पीएम गतिशक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान: अवसंरचना विकास में क्रांतिक बदलाव

पीएम गतिशक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान एकीकृत और संयोजित अवसंरचना योजना को सक्षम बनाता है — concept mind map

पीएम गतिशक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान: अवसंरचना विकास में क्रांतिक बदलाव

पीएम गतिशक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान: अवसंरचना विकास में क्रांतिक बदलाव — पीएम गतिशक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान: एकीकृत अवसंरचना निर्माण प्रक्रिया
आरेख: पीएम गतिशक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान: एकीकृत अवसंरचना निर्माण प्रक्रिया

✎ पीएम गतिशक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान भारत में अवसंरचना परियोजनाओं के एकीकृत नियोजन, समन्वित कार्यान्वयन और डेटा-आधारित निर्णय लेने के लिए एक परिवर्तनकारी 'समग्र सरकार' दृष्टिकोण है, जिसका उद्देश्य लॉजिस्टिक्स दक्षता में सुधार और…

विषय प्रासंगिकता — यह टॉपिक कहाँ आता है

  • GS Paper III — भारतीय अर्थव्यवस्था और नियोजन, संसाधन जुटाना, वृद्धि, विकास और रोजगार से संबंधित विषय; अवसंरचना: ऊर्जा, बंदरगाह, सड़क, विमानपत्तन, रेलवे आदि।
  • Prelims: पीएम गतिशक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान, नेटवर्क प्लानिंग ग्रुप (NPG), भू-स्थानिक डेटा, लॉजिस्टिक्स लागत, समग्र सरकार दृष्टिकोण, मल्टी-मोडल कनेक्टिविटी
  • Essay: भारत में आर्थिक विकास और अवसंरचना का महत्व, एकीकृत नियोजन और समन्वित कार्यान्वयन के माध्यम से भारत का परिवर्तन

त्वरित पुनरावृत्ति: पीएम गतिशक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान भारत में अवसंरचना परियोजनाओं के एकीकृत नियोजन, समन्वित कार्यान्वयन और डेटा-आधारित निर्णय लेने के लिए एक परिवर्तनकारी ‘समग्र सरकार’ दृष्टिकोण है, जिसका उद्देश्य लॉजिस्टिक्स दक्षता में सुधार और आर्थिक संवृद्धि को बढ़ावा देना है।

यह खबर चर्चा में क्यों?

वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय ने हाल ही में पीएम गतिशक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान (PMG-NMP) की प्रगति और प्रभाव पर प्रकाश डाला है। यह योजना अक्टूबर 2021 में शुरू की गई थी और इसका उद्देश्य अवसंरचना परियोजनाओं के एकीकृत नियोजन और समन्वित क्रियान्वयन को सुनिश्चित करना है। मंत्रालय ने बताया कि यह विभिन्न केंद्रीय मंत्रालयों/विभागों और राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों को एक साथ लाने वाला एक परिवर्तनकारी ‘समग्र सरकार’ दृष्टिकोण है, जो डेटा-आधारित निर्णयों को बढ़ावा देता है और लॉजिस्टिक्स दक्षता में सुधार करता है।

पृष्ठभूमि

  • भारत में अवसंरचना परियोजनाओं के नियोजन और कार्यान्वयन में अक्सर मंत्रालयों के बीच समन्वय की कमी देखी जाती थी, जिससे देरी और लागत में वृद्धि होती थी।
  • लॉजिस्टिक्स लागत (Logistics Cost) भारत में सकल घरेलू उत्पाद (GDP) का एक महत्वपूर्ण हिस्सा थी, जिससे भारतीय उत्पादों की प्रतिस्पर्धात्मकता प्रभावित होती थी।
  • अंतिम छोर तक कनेक्टिविटी (Last-Mile Connectivity) का अभाव एक बड़ी चुनौती थी, विशेषकर ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों में।
  • परिवहन के विभिन्न साधनों के बीच निर्बाध एकीकरण की आवश्यकता महसूस की जा रही थी ताकि लोगों, वस्तुओं और सेवाओं की आवाजाही को कुशल बनाया जा सके।
  • सरकार ने आर्थिक संवृद्धि (Economic Growth) को गति देने और ‘आत्मनिर्भर भारत’ के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए मजबूत और एकीकृत अवसंरचना को महत्वपूर्ण माना।
  • डिजिटल प्रौद्योगिकियों, जैसे भू-स्थानिक डेटा (Geospatial Data) और सैटेलाइट इमेजरी का उपयोग करके परियोजनाओं की बेहतर योजना और निगरानी की संभावनाओं को पहचाना गया।

पीएम गतिशक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान (PMG-NMP) क्या है?

  • पीएम गतिशक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान (PMG-NMP) अवसंरचना परियोजनाओं के एकीकृत नियोजन और समन्वित क्रियान्वयन के लिए अक्टूबर 2021 में शुरू की गई एक पहल है।
  • यह एक ‘समग्र सरकार’ (Whole of Government) दृष्टिकोण पर आधारित है, जो विभिन्न केंद्रीय मंत्रालयों/विभागों और राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों को एक साथ लाता है।
  • योजना का मुख्य उद्देश्य मंत्रालयों/राज्यों को भू-स्थानिक डेटा, सैटेलाइट इमेजरी और API एकीकरण का उपयोग करके डेटा-आधारित निर्णय लेने में मदद करना है।
  • यह लोगों, वस्तुओं और सेवाओं की आवाजाही के लिए निर्बाध व कुशल कनेक्टिविटी प्रदान करने के उद्देश्य से सामाजिक बुनियादी ढांचे सहित परियोजनाओं की एकीकृत, समकालिक और समन्वित तरीके से योजना बनाने में सुविधा प्रदान करता है।
  • पीएम गतिशक्ति एक एकीकृत योजना फ्रेमवर्क प्रदान करता है; परियोजनाओं की मंजूरी और कार्यान्वयन संबंधित केंद्रीय मंत्रालयों/विभागों और राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों द्वारा अपनी योजनाओं, प्रक्रियाओं और बजटीय/वित्तीय प्रावधानों के तहत किया जाता है।
  • नेटवर्क प्लानिंग ग्रुप (NPG) इस फ्रेमवर्क के तहत गठित एक महत्वपूर्ण तंत्र है, जो योजना स्तर पर एकीकृत नियोजन, बहु-विधता (Multi-Modality), अंतर-विधता (Inter-Modality) और डेटा-आधारित निर्णय लेने को सुनिश्चित करने के लिए प्रमुख अवसंरचना परियोजनाओं का मूल्यांकन करता है।
  • यह योजना लॉजिस्टिक्स दक्षता में सुधार, टर्न-अराउंड समय (Turn-around Time) में कमी, कारोबार सुगमता (Ease of Doing Business) और औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने का लक्ष्य रखती है, जिससे लॉजिस्टिक्स लागत कम होती है।

मुख्य विशेषताएँ

विशेषता महत्व
समग्र सरकार दृष्टिकोण विभिन्न केंद्रीय मंत्रालयों/विभागों और राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों को एकीकृत नियोजन और समन्वित क्रियान्वयन के लिए एक साथ लाना।
डेटा-आधारित निर्णय भू-स्थानिक डेटा, सैटेलाइट इमेजरी और API एकीकरण का उपयोग करके अवसंरचना विकास की निगरानी, योजना और सुधार।
एकीकृत योजना फ्रेमवर्क परियोजनाओं की मंजूरी और कार्यान्वयन संबंधित मंत्रालयों/राज्यों द्वारा उनकी योजनाओं और बजटीय प्रावधानों के तहत होता है।
नेटवर्क प्लानिंग ग्रुप (NPG) प्रमुख अवसंरचना परियोजनाओं का मूल्यांकन करता है ताकि एकीकृत नियोजन, बहु-विधता और अंतिम छोर तक कनेक्टिविटी सुनिश्चित हो सके।
सार्वजनिक प्लेटफॉर्म निजी संस्थाओं और आम जनता को पीएम गतिशक्ति डेटा एनालिटिक्स तक पहुंच प्रदान करता है।

महत्व

आर्थिक महत्व

  • लॉजिस्टिक्स लागत में कमी: भारत में लॉजिस्टिक्स लागत सकल घरेलू उत्पाद (GDP) के 7.9% तक अनुमानित है, जो उन्नत अर्थव्यवस्थाओं के बराबर है।
  • आर्थिक संवृद्धि को बढ़ावा: राष्ट्रीय राजमार्ग विकास में खर्च किया गया प्रत्येक एक रुपया GDP में 3.2 रुपये की वृद्धि करता है।
  • विनिर्माण और निर्यात प्रतिस्पर्धात्मकता में सुधार: एकीकृत अवसंरचना से घरेलू विनिर्माण और निर्यात प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ती है।

अवसंरचनात्मक महत्व

  • अंतिम छोर तक कनेक्टिविटी: परिवहन के विभिन्न साधनों के माध्यम से लोगों, वस्तुओं और सेवाओं की आवाजाही के लिए निर्बाध और कुशल कनेक्टिविटी प्रदान करता है।
  • यात्रा के समय में कमी: बेहतर कनेक्टिविटी और समन्वित नियोजन से यात्रा का समय कम होता है।
  • बहु-विधता और अंतर-विधता: विभिन्न परिवहन साधनों के बीच तालमेल और एकीकरण को बढ़ावा देता है।

शासनिक महत्व

  • समग्र सरकार दृष्टिकोण: विभिन्न सरकारी स्तरों और विभागों के बीच समन्वय और सहयोग को मजबूत करता है।
  • डेटा-आधारित निर्णय लेने में सहायता: भू-स्थानिक डेटा और प्रौद्योगिकी का उपयोग करके अधिक प्रभावी निर्णय लेने में मदद करता है।
  • पारदर्शिता और जवाबदेही: सार्वजनिक प्लेटफॉर्म के माध्यम से डेटा तक पहुंच प्रदान कर पारदर्शिता बढ़ाता है।

चुनौतियाँ

1. अंतर-मंत्रालयी समन्वय

  • विभिन्न मंत्रालयों और विभागों के बीच प्रभावी समन्वय सुनिश्चित करना एक सतत चुनौती है, खासकर जब कई हितधारक शामिल हों।
  • योजनाओं और प्राथमिकताओं में भिन्नता से कार्यान्वयन में देरी हो सकती है।

2. भूमि अधिग्रहण और पर्यावरणीय मंजूरी

  • बड़ी अवसंरचना परियोजनाओं के लिए भूमि अधिग्रहण अक्सर जटिल और समय लेने वाला होता है, जिससे परियोजना लागत और समय-सीमा प्रभावित होती है।
  • पर्यावरणीय प्रभाव आकलन और मंजूरी प्राप्त करना भी एक लंबी प्रक्रिया हो सकती है।

3. वित्तीय संसाधन और बजटीय प्रावधान

  • हालांकि पीएम गतिशक्ति का कोई अलग बजटीय प्रावधान नहीं है, परियोजनाओं के लिए पर्याप्त वित्तीय संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करना महत्वपूर्ण है।
  • राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की वित्तीय क्षमताएं भिन्न हो सकती हैं, जिससे कार्यान्वयन की गति प्रभावित हो सकती है।

4. प्रौद्योगिकी एकीकरण और डेटा प्रबंधन

  • विभिन्न सरकारी प्रणालियों से भू-स्थानिक डेटा और अन्य सूचनाओं का निर्बाध एकीकरण सुनिश्चित करना तकनीकी रूप से चुनौतीपूर्ण हो सकता है।
  • डेटा की गुणवत्ता, सटीकता और अद्यतन स्थिति बनाए रखना महत्वपूर्ण है।

चुनौतियाँ — यूपीएससी दृष्टिकोण

मुद्दा चिंता
समन्वय की जटिलता विभिन्न मंत्रालयों/राज्यों के बीच प्राथमिकताओं और कार्यप्रणाली में भिन्नता।
भूमि अधिग्रहण में बाधाएं परियोजनाओं के लिए आवश्यक भूमि की उपलब्धता और अधिग्रहण की प्रक्रिया में देरी।
पर्यावरणीय अनुपालन परियोजनाओं के पर्यावरणीय प्रभाव और आवश्यक अनुमतियों को प्राप्त करने में लगने वाला समय।
वित्तीय असमानता राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों की वित्तीय क्षमताओं में अंतर, जिससे कार्यान्वयन की गति प्रभावित होती है।
तकनीकी एकीकरण विभिन्न डेटा स्रोतों और प्रणालियों के बीच निर्बाध एकीकरण सुनिश्चित करना।

सरकारी पहल — प्रीलिम्स हेतु अवश्य याद रखें

  • पीएम गतिशक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान (PMGS NMP)
  • राष्ट्रीय लॉजिस्टिक्स नीति (National Logistics Policy)
  • प्रगति (PRAGATI)
  • सागरमाला (Sagarmala)

आगे की राह

  • अंतर-मंत्रालयी समन्वय को और मजबूत करने के लिए नियमित समीक्षा बैठकें और एक केंद्रीकृत निगरानी तंत्र स्थापित करना।
  • भूमि अधिग्रहण प्रक्रियाओं को सुव्यवस्थित करने और विवादों के त्वरित समाधान के लिए कानूनी और प्रशासनिक सुधारों को लागू करना।
  • पर्यावरणीय मंजूरी प्रक्रियाओं को तर्कसंगत बनाना और डिजिटल प्लेटफॉर्म का उपयोग करके पारदर्शिता बढ़ाना।
  • राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों को अवसंरचना परियोजनाओं के वित्तपोषण में सहायता के लिए अभिनव वित्तीय मॉडल और प्रोत्साहन तंत्र विकसित करना।
  • डेटा साझाकरण प्रोटोकॉल को मानकीकृत करना और सभी हितधारकों के लिए एक एकीकृत डेटा प्लेटफॉर्म सुनिश्चित करना।
  • निजी क्षेत्र की भागीदारी को बढ़ावा देना और उन्हें अवसंरचना विकास में निवेश के लिए अनुकूल माहौल प्रदान करना।
  • कौशल विकास कार्यक्रमों के माध्यम से अवसंरचना नियोजन और कार्यान्वयन में शामिल मानव संसाधनों की क्षमता का निर्माण करना।

यूपीएससी मूल्य-संवर्धन

मुख्य परीक्षा उत्तर-लेखन हेतु कीवर्ड

पीएम गतिशक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान · एकीकृत अवसंरचना योजना · समग्र सरकार दृष्टिकोण · भू-स्थानिक डेटा · नेटवर्क प्लानिंग ग्रुप (NPG) · अंतिम छोर तक कनेक्टिविटी · लॉजिस्टिक्स दक्षता · सकल घरेलू उत्पाद (GDP) · बहु-विधता · डेटा-आधारित निर्णय

संवैधानिक व नीतिगत संबंध

  • {‘article’: ‘अनुच्छेद 246’, ‘note’: ‘संघ और राज्यों के बीच विधायी शक्तियों का वितरण’}
  • {‘article’: ‘अनुच्छेद 282’, ‘note’: ‘संघ या राज्य द्वारा किए गए व्यय’}

अवधारणा प्रवाह

एकीकृत नियोजन की आवश्यकता  →  पीएम गतिशक्ति का शुभारंभ  →  डेटा-आधारित निर्णय और समन्वय  →  अवसंरचना परियोजनाओं का मूल्यांकन और कार्यान्वयन  →  लॉजिस्टिक्स दक्षता और आर्थिक संवृद्धि में सुधार

प्रारंभिक अभ्यास प्रश्न

Q1. पीएम गतिशक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान (PMGSP) के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. इसे अक्टूबर 2021 में लॉन्च किया गया था।
2. यह एक अलग बजटीय प्रावधान के तहत अवसंरचना परियोजनाओं के लिए धन आवंटित करता है।
3. यह भू-स्थानिक डेटा और सैटेलाइट इमेजरी का उपयोग करके अवसंरचना विकास की निगरानी करता है।
उपर्युक्त कथनों में से कितने सही हैं?

  1. केवल एक
  2. केवल दो
  3. सभी तीन
  4. कोई नहीं

उत्तर: केवल दो — कथन 1 सही है, पीएम गतिशक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान अक्टूबर 2021 में शुरू किया गया था। कथन 2 गलत है, पीएम गतिशक्ति बिना किसी अलग बजटीय प्रावधान के एक एकीकृत योजना फ्रेमवर्क प्रदान करता है। कथन 3 सही है, यह भू-स्थानिक डेटा और सैटेलाइट इमेजरी का उपयोग करके अवसंरचना विकास की निगरानी करता है। अतः, केवल दो कथन सही हैं।

Q2. निम्नलिखित में से कौन-सा/से पीएम गतिशक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान का/के मुख्य उद्देश्य है/हैं?
1. परिवहन के विभिन्न साधनों के माध्यम से लोगों, वस्तुओं और सेवाओं की आवाजाही के लिए निर्बाध कनेक्टिविटी प्रदान करना।
2. अंतिम छोर तक कनेक्टिविटी में सुधार करना और यात्रा के समय में कमी लाना।
3. मंत्रालयों/राज्यों को डेटा-आधारित निर्णय लेने में सहायता करना।
नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए:

  1. केवल 1 और 2
  2. केवल 2 और 3
  3. केवल 1 और 3
  4. 1, 2 और 3

उत्तर: 1, 2 और 3 — पीएम गतिशक्ति का उद्देश्य परिवहन के विभिन्न साधनों के माध्यम से निर्बाध कनेक्टिविटी प्रदान करना, अंतिम छोर तक कनेक्टिविटी में सुधार करना और यात्रा के समय को कम करना है। साथ ही, यह मंत्रालयों/राज्यों को डेटा-आधारित निर्णय लेने में भी सहायता करता है। इसलिए, सभी तीनों उद्देश्य सही हैं।

मुख्य अभ्यास प्रश्न

✍ पीएम गतिशक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान (PMGSP) भारत में अवसंरचना विकास के लिए ‘समग्र सरकार’ दृष्टिकोण को कैसे दर्शाता है? इसकी प्रमुख विशेषताओं और देश के लॉजिस्टिक्स क्षेत्र पर इसके प्रभावों का मूल्यांकन कीजिए। (15 Marks)

रूपरेखा: मॉडल-उत्तर कंकाल:
1. **परिचय:** पीएम गतिशक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान (अक्टूबर 2021 में लॉन्च) का संक्षिप्त परिचय, जो एकीकृत अवसंरचना योजना और समन्वित कार्यान्वयन पर केंद्रित है।
2. **’समग्र सरकार’ दृष्टिकोण:** स्पष्ट करें कि यह कैसे विभिन्न केंद्रीय मंत्रालयों/विभागों और राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों को एक साथ लाता है, जिससे साइलो-आधारित कार्यप्रणाली समाप्त होती है। उदाहरण के लिए, सड़क, रेल, बंदरगाह, बिजली, दूरसंचार आदि सभी क्षेत्रों का एकीकरण।
3. **प्रमुख विशेषताएँ:**
* **एकीकृत योजना फ्रेमवर्क:** बिना अलग बजटीय प्रावधान के।
* **भू-स्थानिक डेटा का उपयोग:** सैटेलाइट इमेजरी और API एकीकरण के माध्यम से निगरानी और योजना।
* **नेटवर्क प्लानिंग ग्रुप (NPG):** प्रमुख अवसंरचना परियोजनाओं का मूल्यांकन, बहु-विधता और अंतर-विधता सुनिश्चित करना।
* **अंतिम छोर तक कनेक्टिविटी:** लोगों, वस्तुओं और सेवाओं की आवाजाही में सुधार।
* **डेटा-आधारित निर्णय:** मंत्रालयों/राज्यों को सशक्त बनाना।
4. **लॉजिस्टिक्स क्षेत्र पर प्रभाव:**
* **लॉजिस्टिक्स दक्षता में सुधार:** टर्न-अराउंड समय में कमी।
* **कारोबार सुगमता:** औद्योगिक विकास को बढ़ावा।
* **लॉजिस्टिक्स लागत में कमी:** NCAER के अनुमान (सकल घरेलू उत्पाद का 7.9%) और उन्नत अर्थव्यवस्थाओं से तुलना।
* **घरेलू विनिर्माण और निर्यात प्रतिस्पर्धात्मकता में वृद्धि:** आर्थिक समीक्षा 2023-24 का संदर्भ।
* **आर्थिक संवृद्धि में योगदान:** IIM बैंगलोर के अध्ययन का उल्लेख (राष्ट्रीय राजमार्ग विकास में 1 रुपये का निवेश GDP में 3.2 रुपये की वृद्धि)।
5. **निष्कर्ष:** पीएम गतिशक्ति की भूमिका को एक जुड़े हुए और प्रतिस्पर्धी भारत के निर्माण में एक परिवर्तनकारी पहल के रूप में सारांशित करें।

स्रोत: PIB (Press Information Bureau)


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