15 Jul खादी इंडिया पवेलियन: भारत टेक्स 2026 में ‘नए भारत की नई खादी’ का प्रदर्शन
प्रासंगिकता — UPSC & State PCS: Polity
खादी एवं ग्रामोद्योग आयोग अध्यक्ष श्री मनोज गोयल ने भारत के सबसे बड़े वैश्विक वस्त्र आयोजन, भारत टेक्स 2026 में ‘खादी इंडिया पवेलियन’ का उद्घाटन और अवलोकन किया। यह आयोजन नई दिल्ली के भारत मंडपम में हो रहा है, जहाँ खादी और ग्रामोद्योग उत्पादों की एक विस्तृत श्रृंखला, डिजाइन-आधारित नवोन्मेषण और देश भर की खादी संस्थाओं द्वारा प्रस्तुत विशेष कलेक्शन प्रदर्शित किए गए हैं। श्री गोयल ने प्रदर्शकों, कारीगरों और खादी संस्थाओं के प्रतिनिधियों से बातचीत की, उनके अनुभवों और नवोन्मेषणों के बारे में जानकारी प्राप्त की। उन्होंने ‘नए भारत की नई खादी’ की आधुनिक परिभाषा की सराहना की, जो नवोन्मेषण और आधुनिक डिजाइन पर बल देती है।
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के दूरदर्शितापूर्ण नेतृत्व में, खादी अब केवल एक कपड़े से कहीं अधिक, भारत की समृद्ध विरासत, आत्मनिर्भरता, सतत विकास और लाखों ग्रामीण कारीगरों के सशक्तिकरण का एक शक्तिशाली प्रतीक बन गई है। खादी के होम लिनेन, होम डेकोर उत्पादों, आधुनिक परिधानों और नवोन्मेषण आधारित उत्पादों की एक बड़ी श्रृंखला को प्रदर्शित किया गया। श्री गोयल ने पश्चिम बंगाल की घोरानाश सिल्क खादी ग्रामोद्योग समिति द्वारा प्रदर्शित ‘मुला’ जामदानी साड़ी और परिधानों के कलेक्शन पर विशेष ध्यान दिया, पारंपरिक जामदानी बुनाई तकनीक को आज के डिज़ाइन के साथ मिलाने के उनके प्रयासों की सराहना की। ऐसे नवाचार वैश्विक बाजार में भारतीय खादी और हथकरघा को एक नई पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे, जो आत्मनिर्भर भारत, वोकल फॉर लोकल, लोकल से ग्लोबल और विकसित भारत 2047 के विज़न को पूरा करने का एक मज़बूत माध्यम है।
यह घटना यूपीएससी और राज्य पीसीएस उम्मीदवारों के लिए ‘पॉलिटी’ विषय के तहत कई आयामों से प्रासंगिक है। यह सरकार की सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (MSME) क्षेत्र को बढ़ावा देने की नीतिगत प्रतिबद्धता को दर्शाता है, विशेषकर खादी जैसे पारंपरिक उद्योगों के माध्यम से ग्रामीण आजीविका और सतत विकास को सशक्त बनाने पर जोर देता है। ‘नए भारत की नई खादी’ की अवधारणा, जो आधुनिक डिजाइन और नवोन्मेषण पर केंद्रित है, यह दर्शाती है कि कैसे पारंपरिक उद्योगों को समकालीन वैश्विक बाजार की आवश्यकताओं के अनुरूप ढाला जा रहा है, जिससे ‘लोकल से ग्लोबल’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ जैसे सरकारी कार्यक्रमों को बल मिलता है। इसके अतिरिक्त, खादी का सांस्कृतिक विरासत, लाखों कारीगरों की रोज़ी-रोटी और सतत विकास के प्रति भारत की प्रतिबद्धता का प्रतीक बनना, यह दर्शाता है कि कैसे आर्थिक विकास को सामाजिक समावेश और सांस्कृतिक संरक्षण के साथ एकीकृत किया जा रहा है, जो शासन के बहुआयामी दृष्टिकोण को उजागर करता है।
स्रोत: PIB (Press Information Bureau)
अभ्यास प्रश्न
Q1. हाल ही में ‘खादी इंडिया पवेलियन’ का उद्घाटन किस वैश्विक वस्त्र आयोजन में किया गया?
- भारत टेक्स 2024
- भारत टेक्स 2025
- भारत टेक्स 2026
- ग्लोबल टेक्सटाइल समिट
उत्तर
भारत टेक्स 2026 — खादी एवं ग्रामोद्योग आयोग के अध्यक्ष श्री मनोज गोयल ने भारत के सबसे बड़े वैश्विक वस्त्र आयोजन, भारत टेक्स 2026 में ‘खादी इंडिया पवेलियन’ का उद्घाटन किया।
Q2. भारत के सबसे बड़े वैश्विक वस्त्र आयोजन ‘भारत टेक्स 2026’ में ‘खादी इंडिया पवेलियन’ का उद्घाटन किसने किया?
- प्रधानमंत्री
- वस्त्र मंत्री
- खादी एवं ग्रामोद्योग आयोग अध्यक्ष
- वाणिज्य मंत्री
उत्तर
खादी एवं ग्रामोद्योग आयोग अध्यक्ष — खादी एवं ग्रामोद्योग आयोग के अध्यक्ष श्री मनोज गोयल ने भारत के सबसे बड़े वैश्विक वस्त्र आयोजन, भारत टेक्स 2026 में ‘खादी इंडिया पवेलियन’ का उद्घाटन और अवलोकन किया।
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