28 Sep नीति आयोग ने शुरू किया विशेष अभियान 6.0: स्वच्छता और लंबित मामलों का समाधान

✎ विशेष अभियान 6.0 नीति आयोग द्वारा सुशासन, प्रशासनिक दक्षता और कार्यालयों में स्वच्छता को संस्थागत रूप देने के लिए शुरू किया गया एक महत्वपूर्ण कदम है, जिसका उद्देश्य लंबित मामलों का त्वरित निपटारा करना है।
विषय प्रासंगिकता — यह टॉपिक कहाँ आता है
- GS Paper II — शासन, पारदर्शिता और जवाबदेही के महत्वपूर्ण पक्ष, नागरिक चार्टर | GS Paper III — भारतीय अर्थव्यवस्था तथा योजना, संसाधनों को जुटाने, प्रगति, विकास तथा रोजगार से संबंधित विषय
- Prelims: विशेष अभियान 6.0, नीति आयोग, प्रशासनिक सुधार और लोक शिकायत विभाग (DARPG), लोक शिकायत निवारण, स्वच्छता अभियान, अटल इनोवेशन मिशन, विकास निगरानी एवं मूल्यांकन कार्यालय (DMEO)
- Essay: सुशासन और नागरिक-केंद्रित प्रशासन, प्रशासनिक दक्षता और सार्वजनिक सेवा वितरण में सुधार
त्वरित पुनरावृत्ति: विशेष अभियान 6.0 नीति आयोग द्वारा सुशासन, प्रशासनिक दक्षता और कार्यालयों में स्वच्छता को संस्थागत रूप देने के लिए शुरू किया गया एक महत्वपूर्ण कदम है, जिसका उद्देश्य लंबित मामलों का त्वरित निपटारा करना है।
यह खबर चर्चा में क्यों?
नीति आयोग ने हाल ही में ‘विशेष अभियान 6.0’ की शुरुआत की है, जिसका मुख्य उद्देश्य सचिवालय के साथ-साथ संबद्ध और अधीनस्थ कार्यालयों में स्वच्छता को संस्थागत रूप देना और लंबित मामलों को न्यूनतम करना है। यह अभियान महात्मा गांधी को ‘स्वच्छ भारत’ की भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित करने के संकल्प के साथ प्रशासनिक सुधार और लोक शिकायत विभाग (DARPG) द्वारा 2021 में शुरू किए गए विशेष अभियान की सफलता को आगे बढ़ाता है।
पृष्ठभूमि
- प्रशासनिक सुधार और लोक शिकायत विभाग (DARPG) ने 2021 में लंबित मामलों के निपटारे के लिए विशेष अभियान शुरू किया था।
- इस अभियान को 2022, 2023, 2024, 2025 और 2026 में भी जारी रखा गया, जो इसकी निरंतर सफलता को दर्शाता है।
- विशेष अभियान 5.0 नवंबर 2025 से अगस्त 2026 तक चलाया गया, जिसका उद्देश्य मंत्रालयों/विभागों द्वारा लोक शिकायतों, सांसदों के संदर्भों, राज्य सरकारों से प्राप्त संदर्भों, अंतर-मंत्रालयी परामर्शों तथा संसदीय आश्वासनों का समयबद्ध और प्रभावी निपटारा सुनिश्चित करना था।
- नीति आयोग और उसके संबद्ध कार्यालयों—विकास निगरानी एवं मूल्यांकन कार्यालय (DMEO) तथा अटल इनोवेशन मिशन ने विशेष अभियान 5.0 का संचालन किया था।
- अभियान 5.0 के दौरान नीति आयोग ने 4,105 लोक शिकायतों, 127 PMO संदर्भों, 34 लोक शिकायत अपीलों और 5 संसदीय आश्वासनों का निपटारा किया।
- इस अभियान के तहत फाइलों के निस्तारण और कार्यालयी स्थान के बेहतर उपयोग के माध्यम से लगभग 90 वर्ग फुट स्थान खाली कराया गया तथा कबाड़ से 1,96,905 रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ।
विशेष अभियान 6.0 क्या है?
- यह अभियान प्रशासनिक सुधार और लोक शिकायत विभाग (DARPG) द्वारा शुरू किए गए विशेष अभियानों की श्रृंखला का नवीनतम संस्करण है।
- इसका प्राथमिक लक्ष्य सरकारी कार्यालयों में स्वच्छता को संस्थागत रूप देना और लंबित मामलों, जैसे लोक शिकायतें, संसदीय आश्वासन और अंतर-मंत्रालयी संदर्भों को न्यूनतम करना है।
- अभियान में सांसदों के संदर्भों, राज्य सरकारों से प्राप्त संदर्भों, अंतर-मंत्रालयी संदर्भों, संसदीय आश्वासनों, PMO संदर्भों, लोक शिकायतों और लोक शिकायत अपीलों के लंबित मामलों के निपटारे पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
- अनावश्यक फाइलों और दस्तावेजों को हटाने पर भी जोर दिया जाएगा, जिससे कार्यालयी दक्षता में सुधार हो सके।
- यह अभियान कार्यालयों में समग्र स्वच्छता में सुधार, स्थान के बेहतर प्रबंधन तथा क्षेत्रीय कार्यालयों में कार्यस्थल के अनुभव को बेहतर बनाने पर भी बल देता है।
- यह पहल सुशासन (Good Governance) और नागरिक-केंद्रित प्रशासन (Citizen-Centric Administration) के सिद्धांतों को बढ़ावा देने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है।
मुख्य विशेषताएँ
| विशेषता | महत्व |
|---|---|
| विशेष अभियान 6.0 | प्रशासनिक सुधार और लोक शिकायत विभाग (DARPG) द्वारा 2021 में शुरू किए गए विशेष अभियान की निरंतरता, जिसका उद्देश्य सरकारी कार्यालयों में लंबित मामलों का निपटारा और स्वच्छता सुनिश्चित करना है। |
| संस्थागत स्वच्छता | सचिवालय और संबद्ध/अधीनस्थ कार्यालयों में स्वच्छता को एक स्थायी प्रक्रिया के रूप में स्थापित करना, न कि केवल एक सामयिक गतिविधि के रूप में। |
| लंबित मामलों का निपटारा | लोक शिकायतों, सांसदों के संदर्भों, राज्य सरकारों से प्राप्त संदर्भों, अंतर-मंत्रालयी परामर्शों, संसदीय आश्वासनों, PMO संदर्भों और लोक शिकायत अपीलों जैसे विभिन्न प्रकार के लंबित मामलों को समयबद्ध तरीके से निपटाना। |
| अनावश्यक फाइलों का निस्तारण | कार्यालयों से अनावश्यक फाइलों और दस्तावेजों को हटाना, जिससे कार्यस्थल का बेहतर प्रबंधन और दक्षता सुनिश्चित हो सके। |
| कार्यालयी स्थान का बेहतर उपयोग | फाइलों के निस्तारण और कबाड़ हटाने के माध्यम से खाली हुए स्थान का प्रभावी उपयोग, जिससे कार्य वातावरण में सुधार हो। |
| राजस्व सृजन | कबाड़ के निपटान से राजस्व प्राप्त करना, जैसा कि विशेष अभियान 5.0 के दौरान 1,96,905 रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ था। |
महत्व
प्रशासनिक दक्षता
- यह अभियान सरकारी कामकाज में पारदर्शिता और जवाबदेही को बढ़ाता है, जिससे प्रशासनिक प्रक्रियाएं अधिक सुचारु और प्रभावी होती हैं।
- लंबित मामलों का त्वरित निपटारा नागरिकों को समय पर सेवाएं सुनिश्चित करता है, जिससे सरकार पर उनका विश्वास बढ़ता है।
- फाइलों और दस्तावेजों के बेहतर प्रबंधन से निर्णय लेने की प्रक्रिया में तेजी आती है और अनावश्यक देरी कम होती है।
सुशासन
- स्वच्छता और सुव्यवस्थित कार्यालय कार्य संस्कृति में सुधार करते हैं, जो कर्मचारियों की उत्पादकता और मनोबल को बढ़ाता है।
- यह अभियान महात्मा गांधी के ‘स्वच्छ भारत’ के दृष्टिकोण को सरकारी कार्यप्रणाली में एकीकृत करने का प्रयास करता है, जिससे सुशासन के सिद्धांतों को बढ़ावा मिलता है।
- नागरिकों की शिकायतों और सांसदों के संदर्भों का समयबद्ध निपटारा लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं को मजबूत करता है और जन प्रतिनिधियों की भूमिका को सशक्त बनाता है।
संसाधन प्रबंधन
- अनावश्यक फाइलों और कबाड़ को हटाने से कार्यालयी स्थान का बेहतर उपयोग होता है, जिससे भौतिक संसाधनों का अनुकूलन होता है।
- कबाड़ के निपटान से प्राप्त राजस्व सरकारी खजाने में योगदान देता है, भले ही यह छोटी राशि हो, लेकिन यह संसाधन पुनर्चक्रण का एक उदाहरण प्रस्तुत करता है।
चुनौतियाँ
1. कार्यान्वयन में निरंतरता
- अभियान की सफलता के लिए सभी स्तरों पर कर्मचारियों और अधिकारियों की सक्रिय भागीदारी और प्रतिबद्धता आवश्यक है।
- केवल अभियान अवधि के दौरान ही नहीं, बल्कि पूरे वर्ष स्वच्छता और लंबित मामलों के निपटारे की प्रक्रिया को बनाए रखना एक चुनौती है।
यूपीएससी लिंक: शासन व्यवस्था, पारदर्शिता और जवाबदेही के महत्वपूर्ण पक्ष
2. प्रौद्योगिकी का उपयोग
- लंबित मामलों के प्रभावी निपटारे और फाइलों के प्रबंधन के लिए आधुनिक सूचना प्रौद्योगिकी (IT) उपकरणों का पूर्ण उपयोग अभी भी एक चुनौती है।
- डिजिटल रिकॉर्ड-कीपिंग और ई-ऑफिस प्रणाली को व्यापक रूप से अपनाना आवश्यक है।
यूपीएससी लिंक: ई-गवर्नेंस-अनुप्रयोग, मॉडल, सफलताएँ, सीमाएँ और संभावनाएँ
3. मानव संसाधन प्रशिक्षण
- कर्मचारियों को फाइलों के उचित प्रबंधन, शिकायत निवारण तंत्र और स्वच्छता प्रोटोकॉल के बारे में नियमित प्रशिक्षण की आवश्यकता है।
- पुरानी कार्यप्रणाली को बदलने और नई, अधिक कुशल प्रक्रियाओं को अपनाने के लिए कर्मचारियों को प्रेरित करना महत्वपूर्ण है।
यूपीएससी लिंक: मानव संसाधन का विकास
4. निगरानी और मूल्यांकन
- अभियान के लक्ष्यों की प्राप्ति सुनिश्चित करने के लिए एक मजबूत निगरानी और मूल्यांकन तंत्र का अभाव हो सकता है।
- प्रदर्शन संकेतकों (KPIs) के आधार पर नियमित समीक्षा और सुधारात्मक कार्रवाई की आवश्यकता है।
यूपीएससी लिंक: विकास प्रक्रियाएँ और विकास उद्योग
चुनौतियाँ — यूपीएससी दृष्टिकोण
| मुद्दा | चिंता |
|---|---|
| अधिकारी वर्ग की उदासीनता | कुछ अधिकारियों और कर्मचारियों में अभियान के प्रति उत्साह की कमी, जिससे लक्ष्यों की प्राप्ति में बाधा आ सकती है। |
| संसाधनों की कमी | स्वच्छता बनाए रखने और फाइलों के डिजिटलीकरण के लिए आवश्यक वित्तीय और तकनीकी संसाधनों की अपर्याप्तता। |
| प्रक्रियागत जटिलताएँ | सरकारी प्रक्रियाओं की अंतर्निहित जटिलताएँ लंबित मामलों के त्वरित निपटारे में बाधा डाल सकती हैं। |
| डेटा सुरक्षा और गोपनीयता | डिजिटल रिकॉर्ड के बढ़ते उपयोग के साथ डेटा सुरक्षा और गोपनीयता सुनिश्चित करना एक महत्वपूर्ण चिंता है। |
| क्षेत्रीय कार्यालयों में असमानता | अभियान का प्रभाव विभिन्न क्षेत्रीय कार्यालयों में भिन्न हो सकता है, जिससे एक समान कार्यान्वयन सुनिश्चित करना चुनौती बन सकता है। |
सरकारी पहल — प्रीलिम्स हेतु अवश्य याद रखें
- स्वच्छ भारत मिशन (Swachh Bharat Mission)
आगे की राह
- अभियान को एक वार्षिक कार्यक्रम के बजाय एक सतत प्रक्रिया के रूप में संस्थागत बनाना, जिसमें नियमित अंतराल पर समीक्षा और मूल्यांकन शामिल हो।
- लंबित मामलों के निपटारे और स्वच्छता के लिए एक डिजिटल प्लेटफॉर्म विकसित करना, जो पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाए।
- कर्मचारियों के लिए नियमित प्रशिक्षण और कार्यशालाएं आयोजित करना, ताकि उन्हें आधुनिक कार्यालय प्रबंधन तकनीकों और स्वच्छता प्रोटोकॉल से अवगत कराया जा सके।
- अभियान में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले मंत्रालयों/विभागों और व्यक्तियों को पुरस्कृत करना, ताकि दूसरों को भी बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रेरित किया जा सके।
- जनता से प्राप्त प्रतिक्रिया (feedback) को शामिल करते हुए शिकायत निवारण तंत्र को और अधिक मजबूत और उपयोगकर्ता-अनुकूल बनाना।
- अनावश्यक फाइलों और दस्तावेजों के निपटान के लिए स्पष्ट दिशानिर्देश और समय-सीमा निर्धारित करना, ताकि कार्यालयी स्थान का अधिकतम उपयोग हो सके।
- नीति आयोग के विकास निगरानी एवं मूल्यांकन कार्यालय (DMEO) जैसी संस्थाओं की भूमिका को मजबूत करना ताकि अभियान के प्रभाव का वस्तुनिष्ठ मूल्यांकन किया जा सके।
यूपीएससी मूल्य-संवर्धन
मुख्य परीक्षा उत्तर-लेखन हेतु कीवर्ड
विशेष अभियान · प्रशासनिक सुधार · लोक शिकायत निवारण · स्वच्छता अभियान · नीति आयोग · लंबित मामले · फाइल निपटान · कार्यालय प्रबंधन · सुशासन · नागरिक केंद्रित प्रशासन
संवैधानिक व नीतिगत संबंध
- {‘article’: ‘अनुच्छेद 312’, ‘note’: ‘अखिल भारतीय सेवाओं का सृजन’}
- {‘article’: ‘अनुच्छेद 320’, ‘note’: ‘लोक सेवा आयोगों के कार्य’}
अवधारणा प्रवाह
लंबित मामलों और अस्वच्छता की पहचान → विशेष अभियान 6.0 का शुभारंभ → फाइलों का निपटारा और स्वच्छता गतिविधियाँ → कार्यालयी स्थान का अनुकूलन और राजस्व सृजन → प्रशासनिक दक्षता और सुशासन में सुधार → नागरिकों को बेहतर सेवाएँ और विश्वास में वृद्धि
प्रारंभिक अभ्यास प्रश्न
Q1. निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. विशेष अभियान 6.0 का प्राथमिक उद्देश्य केवल कार्यालयों में स्वच्छता सुनिश्चित करना है।
2. यह अभियान प्रशासनिक सुधार और लोक शिकायत विभाग (DARPG) द्वारा 2021 में शुरू किया गया था।
3. नीति आयोग और उसके संबद्ध कार्यालय इस अभियान के संचालन में शामिल हैं।
उपरोक्त में से कितने कथन सही हैं?
- केवल एक
- केवल दो
- केवल तीन
- कोई नहीं
उत्तर: केवल दो — कथन 1 गलत है क्योंकि अभियान का उद्देश्य स्वच्छता के साथ-साथ लंबित मामलों का निपटारा भी है। कथन 2 सही है, DARPG ने 2021 में यह अभियान शुरू किया था। कथन 3 सही है, नीति आयोग और उसके संबद्ध कार्यालय जैसे DMEO और अटल इनोवेशन मिशन इसमें शामिल हैं।
Q2. विशेष अभियान 6.0 के संदर्भ में, निम्नलिखित में से कौन-सा/से कार्य शामिल है/हैं?
1. लोक शिकायतों का निपटारा
2. संसदीय आश्वासनों का समाधान
3. फाइलों का निस्तारण और कार्यालयी स्थान का बेहतर उपयोग
नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए:
- केवल 1 और 2
- केवल 2 और 3
- केवल 1 और 3
- 1, 2 और 3
उत्तर: 1, 2 और 3 — विशेष अभियान 6.0 में लोक शिकायतों, संसदीय आश्वासनों, PMO संदर्भों, और अनावश्यक फाइलों एवं दस्तावेजों को हटाने के साथ-साथ कार्यालयों में समग्र स्वच्छता में सुधार और स्थान के बेहतर प्रबंधन पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
मुख्य अभ्यास प्रश्न
✍ प्रशासनिक सुधारों और सुशासन में विशेष अभियानों की भूमिका का मूल्यांकन कीजिए। इस संदर्भ में, नीति आयोग द्वारा चलाए जा रहे विशेष अभियान 6.0 के उद्देश्यों और संभावित प्रभावों पर चर्चा कीजिए। (15 Marks)
रूपरेखा: मॉडल-उत्तर संरचना:
1. **परिचय:** प्रशासनिक सुधारों और सुशासन के महत्व पर संक्षिप्त प्रकाश डालते हुए विशेष अभियानों की अवधारणा का परिचय दें।
2. **विशेष अभियानों की भूमिका:**
* **दक्षता में वृद्धि:** लंबित मामलों के निपटारे, फाइल प्रबंधन में सुधार।
* **जवाबदेही:** लोक शिकायतों का समयबद्ध समाधान।
* **पारदर्शिता:** प्रक्रियाओं को सुव्यवस्थित करना।
* **नागरिक केंद्रित प्रशासन:** सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार।
* **संस्थागत स्वच्छता:** कार्यस्थल के वातावरण में सुधार।
3. **विशेष अभियान 6.0 (नीति आयोग):**
* **उद्देश्य:** सचिवालय और संबद्ध/अधीनस्थ कार्यालयों में स्वच्छता को संस्थागत बनाना, लंबित मामलों को न्यूनतम करना (सांसदों के संदर्भ, राज्य सरकारों से प्राप्त संदर्भ, अंतर-मंत्रालयी संदर्भ, संसदीय आश्वासन, PMO संदर्भ, लोक शिकायतें और लोक शिकायत अपीलें)।
* **प्रमुख गतिविधियाँ:** अनावश्यक फाइलों और दस्तावेजों को हटाना, कार्यालयों में समग्र स्वच्छता में सुधार, स्थान का बेहतर प्रबंधन, क्षेत्रीय कार्यालयों में कार्यस्थल के अनुभव को बेहतर बनाना।
4. **संभावित प्रभाव:**
* **प्रशासनिक दक्षता:** निर्णय लेने की प्रक्रिया में तेजी।
* **नागरिक संतुष्टि:** शिकायतों के त्वरित निवारण से विश्वास में वृद्धि।
* **संसाधन अनुकूलन:** खाली स्थान का बेहतर उपयोग, कबाड़ से राजस्व।
* **कार्य संस्कृति में सुधार:** स्वच्छ और व्यवस्थित कार्यस्थल से उत्पादकता में वृद्धि।
5. **निष्कर्ष:** सुशासन के लक्ष्यों को प्राप्त करने में ऐसे अभियानों की निरंतरता और महत्व पर बल दें।
स्रोत: PIB (Press Information Bureau)
शैक्षिक उद्देश्य हेतु AanyaAi द्वारा जनित।
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