08 Aug यूएई ने ईरान पर हॉर्मुज जलडमरूमध्य में जहाज़ पर मिसाइल हमला करने का आरोप लगाया, कोई हताहत नहीं
✎ होर्मुज जलडमरूमध्य वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए एक महत्वपूर्ण रणनीतिक जलमार्ग है, और इस क्षेत्र में कोई भी अस्थिरता वैश्विक तेल और गैस बाजारों को महत्वपूर्ण रूप से प्रभावित कर सकती है।
विषय प्रासंगिकता — यह टॉपिक कहाँ आता है
- GS Paper II — अंतर्राष्ट्रीय संबंध: भारत के हितों पर विकसित और विकासशील देशों की नीतियों और राजनीति का प्रभाव। | GS Paper III — अर्थव्यवस्था: ऊर्जा सुरक्षा, आधारभूत संरचना। | GS Paper I — भूगोल: विश्व के भौतिक भूगोल की मुख्य विशेषताएँ।
- Prelims: होर्मुज जलडमरूमध्य, फारस की खाड़ी, ओमान की खाड़ी, संयुक्त अरब अमीरात (UAE), ईरान, वैश्विक ऊर्जा व्यापार, सामरिक जलमार्ग, ADNOC
- Essay: वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा और भू-राजनीतिक स्थिरता में जलमार्गों की भूमिका।, मध्य पूर्व में बदलती शक्ति गतिशीलता और इसके वैश्विक प्रभाव।
त्वरित पुनरावृत्ति: होर्मुज जलडमरूमध्य वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए एक महत्वपूर्ण रणनीतिक जलमार्ग है, और इस क्षेत्र में कोई भी अस्थिरता वैश्विक तेल और गैस बाजारों को महत्वपूर्ण रूप से प्रभावित कर सकती है।
यह खबर चर्चा में क्यों?
संयुक्त अरब अमीरात (UAE) ने ईरान पर होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में उसके एक पोत पर मिसाइल हमले का आरोप लगाया है। यह घटना इस महत्वपूर्ण जलमार्ग के आसपास बढ़ते तनाव को दर्शाती है, विशेषकर जब ईरान और ओमान शिपिंग प्रबंधन पर एक समझौते के करीब होने का दावा कर रहे हैं। इस हमले में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है, लेकिन यह क्षेत्र में सुरक्षा चिंताओं को बढ़ा रहा है और वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पर इसके संभावित प्रभावों को लेकर चिंताएँ पैदा कर रहा।
पृष्ठभूमि
- होर्मुज जलडमरूमध्य फारस की खाड़ी (Persian Gulf) को ओमान की खाड़ी (Gulf of Oman) और अरब सागर से जोड़ता है। यह विश्व के सबसे महत्वपूर्ण तेल पारगमन बिंदुओं में से एक है।
- वैश्विक तेल आपूर्ति का लगभग पाँचवाँ हिस्सा और प्राकृतिक गैस का एक महत्वपूर्ण हिस्सा इस जलडमरूमध्य से होकर गुजरता है, जिससे यह वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।
- अमेरिका, इज़राइल और ईरान के बीच 28 फरवरी से शुरू हुए युद्ध के बाद से इस क्षेत्र में तनाव बढ़ गया है, जिसके परिणामस्वरूप ADNOC के कई पोतों पर हमले हुए हैं।
- ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने के लिए कुछ शर्तें रखी हैं, जिनमें अमेरिका द्वारा ईरान और उसके क्षेत्रीय सहयोगियों के खिलाफ खतरों और सैन्य कार्रवाई को समाप्त करना, अमेरिकी नौसैनिक नाकाबंदी हटाना, प्रतिबंध हटाना और युद्ध क्षति के लिए मुआवजा देना शामिल है।
- ओमान, जो ईरान और अन्य पक्षों के बीच मध्यस्थता कर रहा है, ने कहा है कि होर्मुज के माध्यम से शिपिंग व्यवस्था पर तेहरान के साथ बातचीत ‘सकारात्मक और रचनात्मक’ माहौल में जारी है।
होर्मुज जलडमरूमध्य
- होर्मुज जलडमरूमध्य एक रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण जलमार्ग है जो फारस की खाड़ी को ओमान की खाड़ी और अरब सागर से जोड़ता है।
- यह ईरान के दक्षिण-पूर्वी तट और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) तथा ओमान के मुसंडम प्रायद्वीप (Musandam Peninsula) के उत्तरी तट के बीच स्थित है।
- इसकी चौड़ाई लगभग 39 किलोमीटर (21 समुद्री मील) है, जिसमें शिपिंग चैनल केवल 10 किलोमीटर (6.2 मील) चौड़े हैं।
- यह जलडमरूमध्य विश्व के सबसे व्यस्त और सबसे महत्वपूर्ण शिपिंग लेन में से एक है, विशेष रूप से कच्चे तेल और तरलीकृत प्राकृतिक गैस (LNG) के परिवहन के लिए।
- सऊदी अरब, ईरान, UAE, कुवैत और इराक जैसे प्रमुख तेल उत्पादक देशों के लिए यह समुद्र तक पहुँचने का एकमात्र मार्ग है।
- इसकी रणनीतिक स्थिति के कारण, यह क्षेत्र में भू-राजनीतिक तनाव का एक केंद्र बिंदु रहा है, और यहाँ किसी भी तरह की अशांति का वैश्विक ऊर्जा बाजारों पर गहरा प्रभाव पड़ सकता है।
- अंतर्राष्ट्रीय समुद्री कानून के तहत, यह एक अंतर्राष्ट्रीय जलमार्ग है जहाँ सभी जहाजों को ‘निर्दोष मार्ग’ (innocent passage) का अधिकार है, हालांकि ईरान अक्सर इस पर अपनी संप्रभुता का दावा करता रहा है।
मुख्य विशेषताएँ
| विशेषता | महत्व |
|---|---|
| होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) | यह फारस की खाड़ी और ओमान की खाड़ी को जोड़ता है तथा वैश्विक ऊर्जा व्यापार के लिए एक महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग है। |
| वैश्विक तेल और गैस शिपमेंट | संघर्ष से पहले, विश्व के लगभग पाँचवें हिस्से का तेल और गैस शिपमेंट इसी जलडमरूमध्य से होता था, जो इसकी रणनीतिक महत्ता को दर्शाता है। |
| ईरान के आरोप | ईरान पर संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के एक पोत पर मिसाइल हमले का आरोप लगाया गया है, जिससे क्षेत्र में तनाव बढ़ गया है। |
| ईरान की शर्तें | ईरान ने जलमार्ग को फिर से खोलने के लिए अमेरिकी खतरों और सैन्य कार्रवाई को समाप्त करने, नौसैनिक नाकाबंदी हटाने, प्रतिबंध हटाने और युद्ध क्षतिपूर्ति की मांग की है। |
| ओमान की मध्यस्थता | ओमान ईरान और अन्य पक्षों के बीच मध्यस्थता कर रहा है ताकि शिपिंग व्यवस्था पर एक समझौते पर पहुँचा जा सके। |
महत्व
आर्थिक महत्व
- होर्मुज जलडमरूमध्य वैश्विक तेल और गैस आपूर्ति श्रृंखला के लिए एक महत्वपूर्ण choke point है।
- इस मार्ग में किसी भी बाधा से वैश्विक ऊर्जा कीमतों में वृद्धि और आपूर्ति में व्यवधान हो सकता है, जिसका भारत सहित आयात-निर्भर देशों पर सीधा असर पड़ेगा।
- व्यापारिक जहाजों पर हमले से बीमा लागत में वृद्धि होती है और शिपिंग कंपनियों के लिए जोखिम बढ़ता है, जिससे वैश्विक व्यापार प्रभावित होता है।
रणनीतिक महत्व
- यह जलडमरूमध्य मध्य पूर्व में शक्ति संतुलन और भू-राजनीतिक स्थिरता के लिए महत्वपूर्ण है।
- क्षेत्र में सैन्य टकराव से वैश्विक सुरक्षा और अंतर्राष्ट्रीय संबंधों पर गंभीर परिणाम हो सकते हैं।
- भारत की ऊर्जा सुरक्षा इस क्षेत्र की स्थिरता से गहराई से जुड़ी हुई है, क्योंकि भारत अपनी अधिकांश ऊर्जा आवश्यकताओं के लिए मध्य पूर्व पर निर्भर करता है।
अंतर्राष्ट्रीय संबंध
- यह घटना ईरान और UAE के बीच तनाव को बढ़ाती है और क्षेत्र में अन्य देशों के साथ संबंधों को प्रभावित करती है।
- अमेरिका, इज़राइल और ईरान के बीच चल रहे संघर्ष ने इस क्षेत्र को और अधिक अस्थिर कर दिया है।
- ओमान की मध्यस्थता क्षेत्रीय विवादों को हल करने में कूटनीति की भूमिका को दर्शाती है।
चुनौतियाँ
1. क्षेत्रीय अस्थिरता
- होर्मुज जलडमरूमध्य में बार-बार होने वाले हमले क्षेत्रीय सुरक्षा को खतरे में डालते हैं।
- ईरान और अन्य देशों के बीच बढ़ते तनाव से बड़े पैमाने पर संघर्ष का जोखिम है।
यूपीएससी लिंक: अंतर्राष्ट्रीय संबंध, भू-राजनीति
2. वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा
- जलडमरूमध्य में व्यवधान से वैश्विक तेल और गैस आपूर्ति पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है।
- ऊर्जा की कीमतों में अस्थिरता से वैश्विक अर्थव्यवस्था पर दबाव पड़ता है।
यूपीएससी लिंक: अर्थव्यवस्था, ऊर्जा सुरक्षा
3. अंतर्राष्ट्रीय शिपिंग की सुरक्षा
- व्यापारिक जहाजों पर हमले से समुद्री व्यापार के लिए जोखिम बढ़ता है।
- इससे शिपिंग लागत और बीमा प्रीमियम में वृद्धि होती है, जो वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला को प्रभावित करता है।
यूपीएससी लिंक: अंतर्राष्ट्रीय व्यापार, समुद्री सुरक्षा
4. कूटनीतिक गतिरोध
- ईरान द्वारा रखी गई कठोर शर्तें समझौते तक पहुँचने में बाधा डालती हैं।
- विभिन्न पक्षों के बीच विश्वास की कमी समाधान को जटिल बनाती है।
यूपीएससी लिंक: अंतर्राष्ट्रीय संबंध, कूटनीति
चुनौतियाँ — यूपीएससी दृष्टिकोण
| मुद्दा | चिंता |
|---|---|
| होर्मुज जलडमरूमध्य में हमला | वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति और समुद्री व्यापार के लिए गंभीर खतरा। |
| ईरान की शर्तें | अमेरिका से प्रतिबंध हटाने और क्षतिपूर्ति की मांग से कूटनीतिक समाधान जटिल हो रहा है। |
| क्षेत्रीय तनाव | ईरान, UAE, अमेरिका और इज़राइल के बीच बढ़ता तनाव बड़े संघर्ष का कारण बन सकता है। |
| व्यापारिक जहाजों की सुरक्षा | हमलों से अंतर्राष्ट्रीय व्यापार और ऊर्जा परिवहन के लिए जोखिम बढ़ गया है। |
| ओमान की मध्यस्थता की सीमाएँ | समझौते तक पहुँचने में ईरान की कठोर शर्तें एक बड़ी बाधा हैं। |
आगे की राह
- सभी संबंधित पक्षों को संयम बरतना चाहिए और एक-दूसरे के खिलाफ उकसावे वाली कार्रवाइयों से बचना चाहिए।
- ओमान जैसे मध्यस्थ देशों को बातचीत और कूटनीतिक समाधान के लिए अपनी भूमिका जारी रखनी चाहिए।
- अंतर्राष्ट्रीय समुदाय को होर्मुज जलडमरूमध्य में समुद्री सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सहयोग करना चाहिए।
- ईरान और अमेरिका को अपने मतभेदों को दूर करने के लिए रचनात्मक बातचीत में शामिल होना चाहिए, जिसमें प्रतिबंधों और क्षेत्रीय सुरक्षा चिंताओं पर चर्चा शामिल हो।
- संयुक्त राष्ट्र (UN) और अन्य अंतर्राष्ट्रीय संगठनों को इस मुद्दे को हल करने के लिए सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए।
- भारत जैसे प्रमुख ऊर्जा आयातक देशों को अपनी ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए विविध आपूर्ति मार्गों और स्रोतों की खोज करनी चाहिए।
- क्षेत्रीय सुरक्षा ढांचा विकसित करने के लिए सभी क्षेत्रीय हितधारकों को शामिल किया जाना चाहिए ताकि दीर्घकालिक स्थिरता सुनिश्चित की जा सके।
यूपीएससी मूल्य-संवर्धन
मुख्य परीक्षा उत्तर-लेखन हेतु कीवर्ड
होर्मुज जलडमरूमध्य · भू-रणनीतिक महत्व · वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा · अंतर्राष्ट्रीय समुद्री कानून · संयुक्त राष्ट्र समुद्री कानून संधि (UNCLOS) · ईरान-अमेरिका संबंध · क्षेत्रीय स्थिरता · ऊर्जा व्यापार · मध्य पूर्व भू-राजनीति · समुद्री व्यापार मार्ग
अवधारणा प्रवाह
होर्मुज जलडमरूमध्य में UAE के पोत पर मिसाइल हमला → क्षेत्रीय तनाव में वृद्धि और वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा के लिए खतरा → ईरान द्वारा जलमार्ग को फिर से खोलने के लिए शर्तें रखना (प्रतिबंध हटाना, क्षतिपूर्ति) → ओमान द्वारा ईरान और अन्य पक्षों के बीच मध्यस्थता का प्रयास → कूटनीतिक गतिरोध और अंतर्राष्ट्रीय शिपिंग पर अनिश्चितता
प्रारंभिक अभ्यास प्रश्न
Q1. निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. होर्मुज जलडमरूमध्य फारस की खाड़ी को ओमान की खाड़ी और अरब सागर से जोड़ता है।
2. यह जलडमरूमध्य ईरान और ओमान के बीच स्थित है।
3. विश्व के एक-पांचवें हिस्से से अधिक तेल और गैस का शिपमेंट इस जलडमरूमध्य से होकर गुजरता है।
उपर्युक्त कथनों में से कितने सही हैं?
- केवल एक
- केवल दो
- सभी तीन
- कोई नहीं
उत्तर: सभी तीन — कथन 1 सही है क्योंकि होर्मुज जलडमरूमध्य फारस की खाड़ी को ओमान की खाड़ी और अरब सागर से जोड़ता है, जो इसे एक महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग बनाता है। कथन 2 भी सही है क्योंकि यह जलडमरूमध्य ईरान और ओमान के मुसंडम प्रायद्वीप के बीच स्थित है। कथन 3 भी सही है क्योंकि यह वैश्विक ऊर्जा व्यापार के लिए एक महत्वपूर्ण चोकपॉइंट है, जिससे विश्व के एक-पांचवें हिस्से से अधिक तेल और गैस का शिपमेंट होता है।
Q2. अभिकथन (A): होर्मुज जलडमरूमध्य वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा के लिए अत्यधिक महत्वपूर्ण है।
कारण (R): यह जलडमरूमध्य विश्व के सबसे बड़े तेल उत्पादक देशों को अंतर्राष्ट्रीय बाजारों से जोड़ता है।
नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए:
- A और R दोनों सही हैं और R, A की सही व्याख्या है।
- A और R दोनों सही हैं, लेकिन R, A की सही व्याख्या नहीं है।
- A सही है, लेकिन R गलत है।
- A गलत है, लेकिन R सही है।
उत्तर: A और R दोनों सही हैं और R, A की सही व्याख्या है। — अभिकथन (A) सही है क्योंकि होर्मुज जलडमरूमध्य वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण है। कारण (R) भी सही है क्योंकि यह जलडमरूमध्य मध्य पूर्व के प्रमुख तेल उत्पादक देशों (जैसे सऊदी अरब, ईरान, UAE, कुवैत, इराक) को वैश्विक बाजारों से जोड़ता है। इस प्रकार, R, A की सही व्याख्या भी है।
मुख्य अभ्यास प्रश्न
✍ होर्मुज जलडमरूमध्य के भू-रणनीतिक महत्व का विश्लेषण कीजिए और इस क्षेत्र में हालिया घटनाएँ वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा को कैसे प्रभावित कर सकती हैं, इसकी चर्चा कीजिए। (15 Marks)
रूपरेखा: मॉडल-उत्तर संरचना:
1. **परिचय:** होर्मुज जलडमरूमध्य का संक्षिप्त परिचय, इसकी भौगोलिक स्थिति और वैश्विक व्यापार में इसकी भूमिका।
2. **भू-रणनीतिक महत्व:**
* **वैश्विक ऊर्जा धमनी:** विश्व के तेल और गैस शिपमेंट का लगभग एक-पांचवां हिस्सा।
* **प्रमुख तेल उत्पादक देशों का प्रवेश द्वार:** सऊदी अरब, ईरान, UAE, कुवैत, इराक जैसे देशों के लिए महत्वपूर्ण।
* **अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मार्ग:** एशिया, यूरोप और अफ्रीका के बीच समुद्री व्यापार के लिए महत्वपूर्ण।
* **सैन्य और नौसैनिक महत्व:** क्षेत्रीय शक्ति संतुलन और अंतर्राष्ट्रीय नौसेनाओं की उपस्थिति।
* **चोकपॉइंट:** किसी भी अवरोध से वैश्विक अर्थव्यवस्था पर गंभीर प्रभाव।
3. **हालिया घटनाओं का प्रभाव:**
* **ईरान-UAE तनाव:** UAE के पोत पर कथित मिसाइल हमला, समुद्री सुरक्षा पर खतरा।
* **ईरान की मांगें:** अमेरिकी प्रतिबंधों को हटाना, ईरानी बंदरगाहों की नाकाबंदी समाप्त करना, युद्ध क्षतिपूर्ति।
* **ओमान की मध्यस्थता:** जलडमरूमध्य को फिर से खोलने के लिए राजनयिक प्रयास।
* **वैश्विक तेल कीमतों पर प्रभाव:** आपूर्ति में व्यवधान की आशंका से कीमतों में अस्थिरता।
* **बीमा लागत में वृद्धि:** शिपिंग कंपनियों के लिए परिचालन लागत में वृद्धि।
* **अंतर्राष्ट्रीय प्रतिक्रिया:** अमेरिका और अन्य देशों की चिंताएँ, क्षेत्रीय स्थिरता पर जोर।
4. **वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा पर निहितार्थ:**
* **आपूर्ति श्रृंखला में व्यवधान:** तेल और गैस की वैश्विक आपूर्ति पर सीधा असर।
* **आर्थिक मंदी का खतरा:** ऊर्जा लागत में वृद्धि से वैश्विक आर्थिक विकास पर नकारात्मक प्रभाव।
* **वैकल्पिक मार्गों की तलाश:** देशों द्वारा ऊर्जा स्रोतों और परिवहन मार्गों में विविधता लाने का प्रयास।
* **भू-राजनीतिक अस्थिरता:** मध्य पूर्व में संघर्ष बढ़ने की संभावना।
5. **निष्कर्ष:** होर्मुज जलडमरूमध्य की स्थिरता के लिए राजनयिक प्रयासों और अंतर्राष्ट्रीय सहयोग के महत्व पर जोर देते हुए, वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए शांतिपूर्ण समाधान की आवश्यकता।
स्रोत: Mint
शैक्षिक उद्देश्य हेतु AanyaAi द्वारा जनित।

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