07 Aug लोकसभा ने एमएसएमई बिल पारित किया: भुगतान विलंब और विवादों में तेजी

✎ MSME बिल से भुगतान विलंब और विवादों के तेजी से निपटान में मदद मिलेगी।
प्रासंगिकता — UPSC & State PCS: Polity
लोकसभा ने हाल ही में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम विकास (संशोधन) विधेयक, 2024 पारित किया है, जिसका उद्देश्य एमएसएमई क्षेत्र में भुगतान में होने वाली देरी और विवादों के निपटारे को तेज करना है। यह विधेयक सूक्ष्म एवं लघु उद्यमों (एमएसई) को उनके बिलों का भुगतान समय पर सुनिश्चित करने के लिए सरकारी विभागों और सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों पर कानूनी बाध्यता लागू करता है। विधेयक में देरी से भुगतान करने वालों के लिए ब्याज दरों में वृद्धि और दंडात्मक प्रावधान शामिल हैं, जिससे उद्यमियों को समय पर राशि मिल सके। इसके अलावा, विवादों के त्वरित निपटारे के लिए एक वैकल्पिक विवाद निपटान तंत्र भी प्रस्तावित किया गया है, जिससे एमएसएमई क्षेत्र में व्यावसायिक सुगमता बढ़ेगी।
यह विधेयक एमएसएमई क्षेत्र के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है, जो भारत की अर्थव्यवस्था की रीढ़ माने जाते हैं। देश में लगभग 6.3 करोड़ एमएसएमई इकाइयाँ हैं, जो कुल विनिर्माण उत्पादन का 45% और निर्यात का 40% योगदान करती हैं। फिर भी, उन्हें अक्सर सरकारी विभागों और बड़ी कंपनियों से भुगतान में देरी का सामना करना पड़ता है, जिससे उनके कार्यशील पूंजी में कमी आती है और विकास प्रभावित होता है। विधेयक के माध्यम से सरकार ने इस समस्या को दूर करने का प्रयास किया है, जिससे उद्यमियों को राहत मिलेगी और अर्थव्यवस्था को भी बल मिलेगा।
यूपीएससी और राज्य पीसीएस परीक्षाओं के दृष्टिकोण से यह विधेयक बहुआयामी महत्व रखता है। यूपीएससी की मुख्य परीक्षा में इसे भारतीय अर्थव्यवस्था, औद्योगिक नीति, और शासन प्रणाली के संदर्भ में जोड़ा जा सकता है। इसके अलावा, एमएसएमई क्षेत्र से संबंधित सरकारी योजनाओं, जैसे प्रधानमंत्री मुद्रा योजना, स्टैंड-अप इंडिया, और एमएसएमई विकास अधिनियम, 2006 के साथ इसके संबंध को भी समझा जा सकता है। राज्य पीसीएस परीक्षाओं में भी इसे राज्य स्तरीय औद्योगिक
स्रोत: ndtv.com
अभ्यास प्रश्न
Q1. लोकसभा द्वारा पास किए गए MSME विधेयक का मुख्य उद्देश्य क्या है?
- MSMEs को ऋण प्रदान करने के लिए बैंकों को बाध्य करना
- MSMEs को भुगतान में देरी और विवादों के निपटारे में तेजी लाना
- MSMEs के लिए नए कर नियम लागू करना
- MSMEs के लिए निर्यात सब्सिडी बढ़ाना
उत्तर
MSMEs को भुगतान में देरी और विवादों के निपटारे में तेजी लाना — MSME विधेयक का मुख्य उद्देश्य MSMEs को भुगतान में होने वाली देरी और उनके विवादों के तेजी से निपटारे को सुनिश्चित करना है, ताकि वे अपने व्यवसाय को सुचारू रूप से चला सकें।
Q2. MSME विधेयक के अनुसार, भुगतान में देरी के मामलों का निपटारा किसके द्वारा किया जाएगा?
- न्यायालय द्वारा
- MSME फेसीलिटेशन काउंसिल द्वारा
- बैंक द्वारा
- राज्य सरकार द्वारा
उत्तर
MSME फेसीलिटेशन काउंसिल द्वारा — MSME विधेयक के अनुसार, भुगतान में देरी के मामलों का निपटारा MSME फेसीलिटेशन काउंसिल द्वारा किया जाएगा, जिससे विवादों का त्वरित समाधान सुनिश्चित हो सके।
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