क्या बिना चुने मंत्री 6 माह से अधिक कार्यकाल पूरा कर सकते हैं? सर्वोच्च न्यायालय में संवैधानिक पहेली

क्या बिना चुने मंत्री 6 माह से अधिक कार्यकाल पूरा कर सकते हैं? सर्वोच्च न्यायालय में संवैधानिक पहेली

प्रासंगिकता — UPSC & State PCS: Polity

**अदालत में गैर-निर्वाचित मंत्री के छह महीने से अधिक कार्यकाल का संवैधानिक पहेली**

हाल ही में सर्वोच्च न्यायालय में एक महत्वपूर्ण संवैधानिक प्रश्न उठा है कि क्या कोई गैर-निर्वाचित व्यक्ति मंत्री पद पर छह महीने से अधिक समय तक रह सकता है। यह मुद्दा तब सामने आया जब कुछ राज्यों में विधानसभा सदस्य न होने के बावजूद व्यक्तियों को मंत्री नियुक्त किया गया और उनके कार्यकाल की वैधता पर सवाल उठाए गए। संविधान के अनुच्छेद 75(5) के तहत मंत्री बनने के लिए छह महीने के भीतर विधायक या सांसद बनना अनिवार्य है, लेकिन क्या यह अवधि बढ़ाई जा सकती है, यह एक विवादास्पद विषय बन गया है। न्यायालय को इस मामले में स्पष्टता प्रदान करनी होगी, क्योंकि इससे न केवल केंद्र सरकार बल्कि राज्य सरकारों के प्रशासनिक ढांचे पर भी असर पड़ेगा।

इस मामले की प्रासंगिकता यूपीएससी और राज्य पीसीएस के उम्मीदवारों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह संविधान के मौलिक सिद्धांतों जैसे कि जनप्रतिनिधित्व, जवाबदेही और संवैधानिक सीमाओं की समझ को परखता है। यूपीएससी के पाठ्यक्रम में संविधान के भाग 5 और 6 के अंतर्गत मंत्रिपरिषद की संरचना और शक्तियों का उल्लेख है, जबकि राज्य पीसीएस के लिए राज्य सरकारों के प्रशासनिक तंत्र को समझना आवश्यक है। यह मामला दर्शाता है कि कैसे संवैधानिक प्रावधानों की व्याख्या समय-समय पर न्यायपालिका द्वारा की जाती है, जिससे प्रशासनिक स्थिरता बनाए रखने में मदद मिलती है।

इस विवाद का एक प्रमुख पहलू यह है कि क्या राज्यपाल या राष्ट्रपति जैसी संवैधानिक संस्थाएं इस तरह के नियुक्तियों को वैधता प्रदान कर सकती हैं। संविधान के अनुच्छेद 164(4) के तहत राज्यपाल को यह अधिकार प्राप्त है कि वह किसी व्यक्ति को मंत्री नियुक्त कर सकता है, भले ही वह विधायक न हो, लेकिन छह महीने की अवधि के भीतर उसे विधानसभा का सदस्य बनना आवश्यक है। यदि यह अवधि पूरी नहीं होती, तो क्या ऐसी नियुक्तियां असंवैधानिक मानी जाएंगी? यह प्रश्न न केवल कानू

स्रोत: ndtv.com

अभ्यास प्रश्न

Q1. संविधान के अनुसार, क्या एक निर्वाचित न होने वाले मंत्री को 6 महीने से अधिक समय तक पद पर बने रहने की अनुमति है?

  1. हाँ, क्योंकि संविधान में ऐसी कोई सीमा निर्धारित नहीं है।
  2. नहीं, क्योंकि संविधान के अनुच्छेद 75(1) के अनुसार मंत्री परिषद में केवल निर्वाचित सदस्य ही शामिल हो सकते हैं।
  3. हाँ, लेकिन केवल तब जब राष्ट्रपति विशेष अनुमति दें।
  4. नहीं, क्योंकि यह लोकतंत्र के सिद्धांतों के विरुद्ध है।
उत्तर

नहीं, क्योंकि संविधान के अनुच्छेद 75(1) के अनुसार मंत्री परिषद में केवल निर्वाचित सदस्य ही शामिल हो सकते हैं। — संविधान के अनुच्छेद 75(1) के अनुसार, मंत्री परिषद में केवल संसद के सदस्य ही शामिल हो सकते हैं। एक निर्वाचित न होने वाला व्यक्ति 6 महीने से अधिक समय तक मंत्री नहीं रह सकता, जब तक कि वह संसद का सदस्य न बन जाए।

Q2. सर्वोच्च न्यायालय में चल रहे मामले का मुख्य मुद्दा क्या है?

  1. क्या राष्ट्रपति द्वारा नियुक्त मंत्री संविधान के विरुद्ध है?
  2. क्या एक निर्वाचित न होने वाले व्यक्ति को मंत्री पद पर 6 महीने से अधिक समय तक रहने की अनुमति दी जा सकती है?
  3. क्या राज्यसभा के सदस्य मंत्री बन सकते हैं?
  4. क्या मंत्री परिषद में सदस्यों की संख्या की कोई सीमा है?
उत्तर

क्या एक निर्वाचित न होने वाले व्यक्ति को मंत्री पद पर 6 महीने से अधिक समय तक रहने की अनुमति दी जा सकती है? — सर्वोच्च न्यायालय में चल रहे मामले का मुख्य मुद्दा यह है कि क्या एक निर्वाचित न होने वाले व्यक्ति को मंत्री पद पर 6 महीने से अधिक समय तक रहने की अनुमति दी जा सकती है, जो संविधान के अनुच्छेद 75(1) का उल्लंघन माना जा रहा है।


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