23 Jul महाराष्ट्र में खेल व युवा विकास: केंद्रीय मंत्री खडसे की अध्यक्षता में बैठक
विषय प्रासंगिकता — यह टॉपिक कहाँ आता है
- GS Paper II — शासन, सामाजिक न्याय | GS Paper III — खेल, युवा विकास
- Prelims: खेलो इंडिया नीति, राष्ट्रीय युवा नीति, भारतीय खेल प्राधिकरण (SAI), मिशन लक्ष्यवेध, प्रोजेक्ट महादेवा, विकसित भारत विज़न, राज्य खेल नीति
- Essay: खेलों के माध्यम से राष्ट्र निर्माण: चुनौतियाँ और अवसर, युवा सशक्तिकरण और भारत का भविष्य
त्वरित पुनरावृत्ति: महाराष्ट्र में खेल एवं युवा विकास पारिस्थितिकी तंत्र को सुदृढ़ बनाने की यह पहल केंद्र और राज्य सरकारों के बीच घनिष्ठ सहयोग का प्रतीक है, जिसका उद्देश्य संस्थागत सुधारों, खिलाड़ी विकास और सुशासन के माध्यम से राज्य को देश के अग्रणी खेल राज्यों में स्थापित करना है।
यह खबर चर्चा में क्यों?
केंद्रीय युवा कार्यक्रम एवं खेल राज्य मंत्री श्रीमती रक्षा खडसे ने महाराष्ट्र के खेल एवं युवा विकास पारिस्थितिकी तंत्र को सुदृढ़ बनाने के लिए भारत सरकार और महाराष्ट्र सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक बैठक की अध्यक्षता की। इस बैठक का उद्देश्य महाराष्ट्र को देश के अग्रणी खेल राज्यों में स्थापित करना और भारत की दीर्घकालिक खेल महत्वाकांक्षाओं में योगदान देना है, जिसके लिए एक व्यापक कार्य-योजना पर विचार-विमर्श किया गया।
पृष्ठभूमि
- भारत सरकार ने ‘खेलो इंडिया’ कार्यक्रम के माध्यम से देश में खेल संस्कृति को बढ़ावा देने और जमीनी स्तर पर प्रतिभाओं की पहचान करने के लिए महत्वपूर्ण पहल की है।
- प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के ‘विकसित भारत’ के विज़न में खेल और युवा विकास एक महत्वपूर्ण स्तंभ हैं, जो देश के समग्र मानव विकास सूचकांक को बेहतर बनाने में सहायक हैं।
- महाराष्ट्र राज्य में खेल प्रतिभाओं की एक लंबी परंपरा रही है, लेकिन उन्हें राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने के लिए एक संरचित और पेशेवर पारिस्थितिकी तंत्र की आवश्यकता महसूस की जा रही है।
- केंद्र और राज्य सरकारों के बीच समन्वय और सहयोग किसी भी राष्ट्रीय नीति के सफल कार्यान्वयन के लिए आवश्यक है, विशेषकर जब बात खेल जैसे समवर्ती सूची के विषयों की हो।
- खेलों में उच्च प्रदर्शन प्राप्त करने के लिए संस्थागत सुधार, खिलाड़ी विकास, प्रशिक्षकों का क्षमता निर्माण, खेल विज्ञान सहायता और आधुनिक अवसंरचना का विकास महत्वपूर्ण है।
- युवा कार्यक्रम केवल खेल तक सीमित नहीं हैं, बल्कि इसमें नेतृत्व विकास, सामाजिक भागीदारी और विभिन्न हितधारकों के बीच समन्वय भी शामिल है, जो युवाओं को राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए सशक्त करता है।
महाराष्ट्र में खेल एवं युवा विकास पारिस्थितिकी तंत्र को सुदृढ़ बनाने की पहल
- इस पहल का मुख्य उद्देश्य महाराष्ट्र को भारत के अग्रणी खेल राज्यों में से एक के रूप में स्थापित करना और वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी खेल पारिस्थितिकी तंत्र का निर्माण करना है।
- चर्चा का केंद्र संस्थागत सुधार, उच्च प्रदर्शन खेल, खिलाड़ी विकास और सुशासन पर रहा, जिसमें खेल प्रशासन में पेशेवर दृष्टिकोण अपनाने पर बल दिया गया।
- खिलाड़ी-केंद्रित विकास के लिए संरचित सतत् व्यावसायिक विकास कार्यक्रमों के माध्यम से प्रशिक्षकों का क्षमता विकास, खेल विज्ञान सहायता को सशक्त बनाना और खिलाड़ियों के लिए सुदृढ़ विकास मार्ग विकसित करना शामिल है।
- ‘मिशन लक्ष्यवेध’ को मजबूत करने और ‘खेलो इंडिया’ केंद्रों का समग्र मूल्यांकन करके जमीनी स्तर पर खेल प्रतिभाओं को पोषित करने पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा।
- सतत् खेल अवसंरचना का विकास, खेल सुविधाओं का पेशेवर प्रबंधन और डिजिटल खिलाड़ी प्रबंधन प्रणालियों को लागू करके पारदर्शिता और दक्षता लाई जाएगी।
- निजी क्षेत्र की अधिक भागीदारी को प्रोत्साहित किया जाएगा और ज्ञान के आदान-प्रदान के लिए अंतरराष्ट्रीय सहयोग को बढ़ावा दिया जाएगा, जिससे वैश्विक सर्वोत्तम प्रथाओं को अपनाया जा सके।
- राज्य की प्रतियोगिता संरचना में सुधार किया जाएगा ताकि खिलाड़ियों की प्रगति पारदर्शी और योग्यता-आधारित हो सके, जिससे उन्हें उचित अवसर मिलें।
- ‘प्रोजेक्ट महादेवा’ के कार्यान्वयन की रूपरेखा पर भी विशेष रूप से चर्चा की गई, जिसका उद्देश्य संभवतः खेल अवसंरचना और विकास से संबंधित है।
- युवा कार्यक्रमों के पारिस्थितिकी तंत्र को सुदृढ़ बनाने के लिए समर्पित संस्थागत तंत्र, युवाओं की अधिक भागीदारी, नेतृत्व विकास और विभिन्न हितधारकों के बीच बेहतर समन्वय पर भी विचार-विमर्श किया गया।
मुख्य विशेषताएँ
| विशेषता | महत्व |
|---|---|
| संस्थागत सुधार | खेल प्रशासन में पारदर्शिता और दक्षता सुनिश्चित करना, जिससे निर्णय प्रक्रिया सुदृढ़ हो। |
| उच्च प्रदर्शन खेल प्रणाली | खिलाड़ियों को विश्व स्तरीय प्रशिक्षण और सुविधाएँ प्रदान कर उनकी क्षमता को अधिकतम करना। |
| खिलाड़ी विकास और सुदृढ़ मार्ग | प्रतिभाशाली खिलाड़ियों की पहचान कर उन्हें पेशेवर स्तर तक पहुँचने के लिए व्यवस्थित सहायता प्रदान करना। |
| प्रशिक्षकों का क्षमता विकास | संरचित व्यावसायिक विकास कार्यक्रमों के माध्यम से प्रशिक्षकों के कौशल और ज्ञान को अद्यतन करना। |
| खेल विज्ञान सहायता | खिलाड़ियों के प्रदर्शन को वैज्ञानिक रूप से बेहतर बनाने हेतु पोषण, मनोविज्ञान और चोट प्रबंधन जैसी सहायताएँ प्रदान करना। |
| डिजिटल खिलाड़ी प्रबंधन प्रणालियाँ | खिलाड़ियों के डेटा, प्रदर्शन और प्रगति का प्रभावी ढंग से प्रबंधन कर व्यक्तिगत विकास योजनाओं में सहायता। |
महत्व
सामाजिक महत्व
- युवाओं में खेल संस्कृति को बढ़ावा देना, जिससे शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य में सुधार हो।
- खेलों के माध्यम से सामाजिक समावेशन और लैंगिक समानता को प्रोत्साहित करना।
- ग्रामीण और वंचित क्षेत्रों के युवाओं को खेल के अवसर प्रदान कर उनके सशक्तिकरण में योगदान देना।
आर्थिक महत्व
- खेल अवसंरचना के विकास से रोजगार के अवसर सृजित करना।
- खेल पर्यटन और संबंधित उद्योगों को बढ़ावा देकर राज्य की अर्थव्यवस्था में योगदान देना।
- निजी क्षेत्र की भागीदारी से खेल क्षेत्र में निवेश आकर्षित करना।
शासनिक महत्व
- केंद्र और राज्य सरकारों के बीच सहयोगात्मक संघवाद (Cooperative Federalism) का एक उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत करना।
- खेल प्रशासन में सुशासन (Good Governance) और जवाबदेही सुनिश्चित करना।
- नीति निर्माण और कार्यान्वयन में हितधारकों की भागीदारी को बढ़ावा देना।
राष्ट्रीय महत्व
- महाराष्ट्र को देश के अग्रणी खेल राज्यों में स्थापित कर भारत की वैश्विक खेल महत्वाकांक्षाओं में योगदान देना।
- अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भारत के प्रदर्शन को बेहतर बनाने के लिए प्रतिभा पूल का विस्तार करना।
- विकसित भारत के विज़न को साकार करने में खेल क्षेत्र की भूमिका को सुदृढ़ करना।
चुनौतियाँ
1. अवसंरचनात्मक कमियाँ
- राज्य के कई हिस्सों में आधुनिक खेल सुविधाओं और प्रशिक्षण केंद्रों की कमी।
- मौजूदा सुविधाओं का अपर्याप्त रखरखाव और प्रबंधन।
यूपीएससी लिंक: सामाजिक क्षेत्र/मानव संसाधन
2. प्रशिक्षण और कोचिंग की गुणवत्ता
- योग्य और अनुभवी प्रशिक्षकों की कमी, विशेषकर जमीनी स्तर पर।
- प्रशिक्षकों के लिए नियमित व्यावसायिक विकास कार्यक्रमों का अभाव।
यूपीएससी लिंक: सामाजिक क्षेत्र/मानव संसाधन
3. वित्तीय संसाधन
- खेल विकास के लिए पर्याप्त बजटीय आवंटन की चुनौती।
- निजी क्षेत्र से अपेक्षित निवेश आकर्षित करने में कठिनाई।
यूपीएससी लिंक: अर्थव्यवस्था/राजकोषीय नीति
4. प्रशासनिक और संस्थागत बाधाएँ
- खेल संघों और निकायों में पारदर्शिता और जवाबदेही की कमी।
- विभिन्न हितधारकों के बीच समन्वय का अभाव।
यूपीएससी लिंक: शासन/संस्थागत सुधार
5. प्रतिभा की पहचान और विकास
- ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों से प्रतिभाओं की पहचान करने में चुनौतियाँ।
- खिलाड़ियों के लिए एक सुदृढ़ और सतत् विकास मार्ग का अभाव।
यूपीएससी लिंक: सामाजिक क्षेत्र/मानव संसाधन
चुनौतियाँ — यूपीएससी दृष्टिकोण
| मुद्दा | चिंता |
|---|---|
| खेल अवसंरचना | आधुनिक सुविधाओं की कमी और मौजूदा सुविधाओं का खराब रखरखाव। |
| प्रशिक्षण गुणवत्ता | योग्य प्रशिक्षकों का अभाव और उनके व्यावसायिक विकास के अवसरों की कमी। |
| वित्तीय सहायता | खेल विकास के लिए अपर्याप्त सरकारी और निजी निवेश। |
| प्रशासनिक दक्षता | खेल संघों में पारदर्शिता की कमी और अंतर-विभागीय समन्वय का अभाव। |
| खिलाड़ी विकास | प्रतिभा की पहचान, पोषण और उच्च प्रदर्शन स्तर तक पहुँचने के लिए व्यवस्थित मार्ग का अभाव। |
| डिजिटल एकीकरण | खिलाड़ी प्रबंधन और डेटा विश्लेषण के लिए उन्नत डिजिटल प्रणालियों का सीमित उपयोग। |
सरकारी पहल — प्रीलिम्स हेतु अवश्य याद रखें
- खेलो इंडिया योजना (Khelo India Scheme)
आगे की राह
- राज्य और केंद्र सरकारों के बीच घनिष्ठ समन्वय और सहयोग को संस्थागत रूप देना।
- खेलो इंडिया केंद्रों का समग्र मूल्यांकन कर उनकी दक्षता और प्रभावशीलता को बढ़ाना।
- प्रशिक्षकों के लिए संरचित सतत् व्यावसायिक विकास कार्यक्रमों को अनिवार्य बनाना।
- खेल विज्ञान सहायता को सुदृढ़ करना और इसे सभी स्तरों पर खिलाड़ियों के लिए सुलभ बनाना।
- डिजिटल खिलाड़ी प्रबंधन प्रणालियों को लागू कर डेटा-संचालित निर्णय लेने को प्रोत्साहित करना।
- निजी क्षेत्र की भागीदारी को बढ़ावा देने के लिए आकर्षक प्रोत्साहन और नीतियाँ विकसित करना।
- राज्य की प्रतियोगिता संरचना में सुधार कर खिलाड़ियों की प्रगति को पारदर्शी और योग्यता-आधारित बनाना।
यूपीएससी मूल्य-संवर्धन
मुख्य परीक्षा उत्तर-लेखन हेतु कीवर्ड
खेल पारिस्थितिकी तंत्र · युवा विकास · संस्थागत सुधार · खेलो इंडिया नीति · उच्च प्रदर्शन खेल · खिलाड़ी विकास · सुशासन · मिशन लक्ष्यवेध · डिजिटल खिलाड़ी प्रबंधन · विकसित भारत
संवैधानिक व नीतिगत संबंध
- {‘article’: ‘अनुच्छेद 282’, ‘note’: ‘केंद्र और राज्य द्वारा अनुदान’}
अवधारणा प्रवाह
खेल एवं युवा विकास पारिस्थितिकी तंत्र को सुदृढ़ करने हेतु बैठक → संस्थागत सुधारों, उच्च प्रदर्शन खेल और खिलाड़ी विकास पर चर्चा → खेलो इंडिया नीति और विकसित भारत के विज़न के साथ संरेखण → केंद्र-राज्य सहयोग से व्यापक कार्य-योजना का निर्माण → महाराष्ट्र को अग्रणी खेल राज्य बनाना और वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी खेल पारिस्थितिकी तंत्र का निर्माण → खिलाड़ियों और युवाओं के लिए अधिक अवसर तथा राष्ट्रीय खेल महत्वाकांक्षाओं में योगदान
प्रारंभिक अभ्यास प्रश्न
Q1. केंद्रीय युवा कार्यक्रम एवं खेल राज्य मंत्री श्रीमती रक्षा खडसे द्वारा महाराष्ट्र के खेल एवं युवा विकास पारिस्थितिकी तंत्र को सुदृढ़ बनाने हेतु आयोजित बैठक के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. बैठक का मुख्य उद्देश्य महाराष्ट्र को देश के अग्रणी खेल राज्यों में स्थापित करना था।
2. चर्चा के प्रमुख बिंदुओं में खेल प्रशासन में संस्थागत सुधार और उच्च प्रदर्शन प्रणालियों को सुदृढ़ करना शामिल था।
3. बैठक में केवल केंद्र सरकार के अधिकारियों ने भाग लिया, राज्य सरकार के अधिकारी अनुपस्थित रहे।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
- केवल 1
- केवल 2 और 3
- केवल 1 और 2
- 1, 2 और 3
उत्तर: केवल 1 और 2 — कथन 1 और 2 सही हैं। बैठक का मुख्य उद्देश्य महाराष्ट्र को अग्रणी खेल राज्य बनाना और संस्थागत सुधारों पर चर्चा करना था। कथन 3 गलत है क्योंकि बैठक में केंद्र और महाराष्ट्र सरकार दोनों के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया।
Q2. खेलो इंडिया कार्यक्रम के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. यह भारत में जमीनी स्तर पर खेल संस्कृति को पुनर्जीवित करने के उद्देश्य से शुरू किया गया था।
2. यह कार्यक्रम केवल व्यक्तिगत खेलों के विकास पर केंद्रित है, टीम खेलों पर नहीं।
3. खेलो इंडिया केंद्रों का समग्र मूल्यांकन इस कार्यक्रम का एक महत्वपूर्ण घटक है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
- केवल 1
- केवल 1 और 3
- केवल 2 और 3
- 1, 2 और 3
उत्तर: केवल 1 और 3 — कथन 1 सही है। खेलो इंडिया का उद्देश्य जमीनी स्तर पर खेल संस्कृति को बढ़ावा देना है। कथन 2 गलत है क्योंकि यह व्यक्तिगत और टीम दोनों खेलों पर केंद्रित है। कथन 3 सही है, खेलो इंडिया केंद्रों का मूल्यांकन कार्यक्रम का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।
मुख्य अभ्यास प्रश्न
✍ भारत में खेल और युवा विकास पारिस्थितिकी तंत्र को सुदृढ़ करने में केंद्र एवं राज्य सरकारों के बीच सहयोग की भूमिका का समालोचनात्मक विश्लेषण कीजिए। इस संदर्भ में, महाराष्ट्र में प्रस्तावित सुधारों के प्रमुख बिंदुओं पर प्रकाश डालते हुए, ‘विकसित भारत’ के लक्ष्य को प्राप्त करने में ऐसे प्रयासों के महत्व का मूल्यांकन कीजिए। (250 शब्द)
रूपरेखा: प्रश्न के पहले भाग में, भारत में खेल और युवा विकास के लिए केंद्र-राज्य सहयोग के महत्व पर चर्चा करें, जिसमें नीति निर्माण, वित्तपोषण, बुनियादी ढाँचा विकास और प्रतिभा पहचान जैसे पहलू शामिल हों। दूसरे भाग में, महाराष्ट्र में प्रस्तावित सुधारों जैसे संस्थागत सुधार, उच्च प्रदर्शन खेल, खिलाड़ी विकास, खेलो इंडिया केंद्रों का मूल्यांकन और डिजिटल प्रबंधन प्रणालियों का उल्लेख करें। अंत में, इन प्रयासों को ‘विकसित भारत’ के व्यापक लक्ष्य से जोड़ते हुए निष्कर्ष प्रस्तुत करें, जिसमें खेल और युवा विकास को राष्ट्रीय प्रगति और मानव पूंजी निर्माण के एक महत्वपूर्ण स्तंभ के रूप में दर्शाया जाए।
स्रोत: PIB (Press Information Bureau)
शैक्षिक उद्देश्य हेतु AanyaAi द्वारा जनित।

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