30 Jul प्रधानमंत्री किसान संपदा योजना: फसल कटाई के बाद के नुकसान को कम कर किसानों की आय बढ़ाने वाली प्रमुख योजना


मानचित्र व माइंड-मैप: PMKSY: State-wise Impact & Key Facts
विषय प्रासंगिकता — यह टॉपिक कहाँ आता है
- GS Paper III — अर्थव्यवस्था | GS Paper III — कृषि | GS Paper III — खाद्य प्रसंस्करण उद्योग
- Prelims: प्रधानमंत्री किसान संपदा योजना (PMKSY), खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय, फसल कटाई के बाद के नुकसान, मूल्य संवर्धन, शीत श्रृंखला अवसंरचना, किसान उत्पादक संगठन (FPO), केंद्रीय क्षेत्र की योजना, खाद्य सुरक्षा
- Essay: भारत में कृषि आय दोगुनी करने में खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र की भूमिका, खाद्य सुरक्षा और ग्रामीण विकास के लिए अवसंरचना का महत्व
त्वरित पुनरावृत्ति: प्रधानमंत्री किसान संपदा योजना खाद्य प्रसंस्करण अवसंरचना के विकास, फसल कटाई के बाद के नुकसान को कम करने और किसानों की आय बढ़ाने के लिए एक महत्वपूर्ण केंद्रीय क्षेत्र की योजना है।
यह खबर चर्चा में क्यों?
खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय ने हाल ही में प्रधानमंत्री किसान संपदा योजना (PMKSY) के कार्यान्वयन और उसकी प्रगति पर प्रकाश डाला है। यह योजना वर्ष 2017-18 से देश भर में लागू की जा रही है, जिसका उद्देश्य खाद्य प्रसंस्करण अवसंरचना को मजबूत करना, फसल कटाई के बाद के नुकसान को कम करना और किसानों की आय में वृद्धि करना है। मंत्रालय ने बताया कि 30 जून, 2026 तक इस योजना के तहत 1,256 परियोजनाएं चालू हैं, जिनसे लगभग 37.76 लाख किसानों को लाभ मिला है और प्रसंस्करण क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।
पृष्ठभूमि
- भारत एक कृषि प्रधान देश है जहाँ कृषि उत्पादों का एक बड़ा हिस्सा फसल कटाई के बाद खराब हो जाता है, जिससे किसानों को भारी नुकसान होता है।
- खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र में निवेश की कमी और आधुनिक अवसंरचना का अभाव इस समस्या को और बढ़ा देता है।
- किसानों को उनके उत्पादों का उचित मूल्य नहीं मिल पाता है, जिससे उनकी आय प्रभावित होती है और ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है।
- प्रसंस्कृत खाद्य उत्पादों की वैश्विक मांग बढ़ रही है, लेकिन भारत इस क्षेत्र में अपनी पूरी क्षमता का दोहन नहीं कर पा रहा है।
- सरकार ने कृषि और संबद्ध क्षेत्रों के विकास को प्राथमिकता दी है, जिसमें खाद्य प्रसंस्करण को एक महत्वपूर्ण कड़ी के रूप में देखा गया है।
- इन चुनौतियों का समाधान करने और खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए प्रधानमंत्री किसान संपदा योजना की शुरुआत की गई थी।
प्रधानमंत्री किसान संपदा योजना (PMKSY) क्या है?
- प्रधानमंत्री किसान संपदा योजना (PMKSY) खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय द्वारा वर्ष 2017-18 से लागू की जा रही एक केंद्रीय क्षेत्र की व्यापक योजना है।
- इसका मुख्य उद्देश्य खेत से लेकर खुदरा बिक्री तक संपूर्ण मूल्य श्रृंखला में एकीकृत खाद्य प्रसंस्करण और संरक्षण अवसंरचना का विकास करना है।
- यह योजना मूल्य संवर्धन (Value Addition) को बढ़ावा देने और फसल कटाई के बाद होने वाले नुकसान को कम करने पर केंद्रित है।
- PMKSY एकीकृत शीत श्रृंखला (Cold Chain) और मूल्य संवर्धन अवसंरचना के विकास के लिए वित्तीय सहायता प्रदान करती है।
- यह खाद्य सुरक्षा और गुणवत्ता अवसंरचना को सुदृढ़ करने के साथ-साथ खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र में निजी निवेश को भी प्रोत्साहित करती है।
- योजना का लक्ष्य बेहतर बाजार संपर्कों (Market Linkages) के माध्यम से रोजगार सृजन और किसानों की आय में वृद्धि करना है।
- यह प्रसंस्कृत खाद्य उत्पादों की निर्यात प्रतिस्पर्धिता को बढ़ावा देने में भी सहायक है।
- PMKSY एक मांग-आधारित योजना है, जिसमें एक्सप्रेशन ऑफ इंटरेस्ट (EOI) के माध्यम से किसान उत्पादक संगठनों (FPO) सहित पात्र आवेदकों से आवेदन आमंत्रित किए जाते हैं।
मुख्य विशेषताएँ
| विशेषता | महत्व |
|---|---|
| एकीकृत खाद्य प्रसंस्करण अवसंरचना | खेत से खुदरा बिक्री तक संपूर्ण मूल्य श्रृंखला को सुदृढ़ करता है। |
| मूल्य संवर्धन और फसल कटाई के बाद के नुकसान में कमी | किसानों को उनके उत्पादों का बेहतर मूल्य सुनिश्चित करता है और बर्बादी कम करता है। |
| कोल्ड चेन और मूल्य संवर्धन अवसंरचना का विकास | नाशवान वस्तुओं के भंडारण और परिवहन में सुधार करता है, जिससे उनकी शेल्फ लाइफ बढ़ती है। |
| खाद्य सुरक्षा और गुणवत्ता अवसंरचना | उपभोक्ताओं के लिए सुरक्षित और उच्च गुणवत्ता वाले खाद्य उत्पादों की उपलब्धता सुनिश्चित करता है। |
| निजी निवेश को प्रोत्साहन | खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र में पूंजी प्रवाह और नवाचार को बढ़ावा देता है। |
| रोजगार सृजन और किसानों की आय में वृद्धि | ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करता है और आजीविका के अवसर पैदा करता है। |
महत्व
आर्थिक महत्व
- यह योजना खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र के समग्र विकास को बढ़ावा देती है, जिससे सकल घरेलू उत्पाद (GDP) में कृषि क्षेत्र का योगदान बढ़ता है।
- फसल कटाई के बाद के नुकसान को कम करके और मूल्य संवर्धन को बढ़ाकर किसानों की आय में वृद्धि करती है, जिससे ग्रामीण समृद्धि आती है।
- आधुनिक अवसंरचना के निर्माण से कृषि उत्पादों की मांग बढ़ती है, जिससे किसानों को उनके उत्पादों का बेहतर मूल्य मिलता है।
- प्रसंस्कृत खाद्य उत्पादों की निर्यात प्रतिस्पर्धिता को बढ़ावा देती है, जिससे विदेशी मुद्रा आय में वृद्धि होती है।
सामाजिक महत्व
- खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र में रोजगार के अवसर पैदा करती है, विशेषकर ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में।
- खाद्य सुरक्षा और गुणवत्ता अवसंरचना को सुदृढ़ करके उपभोक्ताओं के लिए सुरक्षित और पौष्टिक खाद्य उत्पादों की उपलब्धता सुनिश्चित करती है।
कृषि क्षेत्र पर प्रभाव
- आधुनिक खाद्य प्रसंस्करण और संरक्षण अवसंरचना के निर्माण से कृषि उत्पादों की बर्बादी कम होती है।
- किसानों को उनके उत्पादों का बेहतर मूल्य प्राप्त करने में मदद करती है, जिससे कृषि को अधिक लाभदायक बनाया जा सकता है।
- किसान उत्पादक संगठनों (FPO) को विशेष सहायता प्रदान करके किसान-उत्पादक संपर्कों को मजबूत करती है।
चुनौतियाँ
1. वित्तीय पहुंच और जागरूकता
- छोटे और सीमांत किसानों तथा सूक्ष्म उद्यमों के लिए योजना के लाभों और वित्तीय सहायता तक पहुंच बनाना एक चुनौती है।
- योजना के बारे में जागरूकता की कमी के कारण पात्र लाभार्थियों द्वारा आवेदन करने की दर कम हो सकती है।
यूपीएससी लिंक: अर्थव्यवस्था: समावेशी विकास, कृषि वित्त
2. बुनियादी ढांचा और लॉजिस्टिक्स
- ग्रामीण क्षेत्रों में पर्याप्त कोल्ड चेन, भंडारण और परिवहन अवसंरचना की कमी अभी भी एक बड़ी बाधा है।
- दूरदराज के क्षेत्रों तक कनेक्टिविटी और बिजली आपूर्ति की चुनौतियां प्रसंस्करण इकाइयों की स्थापना को प्रभावित करती हैं।
यूपीएससी लिंक: अर्थव्यवस्था: अवसंरचना, कृषि विपणन
3. तकनीकी विशेषज्ञता और कौशल
- खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों के संचालन और रखरखाव के लिए आवश्यक तकनीकी विशेषज्ञता और कुशल श्रम की कमी है।
- आधुनिक प्रसंस्करण तकनीकों को अपनाने के लिए किसानों और उद्यमियों को प्रशिक्षण प्रदान करना महत्वपूर्ण है।
यूपीएससी लिंक: मानव संसाधन: कौशल विकास, औद्योगिक विकास
4. बाजार संपर्क और मूल्य श्रृंखला एकीकरण
- प्रसंस्कृत उत्पादों के लिए प्रभावी बाजार संपर्क स्थापित करना और संपूर्ण मूल्य श्रृंखला में एकीकरण सुनिश्चित करना एक चुनौती है।
- छोटे पैमाने के प्रसंस्करणकर्ताओं के लिए बड़े खुदरा विक्रेताओं और निर्यात बाजारों तक पहुंच बनाना कठिन हो सकता है।
यूपीएससी लिंक: अर्थव्यवस्था: कृषि विपणन, आपूर्ति श्रृंखला प्रबंधन
चुनौतियाँ — यूपीएससी दृष्टिकोण
| मुद्दा | चिंता |
|---|---|
| छोटे किसानों तक पहुंच | योजना के लाभों को छोटे और सीमांत किसानों तक प्रभावी ढंग से पहुंचाना। |
| गुणवत्ता नियंत्रण | प्रसंस्कृत खाद्य उत्पादों के लिए उच्च गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों को बनाए रखना। |
| पर्यावरणीय स्थिरता | खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों के पर्यावरणीय प्रभाव को कम करना। |
| अंतर-राज्यीय असमानताएं | योजना के कार्यान्वयन और लाभों में क्षेत्रीय असमानताओं को दूर करना। |
| प्रौद्योगिकी अपनाने की दर | किसानों और उद्यमियों द्वारा आधुनिक प्रसंस्करण तकनीकों को अपनाने की धीमी गति। |
सरकारी पहल — प्रीलिम्स हेतु अवश्य याद रखें
- प्रधानमंत्री किसान संपदा योजना (PMKSY)
- प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्यम योजना (PMFME)
आगे की राह
- योजना के बारे में जागरूकता बढ़ाने और छोटे तथा सीमांत किसानों एवं सूक्ष्म उद्यमियों तक इसकी पहुंच सुनिश्चित करने के लिए व्यापक प्रचार अभियान चलाए जाएं।
- ग्रामीण क्षेत्रों में कोल्ड चेन, भंडारण और परिवहन अवसंरचना के विकास में निवेश बढ़ाया जाए, विशेषकर आकांक्षी जिलों में।
- खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र के लिए कुशल श्रमशक्ति तैयार करने हेतु विशेष कौशल विकास कार्यक्रम और प्रशिक्षण मॉड्यूल विकसित किए जाएं।
- किसान उत्पादक संगठनों (FPO) को वित्तीय सहायता के साथ-साथ तकनीकी और विपणन सहायता प्रदान की जाए, ताकि वे मूल्य श्रृंखला में अपनी भूमिका बढ़ा सकें।
- प्रसंस्कृत खाद्य उत्पादों के लिए घरेलू और अंतर्राष्ट्रीय बाजारों तक पहुंच बनाने हेतु मजबूत बाजार संपर्क और ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म का विकास किया जाए।
- खाद्य सुरक्षा और गुणवत्ता मानकों को सुनिश्चित करने के लिए नियामक ढांचे को मजबूत किया जाए और निगरानी प्रणाली में सुधार किया जाए।
- योजना के तहत परियोजनाओं के पर्यावरणीय प्रभाव का आकलन किया जाए और सतत प्रसंस्करण प्रथाओं को बढ़ावा दिया जाए।
यूपीएससी मूल्य-संवर्धन
मुख्य परीक्षा उत्तर-लेखन हेतु कीवर्ड
प्रधानमंत्री किसान संपदा योजना (PMKSY) · खाद्य प्रसंस्करण उद्योग · फसल कटाई के बाद के नुकसान · मूल्य संवर्धन · किसानों की आय में वृद्धि · शीत श्रृंखला अवसंरचना · खाद्य सुरक्षा और गुणवत्ता · रोजगार सृजन · निर्यात प्रतिस्पर्धिता · किसान उत्पादक संगठन (FPO) · सूक्ष्म-खाद्य प्रसंस्करण उद्यम · केंद्रीय क्षेत्र की योजना
संवैधानिक व नीतिगत संबंध
- {‘article’: ‘अनुच्छेद 39’, ‘note’: ‘राज्य द्वारा अनुसरणीय नीति के सिद्धांत’}
- {‘article’: ‘अनुच्छेद 43’, ‘note’: ‘कर्मकारों के लिए निर्वाह मजदूरी आदि’}
- {‘article’: ‘अनुच्छेद 48’, ‘note’: ‘कृषि और पशुपालन का संगठन’}
अवधारणा प्रवाह
प्रधानमंत्री किसान संपदा योजना का कार्यान्वयन → आधुनिक खाद्य प्रसंस्करण अवसंरचना का निर्माण → फसल कटाई के बाद के नुकसान में कमी → कृषि उत्पादों का मूल्य संवर्धन → किसानों की आय में वृद्धि और रोजगार सृजन → खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र का समग्र विकास
प्रारंभिक अभ्यास प्रश्न
Q1. प्रधानमंत्री किसान संपदा योजना (PMKSY) के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. यह खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय द्वारा कार्यान्वित एक केंद्र प्रायोजित योजना है।
2. इसका उद्देश्य खेत से लेकर खुदरा बिक्री तक संपूर्ण मूल्य श्रृंखला में एकीकृत खाद्य प्रसंस्करण और संरक्षण अवसंरचना का विकास करना है।
3. यह योजना केवल बड़े खाद्य प्रसंस्करण उद्योगों को वित्तीय सहायता प्रदान करती है, न कि सूक्ष्म उद्यमों को।
उपर्युक्त कथनों में से कितने सही हैं?
- केवल एक
- केवल दो
- केवल तीन
- कोई नहीं
उत्तर: केवल एक — कथन 1 गलत है क्योंकि PMKSY एक केंद्रीय क्षेत्र की योजना है, न कि केंद्र प्रायोजित योजना। कथन 2 सही है क्योंकि योजना का एक प्रमुख उद्देश्य खेत से खुदरा बिक्री तक संपूर्ण मूल्य श्रृंखला में एकीकृत खाद्य प्रसंस्करण और संरक्षण अवसंरचना का विकास करना है। कथन 3 गलत है क्योंकि PMKSY और PMFME योजना के तहत सूक्ष्म-खाद्य प्रसंस्करण उद्यमों को भी वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है।
Q2. निम्नलिखित में से कौन-सा/से प्रधानमंत्री किसान संपदा योजना (PMKSY) का/के प्रमुख उद्देश्य है/हैं?
1. फसल कटाई के बाद के नुकसान को कम करना।
2. मूल्य संवर्धन को बढ़ावा देना।
3. खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र में निजी निवेश को प्रोत्साहित करना।
4. प्रसंस्कृत खाद्य उत्पादों की निर्यात प्रतिस्पर्धिता को बढ़ावा देना।
नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए:
- केवल 1 और 2
- केवल 3 और 4
- केवल 1, 2 और 3
- 1, 2, 3 और 4
उत्तर: 1, 2, 3 और 4 — PMKSY के सभी सूचीबद्ध उद्देश्य सही हैं। यह योजना फसल कटाई के बाद के नुकसान को कम करने, मूल्य संवर्धन को बढ़ावा देने, निजी निवेश को प्रोत्साहित करने और निर्यात प्रतिस्पर्धिता को बढ़ाने पर केंद्रित है।
मुख्य अभ्यास प्रश्न
✍ प्रधानमंत्री किसान संपदा योजना (PMKSY) भारत में खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र के समग्र विकास में किस प्रकार सहायक है? इसके प्रमुख उद्देश्यों और कार्यान्वयन रणनीति पर चर्चा कीजिए। (15 Marks)
रूपरेखा: मॉडल-उत्तर संरचना:
1. परिचय: प्रधानमंत्री किसान संपदा योजना (PMKSY) का संक्षिप्त परिचय, जिसमें यह बताया जाए कि यह खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय की एक केंद्रीय क्षेत्र की योजना है, जो 2017-18 से लागू है।
2. प्रमुख उद्देश्य: योजना के मुख्य उद्देश्यों को बिंदुवार स्पष्ट करें, जैसे:
– खेत से खुदरा बिक्री तक एकीकृत खाद्य प्रसंस्करण अवसंरचना का विकास।
– मूल्य संवर्धन को बढ़ावा देना और फसल कटाई के बाद के नुकसान को कम करना।
– खाद्य प्रसंस्करण और संरक्षण क्षमताओं का निर्माण व विस्तार।
– एकीकृत कोल्ड चेन और मूल्य संवर्धन अवसंरचना का विकास।
– खाद्य सुरक्षा और गुणवत्ता अवसंरचना को सुदृढ़ करना।
– खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र में निजी निवेश को बढ़ावा देना।
– रोजगार सृजन और किसानों की आय में वृद्धि।
– प्रसंस्कृत खाद्य उत्पादों की निर्यात प्रतिस्पर्धिता को बढ़ावा देना।
3. कार्यान्वयन रणनीति और सहायक भूमिका: बताएं कि योजना इन उद्देश्यों को कैसे प्राप्त करती है, जिसमें शामिल हैं:
– आधुनिक खाद्य प्रसंस्करण और संरक्षण अवसंरचना के निर्माण के लिए अनुदान/सब्सिडी के रूप में वित्तीय सहायता।
– मांग-आधारित योजना के रूप में एक्सप्रेशन ऑफ इंटरेस्ट (EOI) के माध्यम से आवेदन आमंत्रित करना।
– किसान उत्पादक संगठनों (FPO) को बढ़ी हुई वित्तीय सहायता और रियायतें प्रदान करना।
– PMFME योजना के तहत सूक्ष्म-खाद्य प्रसंस्करण उद्यमों और FPO समूहों को सहायता।
– परियोजनाओं की नियमित निगरानी।
4. प्रभाव और महत्व: योजना के अब तक के प्रभावों और महत्व पर प्रकाश डालें, जैसे:
– प्रसंस्करण और संरक्षण क्षमता का निर्माण (294.21 लाख मीट्रिक टन)।
– लगभग 37.76 लाख किसानों को लाभ।
– आपूर्ति श्रृंखला में सुधार और खाद्य प्रसंस्करण तंत्र का सुदृढ़ीकरण।
– ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर सकारात्मक प्रभाव।
5. निष्कर्ष: खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र के सतत विकास और किसानों की समृद्धि में PMKSY की भूमिका को संक्षेप में दोहराएं।
स्रोत: PIB (Press Information Bureau)
शैक्षिक उद्देश्य हेतु AanyaAi द्वारा जनित।

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