22 Jul वरिष्ठ नागरिकों के लिए पुन: रोजगार: सरकार ने एनसीएस पोर्टल पर बढ़ाया जोर
विषय प्रासंगिकता — यह टॉपिक कहाँ आता है
- GS Paper I — भारतीय समाज, जनसंख्या एवं संबंधित मुद्दे | GS Paper II — सामाजिक न्याय, कल्याणकारी योजनाएँ | GS Paper III — भारतीय अर्थव्यवस्था, रोज़गार
- Prelims: राष्ट्रीय कैरियर सेवा (NCS) पोर्टल, सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय, इंडिया एजिंग रिपोर्ट 2023, मॉडल करियर सेंटर (MCC), वरिष्ठ नागरिक, जनसांख्यिकीय लाभांश
- Essay: भारत में बढ़ती बुजुर्ग आबादी: चुनौतियाँ और अवसर, तकनीक का उपयोग कर सामाजिक समावेशन और सशक्तिकरण
त्वरित पुनरावृत्ति: राष्ट्रीय कैरियर सेवा (NCS) पोर्टल एक सरकारी पहल है जो नौकरी चाहने वालों और नियोक्ताओं को एक मंच पर लाती है, विशेष रूप से वरिष्ठ नागरिकों के लिए पुनर्रोजगार के अवसर प्रदान करके सक्रिय वृद्धावस्था को बढ़ावा देती है।
यह खबर चर्चा में क्यों?
केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय कैरियर सेवा (NCS) पोर्टल के माध्यम से वरिष्ठ नागरिकों के लिए सक्रिय वृद्धावस्था (Active Ageing) और पुनर्रोजगार (Re-employment) के अवसरों को बढ़ावा देने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है। केंद्रीय सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्री डॉ. वीरेंद्र कुमार ने राज्यसभा में बताया कि NCS पोर्टल पर वरिष्ठ नागरिकों के लिए 1.68 लाख से अधिक रिक्तियाँ उपलब्ध हैं और 1.89 लाख वरिष्ठ नागरिकों ने पंजीकरण कराया है। यह पहल देश के कार्यबल में अनुभवी पेशेवरों के योगदान को जारी रखने में सहायक है।
पृष्ठभूमि
- भारत में बुजुर्ग आबादी में उल्लेखनीय वृद्धि का अनुमान है। यूएनएफपीए-भारत की ‘इंडिया एजिंग रिपोर्ट 2023’ के अनुसार, 60 वर्ष और उससे अधिक आयु के व्यक्तियों की आबादी 2022 में 10.4 प्रतिशत से बढ़कर 2050 तक 20.8 प्रतिशत और सदी के अंत तक 36 प्रतिशत तक पहुँच जाएगी।
- यह रिपोर्ट बुजुर्गों, विशेषकर असंगठित क्षेत्र में काम करने वालों के लिए आजीविका के अवसर और दोबारा रोज़गार के व्यवस्थित रास्ते सुनिश्चित करने वाली नीतियों की आवश्यकता पर बल देती है, ताकि उन्हें आय की सुरक्षा मिल सके।
- सरकार सक्रिय वृद्धावस्था को बढ़ावा देने और वरिष्ठ नागरिकों को आर्थिक रूप से स्वतंत्र बनाने के लिए प्रतिबद्ध है, जिससे वे समाज और अर्थव्यवस्था में अपना योगदान जारी रख सकें।
राष्ट्रीय कैरियर सेवा (NCS) पोर्टल क्या है?
- राष्ट्रीय कैरियर सेवा (NCS) पोर्टल भारत सरकार के श्रम और रोज़गार मंत्रालय के तहत एक मिशन मोड परियोजना है, जिसे 2015 में शुरू किया गया था।
- इसका मुख्य उद्देश्य नौकरी चाहने वालों, नियोक्ताओं, कौशल प्रदाताओं, करियर सलाहकारों और सरकारी एजेंसियों को एक साथ लाकर एक राष्ट्रीय स्तर का ऑनलाइन मंच प्रदान करना है।
- यह पोर्टल विभिन्न क्षेत्रों में रोज़गार के अवसरों की जानकारी प्रदान करता है और नौकरी चाहने वालों को उनकी योग्यता और अनुभव के आधार पर उपयुक्त रिक्तियों से जोड़ता है।
- NCS पोर्टल पर 6.46 करोड़ से अधिक नौकरी चाहने वाले और 58.76 लाख नियोक्ता पंजीकृत हैं, जिनमें 60 वर्ष से अधिक आयु के 1.89 लाख वरिष्ठ नागरिक नौकरी चाहने वाले भी शामिल हैं।
- यह AI-संचालित सेवाओं का उपयोग करता है ताकि नौकरी चाहने वालों और नियोक्ताओं के बीच बेहतर मिलान सुनिश्चित किया जा सके।
- NCS परियोजना के तहत, राज्यों और संस्थानों के सहयोग से 407 मॉडल करियर सेंटर (MCC) भी स्थापित किए गए हैं, जो नौकरी मेलों, करियर परामर्श और प्रशिक्षण के माध्यम से रोज़गार के अवसर प्रदान करते हैं।
- यह मंच समावेशी आर्थिक विकास और रोज़गार सृजन में योगदान देने के लिए आधुनिक रोज़गार सेवा ढांचे को मजबूत करने की दिशा में कार्य करता है।
मुख्य विशेषताएँ
| Feature | Significance |
|---|---|
| राष्ट्रीय करियर सेवा (NCS) पोर्टल | यह एक एकीकृत मंच है जो नौकरी चाहने वालों, नियोक्ताओं और कौशल प्रदाताओं को जोड़ता है, जिससे रोजगार के अवसरों तक पहुंच आसान होती है। |
| वरिष्ठ नागरिकों के लिए पुनर्रोजगार पहल | यह विशेष रूप से वरिष्ठ नागरिकों को कार्यबल में फिर से शामिल होने के अवसर प्रदान करती है, जिससे उनके अनुभव और कौशल का लाभ उठाया जा सके। |
| मॉडल करियर सेंटर (MCC) | ये केंद्र युवाओं और वरिष्ठ नागरिकों सहित नौकरी चाहने वालों को करियर परामर्श, प्रशिक्षण और रोजगार मेलों के माध्यम से सहायता प्रदान करते हैं। |
| AI-संचालित सेवाएं | NCS पोर्टल पर कृत्रिम बुद्धिमत्ता का उपयोग रोजगार सेवाओं को अधिक कुशल और नागरिक-केंद्रित बनाता है, जिससे सही नौकरी और सही उम्मीदवार का मिलान आसान होता है। |
| बढ़ती बुजुर्ग आबादी | भारत में 60 वर्ष से अधिक आयु के व्यक्तियों की आबादी में उल्लेखनीय वृद्धि का अनुमान है, जिससे उनके लिए आजीविका और पुनर्रोजगार के अवसर महत्वपूर्ण हो जाते हैं। |
महत्व
सामाजिक महत्व
- यह पहल वरिष्ठ नागरिकों को सक्रिय और सम्मानजनक जीवन जीने में मदद करती है, जिससे वे समाज में अपना योगदान जारी रख सकते हैं।
- यह बुजुर्गों में अकेलापन और अलगाव की भावना को कम करने में सहायक है, क्योंकि उन्हें सामाजिक संपर्क और उद्देश्य की भावना मिलती है।
- यह अंतर-पीढ़ीगत ज्ञान और कौशल के हस्तांतरण को बढ़ावा देता है, जहां अनुभवी पेशेवर युवा कार्यबल को मार्गदर्शन दे सकते हैं।
आर्थिक महत्व
- वरिष्ठ नागरिकों को पुनर्रोजगार के अवसर प्रदान करके, यह उनकी आय सुरक्षा सुनिश्चित करता है, विशेष रूप से असंगठित क्षेत्र में काम करने वालों के लिए।
- यह देश के कार्यबल में अनुभवी पेशेवरों के कौशल और ज्ञान का लाभ उठाता है, जिससे उत्पादकता और आर्थिक संवृद्धि (Economic Growth) में वृद्धि हो सकती है।
- यह बुजुर्गों पर निर्भरता को कम करता है और उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाता है, जिससे सामाजिक सुरक्षा प्रणालियों पर बोझ कम होता है।
नीतिगत महत्व
- यह सरकार की सक्रिय वृद्धावस्था (Active Ageing) को बढ़ावा देने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है, जो बढ़ती बुजुर्ग आबादी के प्रबंधन के लिए एक महत्वपूर्ण नीतिगत दृष्टिकोण है।
- यह UNFPA-भारत की इंडिया एजिंग रिपोर्ट 2023 की सिफारिशों के अनुरूप है, जिसमें बुजुर्गों के लिए आजीविका और पुनर्रोजगार के व्यवस्थित रास्तों की आवश्यकता पर जोर दिया गया है।
- यह समावेशी आर्थिक विकास और रोजगार सृजन के व्यापक सरकारी लक्ष्यों में योगदान देता है, यह सुनिश्चित करते हुए कि कोई भी वर्ग पीछे न छूटे।
चुनौतियाँ
1. रोजगार के अवसरों की सीमित उपलब्धता
- वरिष्ठ नागरिकों के लिए उपयुक्त और सम्मानजनक रोजगार के अवसरों की संख्या अभी भी सीमित है, खासकर विशिष्ट कौशल वाले क्षेत्रों में।
- कई नियोक्ता वरिष्ठ नागरिकों को काम पर रखने में हिचकिचाते हैं, जिससे उनके लिए अवसर कम हो जाते हैं।
यूपीएससी लिंक: सामाजिक न्याय, भारतीय समाज
2. कौशल अंतराल और तकनीकी पिछड़ापन
- कुछ वरिष्ठ नागरिकों में आधुनिक कार्यस्थल के लिए आवश्यक डिजिटल और तकनीकी कौशल की कमी हो सकती है, जिससे उन्हें रोजगार प्राप्त करने में कठिनाई होती है।
- तेजी से बदलते उद्योगों में नए कौशल सीखने की आवश्यकता उनके लिए एक चुनौती हो सकती है।
यूपीएससी लिंक: मानव संसाधन, कौशल विकास
3. स्वास्थ्य संबंधी मुद्दे और कार्यस्थल पर अनुकूलन
- वरिष्ठ नागरिकों को स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियां हो सकती हैं, जिसके लिए कार्यस्थल पर विशेष अनुकूलन (Adaptation) और लचीलेपन की आवश्यकता होती है।
- कार्यस्थल पर आयु-संबंधित भेदभाव (Age-related Discrimination) एक बड़ी चुनौती है।
यूपीएससी लिंक: सामाजिक न्याय, स्वास्थ्य
4. असंगठित क्षेत्र में सुरक्षा का अभाव
- असंगठित क्षेत्र में काम करने वाले अधिकांश वरिष्ठ नागरिकों के पास सामाजिक सुरक्षा लाभ, पेंशन या स्वास्थ्य बीमा का अभाव होता है, जिससे उनकी भेद्यता बढ़ जाती है।
- पुनर्रोजगार पहल को असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों तक प्रभावी ढंग से पहुंचने में कठिनाई हो सकती है।
यूपीएससी लिंक: सामाजिक सुरक्षा, अर्थव्यवस्था
5. जागरूकता और पहुंच का अभाव
- कई वरिष्ठ नागरिक NCS पोर्टल जैसी सरकारी पहलों के बारे में जागरूक नहीं हैं या उनके पास इन तक पहुंचने के लिए आवश्यक डिजिटल साक्षरता नहीं है।
- ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों में रहने वाले वरिष्ठ नागरिकों के लिए इन सेवाओं तक पहुंच एक बड़ी चुनौती है।
यूपीएससी लिंक: ई-गवर्नेंस, सामाजिक सशक्तिकरण
चुनौतियाँ — यूपीएससी दृष्टिकोण
| Issue | Concern |
|---|---|
| आयु-संबंधित भेदभाव | नियोक्ता अक्सर वरिष्ठ नागरिकों को कम उत्पादक या अधिक स्वास्थ्य जोखिम वाला मानकर काम पर रखने से बचते हैं। |
| डिजिटल साक्षरता की कमी | कई वरिष्ठ नागरिक ऑनलाइन पोर्टल और डिजिटल उपकरणों का उपयोग करने में सहज नहीं होते, जिससे वे अवसरों से वंचित रह जाते हैं। |
| कार्य-जीवन संतुलन | वरिष्ठ नागरिकों को अक्सर परिवार और स्वास्थ्य संबंधी जिम्मेदारियों के कारण लचीले काम के घंटों और अनुकूल कार्यस्थल की आवश्यकता होती है। |
| पेंशन और आय सुरक्षा | पुनर्रोजगार के अवसर अक्सर कम वेतन वाले होते हैं, जो उनकी पेंशन या पिछली आय के पूरक के रूप में पर्याप्त नहीं होते। |
| शहरी-ग्रामीण विभाजन | ग्रामीण क्षेत्रों में वरिष्ठ नागरिकों के लिए रोजगार के अवसर और NCS जैसी सेवाओं तक पहुंच शहरी क्षेत्रों की तुलना में काफी कम है। |
सरकारी पहल — प्रीलिम्स हेतु अवश्य याद रखें
- राष्ट्रीय करियर सेवा (NCS) पोर्टल
आगे की राह
- वरिष्ठ नागरिकों के लिए विशिष्ट कौशल विकास और पुनः कौशल (Reskilling) कार्यक्रम शुरू करना, विशेषकर उभरते क्षेत्रों में।
- नियोक्ताओं को वरिष्ठ नागरिकों को काम पर रखने के लिए प्रोत्साहन प्रदान करना, जैसे कर लाभ या सब्सिडी।
- कार्यस्थलों को आयु-अनुकूल बनाने के लिए नीतियों और दिशानिर्देशों को बढ़ावा देना, जिसमें लचीले काम के घंटे और अनुकूल कार्य वातावरण शामिल हैं।
- NCS पोर्टल और मॉडल करियर सेंटर (MCC) के माध्यम से वरिष्ठ नागरिकों के बीच जागरूकता और डिजिटल साक्षरता बढ़ाना, विशेषकर ग्रामीण क्षेत्रों में।
- असंगठित क्षेत्र में काम करने वाले वरिष्ठ नागरिकों के लिए सामाजिक सुरक्षा और स्वास्थ्य बीमा योजनाओं का विस्तार करना।
- आयु-संबंधित भेदभाव को रोकने के लिए कानूनी ढांचे को मजबूत करना और कार्यस्थलों पर समावेशी संस्कृति को बढ़ावा देना।
- वरिष्ठ नागरिकों के अनुभव और विशेषज्ञता का उपयोग करने के लिए परामर्श, प्रशिक्षण और संरक्षकता (Mentorship) कार्यक्रमों को प्रोत्साहित करना।
यूपीएससी मूल्य-संवर्धन
मुख्य परीक्षा उत्तर-लेखन हेतु कीवर्ड
राष्ट्रीय करियर सेवा पोर्टल · वरिष्ठ नागरिकों का पुनर्रोजगार · सक्रिय वृद्धावस्था · जनसांख्यिकीय लाभांश · जनसांख्यिकीय संक्रमण · मॉडल करियर सेंटर · आय सुरक्षा · समावेशी आर्थिक विकास
संवैधानिक व नीतिगत संबंध
- {‘article’: ‘अनुच्छेद 38’, ‘note’: ‘राज्य लोक कल्याण की अभिवृद्धि का प्रयास करेगा’}
- {‘article’: ‘अनुच्छेद 39 (a)’, ‘note’: ‘नागरिकों को आजीविका के पर्याप्त साधन का अधिकार’}
- {‘article’: ‘अनुच्छेद 41’, ‘note’: ‘कुछ दशाओं में काम, शिक्षा और लोक सहायता का अधिकार’}
- {‘article’: ‘अनुच्छेद 46’, ‘note’: ‘दुर्बल वर्गों के शैक्षिक और आर्थिक हितों की अभिवृद्धि’}
अवधारणा प्रवाह
भारत में बढ़ती बुजुर्ग आबादी (2050 तक 20.8%) → आय सुरक्षा और आजीविका के अवसरों की आवश्यकता → सरकार की सक्रिय वृद्धावस्था को बढ़ावा देने की प्रतिबद्धता → राष्ट्रीय करियर सेवा (NCS) पोर्टल का विस्तार और पुनर्रोजगार पहल → वरिष्ठ नागरिकों के लिए रोजगार के अवसरों में वृद्धि और कार्यबल में योगदान
प्रारंभिक अभ्यास प्रश्न
Q1. राष्ट्रीय करियर सेवा (NCS) पोर्टल के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. इसका उद्देश्य युवाओं और वरिष्ठ नागरिकों सहित विभिन्न नौकरी चाहने वालों को रोजगार के अवसर प्रदान करना है।
2. यह पोर्टल केवल सरकारी क्षेत्र में रोजगार के अवसरों पर केंद्रित है।
3. UNFPA-भारत की इंडिया एजिंग रिपोर्ट 2023 के अनुसार, भारत में 60 वर्ष और उससे अधिक आयु के व्यक्तियों की आबादी 2050 तक 20.8 प्रतिशत तक पहुंचने का अनुमान है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
- केवल 1
- केवल 1 और 2
- केवल 1 और 3
- 1, 2 और 3
उत्तर: केवल 1 और 3 — कथन 1 सही है क्योंकि NCS पोर्टल का उद्देश्य युवाओं और वरिष्ठ नागरिकों सहित सभी नौकरी चाहने वालों को रोजगार के अवसर प्रदान करना है। कथन 2 गलत है क्योंकि NCS पोर्टल सरकारी और निजी दोनों क्षेत्रों में रोजगार के अवसरों को बढ़ावा देता है। कथन 3 सही है क्योंकि UNFPA-भारत की इंडिया एजिंग रिपोर्ट 2023 के अनुसार, 60 वर्ष और उससे अधिक आयु के व्यक्तियों की आबादी 2050 तक 20.8 प्रतिशत तक पहुंचने का अनुमान है।
Q2. भारत में बढ़ती बुजुर्ग आबादी के संदर्भ में, निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही नहीं है?
- बुजुर्ग आबादी में वृद्धि से कार्यबल में अनुभवी पेशेवरों की उपलब्धता बढ़ सकती है।
- असंगठित क्षेत्र में बुजुर्गों के लिए आजीविका और पुनर्रोजगार के अवसर सुनिश्चित करना महत्वपूर्ण है।
- राष्ट्रीय करियर सेवा पोर्टल वरिष्ठ नागरिकों के लिए पुनर्रोजगार के अवसरों को बढ़ावा देने में सहायक है।
- भारत में बुजुर्ग आबादी में वृद्धि से देश के सकल घरेलू उत्पाद (GDP) पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा।
उत्तर: भारत में बुजुर्ग आबादी में वृद्धि से देश के सकल घरेलू उत्पाद (GDP) पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। — कथन ‘भारत में बुजुर्ग आबादी में वृद्धि से देश के सकल घरेलू उत्पाद (GDP) पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा’ सही नहीं है। बुजुर्ग आबादी में वृद्धि से स्वास्थ्य सेवा और सामाजिक सुरक्षा पर व्यय बढ़ सकता है, साथ ही कार्यबल में कमी आने पर आर्थिक संवृद्धि प्रभावित हो सकती है, यदि उन्हें उत्पादक रूप से शामिल न किया जाए। अन्य कथन सही हैं।
मुख्य अभ्यास प्रश्न
✍ भारत में बढ़ती बुजुर्ग आबादी देश के सामाजिक-आर्थिक ताने-बाने के लिए चुनौतियाँ और अवसर दोनों प्रस्तुत करती है। इस संदर्भ में, राष्ट्रीय करियर सेवा (NCS) पोर्टल जैसी सरकारी पहलें वरिष्ठ नागरिकों के लिए पुनर्रोजगार के अवसरों को बढ़ावा देने में कैसे महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं? चर्चा कीजिए। (250 शब्द)
रूपरेखा: प्रश्न के पहले भाग में भारत में बढ़ती बुजुर्ग आबादी से उत्पन्न चुनौतियों (जैसे स्वास्थ्य सेवा, सामाजिक सुरक्षा पर दबाव) और अवसरों (जैसे अनुभवी कार्यबल का लाभ उठाना) पर संक्षेप में चर्चा करें। दूसरे भाग में, राष्ट्रीय करियर सेवा (NCS) पोर्टल की भूमिका पर विस्तार से प्रकाश डालें, जिसमें यह बताया जाए कि कैसे यह पोर्टल वरिष्ठ नागरिकों को रोजगार के अवसरों से जोड़ता है, करियर परामर्श प्रदान करता है, और सक्रिय वृद्धावस्था को बढ़ावा देता है। मॉडल करियर सेंटर (MCCs) और AI-संचालित सेवाओं का उल्लेख करें। निष्कर्ष में, समावेशी आर्थिक विकास और आय सुरक्षा सुनिश्चित करने में ऐसी पहलों के महत्व को रेखांकित करें।
स्रोत: PIB (Press Information Bureau)
शैक्षिक उद्देश्य हेतु AanyaAi द्वारा जनित।

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