06 Sep उपराष्ट्रपति ने एसएसयूएचएस दीक्षांत में नव-डॉक्टरों को करुणा और उत्कृष्टता का संदेश दिया
✎ भारत में स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र का विकास आयुष्मान भारत जैसी पहलों और बुनियादी ढांचे के विस्तार के माध्यम से हो रहा है, जिसमें पूर्वोत्तर क्षेत्र पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है, साथ ही 'नशा मुक्त भारत' जैसे अभियानों के माध्यम से…
विषय प्रासंगिकता — यह टॉपिक कहाँ आता है
- GS Paper II — स्वास्थ्य, सामाजिक क्षेत्र/सेवाओं के विकास और प्रबंधन से संबंधित विषय; मानव संसाधनों से संबंधित विषय। | GS Paper III — विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी- विकास एवं अनुप्रयोग और रोज़मर्रा के जीवन पर इसका प्रभाव।
- Prelims: आयुष्मान भारत योजना, राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन मिशन, नशा मुक्त भारत अभियान, AIIMS, श्रीमंत शंकरदेव स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय, प्रोटॉन बीम थेरेपी
- Essay: विकसित भारत के निर्माण में युवाओं की भूमिका, भारत में स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र का बदलता परिदृश्य और चुनौतियाँ, पूर्वोत्तर भारत का विकास: एक समावेशी दृष्टिकोण
त्वरित पुनरावृत्ति: भारत में स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र का विकास आयुष्मान भारत जैसी पहलों और बुनियादी ढांचे के विस्तार के माध्यम से हो रहा है, जिसमें पूर्वोत्तर क्षेत्र पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है, साथ ही ‘नशा मुक्त भारत’ जैसे अभियानों के माध्यम से सामाजिक स्वास्थ्य को भी बढ़ावा दिया जा रहा है।
यह खबर चर्चा में क्यों?
उपराष्ट्रपति श्री सी. पी. राधाकृष्णन ने गुवाहाटी स्थित श्रीमंत शंकरदेव स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय (SSUHS) के दीक्षांत समारोह को संबोधित किया। उन्होंने नव-स्नातक चिकित्सा पेशेवरों से करुणा, नैतिकता और वैज्ञानिक उत्कृष्टता के साथ मानवता की सेवा करने का आग्रह किया। इस अवसर पर उन्होंने भारत के स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र में हुए बदलावों, विशेषकर पूर्वोत्तर क्षेत्र में हुई प्रगति पर प्रकाश डाला, और युवाओं को नशीले पदार्थों के सेवन से दूर रहने का आह्वान किया।
पृष्ठभूमि
- भारत सरकार स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र को मजबूत करने के लिए विभिन्न योजनाएँ और पहल चला रही है, जिनमें आयुष्मान भारत योजना प्रमुख है।
- आयुष्मान भारत योजना के तहत 44 करोड़ से अधिक आयुष्मान कार्ड जारी किए गए हैं, जिससे गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों को चिकित्सा व्यय में अनुमानित 2 लाख करोड़ रुपये की बचत हुई है।
- पूर्वोत्तर भारत में स्वास्थ्य सेवा के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है, जिसमें नए मेडिकल कॉलेजों की स्थापना और AIIMS जैसे संस्थानों का विकास शामिल है।
- असम में मेडिकल कॉलेजों की संख्या 2021 के 7 से बढ़कर 15 हो गई है, और 9 अन्य कॉलेज निर्माणाधीन हैं।
- एम्स गुवाहाटी और असम का त्रि-स्तरीय कैंसर देखभाल नेटवर्क, जिसमें राज्य का पहला प्रोटॉन बीम थेरेपी केंद्र शामिल है, पूर्वोत्तर के स्वास्थ्य सेवा इकोसिस्टम को मजबूत कर रहे हैं।
- सरकार ‘नशा मुक्त भारत’ अभियान के माध्यम से युवाओं को नशीले पदार्थों के सेवन से दूर रहने और एक स्वस्थ जीवन शैली अपनाने के लिए प्रोत्साहित कर रही है।
भारत में स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र की प्रमुख पहलें
- आयुष्मान भारत योजना: यह एक राष्ट्रीय स्वास्थ्य संरक्षण योजना है जो गरीब और कमजोर परिवारों को माध्यमिक और तृतीयक देखभाल अस्पताल में भर्ती के लिए प्रति परिवार प्रति वर्ष 5 लाख रुपये तक का कवरेज प्रदान करती है।
- राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM): इसका उद्देश्य ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में न्यायसंगत, सस्ती और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं तक सार्वभौमिक पहुँच प्राप्त करना है। इसमें राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन (NRHM) और राष्ट्रीय शहरी स्वास्थ्य मिशन (NUHM) शामिल हैं।
- प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (PMJAY): यह आयुष्मान भारत का एक महत्वपूर्ण घटक है, जो दुनिया की सबसे बड़ी सरकारी वित्त पोषित स्वास्थ्य बीमा योजना है।
- AIIMS (अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान): ये भारत में चिकित्सा शिक्षा और अनुसंधान के प्रमुख संस्थान हैं, जो उच्च गुणवत्ता वाली चिकित्सा देखभाल और शिक्षा प्रदान करते हैं।
- नशा मुक्त भारत अभियान: यह अभियान सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय द्वारा शुरू किया गया है, जिसका उद्देश्य युवाओं और समाज को नशीले पदार्थों के दुरुपयोग के हानिकारक प्रभावों के बारे में जागरूक करना और उन्हें इससे दूर रहने के लिए प्रोत्साहित करना है।
- डिजिटल स्वास्थ्य मिशन: यह भारत के स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र को डिजिटाइज़ करने और नागरिकों को एक एकीकृत डिजिटल स्वास्थ्य पहचान प्रदान करने का लक्ष्य रखता है।
मुख्य विशेषताएँ
| विशेषता | महत्व |
|---|---|
| श्रीमंत शंकरदेव स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय (SSUHS) | पूर्वोत्तर भारत में स्वास्थ्य विज्ञान शिक्षा, अनुसंधान और जन-स्वास्थ्य के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण संस्थान। |
| स्थानीय भाषाओं में चिकित्सा ज्ञान को बढ़ावा | मेडिकल साइंस का एंग्लो-असमिया शब्दकोश और असमिया भाषा में चिकित्सा पाठ्यपुस्तकों का प्रकाशन, जिससे क्षेत्रीय छात्रों को लाभ। |
| असम में मेडिकल कॉलेजों की संख्या में वृद्धि | 2021 में 7 से बढ़कर 15 हो गए हैं, और 9 अन्य निर्माणाधीन हैं, जो स्वास्थ्य सेवा के बुनियादी ढांचे को मजबूत करता है। |
| एम्स गुवाहाटी और त्रि-स्तरीय कैंसर देखभाल नेटवर्क | पूर्वोत्तर के स्वास्थ्य सेवा इकोसिस्टम को मजबूत करते हुए उन्नत उपचार सुविधाएं प्रदान करता है। |
| आयुष्मान भारत योजना | 44 करोड़ से अधिक आयुष्मान कार्ड जारी किए गए, जिससे गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों को लगभग 2 लाख करोड़ रुपये की चिकित्सा व्यय में बचत हुई। |
महत्व
सामाजिक महत्व
- स्वास्थ्य सेवा तक पहुँच में सुधार: मेडिकल कॉलेजों की संख्या में वृद्धि और उन्नत सुविधाओं जैसे एम्स गुवाहाटी की स्थापना से नागरिकों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएँ मिलेंगी।
- क्षेत्रीय असमानता में कमी: पूर्वोत्तर जैसे क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवा के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने से देश भर में स्वास्थ्य सेवा की उपलब्धता में क्षेत्रीय असमानताओं को कम करने में मदद मिलेगी।
- मानव संसाधन विकास: अधिक चिकित्सा पेशेवरों के स्नातक होने से देश की स्वास्थ्य सेवा कार्यबल को मजबूती मिलेगी, जिससे जनसंख्या के स्वास्थ्य परिणामों में सुधार होगा।
आर्थिक महत्व
- चिकित्सा पर्यटन को बढ़ावा: गुवाहाटी जैसे शहरों में उन्नत चिकित्सा सुविधाओं के विकास से न केवल स्थानीय बल्कि पड़ोसी राज्यों और देशों से भी मरीजों को आकर्षित किया जा सकता है, जिससे अर्थव्यवस्था को बढ़ावा मिलेगा।
- रोजगार सृजन: नए मेडिकल कॉलेजों और अस्पतालों की स्थापना से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार के अवसर पैदा होते हैं, जिसमें डॉक्टर, नर्स, पैरामेडिकल स्टाफ और सहायक कर्मचारी शामिल हैं।
- स्वास्थ्य व्यय में कमी: आयुष्मान भारत जैसी योजनाएं गरीब और मध्यम वर्ग के परिवारों पर पड़ने वाले चिकित्सा व्यय के बोझ को कम करती हैं, जिससे उनकी आर्थिक स्थिरता बढ़ती है।
शासनिक महत्व
- नीतिगत प्रभावशीलता: सरकार की स्वास्थ्य नीतियों और योजनाओं, जैसे आयुष्मान भारत और चिकित्सा शिक्षा के विस्तार, की सफलता को दर्शाता है।
- संघवाद को मजबूती: केंद्र और राज्य सरकारों के बीच सहयोग से स्वास्थ्य सेवा के बुनियादी ढांचे के विकास में तेजी आती है, जो सहकारी संघवाद (Cooperative Federalism) का एक उदाहरण है।
- जन-कल्याण पर ध्यान: सरकार का ध्यान नागरिकों के स्वास्थ्य और कल्याण पर केंद्रित है, जैसा कि ‘नशा मुक्त भारत’ अभियान और युवाओं को स्वस्थ जीवन शैली अपनाने के आह्वान से स्पष्ट होता है।
चुनौतियाँ
1. चिकित्सा शिक्षा की गुणवत्ता
- बढ़ते मेडिकल कॉलेजों के साथ शिक्षा और प्रशिक्षण की गुणवत्ता बनाए रखना एक चुनौती है।
- योग्य संकाय (faculty) की कमी और आधुनिक शिक्षण सुविधाओं का अभाव गुणवत्ता को प्रभावित कर सकता है।
यूपीएससी लिंक: मानव संसाधन विकास, स्वास्थ्य
2. ग्रामीण-शहरी स्वास्थ्य असमानता
- शहरी क्षेत्रों में सुविधाओं के केंद्रीकरण से ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवा तक पहुँच और गुणवत्ता में अंतर बना रहता है।
- ग्रामीण क्षेत्रों में डॉक्टरों और विशेषज्ञों को आकर्षित करना एक बड़ी चुनौती है।
यूपीएससी लिंक: सामाजिक न्याय, स्वास्थ्य
3. नशीले पदार्थों का सेवन
- युवाओं में नशीले पदार्थों का बढ़ता सेवन एक गंभीर सार्वजनिक स्वास्थ्य और सामाजिक समस्या है।
- रोकथाम, उपचार और पुनर्वास कार्यक्रमों की आवश्यकता है।
यूपीएससी लिंक: सामाजिक मुद्दे, स्वास्थ्य
4. स्वास्थ्य सेवा का वित्तपोषण
- स्वास्थ्य सेवा के बुनियादी ढांचे के विस्तार और रखरखाव के लिए पर्याप्त और सतत वित्तपोषण सुनिश्चित करना।
- सार्वजनिक स्वास्थ्य व्यय को GDP के प्रतिशत के रूप में बढ़ाना आवश्यक है।
यूपीएससी लिंक: आर्थिक विकास, स्वास्थ्य
चुनौतियाँ — यूपीएससी दृष्टिकोण
| मुद्दा | चिंता |
|---|---|
| चिकित्सा पेशेवरों का पलायन | बेहतर अवसरों की तलाश में योग्य डॉक्टरों और विशेषज्ञों का देश से बाहर जाना या शहरी क्षेत्रों में केंद्रित होना। |
| बुनियादी ढांचे का रखरखाव | नए स्थापित स्वास्थ्य सुविधाओं और उपकरणों का उचित रखरखाव सुनिश्चित करना। |
| डिजिटल स्वास्थ्य अंतराल | डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं और टेलीमेडिसिन को दूरदराज के क्षेत्रों तक पहुँचाने में कनेक्टिविटी और जागरूकता की कमी। |
| जनसंख्या वृद्धि और स्वास्थ्य आवश्यकताएँ | बढ़ती जनसंख्या की स्वास्थ्य आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए स्वास्थ्य सेवाओं का निरंतर विस्तार और अनुकूलन। |
सरकारी पहल — प्रीलिम्स हेतु अवश्य याद रखें
- आयुष्मान भारत योजना (Ayushman Bharat Yojana)
आगे की राह
- चिकित्सा शिक्षा की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए नियमित मूल्यांकन और अद्यतन पाठ्यक्रम लागू करना।
- ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवा तक पहुँच बढ़ाने के लिए प्रोत्साहन योजनाएँ और टेलीमेडिसिन सेवाओं का विस्तार करना।
- नशा मुक्त भारत अभियान को मजबूत करने के लिए व्यापक जागरूकता कार्यक्रम और पुनर्वास केंद्र स्थापित करना।
- सार्वजनिक स्वास्थ्य व्यय को बढ़ाकर स्वास्थ्य सेवा के बुनियादी ढांचे और मानव संसाधन में निवेश बढ़ाना।
- स्थानीय भाषाओं में चिकित्सा शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए और अधिक पाठ्यपुस्तकों और संदर्भ सामग्री का विकास करना।
- युवाओं को सोशल मीडिया का रचनात्मक उपयोग करने और स्वस्थ जीवन शैली अपनाने के लिए प्रोत्साहित करना।
यूपीएससी मूल्य-संवर्धन
मुख्य परीक्षा उत्तर-लेखन हेतु कीवर्ड
स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र · आयुष्मान भारत योजना · चिकित्सा शिक्षा · सार्वजनिक स्वास्थ्य · पूर्वोत्तर क्षेत्र का विकास · नशा मुक्त भारत · युवा सशक्तिकरण · राष्ट्रीय स्वास्थ्य नीति · बुनियादी ढाँचा विकास · करुणा और नैतिकता
संवैधानिक व नीतिगत संबंध
- अनुच्छेद 21: जीवन का अधिकार (स्वास्थ्य का अधिकार निहित)
- अनुच्छेद 47: पोषाहार स्तर और जीवन स्तर को ऊपर उठाना तथा लोक स्वास्थ्य का सुधार करना राज्य का कर्तव्य
अवधारणा प्रवाह
सरकार की स्वास्थ्य नीतियां और योजनाएं (जैसे आयुष्मान भारत) → चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य बुनियादी ढांचे का विस्तार (मेडिकल कॉलेज, एम्स) → अधिक योग्य चिकित्सा पेशेवरों का उत्पादन → नागरिकों तक बेहतर और सस्ती स्वास्थ्य सेवाओं की पहुँच → सार्वजनिक स्वास्थ्य परिणामों में सुधार → एक स्वस्थ और विकसित भारत का निर्माण
प्रारंभिक अभ्यास प्रश्न
Q1. निम्नलिखित कथनों पर विचार करें:
1. आयुष्मान भारत योजना का उद्देश्य गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों को चिकित्सा व्यय में सहायता प्रदान करना है।
2. राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन मिशन (National Green Hydrogen Mission) भारत में स्वास्थ्य सेवा के बुनियादी ढाँचे को मजबूत करने से संबंधित है।
3. श्रीमंत शंकरदेव स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय (SSUHS) असम में स्थित है।
उपरोक्त कथनों में से कितने सही हैं?
- केवल एक
- केवल दो
- केवल तीन
- कोई नहीं
उत्तर: केवल दो — कथन 1 सही है। आयुष्मान भारत योजना का मुख्य उद्देश्य गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों को स्वास्थ्य सुरक्षा प्रदान करना है। कथन 2 गलत है। राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन मिशन का संबंध हरित हाइड्रोजन उत्पादन को बढ़ावा देने से है, न कि स्वास्थ्य सेवा के बुनियादी ढाँचे से। कथन 3 सही है। श्रीमंत शंकरदेव स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय गुवाहाटी, असम में स्थित है, जैसा कि समाचार में उल्लेख किया गया है।
Q2. अभिकथन (A): भारत सरकार स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र में सुधार के लिए विभिन्न योजनाएँ लागू कर रही है।
कारण (R): इन योजनाओं का उद्देश्य देश में चिकित्सा शिक्षा और सार्वजनिक स्वास्थ्य के बुनियादी ढाँचे को मजबूत करना है।
उपरोक्त कथनों के संदर्भ में, निम्नलिखित में से कौन सा सही है?
- A और R दोनों सत्य हैं, और R, A की सही व्याख्या है।
- A और R दोनों सत्य हैं, लेकिन R, A की सही व्याख्या नहीं है।
- A सत्य है, लेकिन R असत्य है।
- A असत्य है, लेकिन R सत्य है।
उत्तर: A और R दोनों सत्य हैं, और R, A की सही व्याख्या है। — अभिकथन (A) सही है, क्योंकि आयुष्मान भारत जैसी योजनाएँ स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र में सुधार के लिए लागू की गई हैं। कारण (R) भी सही है और A की सही व्याख्या करता है, क्योंकि इन योजनाओं का प्राथमिक लक्ष्य चिकित्सा शिक्षा और सार्वजनिक स्वास्थ्य के बुनियादी ढाँचे को मजबूत करना है, जैसा कि समाचार में भी उल्लेख किया गया है।
मुख्य अभ्यास प्रश्न
✍ भारत में स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र के विकास में सरकार की प्रमुख पहलों पर चर्चा कीजिए। साथ ही, पूर्वोत्तर क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवा के बुनियादी ढाँचे को मजबूत करने में इन पहलों की भूमिका का भी मूल्यांकन कीजिए। (15 Marks)
रूपरेखा: परिचय में भारत में स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र की वर्तमान स्थिति और चुनौतियों का संक्षिप्त उल्लेख करें। मुख्य भाग में, सरकार की प्रमुख पहलों जैसे आयुष्मान भारत योजना, राष्ट्रीय स्वास्थ्य नीति (National Health Policy), मेडिकल कॉलेजों की स्थापना, AIIMS जैसे संस्थानों का विकास और नशा मुक्त भारत अभियान का विस्तार से वर्णन करें। पूर्वोत्तर क्षेत्र के संदर्भ में, असम में मेडिकल कॉलेजों की संख्या में वृद्धि, AIIMS गुवाहाटी और त्रि-स्तरीय कैंसर देखभाल नेटवर्क जैसे विशिष्ट उदाहरणों के साथ इन पहलों के प्रभाव का मूल्यांकन करें। निष्कर्ष में, स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र में भविष्य की चुनौतियों और अवसरों पर प्रकाश डालते हुए एक संतुलित दृष्टिकोण प्रस्तुत करें।
स्रोत: PIB (Press Information Bureau)
Assam PCS (APSC) — राज्य PCS अभ्यास
Prelims: उपराष्ट्रपति श्री सी. पी. राधाकृष्णन ने हाल ही में किस संस्थान के दीक्षांत समारोह में भाग लिया, जो असम के गुवाहाटी में स्थित है?
- A. श्री श्री आनंदमयी मठ विश्वविद्यालय
- B. श्री श्री उत्तराखंड हिमालयन विश्वविद्यालय
- C. श्री श्री उत्तर पूर्वी हिमालयन विश्वविद्यालय
- D. श्री श्री उत्तर पूर्वी हिंदू विश्वविद्यालय
उत्तर: C. श्री श्री उत्तर पूर्वी हिमालयन विश्वविद्यालय — उपराष्ट्रपति श्री सी. पी. राधाकृष्णन ने 2024 में असम के गुवाहाटी स्थित श्री श्री उत्तर पूर्वी हिमालयन विश्वविद्यालय (एसएसयूएचएस) के दीक्षांत समारोह में भाग लिया।
Mains: असम राज्य लोक सेवा आयोग (एपीएससी) के दृष्टिकोण से, असम में उच्च शिक्षा के विकास में ‘एसएसयूएचएस’ जैसे संस्थानों की भूमिका पर चर्चा कीजिए। इसके अतिरिक्त, असम में उच्च शिक्षा के समग्र विकास के लिए आवश्यक उपाय सुझाइए।
शैक्षिक उद्देश्य हेतु AanyaAi द्वारा जनित।
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