23 Sep गुजरात में अवसंरचना विकास: NHAI और SSNL के बीच समझौता ज्ञापन हस्ताक्षर, अनुमोदन प्रक्रिया हुई सरल

✎ NHAI और SSNNL के बीच समझौता ज्ञापन गुजरात में राष्ट्रीय राजमार्ग और सिंचाई परियोजनाओं के त्वरित अनुमोदन तथा सुचारु निष्पादन के लिए अंतर-विभागीय समन्वय को मजबूत करेगा, जिससे अवसंरचना विकास को गति मिलेगी।
विषय प्रासंगिकता — यह टॉपिक कहाँ आता है
- GS Paper II — शासन, पारदर्शिता और जवाबदेही के महत्वपूर्ण पहलू; केंद्र एवं राज्यों द्वारा जनसंख्या के अति संवेदनशील वर्गों के लिए कल्याणकारी योजनाएँ और इन योजनाओं का कार्य-निष्पादन; विकास प्रक्रियाओं और विकास उद्योग — गैर-सरकारी संगठनों, स्वयं सहायता समूहों, विभिन्न समूहों और संघों, दानकर्ताओं, लोकोपकारी संस्थाओं, संस्थागत एवं अन्य पक्षों की भूमिका। | GS Paper III — भारतीय अर्थव्यवस्था तथा योजना, संसाधनों को जुटाने, प्रगति, विकास तथा रोज़गार से संबंधित विषय; आधारभूत संरचना: ऊर्जा, बंदरगाह, सड़क, विमानपत्तन, रेलवे आदि।
- Prelims: भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI), सरदार सरोवर नर्मदा निगम लिमिटेड (SSNNL), समझौता ज्ञापन (MoU), अंतर-विभागीय समन्वय, अवसंरचना विकास, राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाएँ, सिंचाई परियोजनाएँ, परियोजना अनुमोदन प्रक्रिया
- Essay: भारत में अवसंरचना विकास की चुनौतियाँ और समाधान, सहयोगात्मक संघवाद और अंतर-एजेंसी समन्वय: सुशासन की कुंजी
त्वरित पुनरावृत्ति: NHAI और SSNNL के बीच समझौता ज्ञापन गुजरात में राष्ट्रीय राजमार्ग और सिंचाई परियोजनाओं के त्वरित अनुमोदन तथा सुचारु निष्पादन के लिए अंतर-विभागीय समन्वय को मजबूत करेगा, जिससे अवसंरचना विकास को गति मिलेगी।
यह खबर चर्चा में क्यों?
हाल ही में, भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) और सरदार सरोवर नर्मदा निगम लिमिटेड (SSNNL) ने गुजरात में राष्ट्रीय राजमार्ग और सिंचाई आधारभूत परियोजनाओं के अनुमोदन की प्रक्रिया को सरल बनाने के लिए एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं। इस समझौते का मुख्य उद्देश्य अंतर-विभागीय समन्वय को सुदृढ़ करना, अनुमोदन प्रक्रिया में तेजी लाना और इन महत्वपूर्ण परियोजनाओं के सुचारु निष्पादन को सुनिश्चित करना है, जिससे गुजरात में अवसंरचना विकास को गति मिलेगी।
पृष्ठभूमि
- भारत में अवसंरचना विकास, विशेषकर सड़क और जल संसाधन क्षेत्रों में, आर्थिक संवृद्धि (Economic Growth) और सामाजिक विकास के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।
- राष्ट्रीय राजमार्ग (National Highways) देश की जीवनरेखा हैं, जो व्यापार, पर्यटन और कनेक्टिविटी को बढ़ावा देते हैं, जबकि सिंचाई परियोजनाएँ कृषि उत्पादकता और ग्रामीण आजीविका के लिए आवश्यक हैं।
- अक्सर, विभिन्न सरकारी विभागों और एजेंसियों के बीच समन्वय की कमी के कारण परियोजनाओं के अनुमोदन और निष्पादन में देरी होती है, जिससे लागत में वृद्धि और समय-सीमा में विस्तार होता है।
- अंतर-विभागीय समन्वय की कमी से नौकरशाही बाधाएँ उत्पन्न होती हैं, जो ‘ईज़ ऑफ डूइंग बिज़नेस’ (Ease of Doing Business) और ‘ईज़ ऑफ लिविंग’ (Ease of Living) के लक्ष्यों को प्राप्त करने में बाधक बनती हैं।
- गुजरात जैसे राज्य में, जहाँ तीव्र औद्योगिक और कृषि विकास हो रहा है, एकीकृत अवसंरचना नियोजन और त्वरित परियोजना कार्यान्वयन की आवश्यकता और भी बढ़ जाती है।
- यह समझौता ज्ञापन ऐसी बाधाओं को दूर करने और सार्वजनिक धन के अनुकूलित उपयोग को सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
NHAI और SSNNL के बीच समझौता ज्ञापन क्या है?
- यह समझौता ज्ञापन भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) और सरदार सरोवर नर्मदा निगम लिमिटेड (SSNNL) के बीच गुजरात में अंतर-एजेंसी समन्वय को मजबूत करने के लिए हस्ताक्षरित किया गया है।
- इसका प्राथमिक लक्ष्य राष्ट्रीय राजमार्ग, नहर और पाइपलाइन क्रॉसिंग के निर्माण से संबंधित अनुमोदन प्रक्रियाओं को सरल और समयबद्ध बनाना है।
- समझौते के तहत, राष्ट्रीय राजमार्ग, नहर और पाइपलाइन क्रॉसिंग पर लगने वाले विभिन्न शुल्कों, प्रभारों और अन्य करों को NHAI और SSNNL द्वारा पारस्परिक रूप से माफ कर दिया गया है।
- इस प्रावधान से परियोजना लागत में कमी आएगी, प्रक्रियात्मक बाधाएँ दूर होंगी और सार्वजनिक धन का उपयोग अनुकूलित होगा, जिससे अवसंरचना विकास में तेजी आएगी।
- समझौता ज्ञापन में परियोजना जानकारी के शीघ्र आदान-प्रदान, मानकीकृत इंजीनियरिंग पद्धतियों को अपनाने और चौराहों के निर्माण एवं रखरखाव की स्पष्ट परिभाषित दायित्व रूपरेखा भी निर्धारित की गई है।
- ये उपाय बेहतर परियोजना नियोजन में सहायक होंगे और उच्च गुणवत्ता मानकों एवं परिचालन दक्षता का पालन सुनिश्चित करेंगे।
- यह समझौता गुजरात में एकीकृत अवसंरचना नियोजन को बढ़ावा देने और राष्ट्रीय राजमार्ग व सिंचाई ढाँचागत परियोजनाओं के कार्यान्वयन में तेजी लाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
- इससे कार्यान्वयन समय-सीमा में कमी आएगी और परियोजना निष्पादन का समग्र वित्तीय बोझ भी घटेगा, जिससे राज्य में कनेक्टिविटी और आर्थिक विकास को बढ़ावा मिलेगा।
मुख्य विशेषताएँ
| विशेषता | महत्व |
|---|---|
| अंतर-एजेंसी समन्वय | परियोजनाओं के त्वरित निष्पादन और दक्षता में वृद्धि के लिए विभिन्न सरकारी एजेंसियों के बीच सहयोग को मजबूत करना। |
| अनुमोदन प्रक्रिया का सरलीकरण | राष्ट्रीय राजमार्ग और सिंचाई परियोजनाओं के लिए अनुमोदन प्राप्त करने में लगने वाले समय को कम करना, जिससे परियोजनाओं में तेजी आएगी। |
| शुल्कों और करों की माफी | परियोजना लागत में कमी, प्रक्रियात्मक बाधाओं को दूर करना और सार्वजनिक धन का अनुकूलित उपयोग सुनिश्चित करना। |
| परियोजना जानकारी का आदान-प्रदान | बेहतर परियोजना नियोजन, उच्च गुणवत्ता मानकों और परिचालन दक्षता को बढ़ावा देना। |
| मानकीकृत इंजीनियरिंग पद्धतियाँ | परियोजनाओं के निर्माण और रखरखाव में एकरूपता और गुणवत्ता सुनिश्चित करना। |
| स्पष्ट दायित्व रुपरेखा | चौराहों के निर्माण और रखरखाव में जवाबदेही और पारदर्शिता सुनिश्चित करना। |
महत्व
आर्थिक महत्व
- बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के कार्यान्वयन में तेजी से आर्थिक विकास को बढ़ावा मिलेगा, जिससे रोजगार सृजन और निवेश में वृद्धि होगी।
- परियोजना लागत में कमी और दक्षता में सुधार से सार्वजनिक धन का बेहतर उपयोग होगा, जिससे राजकोषीय बोझ कम होगा।
- बेहतर कनेक्टिविटी से व्यापार और वाणिज्य को बढ़ावा मिलेगा, जिससे क्षेत्रीय अर्थव्यवस्थाओं को लाभ होगा।
सामरिक महत्व
- राष्ट्रीय राजमार्ग और सिंचाई अवसंरचना का विकास देश की समग्र विकास क्षमता को बढ़ाता है और क्षेत्रीय असंतुलन को कम करता है।
- अंतर-विभागीय समन्वय से ‘समग्र सरकार’ दृष्टिकोण को बढ़ावा मिलता है, जो प्रभावी शासन के लिए महत्वपूर्ण है।
- बुनियादी ढांचे की गुणवत्ता में सुधार से आपदा प्रबंधन और आपातकालीन सेवाओं की प्रतिक्रिया क्षमता बढ़ती है।
शासनिक महत्व
- अनुमोदन प्रक्रियाओं के सरलीकरण से नौकरशाही बाधाएं कम होती हैं और ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ (Ease of Doing Business) में सुधार होता है।
- पारदर्शिता और जवाबदेही में वृद्धि से भ्रष्टाचार की संभावना कम होती है और सार्वजनिक विश्वास बढ़ता है।
- सहयोगात्मक ढाँचा संघवाद (Federalism) की भावना को मजबूत करता है, जहाँ केंद्र और राज्य एजेंसियां मिलकर काम करती हैं।
चुनौतियाँ
1. अंतर-विभागीय समन्वय
- विभिन्न सरकारी विभागों के बीच समन्वय की कमी अक्सर परियोजनाओं में देरी का कारण बनती है।
- प्रत्येक विभाग की अपनी कार्यप्रणाली और प्राथमिकताएं होती हैं, जिससे एक एकीकृत दृष्टिकोण अपनाना मुश्किल हो जाता है।
यूपीएससी लिंक: शासन, पारदर्शिता और जवाबदेही
2. परियोजना निष्पादन में देरी
- अनुमोदन प्रक्रियाओं में लगने वाला अत्यधिक समय परियोजनाओं के समय पर पूरा होने में बाधा डालता है।
- अधिकारों और जिम्मेदारियों के स्पष्ट विभाजन की कमी से परियोजना की प्रगति प्रभावित होती है।
यूपीएससी लिंक: बुनियादी ढांचा, विकास प्रक्रियाएं
3. वित्तीय बाधाएँ
- परियोजनाओं पर लगने वाले विभिन्न शुल्क और कर लागत बढ़ाते हैं, जिससे सार्वजनिक धन का अनुकूलित उपयोग नहीं हो पाता।
- अप्रत्याशित लागत वृद्धि और बजट से अधिक खर्च परियोजनाओं की वित्तीय स्थिरता को प्रभावित करते हैं।
यूपीएससी लिंक: सरकारी बजट, राजकोषीय नीति
4. गुणवत्ता नियंत्रण और मानकीकरण
- अलग-अलग इंजीनियरिंग पद्धतियों के कारण परियोजनाओं की गुणवत्ता में भिन्नता आ सकती है।
- मानकीकृत प्रोटोकॉल की कमी से रखरखाव और परिचालन दक्षता प्रभावित हो सकती है।
यूपीएससी लिंक: बुनियादी ढांचा, गुणवत्ता प्रबंधन
चुनौतियाँ — यूपीएससी दृष्टिकोण
| मुद्दा | चिंता |
|---|---|
| बहु-एजेंसी अनुमोदन | विभिन्न सरकारी एजेंसियों से आवश्यक स्वीकृतियां प्राप्त करने में लगने वाला समय और जटिलता। |
| लागत में वृद्धि | परियोजनाओं पर लगने वाले विभिन्न शुल्कों, प्रभारों और करों के कारण कुल लागत में वृद्धि। |
| मानकीकरण का अभाव | अलग-अलग इंजीनियरिंग पद्धतियों और गुणवत्ता मानकों के कारण परियोजना निष्पादन में असंगति। |
| जवाबदेही की कमी | परियोजनाओं के निर्माण और रखरखाव में स्पष्ट दायित्व रुपरेखा के अभाव में जवाबदेही की समस्या। |
| सूचना का असंतुलन | परियोजना से संबंधित जानकारी के समय पर और प्रभावी आदान-प्रदान की कमी। |
| पर्यावरणीय और सामाजिक प्रभाव आकलन | परियोजनाओं के पर्यावरणीय और सामाजिक प्रभावों का उचित आकलन और शमन सुनिश्चित करना। |
सरकारी पहल — प्रीलिम्स हेतु अवश्य याद रखें
- राष्ट्रीय राजमार्ग विकास परियोजना (National Highways Development Project – NHDP)
- प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना (Pradhan Mantri Krishi Sinchayee Yojana – PMKSY)
आगे की राह
- अंतर-विभागीय समन्वय के लिए एक केंद्रीकृत डिजिटल मंच विकसित किया जाए, जिससे सभी हितधारक वास्तविक समय में परियोजना की स्थिति को ट्रैक कर सकें।
- परियोजना अनुमोदन के लिए ‘सिंगल विंडो क्लीयरेंस’ (Single Window Clearance) प्रणाली को और मजबूत किया जाए, जिसमें समयबद्धता और पारदर्शिता सुनिश्चित हो।
- बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के लिए एक व्यापक राष्ट्रीय नीति तैयार की जाए, जो सभी संबंधित मंत्रालयों और विभागों के लिए दिशानिर्देश प्रदान करे।
- परियोजना प्रबंधन में ‘प्रोजेक्ट लाइफसाइकिल मैनेजमेंट’ (Project Lifecycle Management) दृष्टिकोण अपनाया जाए, जिसमें योजना से लेकर रखरखाव तक सभी चरण शामिल हों।
- सार्वजनिक-निजी भागीदारी (Public-Private Partnership – PPP) मॉडल को बढ़ावा दिया जाए, जिससे निजी क्षेत्र की विशेषज्ञता और पूंजी का लाभ उठाया जा सके।
- परियोजनाओं के पर्यावरणीय और सामाजिक प्रभाव आकलन को मजबूत किया जाए, ताकि सतत विकास सुनिश्चित हो सके।
- तकनीकी नवाचारों जैसे ड्रोन सर्वेक्षण और भू-स्थानिक प्रौद्योगिकी का उपयोग परियोजना निगरानी और मूल्यांकन में किया जाए।
यूपीएससी मूल्य-संवर्धन
मुख्य परीक्षा उत्तर-लेखन हेतु कीवर्ड
अंतर-विभागीय समन्वय · बुनियादी ढांचा परियोजनाएँ · सरदार सरोवर नर्मदा निगम लिमिटेड · भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण · परियोजना निष्पादन · अनुमोदन प्रक्रिया · सार्वजनिक-निजी भागीदारी · आर्थिक विकास · राजकोषीय दक्षता · सहयोगात्मक ढाँचा
संवैधानिक व नीतिगत संबंध
- {‘article’: ‘अनुच्छेद 246’, ‘note’: ‘संघ और राज्यों के बीच विधायी शक्तियों का वितरण’}
- {‘article’: ‘सातवीं अनुसूची’, ‘note’: ‘संघ सूची, राज्य सूची, समवर्ती सूची’}
- {‘article’: ‘अनुच्छेद 282’, ‘note’: ‘संघ या राज्य द्वारा अनुदान’}
- {‘article’: ‘अनुच्छेद 292’, ‘note’: ‘भारत सरकार द्वारा उधार लेना’}
अवधारणा प्रवाह
अंतर-एजेंसी समन्वय का अभाव → परियोजना अनुमोदन में देरी और लागत में वृद्धि → बुनियादी ढांचा विकास में बाधा → आर्थिक विकास पर नकारात्मक प्रभाव → समझौता ज्ञापन (MOU) पर हस्ताक्षर → अनुमोदन प्रक्रिया का सरलीकरण और शुल्कों की माफी → परियोजना निष्पादन में तेजी और लागत में कमी → बुनियादी ढांचा विकास में वृद्धि → आर्थिक संवृद्धि और बेहतर कनेक्टिविटी
प्रारंभिक अभ्यास प्रश्न
Q1. निम्नलिखित कथनों पर विचार करें:
1. भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के तहत एक वैधानिक निकाय है।
2. सरदार सरोवर नर्मदा निगम लिमिटेड (SSNL) गुजरात सरकार के स्वामित्व में है और नर्मदा नदी पर सरदार सरोवर परियोजना के कार्यान्वयन के लिए जिम्मेदार है।
3. हाल ही में NHAI और SSNL के बीच हस्ताक्षरित समझौता ज्ञापन (MOU) का उद्देश्य केवल राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं के लिए अनुमोदन प्रक्रिया को सरल बनाना है।
उपरोक्त कथनों में से कितने सही हैं?
- केवल एक
- केवल दो
- सभी तीन
- कोई नहीं
उत्तर: केवल दो — कथन 1 सही है। NHAI भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण अधिनियम, 1988 के तहत स्थापित एक वैधानिक निकाय है। कथन 2 सही है। SSNL गुजरात सरकार का एक उपक्रम है और सरदार सरोवर परियोजना के लिए जिम्मेदार है। कथन 3 गलत है। समझौता ज्ञापन राष्ट्रीय राजमार्ग और सिंचाई दोनों आधारभूत परियोजनाओं के लिए अनुमोदन प्रक्रिया को सरल बनाने का उद्देश्य रखता है।
Q2. भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) और सरदार सरोवर नर्मदा निगम लिमिटेड (SSNL) के बीच हाल ही में हस्ताक्षरित समझौता ज्ञापन (MOU) के संदर्भ में, निम्नलिखित में से कौन सा/से प्रावधान सही है/हैं?
1. यह समझौता ज्ञापन केवल गुजरात राज्य में लागू होगा।
2. समझौते में राष्ट्रीय राजमार्ग, नहर और पाइपलाइन क्रॉसिंग पर लगने वाले विभिन्न शुल्कों और करों की पारस्परिक माफी शामिल है।
3. यह परियोजना जानकारी के शीघ्र आदान-प्रदान और मानकीकृत इंजीनियरिंग पद्धतियों को अपनाने पर जोर देता है।
नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनें:
- केवल 1 और 2
- केवल 2 और 3
- केवल 1 और 3
- 1, 2 और 3
उत्तर: 1, 2 और 3 — कथन 1 सही है क्योंकि समझौता ज्ञापन विशेष रूप से गुजरात में परियोजनाओं के लिए है। कथन 2 सही है क्योंकि इसमें शुल्कों और करों की पारस्परिक माफी का प्रावधान है। कथन 3 सही है क्योंकि MOU बेहतर परियोजना नियोजन और गुणवत्ता मानकों के लिए जानकारी साझा करने और मानकीकृत पद्धतियों को अपनाने पर बल देता है।
मुख्य अभ्यास प्रश्न
✍ अंतर-विभागीय समन्वय बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के सुचारू निष्पादन के लिए महत्वपूर्ण है। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) और सरदार सरोवर नर्मदा निगम लिमिटेड (SSNL) के बीच हालिया समझौता ज्ञापन के आलोक में इस कथन का समालोचनात्मक परीक्षण करें। यह समझौता ज्ञापन भारत में बुनियादी ढांचा विकास में तेजी लाने में कैसे सहायक हो सकता है? (15 Marks)
रूपरेखा: मॉडल-उत्तर कंकाल:
1. परिचय: अंतर-विभागीय समन्वय के महत्व को रेखांकित करें और बुनियादी ढांचा परियोजनाओं में इसकी भूमिका बताएं। NHAI और SSNL के बीच समझौता ज्ञापन का संक्षिप्त उल्लेख करें।
2. समझौता ज्ञापन का समालोचनात्मक परीक्षण:
– मुख्य उद्देश्य: अंतर-एजेंसी समन्वय मजबूत करना, अनुमोदन प्रक्रिया को सरल बनाना, परियोजना निष्पादन में तेजी लाना।
– प्रमुख प्रावधान: राष्ट्रीय राजमार्ग, नहर और पाइपलाइन क्रॉसिंग पर लगने वाले शुल्कों और करों की पारस्परिक माफी; परियोजना जानकारी का शीघ्र आदान-प्रदान; मानकीकृत इंजीनियरिंग पद्धतियां।
– लाभ: परियोजना लागत में कमी, प्रक्रियात्मक बाधाओं को दूर करना, सार्वजनिक धन का अनुकूलित उपयोग, उच्च गुणवत्ता मानकों का पालन।
– चुनौतियाँ/सीमाएँ (समालोचनात्मक पहलू): केवल गुजरात तक सीमित होना; अन्य राज्यों में समान मॉडल की आवश्यकता; विभिन्न केंद्रीय और राज्य एजेंसियों के बीच समन्वय की व्यापक चुनौतियों का समाधान करने की सीमा।
3. भारत में बुनियादी ढांचा विकास में सहायता:
– दक्षता में सुधार: त्वरित अनुमोदन और सुव्यवस्थित प्रक्रियाएं।
– वित्तीय बोझ में कमी: शुल्कों की माफी से लागत बचत।
– समय-सीमा में कमी: परियोजनाओं का तेजी से कार्यान्वयन।
– एकीकृत नियोजन: सहयोगात्मक ढाँचा बेहतर परियोजना नियोजन को बढ़ावा देता है।
– आर्थिक विकास: बेहतर कनेक्टिविटी और बुनियादी ढांचा निवेश से आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा।
– अन्य क्षेत्रों में दोहराव की संभावना: यह मॉडल अन्य राज्यों और विभिन्न बुनियादी ढांचा क्षेत्रों में भी लागू किया जा सकता है।
4. निष्कर्ष: अंतर-विभागीय समन्वय के महत्व को दोहराते हुए, इस तरह के समझौता ज्ञापनों की आवश्यकता और उनके व्यापक प्रभाव पर बल दें।
स्रोत: PIB (Press Information Bureau)
Gujarat PCS (GPSC) — राज्य PCS अभ्यास
Prelims: गुजरात में राष्ट्रीय राजमार्ग और सिंचाई आधारभूत परियोजनाओं की अनुमोदन प्रक्रिया सरल बनाने के लिए भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) और सरदार सरोवर नर्मदा निगम (SSNNL) के मध्य हस्ताक्षरित समझौते के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सही है?
- A. यह समझौता केवल गुजरात में राष्ट्रीय राजमार्गों के निर्माण तक सीमित है।
- B. समझौते का उद्देश्य अनुमोदन प्रक्रिया को सरल बनाकर परियोजनाओं के तेजी से क्रियान्वयन को बढ़ावा देना है।
- C. समझौते के तहत SSNNL केवल सिंचाई परियोजनाओं के लिए भूमि अधिग्रहण करेगा।
- D. NHAI और SSNNL के मध्य यह समझौता गुजरात सरकार द्वारा अस्वीकार कर दिया गया है।
उत्तर: B. समझौते का उद्देश्य अनुमोदन प्रक्रिया को सरल बनाकर परियोजनाओं के तेजी से क्रियान्वयन को बढ़ावा देना है। — समझौते का मुख्य उद्देश्य अनुमोदन प्रक्रिया को सरल बनाकर राष्ट्रीय राजमार्ग और सिंचाई परियोजनाओं के तेजी से क्रियान्वयन को सुनिश्चित करना है।
Mains: गुजरात में राष्ट्रीय राजमार्ग और सिंचाई आधारभूत परियोजनाओं के अनुमोदन प्रक्रिया को सरल बनाने के लिए भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) और सरदार सरोवर नर्मदा निगम (SSNNL) के मध्य हस्ताक्षरित समझौते के महत्व और इसके संभावित प्रभावों का विश्लेषण कीजिए।
शैक्षिक उद्देश्य हेतु AanyaAi द्वारा जनित।

No Comments