06 Aug यूक्रेन में बढ़े रूसी हमलों से जुलाई में 1,396 नागरिकों की मौत: संयुक्त राष्ट्र रिपोर्ट
✎ अंतर्राष्ट्रीय मानवीय कानून सशस्त्र संघर्षों के दौरान नागरिकों और गैर-लड़ाकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा युद्ध के मानवीय प्रभावों को सीमित करने का प्रयास करता है, जिसके सिद्धांतों का उल्लंघन युद्ध अपराध माना जाता है।
विषय प्रासंगिकता — यह टॉपिक कहाँ आता है
- GS Paper II — अंतर्राष्ट्रीय संबंध | GS Paper II — शासन व्यवस्था | GS Paper III — आंतरिक सुरक्षा और आपदा प्रबंधन
- Prelims: अंतर्राष्ट्रीय मानवीय कानून (IHL), संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार कार्यालय (OHCHR), शरणार्थी, आंतरिक रूप से विस्थापित व्यक्ति (IDP), युद्ध अपराध, नागरिकों का संरक्षण
- Essay: युद्ध और मानवीय संकट: अंतर्राष्ट्रीय समुदाय की भूमिका, अंतर्राष्ट्रीय कानून और संघर्षों में नागरिकों की सुरक्षा
त्वरित पुनरावृत्ति: अंतर्राष्ट्रीय मानवीय कानून सशस्त्र संघर्षों के दौरान नागरिकों और गैर-लड़ाकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा युद्ध के मानवीय प्रभावों को सीमित करने का प्रयास करता है, जिसके सिद्धांतों का उल्लंघन युद्ध अपराध माना जाता है।
यह खबर चर्चा में क्यों?
संयुक्त राष्ट्र (UN) की हालिया रिपोर्ट के अनुसार, जुलाई का महीना यूक्रेनी नागरिकों के लिए अप्रैल 2022 के बाद सबसे घातक रहा है, क्योंकि रूसी हमलों में तीव्रता आई है। रूसी सेना द्वारा बैलिस्टिक मिसाइलों और लंबी दूरी के ड्रोनों का उपयोग बढ़ गया है, जिससे नागरिक हताहतों की संख्या में वृद्धि हुई है और महत्वपूर्ण नागरिक बुनियादी ढाँचे जैसे घर, स्कूल, सार्वजनिक परिवहन और जल प्रणालियाँ नष्ट हो गई हैं। यह रिपोर्ट अंतर्राष्ट्रीय मानवीय कानून (International Humanitarian Law – IHL) के तहत नागरिकों की सुरक्षा के महत्व को रेखांकित करती है।
पृष्ठभूमि
- संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार कार्यालय (UN Human Rights Office) ने बताया कि मंगलवार को हुए हमलों में कम से कम 17 नागरिक मारे गए और 44 घायल हुए, जिनमें से अधिकांश कीव के आसपास थे।
- संयुक्त राष्ट्र के सहायता समन्वय कार्यालय (OCHA) के अनुसार, जुलाई 2026 यूक्रेनी नागरिकों के लिए अप्रैल 2022 के बाद सबसे घातक महीना रहा है।
- 2026 के पहले छह महीनों में, संयुक्त राष्ट्र के पर्यवेक्षकों ने 1,396 यूक्रेनी नागरिकों के मारे जाने और 7,978 के घायल होने की पुष्टि की है, जो 2024 और 2025 की समान अवधि की तुलना में एक तेज वृद्धि है।
- हमले कीव के अलावा क्रामाटोर्स्क, खेरसॉन और ज़ापोरिज़िया जैसे शहरों में भी हुए, जिससे दर्जनों लोग हताहत हुए और घरों, स्कूलों तथा सार्वजनिक बुनियादी ढाँचे को नुकसान पहुँचा।
- फरवरी में संयुक्त राष्ट्र ने बताया कि लगभग 3.7 मिलियन यूक्रेनी अभी भी आंतरिक रूप से विस्थापित (internally displaced) हैं, जबकि 5.9 मिलियन लोग दुनिया भर में शरणार्थी (refugees) के रूप में रह रहे हैं।
- संयुक्त राष्ट्र मानवीय समन्वयक ने दोहराया कि सभी सैन्य बल, जिनमें रूस और यूक्रेन के भी शामिल हैं, अंतर्राष्ट्रीय कानून द्वारा नागरिकों की सुरक्षा के लिए सभी आवश्यक सावधानियां बरतने के लिए बाध्य हैं।
अंतर्राष्ट्रीय मानवीय कानून (IHL) क्या है?
- अंतर्राष्ट्रीय मानवीय कानून (IHL) नियमों का एक समूह है जो सशस्त्र संघर्षों के प्रभावों को सीमित करना चाहता है। यह मानवीय कारणों से युद्ध के तरीकों और साधनों को प्रतिबंधित करता है।
- इसे ‘युद्ध कानून’ या ‘सशस्त्र संघर्ष कानून’ के रूप में भी जाना जाता है। इसका मुख्य उद्देश्य उन लोगों की रक्षा करना है जो संघर्ष में भाग नहीं ले रहे हैं (नागरिक, चिकित्सा कर्मी, सहायता कर्मी) और उन लोगों की भी जो अब भाग नहीं ले रहे हैं (घायल, बीमार, जहाज़ पर फंसे सैनिक और युद्धबंदी)।
- IHL के मुख्य सिद्धांतों में ‘भेदभाव का सिद्धांत’ (Principle of Distinction) शामिल है, जिसके तहत लड़ाकों और गैर-लड़ाकों (नागरिकों) के बीच तथा सैन्य उद्देश्यों और नागरिक वस्तुओं के बीच हमेशा अंतर किया जाना चाहिए। नागरिकों और नागरिक वस्तुओं पर हमला करना निषिद्ध है।
- ‘आनुपातिकता का सिद्धांत’ (Principle of Proportionality) कहता है कि सैन्य लाभ के संबंध में नागरिक जीवन या संपत्ति को होने वाला आकस्मिक नुकसान अत्यधिक नहीं होना चाहिए।
- यह कानून जिनेवा अभिसमयों (Geneva Conventions) और हेग अभिसमयों (Hague Conventions) जैसे विभिन्न संधियों और प्रथागत अंतर्राष्ट्रीय कानून के माध्यम से विकसित हुआ है।
- IHL के तहत, बच्चों, महिलाओं और चिकित्सा सुविधाओं जैसे विशेष रूप से कमजोर समूहों को अतिरिक्त सुरक्षा प्रदान की जाती है।
- युद्ध अपराध (War Crimes) IHL के गंभीर उल्लंघन हैं, जिनके लिए व्यक्तियों को अंतर्राष्ट्रीय आपराधिक न्यायालय (International Criminal Court – ICC) जैसे निकायों द्वारा जवाबदेह ठहराया जा सकता है।
- संयुक्त राष्ट्र की विभिन्न एजेंसियां, जैसे UNHCR, IOM और UNICEF, संघर्ष क्षेत्रों में मानवीय सहायता प्रदान करने और IHL के सिद्धांतों को बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
मुख्य विशेषताएँ
| Feature | Significance |
|---|---|
| नागरिक हताहतों में वृद्धि | जुलाई 2026 में अप्रैल 2022 के बाद से यूक्रेनी नागरिकों के लिए सबसे घातक महीना रहा, जो संघर्ष के बढ़ने का संकेत है। |
| लंबी दूरी के हमलों में वृद्धि | रूसी सेना द्वारा बैलिस्टिक मिसाइलों और लंबी दूरी के ड्रोनों का बढ़ता उपयोग नागरिक हताहतों और बुनियादी ढांचे के विनाश का प्रमुख कारण है। |
| बुनियादी ढांचे का विनाश | हमलों ने घरों, स्कूलों, सार्वजनिक परिवहन, जल प्रणालियों और मानवीय गोदामों को नष्ट कर दिया है, जिससे मानवीय संकट गहरा गया है। |
| आंतरिक विस्थापन और शरणार्थी | 3.7 मिलियन यूक्रेनी आंतरिक रूप से विस्थापित हैं और 5.9 मिलियन शरणार्थी के रूप में विदेशों में रह रहे हैं, जिससे बड़े पैमाने पर मानवीय आवश्यकताएं उत्पन्न हुई हैं। |
| मानवीय सहायता की आवश्यकता | 12.7 मिलियन यूक्रेनियन को मानवीय सहायता की आवश्यकता है, जिसमें संयुक्त राष्ट्र एजेंसियां (UN agencies) आपातकालीन आश्रय, नकदी सहायता और अन्य आवश्यक सेवाएं प्रदान कर रही हैं। |
| अंतर्राष्ट्रीय कानून का उल्लंघन | नागरिकों और नागरिक बुनियादी ढांचे पर हमले अंतर्राष्ट्रीय मानवीय कानून (International Humanitarian Law) का स्पष्ट उल्लंघन हैं, जिसके लिए सभी पक्षों को जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए। |
महत्व
भू-राजनीतिक प्रभाव
- यूक्रेन में संघर्ष का बढ़ना वैश्विक स्थिरता और सुरक्षा के लिए खतरा है, जिससे अंतर्राष्ट्रीय संबंधों में तनाव बढ़ रहा है।
- यह संघर्ष संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UN Security Council) की प्रभावशीलता और अंतर्राष्ट्रीय कानून के पालन पर सवाल उठाता है।
मानवीय संकट
- नागरिकों की मौत, विस्थापन और बुनियादी ढांचे का विनाश एक गंभीर मानवीय संकट पैदा कर रहा है, जिसके लिए बड़े पैमाने पर अंतर्राष्ट्रीय सहायता की आवश्यकता है।
- बच्चों पर हमलों का विशेष प्रभाव पड़ता है, जिससे उनके शारीरिक और मनोवैज्ञानिक स्वास्थ्य पर दीर्घकालिक परिणाम होते हैं।
अंतर्राष्ट्रीय कानून और मानवाधिकार
- नागरिकों और नागरिक बुनियादी ढांचे पर हमले अंतर्राष्ट्रीय मानवीय कानून और मानवाधिकारों का उल्लंघन करते हैं, जो युद्ध अपराधों की श्रेणी में आ सकते हैं।
- यह स्थिति अंतर्राष्ट्रीय आपराधिक न्यायालय (International Criminal Court) और अन्य मानवाधिकार निकायों की भूमिका को महत्वपूर्ण बनाती है।
आर्थिक प्रभाव
- संघर्ष से वैश्विक खाद्य और ऊर्जा बाजारों पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है, जिससे मुद्रास्फीति (Inflation) और आर्थिक अस्थिरता बढ़ सकती है।
- यूक्रेन के पुनर्निर्माण के लिए भारी निवेश की आवश्यकता होगी, जो वैश्विक अर्थव्यवस्था पर अतिरिक्त बोझ डालेगा।
चुनौतियाँ
1. नागरिकों की सुरक्षा
- संघर्ष क्षेत्रों में नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना एक बड़ी चुनौती है, खासकर जब लंबी दूरी के हथियारों का उपयोग बढ़ रहा हो।
- अंतर्राष्ट्रीय मानवीय कानून के उल्लंघन को रोकना और दोषियों को जवाबदेह ठहराना मुश्किल है।
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2. मानवीय सहायता का वितरण
- संघर्षग्रस्त क्षेत्रों में मानवीय सहायता पहुंचाना, विशेषकर जब बुनियादी ढांचा नष्ट हो गया हो, एक जटिल और खतरनाक कार्य है।
- सहायता कर्मियों की सुरक्षा और सहायता की निरंतर पहुंच सुनिश्चित करना महत्वपूर्ण है।
यूपीएससी लिंक: आपदा प्रबंधन, अंतर्राष्ट्रीय संगठन
3. विस्थापन और पुनर्वास
- लाखों आंतरिक रूप से विस्थापित व्यक्तियों और शरणार्थियों के लिए स्थायी समाधान खोजना, जिसमें आश्रय, भोजन, शिक्षा और आजीविका शामिल है, एक बड़ी चुनौती है।
- युद्ध के बाद उनके पुनर्वास और जीवन के पुनर्निर्माण में लंबा समय लगेगा।
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4. अंतर्राष्ट्रीय कानून का प्रवर्तन
- अंतर्राष्ट्रीय कानून के उल्लंघन के लिए जिम्मेदार पक्षों को जवाबदेह ठहराना और भविष्य में ऐसे उल्लंघनों को रोकना एक चुनौती है, खासकर जब शक्तिशाली राष्ट्र शामिल हों।
- संयुक्त राष्ट्र और अन्य अंतर्राष्ट्रीय निकायों की सीमित प्रवर्तन शक्तियां इस समस्या को बढ़ाती हैं।
यूपीएससी लिंक: अंतर्राष्ट्रीय कानून, संयुक्त राष्ट्र
5. संघर्ष का समाधान
- संघर्ष को समाप्त करने और एक स्थायी शांति स्थापित करने के लिए राजनयिक प्रयासों को मजबूत करना एक जटिल कार्य है, जिसमें कई हितधारक शामिल हैं।
- दोनों पक्षों के बीच विश्वास की कमी और शत्रुता का स्तर समाधान को और कठिन बनाता है।
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चुनौतियाँ — यूपीएससी दृष्टिकोण
| Issue | Concern |
|---|---|
| नागरिक हताहतों में वृद्धि | अंतर्राष्ट्रीय मानवीय कानून का उल्लंघन और युद्ध अपराधों की संभावना। |
| बुनियादी ढांचे का विनाश | जीवन-रक्षक सेवाओं तक पहुंच में बाधा और दीर्घकालिक मानवीय संकट। |
| बड़ा विस्थापन संकट | लाखों लोगों के लिए आश्रय, भोजन और सुरक्षा की तत्काल आवश्यकता। |
| मानवीय सहायता की पहुंच | संघर्ष और नष्ट हुए बुनियादी ढांचे के कारण सहायता वितरण में बाधाएं। |
| बच्चों पर प्रभाव | बच्चों की मौत, चोटें और मनोवैज्ञानिक आघात, उनके भविष्य को प्रभावित करना। |
| अंतर्राष्ट्रीय कानून का उल्लंघन | वैश्विक मानदंडों और जवाबदेही तंत्रों की प्रभावशीलता पर सवाल। |
आगे की राह
- संघर्षरत पक्षों से अंतर्राष्ट्रीय मानवीय कानून का पालन करने और नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने का आग्रह किया जाना चाहिए।
- संयुक्त राष्ट्र और अन्य अंतर्राष्ट्रीय संगठनों को मानवीय सहायता की पहुंच बढ़ाने और प्रभावित आबादी को आवश्यक सेवाएं प्रदान करने के लिए सशक्त किया जाना चाहिए।
- युद्ध अपराधों और अंतर्राष्ट्रीय कानून के अन्य उल्लंघनों की स्वतंत्र जांच की जानी चाहिए और दोषियों को जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए।
- संघर्ष के राजनयिक समाधान के लिए अंतर्राष्ट्रीय समुदाय द्वारा निरंतर और मजबूत प्रयास किए जाने चाहिए।
- विस्थापित व्यक्तियों और शरणार्थियों के लिए स्थायी समाधान खोजने पर ध्यान केंद्रित किया जाना चाहिए, जिसमें पुनर्वास और पुनर्निर्माण सहायता शामिल है।
- बच्चों की सुरक्षा और उनके अधिकारों की रक्षा के लिए विशेष उपाय किए जाने चाहिए, जिसमें शिक्षा और मनोवैज्ञानिक सहायता शामिल है।
- संघर्ष के दीर्घकालिक प्रभावों को कम करने के लिए पुनर्निर्माण और विकास सहायता के लिए एक व्यापक योजना विकसित की जानी चाहिए।
यूपीएससी मूल्य-संवर्धन
मुख्य परीक्षा उत्तर-लेखन हेतु कीवर्ड
अंतर्राष्ट्रीय मानवीय कानून · युद्ध अपराध · नागरिकों की सुरक्षा · संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार कार्यालय · आंतरिक रूप से विस्थापित व्यक्ति · शरणार्थी संकट · मानवीय सहायता · संघर्ष के क्षेत्र में बच्चे · दीर्घकालिक संघर्ष के प्रभाव · संयुक्त राष्ट्र एजेंसियां
अवधारणा प्रवाह
रूसी हमलों की तीव्रता में वृद्धि → लंबी दूरी के हथियारों का बढ़ता उपयोग → नागरिक हताहतों और बुनियादी ढांचे का विनाश → मानवीय संकट का गहराना (विस्थापन, सहायता की आवश्यकता) → अंतर्राष्ट्रीय मानवीय कानून का उल्लंघन → वैश्विक भू-राजनीतिक अस्थिरता और मानवाधिकारों पर चिंता
प्रारंभिक अभ्यास प्रश्न
Q1. निम्नलिखित कथनों पर विचार करें: 1. अंतर्राष्ट्रीय मानवीय कानून सशस्त्र संघर्ष के दौरान नागरिकों और गैर-लड़ाकों की सुरक्षा के लिए नियम निर्धारित करता है। 2. युद्ध अपराधों में नागरिकों पर जानबूझकर हमला करना और नागरिक बुनियादी ढांचे को नष्ट करना शामिल है। 3. संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी एजेंसी (UNHCR) आंतरिक रूप से विस्थापित व्यक्तियों (IDPs) को सहायता प्रदान करती है। उपर्युक्त में से कितने कथन सही हैं?
- केवल एक
- केवल दो
- सभी तीन
- कोई नहीं
उत्तर: सभी तीन — कथन 1 सही है। अंतर्राष्ट्रीय मानवीय कानून (International Humanitarian Law) सशस्त्र संघर्ष के दौरान मानवीय व्यवहार के सिद्धांतों को नियंत्रित करता है, जिसमें नागरिकों की सुरक्षा भी शामिल है। कथन 2 भी सही है। युद्ध अपराध (War Crimes) अंतर्राष्ट्रीय मानवीय कानून का उल्लंघन हैं, जिनमें नागरिकों और नागरिक वस्तुओं को लक्षित करना शामिल है। कथन 3 भी सही है। UNHCR शरणार्थियों के साथ-साथ आंतरिक रूप से विस्थापित व्यक्तियों (Internally Displaced Persons) को भी सहायता प्रदान करता है।
Q2. अभिकथन (A): यूक्रेन में नागरिक हताहतों की संख्या में वृद्धि हुई है क्योंकि रूसी हमलों में तीव्रता आई है। कारण (R): अंतर्राष्ट्रीय मानवीय कानून सभी सैन्य बलों को नागरिकों की सुरक्षा के लिए आवश्यक सावधानी बरतने के लिए बाध्य करता है।
- A और R दोनों सही हैं, और R, A की सही व्याख्या है।
- A और R दोनों सही हैं, लेकिन R, A की सही व्याख्या नहीं है।
- A सही है, लेकिन R गलत है।
- A गलत है, लेकिन R सही है।
उत्तर: A और R दोनों सही हैं, लेकिन R, A की सही व्याख्या नहीं है। — अभिकथन (A) सही है क्योंकि समाचार रिपोर्ट में यूक्रेन में नागरिक हताहतों की संख्या में वृद्धि का उल्लेख है। कारण (R) भी सही है क्योंकि अंतर्राष्ट्रीय मानवीय कानून (International Humanitarian Law) वास्तव में सभी सैन्य बलों को नागरिकों की सुरक्षा के लिए बाध्य करता है। कारण (R) अभिकथन (A) की सही व्याख्या है क्योंकि नागरिक हताहतों की संख्या में वृद्धि अंतर्राष्ट्रीय मानवीय कानून के उल्लंघन का संकेत देती है, जो नागरिकों की सुरक्षा के लिए आवश्यक सावधानी बरतने की आवश्यकता पर बल देता है।
मुख्य अभ्यास प्रश्न
✍ सशस्त्र संघर्षों में नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में अंतर्राष्ट्रीय मानवीय कानून की भूमिका का आलोचनात्मक परीक्षण करें। यूक्रेन संघर्ष के संदर्भ में, उन चुनौतियों पर भी चर्चा करें जो इस कानून के प्रभावी कार्यान्वयन में बाधा डालती हैं। (15 Marks)
रूपरेखा: मॉडल-उत्तर कंकाल: परिचय में अंतर्राष्ट्रीय मानवीय कानून (International Humanitarian Law – IHL) की परिभाषा और उसके मूल सिद्धांतों (मानवता, सैन्य आवश्यकता, भेदभाव, आनुपातिकता) का उल्लेख करें। IHL की भूमिका में जेनेवा कन्वेंशन (Geneva Conventions) और उसके अतिरिक्त प्रोटोकॉल, नागरिकों, चिकित्सा कर्मियों, सांस्कृतिक संपत्ति और नागरिक बुनियादी ढांचे की सुरक्षा, युद्ध अपराधों की रोकथाम और जवाबदेही तंत्र (जैसे अंतर्राष्ट्रीय आपराधिक न्यायालय – ICC) का विस्तृत वर्णन करें। यूक्रेन संघर्ष के संदर्भ में चुनौतियों में नागरिकों पर जानबूझकर हमले, नागरिक बुनियादी ढांचे का विनाश, विस्थापन संकट (आंतरिक रूप से विस्थापित व्यक्ति और शरणार्थी), बच्चों पर प्रभाव, जवाबदेही की कमी, और अंतर्राष्ट्रीय समुदाय की सीमित हस्तक्षेप क्षमता शामिल करें। निष्कर्ष में IHL के महत्व को दोहराते हुए इसके प्रभावी कार्यान्वयन के लिए बहुपक्षीय प्रयासों और राजनीतिक इच्छाशक्ति की आवश्यकता पर बल दें।
स्रोत: news.un.org
शैक्षिक उद्देश्य हेतु AanyaAi द्वारा जनित।

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