भारत के लिए हरित हाइड्रोजन: उत्पादन, उपयोग और राष्ट्रीय मिशन की पूरी जानकारी

भारत के लिए हरित हाइड्रोजन: उत्पादन, उपयोग और राष्ट्रीय मिशन की पूरी जानकारी — ग्रीन हाइड्रोजन: उत्पादन, उपयोग और भारत का मिशन

भारत के लिए हरित हाइड्रोजन: उत्पादन, उपयोग और राष्ट्रीय मिशन की पूरी जानकारी

विषय प्रासंगिकता — यह टॉपिक कहाँ आता है

  • GS Paper III — अर्थव्यवस्था, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, पर्यावरण एवं पारिस्थितिकी
  • Prelims: हरित हाइड्रोजन, इलेक्ट्रोलाइसिस, राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन मिशन, कार्बन कैप्चर, यूटिलाइजेशन एंड स्टोरेज (CCUS), नेट-ज़ीरो उत्सर्जन, ऊर्जा वाहक
  • Essay: भारत का ऊर्जा संक्रमण और सतत विकास, जलवायु परिवर्तन से मुकाबला: चुनौतियाँ एवं अवसर

त्वरित पुनरावृत्ति: हरित हाइड्रोजन नवीकरणीय ऊर्जा से उत्पादित हाइड्रोजन है, जो भारत के नेट-ज़ीरो उत्सर्जन लक्ष्यों और ऊर्जा सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण है।

यह खबर चर्चा में क्यों?

हाल ही में भारत की पहली हाइड्रोजन-संचालित ट्रेन के लॉन्च ने हरित हाइड्रोजन प्रौद्योगिकी को सुर्खियों में ला दिया है। यह उपलब्धि जीवाश्म ईंधन पर निर्भरता कम करने और 2070 तक नेट-ज़ीरो उत्सर्जन (Net-Zero Emissions) के लक्ष्य को प्राप्त करने के देश के व्यापक प्रयासों का एक हिस्सा है। हरित हाइड्रोजन, इलेक्ट्रिक वाहनों और नवीकरणीय ऊर्जा के साथ, भारत के स्वच्छ ऊर्जा संक्रमण के प्रमुख स्तंभों में से एक के रूप में उभर रहा है।

पृष्ठभूमि

  • हाइड्रोजन ब्रह्मांड में सबसे हल्का और सबसे प्रचुर तत्व है, लेकिन यह पृथ्वी पर शायद ही कभी अपने शुद्ध रूप में पाया जाता है।
  • यह आमतौर पर पानी (H2O) या प्राकृतिक गैस जैसे हाइड्रोकार्बन (Hydrocarbons) जैसे यौगिकों के हिस्से के रूप में मौजूद होता है।
  • इसलिए, हाइड्रोजन को ईंधन के रूप में उपयोग करने से पहले इसे निकालना आवश्यक है।
  • हाइड्रोजन को अक्सर ऊर्जा स्रोत के बजाय ऊर्जा वाहक (Energy Carrier) के रूप में वर्णित किया जाता है। बिजली की तरह, यह कहीं और उत्पादित ऊर्जा को संग्रहीत और परिवहन करता है।
  • भारत ने हरित हाइड्रोजन के उत्पादन, उपयोग और निर्यात के लिए एक वैश्विक केंद्र के रूप में अपनी स्थिति बनाने हेतु राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन मिशन (National Green Hydrogen Mission) शुरू किया है।
  • हरित हाइड्रोजन उन क्षेत्रों के लिए एक महत्वपूर्ण ईंधन माना जाता है जिनका डीकार्बोनाइजेशन (Decarbonisation) करना मुश्किल है, जैसे भारी उद्योग, लंबी दूरी का परिवहन, शिपिंग और विमानन।

हरित हाइड्रोजन क्या है?

  • हरित हाइड्रोजन वह हाइड्रोजन है जो नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों, जैसे सौर या पवन ऊर्जा से उत्पन्न बिजली का उपयोग करके पानी को हाइड्रोजन और ऑक्सीजन में विभाजित करके उत्पादित किया जाता है।
  • इस प्रक्रिया को इलेक्ट्रोलाइसिस (Electrolysis) कहा जाता है, जिसमें पानी (H2O) को विद्युत धारा प्रवाहित करके हाइड्रोजन (H2) और ऑक्सीजन (O2) में तोड़ा जाता है।
  • उत्पादन के दौरान किसी भी जीवाश्म ईंधन का उपयोग नहीं किया जाता है और वस्तुतः कोई कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जित नहीं होती है, इसलिए इसे स्वच्छतम हाइड्रोजन माना जाता है।
  • यह अन्य प्रकार के हाइड्रोजन से भिन्न है, जैसे ग्रे हाइड्रोजन (प्राकृतिक गैस से उत्पादित, महत्वपूर्ण CO2 उत्सर्जन के साथ) और ब्लू हाइड्रोजन (प्राकृतिक गैस से उत्पादित, लेकिन CO2 को कार्बन कैप्चर, यूटिलाइजेशन एंड स्टोरेज – CCUS – तकनीकों का उपयोग करके कैप्चर और संग्रहीत किया जाता है)।
  • हरित हाइड्रोजन का उपयोग ईंधन कोशिकाओं (Fuel Cells) में बिजली उत्पन्न करने के लिए किया जा सकता है, जो दहन के बजाय एक विद्युत रासायनिक प्रक्रिया के माध्यम से ऊर्जा का उत्पादन करते हैं, जिससे केवल पानी और गर्मी उप-उत्पाद के रूप में उत्पन्न होते हैं।
  • यह भारत को ऊर्जा सुरक्षा प्रदान करने और जलवायु परिवर्तन के लक्ष्यों को प्राप्त करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

मुख्य विशेषताएँ

विशेषता महत्व
उत्पादन विधि नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों (जैसे सौर या पवन ऊर्जा) से प्राप्त बिजली का उपयोग करके पानी को हाइड्रोजन और ऑक्सीजन में विभाजित करके उत्पादित।
कार्बन उत्सर्जन उत्पादन प्रक्रिया में जीवाश्म ईंधन का उपयोग नहीं होता और वस्तुतः कोई कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जित नहीं होती, जिससे यह स्वच्छतम हाइड्रोजन प्रकार है।
ऊर्जा वाहक यह एक ऊर्जा वाहक है, ऊर्जा स्रोत नहीं। यह कहीं और उत्पादित ऊर्जा को संग्रहीत और परिवहन करता है।
उपयोग भारी उद्योग, लंबी दूरी के परिवहन, शिपिंग और विमानन जैसे डीकार्बोनाइज़ करना मुश्किल क्षेत्रों के लिए महत्वपूर्ण है।
भारत का लक्ष्य भारत को हरित हाइड्रोजन के उत्पादन, उपयोग और निर्यात के लिए एक वैश्विक केंद्र के रूप में स्थापित करना।

महत्व

आर्थिक महत्व

  • जीवाश्म ईंधन पर निर्भरता कम करके आयात बिल में कमी लाएगा, जिससे विदेशी मुद्रा की बचत होगी।
  • नए उद्योगों और रोजगार के अवसरों का सृजन होगा, जिससे आर्थिक विकास को बढ़ावा मिलेगा।
  • भारत को हरित हाइड्रोजन के उत्पादन और निर्यात में वैश्विक नेता के रूप में स्थापित करने की क्षमता है।

रणनीतिक महत्व

  • ऊर्जा सुरक्षा (Energy Security) को मजबूत करेगा, क्योंकि यह ऊर्जा स्रोतों में विविधता लाएगा और बाहरी झटकों के प्रति संवेदनशीलता कम करेगा।
  • भू-राजनीतिक स्थिति में सुधार करेगा, क्योंकि भारत स्वच्छ ऊर्जा प्रौद्योगिकियों में एक प्रमुख खिलाड़ी बन जाएगा।
  • भारत के नेट-ज़ीरो उत्सर्जन (Net-Zero Emissions) के लक्ष्य को प्राप्त करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा, जिससे जलवायु परिवर्तन के खिलाफ वैश्विक प्रयासों में योगदान मिलेगा।

पर्यावरणीय महत्व

  • कार्बन उत्सर्जन को काफी कम करेगा, विशेष रूप से उन क्षेत्रों में जहां डीकार्बोनाइज़ेशन मुश्किल है।
  • वायु प्रदूषण को कम करने में मदद करेगा, जिससे सार्वजनिक स्वास्थ्य में सुधार होगा।
  • नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों के एकीकरण को बढ़ावा देगा, जिससे स्वच्छ ऊर्जा संक्रमण में तेजी आएगी।

चुनौतियाँ

1. उच्च उत्पादन लागत

  • वर्तमान में, हरित हाइड्रोजन का उत्पादन ग्रे और ब्लू हाइड्रोजन की तुलना में अधिक महंगा है।
  • इलेक्ट्रोलाइज़र (Electrolyser) जैसी प्रमुख प्रौद्योगिकियों की लागत अभी भी अधिक है।

2. बुनियादी ढाँचे का अभाव

  • हरित हाइड्रोजन के उत्पादन, भंडारण, परिवहन और वितरण के लिए आवश्यक बुनियादी ढाँचे का अभाव है।
  • पाइपलाइन, भंडारण टैंक और वितरण नेटवर्क के विकास में भारी निवेश की आवश्यकता है।

3. तकनीकी चुनौतियाँ

  • इलेक्ट्रोलाइज़र की दक्षता और स्थायित्व में सुधार की आवश्यकता है।
  • हाइड्रोजन के सुरक्षित भंडारण और परिवहन के लिए उन्नत तकनीकों का विकास आवश्यक है।

4. नवीकरणीय ऊर्जा की उपलब्धता

  • हरित हाइड्रोजन के उत्पादन के लिए बड़ी मात्रा में नवीकरणीय ऊर्जा की आवश्यकता होती है।
  • नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों की आंतरायिकता (Intermittency) एक चुनौती है, जिसके लिए भंडारण समाधानों की आवश्यकता है।

5. मानकीकरण और सुरक्षा

  • हरित हाइड्रोजन के उत्पादन, भंडारण और उपयोग के लिए वैश्विक मानकों और सुरक्षा प्रोटोकॉल का विकास आवश्यक है।
  • हाइड्रोजन की ज्वलनशीलता के कारण सुरक्षा संबंधी चिंताएँ महत्वपूर्ण हैं।

चुनौतियाँ — यूपीएससी दृष्टिकोण

मुद्दा चिंता
लागत प्रतिस्पर्धात्मकता ग्रे हाइड्रोजन की तुलना में हरित हाइड्रोजन की उच्च उत्पादन लागत बाजार में इसकी स्वीकार्यता को बाधित करती है।
परिवहन और भंडारण हाइड्रोजन का कम घनत्व और ज्वलनशील प्रकृति इसके कुशल और सुरक्षित परिवहन तथा भंडारण को जटिल बनाती है।
तकनीकी परिपक्वता इलेक्ट्रोलाइज़र और ईंधन सेल (Fuel Cell) जैसी प्रमुख प्रौद्योगिकियों को अभी भी बड़े पैमाने पर तैनाती के लिए और परिपक्व होने की आवश्यकता है।
नियामक ढाँचा हरित हाइड्रोजन उद्योग के विकास को समर्थन देने के लिए एक स्पष्ट और व्यापक नियामक ढाँचे का अभाव है।
कौशल विकास हरित हाइड्रोजन अर्थव्यवस्था की बढ़ती मांगों को पूरा करने के लिए कुशल कार्यबल की कमी है।

सरकारी पहल — प्रीलिम्स हेतु अवश्य याद रखें

  • राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन मिशन (National Green Hydrogen Mission)

आगे की राह

  • हरित हाइड्रोजन उत्पादन की लागत को कम करने के लिए अनुसंधान और विकास (R&D) में निवेश बढ़ाना।
  • हरित हाइड्रोजन के उत्पादन, भंडारण, परिवहन और वितरण के लिए मजबूत बुनियादी ढाँचे का विकास करना।
  • हरित हाइड्रोजन प्रौद्योगिकियों के लिए एक अनुकूल नियामक और नीतिगत ढाँचा स्थापित करना।
  • हरित हाइड्रोजन के उपयोग को बढ़ावा देने के लिए उद्योगों को प्रोत्साहन और सब्सिडी प्रदान करना।
  • अंतर्राष्ट्रीय सहयोग और साझेदारी के माध्यम से सर्वोत्तम प्रथाओं और प्रौद्योगिकियों का आदान-प्रदान करना।
  • हरित हाइड्रोजन मूल्य श्रृंखला में कुशल कार्यबल विकसित करने के लिए कौशल विकास कार्यक्रमों को बढ़ावा देना।
  • नवीकरणीय ऊर्जा उत्पादन क्षमता का विस्तार करना और ग्रिड एकीकरण में सुधार करना।

यूपीएससी मूल्य-संवर्धन

मुख्य परीक्षा उत्तर-लेखन हेतु कीवर्ड

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अवधारणा प्रवाह

नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों से बिजली का उत्पादन।  →  इस बिजली का उपयोग इलेक्ट्रोलाइज़र में पानी को विभाजित करने के लिए।  →  पानी के विभाजन से हाइड्रोजन और ऑक्सीजन का उत्पादन।  →  उत्पादित हाइड्रोजन को ईंधन के रूप में उपयोग के लिए संग्रहीत करना।  →  हरित हाइड्रोजन का उपयोग विभिन्न क्षेत्रों (उद्योग, परिवहन) में डीकार्बोनाइज़ेशन के लिए।

प्रारंभिक अभ्यास प्रश्न

Q1. हरित हाइड्रोजन के उत्पादन के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. हरित हाइड्रोजन का उत्पादन जल को हाइड्रोजन और ऑक्सीजन में विभाजित करके किया जाता है।
2. इस प्रक्रिया में केवल नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों से प्राप्त बिजली का उपयोग किया जाता है।
3. हरित हाइड्रोजन के उत्पादन के दौरान कोई कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जित नहीं होती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?

  1. केवल 1 और 2
  2. केवल 2 और 3
  3. केवल 1 और 3
  4. 1, 2 और 3

उत्तर: 1, 2 और 3 — हरित हाइड्रोजन जल के इलेक्ट्रोलाइसिस (Electrolysis) द्वारा उत्पादित की जाती है, जिसमें नवीकरणीय ऊर्जा (Renewable Energy) स्रोतों जैसे सौर या पवन ऊर्जा से प्राप्त बिजली का उपयोग होता है। इस प्रक्रिया में जीवाश्म ईंधन का उपयोग नहीं होता और लगभग कोई कार्बन डाइऑक्साइड (Carbon Dioxide) उत्सर्जित नहीं होती है, जिससे यह स्वच्छ ऊर्जा का एक महत्त्वपूर्ण स्रोत बन जाती है।

Q2. निम्नलिखित में से कौन-सा/से राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन मिशन (National Green Hydrogen Mission) का/के संभावित उद्देश्य है/हैं?
1. भारत को हरित हाइड्रोजन के उत्पादन और निर्यात का वैश्विक केंद्र बनाना।
2. जीवाश्म ईंधन पर निर्भरता कम करना।
3. भारी उद्योगों और लंबी दूरी के परिवहन जैसे क्षेत्रों का डीकार्बोनाइजेशन (Decarbonisation) करना।
4. वर्ष 2070 तक शुद्ध-शून्य उत्सर्जन (Net-Zero Emissions) के लक्ष्य को प्राप्त करने में योगदान देना।
नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए:

  1. केवल 1, 2 और 3
  2. केवल 2, 3 और 4
  3. केवल 1, 3 और 4
  4. 1, 2, 3 और 4

उत्तर: 1, 2, 3 और 4 — राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन मिशन का उद्देश्य भारत को हरित हाइड्रोजन के उत्पादन, उपयोग और निर्यात का वैश्विक केंद्र बनाना है। यह मिशन जीवाश्म ईंधन पर निर्भरता कम करने, ऊर्जा सुरक्षा (Energy Security) बढ़ाने और भारी उद्योगों तथा लंबी दूरी के परिवहन जैसे क्षेत्रों का डीकार्बोनाइजेशन करने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। यह भारत के वर्ष 2070 तक शुद्ध-शून्य उत्सर्जन के लक्ष्य को प्राप्त करने में भी सहायक होगा।

मुख्य अभ्यास प्रश्न

✍ हरित हाइड्रोजन क्या है और यह भारत की ऊर्जा सुरक्षा तथा शुद्ध-शून्य उत्सर्जन लक्ष्यों को प्राप्त करने में कैसे महत्त्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है? राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन मिशन के प्रमुख उद्देश्यों पर चर्चा कीजिए। (250 शब्द)

रूपरेखा: प्रश्न के पहले भाग में हरित हाइड्रोजन को परिभाषित करें और बताएं कि यह कैसे उत्पादित होती है। इसके बाद, भारत की ऊर्जा सुरक्षा और शुद्ध-शून्य उत्सर्जन लक्ष्यों को प्राप्त करने में इसकी भूमिका का विश्लेषण करें, जिसमें जीवाश्म ईंधन पर निर्भरता कम करने और डीकार्बोनाइजेशन जैसे बिंदुओं को शामिल करें। दूसरे भाग में, राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन मिशन के प्रमुख उद्देश्यों जैसे वैश्विक केंद्र बनना, निवेश आकर्षित करना और रोजगार सृजन पर प्रकाश डालें।

स्रोत: Times of India


शैक्षिक उद्देश्य हेतु AanyaAi द्वारा जनित।

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