पीएम आवास योजना-शहरी: 2.0 में बदलाव, 1 करोड़ नए घरों का लक्ष्य

पीएम आवास योजना-शहरी: 2.0 में बदलाव, 1 करोड़ नए घरों का लक्ष्य

विषय प्रासंगिकता — यह टॉपिक कहाँ आता है

  • GS Paper I — भारतीय समाज, शहरीकरण  |  GS Paper II — सरकार की नीतियाँ और हस्तक्षेप, सामाजिक न्याय  |  GS Paper III — भारतीय अर्थव्यवस्था, अवसंरचना
  • Prelims: प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी (PMAY-U), PMAY-U 2.0, आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय (MoHUA), किफायती आवास, शहरी विकास, लाभार्थी द्वारा निर्माण (BLC), साझेदारी में किफायती आवास (AHP), किफायती किराये का आवास (ARH), ब्याज सब्सिडी योजना (ISS)
  • Essay: भारत में शहरीकरण और आवास की चुनौतियाँ, समावेशी विकास के लिए सरकारी योजनाओं की भूमिका

त्वरित पुनरावृत्ति: प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी का लक्ष्य शहरी क्षेत्रों में सभी पात्र परिवारों को पक्के घर उपलब्ध कराना है, जिसे अब PMAY-U 2.0 के माध्यम से विस्तारित किया गया है ताकि अतिरिक्त 1 करोड़ लाभार्थियों को अगले पाँच वर्षों में आवास सहायता प्रदान की जा सके।

यह खबर चर्चा में क्यों?

आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय (MoHUA) ने प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी (PMAY-U) के कार्यान्वयन की स्थिति पर एक प्रेस विज्ञप्ति जारी की है। इस योजना को 30 सितंबर 2026 तक बढ़ा दिया गया है ताकि स्वीकृत घरों का निर्माण पूरा किया जा सके। इसके साथ ही, मंत्रालय ने 1 सितंबर 2024 से PMAY-U 2.0 ‘सभी के लिए आवास’ मिशन का भी शुभारंभ किया है, जिसका लक्ष्य अगले पाँच वर्षों में 1 करोड़ अतिरिक्त लाभार्थियों को सहायता प्रदान करना है।

पृष्ठभूमि

  • प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी (PMAY-U) को 25 जून 2015 को आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय (MoHUA) द्वारा शुरू किया गया था।
  • इस योजना का मुख्य उद्देश्य शहरी क्षेत्रों में पात्र लाभार्थियों को बुनियादी नागरिक सुविधाओं वाले सभी मौसम में सुरक्षित पक्के घर उपलब्ध कराना है।
  • PMAY-U एक मांग-आधारित योजना है, जिसका कार्यान्वयन राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों द्वारा प्रस्तुत परियोजना प्रस्तावों के आधार पर किया जाता है।
  • योजना के तहत अब तक कुल 127.68 लाख घरों को मंज़ूरी दी गई है, जिनमें से 99.07 लाख घर बनकर तैयार हो चुके हैं या लाभार्थियों को सौंप दिए गए हैं।
  • घरों के निर्माण में लगने वाला समय ज़मीन की उपलब्धता, कानूनी मंज़ूरी और लाभार्थियों द्वारा वित्त की व्यवस्था जैसे कारकों पर निर्भर करता है।
  • मंत्रालय नियमित रूप से समीक्षा बैठकों और क्षेत्रीय दौरों के माध्यम से योजना की प्रगति की निगरानी करता है।

प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी (PMAY-U) और PMAY-U 2.0

  • PMAY-U को 30 सितंबर 2026 तक बढ़ा दिया गया है।
  • PMAY-U 2.0 ‘सभी के लिए आवास’ मिशन 1 सितंबर 2024 से शुरू किया गया है, जिसका उद्देश्य अगले पाँच वर्षों में 1 करोड़ अतिरिक्त पात्र लाभार्थियों को आवास सहायता प्रदान करना है।
  • PMAY-U 2.0 को चार श्रेणियों के माध्यम से लागू किया जाएगा: लाभार्थी द्वारा निर्माण (BLC), साझेदारी में किफायती आवास (AHP), किफायती किराये का आवास (ARH) और ब्याज सब्सिडी योजना (ISS)।
  • यह योजना केंद्र सरकार, राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों और शहरी स्थानीय निकायों की योजनाओं के साथ तालमेल बिठाकर पानी, स्वच्छता, बिजली और सड़क संपर्क जैसी बुनियादी नागरिक सुविधाएं भी सुनिश्चित करती है।
  • घरों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए तकनीकी और गुणवत्ता मानकों तथा लागू भवन उपनियमों का पालन अनिवार्य है।

मुख्य विशेषताएँ

विशेषता महत्व
शहरी आवास का लक्ष्य शहरी क्षेत्रों में पात्र लाभार्थियों को बुनियादी सुविधाओं से युक्त पक्के घर उपलब्ध कराना।
योजना का विस्तार मंजूर किए गए घरों को पूरा करने के लिए PMAY-U को 30 सितंबर 2026 तक बढ़ाया गया।
PMAY-U 2.0 का शुभारंभ 1 सितंबर 2024 से अगले पांच वर्षों में 1 करोड़ अतिरिक्त लाभार्थियों को आवास सहायता प्रदान करना।
कार्यान्वयन श्रेणियाँ लाभार्थी द्वारा निर्माण (BLC), साझेदारी में किफायती आवास (AHP), किफायती किराये का आवास (ARH) और ब्याज सब्सिडी योजना (ISS) के माध्यम से कार्यान्वयन।
मांग आधारित योजना राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों द्वारा प्रस्तुत परियोजना प्रस्तावों के आधार पर घरों को मंजूरी।
बुनियादी नागरिक सुविधाएँ पानी, स्वच्छता, बिजली और सड़क संपर्क जैसी सुविधाओं का प्रावधान।

महत्व

सामाजिक महत्व

  • यह योजना शहरी गरीबों और कमजोर वर्गों को सुरक्षित तथा सम्मानजनक आवास प्रदान करके उनके जीवन स्तर में सुधार करती है।
  • पक्के घरों की उपलब्धता से स्वास्थ्य, शिक्षा और सामाजिक सुरक्षा जैसे अन्य विकास संकेतकों पर सकारात्मक प्रभाव पड़ता है।
  • विशेष रूप से महिलाओं और बच्चों के लिए बेहतर रहने की स्थिति सुनिश्चित होती है, जिससे लैंगिक समानता को बढ़ावा मिलता है।

आर्थिक महत्व

  • आवास क्षेत्र में निवेश से रोज़गार सृजन होता है, विशेषकर निर्माण क्षेत्र में, जिससे अर्थव्यवस्था को गति मिलती है।
  • घरों के निर्माण से संबंधित उद्योगों जैसे सीमेंट, स्टील, ईंट आदि की मांग बढ़ती है, जिससे औद्योगिक उत्पादन को बढ़ावा मिलता है।
  • किफायती आवास तक पहुंच से शहरी गरीबों की बचत क्षमता बढ़ती है और वे अन्य उत्पादक गतिविधियों में निवेश कर सकते हैं।

शासन और नीतिगत महत्व

  • यह योजना सहकारी संघवाद (Cooperative Federalism) का एक उदाहरण है, जहाँ केंद्र और राज्य सरकारें मिलकर शहरी विकास के लक्ष्य को प्राप्त करती हैं।
  • PMAY-U 2.0 का पुनर्गठन और विस्तार योजना के कार्यान्वयन से प्राप्त सीखों के आधार पर नीति निर्माण में अनुकूलनशीलता को दर्शाता है।
  • बुनियादी सुविधाओं का एकीकरण स्मार्ट शहरों और सतत शहरी विकास के व्यापक लक्ष्यों के साथ संरेखित है।

चुनौतियाँ

1. भूमि की उपलब्धता और अधिग्रहण

  • शहरी क्षेत्रों में उपयुक्त और विवाद रहित भूमि की कमी एक बड़ी चुनौती है।
  • भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया अक्सर लंबी और जटिल होती है, जिससे परियोजनाओं में देरी होती है।

2. वित्तीय संसाधन और निधि का उपयोग

  • राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों द्वारा केंद्रीय सहायता के प्रभावी उपयोग में भिन्नता देखी जाती है।
  • लाभार्थियों द्वारा अपने हिस्से की राशि की व्यवस्था करने में कठिनाई भी एक बाधा है।

3. निर्माण की गुणवत्ता और समय-सीमा

  • घरों के निर्माण में निर्धारित तकनीकी और गुणवत्ता मानकों का पालन सुनिश्चित करना एक चुनौती है।
  • परियोजनाओं को समय पर पूरा करने में देरी विभिन्न कारणों से होती है, जैसे कानूनी मंजूरी और सामग्री की उपलब्धता।

4. लाभार्थियों की पहचान और चयन

  • पात्र लाभार्थियों की सटीक पहचान और चयन सुनिश्चित करना, ताकि वास्तविक ज़रूरतमंदों तक लाभ पहुँचे।
  • अक्सर अपात्र व्यक्तियों को लाभ मिलने या पात्र व्यक्तियों के छूट जाने की शिकायतें आती हैं।

5. बुनियादी सुविधाओं का एकीकरण

  • आवास परियोजनाओं के साथ पानी, स्वच्छता, बिजली और सड़क जैसी बुनियादी नागरिक सुविधाओं का प्रभावी ढंग से एकीकरण सुनिश्चित करना।
  • विभिन्न विभागों और एजेंसियों के बीच समन्वय की कमी एक बाधा बन सकती है।

चुनौतियाँ — यूपीएससी दृष्टिकोण

मुद्दा चिंता
शहरी भूमि की कमी परियोजनाओं के लिए उपयुक्त, विवाद रहित भूमि की उपलब्धता में बाधा।
निधि के उपयोग में असमानता राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों द्वारा केंद्रीय सहायता के उपयोग की दर में भिन्नता।
निर्माण में देरी कानूनी मंजूरी, सामग्री की उपलब्धता और लाभार्थियों के योगदान जैसे कारकों के कारण परियोजनाओं का समय पर पूरा न होना।
गुणवत्ता नियंत्रण घरों के निर्माण में निर्धारित तकनीकी और गुणवत्ता मानकों का पालन सुनिश्चित करना।
अंतर-एजेंसी समन्वय आवास और बुनियादी सुविधाओं के लिए विभिन्न सरकारी विभागों के बीच समन्वय की कमी।
लाभार्थी का योगदान लाभार्थियों द्वारा अपने हिस्से की वित्तीय व्यवस्था करने में कठिनाई।

सरकारी पहल — प्रीलिम्स हेतु अवश्य याद रखें

  • प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी (PMAY-U)
  • प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी 2.0 (PMAY-U 2.0)

आगे की राह

  • राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों को भूमि अधिग्रहण प्रक्रियाओं को सुव्यवस्थित करने और विवाद रहित भूमि की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए विशेष प्रयास करने चाहिए।
  • केंद्रीय सहायता के प्रभावी और समयबद्ध उपयोग के लिए राज्यों को क्षमता निर्माण और निगरानी तंत्र को मजबूत करना चाहिए।
  • निर्माण की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए कठोर गुणवत्ता आश्वासन और निरीक्षण प्रणालियों को लागू किया जाना चाहिए, साथ ही परियोजना प्रबंधन को बेहतर बनाना चाहिए।
  • लाभार्थियों की पहचान प्रक्रिया को और अधिक पारदर्शी और समावेशी बनाया जाना चाहिए, ताकि वास्तविक ज़रूरतमंदों तक लाभ पहुँचे।
  • आवास परियोजनाओं के साथ बुनियादी नागरिक सुविधाओं के एकीकरण को सुनिश्चित करने के लिए विभिन्न सरकारी विभागों और शहरी स्थानीय निकायों के बीच समन्वय को बढ़ावा देना चाहिए।
  • लाभार्थियों को वित्तीय सहायता और मार्गदर्शन प्रदान करने के लिए बैंकों और वित्तीय संस्थानों के साथ साझेदारी को मजबूत करना चाहिए।
  • योजना के कार्यान्वयन की नियमित समीक्षा और मूल्यांकन के माध्यम से प्राप्त सीखों को भविष्य की नीतियों और रणनीतियों में शामिल करना चाहिए।

यूपीएससी मूल्य-संवर्धन

मुख्य परीक्षा उत्तर-लेखन हेतु कीवर्ड

प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी (PMAY-U) · सभी के लिए आवास · शहरी गरीबों के लिए आवास · किफायती आवास · लाभार्थी द्वारा निर्माण (BLC) · साझेदारी में किफायती आवास (AHP) · किफायती किराये का आवास (ARH) · ब्याज सब्सिडी योजना (ISS) · शहरी विकास · आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय (MoHUA)

संवैधानिक व नीतिगत संबंध

  • {‘article’: ‘अनुच्छेद 243W’, ‘note’: ‘शहरी स्थानीय निकायों की शक्तियाँ और उत्तरदायित्व’}
  • {‘article’: ‘अनुच्छेद 243G’, ‘note’: ‘पंचायतों की शक्तियाँ, प्राधिकार और उत्तरदायित्व’}
  • {‘article’: ‘राज्य नीति के निदेशक तत्व (DPSP)’, ‘note’: ‘जीवन स्तर में सुधार और आवास का अधिकार’}

अवधारणा प्रवाह

शहरी आवास की बढ़ती मांग  →  PMAY-U का शुभारंभ और कार्यान्वयन  →  कार्यान्वयन से प्राप्त सीख और चुनौतियाँ  →  PMAY-U 2.0 का पुनर्गठन और विस्तार  →  घरों का निर्माण और बुनियादी सुविधाओं का एकीकरण  →  शहरी गरीबों को सुरक्षित और किफायती आवास की उपलब्धता

प्रारंभिक अभ्यास प्रश्न

Q1. प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी (PMAY-U) के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. यह योजना आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय (MoHUA) द्वारा 25 जून 2015 को शुरू की गई थी।
2. PMAY-U 2.0 ‘सभी के लिए आवास’ मिशन 01 सितंबर 2024 से लागू किया गया है, जिसका लक्ष्य अगले पांच वर्षों में 1 करोड़ अतिरिक्त लाभार्थियों को सहायता प्रदान करना है।
3. PMAY-U 2.0 के तहत लाभार्थी द्वारा निर्माण (BLC) और ब्याज सब्सिडी योजना (ISS) जैसी श्रेणियां शामिल हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?

  1. केवल 1 और 2
  2. केवल 2 और 3
  3. केवल 1 और 3
  4. 1, 2 और 3

उत्तर: 1, 2 और 3 — सभी कथन सही हैं। PMAY-U को 25 जून 2015 को MoHUA द्वारा लॉन्च किया गया था। PMAY-U 2.0, 01 सितंबर 2024 से लागू हुआ है, जिसका लक्ष्य अगले पांच वर्षों में 1 करोड़ अतिरिक्त लाभार्थियों को सहायता प्रदान करना है। इसमें BLC, AHP, ARH और ISS जैसी श्रेणियां शामिल हैं।

Q2. प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी (PMAY-U) के कार्यान्वयन से संबंधित निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. यह एक मांग-आधारित योजना है, जिसमें राज्य/केंद्र शासित प्रदेशों द्वारा जमा किए गए परियोजना प्रस्तावों के आधार पर घरों को मंजूरी दी जाती है।
2. घरों के निर्माण की समय-सीमा सामान्यतः 12-36 महीने होती है, जो भूमि की उपलब्धता और कानूनी मंजूरियों पर निर्भर करती है।
3. योजना के अंतर्गत निर्मित घरों को केवल केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित तकनीकी मानकों का पालन करना आवश्यक है, न कि स्थानीय भवन उपनियमों का।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?

  1. केवल 1
  2. केवल 1 और 2
  3. केवल 2 और 3
  4. 1, 2 और 3

उत्तर: केवल 1 और 2 — कथन 1 और 2 सही हैं। PMAY-U एक मांग-आधारित योजना है और घरों के निर्माण की समय-सीमा 12-36 महीने होती है। कथन 3 गलत है क्योंकि निर्मित घरों को योजना दिशानिर्देशों के साथ-साथ लागू भवन उपनियमों का भी पालन करना आवश्यक है।

मुख्य अभ्यास प्रश्न

✍ प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी (PMAY-U) भारत में शहरी गरीबों के लिए आवास सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इस योजना के उद्देश्यों, कार्यान्वयन की चुनौतियों और ‘सभी के लिए आवास’ के लक्ष्य को प्राप्त करने में इसकी भूमिका का आलोचनात्मक मूल्यांकन कीजिए।

रूपरेखा: उत्तर की शुरुआत PMAY-U के उद्देश्यों और इसकी शुरुआत की तिथि से करें। इसके बाद, योजना के विभिन्न घटकों (जैसे BLC, AHP, ARH, ISS) और कार्यान्वयन तंत्र पर प्रकाश डालें। शहरी क्षेत्रों में आवास की कमी को दूर करने में इसकी भूमिका का विश्लेषण करें। अंत में, भूमि की उपलब्धता, कानूनी मंजूरियां, लाभार्थियों द्वारा वित्तपोषण और गुणवत्ता नियंत्रण जैसी कार्यान्वयन चुनौतियों पर चर्चा करते हुए एक संतुलित निष्कर्ष प्रस्तुत करें।

स्रोत: PIB (Press Information Bureau)


शैक्षिक उद्देश्य हेतु AanyaAi द्वारा जनित।

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