लोकसभा ने एमएसएमई बिल पारित किया: भुगतान विलंब और विवादों में तेजी

Lok Sabha Passes MSME Bill To Tackle Payment Delays, Speed Up Disputes — diagram

लोकसभा ने एमएसएमई बिल पारित किया: भुगतान विलंब और विवादों में तेजी

लोकसभा ने एमएसएमई बिल पारित किया: भुगतान विलंब और विवादों में तेजी — MSME बिल: देरी और विवादों का समाधान कैसे होगा?
आरेख: MSME बिल: देरी और विवादों का समाधान कैसे होगा?

✎ एमएसएमई बिल 2024 से भुगतान विलंब और विवादों के तेज निपटारे से उद्योग जगत को लाभ होगा।

प्रासंगिकता — UPSC & State PCS: Polity

**लोकसभा द्वारा पारित एमएसएमई विधेयक: भुगतान में देरी और विवादों के निपटारे में तेजी**

हाल ही में लोकसभा द्वारा पारित किया गया एमएसएमई (सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम) विधेयक, 2024 देश के एमएसएमई क्षेत्र के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है। यह विधेयक मुख्य रूप से उन भुगतान संबंधी देरी और विवादों को दूर करने के उद्देश्य से लाया गया है, जो एमएसएमई क्षेत्र के विकास में प्रमुख बाधा बने हुए हैं। विधेयक में प्रस्तावित प्रावधानों के अनुसार, बड़े उद्यमों द्वारा एमएसएमई को किए गए भुगतानों में देरी होने पर स्वचालित रूप से ब्याज लगाया जाएगा, जिससे भुगतान प्रक्रिया में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित होगी। इसके अतिरिक्त, विवादों के त्वरित निपटारे के लिए विशेष न्यायाधिकरणों की स्थापना का प्रस्ताव भी शामिल है, जिससे उद्यमियों को लंबी कानूनी प्रक्रियाओं से मुक्ति मिल सकेगी।

यह विधेयक एमएसएमई क्षेत्र के विकास को गति देने के साथ-साथ रोजगार सृजन में भी सहायक सिद्ध होगा। एमएसएमई देश की अर्थव्यवस्था में लगभग 30% योगदान देते हैं और लगभग 11 करोड़ लोगों को रोजगार प्रदान करते हैं। ऐसे में, भुगतान संबंधी देरी और विवादों के कारण होने वाले नुकसान को कम करना अत्यंत आवश्यक था। विधेयक में प्रस्तावित त्वरित विवाद निपटान प्रणाली से उद्यमियों को न्याय मिलने में लगने वाला समय काफी हद तक कम हो जाएगा, जिससे उनका विश्वास बढ़ेगा और वे अपने व्यवसायों पर ध्यान केंद्रित कर सकेंगे।

इस विधेयक का महत्व केवल एमएसएमई क्षेत्र तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका प्रभाव देश की समग्र आर्थिक वृद्धि पर भी पड़ेगा। सरकार द्वारा उठाया गया यह कदम ‘मेक इन इंडिया’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ जैसे अभियानों को भी बल प्रदान करेगा। इसके अलावा, राज्य स्तरीय पीसीएस परीक्षाओं के दृष्टिकोण से भी यह विधेयक अत्यंत प्रासंगिक है, क्योंकि इसमें राज्य सरकारों की भूमिका और उनकी नीतियों के प्रभाव का विश्लेषण भी शामिल किया जा सकता है। उदाहरण

स्रोत: ndtv.com

अभ्यास प्रश्न

Q1. लोकसभा द्वारा पारित MSME विधेयक का मुख्य उद्देश्य क्या है?

  1. MSMEs को ऋण प्रदान करने के लिए बैंकों को अनिवार्य करना
  2. MSMEs द्वारा सामना किए जाने वाले भुगतान में देरी और विवादों के निपटारे में तेजी लाना
  3. MSMEs के लिए कर छूट की सीमा बढ़ाना
  4. MSMEs को विदेशी निवेश आकर्षित करने में सक्षम बनाना
उत्तर

MSMEs द्वारा सामना किए जाने वाले भुगतान में देरी और विवादों के निपटारे में तेजी लाना — MSME विधेयक का मुख्य उद्देश्य MSMEs (सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम) द्वारा सामना किए जाने वाले भुगतान में देरी और विवादों के निपटारे में तेजी लाना है। इससे MSMEs को समय पर भुगतान मिल सकेगा और उनके व्यवसाय में सुधार होगा।

Q2. MSME विधेयक के माध्यम से सरकार द्वारा प्रस्तावित प्रमुख सुधार क्या है?

  1. MSMEs के लिए न्यूनतम वेतन निर्धारित करना
  2. भुगतान में देरी के मामलों के लिए विशेष न्यायाधिकरण स्थापित करना
  3. MSMEs को विदेशी व्यापार में प्रतिबंधित करना
  4. MSMEs के लिए भूमि आवंटन में वृद्धि करना
उत्तर

भुगतान में देरी के मामलों के लिए विशेष न्यायाधिकरण स्थापित करना — MSME विधेयक में भुगतान में देरी के मामलों के लिए विशेष न्यायाधिकरण स्थापित करने का प्रस्ताव है, जिससे विवादों का तेजी से निपटारा हो सके।


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