01 Sep कोयला मंत्रालय ने शुरू किया ‘विशेष अभियान 6.0’: स्वच्छता एवं दक्षता पर जोर, जानिए प्रमुख लक्ष्य
✎ विशेष अभियान 6.0 कोयला मंत्रालय की एक पहल है जो प्रशासनिक दक्षता, स्वच्छता, ई-कचरा प्रबंधन और पर्यावरणीय स्थिरता को बढ़ावा देने पर केंद्रित है।
विषय प्रासंगिकता — यह टॉपिक कहाँ आता है
- GS Paper II — शासन, पारदर्शिता और जवाबदेही के महत्वपूर्ण पक्ष, ई-गवर्नेंस | GS Paper III — पर्यावरण प्रदूषण और क्षरण, पर्यावरण प्रभाव आकलन
- Prelims: विशेष अभियान 6.0, कोयला मंत्रालय, ई-कचरा प्रबंधन, स्वच्छता अभियान, डिजिटलीकरण, संसाधन प्रबंधन, डीएआरपीजी, कोल इंडिया लिमिटेड
- Essay: प्रशासनिक सुधार और सुशासन की दिशा में भारत के प्रयास, पर्यावरणीय स्थिरता और आर्थिक विकास का संतुलन
त्वरित पुनरावृत्ति: विशेष अभियान 6.0 कोयला मंत्रालय की एक पहल है जो प्रशासनिक दक्षता, स्वच्छता, ई-कचरा प्रबंधन और पर्यावरणीय स्थिरता को बढ़ावा देने पर केंद्रित है।
यह खबर चर्चा में क्यों?
कोयला मंत्रालय ने हाल ही में ‘विशेष अभियान 6.0’ के लिए एक तैयारी बैठक आयोजित की, जिसकी अध्यक्षता मंत्रालय के संयुक्त सचिव ने की। इस बैठक में कोल इंडिया लिमिटेड (CIL) और उसकी सहायक कंपनियों, एनएलसी इंडिया लिमिटेड, कोयला नियंत्रक संगठन (CCO) और कोयला खान भविष्य निधि संगठन (CMPFO) के नोडल अधिकारियों ने भाग लिया। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य स्वच्छता, दक्षता, ई-कचरा प्रबंधन और प्रशासनिक प्रभावशीलता को बढ़ाना है, जो मंत्रालय की पर्यावरणीय स्थिरता और सुशासन के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
पृष्ठभूमि
- भारत सरकार विभिन्न मंत्रालयों और विभागों में प्रशासनिक दक्षता और स्वच्छता को बढ़ावा देने के लिए नियमित रूप से विशेष अभियान चलाती है।
- ये अभियान विशेष रूप से लंबित मामलों के निपटान, कार्यालय स्थानों के अनुकूलन और स्क्रैप सामग्री के प्रभावी निपटान पर केंद्रित होते हैं।
- पिछले ‘विशेष अभियान 5.0’ में कोयला मंत्रालय ने खाली किए गए स्थान के मामले में पहला स्थान और अर्जित राजस्व के मामले में तीसरा स्थान प्राप्त किया था, जो इन अभियानों की सफलता को दर्शाता है।
- प्रशासनिक सुधार और लोक शिकायत विभाग (DARPG) इन अभियानों के मूल्यांकन और निगरानी के लिए जिम्मेदार प्रमुख संस्था है।
- इन अभियानों का उद्देश्य केवल स्वच्छता तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें डिजिटलीकरण, पर्यावरण-अनुकूल पद्धतियों को बढ़ावा देना और नागरिक-केंद्रित दृष्टिकोण अपनाना भी शामिल है।
- यह पहल सरकारी कामकाज में पारदर्शिता, जवाबदेही और समग्र प्रभावशीलता को बढ़ाने के व्यापक लक्ष्य का हिस्सा है।
विशेष अभियान 6.0 क्या है?
- यह कोयला मंत्रालय द्वारा शुरू किया गया एक राष्ट्रव्यापी अभियान है जिसका उद्देश्य कार्यालयों में स्वच्छता, दक्षता और सुशासन को बढ़ावा देना है।
- अभियान के मुख्य फोकस क्षेत्रों में ई-कचरे का प्रभावी संग्रह, पृथक्करण और निपटान शामिल है, जो पर्यावरणीय स्थिरता के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
- यह कार्यालय स्थानों के विस्तार और आधुनिक सफाई पद्धतियों को अपनाने पर भी जोर देता है ताकि कार्यस्थल की कार्यक्षमता में सुधार हो सके।
- स्क्रैप सामग्री का कुशलतापूर्वक निपटान और कार्यालय स्थान का इष्टतम उपयोग अभियान के प्रमुख घटक हैं, जिससे संसाधनों का बेहतर प्रबंधन होता है।
- डिजिटलीकरण और पर्यावरण-अनुकूल पद्धतियों को बढ़ावा देना इस अभियान का एक महत्वपूर्ण पहलू है, जो डिजिटल इंडिया पहल के अनुरूप है।
- ‘कचरे से धन सृजन’ की अवधारणा को बढ़ावा दिया जाएगा, जिससे अनुपयोगी वस्तुओं से आर्थिक मूल्य प्राप्त किया जा सके।
- समावेशिता को बढ़ावा देना और नागरिक-केंद्रित दृष्टिकोण अपनाना भी इस अभियान के उद्देश्यों में शामिल है, जिससे सार्वजनिक सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार हो।
- संस्थागत प्रोटोकॉल और तंत्र को मजबूत करना भी इस अभियान का हिस्सा है, ताकि प्रशासनिक प्रक्रियाओं को सुव्यवस्थित किया जा सके।
मुख्य विशेषताएँ
| Feature | Significance |
|---|---|
| ई-कचरा प्रबंधन | पर्यावरणीय स्थिरता और संसाधन पुनर्चक्रण को बढ़ावा देना। |
| कार्यालय स्थान का विस्तार और इष्टतम उपयोग | कार्यस्थल की दक्षता में सुधार और प्रशासनिक प्रभावशीलता बढ़ाना। |
| आधुनिक सफाई पद्धतियाँ | स्वच्छता मानकों को उन्नत करना और स्वास्थ्यकर कार्य वातावरण सुनिश्चित करना। |
| डिजिटलीकरण और पर्यावरण-अनुकूल पद्धतियाँ | कागज़ रहित कार्य को बढ़ावा देना और पर्यावरणीय पदचिह्न को कम करना। |
| कचरे से धन सृजन | संसाधनों का प्रभावी उपयोग और आर्थिक मूल्य उत्पन्न करना। |
| नागरिक-केंद्रित दृष्टिकोण और समावेशिता | सार्वजनिक सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार और सभी हितधारकों को शामिल करना। |
महत्व
प्रशासनिक दक्षता
- यह अभियान सरकारी कार्यालयों में लंबित मामलों के समय पर निपटान, स्क्रैप के कुशल निपटान और प्रशासनिक प्रक्रियाओं के सुव्यवस्थितीकरण पर केंद्रित है, जिससे समग्र प्रशासनिक दक्षता में वृद्धि होती है।
- कार्यालय स्थान के इष्टतम उपयोग और डिजिटलीकरण को बढ़ावा देने से कार्यप्रणाली में सुधार होता है और संसाधनों का बेहतर प्रबंधन होता है।
पर्यावरणीय स्थिरता
- ई-कचरे का प्रभावी संग्रह, पृथक्करण और निपटान, साथ ही पर्यावरण-अनुकूल पद्धतियों को बढ़ावा देना, पर्यावरणीय स्थिरता के प्रति मंत्रालय की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
- यह पहल कचरा प्रबंधन और संसाधन पुनर्चक्रण के महत्व को रेखांकित करती है, जो सतत विकास लक्ष्यों (Sustainable Development Goals) के अनुरूप है।
संसाधन प्रबंधन
- कचरे से धन सृजन और स्क्रैप का कुशलतापूर्वक निपटान संसाधनों के प्रभावी प्रबंधन और अपशिष्ट को मूल्यवान संपत्ति में बदलने की क्षमता को उजागर करता है।
- यह न केवल राजस्व उत्पन्न करता है बल्कि प्राकृतिक संसाधनों पर दबाव को भी कम करता है।
सार्वजनिक सेवा वितरण
- नागरिक-केंद्रित दृष्टिकोण अपनाना और संस्थागत प्रोटोकॉल को मजबूत करना सार्वजनिक सेवा वितरण की गुणवत्ता और जवाबदेही में सुधार करता है।
- यह सरकारी कामकाज में पारदर्शिता और दक्षता को बढ़ावा देता है, जिससे नागरिकों को बेहतर अनुभव मिलता है।
चुनौतियाँ
1. ई-कचरा प्रबंधन
- ई-कचरे के प्रभावी संग्रह, पृथक्करण और निपटान के लिए उचित बुनियादी ढांचे और विशेषज्ञता की आवश्यकता होती है।
- अवैज्ञानिक निपटान से पर्यावरणीय प्रदूषण और स्वास्थ्य संबंधी जोखिम हो सकते हैं।
यूपीएससी लिंक: पर्यावरण और पारिस्थितिकी, प्रदूषण नियंत्रण
2. डिजिटलीकरण का कार्यान्वयन
- सरकारी प्रक्रियाओं के पूर्ण डिजिटलीकरण के लिए तकनीकी बुनियादी ढांचे, कर्मचारियों के प्रशिक्षण और डेटा सुरक्षा सुनिश्चित करने की आवश्यकता होती है।
- डिजिटल डिवाइड (Digital Divide) और साइबर सुरक्षा चुनौतियाँ भी महत्वपूर्ण हैं।
यूपीएससी लिंक: ई-गवर्नेंस, सूचना प्रौद्योगिकी
3. संसाधन आवंटन और निगरानी
- अभियान के लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए पर्याप्त वित्तीय और मानव संसाधनों का आवंटन आवश्यक है।
- कार्यान्वयन की प्रभावी निगरानी और मूल्यांकन सुनिश्चित करना भी एक चुनौती है।
यूपीएससी लिंक: शासन, सार्वजनिक प्रशासन
4. व्यवहार परिवर्तन
- कर्मचारियों और हितधारकों के बीच स्वच्छता, दक्षता और पर्यावरण-अनुकूल प्रथाओं को अपनाने के लिए व्यवहार परिवर्तन लाना एक सतत चुनौती है।
- पुरानी आदतों को बदलना और नई कार्यप्रणाली को अपनाना समय लेता है।
यूपीएससी लिंक: सामाजिक मनोविज्ञान, लोक प्रशासन
चुनौतियाँ — यूपीएससी दृष्टिकोण
| Issue | Concern |
|---|---|
| ई-कचरा निपटान | पर्याप्त प्रसंस्करण सुविधाओं और नियमों का अनुपालन सुनिश्चित करना। |
| डिजिटलीकरण की गति | तकनीकी अंतराल और कर्मचारियों के कौशल उन्नयन की आवश्यकता। |
| कचरे से धन सृजन की व्यवहार्यता | बाजार लिंकेज और प्रसंस्करण प्रौद्योगिकियों की उपलब्धता। |
| अभियान की निरंतरता | लंबे समय तक प्रतिबद्धता और नियमित निगरानी का अभाव। |
| अंतर-विभागीय समन्वय | विभिन्न मंत्रालयों और संगठनों के बीच सहयोग सुनिश्चित करना। |
आगे की राह
- ई-कचरा प्रबंधन के लिए एक व्यापक नीतिगत ढांचा विकसित करना, जिसमें संग्रह, पृथक्करण, पुनर्चक्रण और सुरक्षित निपटान के लिए स्पष्ट दिशानिर्देश हों।
- सरकारी कार्यालयों में डिजिटलीकरण को बढ़ावा देने के लिए आवश्यक तकनीकी बुनियादी ढांचे में निवेश करना और कर्मचारियों के लिए नियमित प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करना।
- कचरे से धन सृजन की अवधारणा को बढ़ावा देने के लिए नवीन प्रौद्योगिकियों और बाजार लिंकेज की खोज करना, जिससे अपशिष्ट को आर्थिक मूल्य में बदला जा सके।
- स्वच्छता और दक्षता के प्रति एक स्थायी संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए नियमित जागरूकता अभियान और प्रोत्साहन योजनाएं शुरू करना।
- अभियान के लक्ष्यों की प्राप्ति सुनिश्चित करने के लिए एक मजबूत निगरानी और मूल्यांकन तंत्र स्थापित करना, जिसमें नियमित रिपोर्टिंग और जवाबदेही शामिल हो।
- अन्य मंत्रालयों और विभागों के साथ सर्वोत्तम प्रथाओं को साझा करना और अंतर-विभागीय सहयोग को मजबूत करना ताकि एक एकीकृत दृष्टिकोण अपनाया जा सके।
- नागरिकों से प्रतिक्रिया प्राप्त करने और उनकी भागीदारी को प्रोत्साहित करने के लिए एक प्रभावी शिकायत निवारण तंत्र और संचार चैनल स्थापित करना।
यूपीएससी मूल्य-संवर्धन
मुख्य परीक्षा उत्तर-लेखन हेतु कीवर्ड
विशेष अभियान 6.0 · कोयला मंत्रालय · स्वच्छता · दक्षता · ई-कचरा प्रबंधन · डिजिटलीकरण · पर्यावरण-अनुकूल पद्धतियाँ · संसाधन प्रबंधन · प्रशासनिक सुधार · नागरिक-केंद्रित दृष्टिकोण
अवधारणा प्रवाह
कोयला मंत्रालय द्वारा ‘विशेष अभियान 6.0’ की तैयारी बैठक → अभियान के उद्देश्यों और फोकस क्षेत्रों का निर्धारण (ई-कचरा, डिजिटलीकरण, स्वच्छता) → कार्यान्वयन रणनीति और नोडल अधिकारियों का प्रशिक्षण → अभियान गतिविधियों का निष्पादन और प्रगति की निगरानी → प्रशासनिक दक्षता, पर्यावरणीय स्थिरता और संसाधन प्रबंधन में सुधार → सार्वजनिक सेवा वितरण और नागरिक-केंद्रित शासन को बढ़ावा देना
प्रारंभिक अभ्यास प्रश्न
Q1. निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. ‘विशेष अभियान 6.0’ का आयोजन कोयला मंत्रालय द्वारा किया गया है।
2. इस अभियान का एक मुख्य फोकस ई-कचरे का प्रभावी संग्रह और निपटान है।
3. विशेष अभियान 5.0 की मूल्यांकन रिपोर्ट के अनुसार, कोयला मंत्रालय ने खाली किए गए स्थान के मामले में पहला स्थान हासिल किया।
उपर्युक्त कथनों में से कितने सही हैं?
- केवल एक
- केवल दो
- सभी तीन
- कोई नहीं
उत्तर: सभी तीन — कथन 1 सही है क्योंकि ‘विशेष अभियान 6.0’ कोयला मंत्रालय द्वारा आयोजित किया गया है। कथन 2 सही है क्योंकि ई-कचरा प्रबंधन इस अभियान के मुख्य फोकस क्षेत्रों में से एक है। कथन 3 भी सही है क्योंकि DARPG की रिपोर्ट के अनुसार, कोयला मंत्रालय ने खाली किए गए स्थान के मामले में पहला स्थान प्राप्त किया था।
Q2. निम्नलिखित में से कौन-सा ‘विशेष अभियान 6.0’ का उद्देश्य नहीं है?
- कार्यालय स्थानों का विस्तार
- स्क्रैप का कुशलतापूर्वक निपटान
- कचरे से धन सृजन
- कोयला उत्पादन लक्ष्यों में वृद्धि
उत्तर: कोयला उत्पादन लक्ष्यों में वृद्धि — ‘विशेष अभियान 6.0’ का मुख्य उद्देश्य स्वच्छता, दक्षता, ई-कचरा प्रबंधन, डिजिटलीकरण और प्रशासनिक प्रभावशीलता में सुधार करना है। कोयला उत्पादन लक्ष्यों में वृद्धि इस अभियान का प्रत्यक्ष उद्देश्य नहीं है, बल्कि यह कोयला मंत्रालय के व्यापक जनादेश का हिस्सा है।
मुख्य अभ्यास प्रश्न
✍ कोयला मंत्रालय द्वारा चलाए जा रहे ‘विशेष अभियान 6.0’ के प्रमुख उद्देश्यों और फोकस क्षेत्रों पर चर्चा कीजिए। यह अभियान सरकारी कार्यालयों में प्रशासनिक दक्षता और पर्यावरणीय स्थिरता को बढ़ावा देने में किस प्रकार सहायक हो सकता है? (15 Marks)
रूपरेखा: मॉडल-उत्तर संरचना:
1. परिचय: ‘विशेष अभियान 6.0’ का संक्षिप्त परिचय, कोयला मंत्रालय द्वारा आयोजित और इसका प्राथमिक लक्ष्य (स्वच्छता, दक्षता)।
2. प्रमुख उद्देश्य और फोकस क्षेत्र: अभियान के मुख्य बिंदुओं को विस्तार से बताएं, जैसे ई-कचरा प्रबंधन, कार्यालय स्थानों का विस्तार, आधुनिक सफाई पद्धतियाँ, स्क्रैप निपटान, डिजिटलीकरण, पर्यावरण-अनुकूल पद्धतियाँ, कचरे से धन सृजन, समावेशिता, नागरिक-केंद्रित दृष्टिकोण और संस्थागत प्रोटोकॉल को मजबूत करना।
3. प्रशासनिक दक्षता में सहायता: यह कैसे लंबित मामलों के समय पर निपटान, कार्यस्थल की कार्यक्षमता में वृद्धि, और समग्र प्रशासनिक प्रभावशीलता को बढ़ावा देता है, इस पर प्रकाश डालें। DARPG की विशेष अभियान 5.0 की मूल्यांकन रिपोर्ट का संदर्भ दें।
4. पर्यावरणीय स्थिरता में सहायता: ई-कचरा प्रबंधन, पर्यावरण-अनुकूल पद्धतियों को बढ़ावा देने और संसाधन प्रबंधन के माध्यम से पर्यावरणीय स्थिरता में योगदान पर चर्चा करें।
5. निष्कर्ष: अभियान के महत्व और इसके दीर्घकालिक प्रभावों पर एक संतुलित निष्कर्ष।
स्रोत: PIB (Press Information Bureau)
शैक्षिक उद्देश्य हेतु AanyaAi द्वारा जनित।
Related guides on our sites
- Anthropology VS PSIR
- Best PSIR optional coaching
- Best PSIR optional coaching online
- Best PSIR optional teacher
- Nationwide Digital Life Certificate Campaign 5 for Pensioners: Key Details - October 30, 2026
- भारत-ब्रुनेई संयुक्त आर्थिक आयोग: व्यापार सहयोग बढ़ाने पर जोर - October 30, 2026
- IDBI Bank Strategic Disinvestment: Process & Flexibility Explained for UPSC - October 30, 2026

No Comments