07 Aug सीएम ने जीएसटी राजस्व बढ़ाने के लिए एआई के इस्तेमाल पर जोर दिया

✎ कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) का उपयोग कर प्रशासन में दक्षता, पारदर्शिता और राजस्व संवर्धन के लिए एक महत्वपूर्ण उपकरण के रूप में उभर रहा है, जो कर चोरी को रोकने और व्यापार सुगमता को बढ़ावा देने में सहायक है।
विषय प्रासंगिकता — यह टॉपिक कहाँ आता है
- GS Paper II — शासन, पारदर्शिता और जवाबदेही के महत्वपूर्ण पहलू, ई-गवर्नेंस-अनुप्रयोग, मॉडल, सफलताएँ, सीमाएँ और संभावनाएँ; नागरिक चार्टर, पारदर्शिता एवं जवाबदेही और संस्थागत तथा अन्य उपाय। | GS Paper III — भारतीय अर्थव्यवस्था तथा योजना, संसाधनों को जुटाने, प्रगति, विकास तथा रोज़गार से संबंधित विषय। सरकारी बजट के मुख्य घटक।
- Prelims: कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), वस्तु एवं सेवा कर (GST), राजस्व संवर्धन, ई-गवर्नेंस, व्यापार सुगमता (Ease of Doing Business), राजकोषीय नीति, कर अपवंचन
- Essay: शासन में प्रौद्योगिकी का उपयोग: अवसर और चुनौतियाँ, भारत के आर्थिक विकास में कर सुधारों की भूमिका
त्वरित पुनरावृत्ति: कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) का उपयोग कर प्रशासन में दक्षता, पारदर्शिता और राजस्व संवर्धन के लिए एक महत्वपूर्ण उपकरण के रूप में उभर रहा है, जो कर चोरी को रोकने और व्यापार सुगमता को बढ़ावा देने में सहायक है।
यह खबर चर्चा में क्यों?
हाल ही में, एक राज्य के मुख्यमंत्री ने राज्य के GST राजस्व को बढ़ाने के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता (Artificial Intelligence – AI) का लाभ उठाने के लिए एक व्यापक कार्य योजना का समर्थन किया है। मुख्यमंत्री ने प्रसिद्ध अर्थशास्त्री और पूर्व मुख्य आर्थिक सलाहकार अरविंद सुब्रमण्यम के साथ इस रणनीति पर चर्चा की, जिसका उद्देश्य AI-आधारित कार्यक्रम के माध्यम से कर प्रणाली को सरल बनाना और राजस्व रिसाव को रोकना है, विशेष रूप से वाणिज्यिक कर, उत्पाद शुल्क और GST विभागों में।
पृष्ठभूमि
- GST भारत में 1 जुलाई 2017 को लागू किया गया एक अप्रत्यक्ष कर (Indirect Tax) है, जिसने केंद्र और राज्यों द्वारा लगाए गए कई अप्रत्यक्ष करों को प्रतिस्थापित किया।
- इसका उद्देश्य ‘एक राष्ट्र, एक कर’ (One Nation, One Tax) के सिद्धांत को प्राप्त करना, करों के व्यापक प्रभाव (Cascading Effect) को कम करना और व्यापार सुगमता (Ease of Doing Business) को बढ़ावा देना है।
- राज्यों के लिए GST राजस्व आर्थिक विकास और सार्वजनिक सेवाओं के वित्तपोषण के लिए महत्वपूर्ण है।
- राजस्व रिसाव (Revenue Leakage) और कर चोरी (Tax Evasion) भारत में कर प्रशासन के लिए प्रमुख चुनौतियाँ बनी हुई हैं।
- प्रौद्योगिकी, विशेष रूप से AI, का उपयोग शासन और राजस्व प्रशासन में दक्षता और पारदर्शिता लाने के लिए एक शक्तिशाली उपकरण के रूप में देखा जा रहा है।
- ई-गवर्नेंस पहलें (e-Governance Initiatives) नागरिकों को बेहतर सेवाएँ प्रदान करने और प्रशासनिक प्रक्रियाओं को सुव्यवस्थित करने के लिए महत्वपूर्ण हैं।
राजस्व संवर्धन में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) का उपयोग
- AI-आधारित प्रणाली डेटा विश्लेषण (Data Analysis) और पैटर्न पहचान (Pattern Recognition) का उपयोग करके कर चोरी के संभावित मामलों की पहचान कर सकती है।
- यह करदाताओं की प्रोफाइलिंग (Profiling) करके उच्च जोखिम वाले क्षेत्रों या व्यवसायों पर ध्यान केंद्रित करने में मदद कर सकता है, जिससे कर अधिकारियों के प्रयास अधिक प्रभावी होंगे।
- AI निर्माण लागत अनुमानों और अनुबंध कार्यों से संबंधित कर अनुमानों को रिकॉर्ड करने में सहायता कर सकता है, विशेष रूप से उच्च-वृद्धि वाली इमारतों और बड़े पैमाने की परियोजनाओं में।
- यह विभिन्न सरकारी विभागों जैसे नगर प्रशासन, पंचायती राज, ऊर्जा, वाणिज्यिक कर और RERA के बीच प्रभावी समन्वय स्थापित कर सकता है ताकि राजस्व रिसाव को रोका जा सके।
- AI कर अनुपालन (Tax Compliance) को सरल बना सकता है और करदाताओं के लिए प्रक्रियाओं को आसान बना सकता है, जिससे व्यापार सुगमता में सुधार होगा।
- यह धोखाधड़ी वाले इनपुट टैक्स क्रेडिट (Input Tax Credit) दावों का पता लगाने और नकली चालानों (Fake Invoices) की पहचान करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
- AI का उपयोग करदाताओं के प्रश्नों का उत्तर देने और मार्गदर्शन प्रदान करने के लिए चैटबॉट (Chatbots) और वर्चुअल असिस्टेंट (Virtual Assistants) विकसित करने में भी किया जा सकता है, जिससे मानव हस्तक्षेप कम होगा और दक्षता बढ़ेगी।
मुख्य विशेषताएँ
| विशेषता | महत्व |
|---|---|
| राजस्व वृद्धि में AI का उपयोग | राज्य के GST राजस्व में वृद्धि, आर्थिक संवृद्धि को गति। |
| प्रणाली का सरलीकरण | AI-आधारित कार्यक्रम से कर प्रणाली सरल होगी, व्यवसायों पर नकारात्मक प्रभाव से बचाव। |
| राजस्व लीकेज की रोकथाम | निर्माण और भवन उपकरण क्षेत्र में राजस्व लीकेज को रोकने में सहायक। |
| विभागों के बीच समन्वय | नगर प्रशासन, पंचायती राज, ऊर्जा, वाणिज्यिक कर और RERA जैसे विभागों के बीच प्रभावी समन्वय। |
| कर अनुमानों का रिकॉर्ड | उच्च-भवन निर्माण और ठेके के कार्यों की अनुमति के समय लागत के कर अनुमानों का रिकॉर्ड। |
| प्रशासनिक दक्षता | मी सेवा, आरोग्यश्री और मुख्यमंत्री राहत कोष के बीच प्रभावी जुड़ाव से बेहतर प्रशासन। |
महत्व
आर्थिक महत्व
- राजस्व में वृद्धि से राज्य की वित्तीय स्थिति मजबूत होगी, जिससे विकास परियोजनाओं के लिए अधिक धन उपलब्ध होगा।
- कर प्रणाली के सरलीकरण से ‘ईज़ ऑफ डूइंग बिज़नेस’ (Ease of Doing Business) को बढ़ावा मिलेगा, जिससे निवेश आकर्षित होगा और आर्थिक गतिविधियों में वृद्धि होगी।
- राजस्व लीकेज की रोकथाम से कर आधार का विस्तार होगा और कर-GDP अनुपात में सुधार होगा।
प्रशासनिक महत्व
- AI का उपयोग कर प्रशासन को अधिक पारदर्शी और कुशल बनाएगा, जिससे भ्रष्टाचार में कमी आ सकती है।
- विभिन्न सरकारी विभागों के बीच बेहतर समन्वय से नीतियों का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित होगा।
- कर अनुमानों के सटीक रिकॉर्ड से कर चोरी पर अंकुश लगेगा और कर अनुपालन में सुधार होगा।
सामाजिक महत्व
- राजस्व वृद्धि से शिक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी ढांचे जैसी सार्वजनिक सेवाओं में सुधार के लिए अधिक संसाधन उपलब्ध होंगे।
- प्रशासनिक दक्षता से नागरिकों को सरकारी सेवाओं का लाभ उठाने में आसानी होगी, जिससे उनके जीवन की गुणवत्ता में सुधार होगा।
चुनौतियाँ
1. डेटा गोपनीयता और सुरक्षा
- AI प्रणालियों में बड़ी मात्रा में संवेदनशील वित्तीय डेटा का उपयोग होता है, जिससे डेटा गोपनीयता और सुरक्षा भंग होने का जोखिम रहता है।
- साइबर हमलों और डेटा उल्लंघनों से बचाव के लिए मजबूत सुरक्षा उपायों की आवश्यकता होगी।
यूपीएससी लिंक: शासन, पारदर्शिता और जवाबदेही; सूचना प्रौद्योगिकी
2. तकनीकी अवसंरचना और विशेषज्ञता
- AI प्रणालियों को लागू करने और बनाए रखने के लिए उन्नत तकनीकी अवसंरचना और कुशल जनशक्ति की आवश्यकता होगी।
- छोटे शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों में आवश्यक तकनीकी संसाधनों की कमी एक चुनौती हो सकती है।
यूपीएससी लिंक: विज्ञान और प्रौद्योगिकी में भारतीयों की उपलब्धियाँ; सूचना प्रौद्योगिकी
3. व्यवसायों पर प्रभाव
- नई AI-आधारित प्रणाली से व्यवसायों को अनुकूलन करने में प्रारंभिक कठिनाइयाँ आ सकती हैं, जिससे उनके संचालन पर अस्थायी नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।
- यह सुनिश्चित करना महत्वपूर्ण है कि नई प्रणाली छोटे और मध्यम व्यवसायों पर अनावश्यक बोझ न डाले।
यूपीएससी लिंक: भारतीय अर्थव्यवस्था और नियोजन, संसाधन जुटाना
4. अंतर-विभागीय समन्वय
- विभिन्न सरकारी विभागों के बीच प्रभावी डेटा साझाकरण और समन्वय सुनिश्चित करना एक जटिल कार्य हो सकता है।
- विभागों के बीच डेटा साइलो (Data Silos) को तोड़ना और एक एकीकृत दृष्टिकोण अपनाना आवश्यक होगा।
यूपीएससी लिंक: शासन, पारदर्शिता और जवाबदेही
चुनौतियाँ — यूपीएससी दृष्टिकोण
| मुद्दा | चिंता |
|---|---|
| डेटा गोपनीयता | संवेदनशील वित्तीय डेटा के दुरुपयोग या उल्लंघन का जोखिम। |
| तकनीकी अंतराल | AI प्रणालियों के लिए आवश्यक अवसंरचना और विशेषज्ञता की कमी। |
| व्यवसायों पर बोझ | नई प्रणाली के अनुकूलन में छोटे व्यवसायों को संभावित कठिनाइयाँ। |
| राजस्व लीकेज की पहचान | निर्माण क्षेत्र में जटिल लीकेज बिंदुओं की सटीक पहचान और समाधान। |
| मानवीय हस्तक्षेप | AI-आधारित निर्णयों में मानवीय समीक्षा और अपील तंत्र का अभाव। |
आगे की राह
- AI प्रणालियों को लागू करने से पहले एक व्यापक प्रभाव मूल्यांकन (Impact Assessment) किया जाना चाहिए ताकि संभावित चुनौतियों और लाभों का आकलन किया जा सके।
- डेटा गोपनीयता और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए मजबूत कानूनी और तकनीकी ढांचा विकसित किया जाना चाहिए, जिसमें डेटा संरक्षण कानून का पालन शामिल हो।
- AI-आधारित प्रणाली के सुचारु संचालन के लिए आवश्यक तकनीकी अवसंरचना का विकास और सरकारी कर्मचारियों के लिए क्षमता निर्माण कार्यक्रम चलाए जाने चाहिए।
- व्यवसायों, विशेषकर छोटे और मध्यम उद्यमों को नई प्रणाली के साथ अनुकूलन करने में सहायता प्रदान की जानी चाहिए, जिसमें प्रशिक्षण और हेल्पलाइन शामिल हों।
- विभिन्न सरकारी विभागों के बीच डेटा साझाकरण प्रोटोकॉल और समन्वय तंत्र को मजबूत किया जाना चाहिए ताकि AI का अधिकतम लाभ उठाया जा सके।
- AI-आधारित निर्णयों में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए एक स्पष्ट शिकायत निवारण तंत्र और मानवीय समीक्षा का प्रावधान होना चाहिए।
- AI के उपयोग से राजस्व वृद्धि के साथ-साथ ‘ईज़ ऑफ डूइंग बिज़नेस’ को बढ़ावा देने पर भी समान ध्यान केंद्रित किया जाना चाहिए।
यूपीएससी मूल्य-संवर्धन
मुख्य परीक्षा उत्तर-लेखन हेतु कीवर्ड
राजस्व संवर्धन · कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) · वस्तु एवं सेवा कर (GST) · वाणिज्यिक कर विभाग · राजस्व रिसाव · ईज ऑफ डूइंग बिजनेस (EoDB) · राजकोषीय संघवाद · डिजिटल शासन · डेटा विश्लेषण · कर अनुपालन
संवैधानिक व नीतिगत संबंध
- [‘अनुच्छेद 246A’, ‘GST से संबंधित विधायी शक्तियाँ’]
- [‘अनुच्छेद 269A’, ‘अंतर-राज्यीय व्यापार पर GST’]
- [‘अनुच्छेद 279A’, ‘GST परिषद का गठन’]
अवधारणा प्रवाह
राज्य सरकार द्वारा AI के उपयोग का प्रस्ताव → GST राजस्व में वृद्धि का लक्ष्य → कर प्रणाली का सरलीकरण और दक्षता → राजस्व लीकेज की रोकथाम → राजकोषीय सुदृढीकरण और आर्थिक संवृद्धि
प्रारंभिक अभ्यास प्रश्न
Q1. निम्नलिखित कथनों पर विचार करें:
1. वस्तु एवं सेवा कर (GST) भारत में 1 जुलाई, 2017 को लागू किया गया था।
2. GST परिषद की अध्यक्षता केंद्रीय वित्त मंत्री करते हैं।
3. GST एक गंतव्य-आधारित कर है।
उपरोक्त में से कितने कथन सही हैं?
- केवल एक
- केवल दो
- सभी तीन
- कोई नहीं
उत्तर: सभी तीन — कथन 1: GST भारत में 1 जुलाई, 2017 को लागू किया गया था, यह सही है।
कथन 2: GST परिषद की अध्यक्षता केंद्रीय वित्त मंत्री करते हैं, यह भी सही है।
कथन 3: GST एक गंतव्य-आधारित कर है, जिसका अर्थ है कि कर उस स्थान पर लगाया जाता है जहाँ वस्तुओं और सेवाओं का उपभोग किया जाता है, यह भी सही है।
Q2. अभिकथन (A): कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) का उपयोग करके राज्यों द्वारा GST राजस्व में वृद्धि की जा सकती है।
कारण (R): AI डेटा विश्लेषण, धोखाधड़ी का पता लगाने और कर अनुपालन में सुधार के लिए प्रभावी उपकरण प्रदान करता है।
- A और R दोनों सत्य हैं, और R, A की सही व्याख्या है।
- A और R दोनों सत्य हैं, लेकिन R, A की सही व्याख्या नहीं है।
- A सत्य है, लेकिन R असत्य है।
- A असत्य है, लेकिन R सत्य है।
उत्तर: A और R दोनों सत्य हैं, और R, A की सही व्याख्या है। — अभिकथन (A) सही है क्योंकि AI का उपयोग करके राजस्व में वृद्धि की जा सकती है। कारण (R) भी सही है क्योंकि AI डेटा विश्लेषण, धोखाधड़ी का पता लगाने और कर अनुपालन में सुधार के लिए उपकरण प्रदान करता है, जो राजस्व वृद्धि में सहायक है। R, A की सही व्याख्या है।
मुख्य अभ्यास प्रश्न
✍ राज्यों द्वारा वस्तु एवं सेवा कर (GST) राजस्व में वृद्धि के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) के उपयोग की क्षमता का परीक्षण कीजिए। इस संबंध में ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ (EoDB) को बढ़ावा देने में AI की भूमिका पर भी चर्चा कीजिए। (15 Marks)
रूपरेखा: मॉडल-उत्तर संरचना:
1. परिचय: GST राजस्व के महत्व और AI के बढ़ते उपयोग का संक्षिप्त उल्लेख।
2. AI की क्षमता (राजस्व वृद्धि): डेटा विश्लेषण, धोखाधड़ी का पता लगाना, कर चोरी रोकना, कर आधार का विस्तार, कर अनुपालन में सुधार, राजस्व रिसाव की पहचान (विशेषकर निर्माण क्षेत्र में)।
3. ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ (EoDB) में AI की भूमिका: प्रक्रियाओं का सरलीकरण, करदाताओं के लिए अनुपालन लागत में कमी, त्वरित कर वापसी, विवाद समाधान में सहायता, पारदर्शिता बढ़ाना।
4. चुनौतियाँ: डेटा गोपनीयता, तकनीकी बुनियादी ढाँचा, AI प्रणाली का विकास और रखरखाव लागत, कुशल मानव संसाधन की कमी, छोटे व्यवसायों पर संभावित प्रभाव।
5. आगे की राह/निष्कर्ष: AI के प्रभावी कार्यान्वयन के लिए नीतिगत ढाँचा, केंद्र-राज्य समन्वय, हितधारकों के साथ परामर्श और चरणबद्ध दृष्टिकोण का सुझाव।
स्रोत: The Hindu
शैक्षिक उद्देश्य हेतु AanyaAi द्वारा जनित।
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