वाराणसी में शुरू होगा 9वां राष्ट्रीय पोषण माह 2026: जानिए थीम, उद्देश्य और प्रमुख बदलाव

केंद्रीय मंत्री श्रीमती अन्नपूर्णा देवी 9 सितंबर को वाराणसी में 9वें राष्ट्रीय पोषण माह 2026 का शुभारंभ करेंगी — labelled illustration

वाराणसी में शुरू होगा 9वां राष्ट्रीय पोषण माह 2026: जानिए थीम, उद्देश्य और प्रमुख बदलाव

✎ राष्ट्रीय पोषण माह 2026 'हमारी आंगनवाड़ी, हमारी जिम्मेदारी' थीम के तहत पोषण अभियान को आगे बढ़ा रहा है, जिसमें संशोधित पूरक पोषण कार्यक्रम दिशानिर्देशों और प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के 10 वर्ष पूरे होने पर जोर दिया गया है…

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विषय प्रासंगिकता — यह टॉपिक कहाँ आता है

  • GS Paper II — सामाजिक न्याय: स्वास्थ्य, शिक्षा और मानव संसाधन से संबंधित सामाजिक क्षेत्र/सेवाओं के विकास और प्रबंधन से संबंधित विषय।  |  GS Paper II — केंद्र एवं राज्यों द्वारा जनसंख्या के संवेदनशील वर्गों के लिए कल्याणकारी योजनाएँ और इन योजनाओं का कार्य-निष्पादन; इन संवेदनशील वर्गों की सुरक्षा एवं बेहतरी के लिए गठित तंत्र, विधि, संस्थान एवं निकाय।
  • Prelims: राष्ट्रीय पोषण माह, पोषण अभियान, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना, सक्षम आंगनवाड़ी और पोषण 2.0, आंगनवाड़ी प्रबंधन समितियाँ, पूरक पोषण कार्यक्रम (SNP)
  • Essay: विकसित भारत 2047 के निर्माण में पोषण की भूमिका।, सामुदायिक भागीदारी के माध्यम से सामाजिक कल्याण कार्यक्रमों का सशक्तिकरण।

त्वरित पुनरावृत्ति: राष्ट्रीय पोषण माह 2026 ‘हमारी आंगनवाड़ी, हमारी जिम्मेदारी’ थीम के तहत पोषण अभियान को आगे बढ़ा रहा है, जिसमें संशोधित पूरक पोषण कार्यक्रम दिशानिर्देशों और प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के 10 वर्ष पूरे होने पर जोर दिया गया है, ताकि सुपोषित भारत के लक्ष्य को प्राप्त किया जा सके।

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यह खबर चर्चा में क्यों?

केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्रालय 9 सितंबर, 2026 को उत्तर प्रदेश के वाराणसी में 9वें राष्ट्रीय पोषण माह 2026 का शुभारंभ करेगा। यह एक महीने तक चलने वाला अभियान है जिसका उद्देश्य ‘हमारी आंगनवाड़ी, हमारी जिम्मेदारी’ थीम के तहत पोषण, स्वास्थ्य और प्रारंभिक बाल्यावस्था विकास को बढ़ावा देना है। इस वर्ष का अभियान संशोधित पूरक पोषण कार्यक्रम (SNP) दिशानिर्देशों और प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना (PMMVY) के दस वर्ष पूरे होने के साथ गति प्राप्त करेगा, जो सुपोषित भारत के लक्ष्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

पृष्ठभूमि

  • प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के विजन से प्रेरित होकर, 2018 में पोषण अभियान (POSHAN Abhiyaan) शुरू किया गया था, जिसका उद्देश्य पोषण को राष्ट्रीय विकास एजेंडा के केंद्र में लाना था।
  • राष्ट्रीय पोषण माह हर साल सितंबर में मनाया जाता है और यह एक जन आंदोलन बन चुका है जो समुदायों को महिलाओं, बच्चों और किशोरों में पोषण, स्वास्थ्य और देखभाल संबंधी व्यवहारों को मजबूत करने के लिए प्रेरित करता है।
  • इस वर्ष का अभियान ‘मिशन सक्षम आंगनवाड़ी और पोषण 2.0’ के तहत संशोधित पूरक पोषण कार्यक्रम (SNP) दिशानिर्देशों से गति प्राप्त करेगा, जिसमें पहली बार गर्म पका हुआ भोजन (Hot Cooked Meal) परिभाषित किया गया है और SNP मेनू बोर्ड अनिवार्य किए गए हैं।
  • इन दिशानिर्देशों में आंगनवाड़ी प्रबंधन समितियों (Anganwadi Management Committees – AMC) की स्थापना के लिए भी प्रावधान हैं, जो सामुदायिक स्वामित्व और जवाबदेही सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।
  • पोषण माह 2026 प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के दस वर्ष पूरे होने का भी जश्न मनाएगा, जो मातृ पोषण और स्वास्थ्य संबंधी व्यवहार को बढ़ावा देने वाला एक प्रमुख मातृत्व लाभ कार्यक्रम है।
  • यह अभियान वर्ष 2047 तक सुपोषित भारत को विकसित भारत की नींव बनाने के प्रधानमंत्री के विजन को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

राष्ट्रीय पोषण माह और संबंधित पहलें

  • राष्ट्रीय पोषण माह: यह महिला एवं बाल विकास मंत्रालय द्वारा प्रतिवर्ष सितंबर माह में आयोजित एक राष्ट्रव्यापी अभियान है, जिसका उद्देश्य जन आंदोलन के माध्यम से पोषण संबंधी जागरूकता और व्यवहार परिवर्तन को बढ़ावा देना है।
  • पोषण अभियान (POSHAN Abhiyaan): 2018 में शुरू किया गया यह अभियान कुपोषण की समस्या से निपटने के लिए एक बहु-मंत्रालयी अभिसरण मिशन है, जिसका लक्ष्य बच्चों, किशोरियों, गर्भवती महिलाओं और स्तनपान कराने वाली माताओं के पोषण स्तर में सुधार करना है।
  • मिशन सक्षम आंगनवाड़ी और पोषण 2.0: यह एक एकीकृत पोषण सहायता कार्यक्रम है जो पोषण अभियान, पूरक पोषण कार्यक्रम (SNP) और किशोरियों के लिए योजना को एकीकृत करता है, जिसका उद्देश्य कुपोषण को संबोधित करना और स्वास्थ्य एवं कल्याण को बढ़ावा देना है।
  • पूरक पोषण कार्यक्रम (SNP): यह कार्यक्रम आंगनवाड़ी केंद्रों के माध्यम से 6 माह से 6 वर्ष तक के बच्चों, गर्भवती महिलाओं और स्तनपान कराने वाली माताओं को पूरक पोषण प्रदान करता है। संशोधित दिशानिर्देशों में गर्म पका हुआ भोजन और SNP मेनू बोर्ड अनिवार्य किए गए हैं।
  • आंगनवाड़ी प्रबंधन समितियाँ (AMC): ये समितियाँ आंगनवाड़ी केंद्रों के प्रबंधन और सेवाओं के वितरण में पारदर्शिता, जवाबदेही और सामुदायिक भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए स्थापित की जा रही हैं।
  • प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना (PMMVY): यह केंद्र प्रायोजित योजना गर्भवती महिलाओं और स्तनपान कराने वाली माताओं को पहले जीवित बच्चे के जन्म के लिए तीन किस्तों में ₹5,000 की नकद प्रोत्साहन राशि प्रदान करती है, ताकि मजदूरी के नुकसान की आंशिक भरपाई हो सके और बेहतर स्वास्थ्य व्यवहार को बढ़ावा मिल सके।

मुख्य विशेषताएँ

विशेषता महत्व
थीम: हमारी आंगनवाड़ी हमारी जिम्मेदारी सामुदायिक भागीदारी और आंगनवाड़ी केंद्रों के प्रति जवाबदेही को बढ़ावा देना।
संशोधित पूरक पोषण कार्यक्रम (SNP) दिशानिर्देश गर्म पका हुआ भोजन (Hot Cooked Meal) और SNP मेनू बोर्ड को परिभाषित व अनिवार्य करना, पोषण सेवाओं में गुणवत्ता और पारदर्शिता सुनिश्चित करना।
आंगनवाड़ी प्रबंधन समितियों (AMC) का गठन सामुदायिक स्वामित्व और जवाबदेही को बढ़ाना, स्थानीय स्तर पर पोषण कार्यक्रमों का बेहतर प्रबंधन।
आहार विविधता और पर्याप्त प्रोटीन पर ध्यान स्वस्थ व्यंजनों, पोषण मेलों और प्रोटीन युक्त खाद्य पदार्थों के माध्यम से संतुलित आहार को बढ़ावा देना।
प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना (PMMVY) के 10 वर्ष मातृ पोषण और स्वास्थ्य संबंधी व्यवहारों को बढ़ावा देने में योजना की सफलता का उत्सव मनाना।

महत्व

सामाजिक महत्व

  • राष्ट्रीय पोषण माह (Poshan Maah) के माध्यम से कुपोषण (Malnutrition) के प्रति जन जागरूकता बढ़ाना और इसे एक जन आंदोलन बनाना।
  • आंगनवाड़ी केंद्रों को पोषण, स्वास्थ्य और प्रारंभिक बाल्यावस्था विकास (Early Childhood Development) के केंद्र के रूप में मजबूत करना।
  • मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य में सुधार करके समाज के सबसे कमजोर वर्गों को लाभ पहुंचाना।

शासन और नीतिगत महत्व

  • मिशन सक्षम आंगनवाड़ी और पोषण 2.0 (Mission Saksham Anganwadi and Poshan 2.0) के तहत पोषण कार्यक्रमों को सुदृढ़ करना।
  • संशोधित दिशानिर्देशों के माध्यम से पूरक पोषण कार्यक्रम (Supplementary Nutrition Programme) की गुणवत्ता और वितरण में सुधार करना।
  • सामुदायिक स्वामित्व और जवाबदेही को बढ़ावा देकर सरकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को सुनिश्चित करना।

दीर्घकालिक विकास महत्व

  • सुपोषित भारत (Well-nourished India) की परिकल्पना को साकार करना, जो विकसित भारत 2047 (Developed India 2047) की नींव है।
  • बच्चों के समग्र विकास और भविष्य की मानव पूंजी (Human Capital) के निर्माण में योगदान देना।
  • कुपोषण के कारण होने वाली स्वास्थ्य समस्याओं और आर्थिक बोझ को कम करना।

चुनौतियाँ

1. कुपोषण का व्यापक प्रसार

  • भारत में अभी भी बच्चों, महिलाओं और किशोरियों में कुपोषण, एनीमिया (Anaemia) और स्टंटिंग (Stunting) की उच्च दर मौजूद है।
  • पोषण संबंधी चुनौतियों का सामना करने के लिए लक्षित हस्तक्षेपों और निरंतर प्रयासों की आवश्यकता है।

2. वितरण प्रणाली में चुनौतियाँ

  • दूरदराज के क्षेत्रों तक पोषण सेवाओं की प्रभावी पहुंच सुनिश्चित करना।
  • भोजन की गुणवत्ता, स्वच्छता और समय पर वितरण को बनाए रखना।

3. सामुदायिक भागीदारी और जागरूकता

  • पोषण संबंधी व्यवहार परिवर्तन (Behavioural Change) के लिए समुदायों को पूरी तरह से संलग्न करना।
  • आंगनवाड़ी प्रबंधन समितियों को सक्रिय और प्रभावी बनाना।

4. निगरानी और मूल्यांकन

  • पोषण कार्यक्रमों की प्रगति और प्रभावशीलता की नियमित और विश्वसनीय निगरानी।
  • डेटा-आधारित निर्णय लेने के लिए मजबूत मूल्यांकन तंत्र का अभाव।

चुनौतियाँ — यूपीएससी दृष्टिकोण

मुद्दा चिंता
पोषण संबंधी व्यवहार परिवर्तन पारंपरिक मान्यताओं और प्रथाओं के कारण स्वस्थ खान-पान और स्वच्छता व्यवहारों को अपनाना चुनौतीपूर्ण।
आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं पर कार्यभार अतिरिक्त जिम्मेदारियों के कारण आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं पर बढ़ता दबाव, जिससे सेवा वितरण की गुणवत्ता प्रभावित हो सकती है।
संसाधनों की कमी कुछ आंगनवाड़ी केंद्रों में पर्याप्त बुनियादी ढांचे, उपकरण और प्रशिक्षित कर्मचारियों का अभाव।
अंतर-विभागीय समन्वय पोषण एक बहुआयामी समस्या है, जिसके समाधान के लिए विभिन्न मंत्रालयों/विभागों के बीच प्रभावी समन्वय की आवश्यकता।

सरकारी पहल — प्रीलिम्स हेतु अवश्य याद रखें

  • पोषण अभियान (Poshan Abhiyaan)
  • मिशन सक्षम आंगनवाड़ी और पोषण 2.0 (Mission Saksham Anganwadi and Poshan 2.0)
  • प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना (Pradhan Mantri Matru Vandana Yojana)

आगे की राह

  • आंगनवाड़ी केंद्रों को पोषण, स्वास्थ्य और प्रारंभिक शिक्षा के लिए सामुदायिक नेतृत्व वाले कार्रवाई के केंद्र के रूप में और मजबूत करना।
  • संशोधित पूरक पोषण कार्यक्रम (SNP) दिशानिर्देशों का प्रभावी कार्यान्वयन सुनिश्चित करना, जिसमें गर्म पका हुआ भोजन और SNP मेनू बोर्ड शामिल हों।
  • आंगनवाड़ी प्रबंधन समितियों (AMC) के त्वरित गठन और संचालन को गति देना ताकि सामुदायिक स्वामित्व और जवाबदेही बढ़े।
  • आहार विविधता, पर्याप्त प्रोटीन और मोटे अनाजों के उपयोग को बढ़ावा देने के लिए जन जागरूकता अभियान और व्यावहारिक प्रदर्शन आयोजित करना।
  • प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना जैसी योजनाओं के कवरेज और पहुंच का विस्तार करना ताकि मातृ पोषण और स्वास्थ्य संबंधी व्यवहारों में सुधार हो।
  • पोषण कार्यक्रमों की निगरानी और मूल्यांकन के लिए मजबूत तंत्र स्थापित करना ताकि डेटा-आधारित सुधार किए जा सकें।

यूपीएससी मूल्य-संवर्धन

मुख्य परीक्षा उत्तर-लेखन हेतु कीवर्ड

राष्ट्रीय पोषण माह · पोषण अभियान · मिशन सक्षम आंगनवाड़ी · पोषण 2.0 · प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना · सामुदायिक भागीदारी · आंगनवाड़ी प्रबंधन समितियाँ · पूरक पोषण कार्यक्रम · विकसित भारत 2047 · मातृ एवं शिशु पोषण

संवैधानिक व नीतिगत संबंध

  • {‘article’: ‘अनुच्छेद 39(e)’, ‘note’: ‘नागरिकों के स्वास्थ्य की सुरक्षा’}
  • {‘article’: ‘अनुच्छेद 47’, ‘note’: ‘पोषण स्तर और जीवन स्तर में सुधार’}

अवधारणा प्रवाह

कुपोषण की चुनौती  →  पोषण अभियान का शुभारंभ (2018)  →  राष्ट्रीय पोषण माह का आयोजन (हर साल सितंबर)  →  मिशन सक्षम आंगनवाड़ी और पोषण 2.0  →  संशोधित SNP दिशानिर्देश और AMC का गठन  →  सामुदायिक भागीदारी और सुपोषित भारत की ओर

प्रारंभिक अभ्यास प्रश्न

Q1. राष्ट्रीय पोषण माह के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. राष्ट्रीय पोषण माह प्रतिवर्ष सितंबर माह में मनाया जाता है।
2. पोषण माह 2026 की थीम ‘हमारी आंगनवाड़ी, हमारी जिम्मेदारी’ है।
3. संशोधित पूरक पोषण कार्यक्रम (SNP) दिशानिर्देशों में पहली बार गर्म पका हुआ भोजन परिभाषित किया गया है।
उपर्युक्त में से कितने कथन सही हैं?

  1. केवल एक
  2. केवल दो
  3. सभी तीन
  4. कोई नहीं

उत्तर: सभी तीन — कथन 1 सही है। राष्ट्रीय पोषण माह 2018 में पोषण अभियान के तहत शुरू किया गया था और यह प्रतिवर्ष सितंबर में मनाया जाता है। कथन 2 सही है। पोषण माह 2026 की थीम ‘हमारी आंगनवाड़ी, हमारी जिम्मेदारी’ है, जो सामुदायिक स्वामित्व पर जोर देती है। कथन 3 सही है। संशोधित पूरक पोषण कार्यक्रम (SNP) दिशानिर्देशों में पहली बार गर्म पका हुआ भोजन परिभाषित किया गया है और SNP मेनू बोर्ड अनिवार्य किए गए हैं।

Q2. निम्नलिखित में से कौन-सा/से कार्यक्रम ‘मिशन सक्षम आंगनवाड़ी और पोषण 2.0’ का/के घटक है/हैं?
1. पूरक पोषण कार्यक्रम (SNP)
2. प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना (PMMVY)
3. राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन मिशन
नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए:

  1. केवल 1
  2. केवल 1 और 2
  3. केवल 2 और 3
  4. 1, 2 और 3

उत्तर: केवल 1 और 2 — पूरक पोषण कार्यक्रम (SNP) मिशन सक्षम आंगनवाड़ी और पोषण 2.0 का एक प्रमुख घटक है। प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना एक अलग मातृत्व लाभ कार्यक्रम है, हालांकि यह पोषण माह के तहत मातृ पोषण को बढ़ावा देता है। राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन मिशन ऊर्जा क्षेत्र से संबंधित है और पोषण 2.0 का घटक नहीं है।

मुख्य अभ्यास प्रश्न

✍ पोषण अभियान के तहत राष्ट्रीय पोषण माह की अवधारणा और उद्देश्यों पर प्रकाश डालिए। भारत में कुपोषण की चुनौती से निपटने में सामुदायिक भागीदारी और आंगनवाड़ी प्रबंधन समितियों की भूमिका का समालोचनात्मक परीक्षण कीजिए। (15 Marks)

रूपरेखा: परिचय में पोषण अभियान और राष्ट्रीय पोषण माह के उद्देश्यों को संक्षेप में बताएं। पोषण माह की अवधारणा (जन आंदोलन, सामुदायिक भागीदारी, व्यवहार परिवर्तन) और प्रमुख विषयों (आहार विविधता, गर्म पका हुआ भोजन, सामुदायिक स्वामित्व) का विस्तार से वर्णन करें। भारत में कुपोषण की वर्तमान स्थिति और चुनौतियों का उल्लेख करें। सामुदायिक भागीदारी (पंचायतों, स्वयं सहायता समूहों, अभिभावकों की भूमिका) और आंगनवाड़ी प्रबंधन समितियों (गठन, कार्य, पारदर्शिता, जवाबदेही) की भूमिका का विश्लेषण करें। ‘हमारी आंगनवाड़ी, हमारी जिम्मेदारी’ थीम के महत्व पर जोर दें। चुनौतियों (जागरूकता की कमी, संसाधनों का अभाव, कार्यान्वयन में असमानता) को भी इंगित करें। निष्कर्ष में, ‘विकसित भारत 2047’ के लक्ष्य को प्राप्त करने में पोषण माह और सामुदायिक भागीदारी के महत्व को रेखांकित करते हुए एक संतुलित दृष्टिकोण प्रस्तुत करें।

स्रोत: PIB (Press Information Bureau)

Uttar Pradesh PCS (UPPSC) — राज्य PCS अभ्यास

Prelims: उत्तर प्रदेश में राष्ट्रीय पोषण माह 2026 का शुभारंभ किस शहर में किया जाएगा?

  1. लखनऊ
  2. वाराणसी
  3. गोरखपुर
  4. आगरा

उत्तर: वाराणसी — उत्तर प्रदेश के वाराणसी शहर में 9 सितंबर 2026 को राष्ट्रीय पोषण माह 2026 का शुभारंभ किया जाएगा।

Mains: उत्तर प्रदेश में ‘राष्ट्रीय पोषण माह’ के आयोजन का राज्य के पोषण स्तर एवं बाल विकास पर क्या प्रभाव पड़ सकता है? राज्य सरकार द्वारा इस अभियान को सफल बनाने के लिए उठाए जाने वाले प्रमुख कदमों का वर्णन कीजिए।


शैक्षिक उद्देश्य हेतु AanyaAi द्वारा जनित।

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