नशा मुक्त भारत अभियान: राष्ट्रीय संकल्प और व्यापक रणनीति

नशा मुक्त भारत अभियान: राष्ट्रीय संकल्प और व्यापक रणनीति

विषय प्रासंगिकता — यह टॉपिक कहाँ आता है

  • GS Paper II — सामाजिक न्याय: कमजोर वर्गों के लिए कल्याणकारी योजनाएं और उनका प्रदर्शन; स्वास्थ्य, शिक्षा, मानव संसाधनों से संबंधित सामाजिक क्षेत्र/सेवाओं के विकास और प्रबंधन से संबंधित विषय।  |  GS Paper III — आंतरिक सुरक्षा: संगठित अपराध और आतंकवाद के बीच संबंध।
  • Prelims: नशा मुक्त भारत अभियान (NMBA), सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय, मादक पदार्थों की मांग में कमी के लिए राष्ट्रीय कार्य योजना (NAPDDR), राष्ट्रीय नशा मुक्ति उपचार केंद्र (NDDTC), मादक पदार्थ दुरुपयोग रोकथाम, राष्ट्रीय संकल्प
  • Essay: नशा मुक्त समाज: चुनौतियाँ और समाधान, युवा और सामाजिक उत्तरदायित्व: एक स्वस्थ राष्ट्र की नींव

त्वरित पुनरावृत्ति: ‘नशा मुक्त भारत अभियान’ (NMBA) केंद्रीय सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय द्वारा संचालित एक राष्ट्रव्यापी पहल है जिसका उद्देश्य मादक पदार्थों के दुरुपयोग के खिलाफ जागरूकता बढ़ाना और रोकथाम, उपचार तथा पुनर्वास के माध्यम से भारत को नशा मुक्त बनाना है।

यह खबर चर्चा में क्यों?

केंद्रीय सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय 18 अगस्त 2026 को ‘नशा मुक्त भारत अभियान’ (NMBA) की छठी वर्षगांठ के अवसर पर ‘नशीले पदार्थों के दुरुपयोग के खिलाफ राष्ट्रीय सामूहिक संकल्प/शपथ’ कार्यक्रम आयोजित कर रहा है। इस कार्यक्रम का उद्देश्य फिजिकल और ऑनलाइन माध्यम से 10 से 12 करोड़ से अधिक नागरिकों को एकजुट कर मादक पदार्थों के दुरुपयोग के खिलाफ राष्ट्रीय संकल्प लेना है।

पृष्ठभूमि

  • ‘नशा मुक्त भारत अभियान’ (NMBA) को केंद्रीय सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय द्वारा 15 अगस्त 2020 को देश में नशीले पदार्थों की मांग से निपटने के लिए शुरू किया गया था।
  • यह अभियान ‘मादक पदार्थों की मांग में कमी के लिए राष्ट्रीय कार्य योजना’ (NAPDDR) के तहत एक व्यापक और साक्ष्य-आधारित रणनीति का हिस्सा है।
  • अब तक, देश भर में जागरूकता गतिविधियों के माध्यम से यह अभियान 29.68 करोड़ से अधिक नागरिकों तक पहुँच बना चुका है।
  • अभियान में हेल्पलाइन नंबर 14446 के माध्यम से नशा मुक्ति को बढ़ावा देने और ‘नशा मुक्ति मित्र’ के रूप में स्वयंसेवकों को पंजीकृत करने पर जोर दिया गया है।

नशा मुक्त भारत अभियान (NMBA) क्या है?

  • NMBA केंद्रीय सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय की एक प्रमुख पहल है जिसका उद्देश्य भारत को मादक पदार्थों के दुरुपयोग से मुक्त करना है।
  • यह अभियान रोकथाम, आकलन, उपचार, पुनर्वास, देखभाल के बाद की सहायता, लोगों तक जानकारी पहुंचाना और समुदाय में जागरूकता फैलाने सहित विभिन्न पहलुओं पर केंद्रित है।
  • अभियान का लक्ष्य युवाओं, महिलाओं और बच्चों जैसे कमजोर समूहों पर विशेष ध्यान केंद्रित करते हुए मादक पदार्थों के दुरुपयोग के हानिकारक प्रभावों के बारे में जागरूकता बढ़ाना है।
  • यह विभिन्न मंत्रालयों, विभागों, शैक्षणिक संस्थानों, स्वयंसेवी संगठनों और सामाजिक प्रभावशाली व्यक्तियों के साथ समन्वय स्थापित कर एक बहु-आयामी दृष्टिकोण अपनाता है।
  • NMBA ई-संकल्प पहल लोगों को नशीले पदार्थों के सेवन से पीड़ित लोगों की मदद के लिए स्वेच्छा से आगे आने और जिम्मेदारीपूर्ण व्यवहार अपनाने के लिए प्रेरित करती है।
  • यह अभियान ‘मादक पदार्थों की मांग में कमी के लिए राष्ट्रीय कार्य योजना’ (NAPDDR) के तहत कार्यान्वित किया जाता है, जो एक साक्ष्य-आधारित रणनीति पर आधारित है।
  • NMBA का उद्देश्य एक ऐसा समाज बनाना है जहाँ युवा सक्रिय रूप से नशा-मुक्त वातावरण के निर्माण में योगदान दें।

मुख्य विशेषताएँ

Feature Significance
नशा मुक्त भारत अभियान (NMBA) मादक पदार्थों के दुरुपयोग को रोकने और उपचार के लिए एक राष्ट्रव्यापी पहल।
छठी वर्षगांठ (18 अगस्त 2026) अभियान की प्रगति और भविष्य की रणनीति पर चिंतन का अवसर।
राष्ट्रीय सामूहिक संकल्प/शपथ मादक पदार्थों के दुरुपयोग के खिलाफ जनभागीदारी और प्रतिबद्धता को बढ़ाना।
केंद्रीय सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय NMBA का नोडल मंत्रालय, नीति निर्माण और कार्यान्वयन का समन्वय।
विभिन्न मंत्रालयों/विभागों की भागीदारी रेलवे, रक्षा, पुलिस, NCC, आयुष, ग्रामीण विकास, राजस्व आदि के माध्यम से व्यापक पहुंच।
हेल्पलाइन नंबर 14446 नशा मुक्ति के लिए सहायता और परामर्श प्रदान करना।

महत्व

सामाजिक महत्व

  • मादक पदार्थों का दुरुपयोग समाज में अपराध, स्वास्थ्य समस्याओं और पारिवारिक विघटन का एक प्रमुख कारण है। NMBA इन सामाजिक बुराइयों को कम करने में सहायक है।
  • युवाओं को नशे से दूर रखकर उनके भविष्य को सुरक्षित करना और उन्हें राष्ट्र निर्माण में सक्रिय योगदान देने के लिए सशक्त बनाना।
  • सामुदायिक भागीदारी और स्वयंसेवकों (नशा मुक्ति मित्र) के माध्यम से एक सामूहिक जिम्मेदारी की भावना को बढ़ावा देना।

शासन और नीति निर्माण

  • केंद्रीय सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय की नोडल भूमिका विभिन्न सरकारी विभागों और गैर-सरकारी संगठनों के बीच समन्वय स्थापित करती है।
  • मादक पदार्थों की मांग में कमी के लिए राष्ट्रीय कार्य योजना (NAPDDR) जैसी साक्ष्य-आधारित रणनीतियों का कार्यान्वयन, जो AIIMS के सर्वेक्षण निष्कर्षों पर आधारित है।
  • जागरूकता, निवारक शिक्षा, परामर्श, उपचार और पुनर्वास के लिए राज्य सरकारों और अन्य हितधारकों को वित्तीय सहायता प्रदान करना।

स्वास्थ्य और कल्याण

  • नशा मुक्ति उपचार केंद्रों और पुनर्वास सेवाओं के माध्यम से मादक पदार्थों के आदी व्यक्तियों को सहायता प्रदान करना।
  • नशे के कारण होने वाली बीमारियों और मृत्यु दर को कम करके सार्वजनिक स्वास्थ्य में सुधार करना।
  • मानसिक स्वास्थ्य पर नशे के नकारात्मक प्रभावों को संबोधित करना और समग्र कल्याण को बढ़ावा देना।

चुनौतियाँ

1. व्यापकता और पहुंच

  • देश के दूरदराज के क्षेत्रों और कमजोर समुदायों तक अभियान की प्रभावी पहुंच सुनिश्चित करना।
  • ऑनलाइन और फिजिकल भागीदारी के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए डिजिटल साक्षरता और बुनियादी ढांचे की उपलब्धता।

2. पुनर्वास और उपचार

  • नशा मुक्ति के बाद व्यक्तियों के सामाजिक और आर्थिक पुनर्वास की चुनौती।
  • पर्याप्त उपचार सुविधाओं और प्रशिक्षित पेशेवरों की कमी, विशेषकर ग्रामीण क्षेत्रों में।

3. सीमा पार नशीले पदार्थों की तस्करी

  • भारत की भौगोलिक स्थिति के कारण सीमा पार से नशीले पदार्थों की अवैध तस्करी एक बड़ी चुनौती है।
  • अंतर्राष्ट्रीय सहयोग और प्रभावी सीमा प्रबंधन की आवश्यकता।

4. सामाजिक कलंक (Stigma)

  • नशा करने वाले व्यक्तियों के प्रति सामाजिक कलंक उन्हें उपचार और सहायता प्राप्त करने से रोकता है।
  • जागरूकता अभियानों के माध्यम से इस कलंक को दूर करना महत्वपूर्ण है।

5. कानूनी और प्रवर्तन चुनौतियाँ

  • नशीले पदार्थों के उत्पादन, वितरण और बिक्री पर प्रभावी ढंग से अंकुश लगाना।
  • कानून प्रवर्तन एजेंसियों के बीच समन्वय और क्षमता निर्माण की आवश्यकता।

चुनौतियाँ — यूपीएससी दृष्टिकोण

Issue Concern
मादक पदार्थों की उपलब्धता अवैध उत्पादन और तस्करी के कारण आसानी से पहुंच।
उपचार की पहुंच ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों में पर्याप्त नशा मुक्ति केंद्रों का अभाव।
पुनर्वास का अभाव नशा मुक्ति के बाद सामाजिक और आर्थिक एकीकरण में कठिनाई।
जागरूकता की कमी नशे के हानिकारक प्रभावों और उपलब्ध सहायता सेवाओं के बारे में अपर्याप्त जानकारी।
युवाओं में बढ़ती प्रवृत्ति पीढ़ी-विशिष्ट नशीले पदार्थों के दुरुपयोग की नई प्रवृत्तियों का उदय।
कानूनी प्रवर्तन की कमजोरियाँ नशीले पदार्थों के तस्करों और विक्रेताओं पर प्रभावी कार्रवाई में चुनौतियाँ।

सरकारी पहल — प्रीलिम्स हेतु अवश्य याद रखें

  • नशा मुक्त भारत अभियान (NMBA)
  • मादक पदार्थों की मांग में कमी के लिए राष्ट्रीय कार्य योजना (NAPDDR)

आगे की राह

  • जागरूकता अभियानों को और अधिक लक्षित और प्रभावी बनाना, विशेषकर युवाओं और कमजोर समूहों के बीच।
  • नशा मुक्ति उपचार और पुनर्वास केंद्रों की संख्या बढ़ाना और उनकी गुणवत्ता में सुधार करना, विशेषकर ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों में।
  • नशा मुक्ति के बाद व्यक्तियों के लिए कौशल विकास और रोजगार के अवसर प्रदान करके उनके सामाजिक और आर्थिक पुनर्वास को सुनिश्चित करना।
  • सीमा पार नशीले पदार्थों की तस्करी को रोकने के लिए अंतर्राष्ट्रीय सहयोग और सीमा सुरक्षा को मजबूत करना।
  • कानून प्रवर्तन एजेंसियों के बीच समन्वय और क्षमता निर्माण को बढ़ाना ताकि नशीले पदार्थों के आपूर्तिकर्ताओं पर प्रभावी ढंग से अंकुश लगाया जा सके।
  • स्कूलों और कॉलेजों के पाठ्यक्रम में नशीले पदार्थों के हानिकारक प्रभावों के बारे में शिक्षा को शामिल करना।
  • समुदाय-आधारित पहलों और स्वयंसेवकों (नशा मुक्ति मित्र) को सशक्त बनाना ताकि जमीनी स्तर पर जागरूकता और सहायता प्रदान की जा सके।

यूपीएससी मूल्य-संवर्धन

मुख्य परीक्षा उत्तर-लेखन हेतु कीवर्ड

नशा मुक्त भारत अभियान · सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय · मादक पदार्थों का दुरुपयोग · राष्ट्रीय कार्य योजना · सामुदायिक जागरूकता · पुनर्वास सेवाएं · युवा सशक्तिकरण · बहु-मंत्रालयी समन्वय

संवैधानिक व नीतिगत संबंध

  • {‘article’: ‘अनुच्छेद 47’, ‘note’: ‘राज्य का कर्तव्य: पोषाहार स्तर और जीवन स्तर को ऊपर उठाना तथा लोक स्वास्थ्य में सुधार करना, जिसमें मादक पेयों और स्वास्थ्य के लिए हानिकारक औषधियों के औषधीय प्रयोजनों से भिन्न उपभोग का प्रतिषेध शामिल है।’}

अवधारणा प्रवाह

मादक पदार्थों का दुरुपयोग  →  सामाजिक, आर्थिक और स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियाँ  →  सरकार द्वारा ‘नशा मुक्त भारत अभियान’ का शुभारंभ  →  जागरूकता, उपचार और पुनर्वास पर केंद्रित रणनीतियाँ  →  जनभागीदारी और अंतर-मंत्रालयी समन्वय  →  नशा मुक्त समाज की स्थापना

प्रारंभिक अभ्यास प्रश्न

Q1. नशा मुक्त भारत अभियान (NMBA) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. यह अभियान केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा 15 अगस्त, 2020 को शुरू किया गया था।
2. इसका उद्देश्य मादक पदार्थों की मांग में कमी के लिए एक व्यापक और साक्ष्य-आधारित रणनीति लागू करना है।
3. यह अभियान केवल शहरी क्षेत्रों में जागरूकता गतिविधियों पर केंद्रित है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?

  1. केवल 1
  2. केवल 2
  3. केवल 1 और 3
  4. 1, 2 और 3

उत्तर: केवल 2 — कथन 1 गलत है क्योंकि ‘नशा मुक्त भारत अभियान’ केंद्रीय सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय द्वारा शुरू किया गया था। कथन 3 गलत है क्योंकि यह अभियान देशव्यापी जागरूकता अभियानों के माध्यम से व्यापक पहुंच बनाता है, न कि केवल शहरी क्षेत्रों में। कथन 2 सही है क्योंकि इसका उद्देश्य मादक पदार्थों की मांग में कमी के लिए राष्ट्रीय कार्य योजना (NAPDDR) के तहत एक व्यापक और साक्ष्य-आधारित रणनीति लागू करना है।

Q2. निम्नलिखित में से कौन-सा मंत्रालय ‘नशा मुक्त भारत अभियान’ (NMBA) के लिए नोडल मंत्रालय है?

  1. स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय
  2. गृह मंत्रालय
  3. सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय
  4. महिला एवं बाल विकास मंत्रालय

उत्तर: सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय — केंद्रीय सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय ‘नशा मुक्त भारत अभियान’ (NMBA) के लिए नोडल मंत्रालय है। यह अभियान देश में नशीले पदार्थों की मांग से निपटने के लिए विभिन्न पहलों का समन्वय करता है।

मुख्य अभ्यास प्रश्न

✍ नशा मुक्त भारत अभियान (NMBA) के उद्देश्यों और कार्यान्वयन रणनीति का आलोचनात्मक विश्लेषण कीजिए। भारत में मादक पदार्थों के दुरुपयोग की समस्या से निपटने में यह अभियान कितना प्रभावी रहा है? (250 शब्द)

रूपरेखा: प्रश्न के पहले भाग में ‘नशा मुक्त भारत अभियान’ के प्रमुख उद्देश्यों और इसकी बहु-आयामी कार्यान्वयन रणनीति का वर्णन करें, जिसमें रोकथाम, उपचार, पुनर्वास और सामुदायिक जागरूकता शामिल है। दूसरे भाग में, अभियान की प्रभावशीलता का मूल्यांकन करें, जिसमें इसकी पहुंच, विभिन्न मंत्रालयों के साथ समन्वय और चुनौतियों पर प्रकाश डालें। निष्कर्ष में, अभियान की भविष्य की संभावनाओं और इसमें सुधार के सुझावों पर संक्षिप्त टिप्पणी करें।

स्रोत: PIB (Press Information Bureau)


शैक्षिक उद्देश्य हेतु AanyaAi द्वारा जनित।

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