गैर-निगमित क्षेत्र सर्वेक्षण: अर्थव्यवस्था के अनौपचारिक क्षेत्र का आकलन

गैर-निगमित क्षेत्र सर्वेक्षण: अर्थव्यवस्था के अनौपचारिक क्षेत्र का आकलन

विषय प्रासंगिकता — यह टॉपिक कहाँ आता है

  • GS Paper III — भारतीय अर्थव्यवस्था और योजना, संसाधनों को जुटाना, संवृद्धि, विकास तथा रोज़गार से संबंधित विषय
  • Prelims: सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय, गैर-निगमित क्षेत्र के उद्यमों का वार्षिक सर्वेक्षण (ASUSE), सेवा उत्पादन सूचकांक (ISP), अनौपचारिक अर्थव्यवस्था, सकल घरेलू उत्पाद (GDP) आकलन, राष्ट्रीय आय लेखांकन
  • Essay: भारत की अर्थव्यवस्था में अनौपचारिक क्षेत्र की भूमिका और चुनौतियाँ, डेटा-संचालित नीति निर्माण: अर्थव्यवस्था के सभी क्षेत्रों का सटीक मापन क्यों आवश्यक है?

त्वरित पुनरावृत्ति: ASUSE अर्थव्यवस्था के गैर-निगमित क्षेत्र की आर्थिक गतिविधियों को मापता है, जबकि ISP औपचारिक सेवा क्षेत्र के उत्पादन का एक प्रायोगिक सूचकांक है, दोनों ही राष्ट्रीय आय के सटीक आकलन के लिए महत्वपूर्ण हैं।

यह खबर चर्चा में क्यों?

सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय (Ministry of Statistics and Programme Implementation – MoSPI) ने हाल ही में राज्यसभा में जानकारी दी कि वह अर्थव्यवस्था के गैर-निगमित (unincorporated) क्षेत्र का आकलन करने के लिए गैर-निगमित क्षेत्र के उद्यमों का वार्षिक सर्वेक्षण (Annual Survey of Unincorporated Sector Enterprises – ASUSE) करता है और इसके त्रैमासिक तथा वार्षिक परिणाम प्रकाशित करता है। इसके अतिरिक्त, मंत्रालय ने सेवा उत्पादन सूचकांक (Index of Service Production – ISP) का एक प्रायोगिक सूचकांक भी जारी किया है, जिसका उद्देश्य हितधारकों से कार्यप्रणाली संबंधी प्रतिक्रिया प्राप्त करना है। ये पहलें भारतीय अर्थव्यवस्था के अनौपचारिक और औपचारिक दोनों क्षेत्रों के सटीक मापन के महत्व को रेखांकित करती हैं।

पृष्ठभूमि

  • भारतीय अर्थव्यवस्था में औपचारिक (formal) और अनौपचारिक (informal) दोनों क्षेत्र शामिल हैं, जहाँ अनौपचारिक क्षेत्र एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है, विशेषकर रोज़गार सृजन और ग्रामीण अर्थव्यवस्था में।
  • अनौपचारिक क्षेत्र में वे उद्यम शामिल होते हैं जो आमतौर पर पंजीकृत नहीं होते, छोटे पैमाने पर संचालित होते हैं और अक्सर श्रम कानूनों तथा सामाजिक सुरक्षा लाभों के दायरे से बाहर होते हैं।
  • इस क्षेत्र के सटीक आँकड़े एकत्र करना और उनका विश्लेषण करना नीति निर्माताओं के लिए एक चुनौती रहा है, क्योंकि यह क्षेत्र अक्सर असंगठित और बिखरा हुआ होता है।
  • सकल घरेलू उत्पाद (GDP) और राष्ट्रीय आय के अन्य समुच्चय (aggregates) का सटीक आकलन करने के लिए अर्थव्यवस्था के सभी क्षेत्रों, विशेषकर अनौपचारिक क्षेत्र, के उत्पादन और योगदान को मापना आवश्यक है।
  • सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय देश में सांख्यिकीय प्रणाली के विकास और कार्यान्वयन के लिए नोडल मंत्रालय है, जो विभिन्न सर्वेक्षणों और सूचकांकों के माध्यम से आर्थिक गतिविधियों का मापन करता है।
  • पूर्व में, अनौपचारिक क्षेत्र के आँकड़े मुख्य रूप से पंचवर्षीय आर्थिक जनगणना (Economic Census) और राष्ट्रीय नमूना सर्वेक्षण (National Sample Survey) के माध्यम से एकत्र किए जाते थे, लेकिन अब ASUSE जैसे वार्षिक सर्वेक्षण अधिक नियमित डेटा प्रदान करते हैं।

गैर-निगमित क्षेत्र के उद्यमों का वार्षिक सर्वेक्षण (ASUSE) और सेवा उत्पादन सूचकांक (ISP) क्या हैं?

  • **गैर-निगमित क्षेत्र के उद्यमों का वार्षिक सर्वेक्षण (ASUSE):** यह सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय द्वारा अर्थव्यवस्था के गैर-निगमित क्षेत्र के मापन के लिए किया जाने वाला एक वार्षिक सर्वेक्षण है।
  • यह सर्वेक्षण उन उद्यमों पर केंद्रित है जो निगमित (incorporated) नहीं हैं, यानी जो कंपनी अधिनियम या अन्य संबंधित कानूनों के तहत पंजीकृत नहीं हैं। इसमें आमतौर पर छोटे और मध्यम उद्यम (MSMEs), स्व-नियोजित व्यक्ति और असंगठित क्षेत्र की इकाइयाँ शामिल होती हैं।
  • ASUSE के माध्यम से एकत्र किए गए डेटा का उपयोग गैर-निगमित क्षेत्र के उत्पादन, रोज़गार, आय और अन्य आर्थिक संकेतकों का आकलन करने के लिए किया जाता है, जो राष्ट्रीय लेखांकन (National Accounts) के लिए महत्वपूर्ण है।
  • यह सर्वेक्षण त्रैमासिक और वार्षिक दोनों आधार पर परिणाम प्रकाशित करता है, जिससे इस महत्वपूर्ण क्षेत्र की आर्थिक गतिविधियों की अधिक नियमित निगरानी संभव हो पाती है।
  • **सेवा उत्पादन सूचकांक (ISP):** यह सेवा क्षेत्र के उत्पादन को मापने के लिए सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय द्वारा जारी एक प्रायोगिक सूचकांक है।
  • ISP को 19 उप-क्षेत्रों के लिए संकलित किया गया है और इसमें वस्तु एवं सेवा कर (GST) से प्राप्त बाहरी आपूर्तियों के आँकड़े तथा स्रोत एजेंसियों द्वारा मासिक आधार पर उपलब्ध कराए गए अन्य प्रशासनिक आँकड़े शामिल हैं।
  • यह सूचकांक अर्थव्यवस्था के औपचारिक सेवा क्षेत्र को कवर करता है, जबकि ASUSE गैर-निगमित क्षेत्र पर केंद्रित है।
  • ISP का प्रायोगिक संस्करण हितधारकों, शिक्षाविदों और शोधकर्ताओं से कार्यप्रणाली संबंधी प्रतिक्रिया प्राप्त करने के उद्देश्य से जारी किया गया है ताकि इसकी सटीकता और प्रासंगिकता में सुधार किया जा सके।
  • ISP की स्थिरता का परीक्षण करने के लिए उपयुक्त डिफ्लेटर (deflator) का उपयोग और अन्य द्वितीयक डेटा स्रोतों के साथ इसके रुझानों का सत्यापन जैसी तकनीकों का उपयोग किया जा रहा है।

मुख्य विशेषताएँ

विशेषता महत्व
गैर-निगमित क्षेत्र के उद्यमों का वार्षिक सर्वेक्षण (ASUSE) यह सर्वेक्षण अर्थव्यवस्था के गैर-निगमित क्षेत्र के आकार, संरचना और गतिशीलता का आकलन करने के लिए महत्वपूर्ण है, जो भारत की श्रम शक्ति के एक बड़े हिस्से को रोजगार देता है।
सेवा उत्पादन सूचकांक (ISP) का प्रायोगिक सूचकांक यह सेवा क्षेत्र के प्रदर्शन का एक नया संकेतक है, जो 19 उप-क्षेत्रों को कवर करता है और GST डेटा तथा अन्य प्रशासनिक आंकड़ों का उपयोग करता है। यह अर्थव्यवस्था के एक महत्वपूर्ण हिस्से की वास्तविक समय की जानकारी प्रदान करने में मदद करेगा।
त्रैमासिक और वार्षिक परिणाम नियमित अंतराल पर डेटा जारी करने से नीति निर्माताओं को अर्थव्यवस्था के गैर-निगमित क्षेत्र में रुझानों और परिवर्तनों को ट्रैक करने में मदद मिलती है, जिससे समय पर और प्रभावी नीतिगत हस्तक्षेप संभव हो पाते हैं।
हितधारकों से प्रतिक्रिया ISP के प्रायोगिक सूचकांक को हितधारकों, शिक्षाविदों और शोधकर्ताओं से कार्यप्रणाली संबंधी प्रतिक्रिया प्राप्त करने के उद्देश्य से जारी किया गया है, जो इसकी सटीकता और विश्वसनीयता में सुधार के लिए महत्वपूर्ण है।
औपचारिक और गैर-औपचारिक क्षेत्र का मापन ISP औपचारिक सेवा क्षेत्र को कवर करता है, जबकि ASUSE गैर-निगमित क्षेत्र को मापता है। यह भारतीय अर्थव्यवस्था के दोनों महत्वपूर्ण खंडों का व्यापक मूल्यांकन प्रदान करता है।

महत्व

आर्थिक महत्व

  • गैर-निगमित क्षेत्र (Unincorporated Sector) भारतीय अर्थव्यवस्था का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, जो सकल घरेलू उत्पाद (GDP) में महत्वपूर्ण योगदान देता है और बड़ी संख्या में लोगों को रोजगार प्रदान करता है। इस क्षेत्र का सटीक आकलन आर्थिक नियोजन और नीति निर्माण के लिए आवश्यक है।
  • सेवा उत्पादन सूचकांक (ISP) सेवा क्षेत्र के प्रदर्शन का एक नया और अधिक व्यापक माप प्रदान करता है, जो भारत के आर्थिक विकास का एक प्रमुख चालक है। यह सूचकांक नीति निर्माताओं को सेवा क्षेत्र में परिवर्तनों को बेहतर ढंग से समझने में मदद करेगा।
  • इन सर्वेक्षणों से प्राप्त डेटा अनौपचारिक अर्थव्यवस्था (Informal Economy) के औपचारिककरण (Formalization) की दिशा में उठाए गए कदमों के प्रभाव का आकलन करने में सहायक होगा, जो सरकार की एक प्रमुख प्राथमिकता है।

सामाजिक महत्व

  • गैर-निगमित क्षेत्र में कार्यरत श्रमिकों की आजीविका और कार्य परिस्थितियों को समझने के लिए ASUSE से प्राप्त डेटा महत्वपूर्ण है। यह सामाजिक सुरक्षा (Social Security) और कल्याणकारी योजनाओं (Welfare Schemes) के निर्माण में मदद कर सकता है।
  • सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (MSMEs) के विकास और चुनौतियों को समझने में यह सर्वेक्षण महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है, जो रोजगार सृजन और समावेशी विकास (Inclusive Growth) के लिए महत्वपूर्ण हैं।

शासन और नीति निर्माण

  • सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय (Ministry of Statistics and Programme Implementation) द्वारा जारी किए गए ये आंकड़े सरकार को साक्ष्य-आधारित नीति निर्माण (Evidence-based Policy Making) में सहायता करते हैं, जिससे आर्थिक नीतियों की प्रभावशीलता बढ़ती है।
  • ISP जैसे नए सूचकांकों का विकास डेटा संग्रह और विश्लेषण में सुधार की दिशा में एक कदम है, जो भारत की सांख्यिकीय प्रणाली (Statistical System) को मजबूत करता है।
  • हितधारकों से प्रतिक्रिया मांगने की प्रक्रिया डेटा की गुणवत्ता और स्वीकार्यता सुनिश्चित करती है, जिससे नीतिगत निर्णयों में विश्वास बढ़ता है।

चुनौतियाँ

1. डेटा संग्रह की चुनौतियाँ

  • गैर-निगमित क्षेत्र अत्यधिक खंडित (Fragmented) और असंगठित (Unorganised) है, जिससे सटीक डेटा एकत्र करना मुश्किल हो जाता है।
  • कई छोटे उद्यमों में औपचारिक लेखांकन (Formal Accounting) प्रथाओं की कमी होती है, जिससे उनकी आर्थिक गतिविधियों का सही आकलन करना चुनौतीपूर्ण होता है।

2. कार्यप्रणाली संबंधी मुद्दे

  • नए सूचकांकों जैसे ISP के लिए उपयुक्त डिफ्लेटर (Deflator) का उपयोग और अन्य द्वितीयक डेटा स्रोतों के साथ रुझानों का सत्यापन एक जटिल प्रक्रिया है, जिसमें सटीकता सुनिश्चित करना महत्वपूर्ण है।
  • गैर-निगमित क्षेत्र की गतिशील प्रकृति के कारण, सर्वेक्षण कार्यप्रणाली को लगातार अद्यतन (Updated) करने की आवश्यकता होती है ताकि यह क्षेत्र की वास्तविकताओं को दर्शा सके।

3. अनौपचारिक अर्थव्यवस्था का मापन

  • अनौपचारिक अर्थव्यवस्था का आकार और योगदान अक्सर कम आंका जाता है, जिससे नीतिगत हस्तक्षेपों की प्रभावशीलता प्रभावित हो सकती है।
  • इस क्षेत्र में श्रमिकों की सामाजिक सुरक्षा और कार्य परिस्थितियों से संबंधित डेटा की कमी भी एक चुनौती है।

4. डेटा की गुणवत्ता और विश्वसनीयता

  • विभिन्न स्रोतों से प्राप्त डेटा को एकीकृत (Integrate) करना और उनकी संगति (Consistency) सुनिश्चित करना एक चुनौती है।
  • डेटा की गुणवत्ता पर हितधारकों का विश्वास बनाए रखना महत्वपूर्ण है, विशेष रूप से जब नए सूचकांक पेश किए जा रहे हों।

चुनौतियाँ — यूपीएससी दृष्टिकोण

मुद्दा चिंता
गैर-निगमित क्षेत्र की व्यापकता यह क्षेत्र भारत की अर्थव्यवस्था का एक बड़ा हिस्सा है, लेकिन इसका सही आकलन अक्सर चुनौतीपूर्ण होता है, जिससे नीतिगत कमियाँ हो सकती हैं।
डेटा की असंगति विभिन्न सर्वेक्षणों और स्रोतों से प्राप्त डेटा में असंगति हो सकती है, जिससे व्यापक आर्थिक विश्लेषण (Macroeconomic Analysis) में बाधा आती है।
तकनीकी और कार्यप्रणाली संबंधी चुनौतियाँ नए सूचकांकों के विकास और सत्यापन में तकनीकी विशेषज्ञता और मजबूत कार्यप्रणाली की आवश्यकता होती है, जिसमें त्रुटियों की संभावना हो सकती है।
नीतिगत प्रभाव का आकलन सटीक डेटा के बिना, सरकार की नीतियों (जैसे MSME विकास, कौशल विकास) का गैर-निगमित क्षेत्र पर वास्तविक प्रभाव मापना मुश्किल हो जाता है।
हितधारकों की प्रतिक्रिया का एकीकरण ISP जैसे प्रायोगिक सूचकांकों पर प्राप्त प्रतिक्रिया को प्रभावी ढंग से एकीकृत करना और कार्यप्रणाली में सुधार करना एक जटिल कार्य है।

आगे की राह

  • डेटा संग्रह तंत्र को मजबूत करना: गैर-निगमित क्षेत्र से डेटा एकत्र करने के लिए आधुनिक तकनीकों (जैसे डिजिटल सर्वेक्षण) और बेहतर प्रशिक्षण का उपयोग किया जाना चाहिए।
  • कार्यप्रणाली में निरंतर सुधार: ISP जैसे नए सूचकांकों की कार्यप्रणाली को हितधारकों की प्रतिक्रिया और अंतरराष्ट्रीय सर्वोत्तम प्रथाओं (Best Practices) के आधार पर लगातार परिष्कृत किया जाना चाहिए।
  • डेटा एकीकरण और मानकीकरण: विभिन्न सरकारी एजेंसियों द्वारा एकत्र किए गए डेटा को एकीकृत करने और मानकीकृत करने के लिए एक केंद्रीय मंच विकसित किया जाना चाहिए।
  • क्षमता निर्माण: सांख्यिकीविदों और शोधकर्ताओं की क्षमता का निर्माण किया जाना चाहिए ताकि वे जटिल आर्थिक डेटा का विश्लेषण और व्याख्या कर सकें।
  • जागरूकता और सहयोग बढ़ाना: गैर-निगमित क्षेत्र के उद्यमों और श्रमिकों के बीच सर्वेक्षणों में भागीदारी के महत्व के बारे में जागरूकता बढ़ाई जानी चाहिए, और डेटा साझा करने के लिए सहयोग को प्रोत्साहित किया जाना चाहिए।
  • अनौपचारिक क्षेत्र के औपचारिककरण पर ध्यान: डेटा का उपयोग अनौपचारिक क्षेत्र को औपचारिक बनाने के लिए लक्षित नीतियों को डिजाइन करने के लिए किया जाना चाहिए, जिससे श्रमिकों को बेहतर सुरक्षा और लाभ मिल सकें।

यूपीएससी मूल्य-संवर्धन

मुख्य परीक्षा उत्तर-लेखन हेतु कीवर्ड

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अवधारणा प्रवाह

सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय द्वारा सर्वेक्षण  →  गैर-निगमित क्षेत्र के उद्यमों का वार्षिक सर्वेक्षण (ASUSE) और सेवा उत्पादन सूचकांक (ISP) का प्रायोगिक सूचकांक  →  त्रैमासिक और वार्षिक परिणाम तथा ISP पर हितधारकों से प्रतिक्रिया  →  भारतीय अर्थव्यवस्था के औपचारिक और गैर-निगमित क्षेत्रों का आकलन  →  साक्ष्य-आधारित नीति निर्माण और आर्थिक नियोजन में सहायता  →  रोजगार सृजन, समावेशी विकास और सामाजिक सुरक्षा में सुधार

प्रारंभिक अभ्यास प्रश्न

Q1. सेवा उत्पादन सूचकांक (ISP) के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. यह अर्थव्यवस्था के औपचारिक क्षेत्र को कवर करता है।
2. इसे सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय द्वारा जारी किया जाता है।
3. यह केवल जीएसटी से प्राप्त बाहरी आपूर्तियों के आंकड़ों पर आधारित है।
उपरोक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?

  1. केवल 1
  2. केवल 1 और 2
  3. केवल 2 और 3
  4. 1, 2 और 3

उत्तर: केवल 1 और 2 — कथन 1 और 2 सही हैं। सेवा उत्पादन सूचकांक (ISP) अर्थव्यवस्था के औपचारिक क्षेत्र को कवर करता है और इसे सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय द्वारा जारी किया जाता है। कथन 3 गलत है क्योंकि यह जीएसटी डेटा के साथ-साथ अन्य प्रशासनिक आंकड़ों को भी शामिल करता है।

Q2. भारत में गैर-निगमित क्षेत्र के उद्यमों का वार्षिक सर्वेक्षण (ASUSE) कौन-सा मंत्रालय आयोजित करता है?

  1. वित्त मंत्रालय
  2. वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय
  3. सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय
  4. श्रम एवं रोजगार मंत्रालय

उत्तर: सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय — सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय (Ministry of Statistics and Programme Implementation) अर्थव्यवस्था के गैर-निगमित क्षेत्र का आकलन करने के लिए गैर-निगमित क्षेत्र के उद्यमों का वार्षिक सर्वेक्षण (ASUSE) करता है और त्रैमासिक तथा वार्षिक परिणाम प्रकाशित करता है।

मुख्य अभ्यास प्रश्न

✍ भारत की अर्थव्यवस्था में गैर-निगमित क्षेत्र के महत्व पर प्रकाश डालते हुए, इसके मापन में आने वाली चुनौतियों का विश्लेषण कीजिए। इन चुनौतियों का समाधान करने में सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय द्वारा किए जा रहे प्रयासों का मूल्यांकन कीजिए। (250 शब्द)

रूपरेखा: प्रश्न के पहले भाग में भारत की अर्थव्यवस्था में गैर-निगमित क्षेत्र के योगदान और महत्व को रेखांकित करें, जैसे रोजगार सृजन, आय वितरण और ग्रामीण अर्थव्यवस्था में भूमिका। दूसरे भाग में, इसके मापन में आने वाली चुनौतियों पर चर्चा करें, जैसे डेटा की अनुपलब्धता, असंगठित प्रकृति, अनौपचारिक लेनदेन और मौसमी प्रभाव। अंत में, सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय द्वारा किए जा रहे प्रयासों, जैसे गैर-निगमित क्षेत्र के उद्यमों का वार्षिक सर्वेक्षण (ASUSE) और सेवा उत्पादन सूचकांक (ISP) के प्रायोगिक सूचकांक के माध्यम से डेटा संग्रह और कार्यप्रणाली में सुधार पर प्रकाश डालते हुए निष्कर्ष प्रस्तुत करें।

स्रोत: PIB (Press Information Bureau)


शैक्षिक उद्देश्य हेतु AanyaAi द्वारा जनित।

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