07 Aug लोकसभा ने एमएसएमई बिल पारित किया: भुगतान विलंब और विवाद निपटारे में तेजी

✎ MSME विधेयक से भुगतान विलंब और विवादों के निपटारे में तेजी आएगी, जिससे MSME क्षेत्र को मजबूती मिलेगी।
प्रासंगिकता — UPSC & State PCS: Polity
**लोकसभा द्वारा पारित एमएसएमई विधेयक: भुगतान विलंब और विवादों के निपटारे में तेजी**
हाल ही में लोकसभा ने सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम विकास (एमएसएमई) विधेयक, 2024 पारित कर दिया है, जो देश के एमएसएमई क्षेत्र में क्रांतिकारी बदलाव लाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। यह विधेयक मुख्य रूप से एमएसएमई इकाइयों को समय पर भुगतान सुनिश्चित करने और उनके बीच उत्पन्न होने वाले विवादों के त्वरित निपटारे के लिए एक सुदृढ़ कानूनी ढांचा प्रदान करता है। विधेयक में प्रस्तावित प्रावधानों के अनुसार, बड़े उद्यमों को अपनी खरीद का 45 दिन के भीतर भुगतान करना अनिवार्य होगा, जबकि सरकारी विभागों के लिए यह अवधि 15 दिन रखी गई है। इससे एमएसएमई क्षेत्र की तरलता बढ़ेगी और उनके संचालन में आने वाली वित्तीय कठिनाइयों को दूर किया जा सकेगा। इसके अतिरिक्त, विवादों के शीघ्र निपटारे के लिए विशेष न्यायाधिकरणों की स्थापना का प्रस्ताव भी किया गया है, जिससे न्यायिक प्रक्रिया में लगने वाले समय में कमी आएगी।
इस विधेयक का राजनीतिक अर्थव्यवस्था और नीति निर्माण के दृष्टिकोण से भी विशेष महत्व है। एमएसएमई क्षेत्र भारत की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है, जो देश के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में लगभग 30 प्रतिशत का योगदान देता है और लगभग 11 करोड़ लोगों को रोजगार प्रदान करता है। ऐसे में, इस क्षेत्र के विकास को प्रोत्साहित करना न केवल आर्थिक स्थिरता के लिए आवश्यक है, बल्कि सामाजिक न्याय और समावेशी विकास के लक्ष्यों को भी साकार करने में सहायक होगा। विधेयक में प्रस्तावित कठोर दंडात्मक प्रावधान बड़े उद्यमों को समय पर भुगतान करने के लिए बाध्य करेंगे, जिससे एमएसएमई क्षेत्र की वित्तीय सुरक्षा सुनिश्चित होगी। यह कदम ‘मेक इन इंडिया’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ जैसे सरकारी अभियानों को भी बल प्रदान करेगा, क्योंकि एमएसएमई क्षेत्र ही देश के औद्योगिक विकास का आधार है।
यूपीएससी और राज्य पी
स्रोत: ndtv.com
अभ्यास प्रश्न
Q1. लोकसभा द्वारा पारित एमएसएमई बिल का मुख्य उद्देश्य क्या है?
- एमएसएमई क्षेत्र में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश को बढ़ावा देना
- एमएसएमई क्षेत्र में भुगतान में देरी को रोकना और विवादों का तेजी से निपटारा करना
- एमएसएमई क्षेत्र में कर छूट प्रदान करना
- एमएसएमई क्षेत्र में कर्मचारियों के लिए न्यूनतम वेतन निर्धारित करना
उत्तर
एमएसएमई क्षेत्र में भुगतान में देरी को रोकना और विवादों का तेजी से निपटारा करना — एमएसएमई बिल का मुख्य उद्देश्य सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (MSME) को भुगतान में होने वाली देरी को रोकना और उनके विवादों का तेजी से निपटारा करना है।
Q2. एमएसएमई बिल के तहत विवादों के निपटारे के लिए कौन सी व्यवस्था प्रस्तावित है?
- न्यायालय के माध्यम से विवादों का निपटारा
- मध्यस्थता और सुलह तंत्र के माध्यम से विवादों का तेजी से निपटारा
- राज्य सरकारों द्वारा विवादों का निपटारा
- उद्योग संगठनों द्वारा विवादों का निपटारा
उत्तर
मध्यस्थता और सुलह तंत्र के माध्यम से विवादों का तेजी से निपटारा — एमएसएमई बिल में विवादों के तेजी से निपटारे के लिए मध्यस्थता और सुलह तंत्र की व्यवस्था प्रस्तावित है।
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