम्नलिखित में से कौन-सा ‘वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट’ (ODOP) योजना का प्राथमिक उद्देश्य है?

  1. प्रत्येक जिले में एक बड़े उद्योग की स्थापना करना।
  2. प्रत्येक जिले से एक विशिष्ट उत्पाद को बढ़ावा देना और उसका विपणन करना।
  3. प्रत्येक जिले में केवल एक प्रकार की कृषि उपज को प्रोत्साहित करना।
  4. सभी जिलों में समान औद्योगिक विकास सुनिश्चित करना।

उत्तर: प्रत्येक जिले से एक विशिष्ट उत्पाद को बढ़ावा देना और उसका विपणन करना। — ‘वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट’ (ODOP) योजना का प्राथमिक उद्देश्य प्रत्येक जिले से एक विशिष्ट उत्पाद की पहचान करना, उसे बढ़ावा देना और उसका विपणन करना है, जिससे स्थानीय शिल्प और उद्योगों को प्रोत्साहन मिले तथा आर्थिक विकास हो।

मुख्य अभ्यास प्रश्न

✍ उत्तर प्रदेश अंतर्राष्ट्रीय व्यापार महोत्सव जैसे आयोजन राज्य के आर्थिक विकास और निवेश प्रोत्साहन में किस प्रकार योगदान करते हैं? ‘मेक इन इंडिया’ पहल के संदर्भ में ‘वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट’ (ODOP) योजना की भूमिका का भी विश्लेषण कीजिए। (15 Marks)

रूपरेखा: परिचय: उत्तर प्रदेश अंतर्राष्ट्रीय व्यापार महोत्सव का संक्षिप्त परिचय और इसके उद्देश्यों का उल्लेख।
मुख्य भाग:
1. व्यापार महोत्सव का योगदान:
– निवेश आकर्षित करना: घरेलू और अंतर्राष्ट्रीय निवेशकों को राज्य में निवेश के अवसरों से परिचित कराना।
– उत्पादों का प्रदर्शन: स्थानीय उत्पादों, विशेषकर MSME क्षेत्र के उत्पादों को वैश्विक मंच प्रदान करना।
– व्यापारिक संबंध: खरीदारों और विक्रेताओं के बीच सीधा संपर्क स्थापित करना, जिससे निर्यात और व्यापार में वृद्धि हो।
– आर्थिक संवृद्धि: रोजगार सृजन, आय में वृद्धि और समग्र आर्थिक विकास को बढ़ावा देना।
– ब्रांडिंग: उत्तर प्रदेश को एक आकर्षक निवेश गंतव्य के रूप में स्थापित करना।
2. ‘मेक इन इंडिया’ और ODOP की भूमिका:
– ‘मेक इन इंडिया’ पहल: इसका उद्देश्य भारत को वैश्विक विनिर्माण केंद्र बनाना है। ODOP इस पहल का एक महत्वपूर्ण घटक है।
– ODOP योजना: स्थानीय विशिष्ट उत्पादों को बढ़ावा देकर, यह योजना ‘मेक इन इंडिया’ के ‘स्थानीय के लिए वोकल’ (Vocal for Local) दृष्टिकोण को मजबूत करती है।
– मूल्य श्रृंखला विकास: विशिष्ट उत्पादों के लिए संपूर्ण मूल्य श्रृंखला (Value Chain) के विकास में सहायता, जिसमें उत्पादन, प्रसंस्करण, पैकेजिंग और विपणन शामिल है।
– कौशल विकास: स्थानीय कारीगरों और उद्यमियों के कौशल को उन्नत करना।
– निर्यात प्रोत्साहन: ODOP उत्पादों को अंतर्राष्ट्रीय बाजारों तक पहुँचाना, जिससे ‘मेक इन इंडिया’ के निर्यात लक्ष्यों को प्राप्त करने में मदद मिलती है।
– क्षेत्रीय असंतुलन में कमी: प्रत्येक जिले के विशिष्ट उत्पादों पर ध्यान केंद्रित करके संतुलित क्षेत्रीय विकास को बढ़ावा देना।
निष्कर्ष: व्यापार महोत्सव और ODOP जैसी पहलें ‘मेक इन इंडिया’ के लक्ष्यों को प्राप्त करने में महत्वपूर्ण हैं, जो भारत को एक मजबूत विनिर्माण और निर्यात अर्थव्यवस्था बनाने में योगदान करती हैं।

स्रोत: PIB (Press Information Bureau)

Uttar Pradesh PCS (UPPSC) — राज्य PCS अभ्यास

Prelims: केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह द्वारा उत्तर प्रदेश अंतर्राष्ट्रीय व्यापार महोत्सव के चौथे संस्करण का उद्घाटन किस स्थान पर किया गया?

  1. आगरा
  2. लखनऊ
  3. ग्रेटर नोएडा
  4. वाराणसी

उत्तर: ग्रेटर नोएडा — उत्तर प्रदेश अंतर्राष्ट्रीय व्यापार महोत्सव के चौथे संस्करण का उद्घाटन ग्रेटर नोएडा में किया गया।

Mains: उत्तर प्रदेश अंतर्राष्ट्रीय व्यापार महोत्सव राज्य की अर्थव्यवस्था और व्यापारिक अवसरों को बढ़ावा देने में किस प्रकार सहायक सिद्ध हो सकता है? राज्य के औद्योगिक विकास और रोजगार सृजन में इसकी भूमिका पर प्रकाश डालिए।


शैक्षिक उद्देश्य हेतु AanyaAi द्वारा जनित।

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