07 Aug लोकसभा ने एमएसएमई बिल पारित किया: भुगतान विलंब और विवादों का होगा त्वरित निस्तारण

✎ एमएसएमई बिल 2024 भुगतान देरी और विवाद निपटारे में सुधार कर उद्योगों को बढ़ावा देगा।
प्रासंगिकता — UPSC & State PCS: Polity
**नोट: लोकसभा द्वारा पारित एमएसएमई बिल – भुगतान देरी और विवादों के निपटारे में तेजी**
हाल ही में लोकसभा ने सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम विकास (एमएसएमईडी) संशोधन विधेयक, 2024 पारित किया है, जिसका उद्देश्य एमएसएमई क्षेत्र में भुगतान में होने वाली देरी और विवादों के त्वरित निपटारे को सुनिश्चित करना है। यह विधेयक एमएसएमईडी अधिनियम, 2006 में संशोधन करता है और इसमें कई महत्वपूर्ण प्रावधान शामिल किए गए हैं। विधेयक के तहत सरकार ने निर्धारित किया है कि सरकारी विभागों और सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों द्वारा एमएसएमई को 45 दिनों के भीतर भुगतान किया जाना अनिवार्य होगा। यदि भुगतान में देरी होती है, तो सरकारी विभागों को ब्याज सहित भुगतान करना होगा, जिससे एमएसएमई को वित्तीय संकट से बचाया जा सके। इसके अतिरिक्त, विधेयक में विवादों के त्वरित निपटारे के लिए एक विशेष न्यायाधिकरण की स्थापना का प्रस्ताव भी शामिल है, जो एमएसएमई से संबंधित मामलों का शीघ्र निस्तारण करेगा।
यह विधेयक एमएसएमई क्षेत्र के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है, क्योंकि देश की आर्थिक वृद्धि में इस क्षेत्र की भूमिका अत्यधिक महत्वपूर्ण है। एमएसएमई न केवल रोजगार सृजन में अग्रणी भूमिका निभाते हैं, बल्कि ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों के विकास में भी योगदान देते हैं। भुगतान में देरी और विवादों के कारण एमएसएमई को अक्सर वित्तीय संकट का सामना करना पड़ता है, जिससे उनके विकास में बाधा उत्पन्न होती है। इस विधेयक के माध्यम से सरकार ने एमएसएमई को राहत प्रदान करने का प्रयास किया है, जिससे वे अपने व्यवसाय को और अधिक कुशलता से संचालित कर सकें। यह विधेयक न केवल एमएसएमई के हितों की रक्षा करेगा, बल्कि देश की आर्थिक स्थिरता को भी मजबूत करेगा।
इस विधेयक का यूपीएससी और राज्य पीसीएस परीक्षाओं के
स्रोत: ndtv.com
अभ्यास प्रश्न
Q1. लोकसभा द्वारा पारित एमएसएमई बिल का मुख्य उद्देश्य क्या है?
- एमएसएमई क्षेत्र में विदेशी निवेश को बढ़ावा देना
- एमएसएमई क्षेत्र में भुगतान में देरी और विवादों के निपटारे को तेज करना
- एमएसएमई उद्यमियों के लिए कर छूट प्रदान करना
- एमएसएमई क्षेत्र में नए उद्यम स्थापित करने के लिए सब्सिडी देना
उत्तर
एमएसएमई क्षेत्र में भुगतान में देरी और विवादों के निपटारे को तेज करना — लोकसभा द्वारा पारित एमएसएमई बिल का मुख्य उद्देश्य एमएसएमई क्षेत्र में भुगतान में होने वाली देरी और विवादों के त्वरित निपटारे को सुनिश्चित करना है।
Q2. एमएसएमई बिल के अनुसार, विवादों के निपटारे के लिए कौन सी व्यवस्था की गई है?
- न्यायालयों द्वारा त्वरित सुनवाई
- विशेष न्यायाधिकरणों की स्थापना
- मध्यस्थता और सुलह तंत्र को मजबूत करना
- राज्य सरकारों द्वारा स्थानीय न्यायालयों का गठन
उत्तर
मध्यस्थता और सुलह तंत्र को मजबूत करना — एमएसएमई बिल में विवादों के त्वरित और प्रभावी निपटारे के लिए मध्यस्थता और सुलह तंत्र को मजबूत करने का प्रावधान किया गया है।
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