21 Jul उत्तर प्रदेश में स्वामित्व योजना: 83% गांवों में संपत्ति कार्ड वितरण पूरा
विषय प्रासंगिकता — यह टॉपिक कहाँ आता है
- GS Paper II — शासन, पारदर्शिता एवं जवाबदेही के महत्वपूर्ण पक्ष, केंद्र एवं राज्यों द्वारा जनसंख्या के अति संवेदनशील वर्गों के लिए कल्याणकारी योजनाएँ और इन योजनाओं का कार्य-निष्पादन | GS Paper III — भूमि सुधार
- Prelims: स्वामित्व योजना, पंचायती राज मंत्रालय, ड्रोन सर्वेक्षण, प्रॉपर्टी कार्ड, CORS तकनीक, ग्रामीण आबादी वाले क्षेत्र
- Essay: ग्रामीण भारत में संपत्ति अधिकार और सामाजिक-आर्थिक विकास, तकनीकी नवाचार और सुशासन: भारतीय संदर्भ
त्वरित पुनरावृत्ति: स्वामित्व योजना पंचायती राज मंत्रालय की एक केंद्रीय क्षेत्र योजना है जिसका उद्देश्य ड्रोन सर्वेक्षण और CORS तकनीक का उपयोग करके ग्रामीण आबादी वाले क्षेत्रों में संपत्ति मालिकों को अधिकारों का रिकॉर्ड (प्रॉपर्टी कार्ड) प्रदान करना है।
यह खबर चर्चा में क्यों?
केंद्रीय पंचायती राज मंत्रालय द्वारा लोकसभा में दी गई जानकारी के अनुसार, उत्तर प्रदेश में स्वामित्व योजना (SVAMITVA Scheme) के तहत सभी 90,573 अधिसूचित गांवों में ड्रोन सर्वेक्षण पूरा हो चुका है। राज्य के लगभग 67,000 गांवों में 1.01 करोड़ प्रॉपर्टी कार्ड वितरित किए जा चुके हैं, जबकि 75,000 गांवों के लिए 1.20 करोड़ प्रॉपर्टी कार्ड तैयार किए गए हैं, जो अधिसूचित गांवों का लगभग 83 प्रतिशत है। इस योजना को सितंबर 2026 तक बढ़ा दिया गया है, जो ग्रामीण क्षेत्रों में संपत्ति अधिकारों को स्पष्ट करने और सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
पृष्ठभूमि
- भारत में ग्रामीण क्षेत्रों में भूमि और संपत्ति के स्वामित्व को लेकर अस्पष्टता एक बड़ी समस्या रही है, जिससे विवाद और कानूनी मुकदमेबाजी बढ़ती है।
- पारंपरिक सर्वेक्षण विधियाँ समय लेने वाली और त्रुटिपूर्ण होती थीं, जिससे सटीक रिकॉर्ड बनाना मुश्किल होता था।
- संपत्ति के स्पष्ट रिकॉर्ड की अनुपस्थिति ग्रामीण आबादी को बैंकों से ऋण प्राप्त करने और अपनी संपत्ति का आर्थिक रूप से लाभ उठाने में बाधा डालती थी।
- पंचायती राज मंत्रालय ने ग्रामीण आबादी वाले क्षेत्रों में संपत्ति मालिकों को ‘अधिकारों का रिकॉर्ड’ प्रदान करने के उद्देश्य से स्वामित्व योजना शुरू की।
- यह योजना आधुनिक सर्वेक्षण तकनीकों जैसे ड्रोन और कंटीन्यूअसली ऑपरेटिंग रेफरेंस स्टेशन (CORS) का उपयोग करके ग्रामीण क्षेत्रों का मानचित्रण करती है।
- योजना का लक्ष्य ग्रामीण भारत में संपत्ति संबंधी विवादों को कम करना, ग्रामीण नियोजन को बढ़ावा देना और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को गति देना है।
स्वामित्व योजना क्या है?
- स्वामित्व (ग्रामों का सर्वेक्षण और ग्रामीण क्षेत्रों में तात्कालिक प्रौद्योगिकी के साथ मानचित्रण) योजना पंचायती राज मंत्रालय की एक केंद्रीय क्षेत्र योजना (Central Sector Scheme) है।
- इसे 24 अप्रैल 2020 को राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस पर प्रधानमंत्री द्वारा शुरू किया गया था।
- इसका मुख्य उद्देश्य ग्रामीण आबादी वाले क्षेत्रों (आबादी) में संपत्ति मालिकों को ‘अधिकारों का रिकॉर्ड’ प्रदान करना है।
- यह योजना ड्रोन-आधारित सर्वेक्षण तकनीक और कंटीन्यूअसली ऑपरेटिंग रेफरेंस स्टेशन (CORS) तकनीक का उपयोग करके ग्रामीण क्षेत्रों में संपत्ति की सटीक मैपिंग और सीमा निर्धारण करती है।
- योजना के तहत तैयार किए गए प्रॉपर्टी कार्ड संबंधित राज्य अधिकारियों द्वारा ज़मीनी स्तर पर जांच और आपत्तियों/विवादों के समाधान के बाद जारी किए जाते हैं, जिससे पारदर्शिता और सटीकता सुनिश्चित होती है।
- यह योजना ग्रामीण क्षेत्रों में संपत्ति संबंधी विवादों को कम करने, ग्रामीण नियोजन को बेहतर बनाने और संपत्ति को वित्तीय परिसंपत्ति के रूप में उपयोग करने में मदद करती है, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को बढ़ावा मिलता है।
- यह ग्रामीण भारत में ई-गवर्नेंस को मजबूत करने और संपत्ति कर निर्धारण के लिए एक आधार प्रदान करने में भी सहायक है।
मुख्य विशेषताएँ
| Feature | Significance |
|---|---|
| ड्रोन-आधारित सर्वेक्षण | ग्रामीण आबादी वाले क्षेत्रों में संपत्ति की सटीक मैपिंग और सीमा निर्धारण सुनिश्चित करता है। |
| कंटीन्यूअसली ऑपरेटिंग रेफरेंस स्टेशन (CORS) तकनीक | उच्च सटीकता के साथ संपत्ति का सीमांकन करने में सहायक। |
| प्रॉपर्टी कार्ड जारी करना | ग्रामीण संपत्ति मालिकों को उनके अधिकारों का आधिकारिक रिकॉर्ड प्रदान करता है। |
| ज़मीनी स्तर पर सत्यापन और विवाद समाधान | पारदर्शिता सुनिश्चित करता है और संपत्ति संबंधी विवादों को कम करता है। |
| योजना का विस्तार | अधिक गांवों को कवर करने और लाभार्थियों तक पहुँच बढ़ाने का अवसर। |
महत्व
आर्थिक महत्व
- संपत्ति के स्पष्ट स्वामित्व से ग्रामीण क्षेत्रों में ऋण (Loan) तक पहुँच आसान होती है, जिससे कृषि और संबद्ध गतिविधियों में निवेश को बढ़ावा मिलता है।
- संपत्ति संबंधी विवादों में कमी आने से अदालतों पर बोझ कम होता है और कानूनी प्रक्रियाओं में लगने वाले समय व धन की बचत होती है।
- संपत्ति के रिकॉर्ड उपलब्ध होने से स्थानीय निकायों के लिए संपत्ति कर (Property Tax) का आकलन और संग्रह आसान हो जाता है, जिससे उनकी वित्तीय स्थिति मजबूत होती है।
सामाजिक महत्व
- ग्रामीण आबादी को उनकी संपत्ति पर कानूनी अधिकार मिलने से सामाजिक सुरक्षा और सशक्तिकरण (Empowerment) बढ़ता है, विशेषकर महिलाओं और कमजोर वर्गों के लिए।
- पारदर्शिता और सटीक सीमांकन से भूमि हड़पने या अतिक्रमण (Encroachment) जैसी समस्याओं में कमी आती है, जिससे ग्रामीण समुदायों में शांति और व्यवस्था बनी रहती है।
प्रशासनिक महत्व
- आधुनिक तकनीक (ड्रोन, CORS) का उपयोग करके बड़े पैमाने पर भूमि रिकॉर्ड का डिजिटलीकरण (Digitization) किया जा रहा है, जिससे प्रशासन की दक्षता बढ़ती है।
- संपत्ति कार्ड ग्रामीण नियोजन (Rural Planning) और विकास परियोजनाओं के कार्यान्वयन के लिए एक विश्वसनीय आधार प्रदान करते हैं।
चुनौतियाँ
1. तकनीकी चुनौतियाँ
- दूरदराज के क्षेत्रों में ड्रोन सर्वेक्षण और CORS तकनीक के लिए आवश्यक बुनियादी ढांचे (Infrastructure) की उपलब्धता सुनिश्चित करना।
- तकनीकी उपकरणों के संचालन और डेटा विश्लेषण के लिए प्रशिक्षित कर्मियों की कमी।
यूपीएससी लिंक: शासन, ई-गवर्नेंस
2. मानवीय और सामाजिक चुनौतियाँ
- ग्रामीण आबादी के बीच योजना के लाभों और प्रक्रियाओं के बारे में जागरूकता की कमी।
- पारंपरिक भूमि स्वामित्व पैटर्न और मौखिक समझौतों को आधिकारिक रिकॉर्ड में बदलने में आने वाली जटिलताएँ।
यूपीएससी लिंक: सामाजिक न्याय, ग्रामीण विकास
3. विवाद समाधान और सत्यापन
- प्रॉपर्टी कार्ड जारी करने से पहले ज़मीनी स्तर पर सभी आपत्तियों और विवादों का निष्पक्ष और त्वरित समाधान सुनिश्चित करना।
- गलत मैपिंग या डेटा प्रविष्टि की त्रुटियों को सुधारने की प्रक्रिया को सुदृढ़ करना।
यूपीएससी लिंक: शासन, भूमि सुधार
4. योजना का कार्यान्वयन और समन्वय
- केंद्र और राज्य सरकारों के विभिन्न विभागों के बीच प्रभावी समन्वय स्थापित करना।
- योजना के लिए पर्याप्त वित्तीय और मानव संसाधनों का आवंटन सुनिश्चित करना।
यूपीएससी लिंक: शासन, संघवाद
चुनौतियाँ — यूपीएससी दृष्टिकोण
| Issue | Concern |
|---|---|
| तकनीकी पहुँच | दूरस्थ क्षेत्रों में ड्रोन और CORS तकनीक के लिए कनेक्टिविटी तथा विशेषज्ञता की कमी। |
| जागरूकता का अभाव | ग्रामीण निवासियों को योजना के लाभों और प्रक्रियाओं की पूरी जानकारी न होना। |
| विवादों का निपटारा | मौजूदा भूमि विवादों को प्रभावी ढंग से और समय पर हल करने में चुनौतियाँ। |
| डेटा की सटीकता | सर्वेक्षण डेटा की त्रुटिहीनता सुनिश्चित करना और मानवीय त्रुटियों से बचना। |
| संसाधनों की कमी | योजना के व्यापक कार्यान्वयन के लिए पर्याप्त वित्तीय और मानव संसाधनों का अभाव। |
सरकारी पहल — प्रीलिम्स हेतु अवश्य याद रखें
- स्वामित्व योजना (SVAMITVA Scheme)
आगे की राह
- ग्रामीण आबादी के बीच स्वामित्व योजना के लाभों और प्रक्रियाओं के बारे में व्यापक जागरूकता अभियान चलाना।
- ड्रोन संचालन और CORS तकनीक के लिए स्थानीय युवाओं को प्रशिक्षित कर रोजगार के अवसर सृजित करना।
- भूमि विवादों के त्वरित और पारदर्शी समाधान के लिए ग्राम पंचायत स्तर पर विशेष समितियाँ या न्यायाधिकरण (Tribunals) स्थापित करना।
- प्रॉपर्टी कार्ड को अन्य सरकारी सेवाओं जैसे ऋण, बीमा और सब्सिडी से जोड़कर इसके उपयोग को बढ़ावा देना।
- सर्वेक्षण डेटा के नियमित अद्यतन (Updation) और रखरखाव के लिए एक स्थायी तंत्र विकसित करना।
- योजना के कार्यान्वयन में राज्य सरकारों और स्थानीय निकायों के बीच बेहतर समन्वय सुनिश्चित करना।
यूपीएससी मूल्य-संवर्धन
मुख्य परीक्षा उत्तर-लेखन हेतु कीवर्ड
स्वामित्व योजना · ग्रामीण संपत्ति अधिकार · ड्रोन सर्वेक्षण · CORS तकनीक · संपत्ति कार्ड · पारदर्शिता · भूमि विवाद · पंचायती राज मंत्रालय · डिजिटल इंडिया · ग्राम स्वराज
संवैधानिक व नीतिगत संबंध
- {‘article’: ‘अनुच्छेद 243G’, ‘note’: ‘पंचायतों की शक्तियाँ, प्राधिकार और उत्तरदायित्व’}
- {‘article’: ‘अनुच्छेद 300A’, ‘note’: ‘संपत्ति का अधिकार (कानूनी अधिकार)’}
अवधारणा प्रवाह
ग्रामीण आबादी वाले क्षेत्रों की पहचान → ड्रोन और CORS तकनीक से सर्वेक्षण → संपत्ति की मैपिंग और सीमांकन → ज़मीनी स्तर पर सत्यापन और विवाद समाधान → प्रॉपर्टी कार्ड का निर्माण और वितरण → ग्रामीण संपत्ति मालिकों को कानूनी अधिकार
प्रारंभिक अभ्यास प्रश्न
Q1. स्वामित्व योजना के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. यह योजना ग्रामीण क्षेत्रों में संपत्ति मालिकों को उनके अधिकारों का रिकॉर्ड प्रदान करने के उद्देश्य से शुरू की गई है।
2. इसमें संपत्ति की मैपिंग और सीमा निर्धारण के लिए ‘कंटीन्यूअसली ऑपरेटिंग रेफरेंस स्टेशन’ (CORS) तकनीक का उपयोग किया जाता है।
3. संपत्ति कार्ड जारी करने से पहले केवल केंद्र सरकार के अधिकारियों द्वारा ही जमीनी स्तर पर जांच की जाती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
- केवल 1
- केवल 2 और 3
- केवल 1 और 2
- 1, 2 और 3
उत्तर: केवल 1 और 2 — कथन 1 और 2 सही हैं। स्वामित्व योजना का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में संपत्ति मालिकों को अधिकारों का रिकॉर्ड देना है और इसमें CORS तकनीक का उपयोग किया जाता है। कथन 3 गलत है क्योंकि संपत्ति कार्ड जारी करने से पहले संबंधित राज्य अधिकारियों द्वारा जमीनी स्तर पर जांच की जाती है, न कि केवल केंद्र सरकार के अधिकारियों द्वारा।
Q2. हाल ही में समाचारों में रही स्वामित्व योजना निम्नलिखित में से किस मंत्रालय के तत्वावधान में कार्यान्वित की जा रही है?
- ग्रामीण विकास मंत्रालय
- कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय
- पंचायती राज मंत्रालय
- आवास और शहरी कार्य मंत्रालय
उत्तर: पंचायती राज मंत्रालय — स्वामित्व योजना पंचायती राज मंत्रालय के तत्वावधान में कार्यान्वित की जा रही है। यह योजना ग्रामीण क्षेत्रों में संपत्ति के अधिकारों को स्पष्ट करने और भूमि विवादों को कम करने पर केंद्रित है, जो पंचायती राज संस्थाओं के दायरे में आता है।
मुख्य अभ्यास प्रश्न
✍ स्वामित्व योजना ग्रामीण भारत में संपत्ति अधिकारों को स्पष्ट करने और भूमि विवादों को कम करने में किस प्रकार सहायक है? इस योजना के कार्यान्वयन में आने वाली चुनौतियों और उनके संभावित समाधानों पर चर्चा कीजिए। (250 शब्द)
रूपरेखा: प्रश्न के पहले भाग में स्वामित्व योजना के उद्देश्यों और ग्रामीण संपत्ति अधिकारों को स्पष्ट करने तथा भूमि विवादों को कम करने में इसकी भूमिका का वर्णन करें। इसमें ड्रोन सर्वेक्षण, CORS तकनीक और संपत्ति कार्ड के महत्व पर प्रकाश डालें। दूसरे भाग में, योजना के कार्यान्वयन में आने वाली चुनौतियों जैसे तकनीकी बाधाएं, जागरूकता की कमी, डेटा प्रबंधन और अंतर-विभागीय समन्वय की कमी पर चर्चा करें। अंत में, इन चुनौतियों के संभावित समाधानों जैसे क्षमता निर्माण, जागरूकता अभियान, डिजिटल बुनियादी ढांचे में सुधार और राज्य-केंद्र समन्वय को मजबूत करने का सुझाव दें।
स्रोत: PIB (Press Information Bureau)
शैक्षिक उद्देश्य हेतु AanyaAi द्वारा जनित।

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