महिला एवं बाल विकास मंत्रालय का विशेष अभियान 6: 30 अक्टूबर को राष्ट्रव्यापी अभियान

महिला एवं बाल विकास मंत्रालय का विशेष अभियान 6: 30 अक्टूबर को राष्ट्रव्यापी अभियान

महिला एवं बाल विकास मंत्रालय का विशेष अभियान 6: 30 अक्टूबर को राष्ट्रव्यापी अभियान

विशेष अभियान 6 के चरणघोषणा2 अक्टूबर 2026कार्यान्वयन2-31 अक्टूबर 2026राष्ट्रव्यापी कार्यक्र30 अक्टूबर 2026शिकायत निवारणपोषण ट्रैकरदस्तावेज़ीकरणमिशन पोर्टलों पर
विशेष अभियान 6 के चरण

✎ विशेष अभियान 6 (2–31 अक्टूबर 2026) के अंतर्गत 30 अक्टूबर 2026 का एक-दिवसीय कार्यक्रम पोषण ट्रैकर और PMMVY की शिकायतों के समाधान, स्वच्छता अभियान और डिजिटल दस्तावेजीकरण पर केंद्रित है, जो शासन में नागरिक-केंद्रित शिकायत निवारण का…

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विषय प्रासंगिकता — यह टॉपिक कहाँ आता है

  • GS Paper II — शासन (Governance): नागरिक-केंद्रित प्रशासन, शिकायत निवारण तंत्र और प्रशासनिक सुधार  |  GS Paper II — सामाजिक न्याय (Social Justice): महिलाओं और बालकों के लिए कल्याणकारी योजनाएं, पोषण और संवेदनशील वर्गों का संरक्षण
  • Prelims: मिशन पोषण 2.0 (Mission Poshan 2.0), पोषण ट्रैकर (Poshan Tracker): आंगनवाड़ी सेवाओं की ICT आधारित वास्तविक-समय निगरानी प्रणाली, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना (PMMVY): गर्भवती और धात्री महिलाओं के लिए नकद प्रोत्साहन, एकीकृत बाल विकास सेवा (ICDS): शुरुआत 2 अक्टूबर 1975, CPGRAMS (केंद्रीय लोक शिकायत निवारण एवं निगरानी प्रणाली), जीआरओ (GRO): नामित शिकायत निवारण अधिकारी की भूमिका, अनुच्छेद 47: पोषण स्तर और जीवन स्तर ऊंचा करने का राज्य का कर्तव्य (नीति-निर्देशक तत्व), अनुच्छेद 39(च): बालकों को स्वस्थ विकास के अवसर और सुरक्षा (नीति-निर्देशक तत्व)
  • Essay: सुशासन में शिकायत निवारण: जन-केंद्रित प्रशासन की वास्तविक कसौटी, कल्याणकारी योजनाओं का डिजिटल क्रियान्वयन: पहुंच, पारदर्शिता और जमीनी चुनौतियां

त्वरित पुनरावृत्ति: विशेष अभियान 6 (2–31 अक्टूबर 2026) के अंतर्गत 30 अक्टूबर 2026 का एक-दिवसीय कार्यक्रम पोषण ट्रैकर और PMMVY की शिकायतों के समाधान, स्वच्छता अभियान और डिजिटल दस्तावेजीकरण पर केंद्रित है, जो शासन में नागरिक-केंद्रित शिकायत निवारण का प्रशासनिक उपकरण है।

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यह खबर चर्चा में क्यों?

महिला एवं बाल विकास मंत्रालय ने विशेष अभियान 6 के तहत 2 अक्टूबर से 31 अक्टूबर 2026 तक चलने वाले अभियान के कार्यान्वयन चरण के रूप में 30 अक्टूबर 2026 को एक-दिवसीय राष्ट्रव्यापी कार्यक्रम की घोषणा की है। इस कार्यक्रम में मंत्रालय की योजनाओं के अंतर्गत कार्यरत क्षेत्रीय संस्थानों में स्वच्छता अभियान चलेगा, और पोषण ट्रैकर तथा प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना (PMMVY) से प्राप्त जन शिकायतों के समाधान के लिए शिकायत निवारण चौपालें और ई-चौपालें आयोजित होंगी। 21 अक्टूबर 2026 को राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के साथ हुई वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग बैठक में, जिसमें 94 अधिकारी शामिल हुए, इस कार्य योजना को अंतिम रूप दिया गया। समाचार का मुख्य बिंदु यह है कि अभियान का लक्ष्य केवल प्रतीकात्मक आयोजन नहीं, बल्कि लंबित शिकायतों का निपटान और फील्ड गतिविधियों का दस्तावेजीकरण व मिशन पोर्टलों पर अपलोड सुनिश्चित करना है।

पृष्ठभूमि

  • आंगनवाड़ी नेटवर्क और एकीकृत बाल विकास सेवा (ICDS) देश में पोषण और प्रारंभिक बाल्यावस्था देखभाल की मुख्य संस्थागत रीढ़ है। ICDS की शुरुआत 2 अक्टूबर 1975 को हुई थी।
  • मिशन पोषण 2.0 के अंतर्गत पोषण ट्रैकर जैसे डिजिटल उपकरणों से आंगनवाड़ी स्तर तक के आंकड़ों की निगरानी की जाती है, ताकि सेवा-वितरण में पारदर्शिता और समयबद्धता बढ़े।
  • प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना (PMMVY) के अंतर्गत पात्र गर्भवती और धात्री महिलाओं को प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) के माध्यम से नकद प्रोत्साहन दिया जाता है। इसमें भुगतान से जुड़ी शिकायतें सामान्यतः शिकायत निवारण तंत्र में आती हैं।
  • भारत में सरकारी योजनाओं की शिकायतों के निवारण के लिए CPGRAMS जैसी केंद्रीकृत ऑनलाइन प्रणाली कार्य करती है। फिर भी जमीनी स्तर पर लंबित मामलों की संख्या और डिजिटल पहुंच की असमानता चुनौती बनी हुई है।
  • राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण (NFHS) के आंकड़ों में बच्चों में ठिगनापन (stunting) और कुपोषण की स्थिति एक प्रमुख नीतिगत चिंता रही है। इसी कारण पोषण सेवाओं की गुणवत्ता और निगरानी पर लगातार बल दिया जाता है।

विशेष अभियान 6 क्या है?

  • विशेष अभियान 6 केंद्र सरकार के स्तर पर चलाए जाने वाले समन्वित अभियानों की श्रृंखला का छठा चरण है। इसका उद्देश्य मुख्यतः स्वच्छता बढ़ाना और लंबित मामलों का निपटान करना है।
  • इसकी अवधि 2 अक्टूबर से 31 अक्टूबर 2026 तक है। इसके भीतर 30 अक्टूबर 2026 को एक-दिवसीय विशेष कार्यक्रम आयोजित होना है।
  • मंत्रालय और उसके प्रशासनिक नियंत्रण में आने वाले स्वायत्त और वैधानिक निकाय इसके कार्यान्वयन के लिए कार्य योजना और लक्ष्य निर्धारित करते हैं।
  • एक-दिवसीय कार्यक्रम में तीन मुख्य गतिविधियां हैं: फील्ड-स्तरीय संस्थानों में स्वच्छता अभियान, पोषण ट्रैकर और PMMVY से जुड़ी जन शिकायतों का समाधान, और लंबित शिकायतों के लिए नामित शिकायत निवारण अधिकारी (GRO) द्वारा चौपाल या ई-चौपाल का आयोजन।
  • शिकायत निवारण चौपाल भौतिक रूप से और ई-चौपाल डिजिटल माध्यम से आयोजित होती है। दोनों का उद्देश्य शिकायतकर्ता तक सीधी पहुंच और समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करना है।
  • फील्ड संस्थानों द्वारा की गई सभी गतिविधियों का उचित दस्तावेजीकरण अनिवार्य है और उन्हें मंत्रालय के विभिन्न मिशन पोर्टलों पर अपलोड किया जाना है, ताकि निगरानी और जवाबदेही सुनिश्चित हो।
  • परीक्षा की दृष्टि से ध्यान रखें कि यह अभियान किसी नए संवैधानिक या वैधानिक प्रावधान पर आधारित नहीं है। यह प्रशासनिक निर्णय और कार्य-योजना के माध्यम से चलने वाला अभियान है।

मुख्य विशेषताएँ

Feature Significance
अभियान की अवधि विशेष अभियान 6 का कार्यान्वयन 2 अक्टूबर से 31 अक्टूबर 2026 तक चलेगा, जिसके भीतर 30 अक्टूबर 2026 को एक-दिवसीय राष्ट्रव्यापी कार्यक्रम होगा
समन्वय तंत्र 21 अक्टूबर 2026 को राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (VC) बैठक हुई, जिसकी अध्यक्षता मंत्रालय के अपर सचिव और विशेष अभियान के नोडल अधिकारी ने की; इसमें 94 अधिकारी शामिल हुए
मुख्य गतिविधियां फील्ड-स्तरीय संस्थानों में स्वच्छता अभियान, शिकायत निवारण चौपाल तथा ई-चौपाल का आयोजन
लक्षित शिकायतें पोषण ट्रैकर (Poshan Tracker) और प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना (PMMVY) के लाभार्थियों से प्राप्त जन शिकायतों का 30 अक्टूबर 2026 तक समाधान
दस्तावेजीकरण और निगरानी फील्ड संस्थानों की सभी गतिविधियों का दस्तावेजीकरण और मंत्रालय के विभिन्न मिशन पोर्टलों पर अपलोड

महत्व

प्रशासनिक (Administrative)

  • लंबित मामलों का निपटान प्रशासनिक जवाबदेही को सुदृढ़ करता है, क्योंकि शिकायतों का निर्धारित समयसीमा में समाधान सेवा-वितरण की विश्वसनीयता बढ़ाता है
  • नामित शिकायत निवारण अधिकारी (Grievance Redressal Officer – GRO) की भूमिका से शिकायत का उत्तरदायित्व किसी एक पद पर स्पष्ट रूप से तय होता है
  • मंत्रालय और उसके प्रशासनिक नियंत्रण में आने वाले स्वायत्त तथा वैधानिक निकायों का एक साथ कार्य करना अंतर-संस्थागत समन्वय का उदाहरण है

सामाजिक (Social)

  • पोषण ट्रैकर और PMMVY के लाभार्थी प्रायः ग्रामीण और कमजोर वर्गों से आते हैं, इसलिए स्थानीय स्तर पर चौपाल जैसी व्यवस्था उनकी पहुंच को सरल बनाती है
  • गर्भवती महिलाओं, धात्री माताओं और बच्चों से जुड़ी सेवाओं में शिकायत का शीघ्र निवारण सेवा से वंचित रहने के जोखिम को कम करता है

शासन-सुधार (Governance Reform)

  • विशेष अभियान का मॉडल पिछले 5 वर्षों में आजमाया जा चुका है, जिससे इसे एक संस्थागत अभ्यास के रूप में देखा जा सकता है
  • पोर्टलों पर दस्तावेजीकरण से डेटा-आधारित निगरानी संभव होती है और नीति-निर्माण के लिए साक्ष्य उपलब्ध होते हैं

जन-स्वास्थ्य (Public Health)

  • फील्ड-स्तरीय संस्थानों में स्वच्छता संक्रमण और कुपोषण से जुड़े जोखिमों को घटाने में सहायक है, जो पोषण कार्यक्रमों के परिणामों से सीधे जुड़ा है

चुनौतियाँ

1. शिकायत निवारण की गुणवत्ता बनाम मात्रा

  • एक-दिवसीय आयोजन में बड़ी संख्या में शिकायतों का बंद किया जाना औपचारिक निपटान का जोखिम पैदा कर सकता है
  • शिकायतकर्ता की संतुष्टि और समस्या के वास्तविक समाधान को अलग-अलग मापने की आवश्यकता है

2. डिजिटल अंतर और ई-चौपाल की पहुंच

  • ई-चौपाल का लाभ तभी मिलता है जब लाभार्थियों के पास इंटरनेट, मोबाइल और डिजिटल साक्षरता हो
  • दूरस्थ और जनजातीय क्षेत्रों में कनेक्टिविटी की कमी से ऑनलाइन माध्यम का समावेशी उपयोग सीमित रहता है

3. पोर्टलों पर डेटा की विश्वसनीयता

  • मिशन पोर्टलों पर गतिविधियों का अपलोड समय पर और सही होना आवश्यक है, अन्यथा निगरानी के आंकड़े भ्रामक हो सकते हैं
  • फील्ड स्तर पर बार-बार एक ही सूचना दर्ज करने से कार्यभार बढ़ता है और डेटा की गुणवत्ता प्रभावित होती है

4. अभियान-आधारित कार्यप्रणाली की निरंतरता

  • विशेष अभियान एक निश्चित अवधि तक सीमित रहते हैं, जिसके बाद नियमित कार्य पर प्रभाव पड़ सकता है
  • अभियान समाप्त होने पर सुधारों का टिके रहना सुनिश्चित करने हेतु नियमित निगरानी तंत्र आवश्यक है

5. फील्ड कर्मियों की क्षमता और कार्यभार

  • आंगनवाड़ी और अन्य फील्ड संस्थानों में कर्मियों की संख्या और प्रशिक्षण सीमित होने पर अतिरिक्त गतिविधियां दबाव बनाती हैं
  • राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के बीच प्रशासनिक क्षमता में भिन्नता से कार्यान्वयन एक समान नहीं रहता

चुनौतियाँ — यूपीएससी दृष्टिकोण

Issue Concern
शिकायत निपटान बंद की गई शिकायतों की वास्तविक समस्या-समाधान दर मापना कठिन है
डिजिटल पहुंच ई-चौपाल में कनेक्टिविटी और डिजिटल साक्षरता की कमी से कुछ लाभार्थी छूट सकते हैं
डेटा गुणवत्ता पोर्टल पर अपलोड की गई सूचना की सत्यता और समयबद्धता सुनिश्चित करनी होगी
कार्यभार फील्ड कर्मियों पर अभियान के साथ नियमित कार्य का दोहरा दबाव पड़ सकता है
निरंतरता एक-दिवसीय कार्यक्रम के बाद शिकायत निवारण का सतत तंत्र बने रहना आवश्यक है

सरकारी पहल — प्रीलिम्स हेतु अवश्य याद रखें

  • प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना (Pradhan Mantri Matru Vandana Yojana – PMMVY)
  • पोषण 2.0 (Poshan 2.0) के अंतर्गत पोषण ट्रैकर (Poshan Tracker)

आगे की राह

  • शिकायत निवारण के परिणामों का मापन समाधान की वास्तविक स्थिति के आधार पर किया जाए, केवल बंद मामलों की संख्या के आधार पर नहीं
  • ई-चौपाल के साथ-साथ ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों के लिए भौतिक चौपाल का नियमित विकल्प बनाए रखा जाए
  • पोषण ट्रैकर और PMMVY की शिकायतों को एकीकृत शिकायत प्रणाली से जोड़ा जाए, ताकि एक ही मामला कई पोर्टलों पर अलग-अलग न रहे
  • GRO की नियुक्ति, प्रशिक्षण और जवाबदेही के मानक स्पष्ट रूप से तय किए जाएं
  • पोर्टल पर डेटा प्रविष्टि को सरल बनाया जाए और बार-बार होने वाली सूचनाओं का स्वचालित सत्यापन किया जाए
  • अभियान के बाद भी लंबित मामलों की मासिक समीक्षा हो, ताकि सुधार नियमित कार्यप्रणाली का हिस्सा बने
  • राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के अनुभवों का साझाकरण हो और सर्वोत्तम प्रथाओं का दस्तावेज तैयार किया जाए
  • फील्ड कर्मियों के कार्यभार का मूल्यांकन कर अतिरिक्त कार्य के अनुरूप मानव संसाधन और प्रोत्साहन की व्यवस्था की जाए

यूपीएससी मूल्य-संवर्धन

मुख्य परीक्षा उत्तर-लेखन हेतु कीवर्ड

महिला और बाल विकास मंत्रालय · विशेष अभियान 6 · जन शिकायत निवारण · पोषण ट्रैकर · प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना (PMMVY) · सुशासन · नागरिक केंद्रित प्रशासन · डिजिटल शिकायत निवारण · क्षेत्रीय संस्थानों की भूमिका · स्वच्छता अभियान

संवैधानिक व नीतिगत संबंध

  • अनुच्छेद 15(3) – महिलाओं और बच्चों हेतु विशेष उपबंध
  • अनुच्छेद 42 – प्रसूति सहायता का निर्देश
  • अनुच्छेद 47 – पोषण स्तर और जन-स्वास्थ्य सुधार

अवधारणा प्रवाह

महिला और बाल विकास मंत्रालय द्वारा विशेष अभियान 6 की घोषणा (2 अक्टूबर से 31 अक्टूबर 2026)  →  21 अक्टूबर 2026 की VC बैठक में राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के साथ एक-दिवसीय कार्यक्रम की कार्य योजना अंतिम रूप लेती है  →  फील्ड-स्तरीय संस्थानों में स्वच्छता अभियान और शिकायत निवारण चौपाल तथा ई-चौपाल का आयोजन  →  पोषण ट्रैकर और PMMVY से प्राप्त लंबित शिकायतों का GRO द्वारा 30 अक्टूबर 2026 तक समाधान  →  सभी गतिविधियों का दस्तावेजीकरण और मिशन पोर्टलों पर अपलोड  →  पोर्टल आधारित आंकड़ों से मंत्रालय द्वारा प्रगति की निगरानी और समीक्षा  →  समीक्षा के निष्कर्षों से भविष्य के विशेष अभियानों की कार्यप्रणाली में सुधार

प्रारंभिक अभ्यास प्रश्न

Q1. निम्नलिखित कथनों पर विचार करें:
1. महिला और बाल विकास मंत्रालय द्वारा विशेष अभियान 6 का उद्देश्य स्वच्छता बढ़ाना और लंबित मामलों का निपटान करना है।
2. यह अभियान केवल पोषण ट्रैकर से संबंधित शिकायतों के निवारण पर केंद्रित है।
3. अभियान के तहत शिकायत निवारण के लिए ‘ई-चौपाल’ जैसे डिजिटल माध्यमों का उपयोग किया जाएगा।
उपरोक्त में से कितने कथन सही हैं?

  1. केवल एक
  2. केवल दो
  3. सभी तीनों
  4. कोई नहीं

उत्तर: केवल दो — कथन 1 सही है क्योंकि विशेष अभियान 6 का मुख्य उद्देश्य स्वच्छता बढ़ाना और लंबित मामलों का निपटान करना है। कथन 2 गलत है क्योंकि यह अभियान पोषण ट्रैकर और प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना (PMMVY) दोनों के लाभार्थियों की शिकायतों के निवारण पर केंद्रित है। कथन 3 सही है क्योंकि अभियान में शिकायत निवारण चौपालों और ई-चौपालों के माध्यम से जन शिकायतों के समाधान पर विशेष ध्यान दिया जाएगा, जिसमें ई-चौपाल डिजिटल माध्यम को दर्शाता है।

Q2. प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना (PMMVY) के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. यह महिला और बाल विकास मंत्रालय द्वारा कार्यान्वित एक केंद्र प्रायोजित योजना है।
2. इस योजना के तहत गर्भवती महिलाओं और स्तनपान कराने वाली माताओं को पहली संतान के जन्म पर नकद प्रोत्साहन प्रदान किया जाता है।
उपरोक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?

  1. केवल 1
  2. केवल 2
  3. 1 और 2 दोनों
  4. न तो 1 और न ही 2

उत्तर: 1 और 2 दोनों — कथन 1 सही है क्योंकि प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना (PMMVY) महिला और बाल विकास मंत्रालय द्वारा कार्यान्वित एक केंद्र प्रायोजित योजना है। कथन 2 भी सही है क्योंकि यह योजना गर्भवती महिलाओं और स्तनपान कराने वाली माताओं को पहली संतान के जन्म पर कुछ शर्तों के अधीन नकद प्रोत्साहन प्रदान करती है।

मुख्य अभ्यास प्रश्न

✍ महिला और बाल विकास मंत्रालय द्वारा चलाए जा रहे ‘विशेष अभियान 6’ जैसे राष्ट्रव्यापी अभियान सुशासन सुनिश्चित करने में किस प्रकार सहायक हैं? जन शिकायत निवारण में डिजिटल माध्यमों की भूमिका का भी विश्लेषण कीजिए। (15 Marks)

रूपरेखा: मॉडल-उत्तर संरचना:
1. परिचय: ‘विशेष अभियान 6’ का संक्षिप्त परिचय दें और इसके उद्देश्यों (स्वच्छता, लंबित मामलों का निपटान, जन शिकायत निवारण) का उल्लेख करें।
2. सुशासन में सहायक: स्पष्ट करें कि ऐसे अभियान सुशासन के सिद्धांतों (जवाबदेही, पारदर्शिता, नागरिक भागीदारी, प्रभावशीलता) को कैसे बढ़ावा देते हैं। उदाहरण के लिए, शिकायत निवारण से जवाबदेही बढ़ती है, स्वच्छता अभियान से सार्वजनिक सेवाओं की गुणवत्ता सुधरती है।
3. जन शिकायत निवारण में डिजिटल माध्यमों की भूमिका: ‘पोषण ट्रैकर’ और ‘ई-चौपाल’ जैसे डिजिटल प्लेटफार्मों का उल्लेख करें। बताएं कि ये कैसे शिकायत दर्ज करने को आसान बनाते हैं, प्रक्रिया को पारदर्शी बनाते हैं, समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करते हैं और दूरदराज के क्षेत्रों तक पहुंच बढ़ाते हैं। डिजिटल माध्यमों से डेटा संग्रह और विश्लेषण में भी सहायता मिलती है, जिससे नीति निर्माण में सुधार होता है।
4. चुनौतियाँ और सुझाव: डिजिटल साक्षरता की कमी, इंटरनेट पहुंच, डेटा सुरक्षा और तकनीकी बाधाओं जैसी संभावित चुनौतियों पर संक्षेप में चर्चा करें। इन चुनौतियों के समाधान के लिए सुझाव दें (जैसे जागरूकता अभियान, स्थानीय भाषा में इंटरफेस, तकनीकी सहायता)।
5. निष्कर्ष: ऐसे अभियानों के महत्व को दोहराएं और सुशासन के लिए नागरिक-केंद्रित दृष्टिकोण की आवश्यकता पर बल दें।

स्रोत: PIB (Press Information Bureau)


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