केंद्रीय कैबिनेट ने मंजूरी दी 540 किमी रेल नेटवर्क वृद्धि वाली 5 मल्टीट्रैकिंग परियोजनाएं

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने पांच मल्टीट्रैकिंग परियोजनाओं को मंजूरी दी है जो तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक और तेलंगाना राज् — diagram

केंद्रीय कैबिनेट ने मंजूरी दी 540 किमी रेल नेटवर्क वृद्धि वाली 5 मल्टीट्रैकिंग परियोजनाएं

मल्टी-ट्रैकिंग रेल परियोजनाअतिरिक्त पटरियाँ540 किमी वृद्धिलाइन क्षमता बढ़ातारेल नेटवर्क17 जिले4 राज्यप्रधानमंत्री गति शक्तियोजना अनुसारलॉजिस्टिक्स दक्षतापरिचालन दक्षता2,121 गांव कनेक्ट52 लाख आबादीअनुमानित लागत10,021 करोड़ रुपये2029-30 तक पूर्ण
मल्टी-ट्रैकिंग रेल परियोजना

✎ केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा स्वीकृत पाँच मल्टी-ट्रैकिंग परियोजनाएँ भारतीय रेल की क्षमता में वृद्धि करेंगी, जिससे आर्थिक विकास, क्षेत्रीय संपर्क और लॉजिस्टिक्स दक्षता को बढ़ावा मिलेगा, जो प्रधानमंत्री गति शक्ति राष्ट्रीय मास्टर…

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विषय प्रासंगिकता — यह टॉपिक कहाँ आता है

  • GS Paper III — भारतीय अर्थव्यवस्था और योजना, संसाधन जुटाना, वृद्धि, विकास और रोजगार से संबंधित विषय  |  GS Paper III — अवसंरचना: ऊर्जा, बंदरगाह, सड़क, रेलवे, हवाई अड्डे, दूरसंचार आदि
  • Prelims: मल्टी-ट्रैकिंग परियोजनाएँ, भारतीय रेल, प्रधानमंत्री गति शक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान, आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति (CCEA), बुनियादी ढांचा विकास, लॉजिस्टिक्स दक्षता
  • Essay: भारत के आर्थिक विकास में अवसंरचना की भूमिका, परिवहन क्षेत्र में नवाचार और आत्मनिर्भर भारत

त्वरित पुनरावृत्ति: केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा स्वीकृत पाँच मल्टी-ट्रैकिंग परियोजनाएँ भारतीय रेल की क्षमता में वृद्धि करेंगी, जिससे आर्थिक विकास, क्षेत्रीय संपर्क और लॉजिस्टिक्स दक्षता को बढ़ावा मिलेगा, जो प्रधानमंत्री गति शक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान के अनुरूप है।

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यह खबर चर्चा में क्यों?

हाल ही में, आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति (CCEA) ने भारतीय रेल की पाँच मल्टी-ट्रैकिंग परियोजनाओं को स्वीकृति प्रदान की है। ये परियोजनाएँ तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक और तेलंगाना राज्यों के 17 जिलों में फैली होंगी और भारतीय रेल के मौजूदा नेटवर्क में लगभग 540 किलोमीटर की वृद्धि करेंगी। इन परियोजनाओं की कुल अनुमानित लागत 10,021 करोड़ रुपये है और इन्हें 2029-30 तक पूरा करने की योजना है।

पृष्ठभूमि

  • भारत में रेलवे परिवहन देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है, जो माल ढुलाई और यात्री आवागमन दोनों के लिए महत्वपूर्ण है।
  • बढ़ती जनसंख्या और आर्थिक गतिविधियों के कारण मौजूदा रेल नेटवर्क पर दबाव बढ़ रहा है, जिससे क्षमता वृद्धि की आवश्यकता महसूस की जा रही है।
  • मल्टी-ट्रैकिंग परियोजनाएँ (Multi-tracking projects) मौजूदा लाइनों पर अतिरिक्त पटरियाँ बिछाकर रेल नेटवर्क की क्षमता को बढ़ाती हैं, जिससे अधिक ट्रेनों का संचालन संभव होता है।
  • ये परियोजनाएँ प्रधानमंत्री गति शक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान (PM Gati Shakti National Master Plan) के अनुरूप हैं, जिसका उद्देश्य एकीकृत योजना और हितधारकों के परामर्श के माध्यम से बहु-मार्गीय संपर्क और लॉजिस्टिक्स दक्षता (Logistics efficiency) को बढ़ाना है।
  • रेलवे का विस्तार क्षेत्रीय विकास को बढ़ावा देता है, रोजगार के अवसर पैदा करता है और विभिन्न क्षेत्रों में वस्तुओं की निर्बाध आवाजाही सुनिश्चित करता है।
  • ये परियोजनाएँ पर्यावरण के अनुकूल परिवहन माध्यम के रूप में रेलवे की भूमिका को मजबूत करती हैं, जिससे जलवायु लक्ष्यों की प्राप्ति में मदद मिलती है और देश की लॉजिस्टिक्स लागत कम होती है।

मल्टी-ट्रैकिंग परियोजनाएँ क्या हैं?

  • मल्टी-ट्रैकिंग परियोजनाएँ रेलवे नेटवर्क में अतिरिक्त पटरियाँ जोड़ने की प्रक्रिया को संदर्भित करती हैं, जैसे कि तीसरी या चौथी लाइन का निर्माण।
  • इनका मुख्य उद्देश्य रेल लाइनों पर भीड़भाड़ को कम करना, ट्रेनों की आवाजाही को सुव्यवस्थित करना और परिचालन दक्षता (Operational efficiency) में सुधार करना है।
  • ये परियोजनाएँ विशेष रूप से उच्च घनत्व वाले मार्गों पर महत्वपूर्ण हैं जहाँ मौजूदा दोहरी लाइनें बढ़ती यातायात मांगों को पूरा करने में असमर्थ होती हैं।
  • क्षमता में वृद्धि से अधिक मालगाड़ियाँ और यात्री ट्रेनें एक साथ चल सकती हैं, जिससे यात्रा का समय कम होता है और सेवा विश्वसनीयता बढ़ती है।
  • इस प्रकार की परियोजनाएँ आर्थिक विकास को बढ़ावा देती हैं क्योंकि वे कोयला, सीमेंट, लोहा और इस्पात, कंटेनर, ऑटोमोबाइल, अनाज, पेट्रोलियम उत्पाद और उर्वरक जैसी वस्तुओं के परिवहन के लिए आवश्यक मार्ग प्रदान करती हैं।
  • स्वीकृत मल्टी-ट्रैकिंग परियोजनाओं से लगभग 2,121 गांवों की कनेक्टिविटी बेहतर होगी, जिनकी आबादी लगभग 52 लाख है, और कई प्रमुख पर्यटन स्थलों तक रेल कनेक्टिविटी में सुधार होगा।
  • इन परियोजनाओं से प्रति वर्ष 47 मिलियन टन (MTPA) की अतिरिक्त माल ढुलाई क्षमता प्राप्त होगी, जो देश की लॉजिस्टिक्स क्षमता को महत्वपूर्ण रूप से बढ़ाएगी।
  • रेलवे पर्यावरण के अनुकूल परिवहन माध्यम है, और इन परियोजनाओं से तेल आयात में कमी (लगभग 8 करोड़ लीटर) और कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन में कमी (लगभग 42 करोड़ किलोग्राम) आएगी, जो लगभग 2 करोड़ वृक्षारोपण के बराबर है।

मुख्य विशेषताएँ

विशेषता महत्व
परियोजनाओं की संख्या पांच मल्टीट्रैकिंग परियोजनाएँ
कुल लागत लगभग 10,021 करोड़ रुपये
पूर्णता का लक्ष्य 2029-30 तक
राज्यों में विस्तार तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक और तेलंगाना के 17 जिले
नेटवर्क में वृद्धि भारतीय रेल के मौजूदा नेटवर्क में लगभग 540 किलोमीटर की वृद्धि
अतिरिक्त माल ढुलाई क्षमता प्रति वर्ष 47 मिलियन टन (MTPA)

महत्व

आर्थिक महत्व

  • बढ़ी हुई लाइन क्षमता से भारतीय रेल की परिचालन दक्षता (Operational Efficiency) और सेवा विश्वसनीयता में वृद्धि होगी, जिससे वस्तुओं की आवाजाही सुगम होगी।
  • इन परियोजनाओं से कोयला, सीमेंट, लोहा और इस्पात, कंटेनर, ऑटोमोबाइल, अनाज, पेट्रोलियम उत्पाद, उर्वरक आदि जैसी वस्तुओं के परिवहन के लिए आवश्यक मार्ग क्षमता में वृद्धि होगी।
  • रेलवे एक पर्यावरण-अनुकूल और ऊर्जा-कुशल परिवहन माध्यम होने के कारण देश की लॉजिस्टिक्स लागत (Logistics Cost) को कम करने में सहायक होगा, जिससे अर्थव्यवस्था को बढ़ावा मिलेगा।

सामाजिक महत्व

  • स्वीकृत मल्टी-ट्रैकिंग परियोजनाओं से लगभग 2,121 गांवों की कनेक्टिविटी बेहतर होगी, जिनकी आबादी लगभग 52 लाख है।
  • इन परियोजनाओं से रोजगार/स्वरोजगार के अवसर बढ़ेंगे, जिससे क्षेत्र के लोगों को आत्मनिर्भर बनने में मदद मिलेगी।
  • देश भर के कई प्रमुख पर्यटन स्थलों तक रेल कनेक्टिविटी में सुधार होगा, जिससे पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय अर्थव्यवस्था मजबूत होगी।

पर्यावरणीय महत्व

  • रेलवे के माध्यम से परिवहन को बढ़ावा मिलने से तेल आयात में कमी आएगी (लगभग 8 करोड़ लीटर), जिससे विदेशी मुद्रा की बचत होगी।
  • कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन (Carbon Dioxide Emission) में कमी आएगी (लगभग 42 करोड़ किलोग्राम), जो लगभग 2 करोड़ वृक्षारोपण के बराबर है, जिससे जलवायु लक्ष्यों को प्राप्त करने में मदद मिलेगी।

रणनीतिक महत्व

  • ये परियोजनाएँ प्रधानमंत्री गति शक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान (PM Gati Shakti National Master Plan) के अंतर्गत बनाई गई हैं, जिसका उद्देश्य एकीकृत योजना और हितधारकों के परामर्श के माध्यम से बहु-मार्गीय संपर्क और लॉजिस्टिक दक्षता को बढ़ाना है।
  • परिचालन को सुव्यवस्थित और भीड़भाड़ को कम करके भारतीय रेल के नेटवर्क को मजबूत किया जाएगा, जिससे राष्ट्रीय अवसंरचना (National Infrastructure) में सुधार होगा।

चुनौतियाँ

1. भूमि अधिग्रहण

  • मल्टीट्रैकिंग परियोजनाओं के लिए आवश्यक भूमि का अधिग्रहण एक जटिल और समय लेने वाली प्रक्रिया हो सकती है।
  • विभिन्न राज्यों में भूमि अधिग्रहण कानूनों और प्रक्रियाओं में भिन्नता चुनौतियाँ पैदा कर सकती है।

2. पर्यावरणीय प्रभाव आकलन

  • बड़ी अवसंरचना परियोजनाओं के लिए विस्तृत पर्यावरणीय प्रभाव आकलन (Environmental Impact Assessment – EIA) और विभिन्न पर्यावरणीय अनुमतियों की आवश्यकता होती है।
  • परियोजनाओं के निर्माण से स्थानीय पारिस्थितिकी तंत्र और जैव विविधता पर पड़ने वाले प्रभावों का प्रबंधन एक चुनौती है।

3. वित्तीय प्रबंधन और लागत में वृद्धि

  • परियोजनाओं की अनुमानित लागत 10,021 करोड़ रुपये है, जिसका प्रभावी वित्तीय प्रबंधन आवश्यक है।
  • निर्माण सामग्री की कीमतों में उतार-चढ़ाव या अप्रत्याशित देरी के कारण लागत में वृद्धि का जोखिम बना रहता है।

4. अंतर-राज्यीय समन्वय

  • यह परियोजना चार राज्यों (तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक और तेलंगाना) में फैली हुई है, जिसके लिए राज्यों के बीच प्रभावी समन्वय की आवश्यकता होगी।
  • विभिन्न राज्य सरकारों के साथ भूमि अधिग्रहण, कानून-व्यवस्था और अन्य प्रशासनिक मुद्दों पर समन्वय स्थापित करना चुनौतीपूर्ण हो सकता है।

5. तकनीकी और इंजीनियरिंग चुनौतियाँ

  • मौजूदा रेलवे नेटवर्क के साथ नई लाइनों का एकीकरण और निर्माण तकनीकी रूप से जटिल हो सकता है।
  • पुलों, सुरंगों और अन्य संरचनाओं के निर्माण में इंजीनियरिंग विशेषज्ञता और चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है।

चुनौतियाँ — यूपीएससी दृष्टिकोण

मुद्दा चिंता
परियोजनाओं का समय पर पूरा होना 2029-30 तक की समय-सीमा में देरी से लागत में वृद्धि और लाभों में विलंब हो सकता है।
स्थानीय समुदायों का विस्थापन भूमि अधिग्रहण के कारण स्थानीय आबादी के विस्थापन और पुनर्वास का मुद्दा।
सुरक्षा मानक बढ़ते नेटवर्क और परिचालन घनत्व के साथ रेलवे सुरक्षा मानकों को बनाए रखना।
संसाधन आवंटन विभिन्न परियोजनाओं के लिए पर्याप्त वित्तीय और मानव संसाधनों का प्रभावी आवंटन।
मौसम संबंधी बाधाएँ निर्माण कार्य पर प्रतिकूल मौसम की स्थिति का प्रभाव।

सरकारी पहल — प्रीलिम्स हेतु अवश्य याद रखें

  • प्रधानमंत्री गति शक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान (PM Gati Shakti National Master Plan)

आगे की राह

  • भूमि अधिग्रहण प्रक्रियाओं को सुव्यवस्थित करने और प्रभावित व्यक्तियों के लिए उचित मुआवजा और पुनर्वास सुनिश्चित करने हेतु एक पारदर्शी और कुशल तंत्र विकसित करना।
  • परियोजना के विभिन्न चरणों में पर्यावरणीय प्रभाव आकलन और आवश्यक अनुमतियों को समय पर प्राप्त करने के लिए एक एकीकृत दृष्टिकोण अपनाना।
  • परियोजना की लागत को नियंत्रित करने और समय पर पूरा करने के लिए प्रभावी परियोजना प्रबंधन तकनीकों और नियमित निगरानी का उपयोग करना।
  • परियोजना से संबंधित सभी राज्यों (तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक और तेलंगाना) के बीच बेहतर समन्वय और सहयोग के लिए एक नोडल एजेंसी या समिति का गठन करना।
  • स्थानीय समुदायों को परियोजना के लाभों के बारे में शिक्षित करना और उनके सहयोग को सुनिश्चित करने के लिए जागरूकता कार्यक्रम चलाना।
  • रेलवे नेटवर्क की सुरक्षा और विश्वसनीयता बढ़ाने के लिए आधुनिक सिग्नलिंग प्रणाली और उन्नत प्रौद्योगिकी का उपयोग करना।
  • परियोजना के पर्यावरणीय लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए ऊर्जा-कुशल प्रौद्योगिकियों और हरित निर्माण प्रथाओं को अपनाना।

यूपीएससी मूल्य-संवर्धन

मुख्य परीक्षा उत्तर-लेखन हेतु कीवर्ड

मल्टी-ट्रैकिंग परियोजनाएँ · भारतीय रेल · बुनियादी ढाँचा विकास · प्रधानमंत्री गति शक्ति · आर्थिक संवृद्धि · लॉजिस्टिक्स दक्षता · क्षेत्रीय कनेक्टिविटी · पर्यावरण अनुकूल परिवहन · रोजगार सृजन · माल ढुलाई क्षमता

संवैधानिक व नीतिगत संबंध

  • {‘अनुच्छेद 246’: ‘संघ सूची में रेलवे का विषय’}
  • {‘अनुच्छेद 282’: ‘संघ द्वारा राज्यों को अनुदान’}
  • {‘अनुच्छेद 292’: ‘भारत सरकार द्वारा उधार लेना’}

अवधारणा प्रवाह

केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा मल्टीट्रैकिंग परियोजनाओं को मंजूरी  →  लगभग 540 किलोमीटर रेलवे नेटवर्क में वृद्धि  →  परिचालन दक्षता और सेवा विश्वसनीयता में सुधार  →  माल ढुलाई क्षमता में वृद्धि और लॉजिस्टिक्स लागत में कमी  →  क्षेत्रीय आर्थिक विकास और रोजगार सृजन  →  पर्यावरणीय लाभ और जलवायु लक्ष्यों की प्राप्ति

प्रारंभिक अभ्यास प्रश्न

Q1. निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. प्रधानमंत्री गति शक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान का उद्देश्य एकीकृत योजना और हितधारकों के परामर्श के माध्यम से बहु-मार्गीय संपर्क और लॉजिस्टिक्स दक्षता को बढ़ाना है।
2. हाल ही में स्वीकृत मल्टी-ट्रैकिंग रेलवे परियोजनाएँ केवल माल ढुलाई क्षमता में वृद्धि करेंगी और यात्री आवागमन पर इनका कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा।
3. रेलवे को पर्यावरण के अनुकूल और ऊर्जा कुशल परिवहन माध्यम माना जाता है।
उपर्युक्त कथनों में से कितने सही हैं?

  1. केवल एक
  2. केवल दो
  3. सभी तीन
  4. कोई नहीं

उत्तर: केवल दो — कथन 1 सही है। प्रधानमंत्री गति शक्ति योजना का मुख्य उद्देश्य एकीकृत योजना और हितधारकों के परामर्श के माध्यम से बहु-मार्गीय संपर्क और लॉजिस्टिक्स दक्षता को बढ़ाना है। कथन 2 गलत है। मल्टी-ट्रैकिंग परियोजनाएँ परिचालन दक्षता और सेवा विश्वसनीयता में वृद्धि करेंगी, जिससे यात्री आवागमन में भी सुधार होगा। कथन 3 सही है। रेलवे को पर्यावरण के अनुकूल और ऊर्जा कुशल परिवहन माध्यम माना जाता है, जो जलवायु लक्ष्यों को प्राप्त करने में सहायक है।

Q2. निम्नलिखित में से कौन-सा/से कथन केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा अनुमोदित मल्टी-ट्रैकिंग रेलवे परियोजनाओं के संभावित लाभों का सबसे अच्छा वर्णन करता/करते है/हैं?
1. यह तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक और तेलंगाना राज्यों में कनेक्टिविटी में सुधार करेगा।
2. यह कोयला, सीमेंट, लोहा और इस्पात जैसे महत्वपूर्ण वस्तुओं के परिवहन के लिए आवश्यक मार्ग प्रदान करेगा।
3. यह तेल आयात और कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन को कम करने में मदद करेगा।
4. यह क्षेत्र में रोजगार और स्वरोजगार के अवसर बढ़ाएगा।
नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए:

  1. केवल 1 और 2
  2. केवल 3 और 4
  3. केवल 1, 2 और 3
  4. 1, 2, 3 और 4

उत्तर: 1, 2, 3 और 4 — सभी कथन सही हैं। ये परियोजनाएँ क्षेत्रीय कनेक्टिविटी में सुधार करेंगी (कथन 1), महत्वपूर्ण वस्तुओं के परिवहन के लिए मार्ग प्रदान करेंगी (कथन 2), पर्यावरणीय लाभ प्रदान करेंगी जैसे तेल आयात और CO2 उत्सर्जन में कमी (कथन 3), और क्षेत्र में रोजगार/स्वरोजगार के अवसर बढ़ाएंगी (कथन 4)।

मुख्य अभ्यास प्रश्न

✍ प्रधानमंत्री गति शक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान के उद्देश्यों की व्याख्या कीजिए। भारतीय रेल के संदर्भ में मल्टी-ट्रैकिंग परियोजनाओं के माध्यम से यह योजना देश के समग्र आर्थिक विकास और पर्यावरणीय स्थिरता में किस प्रकार योगदान करती है? (15 Marks)

रूपरेखा: मॉडल-उत्तर संरचना:
1. **परिचय:** प्रधानमंत्री गति शक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान का संक्षिप्त परिचय और इसका महत्व।
2. **उद्देश्य:** गति शक्ति योजना के मुख्य उद्देश्यों का विस्तार से वर्णन करें, जैसे एकीकृत योजना, बहु-मार्गीय संपर्क, लॉजिस्टिक्स दक्षता में वृद्धि, बुनियादी ढाँचा विकास में तालमेल।
3. **मल्टी-ट्रैकिंग परियोजनाओं का संदर्भ:** हाल ही में स्वीकृत रेलवे मल्टी-ट्रैकिंग परियोजनाओं का उल्लेख करें (540 किमी, 10,021 करोड़ रुपये, 4 राज्य)।
4. **आर्थिक विकास में योगदान:**
* परिचालन दक्षता और सेवा विश्वसनीयता में वृद्धि।
* माल ढुलाई क्षमता में वृद्धि (47 मिलियन टन प्रति वर्ष)।
* भीड़भाड़ में कमी और आवागमन में सुधार।
* क्षेत्रीय कनेक्टिविटी में सुधार (17 जिले, 2,121 गाँव, 52 लाख आबादी)।
* रोजगार/स्वरोजगार के अवसर सृजन।
* प्रमुख औद्योगिक क्षेत्रों और पर्यटन स्थलों को जोड़ना।
5. **पर्यावरणीय स्थिरता में योगदान:**
* रेलवे का पर्यावरण अनुकूल और ऊर्जा कुशल परिवहन माध्यम होना।
* तेल आयात में कमी (~8 करोड़ लीटर)।
* कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन में कमी (~42 करोड़ किलोग्राम, ~2 करोड़ वृक्षारोपण के बराबर)।
* देश की लॉजिस्टिक्स लागत को कम करना।
6. **निष्कर्ष:** इन परियोजनाओं का ‘नए भारत’ के विजन और आत्मनिर्भरता के लक्ष्य में योगदान पर संक्षिप्त टिप्पणी।

स्रोत: PIB (Press Information Bureau)

Andhra Pradesh PCS (APPSC) — राज्य PCS अभ्यास

Prelims: हाल ही में केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा अनुमोदित पांच मल्टीट्रैकिंग परियोजनाओं में आंध्र प्रदेश के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सत्य है?

  1. इन परियोजनाओं के अंतर्गत आंध्र प्रदेश के केवल 2 जिले शामिल हैं।
  2. आंध्र प्रदेश के 4 जिले इन परियोजनाओं से लाभान्वित होंगे।
  3. आंध्र प्रदेश के 5 जिले इन परियोजनाओं में सम्मिलित हैं।
  4. आंध्र प्रदेश का कोई भी जिला इन परियोजनाओं में शामिल नहीं है।

उत्तर: आंध्र प्रदेश के 5 जिले इन परियोजनाओं में सम्मिलित हैं। — केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा अनुमोदित पांच मल्टीट्रैकिंग परियोजनाओं में आंध्र प्रदेश के 5 जिले (अनंतपुर, चित्तूर, कडप्पा, कृष्णा और श्रीकाकुलम) शामिल हैं।

Mains: आंध्र प्रदेश के संदर्भ में, ‘मल्टीट्रैकिंग परियोजनाओं’ के महत्व और उनके राज्य के विकास में योगदान का विश्लेषण कीजिए।


शैक्षिक उद्देश्य हेतु AanyaAi द्वारा जनित।


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