केरल सीएम को पीएम श्री योजना पर स्पष्ट करना होगा: बीजेपी

Kerala CM must clarify stand on PM SHRI scheme: BJP — diagram

केरल सीएम को पीएम श्री योजना पर स्पष्ट करना होगा: बीजेपी

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PM SHRI Scheme

✎ पीएम श्री योजना राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के सिद्धांतों पर आधारित एक केंद्र प्रायोजित योजना है, जिसका लक्ष्य देश भर के स्कूलों को आदर्श विद्यालयों के रूप में विकसित करना है।

विषय प्रासंगिकता — यह टॉपिक कहाँ आता है

  • GS Paper II — भारतीय राजव्यवस्था, संघवाद, केंद्र-राज्य संबंध, सामाजिक न्याय  |  GS Paper III — मानव संसाधन
  • Prelims: पीएम श्री योजना, राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020, केंद्र प्रायोजित योजना, शिक्षा मंत्रालय, संघवाद
  • Essay: भारत में शिक्षा क्षेत्र में सुधार की चुनौतियाँ और अवसर, सहकारी संघवाद और केंद्र-राज्य संबंधों का महत्व

त्वरित पुनरावृत्ति: पीएम श्री योजना राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के सिद्धांतों पर आधारित एक केंद्र प्रायोजित योजना है, जिसका लक्ष्य देश भर के स्कूलों को आदर्श विद्यालयों के रूप में विकसित करना है।

यह खबर चर्चा में क्यों?

केरल के मुख्यमंत्री से हाल ही में पीएम श्री योजना (PM SHRI Scheme) पर राज्य के रुख को स्पष्ट करने की मांग की गई है। यह मांग राज्य के एक मंत्री द्वारा योजना के संबंध में दिए गए एक बयान के बाद उठी है, जिसमें उन्होंने योजना को ‘रद्द’ करने की बात कही थी। इस घटनाक्रम ने केंद्र सरकार की इस प्रमुख शिक्षा योजना के क्रियान्वयन और केंद्र-राज्य संबंधों के महत्व पर बहस छेड़ दी है।

पृष्ठभूमि

  • पीएम श्री योजना एक केंद्र प्रायोजित योजना (Centrally Sponsored Scheme) है, जिसे भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय (Ministry of Education) द्वारा लागू किया जा रहा है।
  • इस योजना का उद्देश्य देश भर के स्कूलों को ‘आदर्श विद्यालयों’ के रूप में विकसित करना है, जो राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 (National Education Policy 2020) के सिद्धांतों को पूरी तरह से लागू करेंगे।
  • योजना के तहत, चयनित स्कूलों को आधुनिक बुनियादी ढाँचा, प्रौद्योगिकी-आधारित शिक्षण और समग्र शिक्षा प्रदान करने के लिए वित्तीय सहायता मिलती है।
  • केंद्र प्रायोजित योजनाएँ वे योजनाएँ होती हैं जहाँ केंद्र सरकार राज्यों को वित्तीय सहायता प्रदान करती है, लेकिन उनके क्रियान्वयन में राज्यों की भूमिका महत्वपूर्ण होती है।
  • शिक्षा समवर्ती सूची (Concurrent List) का विषय है, जिसका अर्थ है कि केंद्र और राज्य दोनों इस पर कानून बना सकते हैं और नीतियां लागू कर सकते हैं।
  • केंद्र और राज्यों के बीच योजनाओं के क्रियान्वयन को लेकर मतभेद भारतीय संघवाद (Indian Federalism) की एक सामान्य विशेषता है, जो सहकारी संघवाद (Cooperative Federalism) के महत्व को रेखांकित करता है।

पीएम श्री योजना क्या है?

  • इसका लक्ष्य देश भर के 14,500 से अधिक स्कूलों को अपग्रेड और विकसित करना है, जिससे वे ‘आदर्श विद्यालय’ बन सकें।
  • इन स्कूलों में राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 की सभी विशेषताओं को प्रदर्शित किया जाएगा और ये अन्य स्कूलों के लिए एक उदाहरण के रूप में कार्य करेंगे।
  • योजना का उद्देश्य छात्रों को एक समग्र, न्यायसंगत, समावेशी और आनंददायक सीखने का अनुभव प्रदान करना है।
  • इसमें स्मार्ट क्लासरूम, खेल और कला-एकीकृत शिक्षा, आईसीटी (Information and Communication Technology) और आधुनिक विज्ञान प्रयोगशालाओं जैसी सुविधाओं पर जोर दिया गया है।
  • पीएम श्री स्कूल ‘ग्रीन स्कूल’ की अवधारणा पर भी आधारित होंगे, जिसमें पर्यावरण-अनुकूल प्रथाओं को बढ़ावा दिया जाएगा।
  • यह योजना केंद्र प्रायोजित है, जिसमें केंद्र सरकार और राज्य सरकारें एक निश्चित अनुपात में लागत साझा करती हैं (आमतौर पर 60:40, पूर्वोत्तर और हिमालयी राज्यों के लिए 90:10)।
  • योजना का क्रियान्वयन शिक्षा मंत्रालय द्वारा एक निश्चित समय-सीमा के भीतर किया जाएगा, जिसमें राज्यों की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है।

मुख्य विशेषताएँ

विशेषता महत्व
पीएम श्री योजना (PM SHRI Scheme) यह केंद्र सरकार की एक योजना है जिसका उद्देश्य विज्ञान और प्रौद्योगिकी उपकरणों की सहायता से छात्रों में शैक्षणिक उत्कृष्टता लाना है। यह नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के अनुरूप है।
केंद्र-राज्य संबंध केंद्र सरकार की योजनाओं को लागू करने या अस्वीकार करने के संबंध में राज्यों की स्वायत्तता और केंद्र तथा राज्य के बीच सहयोग का महत्व।
शैक्षणिक प्रगति योजना का लक्ष्य छात्रों के लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और समग्र विकास सुनिश्चित करना है, विशेषकर वंचित वर्गों के लिए।
नीति निर्माण और कार्यान्वयन सरकारी नीतियों और योजनाओं के प्रभावी कार्यान्वयन के लिए राजनीतिक सहमति और प्रशासनिक सहयोग की आवश्यकता।

महत्व

सामाजिक महत्व

  • पीएम श्री योजना का उद्देश्य देश भर के स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार करना है, जिससे छात्रों को आधुनिक शिक्षण पद्धतियों और प्रौद्योगिकी तक पहुँच मिल सके।
  • यह योजना विशेष रूप से वंचित पृष्ठभूमि के छात्रों के लिए शैक्षणिक अवसरों को बढ़ावा देने पर केंद्रित है, जिससे सामाजिक समानता और समावेशन सुनिश्चित हो सके।

शासन और नीतिगत निहितार्थ

  • केंद्र सरकार की योजनाओं को लागू करने या अस्वीकार करने में राज्य सरकारों की भूमिका केंद्र-राज्य संबंधों में एक महत्वपूर्ण पहलू है।
  • योजनाओं के प्रभावी कार्यान्वयन के लिए केंद्र और राज्य सरकारों के बीच समन्वय और सहयोग आवश्यक है, जिससे नागरिकों को लाभ मिल सके।

शैक्षिक सुधार

  • यह योजना राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के लक्ष्यों को प्राप्त करने में सहायक है, जिसका उद्देश्य भारत की शिक्षा प्रणाली में परिवर्तनकारी सुधार लाना है।
  • विज्ञान और प्रौद्योगिकी उपकरणों का उपयोग छात्रों को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करने और उनकी रचनात्मकता तथा आलोचनात्मक सोच को बढ़ावा देने में मदद करेगा।

चुनौतियाँ

1. केंद्र-राज्य संबंधों में तनाव

  • केंद्र सरकार की योजनाओं को लागू करने के संबंध में राज्य सरकारों की आपत्तियाँ संघीय ढांचे में संभावित तनाव को दर्शाती हैं।
  • राजनीतिक मतभेद अक्सर उन योजनाओं के कार्यान्वयन को प्रभावित करते हैं जिनका उद्देश्य नागरिकों को लाभ पहुँचाना होता है।

2. शैक्षिक असमानता

  • यदि राज्य सरकारें केंद्र की शैक्षिक योजनाओं को अस्वीकार करती हैं, तो इससे विभिन्न राज्यों के छात्रों के लिए उपलब्ध शैक्षिक अवसरों में असमानताएँ पैदा हो सकती हैं।
  • वंचित छात्रों को आधुनिक शैक्षिक संसाधनों से वंचित किया जा सकता है, जिससे उनकी प्रगति बाधित हो सकती है।

3. नीतिगत कार्यान्वयन में बाधाएँ

  • राजनीतिक विरोध के कारण महत्वपूर्ण शैक्षिक सुधारों और योजनाओं का कार्यान्वयन धीमा हो सकता है या रुक सकता है।
  • इससे उन लक्ष्यों को प्राप्त करने में देरी हो सकती है जो राष्ट्रीय स्तर पर शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार के लिए निर्धारित किए गए हैं।

चुनौतियाँ — यूपीएससी दृष्टिकोण

मुद्दा चिंता
पीएम श्री योजना का कार्यान्वयन केरल सरकार द्वारा योजना को अस्वीकार करने से राज्य के छात्रों को इसके लाभों से वंचित होना पड़ सकता है।
केंद्र-राज्य समन्वय केंद्र और राज्य के बीच राजनीतिक मतभेद विकासोन्मुखी योजनाओं के सुचारू कार्यान्वयन में बाधा डाल सकते हैं।
शैक्षणिक अवसरों में असमानता यदि कुछ राज्य योजना को नहीं अपनाते हैं, तो इससे विभिन्न राज्यों के छात्रों के लिए उपलब्ध शैक्षिक संसाधनों में अंतर आ सकता है।
शासन में पारदर्शिता और जवाबदेही योजनाओं को अस्वीकार करने के कारणों पर स्पष्टता की कमी से सार्वजनिक जवाबदेही पर सवाल उठ सकते हैं।

सरकारी पहल — प्रीलिम्स हेतु अवश्य याद रखें

  • पीएम श्री योजना (PM SHRI Scheme)

आगे की राह

  • केंद्र और राज्य सरकारों के बीच संवाद और परामर्श को बढ़ावा देना ताकि योजनाओं के कार्यान्वयन पर आम सहमति बन सके।
  • केंद्र सरकार द्वारा राज्यों की विशिष्ट आवश्यकताओं और चिंताओं को ध्यान में रखते हुए योजनाओं में लचीलापन लाना।
  • शैक्षिक योजनाओं के लाभों और उद्देश्यों के बारे में सार्वजनिक जागरूकता बढ़ाना ताकि नागरिक भागीदारी सुनिश्चित हो सके।
  • योजनाओं के कार्यान्वयन में राज्यों की स्वायत्तता का सम्मान करते हुए, राष्ट्रीय लक्ष्यों के साथ संरेखण सुनिश्चित करना।
  • शिक्षा के क्षेत्र में सर्वोत्तम प्रथाओं और नवाचारों को साझा करने के लिए एक मंच स्थापित करना।
  • योजनाओं के प्रभाव का नियमित मूल्यांकन करना और परिणामों के आधार पर आवश्यक समायोजन करना।

यूपीएससी मूल्य-संवर्धन

मुख्य परीक्षा उत्तर-लेखन हेतु कीवर्ड

पीएम श्री योजना · राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 · केंद्र-राज्य संबंध · सहकारी संघवाद · शिक्षा का अधिकार · डिजिटल शिक्षा · शैक्षिक उत्कृष्टता · राज्यों की भूमिका · वित्तीय सहायता · नीति कार्यान्वयन

संवैधानिक व नीतिगत संबंध

  • अनुच्छेद 246: संघ और राज्यों के बीच विधायी शक्तियों का वितरण
  • अनुच्छेद 256: राज्यों की और संघ की बाध्यता
  • अनुच्छेद 257: कुछ दशाओं में राज्यों पर संघ का नियंत्रण
  • सातवीं अनुसूची: संघ, राज्य और समवर्ती सूची (शिक्षा समवर्ती सूची का विषय है)

अवधारणा प्रवाह

केंद्र सरकार ने पीएम श्री योजना शुरू की।  →  योजना का उद्देश्य छात्रों में शैक्षणिक उत्कृष्टता लाना है।  →  राज्य सरकार द्वारा योजना के कार्यान्वयन पर आपत्ति उठाई गई।  →  यह केंद्र-राज्य संबंधों में तनाव पैदा करता है।  →  छात्रों को योजना के संभावित लाभों से वंचित होने का जोखिम।  →  सहयोगात्मक संघवाद की आवश्यकता पर बल।

प्रारंभिक अभ्यास प्रश्न

Q1. पीएम श्री (PM SHRI) योजना के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार करें:
1. यह योजना राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप है।
2. इस योजना के तहत केंद्र सरकार शत-प्रतिशत वित्तीय सहायता प्रदान करती है।
3. इसका उद्देश्य देश भर के स्कूलों को ‘आदर्श विद्यालयों’ के रूप में विकसित करना है।
उपरोक्त कथनों में से कितने सही हैं?

  1. केवल एक
  2. केवल दो
  3. केवल तीन
  4. कोई नहीं

उत्तर: केवल दो — कथन 1 सही है क्योंकि पीएम श्री योजना राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के सिद्धांतों पर आधारित है। कथन 2 गलत है क्योंकि यह एक केंद्र प्रायोजित योजना है जिसमें केंद्र और राज्य के बीच लागत साझा की जाती है (आमतौर पर 60:40 के अनुपात में, पूर्वोत्तर राज्यों और हिमालयी राज्यों के लिए 90:10)। कथन 3 सही है क्योंकि योजना का मुख्य उद्देश्य देश भर के 14,500 से अधिक स्कूलों को ‘आदर्श विद्यालयों’ के रूप में विकसित करना है।

Q2. निम्नलिखित में से कौन-सा कथन पीएम श्री योजना के उद्देश्यों को सर्वोत्तम रूप से दर्शाता है?

  1. यह केवल प्राथमिक स्तर पर शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार पर केंद्रित है।
  2. इसका उद्देश्य देश भर में नए स्कूल खोलना है।
  3. यह मौजूदा स्कूलों को राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप उन्नत और विकसित करने पर केंद्रित है।
  4. यह केवल निजी स्कूलों को वित्तीय सहायता प्रदान करती है।

उत्तर: यह मौजूदा स्कूलों को राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप उन्नत और विकसित करने पर केंद्रित है। — पीएम श्री योजना का मुख्य उद्देश्य मौजूदा स्कूलों को अपग्रेड करना और उन्हें राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप ‘आदर्श विद्यालयों’ के रूप में विकसित करना है, जिसमें प्रौद्योगिकी-आधारित और समग्र शिक्षा पर जोर दिया गया है।

मुख्य अभ्यास प्रश्न

✍ पीएम श्री (PM SHRI) योजना के प्रमुख उद्देश्यों और विशेषताओं का वर्णन कीजिए। केंद्र प्रायोजित योजनाओं के कार्यान्वयन में राज्यों की भूमिका और चुनौतियों पर चर्चा कीजिए। (15 Marks)

रूपरेखा: उत्तर को दो मुख्य भागों में विभाजित करें। पहले भाग में, पीएम श्री योजना के उद्देश्यों और विशेषताओं को विस्तार से बताएं, जिसमें राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के साथ इसके संबंध, ‘आदर्श विद्यालय’ की अवधारणा, प्रौद्योगिकी एकीकरण और समग्र शिक्षा पर जोर शामिल हो। दूसरे भाग में, केंद्र प्रायोजित योजनाओं के कार्यान्वयन में राज्यों की भूमिका पर प्रकाश डालें, जिसमें वित्तीय भागीदारी, प्रशासनिक चुनौतियाँ, स्थानीय आवश्यकताओं के अनुकूलन की आवश्यकता और केंद्र-राज्य समन्वय के मुद्दे शामिल हों। सहकारी संघवाद के संदर्भ में इन चुनौतियों का विश्लेषण करें।

स्रोत: The Hindu


शैक्षिक उद्देश्य हेतु AanyaAi द्वारा जनित।


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