29 Oct एमएनआरई का ई-कचरा अभियान: विशेष अभियान 6.0 से 5,337 वस्तुओं का निपटान
✎ नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय ने 'विशेष अभियान 6.0' के तहत ई-कचरा निपटान के लिए 5,337 वस्तुओं की पहचान की और 11,40,220 रुपये राजस्व तथा 600 वर्ग फुट स्थान मुक्त किया।
प्रासंगिकता — UPSC & State PCS: Polity & Governance
नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय (एमएनआरई) द्वारा ‘विशेष अभियान 6.0’ के अंतर्गत ई-कचरा प्रबंधन को तीव्र गति प्रदान करने का प्रयास प्रशासनिक सुधारों और पर्यावरणीय जिम्मेदारी की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इस अभियान के तहत 5,337 बेकार ई-कचरा वस्तुओं की पहचान कर उनके निपटान के लिए नीलामी प्रक्रिया अपनाई गई है, जिससे न केवल राजस्व प्राप्त हुआ है बल्कि लगभग 600 वर्ग फुट स्थान भी मुक्त हुआ है। यह प्रयास ‘स्वच्छ भारत’ अभियान की भावना के अनुरूप है, जो सरकारी कार्यालयों में स्वच्छता और संसाधनों के कुशल उपयोग को प्रोत्साहित करता है। इस पहल से सरकारी कार्यप्रणाली में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने के साथ-साथ ई-कचरे के सुरक्षित निपटान की दिशा में भी सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।
ई-कचरा प्रबंधन एक राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय चिंता का विषय है, क्योंकि अनुपचारित ई-कचरा पर्यावरण प्रदूषण और स्वास्थ्य जोखिमों को बढ़ावा देता है। एमएनआरई द्वारा चलाए जा रहे इस अभियान से सरकारी कार्यालयों में जमा पुराने इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का व्यवस्थित निपटान सुनिश्चित हो रहा है, जिससे न केवल कार्यालयों की कार्यक्षमता बढ़ रही है बल्कि पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी योगदान मिल रहा है। यह पहल ‘स्वच्छ भारत मिशन’ और ‘ई-कचरा प्रबंधन नियम, 2022’ के उद्देश्यों के अनुरूप है, जो अपशिष्ट पदार्थों के जिम्मेदार निपटान को अनिवार्य बनाते हैं। इस प्रकार, यह अभियान प्रशासनिक सुधारों और पर्यावरणीय स्थिरता दोनों के लिए एक मॉडल के रूप में कार्य कर सकता है।
इस अभियान की सफलता से राज्य सरकारों और अन्य केंद्रीय मंत्रालयों को भी प्रेरणा मिल सकती है, क्योंकि यह दर्शाता है कि सरकारी कार्यालयों में जमा बेकार सामानों का निपटान कैसे किया जा सकता है। विशेष अभियान 6.0 के अंतर्गत चलाए जा रहे इस प्रयास से सरकारी संसाधनों का बेहतर उपयोग सुनिश्चित होता है, जिससे कार्यालयों में अतिरिक्त स्थान का सदुपयोग संभव हो सकेगा। इसके अलावा, यह पहल ई-कचरे के निपटान के लिए एक मानक प्रक्रिया स्थापित कर सकती है, जिसे अन्य विभागों द्वारा भी अपनाया जा सकता है। इस प्रकार, यह अभियान न केवल एमएनआरई के लिए बल्कि पूरे सरकारी तंत्र के लिए एक रोल मॉडल बन सकता है।
इस पहल का महत्व यूपीएससी और राज्य पीसीएस परीक्षाओं के लिए भी अत्यधिक है, क्योंकि यह प्रशासनिक सुधारों, पर्यावरणीय स्थिरता और सरकारी कार्यप्रणाली में पारदर्शिता जैसे विषयों से जुड़ा हुआ है। परीक्षाओं में इस प्रकार के मुद्दों पर प्रश्न पूछे जाने की संभावना रहती है, जिससे उम्मीदवारों को सरकारी नीतियों और उनके प्रभावों की गहरी समझ विकसित करने में मदद मिलेगी। इसके अलावा, यह अभियान ‘गुड गवर्नेंस’ और ‘सस्टेनेबल डेवलपमेंट गोल्स’ जैसे विषयों के लिए भी प्रासंगिक है, जो परीक्षाओं के पाठ्यक्रम में शामिल होते हैं। इस प्रकार, यह पहल न केवल प्रशासनिक दृष्टिकोण से बल्कि परीक्षा की तैयारी के लिहाज से भी अत्यंत महत्वपूर्ण है।
स्रोत: PIB (Press Information Bureau)
अभ्यास प्रश्न
Q1. ‘विशेष अभियान 6.0’ किसके द्वारा शुरू किया गया है?
- नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय
- पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय
- भारत सरकार का कार्मिक, लोक शिकायत एवं पेंशन मंत्रालय
- नीति आयोग
उत्तर
नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय — ‘विशेष अभियान 6.0’ नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय द्वारा ई-कचरा प्रबंधन के प्रयासों को तेज करने के लिए शुरू किया गया है।
Q2. ‘विशेष अभियान 6.0’ का मुख्य उद्देश्य क्या है?
- ई-कचरे के पुनर्चक्रण को बढ़ावा देना
- ई-कचरे के अवैध निपटान पर रोक लगाना
- ई-कचरे के प्रबंधन में तेजी लाना
- नवीकरणीय ऊर्जा के उपयोग को बढ़ाना
उत्तर
ई-कचरे के प्रबंधन में तेजी लाना — ‘विशेष अभियान 6.0’ का मुख्य उद्देश्य ई-कचरे के प्रबंधन में तेजी लाना है, जिसके तहत इसके संग्रहण, पुनर्चक्रण और सुरक्षित निपटान पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा।
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