18 Sep सेवा संकल्प अभियान: नागरिक-केंद्रित विकास का नया अध्याय, जानें मुख्य बिंदु
✎ सेवा संकल्प अभियान नागरिक-केंद्रित शासन और समावेशी राष्ट्र-निर्माण की भावना को दर्शाता है, जिसका उद्देश्य 'सेवा भाव' के माध्यम से नागरिकों के जीवन की गुणवत्ता में सुधार लाना और विकास के लाभों को समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना…
विषय प्रासंगिकता — यह टॉपिक कहाँ आता है
- GS Paper II — शासन, पारदर्शिता एवं जवाबदेही के महत्वपूर्ण पक्ष, ई-गवर्नेंस-अनुप्रयोग, मॉडल, सफलताएँ, सीमाएँ और संभावनाएँ; नागरिक चार्टर, पारदर्शिता एवं जवाबदेही एवं संस्थागत तथा अन्य उपाय। | GS Paper III — अवसंरचना: ऊर्जा, बंदरगाह, सड़कें, विमानपत्तन, रेलवे आदि।
- Prelims: सेवा संकल्प अभियान, नागरिक-केंद्रित शासन, पीएम गतिशक्ति, आयुष्मान भारत, बुनियादी ढांचा विकास, सड़क संपर्कता
- Essay: नागरिक-केंद्रित शासन: सुशासन की कुंजी, बुनियादी ढांचा विकास और समावेशी राष्ट्र-निर्माण
त्वरित पुनरावृत्ति: सेवा संकल्प अभियान नागरिक-केंद्रित शासन और समावेशी राष्ट्र-निर्माण की भावना को दर्शाता है, जिसका उद्देश्य ‘सेवा भाव’ के माध्यम से नागरिकों के जीवन की गुणवत्ता में सुधार लाना और विकास के लाभों को समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है।
यह खबर चर्चा में क्यों?
केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री श्री नितिन गडकरी ने ‘सेवा संकल्प अभियान – आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि ‘सेवा भाव’ ही जनसेवा और विकास की मूल भावना है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि सरकार की पहल का उद्देश्य नागरिकों के जीवन की गुणवत्ता में सुधार लाना और यह सुनिश्चित करना है कि विकास का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे। यह अभियान नागरिक-केंद्रित शासन और राष्ट्र-निर्माण की भावना को दर्शाता है।
पृष्ठभूमि
- भारत में शासन का उद्देश्य हमेशा से नागरिकों के कल्याण और उनके जीवन स्तर में सुधार लाना रहा है। विभिन्न सरकारी योजनाएं और पहलें इसी लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए डिज़ाइन की गई हैं।
- बुनियादी ढांचा (Infrastructure) विकास किसी भी राष्ट्र के आर्थिक और सामाजिक विकास की रीढ़ होता है। सड़कें, राजमार्ग, रेलवे, बंदरगाह और हवाई अड्डे बेहतर संपर्कता (Connectivity) प्रदान करते हैं, जिससे आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलता है।
- सरकार की ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास’ की नीति समावेशी विकास पर केंद्रित है, जिसका अर्थ है कि विकास का लाभ समाज के सभी वर्गों तक पहुंचना चाहिए, विशेषकर वंचित और दूरदराज के क्षेत्रों तक।
- डिजिटल इंडिया और ई-गवर्नेंस जैसी पहलें सेवाओं को नागरिकों तक अधिक कुशलता और पारदर्शिता के साथ पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।
- सार्वजनिक सेवाओं तक पहुंच और उनकी गुणवत्ता सुनिश्चित करना सुशासन का एक महत्वपूर्ण पहलू है, जिसमें स्वास्थ्य, शिक्षा और परिवहन जैसी आवश्यक सेवाएं शामिल हैं।
सेवा संकल्प अभियान क्या है?
- सेवा संकल्प अभियान एक पहल है जिसका उद्देश्य जनसेवा और राष्ट्र-निर्माण की भावना को बढ़ावा देना है, जिसमें नागरिकों के जीवन की गुणवत्ता में सुधार और विकास के लाभों को समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना शामिल है।
- यह अभियान ‘सेवा भाव’ के सिद्धांत पर आधारित है, जो निस्वार्थ सेवा और सार्वजनिक कल्याण पर केंद्रित है।
- इसका लक्ष्य सरकार की विभिन्न पहलों के माध्यम से नागरिकों को बेहतर अवसर प्रदान करना और उनके जीवन को सुगम बनाना है।
- अभियान में बुनियादी ढांचा विकास को एक महत्वपूर्ण उपकरण के रूप में देखा जाता है, जो लोगों को स्कूलों, अस्पतालों, बाजारों और कार्यस्थलों से जोड़ता है, जिससे समय की बचत होती है और आर्थिक गतिविधियां बढ़ती हैं।
- यह पीएम गतिशक्ति (PM GatiShakti) जैसी पहलों के माध्यम से एकीकृत बुनियादी ढांचा नियोजन और आधुनिक राजमार्ग विकास पर जोर देता है, जिससे पूरे देश में संपर्कता में सुधार आता है।
- अभियान का दृष्टिकोण केवल भौतिक विकास तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें आयुष्मान भारत (Ayushman Bharat) जैसी सामाजिक कल्याण योजनाएं भी शामिल हैं जो आवश्यक सेवाओं तक पहुंच सुनिश्चित करती हैं।
- यह विकास को समयबद्ध, परिणाम-उन्मुख, पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण बनाने पर केंद्रित है, जिसमें विश्व-स्तरीय तकनीक अपनाने और संसाधनों के कुशल उपयोग पर जोर दिया जाता है।
- ‘आशीर्वाद का दीया’ पहल इस अभियान की भावना को दर्शाती है, जो पूरी निष्ठा, ईमानदारी और नागरिक-प्रथम के दृष्टिकोण से लोगों की सेवा करने का एक सामूहिक संकल्प है।
मुख्य विशेषताएँ
| विशेषता | महत्व |
|---|---|
| नागरिक-केंद्रित शासन | यह सुनिश्चित करना कि सरकारी नीतियां और पहलें नागरिकों की आवश्यकताओं और आकांक्षाओं पर केंद्रित हों, जिससे उनके जीवन की गुणवत्ता में सुधार हो। |
| राष्ट्र-निर्माण | बुनियादी ढाँचे के विकास और सामाजिक कल्याण के माध्यम से एक मजबूत, समृद्ध और विकसित राष्ट्र के लक्ष्य को प्राप्त करने की दिशा में सामूहिक प्रयास। |
| सेवा भाव | जनसेवा और विकास की मूल भावना, जिसका उद्देश्य समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुँचाना है। |
| बुनियादी ढाँचा विकास | सड़कें, राजमार्ग और अन्य कनेक्टिविटी परियोजनाएँ जो लोगों को आवश्यक सेवाओं, बाजारों और अवसरों से जोड़ती हैं, जिससे आर्थिक गतिविधियाँ बढ़ती हैं। |
| पारदर्शिता और जवाबदेही | विकास परियोजनाओं में समयबद्धता, परिणाम-उन्मुखता, गुणवत्ता और किसी भी गड़बड़ी के लिए सख्त जवाबदेही सुनिश्चित करना। |
महत्व
शासन और सुशासन
- यह अभियान नागरिक-केंद्रित शासन (Citizen-Centric Governance) के सिद्धांत को सुदृढ़ करता है, जहाँ सरकार की नीतियां और कार्यक्रम सीधे नागरिकों के जीवन को बेहतर बनाने पर केंद्रित होते हैं।
- यह ‘सेवा भाव’ की अवधारणा को बढ़ावा देता है, जो सार्वजनिक सेवा और विकास के मूल में है, जिससे यह सुनिश्चित होता है कि विकास का लाभ समाज के सबसे कमजोर वर्गों तक पहुँचे।
- पारदर्शिता, जवाबदेही और गुणवत्ता पर जोर देकर सुशासन (Good Governance) के सिद्धांतों को मजबूत किया जाता है, जिससे सार्वजनिक परियोजनाओं में दक्षता और प्रभावशीलता आती है।
आर्थिक विकास और अवसंरचना
- बुनियादी ढाँचे के विकास, विशेष रूप से सड़कों और राजमार्गों के निर्माण पर जोर, आर्थिक संवृद्धि (Economic Growth) को बढ़ावा देता है। बेहतर कनेक्टिविटी कृषि उत्पादों की आवाजाही को सुगम बनाती है, पर्यटन को बढ़ावा देती है और रोजगार के नए अवसर पैदा करती है।
- PM गतिशक्ति जैसी पहलें एकीकृत अवसंरचना योजना (Integrated Infrastructure Planning) के माध्यम से देश भर में कनेक्टिविटी में क्रांतिकारी बदलाव ला रही हैं, जिससे लॉजिस्टिक्स लागत कम होती है और व्यापार सुगम होता है।
- इलेक्ट्रिक वाहन, वैकल्पिक ईंधन और हाइड्रोजन-आधारित प्रौद्योगिकियों को बढ़ावा देने से टिकाऊ आवाजाही (Sustainable Mobility) को प्रोत्साहन मिलता है, जो आर्थिक विकास के साथ-साथ पर्यावरणीय स्थिरता सुनिश्चित करता है।
सामाजिक समावेशन और कल्याण
- यह अभियान दूर-दराज के समुदायों को आवश्यक सेवाओं जैसे स्कूलों, अस्पतालों और बाजारों से जोड़कर सामाजिक समावेशन (Social Inclusion) को बढ़ावा देता है।
- आयुष्मान भारत जैसी पहलें नागरिकों के लिए आवश्यक स्वास्थ्य सेवाओं तक बेहतर पहुँच सुनिश्चित करके उनके कल्याण (Welfare) पर सरकार के ध्यान को दर्शाती हैं।
- विकास का वास्तविक पैमाना नागरिकों के दैनिक जीवन में सकारात्मक बदलाव, जैसे समय की बचत, सेवाओं तक आसान पहुँच और नए अवसरों की उपलब्धता को माना जाता है, जो समग्र मानव विकास सूचकांक (Human Development Index) में सुधार करता है।
चुनौतियाँ
1. बुनियादी ढाँचे की गुणवत्ता और रखरखाव
- परियोजनाओं की गुणवत्ता सुनिश्चित करना और घटिया काम तथा गड़बड़ियों के लिए सख्त जवाबदेही तय करना एक चुनौती है।
- निर्मित बुनियादी ढाँचे का दीर्घकालिक रखरखाव और मरम्मत सुनिश्चित करना ताकि उनकी उपयोगिता बनी रहे।
यूपीएससी लिंक: सामान्य अध्ययन पेपर-3: अवसंरचना
2. संसाधनों का कुशल उपयोग
- सीमित वित्तीय और प्राकृतिक संसाधनों का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित करना।
- परियोजनाओं में लागत-दक्षता बनाए रखना और अपव्यय को रोकना।
यूपीएससी लिंक: सामान्य अध्ययन पेपर-3: संसाधन जुटाना
3. दूरस्थ क्षेत्रों तक पहुँच
- पहाड़ी और दुर्गम इलाकों में कनेक्टिविटी प्रदान करना, जहाँ निर्माण लागत अधिक होती है और भौगोलिक चुनौतियाँ होती हैं।
- यह सुनिश्चित करना कि विकास का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुँचे, विशेषकर उन क्षेत्रों में जहाँ पहुँच मुश्किल है।
यूपीएससी लिंक: सामान्य अध्ययन पेपर-2: कमजोर वर्गों का कल्याण
4. पर्यावरणीय स्थिरता
- बुनियादी ढाँचे के विकास के साथ-साथ पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखना।
- इलेक्ट्रिक वाहनों और वैकल्पिक ईंधनों को अपनाने में चुनौतियों का सामना करना, जैसे चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर और प्रौद्योगिकी की लागत।
यूपीएससी लिंक: सामान्य अध्ययन पेपर-3: पर्यावरण और पारिस्थितिकी
चुनौतियाँ — यूपीएससी दृष्टिकोण
| मुद्दा | चिंता |
|---|---|
| परियोजना निष्पादन में देरी | भूमि अधिग्रहण, पर्यावरणीय मंजूरी और धन की कमी के कारण परियोजनाओं में विलंब होता है, जिससे लागत बढ़ती है। |
| गुणवत्ता नियंत्रण | बुनियादी ढाँचे के निर्माण में गुणवत्ता मानकों को बनाए रखना और भ्रष्टाचार को रोकना एक सतत चुनौती है। |
| तकनीकी एकीकरण | विश्व-स्तरीय तकनीक को अपनाना और आयात पर निर्भरता कम करना, जिसके लिए अनुसंधान और विकास में निवेश की आवश्यकता है। |
| सार्वजनिक-निजी भागीदारी (PPP) चुनौतियाँ | PPP मॉडल में जोखिम-साझाकरण, अनुबंध प्रबंधन और विवाद समाधान से संबंधित मुद्दे। |
| जलवायु परिवर्तन अनुकूलन | बुनियादी ढाँचे को जलवायु परिवर्तन के प्रभावों (जैसे बाढ़, भूस्खलन) के प्रति अधिक लचीला बनाना। |
सरकारी पहल — प्रीलिम्स हेतु अवश्य याद रखें
- PM गतिशक्ति
- आयुष्मान भारत
आगे की राह
- बुनियादी ढाँचे के विकास में एकीकृत योजना और निष्पादन को प्राथमिकता देना, जिसमें विभिन्न मंत्रालयों और विभागों के बीच समन्वय शामिल हो।
- परियोजनाओं की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए कठोर निगरानी तंत्र स्थापित करना और घटिया काम के लिए सख्त जवाबदेही तय करना।
- विश्व-स्तरीय प्रौद्योगिकियों को अपनाने और स्वदेशी अनुसंधान एवं विकास को बढ़ावा देने के लिए निवेश करना, जिससे आयात पर निर्भरता कम हो।
- टिकाऊ आवाजाही समाधानों, जैसे इलेक्ट्रिक वाहन, बायो-ईंधन और हाइड्रोजन-आधारित प्रौद्योगिकियों को बढ़ावा देने के लिए व्यापक नीतिगत ढाँचा विकसित करना।
- सार्वजनिक परिवहन प्रणालियों को मजबूत करना और शहरी तथा ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में अंतिम-मील कनेक्टिविटी (Last-Mile Connectivity) सुनिश्चित करना।
- नागरिकों की भागीदारी को प्रोत्साहित करना और उनकी प्रतिक्रिया को नीति निर्माण तथा परियोजना कार्यान्वयन में शामिल करना।
- विकास परियोजनाओं के सामाजिक और पर्यावरणीय प्रभावों का नियमित मूल्यांकन करना और सुधारात्मक उपाय करना।
यूपीएससी मूल्य-संवर्धन
मुख्य परीक्षा उत्तर-लेखन हेतु कीवर्ड
नागरिक-केंद्रित शासन · राष्ट्र-निर्माण · सेवा भाव · बुनियादी ढाँचा विकास · पीएम गतिशक्ति · एकीकृत अवसंरचना योजना · आयुष्मान भारत · सतत आवाजाही · जवाबदेही · अंतिम व्यक्ति तक पहुँच
संवैधानिक व नीतिगत संबंध
- {‘अनुच्छेद 38’: ‘राज्य लोक कल्याण की अभिवृद्धि करेगा।’}
- {‘अनुच्छेद 246’: ‘संसद और राज्य विधानमंडलों की विधायी शक्तियाँ।’}
- {‘अनुच्छेद 282’: ‘संघ या राज्य द्वारा किए गए व्यय।’}
अवधारणा प्रवाह
नागरिक-केंद्रित शासन का संकल्प → बुनियादी ढाँचे का विकास (सड़कें, कनेक्टिविटी) → बेहतर कनेक्टिविटी और पहुँच (स्कूल, अस्पताल, बाजार) → आर्थिक संवृद्धि और रोजगार के अवसर → नागरिकों के जीवन की गुणवत्ता में सुधार → राष्ट्र-निर्माण और समग्र विकास
प्रारंभिक अभ्यास प्रश्न
Q1. निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. ‘सेवा संकल्प अभियान’ का उद्देश्य नागरिकों के जीवन की गुणवत्ता में सुधार लाना है।
2. पीएम गतिशक्ति पहल एकीकृत अवसंरचना योजना से संबंधित है।
3. ज़ोजिला टनल परियोजना दूर-दराज़ के समुदायों को आवश्यक सेवाओं से जोड़ने में मदद करती है।
उपर्युक्त कथनों में से कितने सही हैं?
- केवल एक
- केवल दो
- सभी तीन
- कोई नहीं
उत्तर: सभी तीन — कथन 1 सही है क्योंकि ‘सेवा संकल्प अभियान’ का मूल उद्देश्य नागरिकों के जीवन की गुणवत्ता में सुधार लाना और विकास का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाना है। कथन 2 सही है क्योंकि पीएम गतिशक्ति (PM GatiShakti) पहल का मुख्य लक्ष्य एकीकृत अवसंरचना योजना (Integrated Infrastructure Planning) और आधुनिक राजमार्ग विकास के माध्यम से देश में कनेक्टिविटी में सुधार लाना है। कथन 3 भी सही है क्योंकि ज़ोजिला टनल (Zojila Tunnel) जैसी परियोजनाएँ मुश्किल और पहाड़ी इलाकों में हर मौसम में कनेक्टिविटी प्रदान करके दूर-दराज़ के समुदायों को आवश्यक सेवाओं और अवसरों से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
Q2. निम्नलिखित में से कौन-सा कथन ‘नागरिक-केंद्रित शासन’ की अवधारणा को सर्वोत्तम रूप से परिभाषित करता है?
- यह सरकार द्वारा केवल आर्थिक नीतियों पर ध्यान केंद्रित करने को संदर्भित करता है।
- यह शासन का एक दृष्टिकोण है जहाँ नागरिकों की आवश्यकताओं और अपेक्षाओं को प्राथमिकता दी जाती है।
- यह केवल कानून और व्यवस्था बनाए रखने पर केंद्रित है।
- यह सरकार के सभी निर्णयों को गुप्त रखने पर जोर देता है।
उत्तर: यह शासन का एक दृष्टिकोण है जहाँ नागरिकों की आवश्यकताओं और अपेक्षाओं को प्राथमिकता दी जाती है। — नागरिक-केंद्रित शासन (Citizen-Centric Governance) का अर्थ है शासन का एक ऐसा दृष्टिकोण जहाँ नीतियों, कार्यक्रमों और सेवाओं के निर्माण तथा वितरण में नागरिकों की आवश्यकताओं, अपेक्षाओं और कल्याण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाती है। इसका उद्देश्य नागरिकों के जीवन की गुणवत्ता में सुधार लाना और उन्हें सशक्त बनाना है।
मुख्य अभ्यास प्रश्न
✍ नागरिक-केंद्रित शासन और राष्ट्र-निर्माण में बुनियादी ढाँचा विकास की भूमिका का आलोचनात्मक परीक्षण कीजिए। पीएम गतिशक्ति जैसी पहलों के संदर्भ में इसकी सफलता का मूल्यांकन भी कीजिए। (15 Marks)
रूपरेखा: मॉडल-उत्तर संरचना:
1. **परिचय:** नागरिक-केंद्रित शासन और राष्ट्र-निर्माण की संक्षिप्त परिभाषा दें। बुनियादी ढाँचा विकास के महत्व को रेखांकित करें।
2. **बुनियादी ढाँचा विकास की भूमिका:**
* **नागरिक-केंद्रित शासन में:** नागरिकों के जीवन की गुणवत्ता में सुधार (स्कूल, अस्पताल, बाज़ार तक पहुँच), समय की बचत, कृषि उत्पादों की सुगम आवाजाही, पर्यटन को बढ़ावा, रोजगार सृजन, सामाजिक समावेशन (दूर-दराज़ के क्षेत्रों को जोड़ना)।
* **राष्ट्र-निर्माण में:** आर्थिक संवृद्धि (Economic Growth) को बढ़ावा, क्षेत्रीय असमानताओं को कम करना, राष्ट्रीय एकता को मजबूत करना, सुरक्षा और रणनीतिक महत्व, वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मकता में वृद्धि।
3. **आलोचनात्मक परीक्षण:**
* **सकारात्मक पक्ष:** तीव्र विकास, कनेक्टिविटी में सुधार, आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा।
* **चुनौतियाँ/कमियाँ:** भूमि अधिग्रहण के मुद्दे, पर्यावरणीय प्रभाव, विस्थापन, परियोजना में देरी और लागत में वृद्धि, गुणवत्ता नियंत्रण, भ्रष्टाचार की संभावना, समावेशी विकास सुनिश्चित करने की चुनौती।
4. **पीएम गतिशक्ति पहल का मूल्यांकन:**
* **उद्देश्य:** एकीकृत योजना, मल्टीमॉडल कनेक्टिविटी, लॉजिस्टिक्स लागत में कमी।
* **सफलता के संकेतक:** परियोजनाओं का समय पर पूरा होना, समन्वय में सुधार, निवेश आकर्षित करना, आर्थिक गलियारों का विकास (जैसे औद्योगिक गलियारे)।
* **चुनौतियाँ:** विभिन्न मंत्रालयों के बीच पूर्ण समन्वय सुनिश्चित करना, डेटा-आधारित निर्णय लेने की क्षमता को बढ़ाना, निजी क्षेत्र की भागीदारी, राज्यों के साथ सहयोग।
5. **निष्कर्ष:** बुनियादी ढाँचा विकास नागरिक-केंद्रित शासन और राष्ट्र-निर्माण के लिए आवश्यक है, लेकिन इसकी सफलता प्रभावी योजना, पारदर्शिता, जवाबदेही और समावेशिता पर निर्भर करती है। पीएम गतिशक्ति जैसी पहलें सही दिशा में एक कदम हैं, जिन्हें निरंतर सुधार और निगरानी की आवश्यकता है।
स्रोत: PIB (Press Information Bureau)
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