20 Jul स्माइल योजना: ‘भिक्षावृत्ति मुक्त भारत’ के लक्ष्य को पूरा करने की दिशा में अहम कदम
विषय प्रासंगिकता — यह टॉपिक कहाँ आता है
- GS Paper II — सामाजिक न्याय, कल्याणकारी योजनाएँ | GS Paper III — समावेशी विकास, मानव संसाधन
- Prelims: स्माइल योजना, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय, केंद्रीय क्षेत्र की योजना, भिक्षावृत्ति मुक्त भारत, पुनर्वास, कौशल विकास
- Essay: भारत में सामाजिक-आर्थिक असमानताएँ और समावेशी विकास, हाशिए पर पड़े समुदायों का सशक्तिकरण और गरिमापूर्ण जीवन
त्वरित पुनरावृत्ति: स्माइल योजना सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय की एक अम्ब्रेला योजना है, जिसका उद्देश्य भिक्षावृत्ति में संलग्न व्यक्तियों का व्यापक पुनर्वास करके उन्हें गरिमापूर्ण जीवन और स्थायी आजीविका के अवसर प्रदान करना है, जिससे ‘भिक्षावृत्ति मुक्त भारत’ का लक्ष्य प्राप्त किया जा सके।
यह खबर चर्चा में क्यों?
सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय ने हाल ही में जानकारी दी है कि ‘आजीविका एवं उद्यम के लिए हाशिए पर रहने वाले लोगों के लिए सहायता’ (स्माइल) योजना, विशेष रूप से भिक्षावृत्ति में संलग्न व्यक्तियों के व्यापक पुनर्वास पर केंद्रित, देश के 216 शहरों में सफलतापूर्वक लागू की जा रही है। इस योजना के तहत अब तक 10,200 से अधिक लोगों का पुनर्वास किया जा चुका है और इसका लक्ष्य वित्त वर्ष 2030-31 तक 35,000 व्यक्तियों को कवर करना है, जो ‘भिक्षावृत्ति मुक्त भारत’ की प्रतिबद्धता को मजबूत करता है।
पृष्ठभूमि
- भारत में भिक्षावृत्ति एक जटिल सामाजिक-आर्थिक समस्या है, जो गरीबी, बेघरता, अशिक्षा और सामाजिक बहिष्कार से जुड़ी है।
- संविधान का अनुच्छेद 21 (जीवन का अधिकार) और अनुच्छेद 38 (राज्य लोक कल्याण की अभिवृद्धि करेगा) राज्य को ऐसे व्यक्तियों के कल्याण के लिए कदम उठाने का निर्देश देते हैं।
- विभिन्न राज्यों में भिक्षावृत्ति विरोधी कानून मौजूद हैं, लेकिन उनका ध्यान मुख्य रूप से दंडात्मक उपायों पर रहा है, न कि पुनर्वास पर।
- सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय कमजोर और हाशिए पर पड़े समुदायों के उत्थान के लिए विभिन्न योजनाएं चलाता रहा है।
- भिक्षावृत्ति में संलग्न व्यक्तियों को अक्सर समाज में भेदभाव और कलंक का सामना करना पड़ता है, जिससे उनका मुख्यधारा में लौटना मुश्किल हो जाता है।
- कोविड-19 महामारी ने हाशिए पर पड़े समुदायों की भेद्यता को और बढ़ा दिया था, जिससे उनके लिए आजीविका के अवसर और भी सीमित हो गए थे।
स्माइल योजना क्या है?
- स्माइल (SMILE) योजना का पूर्ण रूप ‘आजीविका एवं उद्यम के लिए हाशिए पर रहने वाले लोगों के लिए सहायता’ है।
- यह सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय की एक अम्ब्रेला (Umbrella) योजना है, जिसमें भिक्षावृत्ति में संलग्न व्यक्तियों के व्यापक पुनर्वास के लिए एक केंद्रीय क्षेत्र की उप-योजना शामिल है।
- योजना का मुख्य उद्देश्य भिक्षावृत्ति में संलग्न व्यक्तियों को गरिमापूर्ण जीवन और स्थायी आजीविका के अवसर प्रदान करके उनका सामाजिक एवं आर्थिक पुनर्वास सुनिश्चित करना है।
- इसमें पुनर्वास, कौशल विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा, परामर्श और आर्थिक सशक्तिकरण जैसे बहुआयामी घटक शामिल हैं।
- यह योजना केंद्र सरकार, राज्य सरकारों, केंद्र शासित प्रदेशों, जिला प्रशासन, शहरी स्थानीय निकायों और कार्यान्वयन एजेंसियों के सहयोगात्मक प्रयासों के माध्यम से ‘भिक्षावृत्ति मुक्त भारत’ के दृष्टिकोण को साकार करने का लक्ष्य रखती है।
- वर्तमान में यह योजना देश के 216 शहरों में लागू है और इसका लक्ष्य वित्त वर्ष 2030-31 तक 295 शहरों को कवर करना है, जिसमें मेट्रो शहरों, धार्मिक, पर्यटन और ऐतिहासिक स्थलों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
- मंत्रालय ने स्माइल-भिक्षावृत्ति राष्ट्रीय पोर्टल के माध्यम से डिजिटल निगरानी को मजबूत किया है, जिससे पुनर्वास केंद्रों और आश्रय गृहों के पंजीकरण, निगरानी और ट्रैकिंग में पारदर्शिता और प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित होता है।
- इस योजना के तहत वित्त वर्ष 2030-31 तक 35,000 लोगों के पुनर्वास का लक्ष्य रखा गया है, जिसमें से 10,200 से अधिक लोगों का पुनर्वास पहले ही किया जा चुका है।
मुख्य विशेषताएँ
| विशेषता | महत्व |
|---|---|
| व्यापक पुनर्वास दृष्टिकोण | भिखारियों के लिए समग्र सहायता सुनिश्चित करता है, जिसमें कौशल विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा और परामर्श शामिल हैं। |
| केंद्रीय क्षेत्र की योजना | केंद्र सरकार द्वारा पूरी तरह से वित्तपोषित, जो पूरे देश में एक समान कार्यान्वयन सुनिश्चित करती है। |
| 216 शहरों में कार्यान्वयन | देश के बड़े हिस्से को कवर करता है, जिसमें मेट्रो शहर, धार्मिक, पर्यटन और ऐतिहासिक स्थल शामिल हैं। |
| 35,000 लोगों के पुनर्वास का लक्ष्य (वित्त वर्ष 2030-31 तक) | बड़े पैमाने पर सामाजिक परिवर्तन और हाशिए पर पड़े समुदायों के सशक्तिकरण का लक्ष्य। |
| बहु-हितधारक दृष्टिकोण | केंद्र, राज्य सरकारों, स्थानीय निकायों और कार्यान्वयन एजेंसियों के सहयोगात्मक प्रयासों को बढ़ावा देता है। |
| डिजिटल निगरानी (स्माइल-भिक्षावृत्ति राष्ट्रीय पोर्टल) | पुनर्वास केंद्रों की प्रभावी ट्रैकिंग, पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करता है। |
महत्व
सामाजिक महत्व
- यह योजना भिक्षावृत्ति में लगे व्यक्तियों को गरिमापूर्ण जीवन और स्थायी आजीविका के अवसर प्रदान करके सामाजिक समावेश को बढ़ावा देती है।
- यह हाशिए पर पड़े समुदायों के सामाजिक और आर्थिक पुनर्वास को सुनिश्चित करती है, जिससे उन्हें समाज की मुख्यधारा में फिर से शामिल होने में मदद मिलती है।
- कौशल विकास और शिक्षा के माध्यम से, यह व्यक्तियों को आत्मनिर्भर बनने और सामाजिक भेदभाव को कम करने में सहायता करती है।
शासन और नीतिगत महत्व
- यह ‘भिक्षावृत्ति मुक्त भारत’ के दृष्टिकोण को साकार करने के लिए केंद्र और राज्य सरकारों के बीच तालमेल और सहयोगात्मक प्रयासों को मजबूत करती है।
- डिजिटल निगरानी और पारदर्शिता के माध्यम से, यह योजना के प्रभावी कार्यान्वयन और जवाबदेही को सुनिश्चित करती है।
- यह कमजोर वर्गों के कल्याण के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाती है और सामाजिक न्याय के सिद्धांतों को मजबूत करती है।
आर्थिक महत्व
- पुनर्वास और कौशल विकास के माध्यम से, यह व्यक्तियों को उत्पादक कार्यबल का हिस्सा बनने में सक्षम बनाती है, जिससे राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था में उनका योगदान बढ़ता है।
- स्वास्थ्य सेवा और परामर्श प्रदान करके, यह व्यक्तियों की कार्य क्षमता में सुधार करती है और उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाती है।
- यह गरीबी उन्मूलन और आय असमानता को कम करने में सहायक है, जिससे समावेशी आर्थिक संवृद्धि (Inclusive Economic Growth) को बढ़ावा मिलता है।
चुनौतियाँ
1. पहचान और बचाव
- भिक्षावृत्ति में लगे सभी व्यक्तियों की पहचान करना और उन्हें सुरक्षित स्थानों पर ले जाना एक बड़ी चुनौती है, खासकर बड़े शहरों और भीड़भाड़ वाले इलाकों में।
- मानव तस्करी और संगठित गिरोहों से जुड़े मामलों में व्यक्तियों को बचाना और उनका विश्वास जीतना कठिन हो सकता है।
यूपीएससी लिंक: सामाजिक मुद्दे, कमजोर वर्ग
2. पुनर्वास और एकीकरण
- पुनर्वास केंद्रों में पर्याप्त सुविधाएं और प्रशिक्षित कर्मचारियों की कमी हो सकती है, जिससे व्यक्तियों को गुणवत्तापूर्ण देखभाल और सहायता प्रदान करना मुश्किल हो जाता है।
- पुनर्वास के बाद व्यक्तियों को समाज की मुख्यधारा में फिर से एकीकृत करना, उन्हें रोजगार दिलाना और सामाजिक स्वीकृति सुनिश्चित करना एक जटिल प्रक्रिया है।
यूपीएससी लिंक: सामाजिक न्याय, सरकारी योजनाएं
3. संसाधनों की कमी
- योजना के लिए पर्याप्त वित्तीय संसाधनों का आवंटन और उनका कुशल उपयोग सुनिश्चित करना एक चुनौती है, खासकर जब लक्ष्य बड़े पैमाने पर हों।
- कौशल विकास प्रशिक्षण, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं के लिए आवश्यक बुनियादी ढांचे और प्रशिक्षित पेशेवरों की उपलब्धता सुनिश्चित करना महत्वपूर्ण है।
यूपीएससी लिंक: सरकारी बजट, मानव संसाधन
4. जागरूकता और सामाजिक दृष्टिकोण
- भिक्षावृत्ति के प्रति समाज के नकारात्मक दृष्टिकोण को बदलना और पुनर्वासित व्यक्तियों के प्रति सहानुभूति और स्वीकृति को बढ़ावा देना आवश्यक है।
- योजना के बारे में जागरूकता बढ़ाना और सामुदायिक भागीदारी को प्रोत्साहित करना महत्वपूर्ण है ताकि पुनर्वास प्रयासों को सफल बनाया जा सके।
यूपीएससी लिंक: सामाजिक मुद्दे, लोक प्रशासन
चुनौतियाँ — यूपीएससी दृष्टिकोण
| मुद्दा | चिंता |
|---|---|
| डेटा संग्रह और ट्रैकिंग | भिक्षावृत्ति में लगे व्यक्तियों की सटीक संख्या और उनकी पृष्ठभूमि के बारे में विश्वसनीय डेटा की कमी प्रभावी नीति निर्माण में बाधा डाल सकती है। |
| अंतर-राज्यीय समन्वय | भिक्षावृत्ति में लगे व्यक्तियों का अक्सर एक राज्य से दूसरे राज्य में पलायन होता है, जिससे उनके पुनर्वास के लिए अंतर-राज्यीय समन्वय की आवश्यकता होती है, जो चुनौतीपूर्ण हो सकता है। |
| दीर्घकालिक स्थिरता | पुनर्वासित व्यक्तियों के लिए स्थायी आजीविका के अवसर सुनिश्चित करना और उन्हें फिर से भिक्षावृत्ति में लौटने से रोकना एक दीर्घकालिक चुनौती है। |
| कानूनी और नीतिगत ढांचा | भिक्षावृत्ति से संबंधित विभिन्न राज्यों के कानूनों में एकरूपता की कमी और उनके प्रभावी प्रवर्तन का अभाव योजना के कार्यान्वयन को प्रभावित कर सकता है। |
सरकारी पहल — प्रीलिम्स हेतु अवश्य याद रखें
- स्माइल योजना (SMILE Scheme)
आगे की राह
- भिक्षावृत्ति में लगे व्यक्तियों की पहचान और बचाव के लिए एक मजबूत और संवेदनशील तंत्र विकसित करना।
- पुनर्वास केंद्रों में गुणवत्तापूर्ण बुनियादी ढांचे, प्रशिक्षित कर्मचारियों और व्यापक सेवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करना।
- कौशल विकास कार्यक्रमों को बाजार की मांग के अनुरूप बनाना और पुनर्वासित व्यक्तियों के लिए स्थायी रोजगार के अवसर पैदा करना।
- डिजिटल निगरानी प्रणाली (जैसे स्माइल-भिक्षावृत्ति राष्ट्रीय पोर्टल) का अधिकतम उपयोग करके पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाना।
- केंद्र, राज्य सरकारों, स्थानीय निकायों और नागरिक समाज संगठनों के बीच प्रभावी समन्वय और सहयोग स्थापित करना।
- भिक्षावृत्ति के मूल कारणों जैसे गरीबी, अशिक्षा और सामाजिक बहिष्कार को दूर करने के लिए समग्र दृष्टिकोण अपनाना।
- जन जागरूकता अभियान चलाकर समाज के दृष्टिकोण में बदलाव लाना और पुनर्वासित व्यक्तियों के प्रति स्वीकृति और समर्थन को बढ़ावा देना।
यूपीएससी मूल्य-संवर्धन
मुख्य परीक्षा उत्तर-लेखन हेतु कीवर्ड
स्माइल योजना · भिक्षावृत्ति मुक्त भारत · हाशिए पर रहने वाले · व्यापक पुनर्वास · कौशल विकास · सामाजिक न्याय · आर्थिक सशक्तिकरण · केंद्रीय क्षेत्र की योजना · डिजिटल निगरानी · सामुदायिक भागीदारी
संवैधानिक व नीतिगत संबंध
- अनुच्छेद 21: जीवन और व्यक्तिगत स्वतंत्रता का अधिकार
- अनुच्छेद 23: मानव दुर्व्यापार और बलात् श्रम का प्रतिषेध
- अनुच्छेद 38: राज्य लोक कल्याण की अभिवृद्धि का प्रयास करेगा
- अनुच्छेद 39: राज्य द्वारा अनुसरणीय नीति के कुछ सिद्धांत
- अनुच्छेद 41: कुछ दशाओं में काम, शिक्षा और लोक सहायता पाने का अधिकार
अवधारणा प्रवाह
भिक्षावृत्ति में लगे व्यक्तियों की पहचान → बचाव और सुरक्षित आश्रय प्रदान करना → पुनर्वास, कौशल विकास और शिक्षा → स्वास्थ्य सेवा और परामर्श प्रदान करना → आर्थिक सशक्तिकरण और आजीविका के अवसर → समाज की मुख्यधारा में पुनः एकीकरण
प्रारंभिक अभ्यास प्रश्न
Q1. स्माइल (SMILE) योजना के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. यह सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय द्वारा लागू की जा रही एक केंद्रीय क्षेत्र की योजना है।
2. इसका मुख्य उद्देश्य ट्रांसजेंडर व्यक्तियों और भिक्षावृत्ति में लगे व्यक्तियों का पुनर्वास करना है।
3. इस योजना के तहत वित्तीय वर्ष 2030-31 तक 35,000 भिक्षावृत्ति में लगे व्यक्तियों के पुनर्वास का लक्ष्य रखा गया है।
उपर्युक्त कथनों में से कितने सही हैं?
- केवल एक
- केवल दो
- सभी तीन
- कोई नहीं
उत्तर: सभी तीन — कथन 1 सही है क्योंकि स्माइल योजना सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय द्वारा लागू की जा रही एक केंद्रीय क्षेत्र की योजना है। कथन 2 भी सही है क्योंकि SMILE का पूर्ण रूप ‘आजीविका और उद्यम के लिए हाशिए पर रहने वाले व्यक्तियों के लिए सहायता’ है, जिसमें ट्रांसजेंडर व्यक्ति और भिक्षावृत्ति में लगे व्यक्ति शामिल हैं। कथन 3 भी सही है क्योंकि योजना का लक्ष्य वित्तीय वर्ष 2030-31 तक 35,000 भिक्षावृत्ति में लगे व्यक्तियों का पुनर्वास करना है।
Q2. स्माइल (SMILE) योजना के तहत पुनर्वास प्रयासों में निम्नलिखित में से कौन-कौन से घटक शामिल हैं?
1. कौशल विकास
2. शिक्षा
3. स्वास्थ्य सेवा
4. परामर्श
5. आर्थिक सशक्तिकरण
नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए:
- केवल 1, 2 और 3
- केवल 2, 3 और 4
- केवल 1, 3, 4 और 5
- 1, 2, 3, 4 और 5
उत्तर: 1, 2, 3, 4 और 5 — स्माइल योजना का उद्देश्य पुनर्वास, कौशल विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा, परामर्श और आर्थिक सशक्तिकरण द्वारा लोगों की जिंदगी में बदलाव लाना है। अतः सभी पाँचों घटक इसमें शामिल हैं।
मुख्य अभ्यास प्रश्न
✍ भारत में भिक्षावृत्ति की समस्या के मूल कारणों का विश्लेषण करते हुए, ‘स्माइल’ (SMILE) योजना किस प्रकार ‘भिक्षावृत्ति मुक्त भारत’ के दृष्टिकोण को साकार करने में सहायक सिद्ध हो सकती है? चर्चा कीजिए। (250 शब्द)
रूपरेखा: भिक्षावृत्ति के मूल कारणों जैसे गरीबी, अशिक्षा, बेरोजगारी, सामाजिक बहिष्कार और मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं को संक्षेप में बताएं। फिर ‘स्माइल’ योजना के उद्देश्यों और घटकों (पुनर्वास, कौशल विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा, परामर्श, आर्थिक सशक्तिकरण) पर प्रकाश डालें। यह बताएं कि कैसे ये घटक भिक्षावृत्ति में लगे व्यक्तियों को समाज की मुख्यधारा में लाने और उन्हें सम्मानजनक जीवन प्रदान करने में मदद करेंगे। अंत में, योजना के समग्र दृष्टिकोण और डिजिटल निगरानी जैसे पहलुओं का उल्लेख करते हुए निष्कर्ष दें।
स्रोत: PIB (Press Information Bureau)
शैक्षिक उद्देश्य हेतु AanyaAi द्वारा जनित।
- Union Minister Calls for Self-Reliant Panchayats at National Workshop - October 31, 2026
- जीएसएलवी-एफ18 के सफल प्रक्षेपण पर पीएम ने इसरो की सराहना की, जानिए NVS-03 मिशन की खासियत - October 31, 2026
- PMGSY-IV: 45 New Roads in Mizoram to Boost Rural Connectivity - October 31, 2026

No Comments