22 Jul राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन योजना (एनडीएमपी) 2026: आपदा जोखिम न्यूनीकरण में केंद्र-बिंदु
विषय प्रासंगिकता — यह टॉपिक कहाँ आता है
- GS Paper III — आपदा प्रबंधन | GS Paper II — शासन, नीतियाँ और हस्तक्षेप
- Prelims: राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन योजना (NDMP), आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005, आपदा प्रबंधन पर राष्ट्रीय नीति (NPDM) 2009, आपदा जोखिम न्यूनीकरण के लिए सेंडाई फ्रेमवर्क, सतत विकास लक्ष्य (SDGs), जलवायु परिवर्तन पर पेरिस समझौता, भारत आपदा संसाधन नेटवर्क (IDRN), आपदा जोखिम न्यूनीकरण के लिए प्रधानमंत्री का दस-सूत्री एजेंडा
- Essay: आपदा प्रबंधन में प्रौद्योगिकी की भूमिका और सामाजिक समावेशन का महत्व, भारत में आपदा लचीलेपन का निर्माण: चुनौतियाँ और आगे की राह
त्वरित पुनरावृत्ति: राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन योजना (NDMP) भारत की व्यापक आपदा प्रबंधन रणनीति है, जो कानूनी ढाँचे, वैश्विक प्रतिबद्धताओं और सामाजिक समावेशन के सिद्धांतों के आधार पर आपदा जोखिम न्यूनीकरण को मुख्यधारा में लाती है।
यह खबर चर्चा में क्यों?
हाल ही में, गृह राज्य मंत्री श्री नित्यानंद राय ने राज्यसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन योजना (NDMP) और भारत आपदा संसाधन नेटवर्क (IDRN) के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि NDMP को पहली बार 2016 में तैयार किया गया था और 2019 में इसे संशोधित किया गया, जो केंद्र, राज्य और जिला स्तर पर आपदा जोखिम न्यूनीकरण (DRR) में विभिन्न हितधारकों की भूमिकाओं और जिम्मेदारियों को निर्धारित करता है। यह जानकारी भारत की आपदा प्रबंधन तैयारियों को समझने के लिए महत्वपूर्ण है।
पृष्ठभूमि
- भारत एक आपदा-प्रवण देश है, जहाँ विभिन्न प्रकार की प्राकृतिक और मानव-निर्मित आपदाएँ आती रहती हैं, जैसे भूकंप, बाढ़, सूखा, चक्रवात और भूस्खलन।
- आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 भारत में आपदा प्रबंधन के लिए एक व्यापक कानूनी ढाँचा प्रदान करता है, जिसके तहत राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDMA) का गठन किया गया है।
- आपदा प्रबंधन पर राष्ट्रीय नीति (NPDM) 2009 आपदा प्रबंधन के लिए एक समग्र और एकीकृत दृष्टिकोण प्रदान करती है, जिसमें रोकथाम, शमन, तैयारी, प्रतिक्रिया, राहत और पुनर्वास शामिल हैं।
- भारत ने आपदा जोखिम न्यूनीकरण (DRR) के लिए सेंडाई फ्रेमवर्क, सतत विकास लक्ष्य (SDGs) और जलवायु परिवर्तन पर पेरिस समझौता जैसे कई वैश्विक समझौतों पर हस्ताक्षर किए हैं, जो आपदा प्रबंधन के लिए अंतरराष्ट्रीय प्रतिबद्धताओं को दर्शाते हैं।
- प्रधानमंत्री का आपदा जोखिम न्यूनीकरण के लिए दस-सूत्री एजेंडा भारत की समकालीन राष्ट्रीय प्राथमिकताओं को रेखांकित करता है, जिसमें सभी क्षेत्रों में आपदा जोखिम न्यूनीकरण को मुख्यधारा में लाना शामिल है।
- सामाजिक समावेशन (Social Inclusion) NDMP का एक महत्वपूर्ण सिद्धांत है, जो सुनिश्चित करता है कि आपदा प्रबंधन प्रयासों में समाज के सभी वर्गों को शामिल किया जाए, विशेषकर सबसे कमजोर वर्गों को।
राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन योजना (NDMP) क्या है?
- राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन योजना (NDMP) भारत की पहली राष्ट्रीय योजना है जिसे आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 के तहत तैयार किया गया है। इसे पहली बार 2016 में जारी किया गया था और 2019 में संशोधित किया गया।
- यह योजना केंद्र और राज्य स्तर के सभी मंत्रालयों, विभागों और जिला स्तर के अधिकारियों को एक साथ लाती है, जिससे आपदा जोखिम न्यूनीकरण (DRR) में उनकी भूमिकाएँ और जिम्मेदारियाँ निर्धारित होती हैं।
- NDMP राष्ट्रीय विधिक नियमों, जैसे आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 और आपदा प्रबंधन पर राष्ट्रीय नीति (NPDM) 2009 का पालन करती है।
- यह आपदा जोखिम न्यूनीकरण (DRR) के लिए सेंडाई फ्रेमवर्क, सतत विकास लक्ष्य (SDGs) और जलवायु परिवर्तन पर पेरिस समझौता जैसे वैश्विक लक्ष्यों को प्राप्त करने में भारत की सक्रिय भागीदारी को सुनिश्चित करती है।
- योजना प्रधानमंत्री के आपदा जोखिम न्यूनीकरण के लिए दस-सूत्री एजेंडा को भी शामिल करती है, जो राष्ट्रीय प्राथमिकताओं को रेखांकित करता है।
- सामाजिक समावेशन NDMP का एक सर्वव्यापी सिद्धांत है, जो सुनिश्चित करता है कि आपदा प्रबंधन के सभी पहलुओं में समाज के सभी वर्गों को शामिल किया जाए।
- आपदा जोखिम न्यूनीकरण (DRR) को मुख्यधारा में लाना NDMP की एक अहम विशेषता है, जिसका अर्थ है कि विकास योजनाओं और नीतियों में आपदा जोखिम को कम करने के उपायों को एकीकृत करना।
- भारत आपदा संसाधन नेटवर्क (IDRN) NDMP का एक महत्वपूर्ण घटक है, जो आपातकालीन स्थितियों में उपकरणों और मानव संसाधनों के प्रबंधन के लिए एक देशव्यापी इलेक्ट्रॉनिक भंडार है।
मुख्य विशेषताएँ
| विशेषता | महत्व |
|---|---|
| व्यापक दृष्टिकोण | केंद्र, राज्य और जिला स्तर पर सभी मंत्रालयों, विभागों और अधिकारियों को आपदा जोखिम न्यूनीकरण (DRR) में उनकी भूमिकाओं और जिम्मेदारियों के लिए एक साथ लाता है। |
| कानूनी और नीतिगत आधार | आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 और आपदा प्रबंधन पर राष्ट्रीय नीति (NPDM), 2009 का पालन करता है, जो आपदा प्रबंधन के लिए एक मजबूत कानूनी ढांचा प्रदान करता है। |
| वैश्विक प्रतिबद्धताओं का एकीकरण | आपदा जोखिम न्यूनीकरण के लिए सेंडाई फ्रेमवर्क, सतत विकास लक्ष्य (SDG) और जलवायु परिवर्तन पर पेरिस समझौते (COP 21) जैसे अंतर्राष्ट्रीय समझौतों के तहत वैश्विक लक्ष्यों को प्राप्त करने में भारत की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करता है। |
| प्रधानमंत्री का दस-सूत्री एजेंडा | आपदा जोखिम न्यूनीकरण के लिए प्रधानमंत्री के दस-सूत्री एजेंडा को शामिल करता है, जो समकालीन राष्ट्रीय प्राथमिकताओं को दर्शाता है और आपदा प्रबंधन प्रयासों को दिशा देता है। |
| सामाजिक समावेशन | आपदा जोखिम न्यूनीकरण को मुख्यधारा में लाने के लिए एक सर्वव्यापी और सभी क्षेत्रों से जुड़े सिद्धांत के रूप में सामाजिक समावेशन पर जोर देता है, जिससे कमजोर वर्गों की सुरक्षा सुनिश्चित होती है। |
| भारत आपदा संसाधन नेटवर्क (IDRN) | यह संसाधनों का एक देशव्यापी इलेक्ट्रॉनिक भंडार है, जिसमें आपातकालीन स्थितियों में उपयोग के लिए उपकरण, कुशल मानव संसाधन और आवश्यक सामानों की जानकारी शामिल है, जिससे त्वरित प्रतिक्रिया संभव होती है। |
महत्व
शासन और नीतिगत महत्व
- राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन योजना (NDMP) भारत में आपदा प्रबंधन के लिए एक एकीकृत और व्यापक ढांचा प्रदान करती है, जो केंद्र से लेकर जिला स्तर तक सभी हितधारकों की भूमिकाओं और जिम्मेदारियों को स्पष्ट करती है।
- यह आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 और राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन नीति, 2009 जैसे मौजूदा कानूनी और नीतिगत प्रावधानों को सुदृढ़ करती है, जिससे आपदा प्रतिक्रिया और तैयारी में एकरूपता आती है।
- यह योजना आपदा जोखिम न्यूनीकरण (DRR) को विकास योजना और नीतियों में मुख्यधारा में लाने पर जोर देती है, जिससे आपदाओं के प्रति लचीलापन बढ़ता है।
अंतर्राष्ट्रीय सहयोग और प्रतिबद्धता
- NDMP आपदा जोखिम न्यूनीकरण के लिए सेंडाई फ्रेमवर्क, सतत विकास लक्ष्य (SDG) और पेरिस समझौते जैसे वैश्विक समझौतों के प्रति भारत की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
- यह अंतर्राष्ट्रीय सर्वोत्तम प्रथाओं और मानकों को अपनाने में मदद करती है, जिससे भारत की आपदा प्रबंधन क्षमताएं वैश्विक स्तर पर मजबूत होती हैं।
प्रौद्योगिकी और संसाधन प्रबंधन
- भारत आपदा संसाधन नेटवर्क (IDRN) जैसे वेब-आधारित प्लेटफॉर्म का उपयोग करके आपातकालीन उपकरणों, मानव संसाधनों और आवश्यक सामानों की उपलब्धता और स्थान का प्रबंधन करने में मदद करता है।
- यह डेटाबेस निर्णय लेने वालों को किसी भी आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए आवश्यक संसाधनों की पहचान करने में सक्षम बनाता है, जिससे आपदा प्रतिक्रिया में दक्षता और गति आती है।
सामाजिक समावेशन और संवेदनशीलता
- NDMP आपदा जोखिम न्यूनीकरण में सामाजिक समावेशन को एक महत्वपूर्ण सिद्धांत के रूप में शामिल करती है, यह सुनिश्चित करती है कि कमजोर और हाशिए पर पड़े समुदायों की जरूरतों को आपदा प्रबंधन प्रयासों में प्राथमिकता दी जाए।
- यह आपदाओं के प्रति संवेदनशील क्षेत्रों और समुदायों पर विशेष ध्यान केंद्रित करती है, जिससे आपदाओं के प्रभाव को कम करने में मदद मिलती है।
चुनौतियाँ
1. संसाधनों का प्रभावी आवंटन
- केंद्र, राज्य और जिला स्तर पर आपदा प्रबंधन के लिए पर्याप्त वित्तीय और मानव संसाधनों का आवंटन और उनका प्रभावी उपयोग सुनिश्चित करना।
- IDRN जैसे प्लेटफार्मों में सूचीबद्ध संसाधनों की वास्तविक समय उपलब्धता और उनकी त्वरित तैनाती सुनिश्चित करना।
यूपीएससी लिंक: आपदा प्रबंधन; शासन
2. अंतर-एजेंसी समन्वय
- विभिन्न मंत्रालयों, विभागों और एजेंसियों के बीच प्रभावी समन्वय स्थापित करना ताकि आपदा प्रतिक्रिया और पुनर्वास प्रयासों में दोहराव या अंतराल से बचा जा सके।
- केंद्र और राज्य सरकारों के बीच सहयोग को मजबूत करना, विशेष रूप से अंतर-राज्यीय आपदाओं के मामलों में।
यूपीएससी लिंक: शासन; आपदा प्रबंधन
3. क्षमता निर्माण और जागरूकता
- आपदा प्रबंधन कर्मियों और स्थानीय समुदायों के लिए नियमित प्रशिक्षण और क्षमता निर्माण कार्यक्रमों का आयोजन करना।
- आपदा जोखिमों और उनसे निपटने के तरीकों के बारे में जन जागरूकता बढ़ाना, विशेष रूप से ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों में।
यूपीएससी लिंक: आपदा प्रबंधन; सामाजिक मुद्दे
4. जलवायु परिवर्तन के प्रभाव
- जलवायु परिवर्तन के कारण बढ़ती आवृत्ति और तीव्रता वाली आपदाओं (जैसे बाढ़, सूखा, अत्यधिक मौसम की घटनाएं) के लिए योजना को अनुकूलित करना।
- जलवायु परिवर्तन अनुकूलन और शमन रणनीतियों को आपदा प्रबंधन योजना में एकीकृत करना।
यूपीएससी लिंक: पर्यावरण; आपदा प्रबंधन
5. डेटा प्रबंधन और प्रौद्योगिकी का उपयोग
- IDRN जैसे प्लेटफार्मों में डेटा की सटीकता, अद्यतनता और सुरक्षा सुनिश्चित करना।
- आपदा प्रबंधन में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), मशीन लर्निंग (ML) और भू-स्थानिक प्रौद्योगिकियों जैसी उन्नत तकनीकों का प्रभावी ढंग से उपयोग करना।
यूपीएससी लिंक: विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी; आपदा प्रबंधन
चुनौतियाँ — यूपीएससी दृष्टिकोण
| मुद्दा | चिंता |
|---|---|
| संसाधन उपलब्धता | आपदा प्रतिक्रिया के लिए आवश्यक उपकरणों और मानव संसाधनों की वास्तविक समय उपलब्धता और उनकी त्वरित पहुंच सुनिश्चित करना। |
| अंतर-क्षेत्रीय समन्वय | केंद्र, राज्य और जिला स्तर पर विभिन्न विभागों और एजेंसियों के बीच प्रभावी समन्वय की कमी, जिससे प्रतिक्रिया में देरी हो सकती है। |
| क्षमता और प्रशिक्षण | स्थानीय स्तर पर आपदा प्रबंधन कर्मियों और समुदायों की क्षमता निर्माण और नियमित प्रशिक्षण की आवश्यकता। |
| डेटा की सटीकता | IDRN में उपलब्ध संसाधनों के डेटा की सटीकता और अद्यतनता बनाए रखना, ताकि आपात स्थिति में सही जानकारी उपलब्ध हो। |
| जलवायु परिवर्तन अनुकूलन | बदलते जलवायु पैटर्न और बढ़ती आपदाओं की तीव्रता के साथ योजना को लगातार अनुकूलित करने की चुनौती। |
| सामाजिक समावेशन का क्रियान्वयन | यह सुनिश्चित करना कि आपदा प्रबंधन योजना में सामाजिक समावेशन के सिद्धांत को जमीनी स्तर पर प्रभावी ढंग से लागू किया जाए। |
सरकारी पहल — प्रीलिम्स हेतु अवश्य याद रखें
- राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन योजना (NDMP)
- आपदा प्रबंधन पर राष्ट्रीय नीति (NPDM)
आगे की राह
- आपदा प्रबंधन के लिए केंद्र, राज्य और जिला स्तर पर एक मजबूत और एकीकृत कमान एवं नियंत्रण संरचना विकसित करना।
- आपदा जोखिम न्यूनीकरण (DRR) को सभी विकास योजनाओं और परियोजनाओं में अनिवार्य रूप से एकीकृत करना, विशेष रूप से शहरी नियोजन और बुनियादी ढांचा विकास में।
- भारत आपदा संसाधन नेटवर्क (IDRN) जैसे प्लेटफार्मों को नियमित रूप से अद्यतन करना और उनकी पहुंच एवं उपयोगिता को बढ़ाना, विशेष रूप से दूरदराज के क्षेत्रों में।
- आपदा प्रबंधन कर्मियों और स्थानीय समुदायों के लिए नियमित और विशिष्ट प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करना, जिसमें नवीनतम तकनीकों और सर्वोत्तम प्रथाओं को शामिल किया जाए।
- जलवायु परिवर्तन के प्रभावों को ध्यान में रखते हुए आपदा प्रबंधन योजना को लगातार संशोधित और अनुकूलित करना, जिसमें जलवायु-लचीले बुनियादी ढांचे का निर्माण शामिल हो।
- आपदा प्रबंधन में निजी क्षेत्र, गैर-सरकारी संगठनों (NGOs) और सामुदायिक-आधारित संगठनों (CBOs) की भागीदारी को प्रोत्साहित करना।
- आपदा जोखिमों और तैयारियों के बारे में सार्वजनिक जागरूकता बढ़ाने के लिए व्यापक अभियान चलाना, जिसमें स्कूल पाठ्यक्रम और मीडिया का उपयोग किया जाए।
- आपदा प्रबंधन के लिए पर्याप्त और समर्पित वित्तीय संसाधनों का आवंटन सुनिश्चित करना, जिसमें आपदा जोखिम वित्तपोषण तंत्र को मजबूत करना शामिल है।
यूपीएससी मूल्य-संवर्धन
मुख्य परीक्षा उत्तर-लेखन हेतु कीवर्ड
राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन योजना (एनडीएमपी) · आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 · आपदा प्रबंधन पर राष्ट्रीय नीति (एनपीडीएम) 2009 · आपदा जोखिम न्यूनीकरण (डीआरआर) · सेंडाई फ्रेमवर्क · सतत विकास लक्ष्य (एसडीजी) · जलवायु परिवर्तन पर पेरिस समझौता · प्रधानमंत्री का दस-सूत्री एजेंडा · सामाजिक समावेशन · भारत आपदा संसाधन नेटवर्क (आईडीआरएन)
संवैधानिक व नीतिगत संबंध
- {‘article’: ‘अनुच्छेद 246’, ‘note’: ‘संघ और राज्यों के बीच विधायी शक्तियों का वितरण’}
- {‘article’: ‘अनुच्छेद 257’, ‘note’: ‘कुछ मामलों में राज्यों पर संघ का नियंत्रण’}
- {‘article’: ‘अनुच्छेद 355’, ‘note’: ‘बाह्य आक्रमण और आंतरिक अशांति से राज्य की रक्षा’}
- {‘article’: ‘सातवीं अनुसूची’, ‘note’: ‘संघ, राज्य और समवर्ती सूची में आपदा प्रबंधन’}
अवधारणा प्रवाह
आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 और राष्ट्रीय नीति, 2009 का निर्माण → राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन योजना (NDMP) 2016 में जारी, 2019 में संशोधित → NDMP केंद्र, राज्य, जिला स्तर पर भूमिकाएं और जिम्मेदारियां निर्धारित करती है → NDMP वैश्विक लक्ष्यों (सेंडाई फ्रेमवर्क, SDG) और प्रधानमंत्री के एजेंडे को एकीकृत करती है → भारत आपदा संसाधन नेटवर्क (IDRN) संसाधनों की इलेक्ट्रॉनिक इन्वेंट्री प्रदान करता है → IDRN आपातकालीन प्रतिक्रिया के लिए आवश्यक उपकरणों और मानव संसाधनों की पहचान में मदद करता है → परिणामस्वरूप, आपदा जोखिम न्यूनीकरण और प्रभावी प्रतिक्रिया सुनिश्चित होती है
प्रारंभिक अभ्यास प्रश्न
Q1. राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन योजना (एनडीएमपी) के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. एनडीएमपी को पहली बार 2016 में तैयार किया गया था और 2019 में इसमें संशोधन किया गया।
2. यह केंद्र, राज्य और जिला स्तर पर आपदा जोखिम न्यूनीकरण में विभिन्न हितधारकों की भूमिकाओं और जिम्मेदारियों को निर्धारित करता है।
3. भारत आपदा संसाधन नेटवर्क (आईडीआरएन) एनडीएमपी का एक मुख्य स्तंभ है, जो आपदा प्रतिक्रिया के लिए संसाधनों का एक इलेक्ट्रॉनिक भंडार है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
- केवल 1 और 2
- केवल 2 और 3
- केवल 1 और 3
- 1, 2 और 3
उत्तर: 1, 2 और 3 — सभी कथन सही हैं। एनडीएमपी को पहली बार 2016 में तैयार किया गया और 2019 में संशोधित किया गया। यह केंद्र, राज्य और जिला स्तर पर आपदा जोखिम न्यूनीकरण में विभिन्न हितधारकों की भूमिकाओं और जिम्मेदारियों को निर्धारित करता है। आईडीआरएन एनडीएमपी का एक महत्वपूर्ण घटक है, जो आपदा प्रतिक्रिया के लिए उपकरणों और मानव संसाधनों का देशव्यापी इलेक्ट्रॉनिक भंडार है।
Q2. राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन योजना (एनडीएमपी) निम्नलिखित में से किन वैश्विक समझौतों और राष्ट्रीय प्राथमिकताओं को ध्यान में रखती है?
1. आपदा जोखिम न्यूनीकरण (डीआरआर) के लिए सेंडाई फ्रेमवर्क
2. सतत विकास लक्ष्य (एसडीजी)
3. जलवायु परिवर्तन पर पेरिस समझौता (COP 21)
4. आपदा जोखिम न्यूनीकरण के लिए प्रधानमंत्री का दस-सूत्री एजेंडा
नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए:
- केवल 1 और 2
- केवल 2, 3 और 4
- केवल 1, 3 और 4
- 1, 2, 3 और 4
उत्तर: 1, 2, 3 और 4 — एनडीएमपी उन वैश्विक लक्ष्यों को प्राप्त करने में सक्रिय रूप से भाग लेती है जिन पर भारत ने हस्ताक्षर किए हैं, जैसे सेंडाई फ्रेमवर्क, सतत विकास लक्ष्य (एसडीजी) और जलवायु परिवर्तन पर पेरिस समझौता। साथ ही, यह आपदा जोखिम न्यूनीकरण के लिए प्रधानमंत्री के दस-सूत्री एजेंडे को भी शामिल करती है, जो समकालीन राष्ट्रीय प्राथमिकताओं को रेखांकित करता है।
मुख्य अभ्यास प्रश्न
✍ राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन योजना (एनडीएमपी) भारत में आपदा जोखिम न्यूनीकरण (डीआरआर) के लिए एक व्यापक ढाँचा कैसे प्रदान करती है? इसके मुख्य स्तंभों और भारत आपदा संसाधन नेटवर्क (आईडीआरएन) की भूमिका पर चर्चा कीजिए।
रूपरेखा: प्रश्न के पहले भाग में एनडीएमपी की व्यापक प्रकृति और आपदा जोखिम न्यूनीकरण में इसकी भूमिका का वर्णन करें। दूसरे भाग में, एनडीएमपी के मुख्य स्तंभों जैसे राष्ट्रीय विधिक नियम, वैश्विक समझौते, प्रधानमंत्री का दस-सूत्री एजेंडा और सामाजिक समावेशन पर विस्तार से चर्चा करें। अंत में, आईडीआरएन की कार्यप्रणाली और आपदा प्रतिक्रिया में इसकी महत्ता को स्पष्ट करें।
स्रोत: PIB (Press Information Bureau)
शैक्षिक उद्देश्य हेतु AanyaAi द्वारा जनित।

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