महा जल मिशन: जल संकट समाधान हेतु अनुसंधान एवं नवाचार की नई दिशा

महा जल मिशन का कार्यान्वयन — concept mind map

महा जल मिशन: जल संकट समाधान हेतु अनुसंधान एवं नवाचार की नई दिशा

✎ MAHA जल कार्यक्रम, ANRF और जल शक्ति मंत्रालय की एक संयुक्त पहल है, जिसका उद्देश्य भारत के जल क्षेत्र की चुनौतियों का समाधान करने के लिए मिशन-उन्मुख और समाधान-आधारित अनुसंधान को बढ़ावा देना है।

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विषय प्रासंगिकता — यह टॉपिक कहाँ आता है

  • GS Paper II — शासन, पारदर्शिता और जवाबदेही के महत्वपूर्ण पहलू, केंद्र एवं राज्यों द्वारा जनसंख्या के अति संवेदनशील वर्गों के लिए कल्याणकारी योजनाएँ  |  GS Paper III — विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी में भारतीयों की उपलब्धियाँ; प्रौद्योगिकी का स्वदेशीकरण और नई प्रौद्योगिकी का विकास, पर्यावरण संरक्षण और प्रदूषण नियंत्रण
  • Prelims: नेशनल रिसर्च फाउंडेशन (ANRF), ANRF अधिनियम, 2023, राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP), मिशन फॉर एडवांसमेंट इन हाई-इम्पैक्ट एरियाज़ (MAHA), MAHA जल कार्यक्रम, जल शक्ति मंत्रालय, WIN पोर्टल, जल शक्ति हैकाथॉन-2025
  • Essay: जल सुरक्षा: भारत के विकास पथ की आधारशिला, अनुसंधान और नवाचार: सतत विकास के लिए उत्प्रेरक

त्वरित पुनरावृत्ति: MAHA जल कार्यक्रम, ANRF और जल शक्ति मंत्रालय की एक संयुक्त पहल है, जिसका उद्देश्य भारत के जल क्षेत्र की चुनौतियों का समाधान करने के लिए मिशन-उन्मुख और समाधान-आधारित अनुसंधान को बढ़ावा देना है।

यह खबर चर्चा में क्यों?

हाल ही में, जल शक्ति राज्यमंत्री श्री राज भूषण चौधरी ने लोकसभा में एक लिखित प्रश्न के उत्तर में ‘महा जल मिशन’ के कार्यान्वयन के संबंध में जानकारी प्रदान की। उन्होंने बताया कि नेशनल रिसर्च फाउंडेशन (ANRF) और जल शक्ति मंत्रालय की एक संयुक्त पहल, ‘MAHA जल कार्यक्रम’, जल क्षेत्र की प्रमुख चुनौतियों के समाधान हेतु मिशन-उन्मुख एवं समाधान-आधारित अनुसंधान का समर्थन कर रहा है। इस कार्यक्रम के तहत अनुसंधान प्रस्ताव आमंत्रित किए गए हैं और जल से जुड़ी नई तकनीकों के विकास तथा लागू करने की गति बढ़ाने के लिए WIN पोर्टल की शुरुआत की गई है।

पृष्ठभूमि

  • नेशनल रिसर्च फाउंडेशन (ANRF) की स्थापना ANRF अधिनियम, 2023 के अंतर्गत राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) की सिफारिशों के अनुसार की गई है।
  • ANRF का उद्देश्य प्राकृतिक विज्ञान, मानविकी और सामाजिक विज्ञान के वैज्ञानिक व तकनीकी इंटरफेस के क्षेत्र में अनुसंधान, नवाचार और उद्यमिता के लिए उच्च स्तरीय कार्यनीतिक दिशा प्रदान करना, बढ़ावा देना, निगरानी करना और सहायता प्रदान करना है।
  • मिशन फॉर एडवांसमेंट इन हाई-इम्पैक्ट एरियाज़ (MAHA) ANRF के अंतर्गत एक कार्यक्रम है, जिसका उद्देश्य देश की प्रमुख आवश्यकताओं के अनुसार कुछ विशेष क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित करते हुए मिशन मोड में प्राथमिकता-केंद्रित, समाधान-आधारित शोध को बढ़ावा देना है।
  • MAHA कार्यक्रम औद्योगिक साझेदारियों सहित एक बहुविषयक, बहुसंस्थागत तथा बहु-अन्वेषक परियोजना है, जो वर्तमान समय की सर्वाधिक प्राथमिकता वाली चिंताओं के क्षेत्रों में कार्य करती है।
  • MAHA जल कार्यक्रम 01 जून 2026 को ANRF तथा जल शक्ति मंत्रालय की एक संयुक्त पहल के रूप में शुरू किया गया था।
  • इसका मुख्य उद्देश्य जल क्षेत्र की प्रमुख चुनौतियों के समाधान हेतु मिशन-उन्मुख एवं समाधान-आधारित अनुसंधान का समर्थन करना है।
  • जल क्षेत्र से संबंधित अनुसंधान एवं विकास परिणामों को राज्यों, संघ राज्य क्षेत्रों, सहयोगी मंत्रालयों और कार्यान्वयन एजेंसियों के साथ साझा किया जाता है ताकि उन्हें अपनाया और लागू किया जा सके।

MAHA जल कार्यक्रम क्या है?

  • MAHA जल कार्यक्रम नेशनल रिसर्च फाउंडेशन (ANRF) और जल शक्ति मंत्रालय की एक संयुक्त पहल है, जिसे 01 जून 2026 को शुरू किया गया था।
  • इसका प्राथमिक उद्देश्य भारत के जल क्षेत्र से संबंधित प्रमुख चुनौतियों का समाधान करने के लिए मिशन-उन्मुख और समाधान-आधारित अनुसंधान को बढ़ावा देना है।
  • यह कार्यक्रम ANRF के व्यापक ‘मिशन फॉर एडवांसमेंट इन हाई-इम्पैक्ट एरियाज़ (MAHA)’ के तहत संचालित होता है, जो देश की प्रमुख आवश्यकताओं पर केंद्रित है।
  • MAHA जल कार्यक्रम के पाँच प्रमुख विषय हैं: जल संसाधन का आकलन और सतत प्रबंधन; पेयजल; जल गुणवत्ता; मानव और पारिस्थितिक स्वास्थ्य; जल उपयोग दक्षता एवं सर्कुलर इकोनॉमी; तथा जलवायु रिजिलियंस और अनुकूलन।
  • इस कार्यक्रम के तहत, अकादमिक संस्थानों/प्रयोगशालाओं, अनुसंधान संगठनों, DSIR-SIRO में पंजीकृत अनुसंधान संगठनों तथा धारा 8 की पात्र कंपनियों वाले कंसोर्टियम मोड में प्रस्ताव आमंत्रित किए जाते हैं।
  • परियोजना लागत के 10% नकद योगदान के साथ कम से कम एक स्टार्ट-अप/MSME/इंडस्ट्री पार्टनर की भागीदारी अनिवार्य है, जो औद्योगिक जुड़ाव और व्यावसायीकरण पर जोर देता है।
  • स्टार्ट-अप/MSME की भागीदारी को सुगम बनाने और जल से जुड़ी नई तकनीकों के विकास को गति देने के लिए ‘WIN (वाटर इनोवेशन नेटवर्क) पोर्टल’ की शुरुआत की गई है।
  • जल क्षेत्र की मुख्य चुनौतियों से निपटने के लिए व्यावहारिक, बड़े पैमाने पर लागू की जा सकने वाली और फील्ड-रेडी प्रौद्योगिकियों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से ‘जल शक्ति हैकाथॉन-2025’ का भी आयोजन किया गया है।

मुख्य विशेषताएँ

विशेषता महत्व
नेशनल रिसर्च फाउंडेशन (ANRF) अनुसंधान, नवाचार और उद्यमिता के लिए उच्च स्तरीय रणनीतिक दिशा प्रदान करने वाला सांविधिक निकाय।
महा जल कार्यक्रम जल शक्ति मंत्रालय और ANRF की संयुक्त पहल, जल क्षेत्र की चुनौतियों के समाधान हेतु मिशन-उन्मुख अनुसंधान।
प्राथमिकता-केंद्रित, समाधान-आधारित शोध देश की प्रमुख आवश्यकताओं के अनुसार विशिष्ट क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित करना।
बहुविषयक, बहुसंस्थागत परियोजना औद्योगिक साझेदारियों सहित विभिन्न क्षेत्रों, संस्थानों और अन्वेषकों को एक साथ लाना।
स्टार्ट-अप/MSME भागीदारी कुल परियोजना लागत का 10% नकद योगदान अनिवार्य, नई तकनीकों के विकास को बढ़ावा।
WIN पोर्टल स्टार्ट-अप/MSME की भागीदारी को सुगम बनाना और जल से जुड़ी नई तकनीकों के विकास में तेजी लाना।

महत्व

आर्थिक महत्व

  • जल उपयोग दक्षता और सर्कुलर इकोनॉमी (Circular Economy) को बढ़ावा देकर संसाधनों का बेहतर उपयोग सुनिश्चित करना, जिससे आर्थिक संवृद्धि (Economic Growth) को गति मिलेगी।
  • स्टार्ट-अप और सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (MSME) की भागीदारी से नवाचार (Innovation) और उद्यमिता (Entrepreneurship) को प्रोत्साहन मिलेगा, जिससे रोजगार सृजन (Employment Generation) होगा।

सामाजिक महत्व

  • पेयजल (Drinking Water) की गुणवत्ता और उपलब्धता में सुधार से जन स्वास्थ्य (Public Health) और जीवन स्तर में वृद्धि होगी, विशेषकर ग्रामीण क्षेत्रों में।
  • मानव और पारिस्थितिक स्वास्थ्य (Ecological Health) पर जल प्रदूषण (Water Pollution) के नकारात्मक प्रभावों को कम करने में सहायता मिलेगी।

पर्यावरण और पारिस्थितिकीय महत्व

  • जल संसाधनों का सतत प्रबंधन (Sustainable Management) सुनिश्चित करना, जिससे भविष्य की पीढ़ियों के लिए जल सुरक्षा (Water Security) बनी रहे।
  • जलवायु रेजिलिएंस (Climate Resilience) और अनुकूलन (Adaptation) पर शोध से जलवायु परिवर्तन (Climate Change) के प्रभावों का सामना करने में मदद मिलेगी।

वैज्ञानिक और तकनीकी महत्व

  • मिशन-उन्मुख और समाधान-आधारित अनुसंधान को बढ़ावा देना, जिससे जल क्षेत्र में अत्याधुनिक तकनीकों का विकास होगा।
  • बहुविषयक और बहु-संस्थागत सहयोग से अनुसंधान और विकास (Research and Development) में तालमेल बढ़ेगा, जिससे नवाचार की गति तेज होगी।

चुनौतियाँ

1. अनुसंधान परिणामों का कार्यान्वयन

  • विकसित प्रौद्योगिकियों और समाधानों को प्रयोगशाला से जमीनी स्तर तक ले जाने में चुनौतियाँ।
  • राज्यों, केंद्र शासित प्रदेशों और अन्य हितधारकों के बीच समन्वय की कमी।

2. वित्तपोषण और सततता

  • अनुसंधान परियोजनाओं के लिए पर्याप्त और निरंतर वित्तपोषण सुनिश्चित करना।
  • निजी क्षेत्र की भागीदारी को और अधिक आकर्षित करना।

3. तकनीकी कौशल और क्षमता निर्माण

  • जल क्षेत्र में अनुसंधान और नवाचार के लिए कुशल मानव संसाधन की कमी।
  • नवीन तकनीकों को अपनाने और लागू करने के लिए हितधारकों की क्षमता का निर्माण।

4. डेटा प्रबंधन और साझाकरण

  • जल से संबंधित डेटा का संग्रह, विश्लेषण और विभिन्न हितधारकों के बीच प्रभावी साझाकरण।
  • डेटा की गुणवत्ता और मानकीकरण सुनिश्चित करना।

चुनौतियाँ — यूपीएससी दृष्टिकोण

मुद्दा चिंता
जल गुणवत्ता औद्योगिक अपशिष्ट, कृषि रसायन और अनुपचारित सीवेज के कारण जल स्रोतों का प्रदूषण।
जल उपलब्धता बढ़ती जनसंख्या, शहरीकरण और जलवायु परिवर्तन के कारण प्रति व्यक्ति जल की उपलब्धता में कमी।
जल उपयोग दक्षता कृषि और औद्योगिक क्षेत्रों में जल का अक्षम उपयोग, जिससे बर्बादी होती है।
भूजल स्तर में गिरावट अत्यधिक दोहन और अपर्याप्त पुनर्भरण के कारण भूजल स्तर में लगातार गिरावट।
बुनियादी ढाँचा जल आपूर्ति और स्वच्छता के लिए पुराने और अपर्याप्त बुनियादी ढाँचे।
अंतर-राज्यीय जल विवाद नदी जल बँटवारे को लेकर राज्यों के बीच विवाद, जिससे परियोजनाओं में देरी होती है।

आगे की राह

  • अनुसंधान परिणामों को नीति निर्माण और जमीनी स्तर पर कार्यान्वयन के साथ एकीकृत करने के लिए एक मजबूत तंत्र विकसित करना।
  • जल क्षेत्र में नवाचार और उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए स्टार्ट-अप और MSME को वित्तीय और तकनीकी सहायता प्रदान करना।
  • जल संसाधन प्रबंधन, जल गुणवत्ता और जलवायु अनुकूलन जैसे क्षेत्रों में कौशल विकास कार्यक्रमों को बढ़ावा देना।
  • जल से संबंधित डेटा के संग्रह, विश्लेषण और साझाकरण के लिए एक केंद्रीकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म स्थापित करना।
  • अंतर-मंत्रालयी और अंतर-राज्यीय समन्वय को मजबूत करना ताकि जल क्षेत्र की चुनौतियों का समग्र रूप से समाधान किया जा सके।
  • अंतर्राष्ट्रीय सहयोग और सर्वोत्तम प्रथाओं को अपनाना ताकि वैश्विक स्तर पर जल प्रबंधन के अनुभवों से सीखा जा सके।
  • जन जागरूकता अभियान चलाकर जल संरक्षण और कुशल जल उपयोग के महत्व के बारे में लोगों को शिक्षित करना।

यूपीएससी मूल्य-संवर्धन

मुख्य परीक्षा उत्तर-लेखन हेतु कीवर्ड

राष्ट्रीय अनुसंधान फाउंडेशन (ANRF) · महा जल कार्यक्रम · जल शक्ति मंत्रालय · मिशन मोड अनुसंधान · जल संसाधन प्रबंधन · पेयजल गुणवत्ता · जलवायु अनुकूलन · सार्वजनिक-निजी भागीदारी · स्टार्ट-अप/MSME · जल शक्ति हैकाथॉन

अवधारणा प्रवाह

राष्ट्रीय शिक्षा नीति की सिफारिशें  →  नेशनल रिसर्च फाउंडेशन (ANRF) की स्थापना  →  महा जल कार्यक्रम का शुभारंभ  →  मिशन-उन्मुख, समाधान-आधारित अनुसंधान  →  जल क्षेत्र की चुनौतियों का समाधान

प्रारंभिक अभ्यास प्रश्न

Q1. निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. राष्ट्रीय अनुसंधान फाउंडेशन (ANRF) की स्थापना राष्ट्रीय शिक्षा नीति की सिफारिशों के आधार पर की गई है।
2. महा जल कार्यक्रम केवल प्राकृतिक विज्ञान के क्षेत्र में अनुसंधान को बढ़ावा देता है।
3. इस कार्यक्रम में औद्योगिक साझेदारों का वित्तीय योगदान अनिवार्य नहीं है।
उपरोक्त में से कितने कथन सही हैं?

  1. केवल एक
  2. केवल दो
  3. केवल तीन
  4. कोई नहीं

उत्तर: केवल एक — कथन 1 सही है क्योंकि ANRF की स्थापना राष्ट्रीय शिक्षा नीति की सिफारिशों के अनुसार की गई है। कथन 2 गलत है क्योंकि महा जल कार्यक्रम प्राकृतिक विज्ञान के साथ-साथ मानविकी व सामाजिक विज्ञान के वैज्ञानिक व तकनीकी इंटरफेस के क्षेत्र में भी अनुसंधान को बढ़ावा देता है। कथन 3 गलत है क्योंकि कुल परियोजना लागत के 10% नकद योगदान के साथ कम से कम एक स्टार्ट-अप/MSME/इंडस्ट्री पार्टनर की भागीदारी अतिआवश्यक है।

Q2. कथन (A): महा जल कार्यक्रम का उद्देश्य जल क्षेत्र की प्रमुख चुनौतियों के समाधान हेतु मिशन-उन्मुख एवं समाधान-आधारित अनुसंधान का समर्थन करना है।
कारण (R): यह कार्यक्रम ANRF और जल शक्ति मंत्रालय की एक संयुक्त पहल है।

  1. A और R दोनों सही हैं, और R, A की सही व्याख्या है।
  2. A और R दोनों सही हैं, लेकिन R, A की सही व्याख्या नहीं है।
  3. A सही है, लेकिन R गलत है।
  4. A गलत है, लेकिन R सही है।

उत्तर: A और R दोनों सही हैं, और R, A की सही व्याख्या है। — कथन (A) सही है क्योंकि महा जल कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य जल क्षेत्र की चुनौतियों का समाधान खोजना है। कारण (R) भी सही है क्योंकि यह ANRF और जल शक्ति मंत्रालय की संयुक्त पहल है। दोनों कथन सही हैं और कारण (R) कथन (A) के उद्देश्य को स्पष्ट करता है।

मुख्य अभ्यास प्रश्न

✍ राष्ट्रीय अनुसंधान फाउंडेशन (ANRF) के ‘महा जल कार्यक्रम’ के प्रमुख उद्देश्यों और विषयों का विस्तार से वर्णन कीजिए। जल क्षेत्र में अनुसंधान और नवाचार को बढ़ावा देने में यह कार्यक्रम किस प्रकार महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है? (15 Marks)

रूपरेखा: मॉडल-उत्तर संरचना:
1. **परिचय:** राष्ट्रीय अनुसंधान फाउंडेशन (ANRF) और ‘महा जल कार्यक्रम’ का संक्षिप्त परिचय, इसकी स्थापना का संदर्भ (ANRF अधिनियम, 2023, राष्ट्रीय शिक्षा नीति)।
2. **महा जल कार्यक्रम के उद्देश्य:** देश की प्रमुख आवश्यकताओं के अनुसार प्राथमिकता-केंद्रित, समाधान-आधारित शोध को मिशन मोड में बढ़ावा देना। जल क्षेत्र की प्रमुख चुनौतियों के समाधान हेतु मिशन-उन्मुख एवं समाधान-आधारित अनुसंधान का समर्थन करना।
3. **महा जल कार्यक्रम के पाँच प्रमुख विषय:**
* जल संसाधन का आकलन और सतत प्रबंधन।
* पेयजल और जल गुणवत्ता।
* मानव और पारिस्थितिक स्वास्थ्य।
* जल उपयोग दक्षता एवं सर्कुलर इकोनॉमी।
* जलवायु रिजिलियंस और अनुकूलन।
4. **महत्वपूर्ण भूमिका:**
* **बहुविषयक और बहु-संस्थागत दृष्टिकोण:** अकादमिक संस्थानों, अनुसंधान संगठनों, स्टार्ट-अप/MSME और औद्योगिक साझेदारों को एक साथ लाना।
* **औद्योगिक भागीदारी:** 10% नकद योगदान के साथ स्टार्ट-अप/MSME/इंडस्ट्री पार्टनर की अनिवार्य भागीदारी से व्यावहारिकता और बाजार-उन्मुख समाधानों को बढ़ावा।
* **नवाचार और उद्यमिता:** WIN पोर्टल और जल शक्ति हैकाथॉन-2025 जैसी पहलों के माध्यम से नई तकनीकों का विकास और उनका त्वरित कार्यान्वयन।
* **समाधान-आधारित अनुसंधान:** ‘फील्ड-रेडी’ प्रौद्योगिकियों पर ध्यान केंद्रित करना।
* **ज्ञान साझाकरण:** अनुसंधान परिणामों को राज्यों, सहयोगी मंत्रालयों और कार्यान्वयन एजेंसियों के साथ साझा करना।
5. **निष्कर्ष:** जल सुरक्षा और सतत विकास के लिए इस कार्यक्रम का समग्र महत्व।

स्रोत: PIB (Press Information Bureau)


शैक्षिक उद्देश्य हेतु AanyaAi द्वारा जनित।

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