10 Sep झारखंड में संशोधित भारतनेट: 1,684 करोड़ रुपये के समझौते से 26,777 गांवों को मिलेगी ब्रॉडबैंड सुविधा
✎ संशोधित भारतनेट कार्यक्रम और डिजिटल भारत निधि (DBN) ग्रामीण क्षेत्रों में ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी और डिजिटल सेवाओं की पहुँच सुनिश्चित करके समावेशी डिजिटल विकास को बढ़ावा देने के लिए महत्वपूर्ण हैं।
विषय प्रासंगिकता — यह टॉपिक कहाँ आता है
- GS पेपर II — शासन, विकास प्रक्रियाएँ और विकास उद्योग; केंद्र एवं राज्यों द्वारा जनसंख्या के अति संवेदनशील वर्गों के लिए कल्याणकारी योजनाएँ और इन योजनाओं का कार्य-निष्पादन; सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी | GS पेपर III — भारतीय अर्थव्यवस्था तथा योजना, संसाधनों को जुटाने, संवृद्धि, विकास तथा रोज़गार से संबंधित विषय; आधारभूत संरचना: ऊर्जा, बंदरगाह, सड़कें, विमानपत्तन, रेलवे आदि
- Prelims: संशोधित भारतनेट कार्यक्रम, डिजिटल भारत निधि (DBN), सार्वभौमिक सेवा दायित्व कोष (USOF), दूरसंचार अधिनियम, 2023, ग्राम पंचायतें, ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी, डिजिटल इंडिया, अंतिम-मील कनेक्टिविटी, झारखंड डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर कॉर्पोरेशन लिमिटेड (JDICL), भारत संचार निगम लिमिटेड (BSNL)
- Essay: डिजिटल इंडिया: समावेशी विकास और सशक्त समाज की कुंजी, ग्रामीण भारत में डिजिटल क्रांति: चुनौतियाँ और अवसर
त्वरित पुनरावृत्ति: संशोधित भारतनेट कार्यक्रम और डिजिटल भारत निधि (DBN) ग्रामीण क्षेत्रों में ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी और डिजिटल सेवाओं की पहुँच सुनिश्चित करके समावेशी डिजिटल विकास को बढ़ावा देने के लिए महत्वपूर्ण हैं।
यह खबर चर्चा में क्यों?
झारखंड के ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल अवसंरचना को सुदृढ़ करने और ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी को गति देने के उद्देश्य से, दूरसंचार विभाग (DoT) के तहत डिजिटल भारत निधि (DBN) ने झारखंड में संशोधित भारतनेट कार्यक्रम (ABP) के कार्यान्वयन के लिए एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं। इस समझौते में झारखंड सरकार, झारखंड डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर कॉर्पोरेशन लिमिटेड (JDICL), भारत संचार निगम लिमिटेड (BSNL) और झारखंड कम्युनिकेशन नेटवर्क लिमिटेड (JCNL) भी शामिल हैं। यह पहल ग्रामीण डिजिटल बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और अंतिम-मील कनेक्टिविटी को बढ़ाने की केंद्र और राज्य सरकार की साझा प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
पृष्ठभूमि
- केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 4 अगस्त 2023 को संशोधित भारतनेट कार्यक्रम को मंजूरी दी थी, जिसका उद्देश्य वर्तमान भारतनेट नेटवर्क को उन्नत, सुदृढ़ और विस्तारित करना है।
- इस कार्यक्रम का लक्ष्य मांग के आधार पर सभी ग्राम पंचायतों और गांवों को मजबूत तथा भविष्य के लिए तैयार ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी सुनिश्चित करना है।
- झारखंड में संशोधित भारतनेट कार्यक्रम के तहत, कुल 4,395 ग्राम पंचायतें शामिल होंगी, जिनमें नेटवर्क की मजबूती बढ़ाने के लिए 4,387 ग्राम पंचायतों को लीनियर से रिंग टोपोलॉजी में अपग्रेड करना और 8 नवगठित ग्राम पंचायतों को शामिल करना शामिल है।
- इसके अतिरिक्त, अंतिम-मील कनेक्टिविटी को मजबूत करने के लिए 26,777 गांवों को मांग के आधार पर कनेक्टिविटी प्रदान की जाएगी।
- भारत सरकार ने झारखंड में इस कार्यक्रम के कार्यान्वयन के लिए 1,684 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता स्वीकृत की है।
- इस पहल से चार लाख से अधिक ग्रामीण घरों में फाइबर कनेक्शन स्थापित होने की उम्मीद है, जिससे ई-गवर्नेंस, ऑनलाइन शिक्षा, टेलीमेडिसिन और डिजिटल भुगतान जैसी सेवाओं में सुधार होगा।
संशोधित भारतनेट कार्यक्रम और डिजिटल भारत निधि (DBN) क्या हैं?
- संशोधित भारतनेट कार्यक्रम (ABP) भारत सरकार की एक प्रमुख पहल है जिसका उद्देश्य देश के सभी ग्राम पंचायतों और गांवों को ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी प्रदान करना है।
- यह कार्यक्रम ‘डिजिटल इंडिया’ विजन के तहत ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों में डिजिटल सेवाओं की पहुँच सुनिश्चित करने पर केंद्रित है।
- इसका मुख्य उद्देश्य मौजूदा भारतनेट नेटवर्क को उन्नत और विस्तारित करके एक मजबूत तथा भविष्य के लिए तैयार डिजिटल अवसंरचना का निर्माण करना है।
- दूरसंचार अधिनियम, 2023 के अनुसार, सार्वभौमिक सेवा दायित्व कोष अब डिजिटल भारत निधि (DBN) बन गया है।
- DBN का दायित्व ग्रामीण, दूरस्थ और शहरी क्षेत्रों में दूरसंचार सेवाओं की उपलब्धता और वितरण को बढ़ावा देकर सार्वभौमिक सेवा में सहायता करना है।
- यह संचार मंत्रालय के दूरसंचार विभाग (DoT) का एक संबद्ध कार्यालय है और भारतनेट, 4G सैचुरेशन प्रोजेक्ट जैसे कार्यक्रमों को वित्तपोषित करता है।
- झारखंड में इस कार्यक्रम का कार्यान्वयन ‘झारखंड डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर कॉर्पोरेशन लिमिटेड (JDICL)’ नामक एक नए विशेष उद्यम (SPV) के माध्यम से किया जाएगा।
मुख्य विशेषताएँ
| विशेषता | महत्व |
|---|---|
| संशोधित भारतनेट कार्यक्रम | ग्रामीण क्षेत्रों में ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी को सुदृढ़ और विस्तारित करना। |
| वित्तीय सहायता | झारखंड के लिए 1,684 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता, भारत सरकार द्वारा प्रदान की गई। |
| कवरेज | 4,395 ग्राम पंचायतों और 26,777 गांवों को ऑन-डिमांड कनेक्टिविटी प्रदान करना। |
| कार्यान्वयन मॉडल | राज्य-नेतृत्व मॉडल, ‘झारखंड डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर कॉर्पोरेशन लिमिटेड (जेडीसीएल)’ नामक एक विशेष उद्यम (SPV) के माध्यम से। |
| तकनीकी उन्नयन | नेटवर्क की मजबूती बढ़ाने के लिए 4,387 ग्राम पंचायतों को लीनियर से रिंग टोपोलॉजी में अपग्रेड करना। |
| साझेदारी | डिजिटल भारत निधि (DBN), दूरसंचार विभाग, झारखंड सरकार, जेडीआईसीएल, बीएसएनएल और जेसीएनएल के बीच समझौता ज्ञापन। |
महत्व
आर्थिक महत्व
- ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों में ई-गवर्नेंस, ऑनलाइन शिक्षा, टेलीमेडिसिन, डिजिटल भुगतान और नागरिक-केंद्रित सेवाओं सहित डिजिटल सेवाओं के वितरण में उल्लेखनीय सुधार होगा।
- चार लाख से अधिक ग्रामीण घरों में फाइबर कनेक्शन स्थापित होने से डिजिटल अर्थव्यवस्था को बढ़ावा मिलेगा और नए रोजगार के अवसर सृजित होंगे।
- बेहतर कनेक्टिविटी से कृषि, लघु उद्योग और अन्य ग्रामीण व्यवसायों को बाजार तक पहुंच और दक्षता में सुधार होगा।
सामाजिक महत्व
- डिजिटल विभाजन (Digital Divide) को कम करने में मदद मिलेगी, जिससे ग्रामीण आबादी को शहरी क्षेत्रों के समान डिजिटल अवसर प्राप्त होंगे।
- ऑनलाइन शिक्षा तक पहुंच बढ़ने से ग्रामीण छात्रों के लिए सीखने के अवसर बढ़ेंगे और कौशल विकास को बढ़ावा मिलेगा।
- टेलीमेडिसिन सेवाओं के माध्यम से स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच में सुधार होगा, विशेषकर दूरदराज के क्षेत्रों में जहां चिकित्सा सुविधाएं सीमित हैं।
शासन और प्रशासनिक महत्व
- ई-गवर्नेंस सेवाओं के बेहतर वितरण से सरकारी योजनाओं और सेवाओं को नागरिकों तक अधिक कुशलता से पहुंचाया जा सकेगा।
- केंद्र और राज्य सरकारों के बीच सहयोग का एक उत्कृष्ट उदाहरण, जो संघीय ढांचे में विकास परियोजनाओं के सफल कार्यान्वयन के लिए महत्वपूर्ण है।
- ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल बुनियादी ढांचे को मजबूत करने से पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ेगी, जिससे भ्रष्टाचार कम होगा।
चुनौतियाँ
1. भू-भाग संबंधी चुनौतियाँ
- झारखंड का पहाड़ी और वन-आच्छादित भू-भाग फाइबर ऑप्टिक केबल बिछाने और रखरखाव में बाधाएँ उत्पन्न कर सकता है।
- दूरस्थ और दुर्गम क्षेत्रों तक कनेक्टिविटी पहुंचाना तकनीकी और लॉजिस्टिक रूप से चुनौतीपूर्ण हो सकता है।
यूपीएससी लिंक: भूगोल: भारत का भौतिक भूगोल; अवसंरचना
2. वित्तीय और संसाधन प्रबंधन
- 1,684 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता का कुशल और पारदर्शी उपयोग सुनिश्चित करना एक चुनौती है।
- परियोजना के लिए आवश्यक मानव संसाधनों और तकनीकी विशेषज्ञता की उपलब्धता और प्रशिक्षण सुनिश्चित करना।
यूपीएससी लिंक: अर्थव्यवस्था: सरकारी बजट; संसाधन जुटाना
3. तकनीकी रखरखाव और उन्नयन
- स्थापित नेटवर्क के निरंतर रखरखाव और भविष्य के तकनीकी उन्नयन को सुनिश्चित करना ताकि यह प्रासंगिक बना रहे।
- साइबर सुरक्षा खतरों से नेटवर्क की सुरक्षा सुनिश्चित करना और डेटा गोपनीयता बनाए रखना।
यूपीएससी लिंक: विज्ञान और प्रौद्योगिकी: सूचना प्रौद्योगिकी; साइबर सुरक्षा
4. अंतिम-मील कनेक्टिविटी और उपयोग
- केवल बुनियादी ढांचा प्रदान करना पर्याप्त नहीं है; ग्रामीण आबादी द्वारा इन सेवाओं को अपनाने और उपयोग करने को बढ़ावा देना भी महत्वपूर्ण है।
- डिजिटल साक्षरता की कमी और डिजिटल उपकरणों तक पहुंच की कमी अंतिम-मील कनेक्टिविटी के लाभों को सीमित कर सकती है।
यूपीएससी लिंक: सामाजिक न्याय: विकास प्रक्रियाएं; मानव संसाधन
चुनौतियाँ — यूपीएससी दृष्टिकोण
| मुद्दा | चिंता |
|---|---|
| भू-भाग की जटिलता | पहाड़ी और वन क्षेत्रों में फाइबर बिछाने में कठिनाई, लागत और समय में वृद्धि। |
| वित्तीय प्रबंधन | आवंटित निधियों का कुशल और पारदर्शी उपयोग सुनिश्चित करना। |
| तकनीकी रखरखाव | नेटवर्क के निरंतर संचालन और भविष्य के उन्नयन के लिए विशेषज्ञता और संसाधनों की आवश्यकता। |
| डिजिटल साक्षरता | ग्रामीण आबादी के बीच डिजिटल कौशल और उपकरणों तक पहुंच की कमी। |
| सुरक्षा जोखिम | साइबर हमलों और डेटा उल्लंघनों से नेटवर्क और उपयोगकर्ता डेटा की सुरक्षा। |
| परियोजना समन्वय | विभिन्न हितधारकों (केंद्र, राज्य, SPV, BSNL) के बीच प्रभावी समन्वय सुनिश्चित करना। |
सरकारी पहल — प्रीलिम्स हेतु अवश्य याद रखें
- भारतनेट कार्यक्रम
आगे की राह
- परियोजना के कार्यान्वयन में तेजी लाने के लिए एक समयबद्ध कार्ययोजना और मजबूत निगरानी तंत्र स्थापित किया जाए।
- ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल साक्षरता कार्यक्रमों को बढ़ावा दिया जाए ताकि लोग ब्रॉडबैंड सेवाओं का अधिकतम लाभ उठा सकें।
- स्थानीय स्तर पर तकनीकी सहायता और रखरखाव टीमों का गठन किया जाए ताकि नेटवर्क के सुचारू संचालन को सुनिश्चित किया जा सके।
- साइबर सुरक्षा उपायों को मजबूत किया जाए और डेटा गोपनीयता सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक प्रोटोकॉल लागू किए जाएं।
- सार्वजनिक-निजी भागीदारी (PPP) मॉडल की संभावनाओं का पता लगाया जाए ताकि अंतिम-मील कनेक्टिविटी और सेवा वितरण को और बेहतर बनाया जा सके।
- ग्रामीण आबादी की विशिष्ट आवश्यकताओं के अनुरूप डिजिटल सेवाओं और अनुप्रयोगों के विकास को प्रोत्साहित किया जाए।
- परियोजना की प्रगति और प्रभाव का नियमित मूल्यांकन किया जाए ताकि आवश्यक समायोजन और सुधार किए जा सकें।
यूपीएससी मूल्य-संवर्धन
मुख्य परीक्षा उत्तर-लेखन हेतु कीवर्ड
भारतनेट कार्यक्रम · डिजिटल भारत निधि (DBN) · ग्रामीण ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी · डिजिटल अवसंरचना · सार्वभौमिक सेवा दायित्व कोष (USOF) · ई-गवर्नेंस · डिजिटल समावेशन · अंतिम-मील कनेक्टिविटी · दूरसंचार अधिनियम, 2023 · सार्वजनिक-निजी भागीदारी
संवैधानिक व नीतिगत संबंध
- {‘article’: ‘अनुच्छेद 246’, ‘note’: ‘संघ और राज्य सूचियों में दूरसंचार’}
- {‘article’: ‘अनुच्छेद 282’, ‘note’: ‘संघ या राज्य द्वारा अनुदान’}
अवधारणा प्रवाह
दूरसंचार विभाग और झारखंड सरकार के बीच समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर। → डिजिटल भारत निधि (DBN) से 1,684 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता की स्वीकृति। → झारखंड डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर कॉर्पोरेशन लिमिटेड (जेडीसीएल) द्वारा कार्यान्वयन। → 4,395 ग्राम पंचायतों और 26,777 गांवों को ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी। → ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल सेवाओं (ई-गवर्नेंस, शिक्षा, स्वास्थ्य) का विस्तार। → डिजिटल विभाजन में कमी और समावेशी डिजिटल विकास को बढ़ावा।
प्रारंभिक अभ्यास प्रश्न
Q1. निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. डिजिटल भारत निधि (DBN) की स्थापना भारतीय टेलीग्राफ (संशोधन) अधिनियम, 2003 के तहत हुई थी।
2. दूरसंचार अधिनियम, 2023 के अनुसार, सार्वभौमिक सेवा दायित्व कोष (USOF) को अब डिजिटल भारत निधि (DBN) के रूप में जाना जाता है।
3. DBN का मुख्य उद्देश्य केवल शहरी क्षेत्रों में दूरसंचार सेवाओं को बढ़ावा देना है।
उपर्युक्त कथनों में से कितने सही हैं?
- केवल एक
- केवल दो
- केवल तीन
- कोई नहीं
उत्तर: केवल दो — कथन 1 सही है क्योंकि DBN (पूर्व में USOF) की स्थापना भारतीय टेलीग्राफ (संशोधन) अधिनियम, 2003 के तहत हुई थी। कथन 2 भी सही है क्योंकि दूरसंचार अधिनियम, 2023 के तहत USOF का नाम बदलकर DBN कर दिया गया है। कथन 3 गलत है क्योंकि DBN का दायित्व ग्रामीण, दूरस्थ और शहरी तीनों क्षेत्रों में दूरसंचार सेवाओं की उपलब्धता और वितरण को बढ़ावा देना है।
Q2. भारतनेट कार्यक्रम के संदर्भ में, निम्नलिखित में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
1. इसका उद्देश्य सभी ग्राम पंचायतों और गांवों को मांग के आधार पर ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी प्रदान करना है।
2. यह कार्यक्रम केवल केंद्र सरकार द्वारा वित्त पोषित है और इसमें राज्य सरकारों की कोई भूमिका नहीं है।
नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए:
(A) केवल 1
(B) केवल 2
(C) 1 और 2 दोनों
(D) न तो 1 और न ही 2
- केवल 1
- केवल 2
- 1 और 2 दोनों
- न तो 1 और न ही 2
उत्तर: केवल 1 — कथन 1 सही है। भारतनेट कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य वर्तमान नेटवर्क को उन्नत, सुदृढ़ और विस्तारित करके सभी ग्राम पंचायतों और गांवों को मांग के आधार पर मजबूत ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी सुनिश्चित करना है। कथन 2 गलत है। झारखंड में संशोधित भारतनेट कार्यक्रम के कार्यान्वयन में केंद्र सरकार और झारखंड सरकार दोनों की साझा प्रतिबद्धता है, जिसमें केंद्र सरकार वित्तीय सहायता प्रदान कर रही है और राज्य सरकार कार्यान्वयन में भागीदार है।
मुख्य अभ्यास प्रश्न
✍ भारतनेट कार्यक्रम ग्रामीण भारत में डिजिटल समावेशन को बढ़ावा देने में एक महत्वपूर्ण पहल है। इस कार्यक्रम के उद्देश्यों और कार्यान्वयन मॉडल पर चर्चा कीजिए। साथ ही, डिजिटल भारत निधि (DBN) की भूमिका और ग्रामीण क्षेत्रों में ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी के विस्तार में इसकी प्रासंगिकता का भी मूल्यांकन कीजिए। (15 Marks)
रूपरेखा: उत्तर की शुरुआत भारतनेट कार्यक्रम के संक्षिप्त परिचय से करें, जिसमें इसके मुख्य उद्देश्य और ग्रामीण डिजिटल अवसंरचना के महत्व पर प्रकाश डाला जाए। इसके बाद, कार्यक्रम के कार्यान्वयन मॉडल, विशेष रूप से संशोधित भारतनेट कार्यक्रम के तहत राज्य-नेतृत्व वाले मॉडल और सार्वजनिक-निजी भागीदारी (PPP) के महत्व को समझाएं। झारखंड में हुए हालिया समझौता ज्ञापन (MoU) का उदाहरण दें। फिर, डिजिटल भारत निधि (DBN) की स्थापना, इसके पूर्ववर्ती (USOF) और दूरसंचार अधिनियम, 2023 के तहत इसके नए स्वरूप का वर्णन करें। DBN के उद्देश्यों और ग्रामीण तथा दूरस्थ क्षेत्रों में दूरसंचार सेवाओं को बढ़ावा देने में इसकी भूमिका का विश्लेषण करें। अंत में, ग्रामीण क्षेत्रों में ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी के विस्तार, ई-गवर्नेंस, ऑनलाइन शिक्षा, टेलीमेडिसिन और डिजिटल भुगतान जैसी सेवाओं के वितरण में भारतनेट और DBN के संयुक्त प्रभाव का मूल्यांकन करते हुए निष्कर्ष प्रस्तुत करें।
स्रोत: PIB (Press Information Bureau)
Jharkhand PCS (JPSC) — राज्य PCS अभ्यास
Prelims: झारखंड में संशोधित भारतनेट कार्यक्रम के कार्यान्वयन के लिए गठित ‘डिजिटल भारत निधि (डीबीएन)’ में शामिल प्रमुख संस्थाओं के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. डीबीएन का गठन दूरसंचार विभाग, भारत सरकार द्वारा किया गया है। 2. झारखंड सरकार डीबीएन के कार्यान्वयन में सक्रिय भूमिका निभा रही है। 3. झारखंड सरकार द्वारा स्थापित ‘झारखंड डिजिटल इन्फ्रास्ट्रक्चर कंपनी लिमिटेड (जेडीआईसीएल)’ डीबीएन के कार्यान्वयन में शामिल है। 4. बीएसएनएल और जेसीएनएल डीबीएन के कार्यान्वयन में शामिल सार्वजनिक क्षेत्र के दूरसंचार सेवा प्रदाता हैं। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
- केवल 1, 2 और 3
- केवल 2, 3 और 4
- केवल 1, 3 और 4
- 1, 2, 3 और 4
उत्तर: 1, 2, 3 और 4 — डीबीएन का गठन दूरसंचार विभाग, भारत सरकार द्वारा किया गया है। झारखंड सरकार डीबीएन के कार्यान्वयन में सक्रिय भूमिका निभा रही है तथा जेडीआईसीएल, बीएसएनएल और जेसीएनएल इसके कार्यान्वयन में शामिल हैं।
Mains: झारखंड में ‘डिजिटल भारत निधि (डीबीएन)’ के माध्यम से संशोधित भारतनेट कार्यक्रम के कार्यान्वयन की प्रक्रिया एवं इसकी सफलता में शामिल प्रमुख चुनौतियों का विश्लेषण करते हुए, राज्य में डिजिटल अवसंरचना विकास हेतु आवश्यक सुझाव प्रस्तुत कीजिए।
शैक्षिक उद्देश्य हेतु AanyaAi द्वारा जनित।
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