यूके सरकार ने बजट कट के कारण चेवेनिंग फेलोशिप को एक साल के लिए रोका

U.K. government pauses Chevening Fellowships for a year over likely budget cuts — concept mind map

यूके सरकार ने बजट कट के कारण चेवेनिंग फेलोशिप को एक साल के लिए रोका

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Chevening Fellowships

✎ शेवनिंग कार्यक्रम UK सरकार का एक वैश्विक छात्रवृत्ति और फेलोशिप कार्यक्रम है, जिसका उद्देश्य भविष्य के नेताओं को विकसित करना और UK के साथ स्थायी संबंध बनाना है।

विषय प्रासंगिकता — यह टॉपिक कहाँ आता है

  • GS Paper II — अंतर्राष्ट्रीय संबंध  |  GS Paper II — शासन  |  GS Paper III — अर्थव्यवस्था
  • Prelims: शेवनिंग फेलोशिप, CRISP कार्यक्रम, साइबर सुरक्षा फेलोशिप, दक्षिण एशिया पत्रकारिता कार्यक्रम (SAJP), यूके विदेश, राष्ट्रमंडल और विकास कार्यालय (FCDO), सार्वजनिक कूटनीति
  • Essay: अंतर्राष्ट्रीय सहयोग और सांस्कृतिक आदान-प्रदान का महत्व, बजटीय बाधाओं का वैश्विक शैक्षणिक कार्यक्रमों पर प्रभाव

त्वरित पुनरावृत्ति: शेवनिंग कार्यक्रम UK सरकार का एक वैश्विक छात्रवृत्ति और फेलोशिप कार्यक्रम है, जिसका उद्देश्य भविष्य के नेताओं को विकसित करना और UK के साथ स्थायी संबंध बनाना है।

यह खबर चर्चा में क्यों?

यूनाइटेड किंगडम (UK) सरकार ने प्रतिष्ठित शेवनिंग कार्यक्रम (Chevening programme) के तहत मध्य-कैरियर पेशेवरों के लिए अल्पकालिक फेलोशिप को एक वर्ष के लिए स्थगित कर दिया है। इस स्थगन का कारण क्षमता संबंधी बाधाएँ और लागत में कटौती बताई गई है।

पृष्ठभूमि

  • शेवनिंग कार्यक्रम UK सरकार का एक वैश्विक छात्रवृत्ति और फेलोशिप कार्यक्रम है, जिसका उद्देश्य भविष्य के नेताओं, प्रभावशाली व्यक्तियों और निर्णय निर्माताओं को विकसित करना है।
  • यह कार्यक्रम दुनिया भर के छात्रों और पेशेवरों को UK में अध्ययन करने या पेशेवर विकास कार्यक्रमों में भाग लेने का अवसर प्रदान करता है।
  • CRISP फेलोशिप भारत और श्रीलंका के वैज्ञानिकों, शोधकर्ताओं और उद्यमियों पर केंद्रित है, जबकि साइबर सुरक्षा फेलोशिप भारतीय और पश्चिमी बाल्कन के नागरिकों के लिए है।
  • SAJP भारत, पाकिस्तान, श्रीलंका, बांग्लादेश, अफगानिस्तान और मालदीव के पत्रकारों को एक साथ लाता है, जो इसे दक्षिण एशिया के लिए एक अनूठा कार्यक्रम बनाता है।

शेवनिंग कार्यक्रम क्या है?

  • शेवनिंग कार्यक्रम UK सरकार का प्रमुख वैश्विक पुरस्कार कार्यक्रम है, जिसकी स्थापना 1983 में हुई थी।
  • यह कार्यक्रम UK के विदेश, राष्ट्रमंडल और विकास कार्यालय (FCDO) द्वारा वित्त पोषित है और भागीदार संगठनों द्वारा समर्थित है।
  • इसका उद्देश्य भविष्य के वैश्विक नेताओं को विकसित करना और UK के साथ स्थायी सकारात्मक संबंध बनाना है।
  • यह दो प्रकार के पुरस्कार प्रदान करता है: शेवनिंग छात्रवृत्तियाँ (Chevening Scholarships) और शेवनिंग फेलोशिप (Chevening Fellowships)।
  • छात्रवृत्तियाँ आमतौर पर स्नातकोत्तर अध्ययन के लिए होती हैं, जबकि फेलोशिप मध्य-कैरियर पेशेवरों के लिए अल्पकालिक, गहन विकास कार्यक्रम होते हैं।
  • कार्यक्रम के माध्यम से, प्रतिभागी UK के विश्वविद्यालयों में अध्ययन करते हैं और विभिन्न क्षेत्रों में पेशेवर अनुभव प्राप्त करते हैं।
  • शेवनिंग कार्यक्रम सार्वजनिक कूटनीति (Public Diplomacy) का एक महत्वपूर्ण उपकरण है, जो UK की सॉफ्ट पावर को बढ़ाता है।
  • यह कार्यक्रम शिक्षा, विज्ञान, नवाचार, पत्रकारिता और साइबर सुरक्षा जैसे विविध क्षेत्रों को कवर करता है।

मुख्य विशेषताएँ

विशेषता महत्व
चेवनिंग फेलोशिप कार्यक्रम यू.के. सरकार द्वारा वित्त पोषित एक प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रम जो उभरते वैश्विक नेताओं को यू.के. में अध्ययन करने का अवसर प्रदान करता है।
लघु अवधि की फेलोशिप मध्य-कैरियर पेशेवरों के लिए डिज़ाइन किए गए विशेष कार्यक्रम, जैसे CRISP, साइबर सुरक्षा और दक्षिण एशिया पत्रकारिता कार्यक्रम।
CRISP फेलोशिप वैज्ञानिकों, शोधकर्ताओं और उद्यमियों के लिए 12-सप्ताह का कार्यक्रम, जो ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित किया जाता है और भारत तथा श्रीलंका के अध्येताओं पर केंद्रित है।
साइबर सुरक्षा फेलोशिप भारतीयों और पश्चिमी बाल्कन के नागरिकों के लिए 10-सप्ताह का कार्यक्रम, जो क्रैनफ़ील्ड विश्वविद्यालय में आयोजित किया जाता है।
दक्षिण एशिया पत्रकारिता कार्यक्रम (SAJP) भारत, पाकिस्तान, श्रीलंका, बांग्लादेश, अफगानिस्तान और मालदीव के मध्य-कैरियर पत्रकारों के लिए 8-सप्ताह का कार्यक्रम।
चेवनिंग गुरुकुल फेलोशिप भारतीय पेशेवरों के लिए 12-सप्ताह का कार्यक्रम, जिसमें सरकार, मीडिया और नागरिक समाज जैसे विभिन्न क्षेत्र शामिल हैं, ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित।

महत्व

अंतर्राष्ट्रीय संबंध और सॉफ्ट पावर

  • चेवनिंग फेलोशिप यू.के. की सॉफ्ट पावर (Soft Power) का एक महत्वपूर्ण उपकरण है, जो विभिन्न देशों के साथ सांस्कृतिक और शैक्षिक संबंधों को मजबूत करती है।
  • यह कार्यक्रम यू.के. को वैश्विक स्तर पर अपने मूल्यों और विशेषज्ञता को साझा करने का अवसर प्रदान करता है, जिससे अंतर्राष्ट्रीय सहयोग बढ़ता है।

भारत-यू.के. संबंध

  • भारत चेवनिंग कार्यक्रमों का एक प्रमुख लाभार्थी रहा है, जिसमें CRISP, साइबर सुरक्षा और गुरुकुल फेलोशिप जैसे कार्यक्रम विशेष रूप से भारतीय पेशेवरों को लक्षित करते हैं।
  • इन फेलोशिपों के माध्यम से भारतीय पेशेवरों को यू.के. में उच्च-स्तरीय प्रशिक्षण और नेटवर्किंग के अवसर मिलते हैं, जिससे दोनों देशों के बीच ज्ञान और कौशल का आदान-प्रदान होता है।

मानव संसाधन विकास

  • यह कार्यक्रम विभिन्न क्षेत्रों में मध्य-कैरियर पेशेवरों के कौशल और नेतृत्व क्षमताओं को बढ़ाता है, जिससे उनके संबंधित देशों में विकास और नवाचार को बढ़ावा मिलता है।
  • विशेषज्ञता वाले क्षेत्रों जैसे विज्ञान, नवाचार, साइबर सुरक्षा और पत्रकारिता में प्रशिक्षण से इन क्षेत्रों में वैश्विक चुनौतियों का सामना करने में मदद मिलती है।

चुनौतियाँ

1. बजट कटौती और क्षमता संबंधी बाधाएँ

  • यू.के. सरकार द्वारा बजट कटौती और मेजबान विश्वविद्यालयों में क्षमता संबंधी बाधाओं के कारण फेलोशिप कार्यक्रमों को एक वर्ष के लिए स्थगित किया गया है।
  • यह निर्णय भविष्य में ऐसे अंतर्राष्ट्रीय कार्यक्रमों की निरंतरता और स्थिरता पर सवाल उठाता है।

2. भारत पर प्रभाव

  • भारतीय पेशेवरों के लिए उपलब्ध कुछ विशिष्ट फेलोशिपों का स्थगन भारत के मानव संसाधन विकास और अंतर्राष्ट्रीय अनुभव प्राप्त करने के अवसरों को प्रभावित कर सकता है।
  • विशेष रूप से टियर-2 और टियर-3 शहरों से आने वाले विद्वानों के लिए, जो इन कार्यक्रमों पर बहुत अधिक निर्भर करते हैं, यह एक बड़ा झटका हो सकता है।

3. सॉफ्ट पावर में कमी

  • फेलोशिप कार्यक्रमों का स्थगन यू.के. की सॉफ्ट पावर और अंतर्राष्ट्रीय प्रभाव को कमजोर कर सकता है, क्योंकि ये कार्यक्रम वैश्विक नेताओं के साथ संबंध बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
  • यह अन्य देशों को अपने स्वयं के समान कार्यक्रमों को बढ़ावा देने का अवसर भी दे सकता है।

4. निजी क्षेत्र के वित्तपोषण की आवश्यकता

  • यू.के. सरकार CRISP और साइबर सुरक्षा फेलोशिप के लिए उद्योग प्रायोजन की तलाश कर रही है, जो भविष्य में ऐसे कार्यक्रमों की स्थिरता के लिए सरकारी वित्तपोषण पर निर्भरता को कम करने की आवश्यकता को दर्शाता है।
  • यह सार्वजनिक-निजी भागीदारी (Public-Private Partnership) के मॉडल की ओर एक संभावित बदलाव का संकेत देता है।

चुनौतियाँ — यूपीएससी दृष्टिकोण

मुद्दा चिंता
बजट कटौती यू.के. सरकार द्वारा फेलोशिप कार्यक्रमों के लिए आवंटित धन में कमी, जिससे कार्यक्रमों का स्थगन हुआ।
क्षमता संबंधी बाधाएँ मेजबान विश्वविद्यालयों में सीमित क्षमता, विशेष रूप से दक्षिण एशिया पत्रकारिता कार्यक्रम के लिए, जिसके कारण इसे स्थगित करना पड़ा।
भारतीय पेशेवरों पर प्रभाव विशेष रूप से CRISP, साइबर सुरक्षा और गुरुकुल फेलोशिप जैसे कार्यक्रमों के स्थगन से भारतीय मध्य-कैरियर पेशेवरों के लिए अवसर कम होंगे।
अंतर्राष्ट्रीय सहयोग में कमी ऐसे प्रतिष्ठित कार्यक्रमों का स्थगन यू.के. और भागीदार देशों के बीच शैक्षिक और सांस्कृतिक आदान-प्रदान को बाधित कर सकता है।
सॉफ्ट पावर का क्षरण यू.के. की वैश्विक सॉफ्ट पावर और अंतर्राष्ट्रीय संबंधों को बनाए रखने की क्षमता पर नकारात्मक प्रभाव।

आगे की राह

  • यू.के. सरकार को अंतर्राष्ट्रीय सहयोग और सॉफ्ट पावर के महत्व को पहचानते हुए इन फेलोशिप कार्यक्रमों के लिए दीर्घकालिक और स्थिर वित्तपोषण तंत्र सुनिश्चित करना चाहिए।
  • निजी क्षेत्र, कॉर्पोरेट संस्थाओं और विश्वविद्यालयों के साथ साझेदारी को बढ़ावा देना चाहिए ताकि सरकारी वित्तपोषण पर निर्भरता कम हो सके और कार्यक्रमों की निरंतरता सुनिश्चित हो सके।
  • स्थगित कार्यक्रमों को जल्द से जल्द फिर से शुरू करने के लिए एक स्पष्ट रोडमैप और समय-सीमा निर्धारित करनी चाहिए, विशेष रूप से उन कार्यक्रमों के लिए जो भारत जैसे प्रमुख भागीदार देशों को लक्षित करते हैं।
  • मेजबान विश्वविद्यालयों की क्षमता बाधाओं को दूर करने के लिए निवेश करना चाहिए या वैकल्पिक मेजबान संस्थानों की तलाश करनी चाहिए ताकि कार्यक्रमों को सुचारू रूप से चलाया जा सके।
  • भारत सरकार को यू.के. सरकार के साथ संवाद स्थापित करना चाहिए ताकि भारतीय पेशेवरों के लिए इन महत्वपूर्ण अवसरों की बहाली और निरंतरता सुनिश्चित की जा सके।
  • भारत को अपने स्वयं के अंतर्राष्ट्रीय फेलोशिप कार्यक्रमों को मजबूत करने और विस्तारित करने पर विचार करना चाहिए, ताकि भारतीय पेशेवरों को वैश्विक अनुभव प्राप्त करने के अधिक अवसर मिल सकें।

यूपीएससी मूल्य-संवर्धन

मुख्य परीक्षा उत्तर-लेखन हेतु कीवर्ड

शेवनिंग छात्रवृत्ति कार्यक्रम · अंतर्राष्ट्रीय संबंध · कूटनीतिक पहल · भारत-यूके संबंध · सार्वजनिक कूटनीति · सांस्कृतिक आदान-प्रदान · क्षमता निर्माण · बजट कटौती · उच्च शिक्षा · वैश्विक सहयोग

अवधारणा प्रवाह

यू.के. सरकार द्वारा बजट समीक्षा  →  बजट कटौती और क्षमता संबंधी बाधाएँ  →  चेवनिंग फेलोशिप कार्यक्रमों का स्थगन  →  भारतीय पेशेवरों के लिए अवसरों में कमी  →  यू.के. की सॉफ्ट पावर और अंतर्राष्ट्रीय संबंधों पर प्रभाव  →  निजी क्षेत्र के वित्तपोषण की तलाश

प्रारंभिक अभ्यास प्रश्न

Q1. शेवनिंग कार्यक्रम के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार करें:
1. शेवनिंग छात्रवृत्ति और फेलोशिप कार्यक्रम यूनाइटेड किंगडम सरकार द्वारा वित्त पोषित हैं।
2. शेवनिंग रिसर्च, साइंस एंड इनोवेशन लीडरशिप फेलोशिप (CRISP) विशेष रूप से भारत और श्रीलंका के शोधकर्ताओं और उद्यमियों पर केंद्रित है।
3. हाल ही में, यूके सरकार ने क्षमता बाधाओं और लागत-कटौती के कारण सभी शेवनिंग कार्यक्रमों को एक वर्ष के लिए रोक दिया है।
उपरोक्त में से कितने कथन सही हैं?

  1. केवल एक
  2. केवल दो
  3. सभी तीन
  4. कोई नहीं

उत्तर: केवल दो — कथन 1 सही है क्योंकि शेवनिंग छात्रवृत्ति और फेलोशिप कार्यक्रम यूके सरकार द्वारा वित्त पोषित हैं। कथन 2 सही है क्योंकि CRISP फेलोशिप भारत और श्रीलंका के शोधकर्ताओं और उद्यमियों पर केंद्रित है। कथन 3 गलत है क्योंकि यूके सरकार ने केवल कुछ अल्पकालिक फेलोशिप कार्यक्रमों को रोका है, सभी शेवनिंग कार्यक्रमों को नहीं। शेवनिंग छात्रवृत्तियाँ अभी भी खुली हैं।

Q2. निम्नलिखित में से कौन सा/से शेवनिंग फेलोशिप कार्यक्रम हाल ही में यूके सरकार द्वारा एक वर्ष के लिए स्थगित कर दिया गया है?
1. शेवनिंग रिसर्च, साइंस एंड इनोवेशन लीडरशिप फेलोशिप (CRISP)
2. शेवनिंग साइबर सुरक्षा फेलोशिप
3. शेवनिंग साउथ एशिया जर्नलिज्म प्रोग्राम (SAJP)
नीचे दिए गए कोड का उपयोग करके सही उत्तर चुनें:

  1. केवल 1 और 2
  2. केवल 2 और 3
  3. केवल 1 और 3
  4. 1, 2 और 3

उत्तर: 1, 2 और 3 — शेवनिंग रिसर्च, साइंस एंड इनोवेशन लीडरशिप फेलोशिप (CRISP), शेवनिंग साइबर सुरक्षा फेलोशिप और शेवनिंग साउथ एशिया जर्नलिज्म प्रोग्राम (SAJP) को एक वर्ष के लिए रोक दिया गया है।

मुख्य अभ्यास प्रश्न

✍ शेवनिंग फेलोशिप कार्यक्रमों के स्थगन के संदर्भ में, भारत जैसे विकासशील देशों के लिए ऐसे अंतर्राष्ट्रीय शैक्षिक और व्यावसायिक आदान-प्रदान कार्यक्रमों के महत्व का आलोचनात्मक परीक्षण करें। (15 Marks)

रूपरेखा: मॉडल-उत्तर कंकाल:
1. परिचय: शेवनिंग कार्यक्रम का संक्षिप्त परिचय और इसके हालिया स्थगन का उल्लेख।
2. अंतर्राष्ट्रीय शैक्षिक और व्यावसायिक आदान-प्रदान कार्यक्रमों का महत्व:
क. क्षमता निर्माण और कौशल विकास: उन्नत ज्ञान और विशेषज्ञता का हस्तांतरण।
ख. कूटनीतिक और सांस्कृतिक संबंध: देशों के बीच सद्भावना और समझ को बढ़ावा देना।
ग. नेटवर्किंग और सहयोग: वैश्विक पेशेवरों के साथ संबंध स्थापित करना।
घ. नीति निर्माण और शासन में सुधार: सर्वोत्तम प्रथाओं को साझा करना।
ङ. सॉफ्ट पावर का विस्तार: मेजबान देश के प्रभाव को बढ़ाना।
3. भारत जैसे विकासशील देशों के लिए विशिष्ट महत्व:
क. मानव पूंजी का विकास: विशेष रूप से विज्ञान, प्रौद्योगिकी, पत्रकारिता और साइबर सुरक्षा जैसे क्षेत्रों में।
ख. वैश्विक चुनौतियों का समाधान: अंतर्राष्ट्रीय सहयोग के माध्यम से।
ग. समावेशी विकास: टियर-2 और टियर-3 शहरों के प्रतिभागियों को अवसर प्रदान करना।
4. स्थगन के निहितार्थ और चुनौतियाँ:
क. क्षमता निर्माण में संभावित अंतराल।
ख. कूटनीतिक संबंधों पर अल्पकालिक प्रभाव।
ग. वैकल्पिक अवसरों की आवश्यकता।
5. निष्कर्ष: ऐसे कार्यक्रमों की निरंतरता और महत्व पर जोर देते हुए, भविष्य के लिए सिफारिशें।

स्रोत: The Hindu


शैक्षिक उद्देश्य हेतु AanyaAi द्वारा जनित।

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