05 Aug उच्च न्यायालय ने बिना चुनाव लड़े राज्यसभा पहुंचे 3 भाजपा सांसदों को नोटिस भेजा
✎ राज्यसभा में निर्विरोध निर्वाचन की वैधानिकता पर न्यायालय के फैसले का महत्व समझें।
प्रासंगिकता — UPSC & State PCS: Polity
हाल ही में एक घटना सामने आई है जिसमें तीन भाजपा राज्यसभा सांसदों को निर्विरोध चुने जाने के बाद उच्च न्यायालय द्वारा नोटिस भेजा गया है। यह मामला राजनीतिक प्रक्रिया और न्यायिक हस्तक्षेप के बीच संतुलन को लेकर चर्चा का विषय बन गया है। दरअसल, इन तीनों सांसदों को राज्यसभा के लिए निर्विरोध निर्वाचित किया गया था, लेकिन कुछ नागरिकों द्वारा इस प्रक्रिया को चुनौती देते हुए न्यायालय में याचिका दायर की गई थी। याचिका में आरोप लगाया गया है कि निर्विरोध चुनाव की प्रक्रिया में पारदर्शिता और कानूनी प्रावधानों का पालन नहीं किया गया, जिसके चलते उच्च न्यायालय ने संबंधित अधिकारियों और सांसदों को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा है।
यह मामला संविधान के अनुच्छेद 80 और राज्यसभा चुनाव प्रक्रिया से संबंधित अन्य कानूनी प्रावधानों के तहत महत्वपूर्ण है। राज्यसभा सदस्यों के चुनाव में निर्विरोध निर्वाचन की प्रक्रिया अपने आप में विवादास्पद रही है, क्योंकि इसमें मतदान की आवश्यकता नहीं होती और उम्मीदवार बिना प्रतिस्पर्धा के चुन लिए जाते हैं। ऐसे मामलों में न्यायिक हस्तक्षेप से यह स्पष्ट होता है कि क्या चुनाव प्रक्रिया पूरी तरह से पारदर्शी और संवैधानिक थी। उच्च न्यायालय का यह कदम न केवल इन सांसदों की वैधता पर सवाल उठाता है, बल्कि भविष्य में राज्यसभा चुनावों में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण संदेश देता है।
इस मामले की प्रासंगिकता यूपीएससी और राज्य पीसीएस परीक्षाओं के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है, क्योंकि इसमें संवैधानिक प्रावधानों, न्यायिक सक्रियता और चुनावी प्रक्रियाओं के बीच अंतर्संबंध को समझने का अवसर मिलता है। यूपीएससी परीक्षा में राजनीति विज्ञान और संविधान के विषयों से संबंधित प्रश्न अक्सर पूछे जाते हैं, और इस मामले के माध्यम से उम्मीदवार राज्यसभा की चुनाव प्रक्रिया, न्यायिक पुनर्विलोकन की सीमाओं और लोकतंत्र में न्यायपालिका की भूमिका को गहराई से समझ सकते हैं। इसी प्रकार, राज्य पीसीएस परीक्षाओं में भी राज्य विधानमंडलों और राज्यसभा के चुन
स्रोत: ndtv.com
अभ्यास प्रश्न
Q1. हाल ही में उच्च न्यायालय द्वारा बिना चुनाव लड़े राज्यसभा में चुने गए 3 भाजपा सांसदों को किस आधार पर नोटिस जारी किया गया है?
- उनके चुनाव की वैधता पर सवाल उठाते हुए
- उनके द्वारा किए गए विधायी कार्यों पर
- उनके निधन की अफवाहों के कारण
- उनके खिलाफ दायर जनहित याचिकाओं के जवाब में
उत्तर
उनके चुनाव की वैधता पर सवाल उठाते हुए — उच्च न्यायालय द्वारा बिना चुनाव लड़े राज्यसभा में चुने गए 3 भाजपा सांसदों को उनके चुनाव की वैधता पर सवाल उठाते हुए नोटिस जारी किया गया है। ऐसा इसलिए क्योंकि राज्यसभा चुनाव में बिना विरोध के चुने जाने पर भी उनकी नियुक्ति की वैधानिकता पर कानूनी सवाल उठाए जा रहे हैं।
Q2. राज्यसभा में बिना चुनाव लड़े चुने जाने की प्रक्रिया को किस संविधानिक अनुच्छेद के तहत परिभाषित किया गया है?
- अनुच्छेद 80
- अनुच्छेद 75
- अनुच्छेद 102
- अनुच्छेद 324
उत्तर
अनुच्छेद 80 — राज्यसभा में सदस्यों के चुनाव की प्रक्रिया संविधान के अनुच्छेद 80 के तहत परिभाषित की गई है। इसमें कहा गया है कि राज्यसभा सदस्य राज्य विधानसभाओं के सदस्यों द्वारा आनुपातिक प्रतिनिधित्व प्रणाली के अनुसार चुने जाते हैं, जिसमें बिना विरोध के भी सदस्य चुने जा सकते हैं।
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