25 Sep भारत-अफ्रीका जल एवं स्वच्छता सहयोग: आईआईडब्ल्यूडब्ल्यू 2026 में गोलमेज सम्मेलन
✎ भारत-अफ्रीका गोलमेज सम्मेलन जल, सफाई और स्वच्छता (WASH) क्षेत्र में सहयोग और ज्ञान के आदान-प्रदान के माध्यम से सतत विकास लक्ष्य 6 की प्राप्ति की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जिसमें भारत के जल जीवन मिशन और स्वच्छ भारत…
विषय प्रासंगिकता — यह टॉपिक कहाँ आता है
- GS Paper II — अंतर्राष्ट्रीय संबंध, शासन | GS Paper III — पर्यावरण, आर्थिक विकास
- Prelims: भारतीय अंतर्राष्ट्रीय जल सप्ताह (IIWW), भारत-अफ्रीका गोलमेज सम्मेलन, जल जीवन मिशन (JJM), स्वच्छ भारत मिशन-ग्रामीण (SBM-G), सतत विकास लक्ष्य 6 (SDG 6), पेयजल एवं स्वच्छता विभाग (DDWS)
- Essay: जल सुरक्षा और स्वच्छता: वैश्विक सहयोग की आवश्यकता, भारत का विकास मॉडल: अफ्रीकी देशों के लिए सीख और अवसर
त्वरित पुनरावृत्ति: भारत-अफ्रीका गोलमेज सम्मेलन जल, सफाई और स्वच्छता (WASH) क्षेत्र में सहयोग और ज्ञान के आदान-प्रदान के माध्यम से सतत विकास लक्ष्य 6 की प्राप्ति की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जिसमें भारत के जल जीवन मिशन और स्वच्छ भारत मिशन-ग्रामीण के अनुभव साझा किए गए।
यह खबर चर्चा में क्यों?
नौवें भारतीय अंतर्राष्ट्रीय जल सप्ताह (IIWW) 2026 के दौरान, द्वितीय भारत अंतर्राष्ट्रीय जल, सफाई और स्वच्छता (वॉश) सम्मेलन के अंतर्गत, नई दिल्ली में एक उच्च-स्तरीय भारत-अफ्रीका गोलमेज सम्मेलन का आयोजन किया गया। इस सम्मेलन में 22 अफ्रीकी देशों के राजदूतों और प्रतिनिधियों ने जल और स्वच्छता से संबंधित साझा चुनौतियों पर विचार-विमर्श किया तथा भविष्य में सहयोग के अवसरों की तलाश की, जिसमें ज्ञान का आदान-प्रदान, क्षमता निर्माण और डिजिटल नवाचार पर विशेष ध्यान दिया गया।
पृष्ठभूमि
- भारत सरकार के जल शक्ति मंत्रालय के पेयजल एवं स्वच्छता विभाग (DDWS) ने इस गोलमेज सम्मेलन का आयोजन किया।
- विचार-विमर्श का मुख्य केंद्र ज्ञान का आदान-प्रदान, क्षमता निर्माण, डिजिटल नवाचार, समुदाय-आधारित सेवा वितरण और जलवायु-लचीले जल निकासी एवं स्वच्छता समाधान थे।
- डीडीडब्ल्यूएस सचिव ने ग्रामीण जल आपूर्ति एवं स्वच्छता में भारत के अनुभव को जन स्वास्थ्य, गरिमा, महिला सशक्तिकरण और सामुदायिक भागीदारी से संबंधित बताया।
- जल जीवन मिशन (JJM) और स्वच्छ भारत मिशन-ग्रामीण (SBM-G) के अंतर्गत भारत की प्रगति में सशक्त राजनीतिक प्रतिबद्धता और स्थानीय संस्थागत भागीदारी की केंद्रीय भूमिका रही है।
- भारत ने विकेंद्रीकृत शासन व्यवस्था के तहत ग्राम पंचायतों और ग्राम जल एवं स्वच्छता समितियों की महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित किया।
- भारत ने जल गुणवत्ता निगरानी के लिए 24 लाख से अधिक महिलाओं को फील्ड टेस्टिंग किट के उपयोग में प्रशिक्षित किया है, जिससे वे स्थानीय जल प्रशासन में सक्रिय भागीदार बन गई हैं।
जल जीवन मिशन (JJM) और स्वच्छ भारत मिशन-ग्रामीण (SBM-G)
- जल जीवन मिशन (JJM) को 15 अगस्त 2019 को लॉन्च किया गया था, जिसका लक्ष्य 2024 तक प्रत्येक ग्रामीण परिवार को कार्यशील नल-जल कनेक्शन (हर घर जल) प्रदान करना है।
- इसका उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में जीवन की गुणवत्ता में सुधार लाना, विशेषकर महिलाओं और लड़कियों के लिए, जिन्हें पानी लाने में लंबा समय बिताना पड़ता है।
- मिशन का कार्यान्वयन विकेंद्रीकृत तरीके से किया जाता है, जिसमें ग्राम पंचायतें और ग्राम जल एवं स्वच्छता समितियाँ योजना, कार्यान्वयन और रखरखाव में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
- स्वच्छ भारत मिशन-ग्रामीण (SBM-G) का शुभारंभ 2 अक्टूबर 2014 को हुआ था, जिसका प्राथमिक लक्ष्य ग्रामीण भारत को खुले में शौच मुक्त (ODF) बनाना था।
- यह मिशन व्यवहार परिवर्तन पर केंद्रित है और इसने शौचालय के उपयोग को बढ़ावा देने के लिए एक राष्ट्रव्यापी जन आंदोलन का रूप ले लिया है।
- SBM-G ने ग्रामीण स्वच्छता कवरेज में उल्लेखनीय वृद्धि की है और ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन पर भी ध्यान केंद्रित किया है।
- दोनों मिशनों ने राजनीतिक प्रतिबद्धता, सार्वजनिक निवेश, समन्वित कार्यान्वयन और सामुदायिक भागीदारी के महत्व को रेखांकित किया है।
- ये कार्यक्रम भारत के सतत विकास लक्ष्य 6 (SDG 6) — ‘सभी के लिए जल और स्वच्छता की उपलब्धता और सतत प्रबंधन सुनिश्चित करना’ — की प्राप्ति में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं।
मुख्य विशेषताएँ
| विशेषता | महत्व |
|---|---|
| भारत-अफ्रीका गोलमेज सम्मेलन | जल, सफाई और स्वच्छता (WASH) क्षेत्र में भारत और अफ्रीकी देशों के बीच सहयोग के अवसरों की खोज |
| ज्ञान का आदान-प्रदान | भारत के ग्रामीण जल आपूर्ति एवं स्वच्छता के अनुभवों को साझा करना और अफ्रीकी देशों के नवाचारों से सीखना |
| क्षमता निर्माण | WASH क्षेत्र में तकनीकी और परिचालन कौशल को मजबूत करना |
| डिजिटल नवाचार | सेवा वितरण और जवाबदेही के लिए सरल, परस्पर संचालन योग्य डिजिटल प्रणालियों का उपयोग |
| समुदाय-आधारित सेवा वितरण | स्थानीय समुदायों और संस्थाओं की भागीदारी के माध्यम से सेवाओं की स्थिरता सुनिश्चित करना |
| जलवायु-लचीले WASH समाधान | जलवायु परिवर्तन के प्रभावों का सामना करने में सक्षम जल निकासी और स्वच्छता प्रणालियों का विकास |
महत्व
अंतर्राष्ट्रीय सहयोग एवं कूटनीति
- यह सम्मेलन भारत की ‘ग्लोबल साउथ’ (Global South) के साथ जुड़ाव की प्रतिबद्धता को दर्शाता है, विशेषकर अफ्रीका के साथ जल और स्वच्छता जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में सहयोग को बढ़ावा देता है।
- यह सतत विकास लक्ष्य 6 (SDG 6) – ‘सभी के लिए स्वच्छ जल और स्वच्छता की उपलब्धता और स्थायी प्रबंधन सुनिश्चित करना’ – की प्राप्ति में वैश्विक प्रयासों को गति प्रदान करता है।
सामाजिक-आर्थिक विकास
- जल और स्वच्छता सेवाओं तक पहुंच में सुधार से जन स्वास्थ्य, गरिमा और महिला सशक्तिकरण में वृद्धि होती है, जो समग्र सामाजिक-आर्थिक विकास के लिए महत्वपूर्ण है।
- भारत के जल जीवन मिशन (JJM) और स्वच्छ भारत मिशन-ग्रामीण (SBM-G) जैसे कार्यक्रमों के अनुभव साझा करने से अफ्रीकी देशों को अपनी WASH चुनौतियों का समाधान करने में मदद मिलेगी।
तकनीकी एवं संस्थागत नवाचार
- डिजिटल नवाचारों और विकेन्द्रीकृत शासन व्यवस्था के माध्यम से जल गुणवत्ता निगरानी और सेवा वितरण में सुधार के अनुभवों का आदान-प्रदान दोनों क्षेत्रों के लिए फायदेमंद है।
- महिलाओं को जल गुणवत्ता निगरानी के लिए प्रशिक्षित करना स्थानीय जल प्रशासन में उनकी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करता है, जो लैंगिक समानता और सामुदायिक सशक्तिकरण का एक मॉडल है।
चुनौतियाँ
1. जल संसाधनों का प्रबंधन
- बढ़ती जनसंख्या और जलवायु परिवर्तन के कारण जल संसाधनों पर दबाव बढ़ रहा है, जिससे जल सुरक्षा सुनिश्चित करना एक बड़ी चुनौती है।
- जल प्रदूषण और जल गुणवत्ता की निगरानी एक सतत चुनौती बनी हुई है, विशेषकर ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों में।
यूपीएससी लिंक: पर्यावरण और पारिस्थितिकी, आपदा प्रबंधन
2. स्वच्छता अवसंरचना का अभाव
- कई अफ्रीकी देशों में पर्याप्त स्वच्छता सुविधाओं की कमी है, जिससे खुले में शौच और जल जनित बीमारियों का खतरा बना रहता है।
- अपशिष्ट जल उपचार और ठोस अपशिष्ट प्रबंधन प्रणालियों की स्थापना और रखरखाव एक महत्वपूर्ण चुनौती है।
यूपीएससी लिंक: सामाजिक मुद्दे, स्वास्थ्य
3. वित्तीय और संस्थागत बाधाएँ
- WASH परियोजनाओं के लिए पर्याप्त वित्तीय संसाधनों की उपलब्धता और उनका प्रभावी उपयोग एक बड़ी बाधा है।
- स्थानीय स्तर पर प्रभावी संस्थागत क्षमता और शासन की कमी सेवाओं के स्थायी वितरण को प्रभावित करती है।
यूपीएससी लिंक: शासन, अर्थव्यवस्था
4. व्यवहारिक परिवर्तन और जागरूकता
- स्वच्छता और जल संरक्षण के प्रति व्यवहारिक परिवर्तन लाना और सामुदायिक जागरूकता बढ़ाना एक धीमी और निरंतर प्रक्रिया है।
- सांस्कृतिक और सामाजिक मानदंड भी स्वच्छता प्रथाओं को अपनाने में बाधा डाल सकते हैं।
यूपीएससी लिंक: सामाजिक मुद्दे, मानव विकास
चुनौतियाँ — यूपीएससी दृष्टिकोण
| मुद्दा | चिंता |
|---|---|
| जल सुरक्षा | बढ़ती मांग, जलवायु परिवर्तन और प्रदूषण के कारण जल संसाधनों पर दबाव |
| स्वच्छता कवरेज | पर्याप्त स्वच्छता सुविधाओं की कमी और खुले में शौच की प्रथा |
| अवसंरचना का रखरखाव | WASH अवसंरचना के संचालन और रखरखाव के लिए संसाधनों और क्षमता की कमी |
| सामुदायिक भागीदारी | स्थानीय समुदायों को WASH कार्यक्रमों की योजना और कार्यान्वयन में पूरी तरह से शामिल करने की चुनौती |
| वित्तीय स्थिरता | WASH सेवाओं के लिए दीर्घकालिक वित्तपोषण मॉडल विकसित करने की आवश्यकता |
| जलवायु परिवर्तन का प्रभाव | जल उपलब्धता और स्वच्छता प्रणालियों पर जलवायु परिवर्तन के बढ़ते प्रतिकूल प्रभाव |
सरकारी पहल — प्रीलिम्स हेतु अवश्य याद रखें
- जल जीवन मिशन (JJM)
- स्वच्छ भारत मिशन-ग्रामीण (SBM-G)
आगे की राह
- भारत और अफ्रीकी देशों के बीच WASH क्षेत्र में ज्ञान, प्रौद्योगिकी और सर्वोत्तम प्रथाओं के आदान-प्रदान को संस्थागत बनाना।
- WASH अवसंरचना के विकास और रखरखाव के लिए संयुक्त अनुसंधान एवं विकास तथा क्षमता निर्माण कार्यक्रमों को बढ़ावा देना।
- डिजिटल प्रौद्योगिकियों का लाभ उठाकर जल गुणवत्ता निगरानी, सेवा वितरण और जवाबदेही प्रणालियों को मजबूत करना।
- स्थानीय सरकारों और सामुदायिक संगठनों को सशक्त बनाना ताकि वे WASH सेवाओं की योजना, कार्यान्वयन और प्रबंधन में सक्रिय भूमिका निभा सकें।
- जलवायु-लचीले WASH समाधानों को प्राथमिकता देना और जलवायु परिवर्तन के प्रभावों को कम करने के लिए अनुकूलन रणनीतियों को एकीकृत करना।
- WASH क्षेत्र में निजी क्षेत्र की भागीदारी और अभिनव वित्तपोषण मॉडलों को प्रोत्साहित करना।
- महिलाओं को WASH कार्यक्रमों में सक्रिय भागीदार और निर्णय लेने वाली भूमिकाओं में शामिल करके लैंगिक समानता को बढ़ावा देना।
यूपीएससी मूल्य-संवर्धन
मुख्य परीक्षा उत्तर-लेखन हेतु कीवर्ड
भारत-अफ्रीका सहयोग · जल, सफाई और स्वच्छता (WASH) · सतत विकास लक्ष्य 6 · जल जीवन मिशन (JJM) · स्वच्छ भारत मिशन-ग्रामीण (SBM-G) · सामुदायिक भागीदारी · विकेंद्रीकृत शासन · डिजिटल नवाचार · क्षमता निर्माण · जलवायु-लचीले समाधान
संवैधानिक व नीतिगत संबंध
- {‘article’: ‘अनुच्छेद 243G’, ‘note’: ‘पंचायतों की शक्तियाँ, प्राधिकार और उत्तरदायित्व’}
- {‘article’: ‘अनुच्छेद 243W’, ‘note’: ‘नगरपालिकाओं की शक्तियाँ, प्राधिकार और उत्तरदायित्व’}
- {‘article’: ‘अनुच्छेद 21’, ‘note’: ‘स्वच्छ जल का अधिकार जीवन के अधिकार का हिस्सा’}
अवधारणा प्रवाह
भारत-अफ्रीका गोलमेज सम्मेलन का आयोजन → WASH क्षेत्र में ज्ञान और अनुभव का आदान-प्रदान → सामुदायिक भागीदारी और डिजिटल नवाचार पर जोर → WASH सेवाओं की गुणवत्ता और पहुंच में सुधार → सतत विकास लक्ष्य 6 की प्राप्ति में योगदान → जन स्वास्थ्य और सामाजिक-आर्थिक विकास में वृद्धि
प्रारंभिक अभ्यास प्रश्न
Q1. निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. जल जीवन मिशन (JJM) का उद्देश्य प्रत्येक ग्रामीण परिवार को कार्यशील नल-जल कनेक्शन प्रदान करना है।
2. स्वच्छ भारत मिशन-ग्रामीण (SBM-G) का प्राथमिक लक्ष्य ग्रामीण क्षेत्रों में खुले में शौच को समाप्त करना है।
3. भारत-अफ्रीका गोलमेज सम्मेलन का आयोजन 9वें भारतीय अंतर्राष्ट्रीय जल सप्ताह (IIWW) 2026 के दौरान किया गया था।
उपर्युक्त कथनों में से कितने सही हैं?
- केवल एक
- केवल दो
- सभी तीन
- कोई नहीं
उत्तर: सभी तीन — कथन 1 सही है। जल जीवन मिशन का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण परिवारों को नल से जल उपलब्ध कराना है। कथन 2 सही है। स्वच्छ भारत मिशन-ग्रामीण का लक्ष्य व्यवहार परिवर्तन और सामुदायिक भागीदारी के माध्यम से स्वच्छता को बढ़ावा देना और खुले में शौच से मुक्त भारत बनाना है। कथन 3 सही है। भारत-अफ्रीका गोलमेज सम्मेलन 9वें भारतीय अंतर्राष्ट्रीय जल सप्ताह 2026 के दौरान आयोजित किया गया था।
Q2. अभिकथन (A): भारत के ग्रामीण जल आपूर्ति और स्वच्छता कार्यक्रमों में सशक्त राजनीतिक प्रतिबद्धता और स्थानीय संस्थागत भागीदारी केंद्रीय भूमिका निभाती है।
कारण (R): ग्राम पंचायतें और ग्राम जल एवं स्वच्छता समितियां ग्रामीण सेवाओं की योजना, संचालन, निगरानी और स्थिरता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
- A और R दोनों सत्य हैं, और R, A की सही व्याख्या है।
- A और R दोनों सत्य हैं, लेकिन R, A की सही व्याख्या नहीं है।
- A सत्य है, लेकिन R असत्य है।
- A असत्य है, लेकिन R सत्य है।
उत्तर: A और R दोनों सत्य हैं, और R, A की सही व्याख्या है। — अभिकथन (A) सही है क्योंकि राजनीतिक प्रतिबद्धता और स्थानीय भागीदारी भारत के WASH कार्यक्रमों की सफलता का आधार रही है। कारण (R) भी सही है क्योंकि ग्राम पंचायतें और ग्राम जल एवं स्वच्छता समितियां विकेंद्रीकृत शासन के तहत इन सेवाओं के सफल कार्यान्वयन और स्थिरता के लिए महत्वपूर्ण हैं। कारण (R) अभिकथन (A) की सही व्याख्या करता है।
मुख्य अभ्यास प्रश्न
✍ जल, सफाई और स्वच्छता (WASH) क्षेत्र में भारत-अफ्रीका सहयोग के महत्व का विश्लेषण कीजिए। भारत के जल जीवन मिशन (JJM) और स्वच्छ भारत मिशन-ग्रामीण (SBM-G) के अनुभवों से अफ्रीका के लिए क्या सीख ली जा सकती है? (15 Marks)
रूपरेखा: परिचय में भारत-अफ्रीका सहयोग के संदर्भ में WASH क्षेत्र के महत्व को रेखांकित करें। मुख्य भाग में, पहले भारत-अफ्रीका सहयोग के महत्व पर चर्चा करें, जिसमें ज्ञान का आदान-प्रदान, क्षमता निर्माण, डिजिटल नवाचार और सतत विकास लक्ष्य 6 की प्राप्ति शामिल हो। दूसरे भाग में, जल जीवन मिशन (JJM) और स्वच्छ भारत मिशन-ग्रामीण (SBM-G) की प्रमुख सफलताओं और सीखों पर प्रकाश डालें। इसमें सशक्त राजनीतिक नेतृत्व, विकेंद्रीकृत शासन (ग्राम पंचायतों और ग्राम जल एवं स्वच्छता समितियों की भूमिका), सामुदायिक भागीदारी, महिलाओं का सशक्तिकरण (जल गुणवत्ता निगरानी में प्रशिक्षण), बुनियादी ढांचे के साथ-साथ लोगों में निवेश, संचालन और रखरखाव की योजना, तथा डिजिटल प्रणालियों का उपयोग शामिल होना चाहिए। निष्कर्ष में, इन सीखों को अफ्रीका के संदर्भ में लागू करने की क्षमता और भविष्य के सहयोग के लिए एक सकारात्मक दृष्टिकोण प्रस्तुत करें।
स्रोत: PIB (Press Information Bureau)
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