लोकसभा ने एमएसएमई बिल पारित किया, भुगतान विलंब और विवादों के निपटारे में तेजी

Lok Sabha Passes MSME Bill To Tackle Payment Delays, Speed Up Disputes — diagram

लोकसभा ने एमएसएमई बिल पारित किया, भुगतान विलंब और विवादों के निपटारे में तेजी

लोकसभा ने एमएसएमई बिल पारित किया, भुगतान विलंब और विवादों के निपटारे में तेजी — MSME बिल कैसे काम करेगा: त्वरित विवाद निपटान और भुगतान में देरी से निपटना
आरेख: MSME बिल कैसे काम करेगा: त्वरित विवाद निपटान और भुगतान में देरी से निपटना

✎ एमएसएमई बिल 2024 भुगतान देरी और विवादों के तेज निपटारे के लिए महत्वपूर्ण सुधार लाता है।

प्रासंगिकता — UPSC & State PCS: Polity

**लोकसभा द्वारा पारित एमएसएमई विधेयक: भुगतान विलंब और विवादों के निपटारे में तेजी**

हाल ही में लोकसभा ने सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम विकास (संशोधन) विधेयक, 2024 पारित कर दिया है, जिसका उद्देश्य एमएसएमई क्षेत्र में भुगतान विलंब की समस्या का समाधान करना और विवादों के निपटारे को गति प्रदान करना है। यह विधेयक एमएसएमई अधिनियम, 2006 में संशोधन प्रस्तावित करता है, जिसमें मुख्य रूप से सरकारी विभागों और सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों द्वारा एमएसएमई इकाइयों को समय पर भुगतान सुनिश्चित करने तथा विलंब होने पर ब्याज लगाने का प्रावधान किया गया है। इसके अतिरिक्त, विवादों के त्वरित निपटारे के लिए एक विशेष न्यायाधिकरण की स्थापना का प्रस्ताव भी शामिल है, जिससे छोटे उद्यमियों को लंबी न्यायिक प्रक्रिया से मुक्ति मिल सकेगी। विधेयक का यह प्रयास न केवल एमएसएमई क्षेत्र को सशक्त करेगा, बल्कि देश के आर्थिक विकास में उनकी भूमिका को भी और मजबूत करेगा।

यह विधेयक यूपीएससी और राज्य पीसीएस जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है, क्योंकि इसमें भारतीय अर्थव्यवस्था के एक प्रमुख स्तंभ एमएसएमई क्षेत्र की चुनौतियों और उनके समाधान पर प्रकाश डाला गया है। यूपीएससी की मुख्य परीक्षा में इस विषय पर लेखन के दौरान विधेयक के प्रावधानों, उनके औचित्य और संभावित प्रभावों का विश्लेषण किया जा सकता है। साथ ही, राज्य पीसीएस परीक्षाओं में भी एमएसएमई नीति, सरकारी खरीद प्रक्रिया में पारदर्शिता और उद्यमिता विकास जैसे मुद्दों पर प्रश्न पूछे जा सकते हैं। इसके अलावा, इस विधेयक के माध्यम से सरकार की ‘मेक इन इंडिया’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ जैसी पहलों के समर्थन में उठाए गए कदमों को भी समझा जा सकता है, जो परीक्षा के दृष्टिकोण से अत्यंत प्रासंगिक हैं।

विधेयक में प्रस्तावित न्यायाधिकरण की स्थापना एमएसएमई क्षेत्र के लिए एक क्रांतिकारी कदम है, क्योंकि

स्रोत: ndtv.com

अभ्यास प्रश्न

Q1. लोकसभा द्वारा पारित एमएसएमई बिल का मुख्य उद्देश्य क्या है?

  1. एमएसएमई क्षेत्र में ऋण वितरण को बढ़ावा देना
  2. एमएसएमई क्षेत्र में भुगतान में देरी को रोकना और विवादों का त्वरित निपटारा सुनिश्चित करना
  3. एमएसएमई क्षेत्र में कर दरों में कमी करना
  4. एमएसएमई क्षेत्र में निर्यात सब्सिडी प्रदान करना
उत्तर

एमएसएमई क्षेत्र में भुगतान में देरी को रोकना और विवादों का त्वरित निपटारा सुनिश्चित करना — एमएसएमई बिल का मुख्य उद्देश्य सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) को भुगतान में होने वाली देरी को रोकना और विवादों के त्वरित निपटारे के लिए कानूनी ढांचा प्रदान करना है।

Q2. एमएसएमई बिल के तहत विवादों के निपटारे के लिए कौन सी व्यवस्था प्रस्तावित है?

  1. अदालती प्रक्रिया में तेजी लाना
  2. विशेष न्यायाधिकरणों की स्थापना करना
  3. मध्यस्थता और त्वरित न्यायाधिकरण प्रणाली
  4. राज्य सरकारों द्वारा सीधे हस्तक्षेप
उत्तर

मध्यस्थता और त्वरित न्यायाधिकरण प्रणाली — एमएसएमई बिल विवादों के त्वरित निपटारे के लिए मध्यस्थता और विशेष न्यायाधिकरणों की स्थापना का प्रस्ताव करता है, जिससे प्रक्रिया में तेजी आएगी।


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