यूपीएससी के लिए जीडीपी नाउकास्टिंग: सांख्यिकी मंत्रालय और आईडीईएएस-आईएसआई के समझौते की मुख्य बातें

सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय ने अनुसंधान अध्ययन करने के लिए आईडीईएएस, आईएसआई कोलकाता के साथ दो समझौता ज्ञ — concept mind map

यूपीएससी के लिए जीडीपी नाउकास्टिंग: सांख्यिकी मंत्रालय और आईडीईएएस-आईएसआई के समझौते की मुख्य बातें

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MoSPI & IDEAS/ISI MoUs

✎ सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय (MoSPI) ने डेटा-आधारित निर्णय निर्माण को बढ़ावा देने और जीडीपी नाउकास्टिंग व सरकारी योजनाओं के डेटा एकीकरण के लिए IDEAS, ISI कोलकाता के साथ समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं।

विषय प्रासंगिकता — यह टॉपिक कहाँ आता है

  • GS पेपर II — शासन, पारदर्शिता और जवाबदेही  |  GS पेपर III — भारतीय अर्थव्यवस्था तथा योजना, संसाधन जुटाने, वृद्धि, विकास और रोजगार से संबंधित विषय
  • Prelims: सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय (MoSPI), इंस्टीट्यूट ऑफ डेटा इंजीनियरिंग, एनालिटिक्स एंड साइंस फाउंडेशन (IDEAS), इंडियन स्टैटिस्टिकल इंस्टीट्यूट (ISI) कोलकाता, सकल घरेलू उत्पाद (GDP) नाउकास्टिंग, राष्ट्रीय प्रतिदर्श सर्वेक्षण (NSS) डेटा, विकसित भारत @ 2047, डेटा गवर्नेंस
  • Essay: डेटा-आधारित शासन और नीति निर्माण में इसकी भूमिका, भारत के आर्थिक विकास में सांख्यिकी का महत्व

त्वरित पुनरावृत्ति: सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय (MoSPI) ने डेटा-आधारित निर्णय निर्माण को बढ़ावा देने और जीडीपी नाउकास्टिंग व सरकारी योजनाओं के डेटा एकीकरण के लिए IDEAS, ISI कोलकाता के साथ समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं।

यह खबर चर्चा में क्यों?

सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय (Ministry of Statistics and Programme Implementation – MoSPI) ने अनुसंधान अध्ययन करने के लिए इंस्टीट्यूट ऑफ डेटा इंजीनियरिंग, एनालिटिक्स एंड साइंस फाउंडेशन (IDEAS), इंडियन स्टैटिस्टिकल इंस्टीट्यूट (ISI) कोलकाता के साथ दो समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर किए हैं। इस सहयोगात्मक पहल का उद्देश्य मंत्रालय द्वारा जारी विभिन्न सांख्यिकीय आंकड़ों का गहन अध्ययन करना और अन्य डेटा स्रोतों के साथ सामंजस्य स्थापित करना है, जो विकसित भारत @ 2047 के लिए भारत सरकार की डेटा-आधारित निर्णय लेने की पहल पर केंद्रित है।

पृष्ठभूमि

  • भारत सरकार डेटा-आधारित निर्णय निर्माण को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है, विशेष रूप से ‘विकसित भारत @ 2047’ के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए।
  • सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय देश में सांख्यिकीय प्रणाली के विकास और रखरखाव के लिए नोडल मंत्रालय है।
  • मंत्रालय विभिन्न महत्वपूर्ण आर्थिक और सामाजिक संकेतकों पर डेटा एकत्र करता है, संकलित करता है और जारी करता है, जिसमें सकल घरेलू उत्पाद (GDP), औद्योगिक उत्पादन सूचकांक (IIP) और उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) शामिल हैं।
  • डेटा की सटीकता, समयबद्धता और उपयोगिता को बढ़ाना नीति निर्माण के लिए आवश्यक है।
  • अनुसंधान संस्थानों के साथ सहयोग से डेटा विश्लेषण क्षमताओं को मजबूत करने और नवीन उपकरण विकसित करने में मदद मिलती है।
  • इंडियन स्टैटिस्टिकल इंस्टीट्यूट (ISI) भारत में सांख्यिकीय अनुसंधान और शिक्षा का एक प्रमुख संस्थान है, जिसकी डेटा विज्ञान में विशेषज्ञता है।

सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय (MoSPI) और इसके कार्य

  • सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय भारत सरकार का एक मंत्रालय है जो देश में सांख्यिकीय प्रणाली के विकास और रखरखाव के लिए जिम्मेदार है।
  • यह राष्ट्रीय लेखा सांख्यिकी, औद्योगिक उत्पादन सूचकांक, उपभोक्ता मूल्य सूचकांक और अन्य व्यापक आर्थिक संकेतकों से संबंधित डेटा जारी करता है।
  • मंत्रालय के दो प्रमुख विंग हैं: सांख्यिकी विंग और कार्यक्रम कार्यान्वयन विंग।
  • सांख्यिकी विंग राष्ट्रीय प्रतिदर्श सर्वेक्षण कार्यालय (National Sample Survey Office – NSSO) और केंद्रीय सांख्यिकी कार्यालय (Central Statistics Office – CSO) के माध्यम से विभिन्न सर्वेक्षण और सांख्यिकीय अध्ययन करता है।
  • कार्यक्रम कार्यान्वयन विंग में बुनियादी ढांचा परियोजना निगरानी, संसद सदस्य स्थानीय क्षेत्र विकास योजना (MPLADS) और बीस सूत्री कार्यक्रम (Twenty Point Programme – TPP) शामिल हैं।
  • मंत्रालय का उद्देश्य सांख्यिकीय डेटा की गुणवत्ता, विश्वसनीयता और समयबद्धता सुनिश्चित करना है ताकि नीति निर्माताओं, शोधकर्ताओं और आम जनता को सूचित निर्णय लेने में मदद मिल सके।
  • वर्तमान समझौता ज्ञापन जीडीपी वृद्धि का वास्तविक समय का अनुमान (GDP Nowcasting) लगाने के लिए एक डेस्कटॉप-आधारित सॉफ्टवेयर टूल विकसित करने और सरकारी स्वास्थ्य, पोषण और कल्याण योजनाओं से संबंधित प्रशासनिक डेटा को घरेलू स्तर के एनएसएस डेटा से जोड़ने के लिए एक सामंजस्यपूर्ण संकेतक ढांचा विकसित करने पर केंद्रित है।
  • यह सहयोग डेटा-आधारित निर्णय निर्माण को मजबूत करेगा और विभिन्न सरकारी योजनाओं के प्रभाव का बेहतर मूल्यांकन करने में मदद करेगा।

मुख्य विशेषताएँ

विशेषता महत्व
सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय (MoSPI) तथा इंस्टीट्यूट ऑफ डेटा इंजीनियरिंग, एनालिटिक्स एंड साइंस फाउंडेशन (IDEAS), इंडियन स्टैटिस्टिकल इंस्टीट्यूट (ISI), कोलकाता के बीच समझौता ज्ञापन (MoU) यह सहयोग MoSPI और IDEAS के बीच एक अभिनव ज्ञान-साझाकरण मंच स्थापित करता है, जो डेटा-आधारित निर्णय लेने की क्षमता को बढ़ाता है।
GDP नाउकास्टिंग सॉफ्टवेयर टूल का विकास यह टूल सकल घरेलू उत्पाद (GDP) वृद्धि का वास्तविक समय का अनुमान (नाउकास्टिंग) प्रदान करेगा, जिससे आर्थिक नीतियों के निर्माण और समायोजन में सहायता मिलेगी।
सरकारी स्वास्थ्य, पोषण और कल्याण योजनाओं से संबंधित प्रशासनिक डेटा को घरेलू स्तर के NSS डेटा से जोड़ना यह पहल विभिन्न डेटा स्रोतों के बीच सामंजस्य स्थापित करेगी, जिससे योजनाओं के प्रभाव का अधिक सटीक मूल्यांकन संभव होगा और लक्षित हस्तक्षेपों में मदद मिलेगी।
डेटा-आधारित निर्णय लेने पर जोर यह सहयोग ‘विकसित भारत @ 2047’ के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए भारत सरकार की डेटा-आधारित निर्णय लेने की पहल को मजबूत करता है।
वित्तीय सहायता और डेटा सहयोग MoSPI द्वारा IDEAS को वित्तीय सहायता और डेटा सहयोग प्रदान किया जाएगा, जो अनुसंधान और विकास प्रयासों को बढ़ावा देगा।

महत्व

आर्थिक महत्व

  • GDP नाउकास्टिंग टूल के विकास से देश की आर्थिक स्थिति का अधिक सटीक और समय पर आकलन संभव होगा, जिससे मौद्रिक और राजकोषीय नीतियों के प्रभावी निर्माण में मदद मिलेगी।
  • यह आर्थिक पूर्वानुमानों की विश्वसनीयता को बढ़ाएगा, जिससे निवेशकों और नीति निर्माताओं दोनों के लिए अनिश्चितता कम होगी।

शासन और नीति निर्माण

  • विभिन्न सरकारी योजनाओं से संबंधित प्रशासनिक डेटा को घरेलू स्तर के राष्ट्रीय नमूना सर्वेक्षण (NSS) डेटा से जोड़ने से नीतियों के प्रभाव का व्यापक और सूक्ष्म-स्तरीय विश्लेषण संभव होगा।
  • यह डेटा-आधारित शासन को बढ़ावा देगा, जिससे सरकारी कार्यक्रमों की दक्षता, पारदर्शिता और जवाबदेही में सुधार होगा।

सांख्यिकीय क्षमता संवर्धन

  • यह सहयोग भारत की सांख्यिकीय प्रणाली की क्षमता को मजबूत करेगा, विशेष रूप से डेटा एकीकरण, विश्लेषण और पूर्वानुमान के क्षेत्र में।
  • यह अनुसंधान और विकास को बढ़ावा देकर देश में डेटा विज्ञान और सांख्यिकी के क्षेत्र में नवाचार को प्रोत्साहित करेगा।

सामाजिक प्रभाव

  • स्वास्थ्य, पोषण और कल्याण योजनाओं के डेटा एकीकरण से कमजोर वर्गों के लिए लक्षित हस्तक्षेपों की पहचान करने में मदद मिलेगी, जिससे सामाजिक कल्याण कार्यक्रमों का प्रभाव बढ़ेगा।
  • यह सामाजिक संकेतकों की निगरानी और मूल्यांकन में सुधार करेगा, जिससे समावेशी विकास के लक्ष्यों को प्राप्त करने में सहायता मिलेगी।

चुनौतियाँ

1. डेटा की गुणवत्ता और उपलब्धता

  • विभिन्न स्रोतों से प्राप्त डेटा की गुणवत्ता, एकरूपता और उपलब्धता सुनिश्चित करना एक चुनौती है।
  • डेटा संग्रह में मानकीकरण की कमी विभिन्न डेटासेट को एकीकृत करने में बाधा उत्पन्न कर सकती है।

2. डेटा एकीकरण और सामंजस्य

  • विभिन्न प्रशासनिक डेटासेट और NSS डेटा को एक सामंजस्यपूर्ण ढांचे में एकीकृत करना तकनीकी रूप से जटिल हो सकता है।
  • डेटा गोपनीयता और सुरक्षा सुनिश्चित करते हुए डेटा को जोड़ना एक महत्वपूर्ण चुनौती है।

3. तकनीकी विशेषज्ञता और क्षमता

  • उन्नत नाउकास्टिंग टूल और संकेतक ढांचे को विकसित करने और बनाए रखने के लिए उच्च-स्तरीय तकनीकी विशेषज्ञता की आवश्यकता होगी।
  • MoSPI के भीतर इन नए उपकरणों का उपयोग करने और उनका लाभ उठाने के लिए क्षमता निर्माण आवश्यक होगा।

4. परिणामों का प्रभावी उपयोग

  • विकसित किए गए उपकरणों और विश्लेषणों के परिणामों को नीति निर्माण प्रक्रिया में प्रभावी ढंग से एकीकृत करना सुनिश्चित करना।
  • नीति निर्माताओं और अन्य हितधारकों के बीच डेटा-आधारित निर्णय लेने की संस्कृति को बढ़ावा देना।

चुनौतियाँ — यूपीएससी दृष्टिकोण

मुद्दा चिंता
डेटा मानकीकरण का अभाव विभिन्न सरकारी विभागों द्वारा एकत्र किए गए डेटा में प्रारूप, परिभाषाओं और गुणवत्ता में भिन्नता हो सकती है, जिससे एकीकरण मुश्किल हो जाता है।
डेटा गोपनीयता और सुरक्षा व्यक्तिगत और संवेदनशील डेटा को एकीकृत करते समय गोपनीयता भंग होने और डेटा सुरक्षा उल्लंघनों का जोखिम होता है।
तकनीकी अवसंरचना की कमी उन्नत डेटा विश्लेषण और एकीकरण के लिए आवश्यक मजबूत तकनीकी अवसंरचना और कंप्यूटिंग शक्ति की उपलब्धता।
अंतर-विभागीय समन्वय विभिन्न मंत्रालयों और विभागों के बीच डेटा साझाकरण और सहयोग सुनिश्चित करना, जो अक्सर नौकरशाही बाधाओं के कारण चुनौतीपूर्ण होता है।
मॉडल की सटीकता और सत्यापन नाउकास्टिंग मॉडल और संकेतक ढांचे की सटीकता और विश्वसनीयता को लगातार सत्यापित और अद्यतन करने की आवश्यकता।

आगे की राह

  • डेटा संग्रह प्रक्रियाओं में मानकीकरण और गुणवत्ता नियंत्रण उपायों को लागू करना ताकि विभिन्न स्रोतों से डेटा की एकरूपता सुनिश्चित की जा सके।
  • डेटा गोपनीयता कानूनों और सुरक्षा प्रोटोकॉल को मजबूत करना ताकि एकीकृत डेटासेट की सुरक्षा और व्यक्तियों की गोपनीयता सुनिश्चित की जा सके।
  • MoSPI और अन्य संबंधित विभागों में डेटा विश्लेषण, मशीन लर्निंग और सांख्यिकीय मॉडलिंग में कर्मचारियों की क्षमता का निर्माण करना।
  • डेटा साझाकरण समझौतों और अंतर-विभागीय समन्वय तंत्रों को संस्थागत बनाना ताकि विभिन्न सरकारी संस्थाओं के बीच सहज डेटा प्रवाह सुनिश्चित हो सके।
  • विकसित किए गए नाउकास्टिंग टूल और संकेतक ढांचे का नियमित रूप से मूल्यांकन और सत्यापन करना ताकि उनकी सटीकता और प्रासंगिकता बनी रहे।
  • नीति निर्माताओं और अन्य हितधारकों के लिए डेटा विश्लेषण परिणामों को सुलभ और समझने योग्य प्रारूपों में प्रस्तुत करना ताकि डेटा-आधारित निर्णय लेने को बढ़ावा मिल सके।
  • डेटा गवर्नेंस के लिए एक व्यापक राष्ट्रीय नीति विकसित करना जो डेटा संग्रह, प्रसंस्करण, साझाकरण और उपयोग के लिए स्पष्ट दिशानिर्देश प्रदान करे।

यूपीएससी मूल्य-संवर्धन

मुख्य परीक्षा उत्तर-लेखन हेतु कीवर्ड

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अवधारणा प्रवाह

MoSPI और IDEAS/ISI कोलकाता के बीच समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर  →  MoSPI द्वारा वित्तीय सहायता और डेटा सहयोग प्रदान करना  →  IDEAS द्वारा GDP नाउकास्टिंग टूल और सामंजस्यपूर्ण संकेतक ढांचे का विकास  →  विभिन्न सांख्यिकीय आंकड़ों और डेटा स्रोतों का गहन अध्ययन तथा एकीकरण  →  डेटा-आधारित निर्णय लेने की क्षमता में वृद्धि  →  ‘विकसित भारत @ 2047’ के लक्ष्य की दिशा में प्रगति

प्रारंभिक अभ्यास प्रश्न

Q1. सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय (MoSPI) और इंस्टीट्यूट ऑफ डेटा इंजीनियरिंग, एनालिटिक्स एंड साइंस फाउंडेशन (IDEAS), इंडियन स्टैटिस्टिकल इंस्टीट्यूट (ISI), कोलकाता के बीच हाल ही में हस्ताक्षरित समझौता ज्ञापनों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार करें:
1. MoSPI वित्तीय सहायता और डेटा सहयोग प्रदान करेगा।
2. IDEAS, GDP वृद्धि का वास्तविक समय का अनुमान (GDP नाउकास्टिंग) लगाने के लिए एक डेस्कटॉप-आधारित सॉफ्टवेयर टूल विकसित करेगा।
3. यह सहयोग केवल स्वास्थ्य योजनाओं से संबंधित प्रशासनिक डेटा को घरेलू स्तर के NSS डेटा से जोड़ने पर केंद्रित है।
उपरोक्त कथनों में से कितने सही हैं?

  1. केवल एक
  2. केवल दो
  3. केवल तीन
  4. कोई नहीं

उत्तर: केवल दो — कथन 1 सही है क्योंकि MoSPI वित्तीय सहायता और डेटा सहयोग प्रदान करेगा। कथन 2 सही है क्योंकि IDEAS GDP नाउकास्टिंग के लिए सॉफ्टवेयर टूल विकसित करेगा। कथन 3 गलत है क्योंकि यह सहयोग सरकारी स्वास्थ्य, पोषण और कल्याण योजनाओं से संबंधित प्रशासनिक डेटा को घरेलू स्तर के NSS डेटा से जोड़ने पर केंद्रित है, न कि केवल स्वास्थ्य योजनाओं पर।

Q2. निम्नलिखित में से कौन सा मंत्रालय भारत में विभिन्न सांख्यिकीय आंकड़ों के संकलन और प्रसार के लिए जिम्मेदार है?

  1. वित्त मंत्रालय
  2. गृह मंत्रालय
  3. सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय
  4. नीति आयोग

उत्तर: सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय — सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय (Ministry of Statistics and Programme Implementation – MoSPI) भारत में सांख्यिकीय गतिविधियों के समन्वय और विभिन्न सांख्यिकीय आंकड़ों के संकलन और प्रसार के लिए नोडल मंत्रालय है।

मुख्य अभ्यास प्रश्न

✍ सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय (MoSPI) द्वारा डेटा-आधारित निर्णय लेने की पहल में अनुसंधान संस्थानों के साथ सहयोग के महत्व का परीक्षण करें। ‘विकसित भारत @ 2047’ के लक्ष्य को प्राप्त करने में ऐसे सहयोग कैसे सहायक हो सकते हैं? (15 Marks)

रूपरेखा: मॉडल-उत्तर कंकाल:
1. परिचय: MoSPI और IDEAS/ISI कोलकाता के बीच हालिया समझौता ज्ञापनों का संक्षिप्त उल्लेख करते हुए डेटा-आधारित निर्णय लेने में अनुसंधान सहयोग के महत्व को रेखांकित करें।
2. अनुसंधान संस्थानों के साथ सहयोग का महत्व:
क. विशेषज्ञता का लाभ: उन्नत विश्लेषणात्मक तकनीकों और मॉडलिंग क्षमताओं तक पहुंच।
ख. डेटा गुणवत्ता और सटीकता में सुधार: विभिन्न डेटा स्रोतों के सामंजस्य और एकीकरण के माध्यम से।
ग. वास्तविक समय के अनुमान: GDP नाउकास्टिंग जैसे उपकरणों का विकास, जो नीति निर्माण के लिए महत्वपूर्ण हैं।
घ. नीतिगत प्रभावशीलता का मूल्यांकन: सरकारी योजनाओं से संबंधित प्रशासनिक डेटा को घरेलू स्तर के NSS डेटा से जोड़कर।
ङ. नवाचार और क्षमता निर्माण: मंत्रालय के भीतर डेटा विज्ञान और विश्लेषण में क्षमता निर्माण को बढ़ावा देना।
3. ‘विकसित भारत @ 2047’ के लक्ष्य में सहायक:
क. साक्ष्य-आधारित नीति निर्माण: सटीक और समय पर डेटा के आधार पर नीतियों का निर्माण, जो आर्थिक संवृद्धि और सामाजिक विकास को गति देगा।
ख. लक्षित हस्तक्षेप: स्वास्थ्य, पोषण और कल्याण जैसे क्षेत्रों में योजनाओं की प्रभावशीलता का मूल्यांकन करके लक्षित हस्तक्षेपों को सक्षम करना।
ग. संसाधनों का कुशल आवंटन: डेटा-संचालित अंतर्दृष्टि के माध्यम से संसाधनों का बेहतर उपयोग।
घ. निगरानी और मूल्यांकन: विकास लक्ष्यों की प्रगति की निरंतर निगरानी और मूल्यांकन।
ङ. पारदर्शिता और जवाबदेही: सार्वजनिक डेटा की उपलब्धता और विश्लेषण से शासन में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ती है।
4. निष्कर्ष: संक्षेप में बताएं कि कैसे ये सहयोग भारत को एक डेटा-समृद्ध और डेटा-संचालित अर्थव्यवस्था के रूप में स्थापित करने में मदद करेंगे, जिससे ‘विकसित भारत @ 2047’ का लक्ष्य प्राप्त हो सके।

स्रोत: PIB (Press Information Bureau)


शैक्षिक उद्देश्य हेतु AanyaAi द्वारा जनित।

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