यादवीर ने केंद्र से मांगी मैसूरु को वैश्विक पर्यटन मिशन में शामिल करने की अनुमति

Yaduveer seeks Centre’s nod to include Mysuru in global tourism mission — concept mind map

यादवीर ने केंद्र से मांगी मैसूरु को वैश्विक पर्यटन मिशन में शामिल करने की अनुमति

✎ भारत में 50 विश्व स्तर पर प्रतिस्पर्धी पर्यटन स्थलों के विकास के लिए राष्ट्रीय मिशन का उद्देश्य मैसूरु जैसे शहरों की अद्वितीय सांस्कृतिक विरासत का लाभ उठाकर उन्हें वैश्विक पर्यटन मानचित्र पर स्थापित करना है, जिससे आर्थिक संवृद्धि…

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Mysuru tourism mission

विषय प्रासंगिकता — यह टॉपिक कहाँ आता है

  • GS Paper I — भारतीय विरासत और संस्कृति, पर्यटन  |  GS Paper III — भारतीय अर्थव्यवस्था, आर्थिक संवृद्धि और विकास  |  GS Paper II — केंद्र-राज्य संबंध
  • Prelims: राष्ट्रीय मिशन: 50 वैश्विक प्रतिस्पर्धी पर्यटन स्थल, मैसूरु दशहरा, UNESCO मान्यता, पर्यटन अवसंरचना, स्थानीय हस्तशिल्प, विकसित भारत 2047
  • Essay: पर्यटन: भारत की सांस्कृतिक कूटनीति और आर्थिक संवृद्धि का वाहक, स्थानीय विरासत का संरक्षण और सतत विकास: एक राष्ट्रीय अनिवार्यता

त्वरित पुनरावृत्ति: भारत में 50 विश्व स्तर पर प्रतिस्पर्धी पर्यटन स्थलों के विकास के लिए राष्ट्रीय मिशन का उद्देश्य मैसूरु जैसे शहरों की अद्वितीय सांस्कृतिक विरासत का लाभ उठाकर उन्हें वैश्विक पर्यटन मानचित्र पर स्थापित करना है, जिससे आर्थिक संवृद्धि और स्थानीय रोजगार को बढ़ावा मिल सके।

यह खबर चर्चा में क्यों?

मैसूरु-कोडागु के सांसद यदुवीर कृष्णदत्त चामराजा वाडियार ने केंद्रीय पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत से मुलाकात की है। उन्होंने केंद्रीय बजट 2025-26 में घोषित ‘भारत में 50 विश्व स्तर पर प्रतिस्पर्धी पर्यटन स्थलों के विकास के लिए राष्ट्रीय मिशन’ में मैसूरु शहर को शामिल करने का प्रस्ताव प्रस्तुत किया है। इस पहल का उद्देश्य मैसूरु को एक विश्व स्तरीय पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करना है, जिससे इसकी अद्वितीय सांस्कृतिक, ऐतिहासिक और आध्यात्मिक विरासत को वैश्विक मंच पर पहचान मिल सके।

पृष्ठभूमि

  • मैसूरु अपनी समृद्ध विरासत, शाही विरासत और सांस्कृतिक परंपराओं के लिए विश्व भर में प्रसिद्ध है।
  • मैसूरु पैलेस भारत के सबसे अधिक देखे जाने वाले विरासत स्मारकों में से एक है।
  • मैसूरु दशहरा उत्सव को इसकी सांस्कृतिक महत्ता के लिए UNESCO द्वारा मान्यता प्राप्त है।
  • यह शहर योग और कल्याण के एक अद्वितीय केंद्र के रूप में उभरा है, साथ ही पारंपरिक हस्तशिल्प और जीवंत कला का भी धनी है।
  • मैसूरु की सड़क, रेल और हवाई कनेक्टिविटी इसे एक विश्व स्तरीय पर्यटन स्थल में बदलने के लिए एक मजबूत आधार प्रदान करती है।
  • यह पहल पर्यटन अवसंरचना के विकास, आगंतुक सुविधाओं में सुधार, विरासत स्थलों के संरक्षण और सतत पर्यटन को बढ़ावा देने में सहायक होगी।

भारत में 50 विश्व स्तर पर प्रतिस्पर्धी पर्यटन स्थलों के विकास के लिए राष्ट्रीय मिशन क्या है?

  • यह मिशन केंद्रीय बजट 2025-26 में घोषित किया गया था।
  • इसका मुख्य उद्देश्य भारत के 50 चुनिंदा पर्यटन स्थलों को विश्व स्तरीय प्रतिस्पर्धी गंतव्यों के रूप में विकसित करना है।
  • मिशन का लक्ष्य इन स्थलों पर पर्यटन अवसंरचना (Infrastructure) को मजबूत करना और आगंतुक अनुभव को बेहतर बनाना है।
  • यह विरासत स्थलों के संरक्षण और संवर्धन पर विशेष ध्यान केंद्रित करता है।
  • सतत पर्यटन (Sustainable Tourism) प्रथाओं को बढ़ावा देना इस मिशन का एक महत्वपूर्ण घटक है।
  • यह सार्वजनिक और निजी निवेश को आकर्षित करके पर्यटन क्षेत्र में रोजगार के अवसर पैदा करने और स्थानीय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने का प्रयास करता है।
  • मिशन ‘विकसित भारत 2047’ के दृष्टिकोण के अनुरूप, भारत को एक प्रमुख वैश्विक पर्यटन केंद्र के रूप में स्थापित करने में सहायक होगा।

मुख्य विशेषताएँ

विशेषता महत्व
सांस्कृतिक एवं ऐतिहासिक विरासत मैसूरु महल, दशहरा उत्सव (यूनेस्को मान्यता प्राप्त), योग एवं कल्याण केंद्र, पारंपरिक हस्तशिल्प और कला।
विश्व स्तरीय पर्यटन स्थल बनने की क्षमता समृद्ध विरासत, शाही परंपरा और सांस्कृतिक महत्व इसे वैश्विक गंतव्य के रूप में स्थापित करने के लिए उपयुक्त बनाते हैं।
उत्कृष्ट कनेक्टिविटी सड़क, रेल और हवाई संपर्क इसे घरेलू और अंतर्राष्ट्रीय पर्यटकों के लिए सुलभ बनाते हैं।
आर्थिक और सामाजिक प्रभाव पर्यटन अवसंरचना का विकास, रोजगार सृजन, स्थानीय कलाकारों और कारीगरों को बढ़ावा, छोटे व्यवसायों और आतिथ्य क्षेत्र को मजबूती।
विकसित भारत 2047 का दृष्टिकोण मैसूरु को विश्व स्तर पर मान्यता प्राप्त पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करना इस राष्ट्रीय दृष्टिकोण के अनुरूप है।

महत्व

आर्थिक महत्व

  • पर्यटन अवसंरचना के विकास से स्थानीय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा मिलेगा, जिससे रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।
  • स्थानीय कलाकारों, कारीगरों और छोटे व्यवसायों को प्रोत्साहन मिलेगा, जिससे उनकी आजीविका में सुधार होगा।
  • सार्वजनिक और निजी निवेश को आकर्षित करने से आर्थिक संवृद्धि (Economic Growth) को गति मिलेगी।

सांस्कृतिक महत्व

  • मैसूरु की समृद्ध विरासत, शाही परंपरा और सांस्कृतिक महत्व को वैश्विक मंच पर पहचान मिलेगी।
  • दशहरा उत्सव और मैसूरु महल जैसे स्थलों के संरक्षण और प्रचार से सांस्कृतिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा।
  • योग और कल्याण केंद्र के रूप में मैसूरु की विशिष्ट पहचान को सुदृढ़ किया जाएगा।

सामाजिक महत्व

  • पर्यटन पर निर्भर हजारों परिवारों की आजीविका में सुधार होगा।
  • आतिथ्य क्षेत्र और संबंधित सेवाओं में रोजगार सृजन से सामाजिक समावेशन (Social Inclusion) बढ़ेगा।
  • स्थानीय समुदायों को अपनी सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण और प्रदर्शन में शामिल होने का अवसर मिलेगा।

रणनीतिक महत्व

  • भारत के प्रमुख विरासत शहरों में से एक के रूप में मैसूरु की स्थिति मजबूत होगी, जो ‘विकसित भारत 2047’ के दृष्टिकोण के अनुरूप है।
  • वैश्विक पर्यटन मानचित्र पर भारत की उपस्थिति को बढ़ावा मिलेगा, जिससे देश की ‘सॉफ्ट पावर’ में वृद्धि होगी।
  • सतत पर्यटन (Sustainable Tourism) प्रथाओं को बढ़ावा देने से पर्यावरण संरक्षण और स्थानीय समुदायों के कल्याण के बीच संतुलन स्थापित होगा।

चुनौतियाँ

1. अवसंरचनात्मक विकास

  • पर्यटकों की बढ़ती संख्या को समायोजित करने के लिए पर्याप्त और आधुनिक पर्यटन अवसंरचना का निर्माण।
  • परिवहन, आवास और अन्य सुविधाओं को विश्व स्तरीय मानकों तक पहुंचाना।

2. विरासत स्थलों का संरक्षण

  • मैसूरु महल और अन्य ऐतिहासिक स्थलों की नाजुकता को देखते हुए उनके संरक्षण और रखरखाव की चुनौती।
  • पर्यटन गतिविधियों और संरक्षण प्रयासों के बीच संतुलन स्थापित करना।

3. स्थानीय भागीदारी और आजीविका

  • पर्यटन के लाभों को स्थानीय समुदायों और छोटे व्यवसायों तक समान रूप से पहुंचाना।
  • स्थानीय कलाकारों और कारीगरों को बाजार पहुंच और कौशल विकास के अवसर प्रदान करना।

4. सतत पर्यटन प्रथाएं

  • पर्यटन के पर्यावरणीय और सामाजिक प्रभावों को कम करना।
  • जिम्मेदार पर्यटन को बढ़ावा देना और स्थानीय पारिस्थितिकी तंत्र की रक्षा करना।

5. प्रचार और ब्रांडिंग

  • वैश्विक स्तर पर मैसूरु की विशिष्ट पहचान और आकर्षण का प्रभावी ढंग से प्रचार करना।
  • अंतर्राष्ट्रीय पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए लक्षित विपणन रणनीतियाँ विकसित करना।

चुनौतियाँ — यूपीएससी दृष्टिकोण

मुद्दा चिंता
पर्यटक भीड़ प्रबंधन बढ़ती पर्यटक संख्या से विरासत स्थलों पर दबाव और स्थानीय जीवन में व्यवधान।
पर्यावरण पर प्रभाव पर्यटन से उत्पन्न कचरा, प्रदूषण और प्राकृतिक संसाधनों पर दबाव।
मौसमी पर्यटन दशहरा जैसे आयोजनों के दौरान अत्यधिक भीड़ और अन्य समय में कम पर्यटक।
कौशल विकास की कमी पर्यटन और आतिथ्य क्षेत्र में स्थानीय कार्यबल के लिए पर्याप्त कौशल प्रशिक्षण की कमी।
सुरक्षा और संरक्षा पर्यटकों, विशेषकर अंतर्राष्ट्रीय पर्यटकों के लिए सुरक्षा और संरक्षा सुनिश्चित करना।

सरकारी पहल — प्रीलिम्स हेतु अवश्य याद रखें

  • 50 विश्व स्तरीय पर्यटन स्थलों के विकास के लिए राष्ट्रीय मिशन (National Mission for the Development of 50 Globally Competitive Tourist Destinations in India)

आगे की राह

  • मैसूरु की अद्वितीय सांस्कृतिक, ऐतिहासिक और आध्यात्मिक विशेषताओं को उजागर करने वाला एक व्यापक और प्रतिस्पर्धी प्रस्ताव तैयार करना।
  • पर्यटन अवसंरचना के विकास पर ध्यान केंद्रित करना, जिसमें बेहतर कनेक्टिविटी, आवास और आगंतुक सुविधाएं शामिल हों।
  • मैसूरु महल और अन्य विरासत स्थलों के संरक्षण और रखरखाव के लिए विशेष योजनाएं लागू करना।
  • स्थानीय कलाकारों, कारीगरों और छोटे व्यवसायों को सशक्त बनाने के लिए कौशल विकास और बाजार पहुंच कार्यक्रम शुरू करना।
  • सतत पर्यटन प्रथाओं को बढ़ावा देना, जिसमें पर्यावरण संरक्षण और स्थानीय समुदायों की भागीदारी शामिल हो।
  • मैसूरु को योग और कल्याण केंद्र के रूप में बढ़ावा देना, साथ ही इसके पारंपरिक हस्तशिल्प और कला को भी प्रदर्शित करना।
  • घरेलू और अंतर्राष्ट्रीय पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए लक्षित विपणन और ब्रांडिंग रणनीतियाँ विकसित करना।
  • सार्वजनिक-निजी भागीदारी (Public-Private Partnership) को प्रोत्साहित करना ताकि पर्यटन क्षेत्र में निवेश और नवाचार को बढ़ावा मिल सके।

यूपीएससी मूल्य-संवर्धन

मुख्य परीक्षा उत्तर-लेखन हेतु कीवर्ड

पर्यटन संवर्धन · सांस्कृतिक विरासत · आर्थिक विकास · रोजगार सृजन · सतत पर्यटन · बुनियादी ढांचा विकास · वैश्विक पर्यटन · स्थानीय अर्थव्यवस्था · राष्ट्रीय मिशन · विकसित भारत 2047

अवधारणा प्रवाह

मैसूरु-कोडागु सांसद द्वारा केंद्रीय पर्यटन मंत्री से मुलाकात  →  मैसूरु को ’50 विश्व स्तरीय पर्यटन स्थलों के विकास के लिए राष्ट्रीय मिशन’ में शामिल करने का प्रस्ताव  →  मैसूरु की सांस्कृतिक, ऐतिहासिक और पर्यटन क्षमता का प्रदर्शन  →  पर्यटन अवसंरचना का विकास और विरासत स्थलों का संरक्षण  →  रोजगार सृजन, स्थानीय व्यवसायों को बढ़ावा और आजीविका में सुधार  →  मैसूरु का विश्व स्तरीय पर्यटन स्थल के रूप में उभरना और ‘विकसित भारत 2047’ के दृष्टिकोण में योगदान

प्रारंभिक अभ्यास प्रश्न

Q1. निम्नलिखित कथनों पर विचार करें:
1. राष्ट्रीय स्तर पर पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए ‘भारत में 50 विश्व स्तरीय प्रतिस्पर्धी पर्यटन स्थलों के विकास हेतु राष्ट्रीय मिशन’ की घोषणा केंद्रीय बजट 2025-26 में की गई थी।
2. मैसूरु दशहरा उत्सव को यूनेस्को (UNESCO) द्वारा सांस्कृतिक महत्व के लिए मान्यता प्राप्त है।
3. मैसूरु अपनी योग और कल्याण केंद्र के रूप में अनूठी स्थिति के लिए जाना जाता है।
उपरोक्त में से कितने कथन सही हैं?

  1. केवल एक
  2. केवल दो
  3. सभी तीनों
  4. कोई नहीं

उत्तर: सभी तीनों — कथन 1 सही है क्योंकि ‘भारत में 50 विश्व स्तरीय प्रतिस्पर्धी पर्यटन स्थलों के विकास हेतु राष्ट्रीय मिशन’ की घोषणा केंद्रीय बजट 2025-26 में की गई थी। कथन 2 सही है क्योंकि मैसूरु दशहरा उत्सव को यूनेस्को द्वारा सांस्कृतिक महत्व के लिए मान्यता प्राप्त है। कथन 3 भी सही है क्योंकि मैसूरु योग और कल्याण केंद्र के रूप में अपनी अनूठी स्थिति के लिए प्रसिद्ध है।

Q2. मैसूरु शहर के संदर्भ में, निम्नलिखित में से कौन-सा/से कथन इसकी पर्यटन क्षमता को बढ़ाता/बढ़ाते है/हैं?
1. मैसूरु पैलेस भारत के सबसे अधिक देखे जाने वाले विरासत स्मारकों में से एक है।
2. यह शहर पारंपरिक हस्तशिल्प और जीवंत कला का केंद्र है।
3. मैसूरु में सड़क, रेल और हवाई संपर्क की उत्कृष्ट सुविधा है।
नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए:

  1. केवल 1
  2. केवल 1 और 2
  3. केवल 2 और 3
  4. 1, 2 और 3

उत्तर: 1, 2 और 3 — मैसूरु पैलेस भारत के सबसे अधिक देखे जाने वाले विरासत स्मारकों में से एक है, जो इसकी पर्यटन क्षमता को बढ़ाता है। यह शहर पारंपरिक हस्तशिल्प और जीवंत कला का केंद्र भी है। इसके अतिरिक्त, मैसूरु में सड़क, रेल और हवाई संपर्क की उत्कृष्ट सुविधा है, जो पर्यटकों के लिए इसे सुलभ बनाती है। अतः सभी कथन सही हैं।

मुख्य अभ्यास प्रश्न

✍ भारत में पर्यटन क्षेत्र के विकास हेतु सरकार द्वारा उठाए गए कदमों पर चर्चा कीजिए। मैसूरु जैसे शहरों को वैश्विक पर्यटन मानचित्र पर लाने में ‘भारत में 50 विश्व स्तरीय प्रतिस्पर्धी पर्यटन स्थलों के विकास हेतु राष्ट्रीय मिशन’ की भूमिका का मूल्यांकन कीजिए। (15 Marks)

रूपरेखा: परिचय में भारत में पर्यटन के महत्व और इसकी आर्थिक क्षमता का संक्षिप्त उल्लेख करें। मुख्य भाग में, भारत सरकार द्वारा पर्यटन क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए शुरू की गई विभिन्न योजनाओं और पहलों (जैसे स्वदेश दर्शन योजना, प्रसाद योजना, देखो अपना देश अभियान) का विवरण दें। ‘भारत में 50 विश्व स्तरीय प्रतिस्पर्धी पर्यटन स्थलों के विकास हेतु राष्ट्रीय मिशन’ के उद्देश्यों और प्रावधानों पर प्रकाश डालें। मैसूरु जैसे शहरों के लिए इस मिशन के संभावित लाभों का मूल्यांकन करें, जिसमें बुनियादी ढांचा विकास, रोजगार सृजन, स्थानीय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा और सतत पर्यटन शामिल हैं। निष्कर्ष में, पर्यटन क्षेत्र के समग्र विकास और ‘विकसित भारत 2047’ के लक्ष्य को प्राप्त करने में ऐसे मिशनों के महत्व को रेखांकित करें।

स्रोत: The Hindu


शैक्षिक उद्देश्य हेतु AanyaAi द्वारा जनित।

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