यूपीएससी/पीसीएस के लिए कौशल विकास: एनएसटीआई बेंगलुरु में ईवी एवं ग्रीन स्किल्स लैब का शुभारंभ

कौशल विकास और उद्यमशीलता मंत्रालय (एमएसडीई) सचिव ने एनएसटीआई बेंगलुरु में स्किल4फ्यूचर (शेल इंडिया) ईवी और ग्रीन स्किल्स — diagram

यूपीएससी/पीसीएस के लिए कौशल विकास: एनएसटीआई बेंगलुरु में ईवी एवं ग्रीन स्किल्स लैब का शुभारंभ

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EV & Green Skills Lab

✎ स्किल4फ्यूचर कार्यक्रम भारत के युवाओं को इलेक्ट्रिक वाहन और हरित प्रौद्योगिकियों में भविष्य के लिए तैयार कौशल से लैस करने वाली एक महत्वपूर्ण पहल है, जो सतत विकास और रोजगार क्षमता को बढ़ाती है।

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विषय प्रासंगिकता — यह टॉपिक कहाँ आता है

  • GS Paper II — सरकारी नीतियाँ और हस्तक्षेप, मानव संसाधन  |  GS Paper III — भारतीय अर्थव्यवस्था, विज्ञान और प्रौद्योगिकी, पर्यावरण और पारिस्थितिकी
  • Prelims: कौशल विकास और उद्यमशीलता मंत्रालय (MSDE), राष्ट्रीय कौशल प्रशिक्षण संस्थान (NSTI), स्किल4फ्यूचर कार्यक्रम, इलेक्ट्रिक वाहन (EV), हरित कौशल (Green Skills), महानिदेशालय प्रशिक्षण (DGT), एडुनेट फाउंडेशन, सतत गतिशीलता (Sustainable Mobility), औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (ITI)
  • Essay: भारत में कौशल विकास की भूमिका: आर्थिक संवृद्धि और समावेशी विकास, सतत विकास और हरित अर्थव्यवस्था: चुनौतियाँ और अवसर

त्वरित पुनरावृत्ति: स्किल4फ्यूचर कार्यक्रम भारत के युवाओं को इलेक्ट्रिक वाहन और हरित प्रौद्योगिकियों में भविष्य के लिए तैयार कौशल से लैस करने वाली एक महत्वपूर्ण पहल है, जो सतत विकास और रोजगार क्षमता को बढ़ाती है।

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यह खबर चर्चा में क्यों?

कौशल विकास और उद्यमशीलता मंत्रालय (MSDE) की सचिव ने हाल ही में राष्ट्रीय कौशल प्रशिक्षण संस्थान (NSTI), बेंगलुरु में ‘स्किल4फ्यूचर’ ईवी (इलेक्ट्रिक वाहन) और ग्रीन स्किल्स लैब का उद्घाटन किया है। यह पहल शेल इंडिया, महानिदेशालय प्रशिक्षण (DGT), MSDE और एडुनेट फाउंडेशन के सहयोगात्मक प्रयास का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य युवाओं को इलेक्ट्रिक वाहनों और हरित प्रौद्योगिकियों में भविष्य के लिए तैयार कौशल से लैस करना है।

पृष्ठभूमि

  • भारत सरकार ‘स्किल इंडिया’ मिशन के तहत कौशल विकास को प्राथमिकता दे रही है, जिसका लक्ष्य देश के युवाओं को उद्योग-प्रासंगिक कौशल प्रदान करना है।
  • इलेक्ट्रिक वाहनों और नवीकरणीय ऊर्जा जैसे हरित प्रौद्योगिकियों के क्षेत्र में तेजी से वृद्धि हो रही है, जिससे इन क्षेत्रों में कुशल कार्यबल की मांग बढ़ रही है।
  • स्किल4फ्यूचर कार्यक्रम शेल इंडिया और महानिदेशालय प्रशिक्षण (DGT) की एक सहयोगात्मक पहल है, जिसे MSDE के मार्गदर्शन में चलाया जा रहा है।
  • यह कार्यक्रम व्यावसायिक प्रशिक्षण इकोसिस्टम को मजबूत करने और छात्रों तथा शिक्षकों को हरित ऊर्जा और ई-मोबिलिटी के क्षेत्र में भविष्य के लिए तैयार करने पर केंद्रित है।
  • इस कार्यक्रम के तहत देश भर में 290 से अधिक संस्थानों को जोड़ा गया है, 70,000 से अधिक युवाओं को प्रशिक्षित किया गया है और 20 ग्रीन स्किल्स ईवी लैब स्थापित की गई हैं।
  • NSTI बेंगलुरु में स्थापित नई लैब उन्नत प्रशिक्षण बुनियादी ढाँचा और व्यावहारिक शिक्षण के अवसर प्रदान करके इस इकोसिस्टम को और मजबूत करेगी।

स्किल4फ्यूचर कार्यक्रम और हरित कौशल का महत्व

  • स्किल4फ्यूचर कार्यक्रम एक बहु-हितधारक पहल है जिसका उद्देश्य भारत में हरित और इलेक्ट्रिक वाहन (EV) से संबंधित कौशल को बढ़ावा देना है।
  • यह कार्यक्रम युवाओं को इलेक्ट्रिक वाहन प्रणालियों, बैटरी प्रौद्योगिकियों, डायग्नोस्टिक्स, सुरक्षा के तरीकों और अन्य उभरती हुई हरित प्रौद्योगिकियों का व्यावहारिक अनुभव प्रदान करता है।
  • हरित कौशल (Green Skills) उन कौशलों को संदर्भित करते हैं जिनकी आवश्यकता एक सतत और संसाधन-कुशल अर्थव्यवस्था में होती है, जैसे नवीकरणीय ऊर्जा, अपशिष्ट प्रबंधन और सतत गतिशीलता।
  • यह पहल भारत सरकार के उस दृष्टिकोण के अनुरूप है जिसका उद्देश्य देश को हरित गतिशीलता और सतत विकास की दिशा में ले जाने में सक्षम एक कुशल कार्यबल तैयार करना है।
  • कार्यक्रम उद्योग-प्रासंगिक पाठ्यक्रम, व्यावहारिक शिक्षण बुनियादी ढाँचा और रोजगार/प्लेसमेंट से जुड़े अवसरों को एकीकृत करके कौशल अंतर को कम करने का प्रयास करता है।
  • यह पहल व्यावसायिक शिक्षा और कौशल विकास इकोसिस्टम में एक गुणक प्रभाव (Multiplier Effect) उत्पन्न करती है, जिससे बड़ी संख्या में युवाओं को लाभ होता है।
  • यह कार्यक्रम समावेशी और सतत आर्थिक विकास के भारत के दृष्टिकोण का समर्थन करता है, जिससे युवाओं को हरित अर्थव्यवस्था में उभरते अवसरों के लिए तैयार किया जा सके।

मुख्य विशेषताएँ

विशेषता महत्व
स्किल4फ्यूचर (शेल इंडिया) ईवी और ग्रीन स्किल्स लैब का उद्घाटन राष्ट्रीय कौशल प्रशिक्षण संस्थान (NSTI), बेंगलुरु में स्थापित, यह लैब इलेक्ट्रिक वाहन (EV) और हरित प्रौद्योगिकियों (Green Technologies) में प्रशिक्षण प्रदान करेगी।
सहयोगात्मक पहल शेल इंडिया, महानिदेशालय प्रशिक्षण (DGT), कौशल विकास और उद्यमशीलता मंत्रालय (MSDE) तथा एडुनेट फाउंडेशन के बीच साझेदारी, जो उद्योग-सरकार सहयोग को दर्शाती है।
उन्नत प्रशिक्षण अवसंरचना शिक्षार्थियों को EV प्रणालियों, बैटरी प्रौद्योगिकियों, डायग्नोस्टिक्स और सुरक्षा विधियों में व्यावहारिक अनुभव प्रदान करने के लिए डिज़ाइन की गई है।
रोजगार क्षमता में वृद्धि सतत गतिशीलता (Sustainable Mobility) और स्वच्छ ऊर्जा के तेजी से बढ़ते क्षेत्रों में युवाओं की रोजगार क्षमता को बढ़ाना इसका मुख्य उद्देश्य है।
व्यापक पहुंच स्किल4फ्यूचर कार्यक्रम के तहत 5 राज्यों में 290 से अधिक संस्थानों को जोड़ा गया है और 70,000 से अधिक युवाओं को प्रशिक्षित किया गया है।
ग्रीन स्किल्स ईवी लैब की स्थापना देश भर में 20 ग्रीन स्किल्स ईवी लैब स्थापित की गई हैं, जो व्यावसायिक शिक्षा और कौशल विकास इकोसिस्टम में गुणात्मक प्रभाव (Multiplier Effect) उत्पन्न कर रही हैं।

महत्व

आर्थिक महत्व

  • यह पहल भारत के हरित अर्थव्यवस्था (Green Economy) के विकास को गति देगी, जिससे नए रोजगार के अवसर सृजित होंगे और आर्थिक संवृद्धि (Economic Growth) को बढ़ावा मिलेगा।
  • इलेक्ट्रिक वाहन और नवीकरणीय ऊर्जा जैसे उभरते क्षेत्रों में कुशल कार्यबल की उपलब्धता से इन उद्योगों का विकास होगा और भारत वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में अपनी स्थिति मजबूत कर पाएगा।
  • यह कार्यक्रम कौशल अंतराल (Skill Gap) को कम करके युवाओं को भविष्य के उद्योगों के लिए तैयार करता है, जिससे उनकी आय क्षमता बढ़ती है और समावेशी विकास सुनिश्चित होता है।

सामाजिक महत्व

  • युवाओं को भविष्योन्मुखी कौशल (Future-ready Skills) से लैस करके उन्हें सशक्त बनाता है, जिससे बेरोजगारी कम होती है और सामाजिक समानता को बढ़ावा मिलता है।
  • महिलाओं और हाशिए पर पड़े समुदायों के लिए भी नए कौशल सीखने और रोजगार प्राप्त करने के अवसर खुलते हैं, जिससे समाज के सभी वर्गों का उत्थान होता है।
  • यह पहल सतत विकास लक्ष्यों (Sustainable Development Goals) को प्राप्त करने में भी सहायक है, विशेषकर गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और सभ्य कार्य से संबंधित लक्ष्यों में।

पर्यावरणीय महत्व

  • हरित प्रौद्योगिकियों और इलेक्ट्रिक वाहनों के उपयोग को बढ़ावा देकर कार्बन उत्सर्जन (Carbon Emissions) को कम करने में मदद मिलेगी, जिससे जलवायु परिवर्तन (Climate Change) से निपटने में सहायता मिलेगी।
  • यह स्वच्छ ऊर्जा (Clean Energy) और सतत गतिशीलता (Sustainable Mobility) के प्रति जागरूकता बढ़ाता है, जिससे पर्यावरण के अनुकूल जीवन शैली को प्रोत्साहन मिलता है।
  • भारत को अपने राष्ट्रीय स्तर पर निर्धारित योगदान (Nationally Determined Contributions – NDC) लक्ष्यों को प्राप्त करने में मदद करता है, जो पेरिस समझौते के तहत प्रतिबद्ध हैं।

रणनीतिक महत्व

  • यह भारत को हरित प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में एक वैश्विक नेता के रूप में स्थापित करने में मदद करेगा, जिससे तकनीकी आत्मनिर्भरता (Technological Self-reliance) बढ़ेगी।
  • उद्योग और सरकार के बीच साझेदारी का यह मॉडल अन्य क्षेत्रों में भी कौशल विकास के लिए दोहराया जा सकता है, जिससे समग्र कौशल इकोसिस्टम मजबूत होगा।
  • यह पहल भारत सरकार के ‘आत्मनिर्भर भारत’ और ‘मेक इन इंडिया’ जैसे प्रमुख कार्यक्रमों के अनुरूप है, जो घरेलू विनिर्माण और नवाचार को बढ़ावा देते हैं।

चुनौतियाँ

1. कौशल अंतराल

  • तेजी से बदलती प्रौद्योगिकियों के साथ तालमेल बिठाने के लिए मौजूदा कार्यबल को अद्यतन करना एक चुनौती है।
  • उद्योग की वास्तविक आवश्यकताओं और प्रशिक्षण संस्थानों द्वारा प्रदान किए जा रहे कौशल के बीच अंतर बना हुआ है।

2. बुनियादी ढाँचा और उपकरण

  • आधुनिक EV और हरित प्रौद्योगिकियों के लिए आवश्यक उन्नत प्रयोगशालाओं और उपकरणों की स्थापना में उच्च लागत आती है।
  • दूरदराज के क्षेत्रों में गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण अवसंरचना की कमी एक बड़ी बाधा है।

3. प्रशिक्षकों का प्रशिक्षण

  • EV और हरित प्रौद्योगिकियों में विशेषज्ञता रखने वाले पर्याप्त संख्या में योग्य प्रशिक्षकों की कमी है।
  • प्रशिक्षकों को नवीनतम तकनीकी विकास के साथ अद्यतन रखने के लिए निरंतर प्रशिक्षण और कौशल संवर्धन की आवश्यकता है।

4. उद्योग-अकादमिक संबंध

  • प्रशिक्षण पाठ्यक्रम को उद्योग की बदलती जरूरतों के अनुरूप बनाने के लिए उद्योग और अकादमिक संस्थानों के बीच मजबूत समन्वय का अभाव।
  • इंटर्नशिप और प्लेसमेंट के अवसरों की उपलब्धता सुनिश्चित करना एक चुनौती बनी हुई है, खासकर छोटे शहरों में।

5. जागरूकता और स्वीकार्यता

  • युवाओं और उनके अभिभावकों के बीच पारंपरिक नौकरियों के प्रति झुकाव अभी भी बना हुआ है, जिससे हरित कौशल के प्रति जागरूकता कम है।
  • हरित नौकरियों के लिए सामाजिक स्वीकार्यता और प्रतिष्ठा बढ़ाने की आवश्यकता है।

चुनौतियाँ — यूपीएससी दृष्टिकोण

मुद्दा चिंता
तकनीकी परिवर्तन की गति पाठ्यक्रमों और प्रशिक्षण विधियों को तेजी से बदलते तकनीकी परिदृश्य के साथ अद्यतन रखना मुश्किल है।
वित्तपोषण की कमी उच्च गुणवत्ता वाले हरित कौशल प्रशिक्षण कार्यक्रमों के लिए पर्याप्त और सतत वित्तपोषण सुनिश्चित करना एक चुनौती है।
मानकीकरण का अभाव हरित कौशल प्रशिक्षण कार्यक्रमों और प्रमाणन में एकरूपता और मानकीकरण की कमी से गुणवत्ता प्रभावित हो सकती है।
ग्रामीण-शहरी विभाजन ग्रामीण क्षेत्रों में हरित कौशल प्रशिक्षण तक पहुंच और गुणवत्ता शहरी क्षेत्रों की तुलना में कम है।
उद्यमशीलता का अभाव प्रशिक्षित युवाओं में उद्यमिता (Entrepreneurship) को बढ़ावा देने और उन्हें अपना व्यवसाय शुरू करने के लिए प्रेरित करने में चुनौतियां।

सरकारी पहल — प्रीलिम्स हेतु अवश्य याद रखें

  • स्किल4फ्यूचर कार्यक्रम

आगे की राह

  • हरित कौशल प्रशिक्षण के लिए एक राष्ट्रीय नीति तैयार करना, जिसमें उद्योग की आवश्यकताओं के अनुरूप पाठ्यक्रम, प्रमाणन और मूल्यांकन तंत्र शामिल हों।
  • सार्वजनिक-निजी भागीदारी (Public-Private Partnership) को और मजबूत करना ताकि उद्योग की विशेषज्ञता और संसाधनों का अधिकतम उपयोग किया जा सके।
  • प्रशिक्षकों के लिए नियमित कौशल संवर्धन (Upskilling) और पुनः कौशल (Reskilling) कार्यक्रम आयोजित करना ताकि वे नवीनतम प्रौद्योगिकियों से परिचित रहें।
  • दूरदराज के क्षेत्रों में हरित कौशल प्रशिक्षण तक पहुंच बढ़ाने के लिए डिजिटल प्लेटफॉर्म और मोबाइल प्रशिक्षण इकाइयों का उपयोग करना।
  • हरित नौकरियों के प्रति युवाओं और अभिभावकों में जागरूकता बढ़ाने के लिए व्यापक अभियान चलाना और करियर परामर्श प्रदान करना।
  • प्रशिक्षित युवाओं के लिए इंटर्नशिप, अप्रेंटिसशिप और प्लेसमेंट के अवसरों को बढ़ावा देना, साथ ही उन्हें उद्यमिता के लिए प्रोत्साहित करना।
  • हरित कौशल के क्षेत्र में अनुसंधान और विकास (Research and Development) को बढ़ावा देना ताकि भारत इस क्षेत्र में नवाचार का केंद्र बन सके।

यूपीएससी मूल्य-संवर्धन

मुख्य परीक्षा उत्तर-लेखन हेतु कीवर्ड

कौशल विकास · हरित कौशल · इलेक्ट्रिक वाहन प्रौद्योगिकी · सतत गतिशीलता · उद्योग-सरकार सहयोग · राष्ट्रीय कौशल प्रशिक्षण संस्थान (NSTI) · स्किल4फ्यूचर कार्यक्रम · रोजगार क्षमता संवर्धन · व्यावसायिक शिक्षा · सतत आर्थिक विकास

संवैधानिक व नीतिगत संबंध

  • {‘article’: ‘अनुच्छेद 21A’, ‘note’: ‘शिक्षा का अधिकार’}
  • {‘article’: ‘अनुच्छेद 39(a)’, ‘note’: ‘आजीविका के पर्याप्त साधन’}
  • {‘article’: ‘अनुच्छेद 41’, ‘note’: ‘काम, शिक्षा का अधिकार’}
  • {‘article’: ‘अनुच्छेद 43’, ‘note’: ‘कर्मकारों के लिए निर्वाह मजदूरी’}

अवधारणा प्रवाह

हरित प्रौद्योगिकियों का उदय  →  हरित कौशल की बढ़ती मांग  →  कौशल अंतराल की पहचान  →  स्किल4फ्यूचर जैसे कार्यक्रमों का शुभारंभ  →  युवाओं का कौशल विकास  →  रोजगार क्षमता में वृद्धि और हरित अर्थव्यवस्था का विकास

प्रारंभिक अभ्यास प्रश्न

Q1. निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. ‘स्किल4फ्यूचर’ कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं को इलेक्ट्रिक वाहनों और ग्रीन टेक्नोलॉजीज में भविष्य के लिए तैयार कौशल से लैस करना है।
2. यह कार्यक्रम केवल केंद्र सरकार के कौशल विकास और उद्यमशीलता मंत्रालय (MSDE) द्वारा वित्तपोषित है।
3. राष्ट्रीय कौशल प्रशिक्षण संस्थान (NSTI) बेंगलुरु में हाल ही में उद्घाटन की गई लैब ‘स्किल4फ्यूचर’ कार्यक्रम का हिस्सा है।
उपर्युक्त कथनों में से कितने सही हैं?

  1. केवल एक
  2. केवल दो
  3. सभी तीन
  4. कोई नहीं

उत्तर: केवल दो — कथन 1 सही है क्योंकि ‘स्किल4फ्यूचर’ कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य युवाओं को इलेक्ट्रिक वाहनों और ग्रीन टेक्नोलॉजीज में कौशल प्रदान करना है। कथन 2 गलत है क्योंकि यह शेल इंडिया, महानिदेशालय प्रशिक्षण (DGT), कौशल विकास और उद्यमशीलता मंत्रालय (MSDE) और एडुनेट फाउंडेशन की एक सहयोगात्मक पहल है, न कि केवल केंद्र सरकार द्वारा वित्तपोषित। कथन 3 सही है क्योंकि NSTI बेंगलुरु में उद्घाटन की गई लैब ‘स्किल4फ्यूचर’ कार्यक्रम के तहत स्थापित की गई है।

Q2. कौशल विकास और उद्यमशीलता मंत्रालय (MSDE) के संदर्भ में, निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही है?

  1. यह केवल कृषि क्षेत्र में कौशल विकास के लिए जिम्मेदार है।
  2. यह भारत में व्यावसायिक प्रशिक्षण और कौशल विकास के लिए एक शीर्ष मंत्रालय है।
  3. यह केवल शहरी क्षेत्रों में कौशल प्रशिक्षण प्रदान करता है।
  4. यह निजी क्षेत्र की भागीदारी को प्रतिबंधित करता है।

उत्तर: यह भारत में व्यावसायिक प्रशिक्षण और कौशल विकास के लिए एक शीर्ष मंत्रालय है। — कौशल विकास और उद्यमशीलता मंत्रालय (MSDE) भारत में व्यावसायिक प्रशिक्षण और कौशल विकास के लिए एक शीर्ष मंत्रालय है, जो विभिन्न क्षेत्रों में कौशल विकास को बढ़ावा देता है और इसमें निजी क्षेत्र की भागीदारी भी शामिल है।

मुख्य अभ्यास प्रश्न

✍ भारत में हरित कौशल (Green Skills) के विकास में ‘स्किल4फ्यूचर’ जैसे कार्यक्रमों की भूमिका का विश्लेषण कीजिए। सतत गतिशीलता (Sustainable Mobility) और स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्र में इन पहलों का क्या महत्व है? (15 Marks)

रूपरेखा: परिचय में हरित कौशल और सतत गतिशीलता की अवधारणा को संक्षेप में समझाएं। ‘स्किल4फ्यूचर’ कार्यक्रम की मुख्य विशेषताओं और उद्देश्यों का उल्लेख करें, जैसे कि इलेक्ट्रिक वाहन (EV) और ग्रीन टेक्नोलॉजीज पर ध्यान केंद्रित करना, उद्योग-सरकार-गैर सरकारी संगठन (NGO) सहयोग, और युवाओं व शिक्षकों का प्रशिक्षण। भारत में हरित कौशल के विकास में इसकी भूमिका का विश्लेषण करें, जिसमें रोजगार क्षमता में वृद्धि, कौशल अंतराल को कम करना, और व्यावसायिक शिक्षा पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करना शामिल है। सतत गतिशीलता और स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्र में इन पहलों के महत्व पर चर्चा करें, जिसमें कार्बन उत्सर्जन में कमी, ऊर्जा सुरक्षा, और ‘मेक इन इंडिया’ जैसी पहलों को बढ़ावा देना शामिल है। निष्कर्ष में भारत के समावेशी और सतत आर्थिक विकास के लिए ऐसे कार्यक्रमों के दीर्घकालिक प्रभावों पर प्रकाश डालें।

स्रोत: PIB (Press Information Bureau)

Karnataka PCS (KPSC) — राज्य PCS अभ्यास

Prelims: कौशल विकास और उद्यमशीलता मंत्रालय (एमएसडीई) के सचिव द्वारा बेंगलुरु में एनएसटीआई में उद्घाटन किए गए ‘स्किल4फ्यूचर (शेल इंडिया) ईवी और ग्रीन स्किल्स लैब’ का मुख्य उद्देश्य क्या है?

  1. A. पारंपरिक उद्योगों के लिए कौशल विकास को बढ़ावा देना
  2. B. इलेक्ट्रिक वाहनों और हरित कौशल में प्रशिक्षण प्रदान करना
  3. C. कृषि क्षेत्र में नवाचार को प्रोत्साहित करना
  4. D. सूचना प्रौद्योगिकी कौशल पर ध्यान केंद्रित करना

उत्तर: B. इलेक्ट्रिक वाहनों और हरित कौशल में प्रशिक्षण प्रदान करना — इस लैब का उद्देश्य इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) और हरित कौशल से संबंधित तकनीकी प्रशिक्षण प्रदान करना है, जो राज्य में रोजगार के नए अवसर सृजित करेगा।

Mains: कर्नाटक में ‘ईवी और ग्रीन स्किल्स लैब’ के उद्घाटन के महत्व पर प्रकाश डालते हुए, राज्य में हरित कौशल विकास के माध्यम से रोजगार सृजन की संभावनाओं का विश्लेषण कीजिए।


शैक्षिक उद्देश्य हेतु AanyaAi द्वारा जनित।


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