21 Jul गाजियाबाद सड़क पुनर्विकास परियोजना सीएक्यूएम मानकों के पूर्णतः अनुरूप: जानिए पूरा विवरण
विषय प्रासंगिकता — यह टॉपिक कहाँ आता है
- GS Paper III — पर्यावरण, प्रदूषण और क्षरण, पर्यावरण प्रभाव आकलन
- Prelims: वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM), राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR), वायु प्रदूषण, निर्माण और विध्वंस (C&D) गतिविधियाँ, डीजल जनरेटर (DG) सेट, पर्यावरण क्षतिपूर्ति (EC)
- Essay: सतत विकास और पर्यावरणीय शासन में नियामक निकायों की भूमिका, शहरीकरण और वायु प्रदूषण: चुनौतियाँ और समाधान
त्वरित पुनरावृत्ति: CAQM एक वैधानिक निकाय है जो NCR में वायु प्रदूषण के प्रबंधन, नियंत्रण और उपशमन के लिए जिम्मेदार है, जिसका प्रवर्तन कार्य बल विभिन्न प्रदूषणकारी गतिविधियों के अनुपालन की निगरानी करता है।
यह खबर चर्चा में क्यों?
राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) और आसपास के क्षेत्रों में वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) के प्रवर्तन कार्य बल (ETF) की 135वीं बैठक में गाजियाबाद सड़क पुनर्विकास परियोजना को CAQM के मानक ढांचे के पूर्णतः अनुरूप पाया गया है। इस बैठक में NCR में प्रवर्तन कार्रवाइयों, निरीक्षणों और अनुपालन स्थिति की समीक्षा की गई, जिसमें वायु प्रदूषण नियंत्रण के प्रयासों में आयोग की सक्रिय भूमिका पर प्रकाश डाला गया।
पृष्ठभूमि
- राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) में वायु प्रदूषण एक गंभीर पर्यावरणीय और सार्वजनिक स्वास्थ्य चिंता का विषय रहा है।
- विभिन्न स्रोतों जैसे औद्योगिक उत्सर्जन, वाहनों से निकलने वाला धुआँ, निर्माण और विध्वंस (C&D) गतिविधियाँ, पराली जलाना और डीजल जनरेटर (DG) सेट NCR में वायु गुणवत्ता को प्रभावित करते हैं।
- इन चुनौतियों से निपटने के लिए, भारत सरकार ने राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र और आसपास के क्षेत्रों में वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग अधिनियम, 2021 (Commission for Air Quality Management in National Capital Region and Adjoining Areas Act, 2021) के तहत CAQM की स्थापना की।
- CAQM को NCR में वायु प्रदूषण से संबंधित सभी मामलों पर समन्वय, अनुसंधान, पहचान और समस्या-समाधान के लिए व्यापक शक्तियाँ प्राप्त हैं।
- आयोग का प्रवर्तन कार्य बल (ETF) विभिन्न प्रदूषणकारी गतिविधियों के अनुपालन की निगरानी और उल्लंघनकर्ताओं के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए नियमित निरीक्षण करता है।
- हाल ही में, CAQM ने सड़क धूल को नियंत्रित करने के लिए सभी सड़क स्वामित्व एजेंसियों के लिए एक मानक ढांचा जारी किया है, जिसका गाजियाबाद सड़क पुनर्विकास परियोजना ने सफलतापूर्वक पालन किया है।
राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र और आसपास के क्षेत्रों में वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) क्या है?
- CAQM एक वैधानिक निकाय (Statutory Body) है जिसे राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र और आसपास के क्षेत्रों में वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग अधिनियम, 2021 के तहत स्थापित किया गया है।
- इसका मुख्य उद्देश्य राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र और आसपास के क्षेत्रों में वायु प्रदूषण की रोकथाम, नियंत्रण और उपशमन के लिए बेहतर समन्वय, अनुसंधान, पहचान और समस्या-समाधान करना है।
- आयोग में एक अध्यक्ष, एक पूर्णकालिक सदस्य, विभिन्न मंत्रालयों के पदेन सदस्य और विशेषज्ञ सदस्य शामिल होते हैं।
- CAQM के पास वायु प्रदूषण से संबंधित मामलों पर राज्य सरकारों, राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्डों (SPCBs) और अन्य संबंधित प्राधिकरणों को निर्देश जारी करने की शक्ति है।
- यह वायु गुणवत्ता मानकों को निर्धारित करने, प्रदूषणकारी गतिविधियों पर प्रतिबंध लगाने और उल्लंघनकर्ताओं पर जुर्माना लगाने या उन्हें बंद करने का आदेश देने में सक्षम है।
- आयोग का एक महत्वपूर्ण कार्य प्रवर्तन कार्य बल (ETF) के माध्यम से विभिन्न प्रदूषण स्रोतों जैसे औद्योगिक इकाइयों, निर्माण स्थलों और डीजल जनरेटर सेटों का नियमित निरीक्षण करना है।
- CAQM विभिन्न हितधारकों के साथ समन्वय स्थापित करता है और वायु प्रदूषण से निपटने के लिए एक समग्र दृष्टिकोण अपनाता है, जिसमें दीर्घकालिक समाधानों पर जोर दिया जाता है।
मुख्य विशेषताएँ
| Feature | Significance |
|---|---|
| सीएक्यूएम प्रवर्तन कार्य बल (ETF) की बैठकें | राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) में वायु गुणवत्ता प्रबंधन के लिए प्रवर्तन कार्रवाइयों, निरीक्षणों और अनुपालन स्थिति की नियमित समीक्षा। |
| फ्लाइंग स्क्वाड द्वारा निरीक्षण | निर्माण और विध्वंस (C&D) स्थलों, औद्योगिक इकाइयों और डीजल जनरेटर (DG) सेटों जैसे प्रमुख प्रदूषण स्रोतों की पहचान और उन पर कार्रवाई। |
| गाजियाबाद सड़क पुनर्विकास परियोजना का अनुपालन | सड़क धूल नियंत्रण के लिए सीएक्यूएम के मानक ढांचे के पूर्ण अनुपालन को दर्शाता है, जो अन्य एजेंसियों के लिए एक मॉडल है। |
| पुनः आरंभ आदेश जारी करना | उल्लंघन करने वाली इकाइयों द्वारा अनुपालन सुनिश्चित होने के बाद उनके संचालन को फिर से शुरू करने की अनुमति, आर्थिक गतिविधियों को संतुलित करना। |
| पर्यावरण क्षतिपूर्ति (EC) का प्रस्ताव | पर्यावरण मानदंडों का उल्लंघन करने वाली संस्थाओं पर वित्तीय दंड लगाने का प्रावधान, निवारक प्रभाव डालना। |
महत्व
पर्यावरण संबंधी
- राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) में वायु प्रदूषण के स्तर को कम करने में सहायता, विशेष रूप से सड़क धूल और औद्योगिक उत्सर्जन से निपटने में।
- निर्माण और विध्वंस गतिविधियों, औद्योगिक इकाइयों तथा डीजल जनरेटर सेटों से होने वाले प्रदूषण पर प्रभावी नियंत्रण सुनिश्चित करना।
प्रशासनिक एवं नियामक
- वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) की प्रवर्तन शक्तियों और प्रभावशीलता को मजबूत करना।
- विभिन्न राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्डों (SPCBs) और दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (DPCC) के साथ समन्वय स्थापित करना।
सामाजिक
- स्वच्छ वायु तक पहुंच सुनिश्चित करके NCR के निवासियों के स्वास्थ्य और जीवन की गुणवत्ता में सुधार करना।
- वायु प्रदूषण से संबंधित बीमारियों के बोझ को कम करने में योगदान।
आर्थिक
- पर्यावरण मानदंडों का पालन करने के लिए उद्योगों और निर्माण क्षेत्र पर दबाव बनाना, जिससे दीर्घकालिक रूप से सतत विकास को बढ़ावा मिले।
- अनुपालन के बाद पुनः आरंभ आदेश जारी करके आर्थिक गतिविधियों को अनावश्यक रूप से बाधित होने से बचाना।
चुनौतियाँ
1. प्रवर्तन में निरंतरता और एकरूपता
- NCR के विभिन्न राज्यों (दिल्ली, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, राजस्थान) में प्रवर्तन कार्रवाइयों में एकरूपता बनाए रखना एक चुनौती है।
- लगातार निरीक्षण और अनुपालन सत्यापन के लिए पर्याप्त मानव संसाधन और तकनीकी क्षमता की आवश्यकता।
यूपीएससी लिंक: पर्यावरण प्रदूषण और क्षरण
2. तकनीकी और वित्तीय बाधाएं
- छोटे उद्योगों और निर्माण इकाइयों के लिए प्रदूषण नियंत्रण प्रौद्योगिकियों को अपनाने में वित्तीय और तकनीकी सहायता की कमी।
- प्रदूषण निगरानी और नियंत्रण के लिए उन्नत तकनीकों को लागू करने की लागत।
यूपीएससी लिंक: पर्यावरण संरक्षण के उपाय
3. हितधारकों के बीच समन्वय
- स्थानीय निकायों, राज्य सरकारों, प्रदूषण नियंत्रण बोर्डों और केंद्रीय एजेंसियों के बीच प्रभावी समन्वय सुनिश्चित करना।
- जवाबदेही तय करने और कार्रवाई में देरी से बचने के लिए स्पष्ट भूमिकाएं और जिम्मेदारियां स्थापित करना।
यूपीएससी लिंक: शासन के महत्वपूर्ण पहलू
4. जागरूकता और व्यवहार परिवर्तन
- जनता और औद्योगिक इकाइयों के बीच वायु प्रदूषण के कारणों और प्रभावों के बारे में जागरूकता बढ़ाना।
- पर्यावरण-अनुकूल प्रथाओं को अपनाने के लिए व्यवहार परिवर्तन को प्रोत्साहित करना।
यूपीएससी लिंक: पर्यावरण शिक्षा
चुनौतियाँ — यूपीएससी दृष्टिकोण
| Issue | Concern |
|---|---|
| प्रदूषण स्रोतों की विविधता | औद्योगिक उत्सर्जन, वाहन प्रदूषण, निर्माण धूल, बायोमास जलाना – सभी को एक साथ प्रबंधित करना जटिल है। |
| अंतर-राज्यीय समन्वय | NCR में विभिन्न राज्यों के बीच नीतियों और प्रवर्तन में सामंजस्य स्थापित करना। |
| पर्याप्त बुनियादी ढाँचा | प्रदूषण निगरानी स्टेशनों, प्रयोगशालाओं और प्रवर्तन कर्मियों की कमी। |
| आर्थिक विकास बनाम पर्यावरण | विकास परियोजनाओं और औद्योगिक गतिविधियों को बाधित किए बिना प्रदूषण नियंत्रण सुनिश्चित करना। |
| डेटा की सटीकता और उपलब्धता | वास्तविक समय के प्रदूषण डेटा की विश्वसनीय उपलब्धता और विश्लेषण। |
आगे की राह
- सीएक्यूएम के मानक ढांचे को सभी सड़क स्वामित्व एजेंसियों द्वारा अनिवार्य रूप से अपनाना और उसका सख्ती से पालन सुनिश्चित करना।
- प्रवर्तन तंत्र को और मजबूत करना, जिसमें फ्लाइंग स्क्वाड के निरीक्षणों की आवृत्ति और कवरेज बढ़ाना शामिल है।
- अनुपालन के समय पर सत्यापन को सुनिश्चित करने के लिए एक कुशल और पारदर्शी प्रणाली विकसित करना।
- कार्यान्वयन एजेंसियों जैसे स्थानीय निकायों और राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्डों के बीच समन्वय में सुधार करना।
- औद्योगिक उत्सर्जन, डीजी सेट और निर्माण एवं विध्वंस गतिविधियों जैसे प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में निरीक्षण दक्षता बढ़ाना।
- पर्यावरण क्षतिपूर्ति (EC) और अन्य दंडात्मक कार्रवाइयों को प्रभावी ढंग से लागू करके जवाबदेही सुनिश्चित करना।
- प्रदूषण नियंत्रण प्रौद्योगिकियों को अपनाने के लिए छोटे और मध्यम उद्योगों को तकनीकी और वित्तीय सहायता प्रदान करना।
यूपीएससी मूल्य-संवर्धन
मुख्य परीक्षा उत्तर-लेखन हेतु कीवर्ड
वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) · राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) · वायु प्रदूषण नियंत्रण · सड़क धूल प्रबंधन · निर्माण एवं विध्वंस अपशिष्ट (C&D) · प्रवर्तन कार्य बल (ETF) · पर्यावरण क्षतिपूर्ति (EC) · सतत शहरी विकास · सार्वजनिक स्वास्थ्य · मानक ढाँचा
संवैधानिक व नीतिगत संबंध
- {‘article’: ‘अनुच्छेद 48A’, ‘note’: ‘पर्यावरण का संरक्षण और संवर्धन’}
- {‘article’: ‘अनुच्छेद 51A (g)’, ‘note’: ‘पर्यावरण की रक्षा और सुधार का कर्तव्य’}
अवधारणा प्रवाह
वायु प्रदूषण के स्रोत (औद्योगिक, C&D, DG सेट) → CAQM द्वारा मानक ढांचे और दिशानिर्देशों का निर्धारण → फ्लाइंग स्क्वाड द्वारा निरीक्षण और उल्लंघन की पहचान → उल्लंघनकर्ताओं पर प्रवर्तन कार्रवाई (बंद करना, सील करना, EC) → अनुपालन सत्यापन और पुनः आरंभ आदेश जारी करना → NCR में वायु गुणवत्ता में सुधार
प्रारंभिक अभ्यास प्रश्न
Q1. राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) और आसपास के क्षेत्रों में वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. CAQM एक सांविधिक निकाय है जिसका गठन वायु प्रदूषण से संबंधित मुद्दों के समाधान के लिए किया गया है।
2. यह केवल औद्योगिक उत्सर्जन और निर्माण गतिविधियों से होने वाले प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए अधिकृत है।
3. CAQM के पास उल्लंघनकर्ताओं पर पर्यावरण क्षतिपूर्ति (EC) लगाने का अधिकार है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
- केवल 1
- केवल 1 और 3
- केवल 2 और 3
- 1, 2 और 3
उत्तर: केवल 1 और 3 — कथन 1 सही है। CAQM का गठन ‘राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र और आसपास के क्षेत्रों में वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग अधिनियम, 2021’ के तहत एक सांविधिक निकाय के रूप में किया गया है। कथन 2 गलत है। CAQM वायु प्रदूषण के विभिन्न स्रोतों, जैसे औद्योगिक उत्सर्जन, निर्माण एवं विध्वंस गतिविधियाँ, डीजल जनरेटर सेट और सड़क धूल सहित सभी प्रमुख स्रोतों को नियंत्रित करने के लिए अधिकृत है। कथन 3 सही है। CAQM के पास उल्लंघनकर्ताओं पर पर्यावरण क्षतिपूर्ति (EC) लगाने का अधिकार है, जैसा कि समाचार में उल्लिखित है।
Q2. निम्नलिखित में से कौन-सा/से वायु प्रदूषण के प्रमुख स्रोत हैं जिन पर राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) में वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) द्वारा निगरानी और प्रवर्तन कार्रवाई की जाती है?
1. औद्योगिक इकाइयाँ
2. निर्माण और विध्वंस (C&D) स्थल
3. डीजल जनरेटर (DG) सेट
4. सड़क धूल
नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए:
- केवल 1 और 2
- केवल 2, 3 और 4
- केवल 1, 3 और 4
- 1, 2, 3 और 4
उत्तर: 1, 2, 3 और 4 — समाचार में स्पष्ट रूप से उल्लेख किया गया है कि CAQM के प्रवर्तन कार्य बल (ETF) ने औद्योगिक इकाइयों, निर्माण और विध्वंस (C&D) स्थलों तथा डीजल जनरेटर (DG) सेट से संबंधित निरीक्षण किए हैं। इसके अतिरिक्त, गाजियाबाद सड़क पुनर्विकास परियोजना की समीक्षा सड़क धूल प्रबंधन के महत्व को दर्शाती है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि सड़क धूल भी CAQM के निगरानी क्षेत्र में आती है। अतः, सभी चार विकल्प सही हैं।
मुख्य अभ्यास प्रश्न
✍ राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) में वायु प्रदूषण एक गंभीर पर्यावरणीय और सार्वजनिक स्वास्थ्य चुनौती बना हुआ है। इस संदर्भ में, राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र और आसपास के क्षेत्रों में वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) की भूमिका और इसके द्वारा अपनाए गए प्रवर्तन तंत्रों का आलोचनात्मक मूल्यांकन कीजिए। वायु प्रदूषण से निपटने में CAQM की प्रभावशीलता बढ़ाने के लिए आप क्या सुझाव देंगे? (250 शब्द)
रूपरेखा: प्रश्न के पहले भाग में CAQM की भूमिका, उसके गठन और जनादेश पर प्रकाश डालना है। फिर, इसके प्रवर्तन तंत्रों, जैसे निरीक्षण, उल्लंघन पर कार्रवाई, पर्यावरण क्षतिपूर्ति (EC) और पुनः आरंभ आदेशों का उल्लेख करना है। दूसरे भाग में, CAQM की प्रभावशीलता का आलोचनात्मक मूल्यांकन करना है, जिसमें उसकी सफलताओं और चुनौतियों दोनों को शामिल किया जाएगा। अंत में, वायु प्रदूषण से निपटने में CAQM की प्रभावशीलता बढ़ाने के लिए ठोस सुझाव देने होंगे, जैसे अंतर-एजेंसी समन्वय में सुधार, तकनीकी समाधानों का उपयोग, जन जागरूकता और स्थानीय निकायों की क्षमता निर्माण।
स्रोत: PIB (Press Information Bureau)
शैक्षिक उद्देश्य हेतु AanyaAi द्वारा जनित।

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