16 Jul भारत-यूके सीईटीए और सामाजिक सुरक्षा समझौता: आर्थिक साझेदारी में मील का पत्थर
प्रासंगिकता — UPSC & State PCS: International Relations
भारत–यूके व्यापक आर्थिक एवं व्यापार समझौता (सीईटीए) तथा सामाजिक सुरक्षा समझौता अब औपचारिक रूप से लागू हो गया है, जिसे डबल कंट्रीब्यूशन कन्वेंशन (डीसीसी) भी कहा जाता है। यह दोनों देशों के बीच आर्थिक साझेदारी में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है। इस समझौते के तहत भारत के लगभग 99 प्रतिशत निर्यात को शून्य-शुल्क बाजार तक पहुंच मिलेगी, जिसमें व्यापार मूल्य का लगभग 100 प्रतिशत हिस्सा शामिल है। केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री श्री पीयूष गोयल ने इसे भारत–यूके संबंधों में एक निर्णायक मील का पत्थर बताया, जो वस्त्र, चमड़ा, रत्न एवं आभूषण, इंजीनियरिंग उत्पाद, समुद्री उत्पाद, रसायन एवं प्रसंस्कृत खाद्य जैसे क्षेत्रों के लिए अभूतपूर्व अवसर उत्पन्न करेगा, साथ ही एमएसएमई, किसानों एवं विनिर्माताओं को भी लाभ पहुंचाएगा।
यह समझौता भारत के आईटी, पेशेवर, वित्तीय, शिक्षा एवं व्यावसायिक सेवा क्षेत्रों के लिए नए अवसर खोलता है तथा भारतीय प्रतिभाओं की गतिशीलता को बढ़ाता है। सामाजिक सुरक्षा पर समझौता, यूनाइटेड किंगडम में अस्थायी रूप से कार्यरत भारतीय पेशेवरों को अधिकतम पांच वर्षों तक दोहरी सामाजिक सुरक्षा अंशदान से छूट प्रदान कर साझेदारी को मजबूत करता है, जिससे भारत के कार्यबल की वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ती है। वाणिज्य सचिव श्री राजेश अग्रवाल ने बताया कि इस समझौते की व्यापकता एवं गहराई, दोनों के संदर्भ में, भारत के पूर्ववर्ती मुक्त व्यापार समझौतों की मिसालों से कहीं आगे जाती है, और यह वस्तुओं एवं सेवाओं दोनों के व्यापार में उल्लेखनीय लाभ प्रदान कराता है।
यूपीएससी और राज्य पीसीएस अभ्यर्थियों के लिए, यह घटना अंतर्राष्ट्रीय संबंधों, विशेषकर भारत की विदेश व्यापार नीति और द्विपक्षीय समझौतों के संदर्भ में अत्यंत महत्वपूर्ण है। यह भारत की वैश्विक आर्थिक स्थिति को मजबूत करने और विभिन्न क्षेत्रों में निर्यात को बढ़ावा देने की सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। यह समझौता भारत-यूके संबंधों की गहराई और दोनों देशों के बीच आर्थिक एकीकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जो भविष्य में अन्य व्यापारिक पहलों के लिए एक मॉडल के रूप में कार्य कर सकता है। सामाजिक सुरक्षा समझौता भारतीय पेशेवरों के लिए वैश्विक गतिशीलता को सुगम बनाने में सहायक होगा, जो भारत की सॉफ्ट पावर और मानव संसाधन निर्यात के लिए महत्वपूर्ण है।
स्रोत: PIB (Press Information Bureau)
अभ्यास प्रश्न
Q1. हाल ही में भारत और यूनाइटेड किंगडम के बीच कौन से दो महत्वपूर्ण समझौते लागू हुए हैं?
- मुक्त व्यापार समझौता (FTA) और निवेश संधि
- व्यापक आर्थिक भागीदारी समझौता (CEPA) और रक्षा सहयोग समझौता
- व्यापक आर्थिक व्यापार समझौता (CETA) और सामाजिक सुरक्षा समझौता
- वैज्ञानिक और तकनीकी सहयोग समझौता और सांस्कृतिक आदान-प्रदान समझौता
उत्तर
व्यापक आर्थिक व्यापार समझौता (CETA) और सामाजिक सुरक्षा समझौता — भारत और यूनाइटेड किंगडम के बीच हाल ही में व्यापक आर्थिक व्यापार समझौता (CETA) और सामाजिक सुरक्षा समझौता लागू हुए हैं। ये समझौते दोनों देशों के बीच आर्थिक और सामाजिक संबंधों को मजबूत करेंगे।
Q2. भारत-यूके व्यापक आर्थिक व्यापार समझौता (CETA) और सामाजिक सुरक्षा समझौता किस तिथि से लागू हुए हैं?
- 1 जनवरी 2024
- 1 अप्रैल 2024
- 1 मई 2024
- 1 जुलाई 2024
उत्तर
1 मई 2024 — भारत-यूके व्यापक आर्थिक व्यापार समझौता (CETA) और सामाजिक सुरक्षा समझौता 1 मई 2024 से लागू हुए हैं। यह तिथि इन समझौतों के प्रभावी होने की आधिकारिक शुरुआत को दर्शाती है।
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