03 Sep एम्स रायपुर: छत्तीसगढ़ में विकास, सुरक्षा और नक्सलवाद मुक्ति का प्रतीक
✎ वामपंथी उग्रवाद प्रभावित क्षेत्रों में शांति, प्रगति और अवसरों को बढ़ावा देने के लिए मजबूत राजनीतिक इच्छाशक्ति, दृढ़ सुरक्षा नीति और विकासोन्मुखी शासन का संयोजन आवश्यक है।
विषय प्रासंगिकता — यह टॉपिक कहाँ आता है
- GS Paper II — शासन, सामाजिक न्याय | GS Paper III — आंतरिक सुरक्षा, आर्थिक विकास
- Prelims: वामपंथी उग्रवाद (LWE), एम्स रायपुर (AIIMS Raipur), विकासोन्मुखी शासन, आंतरिक सुरक्षा, स्वास्थ्य सेवाएँ, क्षेत्रीय असमानताएँ
- Essay: विकसित भारत के लिए संतुलित क्षेत्रीय विकास की आवश्यकता, आंतरिक सुरक्षा और विकास का अंतर्संबंध
त्वरित पुनरावृत्ति: वामपंथी उग्रवाद प्रभावित क्षेत्रों में शांति, प्रगति और अवसरों को बढ़ावा देने के लिए मजबूत राजनीतिक इच्छाशक्ति, दृढ़ सुरक्षा नीति और विकासोन्मुखी शासन का संयोजन आवश्यक है।
यह खबर चर्चा में क्यों?
उपराष्ट्रपति श्री सी.पी. राधाकृष्णन ने एम्स रायपुर (AIIMS Raipur) के तीसरे दीक्षांत समारोह में भाग लिया, जहाँ उन्होंने एम्स रायपुर को छत्तीसगढ़ में वामपंथी उग्रवाद (Left Wing Extremism – LWE) के भय से शांति, प्रगति और अवसरों की ओर संक्रमण का प्रतीक बताया। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि मजबूत राजनीतिक इच्छाशक्ति, दृढ़ सुरक्षा नीति और विकासोन्मुखी शासन के माध्यम से नक्सलवाद के खतरे को समाप्त किया गया है, जिससे राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं और समग्र विकास को बढ़ावा मिला है।
पृष्ठभूमि
- छत्तीसगढ़ के कुछ हिस्सों में दशकों से वामपंथी उग्रवाद एक गंभीर चुनौती रहा है, जिसने कठिन भौगोलिक परिस्थितियों और खराब आवागमन सुविधाओं के साथ मिलकर विकास में बाधाएँ उत्पन्न की हैं।
- दूरस्थ और आदिवासी क्षेत्रों में भय तथा हिंसा ने सड़कों, स्कूलों और अस्पतालों जैसे आवश्यक बुनियादी ढाँचे के विकास को बाधित किया, जिससे समुदायों को मौलिक सेवाओं तक पहुँचने में कठिनाई हुई।
- एम्स रायपुर की स्थापना 2012 में हुई थी, जिसका उद्देश्य मध्य भारत में स्वास्थ्य सेवाओं, चिकित्सा शिक्षा और अनुसंधान से संबंधित क्षेत्रीय असमानताओं को कम करना था।
- संस्थान ने छत्तीसगढ़ और पड़ोसी राज्यों के लिए एक प्रमुख तृतीयक स्वास्थ्य सेवा केंद्र के रूप में तेजी से खुद को स्थापित किया है, जो ग्रामीण और आदिवासी समुदायों तक गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सेवाएँ पहुँचा रहा है।
- सरकार ने वामपंथी उग्रवाद से निपटने के लिए एक बहुआयामी रणनीति अपनाई है, जिसमें सुरक्षा उपायों के साथ-साथ विकास परियोजनाओं पर भी ध्यान केंद्रित किया गया है ताकि प्रभावित क्षेत्रों में सामान्य स्थिति बहाल की जा सके।
- उपराष्ट्रपति ने ‘विकसित भारत’ के राष्ट्रीय दृष्टिकोण को प्राप्त करने के लिए प्रत्येक राज्य, जिले और गाँव के संतुलित विकास के महत्व पर बल दिया, जिसमें उच्च शिक्षा तक पहुँच एक महत्वपूर्ण आधार है।
वामपंथी उग्रवाद (LWE) और विकास
- वामपंथी उग्रवाद भारत के कुछ हिस्सों में एक गंभीर आंतरिक सुरक्षा चुनौती है, जो मुख्य रूप से नक्सलवादी और माओवादी समूहों द्वारा फैलाया जाता है।
- ये समूह अक्सर सामाजिक-आर्थिक असमानताओं, भूमि विवादों और शासन की कमी का लाभ उठाकर स्थानीय आबादी का समर्थन प्राप्त करने का प्रयास करते हैं।
- वामपंथी उग्रवाद प्रभावित क्षेत्रों में विकास परियोजनाओं, जैसे सड़क निर्माण, स्कूल और स्वास्थ्य सुविधाओं का निर्माण, अक्सर हिंसा और असुरक्षा के कारण बाधित होता है।
- सरकार की रणनीति में ‘समाधान’ (SAMADHAN) जैसे दृष्टिकोण शामिल हैं, जो सुरक्षा, आक्रामक रणनीति, बहु-आयामी विकास, मानव अधिकार, तकनीकी खुफिया और भविष्य की रणनीति पर केंद्रित है।
- विकासोन्मुखी शासन (Development-oriented governance) का अर्थ है उन नीतियों और कार्यक्रमों को लागू करना जो प्रभावित क्षेत्रों में बुनियादी ढाँचे, शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के अवसरों में सुधार करते हैं।
- एम्स (AIIMS) जैसे संस्थान तृतीयक स्वास्थ्य सेवाएँ प्रदान करके और चिकित्सा शिक्षा को बढ़ावा देकर क्षेत्रीय असमानताओं को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, विशेषकर उन क्षेत्रों में जहाँ पहले ऐसी सुविधाएँ दुर्लभ थीं।
- आंतरिक सुरक्षा को मजबूत करना और विकास को बढ़ावा देना एक-दूसरे के पूरक हैं; बेहतर सुरक्षा विकास के लिए माहौल बनाती है, जबकि विकास उग्रवाद के मूल कारणों को संबोधित करके सुरक्षा को मजबूत करता है।
- शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुँच में सुधार से स्थानीय आबादी का सशक्तिकरण होता है, जिससे वे उग्रवादी विचारधाराओं के प्रति कम संवेदनशील होते हैं और मुख्यधारा के विकास में शामिल होते हैं।
मुख्य विशेषताएँ
| विशेषता | महत्व |
|---|---|
| AIIMS रायपुर का विकास | यह संस्थान मध्य भारत में स्वास्थ्य सेवाओं, चिकित्सा शिक्षा और अनुसंधान से जुड़ी क्षेत्रीय असमानताओं को कम करने में महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है। |
| तृतीयक स्वास्थ्य सेवा केंद्र | अल्प समय में ही यह छत्तीसगढ़ सहित पड़ोसी राज्यों के लिए एक प्रमुख तृतीयक स्वास्थ्य सेवा केंद्र के रूप में स्थापित हुआ है, जो ग्रामीण और आदिवासी समुदायों तक गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सेवाएं पहुंचा रहा है। |
| उन्नत चिकित्सा उपलब्धियाँ | छत्तीसगढ़ में पहला किडनी प्रत्यारोपण, किडनी प्रत्यारोपण में 95% से अधिक सफलता दर, कॉर्नियल प्रत्यारोपण और कान प्रत्यारोपण जैसी उपलब्धियाँ क्षेत्र में उन्नत चिकित्सा की बढ़ती पहुंच को दर्शाती हैं। |
| हृदय प्रत्यारोपण कार्यक्रम की मंजूरी | यह एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि है जो क्षेत्र में उच्च स्तरीय चिकित्सा सुविधाओं के विस्तार को इंगित करती है। |
| वामपंथी उग्रवाद का समाधान | छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद के खतरे को मजबूत राजनीतिक इच्छाशक्ति, दृढ़ सुरक्षा नीति और विकासोन्मुखी शासन के बल पर समाप्त किया गया है, जिससे विकास के नए अवसर खुले हैं। |
महत्व
सामाजिक महत्व
- AIIMS रायपुर जैसी संस्थाओं का विकास दूरस्थ और आदिवासी क्षेत्रों सहित पूरे क्षेत्र में गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच सुनिश्चित करता है, जिससे स्वास्थ्य असमानताएँ कम होती हैं।
- चिकित्सा शिक्षा और अनुसंधान के अवसर प्रदान करके यह संस्थान स्थानीय युवाओं के लिए उच्च शिक्षा और रोजगार के नए द्वार खोलता है, जिससे सामाजिक सशक्तिकरण होता है।
- वामपंथी उग्रवाद का समाधान भय और हिंसा के माहौल को समाप्त कर शांति और सुरक्षा स्थापित करता है, जिससे समुदायों को सामान्य जीवन जीने और विकास में भाग लेने का अवसर मिलता है।
आर्थिक महत्व
- बेहतर स्वास्थ्य सेवाएँ और शिक्षा मानव पूंजी को मजबूत करती हैं, जो किसी भी क्षेत्र के आर्थिक विकास के लिए आवश्यक है।
- उग्रवाद-प्रभावित क्षेत्रों में सड़कों, स्कूलों और अस्पतालों जैसे बुनियादी ढांचे का विकास निवेश को आकर्षित करता है और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देता है।
- विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए प्रत्येक राज्य, जिले और गांव का संतुलित विकास आवश्यक है, जिसमें छत्तीसगढ़ का यह परिवर्तन महत्वपूर्ण योगदान देता है।
शासन और सुरक्षा महत्व
- मजबूत राजनीतिक इच्छाशक्ति, दृढ़ सुरक्षा नीति और विकासोन्मुखी शासन का संयोजन वामपंथी उग्रवाद जैसी दशकों पुरानी चुनौतियों का प्रभावी ढंग से समाधान कर सकता है।
- कानून और व्यवस्था में सुधार से सरकार की विश्वसनीयता बढ़ती है और नागरिकों में सुरक्षा की भावना पैदा होती है।
- विकास परियोजनाओं के माध्यम से शासन की पहुंच का विस्तार दूरस्थ क्षेत्रों को मुख्यधारा में लाता है, जिससे अलगाव की भावना कम होती है और राष्ट्रीय एकता मजबूत होती है।
चुनौतियाँ
1. वामपंथी उग्रवाद का प्रभाव
- दशकों से वामपंथी उग्रवाद ने छत्तीसगढ़ के कुछ हिस्सों में विकास में गंभीर बाधाएँ खड़ी कीं, जिससे सड़कों, स्कूलों और अस्पतालों जैसे आवश्यक बुनियादी ढांचे का विकास बाधित हुआ।
- भय और हिंसा के माहौल ने दूरस्थ और आदिवासी क्षेत्रों में समुदायों को आवश्यक सेवाओं तक पहुंचने से रोका, जिससे दूरी और अभाव का सामना करना पड़ा।
यूपीएससी लिंक: आंतरिक सुरक्षा, सीमावर्ती क्षेत्रों में सुरक्षा चुनौतियाँ
2. क्षेत्रीय असमानताएँ
- मध्य भारत में स्वास्थ्य सेवाओं, चिकित्सा शिक्षा और अनुसंधान से जुड़ी क्षेत्रीय असमानताएँ मौजूद थीं, जिन्हें AIIMS रायपुर जैसे संस्थानों के माध्यम से कम करने का प्रयास किया जा रहा है।
यूपीएससी लिंक: सामाजिक न्याय, क्षेत्रीय असंतुलन
3. बुनियादी ढाँचे का अभाव
- कठिन भौगोलिक स्थिति और आवागमन की खराब सुविधा ने विकास परियोजनाओं को लागू करने में चुनौतियाँ पैदा कीं, खासकर दूरस्थ और आदिवासी क्षेत्रों में।
यूपीएससी लिंक: बुनियादी ढाँचा, क्षेत्रीय विकास
चुनौतियाँ — यूपीएससी दृष्टिकोण
| मुद्दा | चिंता |
|---|---|
| वामपंथी उग्रवाद | दशकों तक विकास में बाधा, भय और हिंसा का माहौल, आवश्यक सेवाओं तक पहुंच का अभाव। |
| स्वास्थ्य सेवा असमानताएँ | मध्य भारत में गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं, चिकित्सा शिक्षा और अनुसंधान तक पहुंच में क्षेत्रीय अंतर। |
| बुनियादी ढाँचा और कनेक्टिविटी | कठिन भौगोलिक स्थिति और आवागमन की खराब सुविधा के कारण दूरस्थ क्षेत्रों में विकास परियोजनाओं का धीमा क्रियान्वयन। |
| आदिवासी समुदायों का अलगाव | उग्रवाद और बुनियादी ढांचे की कमी के कारण दूरस्थ आदिवासी क्षेत्रों का मुख्यधारा से कटाव। |
आगे की राह
- वामपंथी उग्रवाद से प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा बलों की उपस्थिति और विकास परियोजनाओं के बीच समन्वय को और मजबूत करना।
- स्वास्थ्य, शिक्षा और कनेक्टिविटी जैसे क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे के विकास के लिए लक्षित निवेश जारी रखना, विशेषकर दूरस्थ और आदिवासी क्षेत्रों में।
- AIIMS रायपुर जैसे संस्थानों की क्षमता का विस्तार करना ताकि वे अधिक रोगियों को सेवा दे सकें और चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान में उत्कृष्टता प्राप्त कर सकें।
- स्थानीय समुदायों, विशेषकर आदिवासी आबादी को विकास प्रक्रिया में सक्रिय रूप से शामिल करना ताकि उनकी विशिष्ट आवश्यकताओं और आकांक्षाओं को पूरा किया जा सके।
- उच्च शिक्षा तक पहुंच बढ़ाने के लिए नए शैक्षणिक संस्थानों की स्थापना और मौजूदा संस्थानों की गुणवत्ता में सुधार पर ध्यान केंद्रित करना।
- राज्यों और केंद्र सरकार के बीच सहयोग को और सुदृढ़ करना ताकि ‘विकसित भारत’ के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए संतुलित क्षेत्रीय विकास सुनिश्चित किया जा सके।
यूपीएससी मूल्य-संवर्धन
मुख्य परीक्षा उत्तर-लेखन हेतु कीवर्ड
विकसित भारत (Developed India) · स्वास्थ्य सेवा में क्षेत्रीय असमानता · एम्स रायपुर (AIIMS Raipur) · नक्सलवाद (Naxalism) · विकासोन्मुखी शासन · मजबूत राजनीतिक इच्छाशक्ति · तृतीयक स्वास्थ्य सेवा केंद्र · ग्रामीण एवं आदिवासी स्वास्थ्य · प्रत्यारोपण चिकित्सा · उच्च शिक्षा में महिलाओं की भागीदारी
संवैधानिक व नीतिगत संबंध
- {‘article’: ‘अनुच्छेद 21’, ‘note’: ‘जीवन और व्यक्तिगत स्वतंत्रता का अधिकार’}
- {‘article’: ‘अनुच्छेद 47’, ‘note’: ‘पोषाहार स्तर और जीवन स्तर को ऊपर उठाना’}
- {‘article’: ‘अनुच्छेद 330, 332’, ‘note’: ‘अनुसूचित जनजातियों के लिए सीटों का आरक्षण’}
अवधारणा प्रवाह
वामपंथी उग्रवाद और बुनियादी ढांचे का अभाव → विकास में बाधाएँ और क्षेत्रीय असमानताएँ → मजबूत राजनीतिक इच्छाशक्ति और सुरक्षा नीति → विकासोन्मुखी शासन और बुनियादी ढांचे का विस्तार → AIIMS रायपुर जैसे संस्थानों का विकास → गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं और शिक्षा तक पहुंच → शांति, प्रगति और अवसरों का नया युग
प्रारंभिक अभ्यास प्रश्न
Q1. निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. एम्स रायपुर की स्थापना वर्ष 2012 में हुई थी। 2. एम्स रायपुर ने छत्तीसगढ़ में सर्वप्रथम किडनी प्रत्यारोपण किया। 3. एम्स रायपुर में कॉर्नियल प्रत्यारोपण में 95 प्रतिशत से अधिक सफलता दर है। उपरोक्त में से कितने कथन सही हैं?
- केवल एक
- केवल दो
- सभी तीन
- कोई नहीं
उत्तर: सभी तीन — कथन 1 और 2 सही हैं जबकि कथन 3 में 95 प्रतिशत सफलता दर का उल्लेख है, जो प्रत्यारोपण के विभिन्न प्रकारों के लिए अलग-अलग हो सकती है। अतः केवल दो कथन पूर्णतः सही हैं।
Q2. विकसित भारत के दृष्टिकोण को साकार करने के लिए निम्नलिखित में से कौन-सा कारक सर्वाधिक महत्वपूर्ण माना जाता है?
- औद्योगिक विकास
- उच्च शिक्षा तक पहुँच
- विदेशी निवेश
- राजकोषीय घाटा नियंत्रण
उत्तर: उच्च शिक्षा तक पहुँच — विकसित भारत के दृष्टिकोण में उच्च शिक्षा तक पहुँच को मूल आधार माना गया है, क्योंकि शिक्षित मानव संसाधन ही विकास का इंजन होता है।
Q3. Assertion (A): नक्सलवाद के कारण छत्तीसगढ़ के दूरस्थ क्षेत्रों में विकास बाधित हुआ। Reason (R): कठिन भौगोलिक स्थिति, आवागमन की खराब सुविधा और हिंसा ने विकास कार्यों में बाधा उत्पन्न की।
- (A) और (R) दोनों सही हैं तथा (R), (A) की सही व्याख्या है।
- (A) और (R) दोनों सही हैं किंतु (R), (A) की सही व्याख्या नहीं है।
- (A) सही है किंतु (R) गलत है।
- (A) गलत है किंतु (R) सही है।
उत्तर: (A) और (R) दोनों सही हैं तथा (R), (A) की सही व्याख्या है। — नक्सलवाद के कारण विकास बाधित हुआ और इसका कारण कठिन भौगोलिक स्थिति, आवागमन की खराब सुविधा तथा हिंसा थी। अतः दोनों कथन सही हैं और कारण व्याख्या भी सही है।
मुख्य अभ्यास प्रश्न
✍ विकसित भारत के दृष्टिकोण को साकार करने में स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र की भूमिका की विवेचना कीजिए। इसमें क्षेत्रीय असमानताओं को दूर करने में संस्थानों जैसे एम्स रायपुर की भूमिका का विश्लेषण करते हुए बताइए कि ग्रामीण एवं आदिवासी क्षेत्रों तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं की पहुँच सुनिश्चित करने के लिए कौन-कौन से उपाय अपनाए जा सकते हैं? (15 Marks)
रूपरेखा: विकसित भारत के दृष्टिकोण का संक्षिप्त परिचय देते हुए स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र की भूमिका बताएं। स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र में क्षेत्रीय असमानताओं के प्रमुख कारणों का उल्लेख करें (भौगोलिक स्थिति, संसाधनों का असमान वितरण, राजनीतिक इच्छाशक्ति की कमी आदि)। एम्स रायपुर जैसे संस्थानों की स्थापना और उनके योगदान का विश्लेषण करें (स्थापना वर्ष 2012, तृतीयक स्वास्थ्य सेवा केंद्र के रूप में विकास, प्रत्यारोपण चिकित्सा में उपलब्धियाँ)। ग्रामीण एवं आदिवासी क्षेत्रों तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं की पहुँच सुनिश्चित करने के उपाय सुझाएं: – राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) और आयुष्मान भारत जैसी योजनाओं का विस्तार। – दूरस्थ क्षेत्रों में मोबाइल स्वास्थ्य इकाइयों और टेलीमेडिसिन का उपयोग। – जनजातीय क्षेत्रों में विशेष स्वास्थ्य केंद्रों की स्थापना। – स्वास्थ्य कर्मियों के प्रशिक्षण और तैनाती में सुधार। – सामुदायिक भागीदारी और जागरूकता कार्यक्रम। निष्कर्ष: स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र में समान विकास के लिए केंद्र-राज्य समन्वय और संसाधनों के न्यायसंगत वितरण पर बल।
स्रोत: PIB (Press Information Bureau)
Chhattisgarh PCS (CGPSC) — राज्य PCS अभ्यास
Prelims: उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ द्वारा हाल ही में एम्स रायपुर को ‘वामपंथी उग्रवाद के भय से शांति, प्रगति और अवसरों की ओर छत्तीसगढ़ की यात्रा का प्रतीक’ कहा गया। इस संदर्भ में, निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही है?
- एम्स रायपुर की स्थापना से पूर्व छत्तीसगढ़ में स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति अत्यंत निराशाजनक थी, जिसे सुधारने के लिए राज्य सरकार द्वारा कई पहलें की गईं।
- एम्स रायपुर की स्थापना के बाद राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं के साथ-साथ शिक्षा और रोजगार के अवसरों में भी वृद्धि हुई है, जिससे वामपंथी उग्रवाद प्रभावित क्षेत्रों में शांति स्थापित हुई है।
- एम्स रायपुर की स्थापना का मुख्य उद्देश्य केवल राज्य के प्रमुख शहरों में स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार करना था, न कि ग्रामीण क्षेत्रों तक पहुँच सुनिश्चित करना।
- उपराष्ट्रपति द्वारा दिए गए वक्तव्य का मुख्य उद्देश्य राज्य में वामपंथी उग्रवाद को बढ़ावा देना है, ताकि सरकार की नीतियों पर ध्यान आकर्षित किया जा सके।
उत्तर: एम्स रायपुर की स्थापना के बाद राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं के साथ-साथ शिक्षा और रोजगार के अवसरों में भी वृद्धि हुई है, जिससे वामपंथी उग्रवाद प्रभावित क्षेत्रों में शांति स्थापित हुई है। — एम्स रायपुर की स्थापना से राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं के साथ-साथ शिक्षा और रोजगार के अवसरों में वृद्धि हुई है, जिससे वामपंथी उग्रवाद प्रभावित क्षेत्रों में शांति स्थापित हुई है।
Mains: छत्तीसगढ़ में वामपंथी उग्रवाद प्रभावित क्षेत्रों में शांति, प्रगति और अवसरों के सृजन में ‘एम्स रायपुर’ जैसे संस्थानों की भूमिका पर प्रकाश डालते हुए, राज्य में विकास के नवीन अवसरों की संभावनाओं का विश्लेषण कीजिए।
शैक्षिक उद्देश्य हेतु AanyaAi द्वारा जनित।
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