18 Sep तमिलनाडु: मुख्यमंत्री विजय ने कामराज ब्रेकफास्ट योजना के विस्तार की तैयारियों की समीक्षा की
✎ पेरुन्थलाइवर कामराजर नाश्ता योजना तमिलनाडु सरकार की एक पहल है जिसका उद्देश्य सरकारी और सरकारी सहायता प्राप्त स्कूलों में छात्रों को पौष्टिक नाश्ता प्रदान करके उनके पोषण और शैक्षिक परिणामों में सुधार करना है।
विषय प्रासंगिकता — यह टॉपिक कहाँ आता है
- GS Paper II — सामाजिक न्याय: गरीबी और भूख से संबंधित विषय, मानव संसाधनों का विकास (स्वास्थ्य और शिक्षा) | GS Paper II — शासन: सरकार की नीतियां और विभिन्न क्षेत्रों में विकास के लिए हस्तक्षेप
- Prelims: पेरुन्थलाइवर कामराजर नाश्ता योजना, तमिलनाडु सरकार, कक्षा VI से VIII, सरकारी और सरकारी सहायता प्राप्त स्कूल, केंद्रीयकृत रसोई, स्वयं सहायता समूह
- Essay: शिक्षा और पोषण के माध्यम से मानव पूंजी का विकास, भारत में सामाजिक सुरक्षा जाल और कल्याणकारी योजनाएँ
त्वरित पुनरावृत्ति: पेरुन्थलाइवर कामराजर नाश्ता योजना तमिलनाडु सरकार की एक पहल है जिसका उद्देश्य सरकारी और सरकारी सहायता प्राप्त स्कूलों में छात्रों को पौष्टिक नाश्ता प्रदान करके उनके पोषण और शैक्षिक परिणामों में सुधार करना है।
यह खबर चर्चा में क्यों?
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री ने पेरुन्थलाइवर कामराजर नाश्ता योजना (Perunthalaivar Kamarajar Breakfast Scheme) के विस्तार की तैयारियों की समीक्षा की है। यह योजना 22 सितंबर को कक्षा VI से VIII तक के सरकारी और सरकारी सहायता प्राप्त स्कूलों के छात्रों के लिए विस्तारित की जाएगी। इस विस्तार से लगभग 15.3 लाख अतिरिक्त छात्र लाभान्वित होंगे और इसके लिए चालू वित्तीय वर्ष में ₹217.63 करोड़ का अतिरिक्त आवंटन किया गया है।
पृष्ठभूमि
- भारत में बच्चों के पोषण और शिक्षा के स्तर में सुधार के लिए विभिन्न योजनाएँ चलाई जा रही हैं।
- स्कूलों में भोजन उपलब्ध कराने का उद्देश्य बच्चों के नामांकन, उपस्थिति और सीखने के परिणामों में सुधार करना है।
- पोषण की कमी बच्चों के शारीरिक और संज्ञानात्मक विकास को बाधित कर सकती है, जिससे उनकी शैक्षिक क्षमता प्रभावित होती है।
- तमिलनाडु सरकार शिक्षा और कल्याणकारी योजनाओं को लागू करने में अग्रणी रही है।
- इस योजना का नाम तमिलनाडु के पूर्व मुख्यमंत्री पेरुन्थलाइवर कामराजर के नाम पर रखा गया है, जो शिक्षा के क्षेत्र में अपने योगदान के लिए जाने जाते हैं।
पेरुन्थलाइवर कामराजर नाश्ता योजना क्या है?
- यह तमिलनाडु सरकार द्वारा शुरू की गई एक कल्याणकारी योजना है, जिसका उद्देश्य सरकारी और सरकारी सहायता प्राप्त स्कूलों में पढ़ने वाले छात्रों को पौष्टिक नाश्ता प्रदान करना है।
- वर्तमान विस्तार के तहत, यह योजना कक्षा VI से VIII तक के छात्रों को कवर करेगी, जिससे कुल 15,454 स्कूलों में लगभग 15.3 लाख अतिरिक्त छात्र लाभान्वित होंगे।
- योजना के तहत, नाश्ता तैयार करने और परोसने के लिए विभिन्न व्यवस्थाएँ की गई हैं, जिनमें ग्रेटर चेन्नई कॉर्पोरेशन में केंद्रीयकृत रसोई शामिल हैं।
- अन्य नगर निगमों, नगर पालिकाओं और आस-पास के नगर पंचायत क्षेत्रों में भी निदेशालय नगर प्रशासन (Directorate of Municipal Administration) के माध्यम से केंद्रीयकृत रसोई द्वारा नाश्ता तैयार किया जाएगा।
- ग्रामीण क्षेत्रों और आस-पास के नगर पंचायत क्षेत्रों में, तमिलनाडु महिला विकास निगम (Tamil Nadu Corporation for Development of Women) के माध्यम से स्वयं सहायता समूह (Self-Help Groups) संबंधित स्कूलों में नाश्ता तैयार और परोसेंगे।
- मुख्यमंत्री ने रसोईघरों की स्वच्छता और निरंतर निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं, साथ ही यह भी सुनिश्चित करने को कहा है कि सभी छात्रों को गर्म, स्वादिष्ट और पौष्टिक भोजन मिले।
मुख्य विशेषताएँ
| विशेषता | महत्व |
|---|---|
| विस्तारित कवरेज | यह योजना अब कक्षा 6 से 8 तक के छात्रों को भी कवर करेगी, जिससे लगभग 15.3 लाख अतिरिक्त छात्रों को लाभ मिलेगा। |
| बजटीय आवंटन | चालू वित्त वर्ष में इस विस्तार के लिए ₹217.63 करोड़ का अतिरिक्त आवंटन किया गया है। |
| केंद्रीयकृत रसोई | ग्रेटर चेन्नई कॉर्पोरेशन और अन्य शहरी क्षेत्रों में 2,597 स्कूलों में भोजन केंद्रीयकृत रसोई के माध्यम से तैयार और परोसा जाएगा। |
| स्वयं सहायता समूहों की भागीदारी | ग्रामीण क्षेत्रों के 12,857 स्कूलों में स्वयं सहायता समूह (Self-Help Groups – SHG) भोजन तैयार करेंगे और परोसेंगे, जिससे स्थानीय महिलाओं को सशक्तिकरण मिलेगा। |
| गुणवत्ता और स्वच्छता पर जोर | मुख्यमंत्री ने रसोई की स्वच्छता, भोजन की गुणवत्ता और पौष्टिकता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। |
महत्व
सामाजिक महत्व
- यह योजना छात्रों के पोषण स्तर में सुधार करके उनके स्वास्थ्य को बढ़ावा देगी, विशेषकर वंचित पृष्ठभूमि के बच्चों के लिए।
- पौष्टिक नाश्ता छात्रों की एकाग्रता और सीखने की क्षमता को बढ़ाएगा, जिससे शैक्षणिक प्रदर्शन में सुधार होगा।
- यह योजना स्कूल में बच्चों की उपस्थिति दर को बढ़ाने में मदद कर सकती है, खासकर उन परिवारों के लिए जो भोजन की कमी का सामना करते हैं।
आर्थिक महत्व
- स्वयं सहायता समूहों को शामिल करने से ग्रामीण महिलाओं के लिए आजीविका के अवसर पैदा होंगे और उनकी आर्थिक स्वतंत्रता बढ़ेगी।
- यह योजना परिवारों पर भोजन के खर्च का बोझ कम करेगी, जिससे वे अपनी आय का उपयोग अन्य आवश्यक वस्तुओं पर कर सकेंगे।
शासन और नीतिगत महत्व
- यह राज्य सरकार की सामाजिक कल्याण के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है और समावेशी विकास के लक्ष्य को प्राप्त करने में मदद करता है।
- योजना का विस्तार शिक्षा के अधिकार (Right to Education) के व्यापक उद्देश्य को मजबूत करता है, जिसमें न केवल शिक्षा तक पहुंच बल्कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और सहायक वातावरण भी शामिल है।
चुनौतियाँ
1. गुणवत्ता और स्वच्छता बनाए रखना
- बड़ी संख्या में स्कूलों और छात्रों तक योजना के विस्तार के साथ, भोजन की गुणवत्ता, पौष्टिकता और स्वच्छता के उच्च मानकों को लगातार बनाए रखना एक चुनौती हो सकती है।
- खाद्य सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करने के लिए नियमित निरीक्षण और प्रभावी निगरानी प्रणाली की आवश्यकता होगी।
यूपीएससी लिंक: सामाजिक क्षेत्र/स्वास्थ्य/शिक्षा
2. वित्तीय प्रबंधन और संसाधनों का कुशल उपयोग
- योजना के बड़े पैमाने पर विस्तार के लिए आवंटित ₹217.63 करोड़ का कुशल उपयोग सुनिश्चित करना महत्वपूर्ण है।
- बजटीय बाधाओं के भीतर गुणवत्ता से समझौता किए बिना योजना को बनाए रखना और भविष्य में इसका विस्तार करना एक चुनौती हो सकती है।
यूपीएससी लिंक: शासन/बजट/सामाजिक क्षेत्र
3. लॉजिस्टिक्स और आपूर्ति श्रृंखला
- केंद्रीयकृत रसोई और स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से भोजन तैयार करने और वितरित करने के लिए एक मजबूत लॉजिस्टिक्स और आपूर्ति श्रृंखला प्रबंधन प्रणाली की आवश्यकता होगी।
- विशेषकर ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों में, समय पर और कुशल वितरण सुनिश्चित करना एक चुनौती हो सकती है।
यूपीएससी लिंक: बुनियादी ढांचा/शासन
4. निगरानी और मूल्यांकन
- योजना के प्रभावी कार्यान्वयन और वांछित परिणामों को प्राप्त करने के लिए एक मजबूत निगरानी और मूल्यांकन तंत्र की आवश्यकता है।
- छात्रों के पोषण स्तर और शैक्षणिक प्रदर्शन पर योजना के प्रभाव का नियमित मूल्यांकन महत्वपूर्ण होगा।
यूपीएससी लिंक: शासन/सामाजिक क्षेत्र
चुनौतियाँ — यूपीएससी दृष्टिकोण
| मुद्दा | चिंता |
|---|---|
| गुणवत्ता नियंत्रण | बड़ी संख्या में स्कूलों में भोजन की गुणवत्ता और पौष्टिकता को एक समान बनाए रखना। |
| स्वच्छता मानक | रसोई और भोजन वितरण स्थलों पर उच्च स्वच्छता मानकों का निरंतर पालन सुनिश्चित करना। |
| वित्तीय स्थिरता | योजना के दीर्घकालिक वित्तपोषण और बजटीय दबावों के बीच गुणवत्ता बनाए रखना। |
| लॉजिस्टिक्स | ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में समय पर और कुशल भोजन वितरण सुनिश्चित करना। |
| जवाबदेही | योजना के कार्यान्वयन में शामिल विभिन्न हितधारकों के बीच जवाबदेही तय करना। |
सरकारी पहल — प्रीलिम्स हेतु अवश्य याद रखें
- पेरुन्थलाइवर कामराजर नाश्ता योजना (Perunthalaivar Kamarajar Breakfast Scheme)
आगे की राह
- एक मजबूत निगरानी तंत्र स्थापित करना जिसमें नियमित निरीक्षण और प्रतिक्रिया प्रणाली शामिल हो ताकि भोजन की गुणवत्ता और स्वच्छता सुनिश्चित की जा सके।
- स्वयं सहायता समूहों को भोजन तैयार करने और परोसने के लिए उचित प्रशिक्षण और संसाधनों तक पहुंच प्रदान करना।
- योजना के कार्यान्वयन में स्थानीय समुदायों और अभिभावकों की भागीदारी को प्रोत्साहित करना ताकि पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाई जा सके।
- योजना के प्रभाव का मूल्यांकन करने के लिए एक डेटा-संचालित दृष्टिकोण अपनाना, जिसमें छात्रों के पोषण और शैक्षणिक परिणामों पर नियमित सर्वेक्षण शामिल हों।
- भोजन की तैयारी और वितरण के लिए आधुनिक तकनीकों और कुशल लॉजिस्टिक्स समाधानों का उपयोग करना।
- योजना के दीर्घकालिक वित्तपोषण के लिए स्थायी मॉडल विकसित करना, जिसमें सार्वजनिक-निजी भागीदारी की संभावनाओं का पता लगाना शामिल हो।
यूपीएससी मूल्य-संवर्धन
मुख्य परीक्षा उत्तर-लेखन हेतु कीवर्ड
पेरुन्थलाइवर कामराजर नाश्ता योजना · सरकारी विद्यालय · सरकारी सहायता प्राप्त विद्यालय · खाद्य सुरक्षा · पोषण · शिक्षा का अधिकार · कल्याणकारी योजनाएँ · राज्यों की भूमिका · केन्द्रीकृत रसोई · स्वयं सहायता समूह · सामाजिक न्याय · मानव विकास
संवैधानिक व नीतिगत संबंध
- {‘अनुच्छेद 21A’: ‘शिक्षा का अधिकार सुनिश्चित करना’}
- {‘अनुच्छेद 39(f)’: ‘बच्चों के स्वस्थ विकास के अवसर प्रदान करना’}
- {‘अनुच्छेद 47’: ‘पोषण स्तर और जीवन स्तर में सुधार’}
अवधारणा प्रवाह
पोषण की कमी और स्कूल में कम उपस्थिति → नाश्ता योजना का कार्यान्वयन → छात्रों के पोषण स्तर में सुधार → शैक्षणिक प्रदर्शन और उपस्थिति में वृद्धि → मानव पूंजी विकास और सामाजिक सशक्तिकरण
प्रारंभिक अभ्यास प्रश्न
Q1. पेरुन्थलाइवर कामराजर नाश्ता योजना के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. यह योजना केवल सरकारी विद्यालयों में कक्षा I से V तक के छात्रों के लिए है।
2. योजना के तहत नाश्ता तैयार करने और परोसने में स्वयं सहायता समूहों की महत्वपूर्ण भूमिका है।
3. इस योजना का मुख्य उद्देश्य छात्रों को पौष्टिक भोजन प्रदान कर उनकी उपस्थिति और सीखने के परिणामों में सुधार करना है।
उपरोक्त में से कितने कथन सही हैं?
- केवल एक
- केवल दो
- सभी तीन
- कोई नहीं
उत्तर: केवल दो — कथन 1 गलत है क्योंकि योजना का विस्तार अब कक्षा VI से VIII तक के छात्रों के लिए भी किया जा रहा है और इसमें सरकारी सहायता प्राप्त विद्यालय भी शामिल हैं। कथन 2 सही है क्योंकि ग्रामीण क्षेत्रों और आस-पास के नगर पंचायत क्षेत्रों में स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से नाश्ता तैयार और परोसा जाएगा। कथन 3 सही है क्योंकि ऐसी योजनाओं का प्राथमिक उद्देश्य छात्रों के पोषण, उपस्थिति और शैक्षणिक प्रदर्शन में सुधार करना होता है।
Q2. निम्नलिखित में से कौन-सा कथन ‘पेरुन्थलाइवर कामराजर नाश्ता योजना’ के विस्तार के संबंध में सही नहीं है?
- इस योजना का विस्तार सरकारी और सरकारी सहायता प्राप्त विद्यालयों में कक्षा VI से VIII तक के छात्रों के लिए किया जा रहा है।
- विस्तार के बाद लगभग 15.3 लाख अतिरिक्त छात्र इस योजना से लाभान्वित होंगे।
- शहरी क्षेत्रों में नाश्ता तैयार करने के लिए केवल विकेन्द्रीकृत रसोई का उपयोग किया जाएगा।
- चालू वित्तीय वर्ष में इस विस्तार के लिए ₹217.63 करोड़ का अतिरिक्त आवंटन किया गया है।
उत्तर: शहरी क्षेत्रों में नाश्ता तैयार करने के लिए केवल विकेन्द्रीकृत रसोई का उपयोग किया जाएगा। — विकल्प C गलत है क्योंकि ग्रेटर चेन्नई कॉर्पोरेशन और अन्य नगर निगमों, नगर पालिकाओं तथा आस-पास के नगर पंचायत क्षेत्रों में नाश्ता केन्द्रीकृत रसोई (centralised kitchens) के माध्यम से तैयार और परोसा जाएगा। अन्य सभी विकल्प समाचार के अनुसार सही हैं।
मुख्य अभ्यास प्रश्न
✍ पेरुन्थलाइवर कामराजर नाश्ता योजना जैसी कल्याणकारी योजनाएँ शिक्षा के अधिकार (Right to Education) और मानव विकास लक्ष्यों को प्राप्त करने में किस प्रकार सहायक हैं? विस्तारपूर्वक चर्चा कीजिए। (15 Marks)
रूपरेखा: मॉडल-उत्तर संरचना:
1. **परिचय:** पेरुन्थलाइवर कामराजर नाश्ता योजना का संक्षिप्त परिचय और इसका उद्देश्य (छात्रों को पौष्टिक भोजन प्रदान करना)।
2. **शिक्षा के अधिकार में योगदान:**
* **नामांकन और उपस्थिति में वृद्धि:** पौष्टिक भोजन बच्चों को विद्यालय आने के लिए प्रोत्साहित करता है, जिससे नामांकन और नियमित उपस्थिति बढ़ती है।
* **सीखने के परिणामों में सुधार:** कुपोषण से बच्चों की संज्ञानात्मक क्षमता प्रभावित होती है। नाश्ता योजना पोषण प्रदान कर सीखने की क्षमता को बढ़ाती है।
* **ड्रॉपआउट दर में कमी:** गरीब परिवारों के लिए भोजन एक अतिरिक्त प्रोत्साहन होता है, जिससे वे अपने बच्चों को विद्यालय से निकालने के बजाय उन्हें जारी रखने देते हैं।
* **समानता और समावेशन:** हाशिए पर पड़े और आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के बच्चों को लाभ मिलता है, जिससे शिक्षा में समानता आती है।
3. **मानव विकास लक्ष्यों में योगदान:**
* **शून्य भूख (SDG 2):** बच्चों को भोजन सुरक्षा प्रदान कर भूख को कम करने में सहायक।
* **अच्छा स्वास्थ्य और कल्याण (SDG 3):** पोषण में सुधार से बच्चों का शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य बेहतर होता है।
* **गुणवत्तापूर्ण शिक्षा (SDG 4):** बेहतर पोषण और उपस्थिति से शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार होता है।
* **लैंगिक समानता (SDG 5):** लड़कियों को विद्यालय में बनाए रखने में मदद कर लैंगिक समानता को बढ़ावा देती है।
* **गरीबी उन्मूलन (SDG 1):** शिक्षा के माध्यम से दीर्घकालिक गरीबी उन्मूलन में सहायक।
4. **चुनौतियाँ और समाधान:** योजना के कार्यान्वयन में स्वच्छता, गुणवत्ता नियंत्रण, वितरण तंत्र और वित्तीय स्थिरता जैसी चुनौतियों पर चर्चा। स्वयं सहायता समूहों की भूमिका और केन्द्रीकृत रसोई के लाभ।
5. **निष्कर्ष:** ऐसी योजनाओं का महत्व, जो केवल भोजन प्रदान नहीं करतीं बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक न्याय के व्यापक लक्ष्यों को भी पूरा करती हैं, जिससे एक मजबूत मानव पूंजी का निर्माण होता है।
स्रोत: The Hindu
Tamil Nadu PCS (TNPSC) — राज्य PCS अभ्यास
Prelims: तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम. के. स्टालिन द्वारा हाल ही में ‘पेरुनथलाईवर कामराजर ब्रेकफास्ट स्कीम’ के विस्तार की तैयारियों की समीक्षा की गई। इस योजना का मुख्य उद्देश्य क्या है?
- राज्य के सभी सरकारी स्कूलों में निःशुल्क पौष्टिक नाश्ता प्रदान करना
- राज्य के सभी सरकारी अस्पतालों में मुफ्त भोजन उपलब्ध कराना
- राज्य के सभी सरकारी कार्यालयों में कर्मचारियों को मुफ्त नाश्ता देना
- राज्य के सभी सरकारी कॉलेजों में मुफ्त पुस्तकें वितरित करना
उत्तर: राज्य के सभी सरकारी स्कूलों में निःशुल्क पौष्टिक नाश्ता प्रदान करना — यह योजना राज्य के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को निःशुल्क पौष्टिक नाश्ता प्रदान करने के लिए शुरू की गई है, ताकि उनके पोषण स्तर और शिक्षा में सुधार हो सके।
Mains: तमिलनाडु सरकार द्वारा ‘पेरुनथलाईवर कामराजर ब्रेकफास्ट स्कीम’ के विस्तार में आने वाली चुनौतियों और उनके समाधान पर प्रकाश डालते हुए, इस योजना के सफल क्रियान्वयन के लिए आवश्यक प्रशासनिक और सामाजिक व्यवस्थाओं का वर्णन कीजिए।
शैक्षिक उद्देश्य हेतु AanyaAi द्वारा जनित।
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