जल जीवन मिशन: ग्रामीण जलापूर्ति में 82.09% कवरेज, जानें पूरा अपडेट

जल जीवन मिशन: ग्रामीण जलापूर्ति में 82.09% कवरेज, जानें पूरा अपडेट

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मानचित्र व माइंड-मैप: Jal Jeevan Mission: Rural Tap Water Coverage

विषय प्रासंगिकता — यह टॉपिक कहाँ आता है

  • GS Paper II — शासन, पारदर्शिता एवं जवाबदेही के महत्वपूर्ण पक्ष, केंद्र एवं राज्यों द्वारा जनसंख्या के अति संवेदनशील वर्गों के लिए कल्याणकारी योजनाएँ एवं इन योजनाओं का कार्य-निष्पादन  |  GS Paper III — आधारभूत संरचना: ऊर्जा, बंदरगाह, सड़कें, विमानपत्तन, रेलवे आदि
  • Prelims: जल जीवन मिशन (JJM), हर घर जल, ग्राम जल एवं स्वच्छता समिति (VWSC), पानी समिति, BIS: 10500 मानक, जल शक्ति मंत्रालय
  • Essay: ग्रामीण भारत में सामाजिक-आर्थिक परिवर्तन में सरकारी योजनाओं की भूमिका, सहकारी संघवाद और जल सुरक्षा: चुनौतियाँ एवं समाधान

त्वरित पुनरावृत्ति: जल जीवन मिशन (JJM) का लक्ष्य प्रत्येक ग्रामीण परिवार को नल जल कनेक्शन प्रदान करना है, जिसमें हाल ही में महत्वपूर्ण प्रगति हुई है और मिशन 2.0 के तहत इसका विस्तार एवं वित्तीय परिव्यय बढ़ाया गया है।

यह खबर चर्चा में क्यों?

हाल ही में जल शक्ति मंत्रालय ने राज्यसभा में जल जीवन मिशन (JJM) के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में नल जल कवरेज में हुई उल्लेखनीय वृद्धि की जानकारी दी है। मिशन के शुभारंभ के बाद से 12.66 करोड़ अतिरिक्त ग्रामीण परिवारों को नल जल कनेक्शन उपलब्ध कराए गए हैं, जिससे कुल कवरेज 82.09 प्रतिशत तक पहुँच गया है। इसके अतिरिक्त, केंद्रीय मंत्रिमंडल ने जल जीवन मिशन 2.0 के तहत मिशन की अवधि दिसंबर 2028 तक बढ़ा दी है और इसके वित्तीय परिव्यय में भी वृद्धि की है, जो ग्रामीण जलापूर्ति योजनाओं के विस्तार और हस्तांतरण पर केंद्रित है।

पृष्ठभूमि

  • भारत सरकार ने अगस्त 2019 में राज्यों के साथ साझेदारी में जल जीवन मिशन (JJM) – हर घर जल का कार्यान्वयन शुरू किया था।
  • मिशन का प्राथमिक उद्देश्य देश के प्रत्येक ग्रामीण परिवार को नल कनेक्शन के माध्यम से नियमित, दीर्घकालिक और पर्याप्त मात्रा (प्रति व्यक्ति प्रतिदिन 55 लीटर) में सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराना है।
  • मिशन के शुभारंभ के समय, केवल 3.23 करोड़ (16.71 प्रतिशत) ग्रामीण परिवारों के पास नल जल कनेक्शन थे।
  • 18 जुलाई 2026 तक, देश के 19.36 करोड़ ग्रामीण परिवारों में से लगभग 15.89 करोड़ (82.09 प्रतिशत) परिवारों के घरों में नल जलापूर्ति उपलब्ध है।
  • ‘पेयजल’ राज्य का विषय है, और केंद्र सरकार राज्यों को तकनीकी एवं वित्तीय सहायता प्रदान करती है।
  • मार्च 2026 में, केंद्रीय मंत्रिमंडल ने जल जीवन मिशन 2.0 को दिसंबर 2028 तक बढ़ाने की मंजूरी दी, जिसमें कुल वित्तीय परिव्यय को 3.60 लाख करोड़ रुपये से बढ़ाकर 8.69 लाख करोड़ रुपये कर दिया गया।

जल जीवन मिशन (JJM) क्या है?

  • जल जीवन मिशन (JJM) भारत सरकार का एक प्रमुख कार्यक्रम है जिसका लक्ष्य दिसंबर 2028 तक देश के प्रत्येक ग्रामीण परिवार को कार्यात्मक घरेलू नल कनेक्शन (FHTC) प्रदान करना है।
  • यह मिशन जल शक्ति मंत्रालय के तहत कार्यान्वित किया जा रहा है और इसका उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में जीवन की गुणवत्ता में सुधार करना है।
  • निर्धारित गुणवत्ता (BIS: 10500) के अनुसार, प्रति व्यक्ति प्रतिदिन 55 लीटर की दर से पर्याप्त मात्रा में पेयजल उपलब्ध कराना मिशन का एक महत्वपूर्ण घटक है।
  • ‘जल अर्पण’ एक समुदाय-नेतृत्व वाला जन कार्यक्रम है जिसका उद्देश्य जलापूर्ति योजनाओं के सफल संचालन का उत्सव मनाना और ग्रामीण जल अवसंरचना की दीर्घकालिक स्थिरता को बढ़ावा देना है।
  • ‘समुदाय-प्रबंधित पाइप आधारित जलापूर्ति प्रणालियों पर मार्गदर्शिका’ का शुभारंभ ‘जल अर्पण’ पहल के अंतर्गत किया गया है, जो जलापूर्ति योजनाओं के सुचारु हस्तांतरण और सतत संचालन को सुनिश्चित करने के लिए ग्राम पंचायतों (GP), ग्राम जल एवं स्वच्छता समितियों (VWSC) तथा पानी समिति के सदस्यों की भागीदारी पर जोर देती है।
  • मिशन में जनभागीदारी को प्रोत्साहित किया जाता है, जिसमें महिला स्वयं सहायता समूहों (SHG) को उपयोगकर्ता शुल्क के संग्रहण और संचालन एवं अनुरक्षण (O&M) कार्यों में शामिल करने का प्रावधान है।

मुख्य विशेषताएँ

विशेषता महत्व
हर घर जल का लक्ष्य प्रत्येक ग्रामीण परिवार को नल कनेक्शन के माध्यम से नियमित, पर्याप्त (55 लीटर प्रति व्यक्ति प्रतिदिन) और सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराना।
सामुदायिक भागीदारी ‘जल अर्पण’ जैसे कार्यक्रमों और ‘समुदाय-प्रबंधित पाइप आधारित जलापूर्ति प्रणालियों पर मार्गदर्शिका’ के माध्यम से स्थानीय समुदायों, ग्राम सभाओं और जनप्रतिनिधियों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करना।
कवरेज में वृद्धि अगस्त 2019 में 16.71 प्रतिशत से बढ़कर जुलाई 2026 तक 82.09 प्रतिशत ग्रामीण परिवारों तक नल जल कनेक्शन की पहुंच।
राज्यों की भूमिका पेयजल राज्य का विषय है; योजना, अनुमोदन, कार्यान्वयन, संचालन और अनुरक्षण (O&M) की जिम्मेदारी संबंधित राज्य/केंद्र शासित प्रदेश सरकारों की है।
जल जीवन मिशन 2.0 दिसंबर 2028 तक मिशन की अवधि का विस्तार, कुल वित्तीय परिव्यय 3.60 लाख करोड़ रुपये से बढ़ाकर 8.69 लाख करोड़ रुपये।
समग्र कार्यान्वयन एवं सुधार योजना (CIRP) प्रत्येक राज्य/केंद्र शासित प्रदेश द्वारा प्रभावी योजना निर्माण और क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के लिए CIRP तैयार करना।

महत्व

सामाजिक महत्व

  • ग्रामीण क्षेत्रों में जीवन की गुणवत्ता में सुधार, विशेषकर महिलाओं और लड़कियों के लिए पानी लाने में लगने वाले समय और श्रम को कम करके।
  • स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता से जल-जनित बीमारियों में कमी और सार्वजनिक स्वास्थ्य में सुधार।
  • सामुदायिक भागीदारी को बढ़ावा देना, जिससे स्थानीय स्तर पर स्वामित्व और योजनाओं की स्थिरता सुनिश्चित हो।

आर्थिक महत्व

  • जल जीवन मिशन 2.0 के तहत बढ़े हुए परिव्यय से ग्रामीण अवसंरचना विकास में निवेश और रोजगार सृजन को बढ़ावा मिलेगा।
  • उपयोगकर्ता शुल्क के माध्यम से योजनाओं के संचालन और अनुरक्षण के लिए वित्तीय स्थिरता सुनिश्चित करना, जिससे सरकारी खजाने पर दीर्घकालिक बोझ कम होगा।
  • स्वच्छ जल की उपलब्धता से कृषि उत्पादकता और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को अप्रत्यक्ष लाभ।

शासनिक महत्व

  • केंद्र और राज्यों के बीच सहयोगात्मक संघवाद (Cooperative Federalism) का उदाहरण, जहां केंद्र तकनीकी और वित्तीय सहायता प्रदान करता है, जबकि राज्य कार्यान्वयन की जिम्मेदारी लेते हैं।
  • ग्राम पंचायतों और ग्राम जल एवं स्वच्छता समितियों (VWSC) को सशक्त बनाना, जिससे विकेन्द्रीकृत शासन और स्थानीय स्वशासन मजबूत होता है।
  • जलापूर्ति योजनाओं के सुचारु हस्तांतरण और सतत संचालन के लिए एक स्पष्ट नीतिगत ढांचा प्रदान करना।

चुनौतियाँ

1. योजनाओं का सतत संचालन एवं अनुरक्षण (O&M)

  • ग्राम पंचायतों/VWSC को हस्तांतरित योजनाओं के दीर्घकालिक संचालन और अनुरक्षण के लिए पर्याप्त वित्तीय और तकनीकी क्षमता का अभाव।
  • उपयोगकर्ता शुल्क के निर्धारण और संग्रहण में चुनौतियाँ, विशेषकर ग्रामीण क्षेत्रों में भुगतान क्षमता और इच्छा के कारण।

2. जल गुणवत्ता निगरानी

  • ग्रामीण स्तर पर पेयजल की गुणवत्ता की नियमित और विश्वसनीय निगरानी सुनिश्चित करना एक चुनौती है।
  • गुणवत्ता मानकों (BIS: 10500) का पालन सुनिश्चित करने के लिए पर्याप्त परीक्षण सुविधाओं और प्रशिक्षित कर्मियों की आवश्यकता।

3. अंतर-राज्यीय असमानताएँ

  • नल जल कवरेज में राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के बीच महत्वपूर्ण अंतर, कुछ राज्यों में अभी भी कम कवरेज दर।
  • भौगोलिक, सामाजिक-आर्थिक और संस्थागत कारकों के कारण कार्यान्वयन में भिन्नता।

4. वित्तीय स्थिरता

  • मिशन के लिए भारी वित्तीय परिव्यय और राज्यों द्वारा अपने हिस्से के वित्तपोषण की क्षमता।
  • उपयोगकर्ता शुल्क के अलावा अन्य स्थायी राजस्व स्रोतों की पहचान और उनका उपयोग।

चुनौतियाँ — यूपीएससी दृष्टिकोण

मुद्दा चिंता
स्थानीय क्षमता निर्माण ग्राम पंचायतों और VWSC के सदस्यों को योजनाओं के प्रबंधन, अनुरक्षण और वित्तीय पहलुओं के लिए प्रशिक्षित करने की आवश्यकता।
उपयोगकर्ता शुल्क संग्रहण ग्रामीण समुदायों से नियमित और पर्याप्त उपयोगकर्ता शुल्क एकत्र करने में सामाजिक और आर्थिक बाधाएँ।
जल स्रोत की स्थिरता भूजल स्तर में गिरावट और जलवायु परिवर्तन के कारण जल स्रोतों की दीर्घकालिक स्थिरता सुनिश्चित करना।
तकनीकी विशेषज्ञता का अभाव जलापूर्ति प्रणालियों की मरम्मत और रखरखाव के लिए ग्रामीण स्तर पर कुशल तकनीशियनों की कमी।
जागरूकता और व्यवहार परिवर्तन जल संरक्षण, स्वच्छता और उपयोगकर्ता शुल्क के महत्व के बारे में ग्रामीण समुदायों में जागरूकता बढ़ाना।

सरकारी पहल — प्रीलिम्स हेतु अवश्य याद रखें

  • जल जीवन मिशन (Jal Jeevan Mission)

आगे की राह

  • ग्राम पंचायतों और ग्राम जल एवं स्वच्छता समितियों (VWSC) की क्षमता निर्माण पर विशेष ध्यान देना, जिसमें तकनीकी, वित्तीय और प्रबंधकीय प्रशिक्षण शामिल हो।
  • उपयोगकर्ता शुल्क के निर्धारण और संग्रहण के लिए एक न्यायसंगत और पारदर्शी तंत्र विकसित करना, जिसमें समुदाय की भुगतान क्षमता को ध्यान में रखा जाए।
  • जल गुणवत्ता निगरानी के लिए ग्रामीण स्तर पर परीक्षण किट और मोबाइल प्रयोगशालाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करना तथा प्रशिक्षित जल गुणवत्ता निगरानीकर्ताओं की तैनाती करना।
  • महिला स्वयं सहायता समूहों (SHG) को उपयोगकर्ता शुल्क संग्रहण और जल प्रबंधन गतिविधियों में सक्रिय रूप से शामिल करके उनकी भूमिका को और मजबूत करना।
  • जल संरक्षण और वर्षा जल संचयन जैसी गतिविधियों को बढ़ावा देकर जल स्रोतों की स्थिरता सुनिश्चित करना।
  • राज्यों के बीच सर्वोत्तम प्रथाओं (Best Practices) का आदान-प्रदान और सफल मॉडलों को दोहराना ताकि अंतर-राज्यीय असमानताओं को कम किया जा सके।
  • जल जीवन मिशन 2.0 के तहत समग्र कार्यान्वयन एवं सुधार योजना (CIRP) को प्रभावी ढंग से लागू करना और नियमित निगरानी सुनिश्चित करना।

यूपीएससी मूल्य-संवर्धन

मुख्य परीक्षा उत्तर-लेखन हेतु कीवर्ड

जल जीवन मिशन · हर घर जल · सामुदायिक भागीदारी · ग्राम जल एवं स्वच्छता समिति · सतत जलापूर्ति · संरचनात्मक सुधार · राज्यों का विषय · वित्तीय सहायता · उपयोगकर्ता शुल्क · समग्र कार्यान्वयन एवं सुधार योजना

संवैधानिक व नीतिगत संबंध

  • {‘article’: ‘अनुच्छेद 243G’, ‘note’: ‘पंचायतों की शक्तियाँ, प्राधिकार और उत्तरदायित्व’}
  • {‘article’: ‘अनुच्छेद 243W’, ‘note’: ‘नगरपालिकाओं की शक्तियाँ, प्राधिकार और उत्तरदायित्व’}
  • {‘article’: ‘राज्य सूची (सातवीं अनुसूची)’, ‘note’: ‘पेयजल और स्वच्छता राज्य का विषय’}

अवधारणा प्रवाह

केंद्र सरकार द्वारा जल जीवन मिशन का शुभारंभ (अगस्त 2019)  →  ग्रामीण परिवारों को नल जल कनेक्शन प्रदान करना  →  नल जल कवरेज में उल्लेखनीय वृद्धि (16.71% से 82.09%)  →  सामुदायिक भागीदारी और योजनाओं का ग्राम पंचायतों को हस्तांतरण  →  सतत संचालन, अनुरक्षण और वित्तीय स्थिरता की चुनौतियाँ  →  जल जीवन मिशन 2.0 के तहत अवधि विस्तार और परिव्यय वृद्धि  →  प्रत्येक राज्य द्वारा समग्र कार्यान्वयन एवं सुधार योजना (CIRP) का निर्माण

प्रारंभिक अभ्यास प्रश्न

Q1. जल जीवन मिशन (JJM) के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. यह मिशन अगस्त 2019 में शुरू किया गया था जिसका उद्देश्य प्रत्येक ग्रामीण परिवार को नल कनेक्शन के माध्यम से सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराना है।
2. ‘जल अर्पण’ पहल के तहत ‘समुदाय-प्रबंधित पाइप आधारित जलापूर्ति प्रणालियों पर मार्गदर्शिका’ का शुभारंभ किया गया है।
3. ‘पेयजल’ भारत के संविधान की सातवीं अनुसूची के तहत संघ सूची का विषय है।
उपर्युक्त कथनों में से कितने सही हैं?

  1. केवल एक
  2. केवल दो
  3. सभी तीन
  4. कोई नहीं

उत्तर: केवल दो — कथन 1 और 2 सही हैं। जल जीवन मिशन अगस्त 2019 में शुरू किया गया था और इसका उद्देश्य ग्रामीण परिवारों को नल जल कनेक्शन प्रदान करना है। ‘जल अर्पण’ पहल के तहत समुदाय-प्रबंधित पाइप आधारित जलापूर्ति प्रणालियों पर मार्गदर्शिका जारी की गई है। कथन 3 गलत है क्योंकि ‘पेयजल’ राज्य सूची का विषय है, न कि संघ सूची का।

Q2. जल जीवन मिशन (JJM) के उद्देश्यों में निम्नलिखित में से कौन-सा/से शामिल है/हैं?
1. प्रति व्यक्ति प्रतिदिन 55 लीटर निर्धारित गुणवत्ता का पर्याप्त मात्रा में सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराना।
2. जलापूर्ति योजनाओं के सुचारु हस्तांतरण तथा उनके सतत संचालन को सुनिश्चित करने के लिए ग्राम पंचायतों की भागीदारी।
3. ग्रामीण क्षेत्रों में जल अवसंरचना की दीर्घकालिक स्थिरता को बढ़ावा देना।
नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए:

  1. केवल 1 और 2
  2. केवल 2 और 3
  3. केवल 1 और 3
  4. 1, 2 और 3

उत्तर: 1, 2 और 3 — सभी तीनों कथन सही हैं। जल जीवन मिशन का उद्देश्य प्रति व्यक्ति प्रतिदिन 55 लीटर पेयजल उपलब्ध कराना है। यह मिशन ग्राम पंचायतों की भागीदारी से योजनाओं के हस्तांतरण और संचालन को सुनिश्चित करता है तथा ग्रामीण जल अवसंरचना की दीर्घकालिक स्थिरता को बढ़ावा देता है।

मुख्य अभ्यास प्रश्न

✍ जल जीवन मिशन (JJM) भारत में ग्रामीण जलापूर्ति में परिवर्तन लाने में कितना सफल रहा है? इस मिशन के तहत ‘समुदाय-प्रबंधित पाइप आधारित जलापूर्ति प्रणालियों पर मार्गदर्शिका’ और ‘जल अर्पण’ जैसी पहलों के महत्व का विश्लेषण कीजिए।

रूपरेखा: प्रश्न के पहले भाग में जल जीवन मिशन की सफलता का मूल्यांकन करना है, जिसमें नल जल कवरेज में वृद्धि और इसके उद्देश्यों को प्राप्त करने में हुई प्रगति का उल्लेख किया जा सकता है। दूसरे भाग में ‘समुदाय-प्रबंधित पाइप आधारित जलापूर्ति प्रणालियों पर मार्गदर्शिका’ और ‘जल अर्पण’ जैसी पहलों के महत्व का विश्लेषण करना है। इसमें सामुदायिक भागीदारी, योजनाओं के हस्तांतरण, सतत संचालन और दीर्घकालिक स्थिरता में इन पहलों की भूमिका पर प्रकाश डालना होगा। उत्तर में ‘पेयजल’ के राज्य सूची का विषय होने के बावजूद केंद्र सरकार की भूमिका और वित्तीय सहायता का भी उल्लेख किया जा सकता है।

स्रोत: PIB (Press Information Bureau)


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