18 Sep आत्मनिर्भर भारत: HAL ने वायुसेना को तेजस ट्रेनर और ध्रुव हेलीकॉप्टर सौंपे
✎ LCA तेजस, HTT 40 और ध्रुव NG हेलीकॉप्टर का HAL द्वारा भारतीय वायु सेना और पवन हंस लिमिटेड को हस्तांतरण रक्षा क्षेत्र में भारत की आत्मनिर्भरता और स्वदेशी विनिर्माण क्षमताओं का प्रतीक है।
विषय प्रासंगिकता — यह टॉपिक कहाँ आता है
- GS पेपर III — अर्थव्यवस्था (भारतीय अर्थव्यवस्था और योजना, संसाधन जुटाना, वृद्धि, विकास और रोजगार से संबंधित मुद्दे) | GS पेपर III — विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी (विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी में भारतीयों की उपलब्धियाँ; प्रौद्योगिकी का स्वदेशीकरण और नई प्रौद्योगिकी का विकास) | GS पेपर III — आंतरिक सुरक्षा (सीमावर्ती क्षेत्रों में सुरक्षा चुनौतियाँ और उनका प्रबंधन; संगठित अपराध और आतंकवाद के बीच संबंध)
- Prelims: आत्मनिर्भर भारत अभियान, रक्षा विनिर्माण में स्वदेशीकरण, हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL), LCA तेजस ट्विन सीटर ट्रेनर, HTT 40 बेसिक ट्रेनर एयरक्राफ्ट, ध्रुव नेक्स्ट जेनरेशन (NG) हेलीकॉप्टर, पवन हंस लिमिटेड (PHL), रक्षा अधिग्रहण प्रक्रिया
- Essay: आत्मनिर्भर भारत: रक्षा क्षेत्र में स्वदेशीकरण की भूमिका और चुनौतियाँ, भारत की सुरक्षा और आर्थिक संवृद्धि में एयरोस्पेस उद्योग का योगदान
त्वरित पुनरावृत्ति: LCA तेजस, HTT 40 और ध्रुव NG हेलीकॉप्टर का HAL द्वारा भारतीय वायु सेना और पवन हंस लिमिटेड को हस्तांतरण रक्षा क्षेत्र में भारत की आत्मनिर्भरता और स्वदेशी विनिर्माण क्षमताओं का प्रतीक है।
यह खबर चर्चा में क्यों?
रक्षा मंत्री और नागर विमानन मंत्री की उपस्थिति में, हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) भारतीय वायु सेना (IAF) को लाइट कॉम्बैट एयरक्राफ्ट (LCA) तेजस ट्विन सीटर ट्रेनर और HTT 40 बेसिक ट्रेनर एयरक्राफ्ट सौंपेगा। इसके अतिरिक्त, पवन हंस लिमिटेड (PHL) को ध्रुव नेक्स्ट जेनरेशन (NG) हेलीकॉप्टर भी प्रदान किए जाएंगे। यह हस्तांतरण देश की आत्मनिर्भरता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जो घरेलू एयरोस्पेस इकोसिस्टम को मजबूत करने और नागरिक तथा सैन्य दोनों उपयोगों के लिए उन्नत प्लेटफार्मों के डिजाइन, विकास और निर्माण में भारत की बढ़ती क्षमता को प्रदर्शित करता है।
पृष्ठभूमि
- भारत सरकार ने रक्षा क्षेत्र में स्वदेशी डिजाइन, विकास और विनिर्माण को बढ़ावा देने को उच्च प्राथमिकता दी है, जिसका उद्देश्य विदेशी स्रोतों पर निर्भरता कम करना है।
- आत्मनिर्भर भारत अभियान (Self-Reliant India Campaign) के तहत रक्षा उत्पादन में आत्मनिर्भरता एक प्रमुख स्तंभ है, जिसके लिए कई नीतिगत सुधार किए गए हैं।
- HAL, भारत का एक प्रमुख सार्वजनिक क्षेत्र का उपक्रम (PSU) है, जो एयरोस्पेस और रक्षा उपकरणों के डिजाइन, विकास, निर्माण और रखरखाव में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
- LCA तेजस भारत द्वारा विकसित एक बहु-भूमिका वाला हल्का लड़ाकू विमान है, जो भारतीय वायु सेना की परिचालन आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए डिज़ाइन किया गया है।
- HTT 40 बेसिक ट्रेनर एयरक्राफ्ट भारतीय वायु सेना के पायलटों के प्रारंभिक प्रशिक्षण के लिए विकसित किया गया एक स्वदेशी विमान है, जो प्रशिक्षण में आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देता है।
- ध्रुव NG हेलीकॉप्टर उन्नत हल्का हेलीकॉप्टर (ALH) ध्रुव का एक विकसित संस्करण है, जिसका उपयोग सैन्य और नागरिक दोनों उद्देश्यों के लिए किया जाता है, जिसमें परिवहन, खोज और बचाव शामिल हैं।
रक्षा क्षेत्र में स्वदेशीकरण और आत्मनिर्भर भारत
- रक्षा क्षेत्र में स्वदेशीकरण (Indigenisation) का अर्थ है रक्षा उपकरणों, प्रणालियों और प्रौद्योगिकियों के डिजाइन, विकास और उत्पादन में घरेलू क्षमताओं का निर्माण करना, ताकि आयात पर निर्भरता कम हो सके।
- आत्मनिर्भर भारत अभियान के तहत, सरकार ने रक्षा उत्पादन में आत्मनिर्भरता प्राप्त करने के लिए कई पहल की हैं, जैसे रक्षा अधिग्रहण प्रक्रिया (DAP) में ‘मेक इन इंडिया’ प्रावधानों को प्राथमिकता देना।
- इन पहलों में रक्षा औद्योगिक गलियारों (Defence Industrial Corridors) की स्थापना, निजी क्षेत्र की भागीदारी को बढ़ावा देना, और अनुसंधान एवं विकास (R&D) में निवेश बढ़ाना शामिल है।
- LCA तेजस जैसे स्वदेशी प्लेटफार्मों का विकास भारत की एयरोस्पेस इंजीनियरिंग और विनिर्माण क्षमताओं का प्रमाण है, जो वैश्विक रक्षा बाजार में भारत की स्थिति को मजबूत करता है।
- HTT 40 जैसे बेसिक ट्रेनर विमानों का उत्पादन न केवल प्रशिक्षण लागत को कम करता है बल्कि देश के भीतर महत्वपूर्ण तकनीकी विशेषज्ञता भी विकसित करता है।
- ध्रुव NG हेलीकॉप्टर का हस्तांतरण नागरिक उड्डयन क्षेत्र में भी स्वदेशी क्षमताओं के विस्तार को दर्शाता है, जो आपातकालीन सेवाओं और क्षेत्रीय कनेक्टिविटी में योगदान कर सकता है।
- स्वदेशीकरण से न केवल राष्ट्रीय सुरक्षा मजबूत होती है, बल्कि यह रोजगार सृजन, प्रौद्योगिकी हस्तांतरण और आर्थिक संवृद्धि को भी बढ़ावा देता है।
मुख्य विशेषताएँ
| विशेषता | महत्व |
|---|---|
| LCA तेजस ट्विन सीटर ट्रेनर | भारतीय वायु सेना (IAF) के पायलटों के प्रशिक्षण और परिचालन क्षमताओं को बढ़ाएगा। |
| HTT 40 बेसिक ट्रेनर एयरक्राफ्ट | नए पायलटों के प्रारंभिक प्रशिक्षण के लिए महत्वपूर्ण, स्वदेशी प्रशिक्षण पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करेगा। |
| ध्रुव नेक्स्ट जेनरेशन (NG) हेलीकॉप्टर | पवन हंस लिमिटेड (PHL) की नागरिक उड्डयन और आपदा राहत क्षमताओं को सुदृढ़ करेगा। |
| स्वदेशी डिजाइन और विकास | रक्षा और एयरोस्पेस क्षेत्रों में भारत की आत्मनिर्भरता (Atmanirbharata) को बढ़ावा देगा। |
| घरेलू एयरोस्पेस इकोसिस्टम | HAL और उसके उद्योग भागीदारों की भूमिका को उजागर करता है, जिससे स्थानीय विनिर्माण को प्रोत्साहन मिलता है। |
महत्व
आर्थिक महत्व
- घरेलू विनिर्माण को प्रोत्साहन: इन विमानों और हेलीकॉप्टरों का स्वदेशी उत्पादन भारतीय उद्योगों, विशेषकर सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (MSMEs) को बढ़ावा देता है, जो रक्षा आपूर्ति श्रृंखला का हिस्सा हैं।
- रोजगार सृजन: रक्षा और एयरोस्पेस क्षेत्र में उत्पादन और अनुसंधान एवं विकास (R&D) गतिविधियों से कुशल और अर्ध-कुशल श्रमिकों के लिए रोजगार के अवसर पैदा होते हैं।
- निर्यात क्षमता: उन्नत स्वदेशी प्लेटफार्मों का सफल विकास भविष्य में रक्षा निर्यात के अवसर खोल सकता है, जिससे विदेशी मुद्रा अर्जित होगी।
सामरिक महत्व
- रक्षा आत्मनिर्भरता: विदेशी आपूर्तिकर्ताओं पर निर्भरता कम करके भारत की रक्षा तैयारियों को मजबूत करता है, जिससे भू-राजनीतिक दबावों का सामना करने की क्षमता बढ़ती है।
- प्रौद्योगिकी संप्रभुता: महत्वपूर्ण रक्षा प्रौद्योगिकियों के डिजाइन, विकास और उत्पादन में आत्मनिर्भरता भारत को अपनी सुरक्षा आवश्यकताओं के अनुसार अनुकूलित समाधान विकसित करने में सक्षम बनाती है।
- क्षेत्रीय सुरक्षा भूमिका: एक मजबूत स्वदेशी रक्षा उद्योग भारत को हिंद-प्रशांत क्षेत्र में एक विश्वसनीय सुरक्षा प्रदाता के रूप में अपनी भूमिका निभाने में मदद करता है।
सामाजिक महत्व
- कौशल विकास: रक्षा विनिर्माण क्षेत्र में नवाचार और उत्पादन के लिए उच्च-स्तरीय इंजीनियरिंग और तकनीकी कौशल की आवश्यकता होती है, जिससे देश में मानव पूंजी का विकास होता है।
- राष्ट्रीय गौरव: स्वदेशी रूप से विकसित और निर्मित उन्नत रक्षा प्लेटफार्मों की सफल तैनाती राष्ट्रीय गौरव की भावना को बढ़ाती है और युवाओं को विज्ञान, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग और गणित (STEM) क्षेत्रों में करियर बनाने के लिए प्रेरित करती है।
चुनौतियाँ
1. अनुसंधान एवं विकास (R&D) में निवेश
- रक्षा क्षेत्र में अत्याधुनिक प्रौद्योगिकियों के लिए निरंतर और पर्याप्त अनुसंधान एवं विकास निवेश की आवश्यकता होती है।
- निजी क्षेत्र की भागीदारी को प्रोत्साहित करने और जोखिम-साझाकरण मॉडल विकसित करने की चुनौती बनी हुई है।
यूपीएससी लिंक: विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी – देशज विकास
2. कौशल विकास और मानव संसाधन
- रक्षा विनिर्माण और एयरोस्पेस उद्योग के लिए आवश्यक विशिष्ट कौशल वाले इंजीनियरों और तकनीशियनों की कमी एक चुनौती है।
- उच्च शिक्षा संस्थानों और उद्योग के बीच समन्वय की आवश्यकता है ताकि पाठ्यक्रम को उद्योग की आवश्यकताओं के अनुरूप बनाया जा सके।
यूपीएससी लिंक: मानव संसाधन विकास
3. गुणवत्ता नियंत्रण और प्रमाणन
- रक्षा और एयरोस्पेस उत्पादों में उच्चतम गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों को बनाए रखना महत्वपूर्ण है।
- अंतर्राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप प्रमाणन प्रक्रियाओं को सुदृढ़ करने की आवश्यकता है।
यूपीएससी लिंक: बुनियादी ढाँचा: ऊर्जा, बंदरगाह, सड़क, विमानपत्तन, रेलवे आदि
4. वैश्विक प्रतिस्पर्धा
- वैश्विक रक्षा बाजार में अत्यधिक प्रतिस्पर्धा है, जहां प्रमुख खिलाड़ी उन्नत प्रौद्योगिकियों और लागत प्रभावी समाधानों की पेशकश करते हैं।
- भारतीय रक्षा उद्योग को अपनी प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ाने के लिए नवाचार और दक्षता पर ध्यान केंद्रित करना होगा।
यूपीएससी लिंक: उदारीकरण का अर्थव्यवस्था पर प्रभाव
चुनौतियाँ — यूपीएससी दृष्टिकोण
| मुद्दा | चिंता |
|---|---|
| प्रौद्योगिकी हस्तांतरण की सीमा | महत्वपूर्ण प्रौद्योगिकियों तक पहुंच प्राप्त करने में चुनौतियां, विशेषकर दोहरे उपयोग वाली प्रौद्योगिकियों के संबंध में। |
| लागत-प्रभावशीलता | स्वदेशी उत्पादन की लागत अक्सर आयातित विकल्पों की तुलना में अधिक हो सकती है, जिससे खरीद निर्णय प्रभावित होते हैं। |
| उत्पादन पैमाने का अभाव | छोटे उत्पादन बैचों के कारण प्रति इकाई लागत में वृद्धि होती है, जिससे बड़े पैमाने पर उत्पादन की दक्षता प्रभावित होती है। |
| निजी क्षेत्र की भागीदारी | रक्षा क्षेत्र में निजी निवेश को आकर्षित करने और उन्हें लंबी अवधि की प्रतिबद्धताओं के लिए प्रोत्साहित करने में चुनौतियां। |
| विनियामक बाधाएं | रक्षा उत्पादन और निर्यात से संबंधित जटिल विनियामक प्रक्रियाएं और अनुपालन आवश्यकताएं। |
सरकारी पहल — प्रीलिम्स हेतु अवश्य याद रखें
- आत्मनिर्भर भारत अभियान (Atmanirbhar Bharat Abhiyan)
आगे की राह
- रक्षा अनुसंधान एवं विकास (R&D) में निवेश बढ़ाना और निजी क्षेत्र की भागीदारी को प्रोत्साहित करना।
- रक्षा विनिर्माण के लिए आवश्यक कौशल वाले मानव संसाधन विकसित करने हेतु शिक्षा और उद्योग के बीच सहयोग को मजबूत करना।
- घरेलू रक्षा उद्योग के लिए एक स्थिर और अनुमानित नीतिगत वातावरण सुनिश्चित करना।
- गुणवत्ता नियंत्रण, परीक्षण और प्रमाणन प्रक्रियाओं को अंतर्राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप सुदृढ़ करना।
- छोटे और मध्यम उद्यमों (SMEs) को रक्षा आपूर्ति श्रृंखला में एकीकृत करने के लिए प्रोत्साहन प्रदान करना।
- रक्षा निर्यात को बढ़ावा देने के लिए सक्रिय कूटनीति और बाजार पहुंच रणनीतियों का विकास करना।
- दोहरे उपयोग वाली प्रौद्योगिकियों (Dual-use technologies) के विकास पर ध्यान केंद्रित करना, जो नागरिक और सैन्य दोनों क्षेत्रों में उपयोगी हों।
यूपीएससी मूल्य-संवर्धन
मुख्य परीक्षा उत्तर-लेखन हेतु कीवर्ड
आत्मनिर्भर भारत · रक्षा विनिर्माण · स्वदेशीकरण · एयरोस्पेस इकोसिस्टम · सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम · रक्षा अधिग्रहण · मेक इन इंडिया · रक्षा निर्यात · सामरिक स्वायत्तता · तकनीकी हस्तांतरण
संवैधानिक व नीतिगत संबंध
- {‘article’: ‘अनुच्छेद 51A (j)’, ‘note’: ‘उत्कृष्टता की ओर प्रयास’}
- {‘article’: ‘अनुच्छेद 246’, ‘note’: ‘संघ सूची में रक्षा’}
अवधारणा प्रवाह
सरकार की आत्मनिर्भरता पर जोर → रक्षा और एयरोस्पेस में स्वदेशी डिजाइन, विकास, विनिर्माण को प्राथमिकता → HAL द्वारा उन्नत प्लेटफार्मों का निर्माण → IAF को LCA तेजस और HTT 40 की डिलीवरी → PHL को ध्रुव NG हेलीकॉप्टर की डिलीवरी → घरेलू एयरोस्पेस इकोसिस्टम का सुदृढ़ीकरण → रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की दिशा में प्रगति
प्रारंभिक अभ्यास प्रश्न
Q1. निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) एक सार्वजनिक क्षेत्र का उपक्रम है जो रक्षा मंत्रालय के अधीन कार्य करता है।
2. LCA तेजस एक स्वदेशी रूप से विकसित हल्का लड़ाकू विमान है।
3. ध्रुव हेलीकॉप्टर का उपयोग केवल सैन्य उद्देश्यों के लिए किया जाता है।
उपर्युक्त कथनों में से कितने सही हैं?
- केवल एक
- केवल दो
- सभी तीन
- कोई नहीं
उत्तर: केवल दो — कथन 1 सही है। HAL रक्षा मंत्रालय के अधीन एक प्रमुख सार्वजनिक क्षेत्र का उपक्रम है। कथन 2 सही है। LCA तेजस भारत द्वारा विकसित एक हल्का लड़ाकू विमान है। कथन 3 गलत है। ध्रुव हेलीकॉप्टर का उपयोग नागरिक और सैन्य दोनों उद्देश्यों के लिए किया जाता है, जैसा कि पवन हंस लिमिटेड (PHL) को इसकी डिलीवरी से स्पष्ट है।
Q2. अभिकथन (A): सरकार एयरोस्पेस और रक्षा क्षेत्रों में स्वदेशी डिजाइन, विकास और विनिर्माण को उच्च प्राथमिकता दे रही है।
कारण (R): यह विदेशी स्रोतों पर निर्भरता कम करने और देश की सामरिक स्वायत्तता को मजबूत करने के लिए आवश्यक है।
निम्नलिखित में से कौन सा विकल्प सही है?
- A और R दोनों सही हैं, और R, A की सही व्याख्या है।
- A और R दोनों सही हैं, लेकिन R, A की सही व्याख्या नहीं है।
- A सही है, लेकिन R गलत है।
- A गलत है, लेकिन R सही है।
उत्तर: A और R दोनों सही हैं, और R, A की सही व्याख्या है। — अभिकथन (A) सही है क्योंकि सरकार ‘आत्मनिर्भर भारत’ पहल के तहत रक्षा और एयरोस्पेस में स्वदेशीकरण को बढ़ावा दे रही है। कारण (R) भी सही है क्योंकि स्वदेशीकरण का मुख्य उद्देश्य विदेशी निर्भरता को कम करना और सामरिक स्वायत्तता बढ़ाना है। R, A की सही व्याख्या भी है।
Q3. निम्नलिखित में से कौन-सा विमान हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) द्वारा निर्मित नहीं है?
- LCA तेजस
- HTT-40
- ध्रुव NG हेलीकॉप्टर
- राफेल
उत्तर: राफेल — LCA तेजस, HTT-40 और ध्रुव NG हेलीकॉप्टर HAL द्वारा निर्मित हैं। राफेल एक फ्रांसीसी बहुउद्देश्यीय लड़ाकू विमान है जिसका निर्माण डसॉल्ट एविएशन द्वारा किया जाता है।
मुख्य अभ्यास प्रश्न
✍ आत्मनिर्भर भारत अभियान के तहत रक्षा क्षेत्र में स्वदेशीकरण की दिशा में भारत की प्रगति का समालोचनात्मक परीक्षण कीजिए। इस संदर्भ में, रक्षा उत्पादन में सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (PSUs) की भूमिका का मूल्यांकन कीजिए। (15 Marks)
रूपरेखा: मॉडल-उत्तर संरचना:
1. **परिचय:** आत्मनिर्भर भारत अभियान और रक्षा क्षेत्र में इसके महत्व का संक्षिप्त परिचय। स्वदेशीकरण के लक्ष्य और आवश्यकता पर प्रकाश डालें।
2. **स्वदेशीकरण की प्रगति:**
* **उपलब्धियाँ:** LCA तेजस, ध्रुव हेलीकॉप्टर, HTT-40 जैसे प्रमुख स्वदेशी प्लेटफॉर्मों का उल्लेख। रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) और निजी क्षेत्र की भागीदारी।
* **नीतिगत पहलें:** रक्षा अधिग्रहण प्रक्रिया (DAP), नकारात्मक आयात सूची, रक्षा औद्योगिक गलियारे, ‘मेक इन इंडिया’ और ‘मेक इन इंडिया फॉर द वर्ल्ड’ पर जोर।
* **डेटा/आँकड़े:** रक्षा निर्यात में वृद्धि, विदेशी निर्भरता में कमी के कुछ उदाहरण (यदि उपलब्ध हों)।
3. **सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (PSUs) की भूमिका:**
* **HAL, BEL, BDL आदि का योगदान:** डिजाइन, विकास और विनिर्माण में उनकी केंद्रीय भूमिका।
* **क्षमता निर्माण:** अनुसंधान एवं विकास, तकनीकी ज्ञान का विकास, कुशल कार्यबल का निर्माण।
* **चुनौतियाँ:** नौकरशाही बाधाएँ, नवाचार की गति, निजी क्षेत्र के साथ प्रतिस्पर्धा, समय पर डिलीवरी और लागत-प्रभावशीलता के मुद्दे।
4. **समालोचनात्मक विश्लेषण:**
* **सकारात्मक पहलू:** सामरिक स्वायत्तता में वृद्धि, रोजगार सृजन, तकनीकी क्षमता का विकास।
* **चुनौतियाँ और सुधार की गुंजाइश:** अनुसंधान एवं विकास में निवेश बढ़ाना, निजी क्षेत्र को और अधिक प्रोत्साहन, विदेशी प्रौद्योगिकी हस्तांतरण (ToT) का प्रभावी उपयोग, गुणवत्ता नियंत्रण और वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मकता।
5. **निष्कर्ष:** रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता प्राप्त करने के लिए एक संतुलित दृष्टिकोण की आवश्यकता, जिसमें सार्वजनिक और निजी क्षेत्र दोनों की भूमिका महत्वपूर्ण हो, तथा निरंतर नवाचार और नीतिगत समर्थन पर जोर दिया जाए।
स्रोत: PIB (Press Information Bureau)
Karnataka PCS (KPSC) — राज्य PCS अभ्यास
Prelims: हाल ही में बेंगलुरु में आयोजित एक कार्यक्रम में रक्षा मंत्री और नागर विमानन मंत्री की उपस्थिति में HAL द्वारा भारतीय वायु सेना को सौंपे गए ‘एलसीए तेजस फ्री-ऑक्शन ट्विन सीटर ट्रेनर’ और ‘एचटीटी-40’ क्या हैं?
- A. स्वदेशी रूप से विकसित लड़ाकू विमान और प्रशिक्षण विमान
- B. विदेशी निर्मित सैन्य हेलीकॉप्टर
- C. अंतरिक्ष अनुसंधान के लिए उपग्रह
- D. परमाणु ऊर्जा संयंत्रों के लिए उपकरण
उत्तर: A. स्वदेशी रूप से विकसित लड़ाकू विमान और प्रशिक्षण विमान — एलसीए तेजस फ्री-ऑक्शन ट्विन सीटर ट्रेनर एक स्वदेशी लड़ाकू विमान है जबकि एचटीटी-40 एक स्वदेशी प्रशिक्षण विमान है, दोनों HAL द्वारा विकसित किए गए हैं।
Mains: भारत की ‘आत्मनिर्भर भारत’ पहल के अंतर्गत HAL द्वारा विकसित एलसीए तेजस और एचटीटी-40 विमानों के महत्व पर प्रकाश डालते हुए, कर्नाटक राज्य में इनके उत्पादन और अनुसंधान से संबंधित चुनौतियों एवं संभावनाओं का विश्लेषण कीजिए।
शैक्षिक उद्देश्य हेतु AanyaAi द्वारा जनित।
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