मुंबई में बीओसीडब्ल्यू सम्मेलन: निर्माण श्रमिकों के कल्याण एवं कौशल विकास पर राष्ट्रीय चर्चा

मुंबई में भवन एवं अन्य निर्माण श्रमिकों (बीओसीडब्ल्यू) से संबंधित राष्ट्रीय सम्मेलन संपन्न; इसमें निर्माण श्रमिकों के कल — diagram

मुंबई में बीओसीडब्ल्यू सम्मेलन: निर्माण श्रमिकों के कल्याण एवं कौशल विकास पर राष्ट्रीय चर्चा

BOCW कल्याण प्रणालीकेंद्र सरकारनई श्रम संहिताओं का निर्माणराज्य/केंद्र-शासित प्रदेशBOCW कल्याण बोर्डनिर्माण श्रमिकअनौपचारिक रोजगार, कौशल विकास की कमीकल्याणकारी योजनाएँसामाजिक सुरक्षा, पंजीकरणकार्यदशाएँगरिमापूर्ण कार्य परिस्थितियाँआर्थिक विकासउत्पादकता, आय वृद्धि
BOCW कल्याण प्रणाली

✎ भवन एवं अन्य निर्माण श्रमिक (BOCW) अधिनियम, 1996 भारत में निर्माण श्रमिकों के कल्याण और सामाजिक सुरक्षा के लिए एक महत्वपूर्ण कानूनी ढाँचा है, जिसे राष्ट्रीय सम्मेलन जैसे मंचों के माध्यम से सुदृढ़ किया जा रहा है।

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विषय प्रासंगिकता — यह टॉपिक कहाँ आता है

  • GS Paper II — सामाजिक न्याय: कमजोर वर्गों के लिए कल्याणकारी योजनाएं, मानव संसाधन से संबंधित विषय  |  GS Paper III — अर्थव्यवस्था: कौशल विकास, रोजगार, श्रम सुधार
  • Prelims: भवन एवं अन्य निर्माण श्रमिक (रोजगार विनियमन और सेवा शर्तें) अधिनियम, 1996, BOCW कल्याण बोर्ड, श्रम संहिताएँ, ई-श्रम पोर्टल, कौशल विकास, सामाजिक सुरक्षा
  • Essay: भारत में असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों का भविष्य, कौशल विकास और समावेशी आर्थिक संवृद्धि: चुनौतियाँ एवं अवसर

त्वरित पुनरावृत्ति: भवन एवं अन्य निर्माण श्रमिक (BOCW) अधिनियम, 1996 भारत में निर्माण श्रमिकों के कल्याण और सामाजिक सुरक्षा के लिए एक महत्वपूर्ण कानूनी ढाँचा है, जिसे राष्ट्रीय सम्मेलन जैसे मंचों के माध्यम से सुदृढ़ किया जा रहा है।

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यह खबर चर्चा में क्यों?

हाल ही में मुंबई में श्रम और रोजगार मंत्रालय तथा महाराष्ट्र सरकार द्वारा भवन एवं अन्य निर्माण श्रमिकों (BOCW) से संबंधित दो-दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन संपन्न हुआ। इस सम्मेलन में निर्माण श्रमिकों के कल्याण, कौशल विकास, रोजगार और सामाजिक सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर गहन चर्चा की गई, जिसमें केंद्र सरकार, विभिन्न राज्य/केंद्र-शासित प्रदेशों के प्रतिनिधियों और BOCW कल्याण बोर्डों ने भाग लिया।

पृष्ठभूमि

  • भारत में निर्माण क्षेत्र कृषि के बाद दूसरा सबसे बड़ा नियोक्ता है, जिसमें लाखों श्रमिक कार्यरत हैं।
  • भवन एवं अन्य निर्माण श्रमिक (रोजगार विनियमन और सेवा शर्तें) अधिनियम, 1996 (BOCW Act, 1996) इन श्रमिकों के कल्याण और सामाजिक सुरक्षा के लिए एक कानूनी ढाँचा प्रदान करता है।
  • इस अधिनियम के तहत प्रत्येक राज्य में BOCW कल्याण बोर्डों का गठन किया गया है, जो श्रमिकों के पंजीकरण, अंशदान संग्रह और विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के कार्यान्वयन के लिए जिम्मेदार हैं।
  • इन श्रमिकों को अक्सर अनौपचारिक रोजगार, मौसमी काम, कम मजदूरी, खराब कार्य परिस्थितियाँ और सामाजिक सुरक्षा लाभों तक सीमित पहुँच जैसी चुनौतियों का सामना करना पड़ता है।
  • कौशल विकास की कमी इन श्रमिकों के लिए बेहतर रोजगार के अवसरों और आय में वृद्धि में बाधा डालती है।
  • केंद्र सरकार ने हाल के वर्षों में श्रम सुधारों के तहत नई श्रम संहिताओं को लागू करने का प्रयास किया है, जिसका उद्देश्य श्रमिकों के अधिकारों और कल्याण को सुदृढ़ करना है।

भवन एवं अन्य निर्माण श्रमिक (BOCW) अधिनियम, 1996

  • यह अधिनियम भवन और अन्य निर्माण श्रमिकों के रोजगार को विनियमित करने तथा उनकी सेवा शर्तों को निर्धारित करने के लिए बनाया गया है।
  • इसका मुख्य उद्देश्य इन श्रमिकों के लिए सुरक्षा, स्वास्थ्य और कल्याणकारी उपायों का प्रावधान करना है।
  • अधिनियम के तहत, प्रत्येक राज्य में एक ‘भवन एवं अन्य निर्माण श्रमिक कल्याण बोर्ड’ (BOCW Welfare Board) का गठन किया जाता है।
  • इन बोर्डों को निर्माण परियोजनाओं पर उपकर (Cess) लगाने और एकत्र करने का अधिकार है, जिसका उपयोग श्रमिकों के कल्याणकारी योजनाओं के वित्तपोषण के लिए किया जाता है।
  • कल्याणकारी योजनाओं में शिक्षा सहायता, चिकित्सा सहायता, मातृत्व लाभ, पेंशन, आवास सहायता और कौशल उन्नयन कार्यक्रम शामिल हो सकते हैं।
  • यह अधिनियम श्रमिकों के पंजीकरण और पहचान पत्र जारी करने का प्रावधान करता है, जिससे उन्हें कल्याणकारी लाभों तक पहुँचने में मदद मिलती है।
  • यह अधिनियम निर्माण स्थलों पर सुरक्षा मानकों और कार्यस्थल पर श्रमिकों के स्वास्थ्य की देखभाल पर भी जोर देता है।
  • हाल के सम्मेलन में नई श्रम संहिताओं के आलोक में BOCW कल्याण बोर्डों की भूमिका और जिम्मेदारियों पर चर्चा की गई।

मुख्य विशेषताएँ

विशेषता महत्व
द्वि-दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन केंद्र और राज्य सरकारों, कल्याण बोर्डों तथा अन्य हितधारकों को एक मंच पर लाना।
कौशल विकास पर जोर निर्माण श्रमिकों की रोजगार क्षमता और आय में वृद्धि करना।
सामाजिक सुरक्षा एवं कल्याण श्रमिकों के जीवन स्तर और कार्यस्थल की सुरक्षा सुनिश्चित करना।
डिजिटल लेबर चौक और श्रमिक सुविधा केंद्र श्रम बाजार में सूचना विषमताओं को कम करना और नियोक्ताओं-श्रमिकों के बीच समन्वय बढ़ाना।
अंतर-राज्यीय और अंतर्राष्ट्रीय आवाजाही पर ध्यान प्रवासी श्रमिकों के लिए सामाजिक सुरक्षा योजनाओं को अधिक समावेशी बनाना।
सर्वोत्तम कार्यप्रणालियों का आदान-प्रदान राज्यों को एक-दूसरे से सीखने और कल्याणकारी उपायों को बेहतर बनाने में मदद करना।

महत्व

सामाजिक महत्व

  • निर्माण श्रमिकों के जीवन स्तर में सुधार और गरिमापूर्ण कार्य परिस्थितियों को बढ़ावा देना।
  • सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के माध्यम से श्रमिकों को अनिश्चितताओं से बचाना।
  • कौशल विकास के अवसर प्रदान कर सामाजिक गतिशीलता (Social Mobility) को बढ़ाना।

आर्थिक महत्व

  • कुशल कार्यबल की उपलब्धता सुनिश्चित कर निर्माण क्षेत्र की उत्पादकता (Productivity) बढ़ाना।
  • श्रमिकों की आय में वृद्धि से समग्र आर्थिक विकास में योगदान।
  • श्रम बाजार की दक्षता में सुधार कर रोजगार सृजन को बढ़ावा देना।

शासनिक महत्व

  • केंद्र और राज्यों के बीच समन्वय स्थापित कर नीतियों के प्रभावी कार्यान्वयन को सुनिश्चित करना।
  • कल्याणकारी योजनाओं को अधिक जवाबदेह और समावेशी बनाना।
  • डिजिटल पहलों के माध्यम से सेवाओं की पहुंच और पारदर्शिता (Transparency) बढ़ाना।

चुनौतियाँ

1. असंगठित क्षेत्र की प्रकृति

  • निर्माण क्षेत्र में अधिकांश श्रमिक असंगठित होते हैं, जिससे उन्हें पहचानना और कल्याणकारी योजनाओं के दायरे में लाना मुश्किल होता है।
  • नियोक्ताओं द्वारा श्रम कानूनों का पालन न करना और श्रमिकों को न्यूनतम मजदूरी व अन्य लाभों से वंचित रखना।

2. कौशल अंतराल

  • निर्माण श्रमिकों में औपचारिक कौशल प्रशिक्षण की कमी, जिससे उनकी रोजगार क्षमता सीमित होती है।
  • बदलती निर्माण तकनीकों के साथ श्रमिकों के कौशल को अद्यतन (Update) करने में चुनौतियाँ।

3. प्रवासी श्रमिकों की समस्याएँ

  • अंतर-राज्यीय प्रवास के कारण श्रमिकों को अपने मूल राज्य की कल्याणकारी योजनाओं का लाभ न मिल पाना।
  • प्रवासी श्रमिकों के लिए आवास, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसी बुनियादी सुविधाओं की कमी।

4. कल्याणकारी बोर्डों का प्रभावी कार्यान्वयन

  • भवन एवं अन्य निर्माण श्रमिक (BOCW) कल्याण बोर्डों द्वारा निधियों का अपर्याप्त उपयोग या कुप्रबंधन।
  • कल्याणकारी योजनाओं के बारे में श्रमिकों में जागरूकता की कमी।

5. कार्यस्थल सुरक्षा और स्वास्थ्य

  • निर्माण स्थलों पर सुरक्षा मानकों की कमी, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है।
  • श्रमिकों के व्यावसायिक स्वास्थ्य (Occupational Health) पर अपर्याप्त ध्यान।

चुनौतियाँ — यूपीएससी दृष्टिकोण

मुद्दा चिंता
पंजीकरण और पहचान असंगठित क्षेत्र के कारण बड़ी संख्या में श्रमिकों का कल्याण बोर्डों में पंजीकृत न होना।
कौशल उन्नयन तकनीकी प्रगति के साथ श्रमिकों के कौशल को अद्यतन करने में धीमी गति।
सामाजिक सुरक्षा का अभाव स्वास्थ्य बीमा, पेंशन और मातृत्व लाभ जैसी योजनाओं की सीमित पहुंच।
प्रवासी श्रमिकों की उपेक्षा राज्य-विशिष्ट योजनाओं के कारण अंतर-राज्यीय प्रवासी श्रमिकों को लाभ से वंचित रहना।
निधियों का उपयोग कल्याण बोर्डों द्वारा एकत्रित उपकर (Cess) का प्रभावी ढंग से उपयोग न हो पाना।
जागरूकता की कमी श्रमिकों में अपने अधिकारों और उपलब्ध कल्याणकारी योजनाओं के प्रति जागरूकता का अभाव।

सरकारी पहल — प्रीलिम्स हेतु अवश्य याद रखें

  • भवन एवं अन्य निर्माण श्रमिक (रोजगार का विनियमन और सेवा शर्तें) अधिनियम, 1996
  • प्रधानमंत्री श्रम योगी मान-धन योजना
  • ई-श्रम पोर्टल

आगे की राह

  • सभी निर्माण श्रमिकों का व्यापक पंजीकरण सुनिश्चित करने के लिए डिजिटल प्लेटफॉर्म और आउटरीच कार्यक्रमों का विस्तार करना।
  • कौशल विकास और उद्यमशीलता मंत्रालय के साथ समन्वय स्थापित कर निर्माण श्रमिकों के लिए लक्षित कौशल प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू करना।
  • प्रवासी श्रमिकों के लिए पोर्टेबल सामाजिक सुरक्षा योजनाओं (Portable Social Security Schemes) को लागू करना, जो राज्य की सीमाओं से परे लाभ प्रदान करें।
  • BOCW कल्याण बोर्डों के निधियों के प्रभावी उपयोग और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए मजबूत निगरानी तंत्र विकसित करना।
  • निर्माण स्थलों पर सुरक्षा मानकों को कड़ाई से लागू करना और श्रमिकों के व्यावसायिक स्वास्थ्य पर ध्यान केंद्रित करना।
  • श्रमिकों को उनके अधिकारों और उपलब्ध कल्याणकारी योजनाओं के बारे में शिक्षित करने के लिए व्यापक जागरूकता अभियान चलाना।
  • केंद्र और राज्य सरकारों के बीच नियमित समन्वय और सर्वोत्तम कार्यप्रणालियों के आदान-प्रदान के लिए एक संस्थागत तंत्र स्थापित करना।

यूपीएससी मूल्य-संवर्धन

मुख्य परीक्षा उत्तर-लेखन हेतु कीवर्ड

भवन एवं अन्य निर्माण श्रमिक (BOCW) · श्रम कल्याण · कौशल विकास · सामाजिक सुरक्षा · श्रम संहिता · अंतर-राज्यीय श्रमिक · डिजिटल लेबर चौक · कल्याण बोर्ड · नीतिगत समन्वय · व्यावसायिक स्वास्थ्य और सुरक्षा

संवैधानिक व नीतिगत संबंध

  • {‘article’: ‘अनुच्छेद 38’, ‘note’: ‘राज्य लोक कल्याण की अभिवृद्धि का प्रयास करेगा।’}
  • {‘article’: ‘अनुच्छेद 39’, ‘note’: ‘राज्य कुछ नीति का अनुसरण करेगा।’}
  • {‘article’: ‘अनुच्छेद 41’, ‘note’: ‘काम पाने, शिक्षा पाने और लोक सहायता का अधिकार।’}
  • {‘article’: ‘अनुच्छेद 42’, ‘note’: ‘काम की न्यायसंगत और मानवोचित दशाएँ।’}
  • {‘article’: ‘अनुच्छेद 43’, ‘note’: ‘कर्मकारों के लिए निर्वाह मजदूरी आदि।’}

अवधारणा प्रवाह

निर्माण श्रमिकों की असुरक्षित कार्यदशाएँ  →  कल्याणकारी योजनाओं और कौशल विकास की आवश्यकता  →  राष्ट्रीय सम्मेलन में चर्चा और सर्वोत्तम कार्यप्रणालियों का आदान-प्रदान  →  नीतिगत सुधार और प्रभावी कार्यान्वयन पर जोर  →  श्रमिकों के जीवन स्तर और कार्यदशाओं में सुधार  →  आर्थिक संवृद्धि और सामाजिक न्याय को बढ़ावा

प्रारंभिक अभ्यास प्रश्न

Q1. भवन एवं अन्य निर्माण श्रमिक (रोजगार विनियमन और सेवा शर्तें) अधिनियम, 1996 के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. यह अधिनियम केवल उन प्रतिष्ठानों पर लागू होता है जहाँ दस या अधिक निर्माण श्रमिक नियोजित हैं।
2. इस अधिनियम के तहत गठित कल्याण बोर्ड का मुख्य कार्य निर्माण श्रमिकों के लिए सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का क्रियान्वयन करना है।
3. यह अधिनियम निर्माण श्रमिकों के लिए न्यूनतम मजदूरी निर्धारित करने का प्रावधान करता है।
उपर्युक्त कथनों में से कितने सही हैं?

  1. केवल एक
  2. केवल दो
  3. सभी तीन
  4. कोई नहीं

उत्तर: केवल दो — कथन 1 सही है। यह अधिनियम उन प्रतिष्ठानों पर लागू होता है जहाँ दस या अधिक निर्माण श्रमिक नियोजित हैं। कथन 2 सही है। कल्याण बोर्ड सामाजिक सुरक्षा योजनाओं को लागू करता है। कथन 3 गलत है। न्यूनतम मजदूरी का निर्धारण न्यूनतम मजदूरी अधिनियम, 1948 के तहत होता है, न कि BOCW अधिनियम के तहत।

Q2. निम्नलिखित में से कौन-सा/से कदम निर्माण श्रमिकों के कल्याण और कौशल विकास इकोसिस्टम को सुदृढ़ करने में सहायक हो सकता/सकते है/हैं?
1. कौशल विकास कार्यक्रमों को उद्योग की मांग के अनुरूप बनाना।
2. अंतर-राज्यीय श्रमिकों के लिए पोर्टेबल सामाजिक सुरक्षा लाभ सुनिश्चित करना।
3. डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से श्रमिकों और नियोक्ताओं के बीच सूचना विषमताओं को कम करना।
नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए।

  1. केवल 1
  2. केवल 2 और 3
  3. केवल 1 और 3
  4. 1, 2 और 3

उत्तर: 1, 2 और 3 — दिए गए सभी तीनों कदम निर्माण श्रमिकों के कल्याण और कौशल विकास इकोसिस्टम को सुदृढ़ करने में सहायक हैं। कौशल विकास को उद्योग की मांग के अनुरूप बनाने से रोजगार क्षमता बढ़ती है। पोर्टेबल सामाजिक सुरक्षा से अंतर-राज्यीय श्रमिकों को लाभ मिलता है। डिजिटल प्लेटफॉर्म सूचना विषमताओं को कम करते हैं और रोजगार के अवसर बढ़ाते हैं।

मुख्य अभ्यास प्रश्न

✍ भवन एवं अन्य निर्माण श्रमिकों (BOCW) के कल्याण और कौशल विकास के लिए सरकार द्वारा उठाए गए कदमों का विश्लेषण कीजिए। इन श्रमिकों के सामने आने वाली प्रमुख चुनौतियों का समाधान करने में ये कदम कितने प्रभावी रहे हैं? (15 Marks)

रूपरेखा: परिचय में BOCW श्रमिकों के महत्व और उनकी भेद्यता को संक्षेप में बताएं। मुख्य भाग में, BOCW अधिनियम, 1996 और इसके तहत गठित कल्याण बोर्डों की भूमिका, विभिन्न राज्यों द्वारा अपनाई गई सर्वोत्तम कार्यप्रणालियों (जैसे डिजिटल लेबर चौक, कौशल विकास पहल, श्रम सेवा सुविधा केंद्र) और नई श्रम संहिताओं के प्रावधानों का उल्लेख करें। इसके बाद, इन श्रमिकों के सामने आने वाली चुनौतियों (जैसे अंतर-राज्यीय आवाजाही, सामाजिक सुरक्षा की कमी, व्यावसायिक स्वास्थ्य और सुरक्षा मुद्दे, कौशल अंतराल, सूचना विषमताएं) का वर्णन करें। अंत में, सरकार के कदमों की प्रभावशीलता का आलोचनात्मक विश्लेषण करें और भविष्य की राह के लिए बीमांकिक विश्लेषण, केंद्र-राज्य समन्वय और नीतिगत एकीकरण जैसे सुझाव दें।

स्रोत: PIB (Press Information Bureau)

Maharashtra PCS (MPSC) — राज्य PCS अभ्यास

Prelims: मुंबई में आयोजित राष्ट्रीय सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य निर्माण श्रमिकों के संबंध में क्या था?

  1. A. निर्माण श्रमिकों के कल्याण एवं कौशल विकास इकोसिस्टम को सुदृढ़ करना
  2. B. निर्माण श्रमिकों के लिए नए आवासीय परिसरों का निर्माण
  3. C. निर्माण श्रमिकों के वेतन में वृद्धि का प्रस्ताव
  4. D. निर्माण श्रमिकों के लिए नई सरकारी नौकरियों की घोषणा

उत्तर: A. निर्माण श्रमिकों के कल्याण एवं कौशल विकास इकोसिस्टम को सुदृढ़ करना — इस सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य निर्माण श्रमिकों के कल्याण एवं कौशल विकास इकोसिस्टम को सुदृढ़ करना था, जिससे उनके जीवनस्तर में सुधार हो सके।

Mains: महाराष्ट्र में निर्माण श्रमिकों के कल्याण एवं कौशल विकास इकोसिस्टम को सुदृढ़ करने के लिए राज्य सरकार द्वारा उठाए जाने वाले प्रमुख कदमों का विश्लेषण कीजिए। अपने उत्तर में महाराष्ट्र के निर्माण क्षेत्र की वर्तमान स्थिति तथा संबंधित योजनाओं का उल्लेख कीजिए।


शैक्षिक उद्देश्य हेतु AanyaAi द्वारा जनित।


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