19 Oct भूमि संसाधन विभाग ने विशेष अभियान 6 के तहत स्वच्छता व अभिलेख प्रबंधन पर जोर दिया
✎ भूमि राज्य सूची का विषय है, अतः भूमि अभिलेखों का संधारण मुख्यतः राज्य सरकारों का दायित्व है, जबकि केंद्र की भूमिका नीतिगत मार्गदर्शन और वित्तीय सहायता तक सीमित है।
विषय प्रासंगिकता — यह टॉपिक कहाँ आता है
- GS Paper II — शासन (Governance): सरकारी नीतियों और हस्तक्षेपों का अभिकल्पन व कार्यान्वयन, जन शिकायत निवारण तथा ई-शासन | GS Paper II — शासन: केंद्र सरकार के मंत्रालयों और विभागों की कार्यप्रणाली, जवाबदेही एवं प्रशासनिक सुधार
- Prelims: भूमि संसाधन विभाग (Department of Land Resources), ग्रामीण विकास मंत्रालय, भूमि अभिलेख आधुनिकीकरण कार्यक्रम (Digital India Land Records Modernization Programme — DILRMP), प्रशासनिक सुधार एवं लोक शिकायत विभाग (DARPG) और इसका SCDPM पोर्टल, केंद्रीकृत लोक शिकायत निवारण एवं निगरानी प्रणाली (CPGRAMS), सेवोत्तम (Sevottam) ढांचा: नागरिक चार्टर, शिकायत निवारण और सेवा वितरण की क्षमता, लोक अभिलेख अधिनियम, 1993 (Public Records Act, 1993), भूमि: संविधान की सातवीं अनुसूची की राज्य सूची की प्रविष्टि 18, स्वच्छ भारत मिशन (Swachh Bharat Mission)
- Essay: क्या सरकारी कार्यालयों में स्वच्छता केवल सफाई है या कार्य-संस्कृति का परिवर्तन?, सुशासन में अभिलेख प्रबंधन और लंबित मामलों का शीघ्र निपटान: पारदर्शिता और जवाबदेही का प्रश्न
त्वरित पुनरावृत्ति: भूमि राज्य सूची का विषय है, अतः भूमि अभिलेखों का संधारण मुख्यतः राज्य सरकारों का दायित्व है, जबकि केंद्र की भूमिका नीतिगत मार्गदर्शन और वित्तीय सहायता तक सीमित है।
यह खबर चर्चा में क्यों?
भूमि संसाधन विभाग ने स्वच्छता को संस्थागत रूप देने, अभिलेख प्रबंधन को सुदृढ़ करने और लंबित मामलों के शीघ्र निपटान के उद्देश्य से विशेष अभियान 6 के कार्यान्वयन की प्रगति सार्वजनिक की है। प्रेस सूचना ब्यूरो (PIB) की 19 अक्टूबर 2026 की विज्ञप्ति के अनुसार सचिव (भूमि संसाधन) के मार्गदर्शन में अभियान की निगरानी की जा रही है और सचिव द्वारा साप्ताहिक बैठकों में समीक्षा होती है। चिन्हित 12 स्वच्छता गतिविधियों में से 5 पूरी हो चुकी हैं, अभियान के लक्ष्य के सापेक्ष 90 प्रतिशत जन शिकायतों का निपटान हो चुका है, तथा 1,280 भौतिक फाइलों में से 945 और 501 ई-फाइलों में से 242 की समीक्षा अभिलेखन, अनावश्यक फाइलों को छांटने या बंद करने के लिए की गई है। प्रगति DARPG के SCDPM पोर्टल पर नियमित रूप से अद्यतन की जा रही है। यह समाचार इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि यह प्रशासनिक सुधार को मापनीय लक्ष्यों, समय-सीमा और सार्वजनिक निगरानी से जोड़ने के एक व्यावहारिक उदाहरण के रूप में देखा जा सकता है।
पृष्ठभूमि
- भूमि राज्य सूची का विषय है, इसलिए भूमि अभिलेखों का संधारण मुख्यतः राज्य सरकारों और उनकी राजस्व व्यवस्था के अंतर्गत होता है; केंद्र सरकार नीतिगत मार्गदर्शन और वित्तीय सहायता प्रदान करती है।
- भूमि अभिलेख आधुनिकीकरण कार्यक्रम (DILRMP) 2008 में आरंभ हुआ, जिसका उद्देश्य भूमि अभिलेखों का डिजिटलीकरण, सर्वेक्षण का आधुनिकीकरण और अधिकार-अभिलेखों की विश्वसनीयता सुनिश्चित करना है।
- सेवोत्तम ढांचा (2006) सेवा वितरण में नागरिक-केंद्रित दृष्टिकोण, शिकायत निवारण और संस्थागत क्षमता पर बल देता है, जबकि CPGRAMS (2011) के माध्यम से लोक शिकायतों की केंद्रीकृत निगरानी होती है।
- लोक अभिलेख अधिनियम, 1993 केंद्र सरकार के अभिलेखों के प्रबंधन, संरक्षण और निपटान से संबंधित प्रावधान करता है, जिससे फाइलों की छंटनी और विनाश की प्रक्रिया को विधिक आधार मिलता है।
- स्वच्छ भारत मिशन (2014) के बाद सरकारी कार्यालयों में स्वच्छता को कार्य-संस्कृति से जोड़ने के प्रयास बढ़े हैं, और विभिन्न मंत्रालय ‘स्वच्छता ही सेवा’ जैसी वार्षिक पहलों के माध्यम से इसे जन-भागीदारी से जोड़ते हैं।
विशेष अभियान 6 क्या है?
- यह भूमि संसाधन विभाग द्वारा संचालित एक समयबद्ध और लक्ष्य-आधारित कार्यक्रम है, जिसके तीन मुख्य घटक हैं: स्वच्छता, अभिलेख प्रबंधन और लंबित मामलों का निपटान।
- स्वच्छता घटक में कार्यालय परिसरों की सफाई के साथ उसे स्थायी व्यवहार-परिवर्तन और संस्थागत प्रक्रिया बनाने पर बल है; चिन्हित 12 गतिविधियों की प्रगति इसी से मापी जाती है।
- अभिलेख प्रबंधन में भौतिक फाइलों और ई-फाइलों दोनों की समीक्षा की जाती है, ताकि अनावश्यक फाइलों को छांटा या बंद किया जा सके और निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार अभिलेखन सुनिश्चित हो।
- निगरानी ढांचे में सचिव स्तर पर साप्ताहिक समीक्षा, नोडल अधिकारियों द्वारा संभागों के साथ नियमित बैठकें और कार्यालय परिसरों का निरीक्षण शामिल है, जो जवाबदेही का प्रशासनिक तंत्र है।
- प्रगति का अद्यतन DARPG के SCDPM पोर्टल पर किया जाता है, जिससे सार्वजनिक प्रशासन में परिणाम-निगरानी की पारदर्शी व्यवस्था बनती है।
- जन शिकायतों के निपटान में लक्ष्य-आधारित दृष्टिकोण अपनाया गया है; शिकायत निवारण सुशासन का एक प्रमुख संकेतक माना जाता है।
- कर्मचारी जागरूकता और भागीदारी हेतु विमर्श, योग सत्र, श्रमदान, सम्मान समारोह, वृक्षारोपण (‘एक पेड़ मां के नाम’) और चित्रकला प्रतियोगिता जैसे आयोजन किए गए हैं; ये सहभागिता बढ़ाने के उपाय हैं, जबकि परीक्षा की दृष्टि से मूल बिंदु अभिलेख-प्रबंधन और निपटान की प्रक्रिया है।
मुख्य विशेषताएँ
| Feature | Significance |
|---|---|
| विशेष अभियान 6 का स्वरूप | स्वच्छता, अभिलेख प्रबंधन और लंबित मामलों के निपटान पर केंद्रित एक समयबद्ध प्रशासनिक अभियान, जो सचिव (भूमि संसाधन) के मार्गदर्शन में चलाया जा रहा है |
| अभिलेख समीक्षा की प्रगति | 1,280 भौतिक फाइलों में से 945 और 501 इलेक्ट्रॉनिक फाइलों (e-Files) में से 242 की समीक्षा की गई, ताकि अभिलेखन हो सके और अनावश्यक फाइलों को छांटकर बंद किया जा सके |
| जन शिकायतों का निपटान | लक्ष्य के मुकाबले 90 प्रतिशत जन शिकायतों का निपटारा हो चुका है; प्रगति प्रशासनिक सुधार एवं लोक शिकायत विभाग (DARPG) के एससीडीपीएम पोर्टल पर नियमित रूप से अद्यतन की जाती है |
| स्वच्छता गतिविधियां | चिन्हित 12 स्वच्छता गतिविधियों में से 5 पूरी हो चुकी हैं; श्रमदान और 1 से 15 अक्टूबर 2026 का स्वच्छता पखवाड़ा इसके प्रमुख आयोजन हैं |
| निगरानी तंत्र | सचिव (भूमि संसाधन) की अध्यक्षता में साप्ताहिक समीक्षा बैठकें, नोडल अधिकारियों द्वारा संभागों के साथ नियमित बैठकें और कार्यालय परिसरों का निरीक्षण |
| कर्मचारी सहभागिता | योग सत्र, मानसिक स्वास्थ्य पर व्याख्यान, चित्रकला प्रतियोगिता, सफाई कर्मचारियों का सम्मान और ‘एक पेड़ मां के नाम’ के तहत वृक्षारोपण |
महत्व
प्रशासनिक सुधार
- अभियान स्वच्छता को संस्थागत रूप देने का प्रयास है, अर्थात् सफाई को अस्थायी आयोजन के बजाय नियमित कार्य-पद्धति बनाना
- फाइलों की व्यवस्थित समीक्षा और छंटनी से कार्यालयों में प्रक्रियागत स्पष्टता और दक्षता बढ़ती है
- सप्ताहिक समीक्षा और नोडल अधिकारी तंत्र से उच्च स्तर पर सीधी निगरानी संभव होती है
भूमि प्रशासन और अभिलेख प्रबंधन
- भूमि अभिलेख स्वामित्व, कब्जे और लेन-देन के प्रमाण होते हैं; इनकी व्यवस्थित देखभाल से विवादों में कमी आ सकती है
- भौतिक और इलेक्ट्रॉनिक फाइलों की समानांतर समीक्षा डिजिटलीकरण की दिशा में संक्रमण को दर्शाती है
- लंबित मामलों का निपटान भूमि-संबंधी विवादों में न्याय-प्रक्रिया के विलंब को कम करने में सहायक हो सकता है
जन सेवा और जवाबदेही
- 90 प्रतिशत जन शिकायतों का निपटारा नागरिक-केंद्रित शासन और समयबद्ध सेवा वितरण का संकेत है
- DARPG पोर्टल पर अद्यतन प्रगति से सार्वजनिक निगरानी और उत्तरदायित्व का ढांचा मजबूत होता है
- निर्धारित प्रक्रियाओं के अनुसार फाइलों की छंटनी मनमानी से बचाती है और निर्णय-प्रक्रिया को पारदर्शी बनाती है
पर्यावरण और सामुदायिक सहभागिता
- श्रमदान और वृक्षारोपण जैसी गतिविधियां स्थानीय स्तर पर पर्यावरण-संरक्षण और सामुदायिक सहभागिता को प्रोत्साहित करती हैं
- कर्मचारियों की भागीदारी से सरकारी कार्यस्थलों पर स्वच्छ और सुव्यवस्थित वातावरण बनाने का व्यवहार-परिवर्तन लक्ष्य रखा गया है
चुनौतियाँ
1. भौतिक से डिजिटल अभिलेखों का संक्रमण
- 1,280 भौतिक फाइलों की तुलना में 501 इलेक्ट्रॉनिक फाइलों की संख्या बताती है कि डिजिटलीकरण अभी अधूरा है
- भौतिक अभिलेखों की समीक्षा में समय और मानव-संसाधन अधिक लगते हैं, जिससे लंबित कार्य की गति प्रभावित होती है
- डिजिटल अभिलेखों की प्रामाणिकता, सुरक्षा और बैकअप सुनिश्चित करना आवश्यक चुनौती है
यूपीएससी लिंक: GS-2: ई-शासन और सार्वजनिक सेवाओं में सूचना प्रौद्योगिकी का उपयोग
2. भूमि राज्य का विषय होने से समन्वय की जटिलता
- भूमि और भूमि-अधिकार मूलतः राज्यों के अधिकार-क्षेत्र में आते हैं, इसलिए केंद्रीय विभाग को राज्यों के साथ सहयोग पर निर्भर रहना पड़ता है
- अभिलेख-सुधार की एकरूप प्रणाली लागू करने में राज्यों की क्षमता और प्राथमिकताओं में अंतर बाधा बन सकता है
यूपीएससी लिंक: GS-2: संघवाद, केंद्र-राज्य संबंध और सहकारी संघवाद
3. संख्यात्मक लक्ष्य बनाम गुणात्मक निपटान
- 90 प्रतिशत शिकायतों का निपटारा मात्रात्मक उपलब्धि है; यह देखना आवश्यक है कि निपटान से नागरिक संतुष्ट हुए या नहीं
- शिकायत बंद करने के बजाय समस्या का स्थायी समाधान ही सुशासन का वास्तविक मापदंड है
- लक्ष्य-आधारित प्रबंधन में कभी-कभी प्रक्रिया की गुणवत्ता की अनदेखी हो सकती है
यूपीएससी लिंक: GS-2: लोक सेवा वितरण, नागरिक चार्टर और सेवा-गुणवत्ता
4. फाइल छंटनी और अभिलेख संरक्षण का संतुलन
- अनावश्यक फाइलों को बंद करना कार्यालय को सुव्यवस्थित बनाता है, परंतु महत्वपूर्ण भूमि-अभिलेखों को हटाने का जोखिम रहता है
- भूमि-अभिलेख दीर्घकालिक प्रमाण होते हैं, इसलिए छंटनी के मानक स्पष्ट और नियम-आधारित होने चाहिए
यूपीएससी लिंक: GS-2: सूचना का अधिकार, पारदर्शिता और प्रशासनिक जवाबदेही
5. स्वच्छता अभियान की निरंतरता
- 12 में से 5 गतिविधियां पूरी होना दर्शाता है कि अभियान अभी प्रगति पर है; अभियान-मोड से स्थायी आदत बनाना कठिन कार्य है
- अभियान समाप्त होने के बाद भी कार्यालयों में स्वच्छता बनाए रखने के लिए नियमित तंत्र आवश्यक है
यूपीएससी लिंक: GS-4: सार्वजनिक प्रशासन में नैतिक मूल्य और कार्य-संस्कृति
6. निगरानी की बहुस्तरीय व्यवस्था का बोझ
- साप्ताहिक बैठकों, नोडल अधिकारियों की समीक्षा और निरीक्षणों की बहुलता से कर्मचारियों का समय रिपोर्टिंग में अधिक लग सकता है
- निगरानी के आंकड़े और वास्तविक कार्य-परिणाम के बीच अंतर न रहे, यह सुनिश्चित करना आवश्यक है
यूपीएससी लिंक: GS-2: सरकारी नीतियों का क्रियान्वयन और निष्पादन-आधारित मूल्यांकन
चुनौतियाँ — यूपीएससी दृष्टिकोण
| Issue | Concern |
|---|---|
| भौतिक और डिजिटल फाइलों का असंतुलन | भौतिक फाइलों की बड़ी संख्या से डिजिटलीकरण का लक्ष्य लंबा हो सकता है और दोहरी प्रणाली में त्रुटि का खतरा बढ़ता है |
| राज्यों के साथ समन्वय | भूमि राज्य विषय होने के कारण अभिलेख-सुधार की गति और मानक राज्यों पर निर्भर करते हैं |
| शिकायत निपटान की गुणवत्ता | निपटाई गई शिकायतों का वास्तविक समाधान और नागरिक संतुष्टि मापना सरल नहीं है |
| अभिलेख छंटनी के मानक | महत्वपूर्ण भूमि-अभिलेख गलती से नष्ट या बंद होने का जोखिम रहता है |
| स्वच्छता की स्थायित्वता | अभियान समाप्त होने के बाद व्यवहार-परिवर्तन बनाए रखना चुनौतीपूर्ण है |
| कर्मचारी संसाधन और समय | निगरानी और रिपोर्टिंग का बढ़ता बोझ मूल कार्य की गति को प्रभावित कर सकता है |
सरकारी पहल — प्रीलिम्स हेतु अवश्य याद रखें
- स्वच्छता ही सेवा (Swachhta Hi Seva) — इस अभियान के तहत विभाग द्वारा अपनाई गई स्वच्छता पहल
- डिजिटल इंडिया भूमि अभिलेख आधुनिकीकरण कार्यक्रम (Digital India Land Records Modernization Programme) — भूमि अभिलेखों के डिजिटलीकरण और प्रबंधन से प्रत्यक्ष संबंध
- एक पेड़ मां के नाम (Ek Ped Maa Ke Naam) — विभाग द्वारा कर्मचारियों को प्रोत्साहित की गई वृक्षारोपण पहल
आगे की राह
- भौतिक अभिलेखों के डिजिटलीकरण की समय-सीमा तय कर उसकी नियमित प्रगति रिपोर्ट सार्वजनिक की जाए
- फाइल छंटनी के लिए स्पष्ट, लिखित और नियम-आधारित मानक बनाए जाएं, ताकि महत्वपूर्ण भूमि-अभिलेख सुरक्षित रहें
- जन शिकायतों के निपटान में संख्या के साथ नागरिक-संतुष्टि सर्वेक्षण और पुनरावृत्ति-दर को भी मापदंड बनाया जाए
- राज्यों के साथ अभिलेख-सुधार पर सहकारी ढांचे में नियमित समन्वय बैठकें की जाएं
- स्वच्छता को अभियान के बाद भी जारी रखने के लिए कार्यालय-स्तर पर नियमित स्वच्छता-प्रोटोकॉल अपनाए जाएं
- निगरानी प्रणाली को सरल बनाया जाए, ताकि कर्मचारियों का समय रिपोर्टिंग के बजाय वास्तविक कार्य में अधिक लगे
- अभिलेख प्रबंधन में प्रशिक्षण और मानव-संसाधन क्षमता-वृद्धि पर बल दिया जाए
- DARPG पोर्टल जैसे प्लेटफॉर्म पर प्रगति के आंकड़ों की स्वतंत्र जांच की व्यवस्था हो
यूपीएससी मूल्य-संवर्धन
मुख्य परीक्षा उत्तर-लेखन हेतु कीवर्ड
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संवैधानिक व नीतिगत संबंध
- अनुच्छेद 300A — संपत्ति के अधिकार हेतु भूमि-स्वामित्व का स्पष्ट अभिलेख आवश्यक
- सातवीं अनुसूची, राज्य सूची की प्रविष्टि 18 — भूमि और भूमि-अधिकार राज्य विषय
अवधारणा प्रवाह
भूमि-अभिलेखों और लंबित मामलों की बड़ी संख्या से प्रशासनिक बोझ और सेवा-विलंब की स्थिति बनती है → सचिव (भूमि संसाधन) के मार्गदर्शन में विशेष अभियान 6 के तहत स्वच्छता, अभिलेख समीक्षा और शिकायत निपटान को लक्ष्य बनाया जाता है → साप्ताहिक समीक्षा, नोडल अधिकारियों के निरीक्षण और कर्मचारी-सहभागिता से कार्यान्वयन की निगरानी होती है → भौतिक और इलेक्ट्रॉनिक फाइलों की समीक्षा से अनावश्यक फाइलें छांटी या बंद की जाती हैं और अभिलेखन व्यवस्थित होता है → 90 प्रतिशत जन शिकायतों का निपटान और DARPG पोर्टल पर अद्यतन से सेवा-वितरण में जवाबदेही बढ़ती है → स्वच्छता, अभिलेख और निपटान में सुधार से कार्यालयों में सुव्यवस्थित और उत्तरदायी कार्य-वातावरण बनने की अपेक्षा की जाती है
प्रारंभिक अभ्यास प्रश्न
Q1. विशेष अभियान 6 के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार करें:
1. यह अभियान केवल भौतिक अभिलेखों के प्रबंधन और स्वच्छता पर केंद्रित है।
2. अभियान के तहत जन शिकायतों के निपटान का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
3. अभियान की प्रगति की निगरानी प्रशासनिक सुधार एवं लोक शिकायत विभाग (DARPG) के SCDPM पोर्टल पर की जाती है।
उपर्युक्त कथनों में से कितने सही हैं?
- केवल एक
- केवल दो
- सभी तीनों
- कोई नहीं
उत्तर: केवल दो — कथन 1 गलत है क्योंकि अभियान भौतिक और ई-फाइलों दोनों के प्रबंधन पर केंद्रित है। कथन 2 सही है क्योंकि जन शिकायतों के निपटान का लक्ष्य निर्धारित किया गया है और 90% शिकायतें निपटाई जा चुकी हैं। कथन 3 सही है क्योंकि अभियान की प्रगति SCDPM पोर्टल पर नियमित रूप से अपडेट की जा रही है।
Q2. निम्नलिखित में से कौन-सा मंत्रालय भूमि संसाधन विभाग (Department of Land Resources) से संबंधित है?
- कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय
- ग्रामीण विकास मंत्रालय
- पंचायती राज मंत्रालय
- पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय
उत्तर: ग्रामीण विकास मंत्रालय — भूमि संसाधन विभाग ग्रामीण विकास मंत्रालय के अंतर्गत आता है, जैसा कि प्रेस विज्ञप्ति में स्पष्ट रूप से उल्लेख किया गया है।
मुख्य अभ्यास प्रश्न
✍ विशेष अभियान 6 जैसे सरकारी पहलें प्रशासनिक दक्षता और जवाबदेही को बढ़ावा देने में कैसे सहायक होती हैं? विस्तार से चर्चा कीजिए। (15 Marks)
रूपरेखा: परिचय: विशेष अभियान 6 का संक्षिप्त परिचय देते हुए बताएं कि यह भूमि संसाधन विभाग द्वारा स्वच्छता, अभिलेख प्रबंधन और लंबित मामलों के निपटान पर केंद्रित है।
मुख्य भाग:
1. प्रशासनिक दक्षता में वृद्धि: फाइलों की समीक्षा, अनावश्यक अभिलेखों को छांटना, ई-फाइलों का प्रबंधन और कार्यस्थल की स्वच्छता से कार्यप्रणाली में सुधार।
2. जवाबदेही और पारदर्शिता: SCDPM पोर्टल पर प्रगति की नियमित निगरानी, साप्ताहिक समीक्षा बैठकें और नोडल अधिकारियों द्वारा निरीक्षण।
3. जन शिकायत निवारण: जन शिकायतों के त्वरित निपटान से नागरिकों के प्रति सरकार की जवाबदेही सुनिश्चित होती है।
4. कर्मचारी सहभागिता और जागरूकता: योग सत्र, व्याख्यान, चित्रकला प्रतियोगिता और श्रमदान जैसी गतिविधियों के माध्यम से कर्मचारियों को अभियान से जोड़ना।
5. संस्थागतकरण: स्वच्छता और सुव्यवस्थित कार्य संस्कृति को स्थायी रूप से स्थापित करने का प्रयास।
6. डिजिटल शासन: ई-फाइलों के प्रबंधन से डिजिटल इंडिया पहल को बढ़ावा।
निष्कर्ष: इन पहलों के माध्यम से सुशासन (Good Governance) और नागरिक-केंद्रित प्रशासन की दिशा में योगदान पर बल दें।
स्रोत: PIB (Press Information Bureau)
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