01 Oct स्वच्छता ही सेवा 2026: सड़क परिवहन मंत्रालय ने ‘एक दिन, एक घंटा’ श्रमदान का आयोजन
✎ ‘स्वच्छता ही सेवा’ अभियान स्वच्छ भारत मिशन के तहत जनभागीदारी और सामूहिक श्रमदान के माध्यम से स्वच्छता को बढ़ावा देने का एक महत्वपूर्ण प्रयास है, जिसका उद्देश्य स्वच्छ और विकसित भारत का निर्माण करना है।
विषय प्रासंगिकता — यह टॉपिक कहाँ आता है
- GS Paper I — भारतीय समाज, सामाजिक सशक्तिकरण | GS Paper II — शासन, पारदर्शिता और जवाबदेही, कल्याणकारी योजनाएँ | GS Paper III — पर्यावरण, प्रदूषण और अवक्रमण
- Prelims: स्वच्छता ही सेवा (SHS) अभियान, स्वच्छ भारत मिशन, सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH), श्रमदान, सामुदायिक भागीदारी, सार्वजनिक स्वच्छता
- Essay: स्वच्छता: एक राष्ट्रीय कर्तव्य और सामाजिक उत्तरदायित्व, विकसित भारत के निर्माण में जनभागीदारी का महत्व
त्वरित पुनरावृत्ति: ‘स्वच्छता ही सेवा’ अभियान स्वच्छ भारत मिशन के तहत जनभागीदारी और सामूहिक श्रमदान के माध्यम से स्वच्छता को बढ़ावा देने का एक महत्वपूर्ण प्रयास है, जिसका उद्देश्य स्वच्छ और विकसित भारत का निर्माण करना है।
यह खबर चर्चा में क्यों?
सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH) ने ‘स्वच्छता ही सेवा’ (SHS) 2026 अभियान के तहत ‘एक दिन, एक घंटा, एक साथ’ श्रमदान का आयोजन किया। इस पहल का उद्देश्य स्वच्छता गतिविधियों में सामूहिक भागीदारी को बढ़ावा देना और सार्वजनिक स्थलों तथा कार्यस्थलों को स्वच्छ बनाए रखने की अपनी प्रतिबद्धता को दोहराना था। मंत्रालय के सचिव और वरिष्ठ अधिकारियों ने सफाई कर्मचारियों को उनके योगदान के लिए सम्मानित भी किया।
पृष्ठभूमि
- यह अभियान स्वच्छ भारत मिशन (Swachh Bharat Mission) के उद्देश्यों को प्राप्त करने के लिए जनभागीदारी को प्रोत्साहित करता है।
- इस वर्ष के अभियान की थीम ‘स्वच्छता में सहभाग, स्वच्छ भारत, विकसित भारत’ है।
- अभियान के तहत राष्ट्रीय राजमार्गों (NH) के किनारे कचरा हटाना, टोल प्लाजा पर शौचालयों का नवीनीकरण, टोल प्लाजा का व्यापक रखरखाव, सड़क संकेतक लगाना और राष्ट्रीय राजमार्गों को गड्ढामुक्त बनाना जैसे कार्य शामिल हैं।
- मंत्रालय ने मुख्यालयों, क्षेत्रीय कार्यालयों और कार्यक्रम कार्यान्वयन इकाइयों सहित सभी संबंधित कार्यालयों को अभियानों के प्रभावी कार्यान्वयन के लिए जागरूक किया है।
- अभियानों की प्रगति की नियमित रूप से संयुक्त सचिव/सचिव द्वारा समीक्षा की जा रही है।
स्वच्छ भारत मिशन (Swachh Bharat Mission) क्या है?
- स्वच्छ भारत मिशन भारत सरकार द्वारा शुरू किया गया एक राष्ट्रव्यापी अभियान है जिसका उद्देश्य देश भर में स्वच्छता और साफ-सफाई में सुधार करना है।
- इसे 2 अक्टूबर 2014 को महात्मा गांधी की जयंती पर लॉन्च किया गया था।
- मिशन के दो मुख्य घटक हैं: स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) और स्वच्छ भारत मिशन (शहरी)।
- इसका प्राथमिक लक्ष्य खुले में शौच मुक्त (ODF) भारत प्राप्त करना और ठोस अपशिष्ट प्रबंधन में सुधार करना है।
- मिशन जनभागीदारी और व्यवहार परिवर्तन पर जोर देता है ताकि स्वच्छता को एक सामाजिक आंदोलन बनाया जा सके।
- यह स्वच्छता के बुनियादी ढांचे के निर्माण, सार्वजनिक जागरूकता बढ़ाने और स्वच्छता के प्रति स्थायी आदतों को बढ़ावा देने पर केंद्रित है।
- ‘स्वच्छता ही सेवा’ अभियान स्वच्छ भारत मिशन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है जो सामुदायिक भागीदारी और स्वैच्छिक श्रमदान के माध्यम से स्वच्छता को बढ़ावा देता है।
मुख्य विशेषताएँ
| विशेषता | महत्व |
|---|---|
| स्वच्छता ही सेवा (SHS) अभियान | स्वच्छता के प्रति जनभागीदारी और सामूहिक कार्रवाई को प्रोत्साहित करता है। |
| ‘एक दिन, एक घंटा, एक साथ’ श्रमदान | नागरिकों को स्वच्छता गतिविधियों में स्वेच्छा से भाग लेने के लिए प्रेरित करता है। |
| थीम: ‘स्वच्छता में सहभाग, स्वच्छ भारत, विकसित भारत’ | स्वच्छता को राष्ट्रीय विकास से जोड़ता है और सामूहिक जिम्मेदारी पर बल देता है। |
| सफाई कर्मचारियों का सम्मान | स्वच्छता बनाए रखने में उनके अमूल्य योगदान को स्वीकार करता है और श्रम की गरिमा को बढ़ाता है। |
| केंद्रित कार्रवाई क्षेत्र | राष्ट्रीय राजमार्गों, टोल प्लाजा और सार्वजनिक स्थलों पर विशिष्ट स्वच्छता लक्ष्यों को निर्धारित करता है। |
महत्व
सामाजिक महत्व
- यह अभियान स्वच्छता को एक सामूहिक जिम्मेदारी के रूप में स्थापित करता है, जिससे समाज के सभी वर्गों में स्वच्छता के प्रति जागरूकता और भागीदारी बढ़ती है।
- सफाई कर्मचारियों को सम्मानित करके, यह पहल उनके श्रम की गरिमा को बढ़ाती है और समाज में उनके योगदान को स्वीकार करती है, जिससे सामाजिक समावेश को बढ़ावा मिलता है।
- सार्वजनिक स्थलों पर स्वच्छता बनाए रखने से नागरिकों के स्वास्थ्य और जीवन की गुणवत्ता में सुधार होता है, जिससे बीमारियों का प्रसार कम होता है।
शासन और नीतिगत महत्व
- यह अभियान सरकार की ‘स्वच्छ भारत’ पहल को मजबूत करता है और नीतियों के प्रभावी कार्यान्वयन के लिए जनभागीदारी को एक महत्वपूर्ण उपकरण के रूप में दर्शाता है।
- विभिन्न मंत्रालयों और विभागों के बीच समन्वय को बढ़ावा देता है, जैसा कि सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH) द्वारा अपने कार्यक्षेत्र में स्वच्छता लक्ष्यों को प्राप्त करने के प्रयासों से स्पष्ट है।
- यह सुनिश्चित करता है कि स्वच्छता केवल एक अभियान न होकर दैनिक जीवन का एक अभिन्न अंग बने, जिससे दीर्घकालिक व्यवहार परिवर्तन को बढ़ावा मिलता है।
आर्थिक महत्व
- स्वच्छ सार्वजनिक स्थान और बेहतर बुनियादी ढाँचा पर्यटन को बढ़ावा दे सकता है, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को लाभ होता है।
- स्वच्छता से संबंधित बीमारियों में कमी आने से स्वास्थ्य देखभाल पर होने वाले खर्च में कमी आती है, जिससे उत्पादकता बढ़ती है और आर्थिक विकास में योगदान मिलता है।
- टोल प्लाजा और राष्ट्रीय राजमार्गों के रखरखाव में सुधार से परिवहन दक्षता बढ़ती है, जो व्यापार और वाणिज्य के लिए महत्वपूर्ण है।
चुनौतियाँ
1. व्यवहार परिवर्तन की निरंतरता
- यह सुनिश्चित करना कि स्वच्छता केवल अभियानों तक सीमित न रहे, बल्कि दैनिक जीवन का हिस्सा बन जाए, एक बड़ी चुनौती है।
- लोगों की आदतों और मानसिकता में स्थायी बदलाव लाना समय लेने वाला और जटिल कार्य है।
यूपीएससी लिंक: सामाजिक मुद्दे, शासन
2. बुनियादी ढांचे का रखरखाव
- सार्वजनिक शौचालयों, टोल प्लाजा और राष्ट्रीय राजमार्गों पर कचरा प्रबंधन सुविधाओं का नियमित और प्रभावी रखरखाव सुनिश्चित करना।
- अपशिष्ट निपटान और पुनर्चक्रण के लिए पर्याप्त बुनियादी ढांचे की कमी कई क्षेत्रों में एक चुनौती बनी हुई है।
यूपीएससी लिंक: बुनियादी ढाँचा, शहरीकरण
3. संसाधनों का आवंटन और उपयोग
- स्वच्छता अभियानों के लिए पर्याप्त वित्तीय और मानव संसाधनों का आवंटन और उनका कुशल उपयोग सुनिश्चित करना।
- स्थानीय निकायों और संबंधित विभागों के बीच संसाधनों के प्रभावी समन्वय की आवश्यकता।
यूपीएससी लिंक: शासन, सार्वजनिक वित्त
4. जनभागीदारी का विस्तार
- अभियानों में सभी वर्गों और क्षेत्रों की समान भागीदारी सुनिश्चित करना, विशेषकर ग्रामीण और दूरदराज के इलाकों में।
- स्वच्छता के प्रति उदासीनता या जागरूकता की कमी वाले समुदायों को सक्रिय रूप से शामिल करना।
यूपीएससी लिंक: सामाजिक सशक्तिकरण, शासन
चुनौतियाँ — यूपीएससी दृष्टिकोण
| मुद्दा | चिंता |
|---|---|
| स्थायी व्यवहार परिवर्तन | अभियानों के बाद स्वच्छता के प्रति उत्साह में कमी आना और पुरानी आदतों पर लौटना। |
| अपशिष्ट प्रबंधन की चुनौतियाँ | ठोस अपशिष्ट के संग्रहण, पृथक्करण और निपटान के लिए प्रभावी प्रणालियों का अभाव। |
| बुनियादी ढांचे की कमी | सार्वजनिक शौचालयों, कूड़ेदानों और अपशिष्ट प्रसंस्करण इकाइयों की अपर्याप्त संख्या या खराब स्थिति। |
| निगरानी और प्रवर्तन | स्वच्छता नियमों के उल्लंघन पर प्रभावी निगरानी और दंड प्रणाली का कमजोर होना। |
| संसाधन और क्षमता | स्थानीय निकायों के पास स्वच्छता कार्यों के लिए पर्याप्त वित्तीय, तकनीकी और मानव संसाधनों की कमी। |
सरकारी पहल — प्रीलिम्स हेतु अवश्य याद रखें
- स्वच्छ भारत मिशन
आगे की राह
- स्वच्छता को एक सतत प्रक्रिया बनाने के लिए शिक्षा और जागरूकता कार्यक्रमों को स्कूलों और समुदायों में एकीकृत करना।
- अपशिष्ट प्रबंधन के लिए आधुनिक तकनीकों और बुनियादी ढांचे में निवेश करना, जिसमें पृथक्करण, पुनर्चक्रण और प्रभावी निपटान शामिल हो।
- स्थानीय निकायों की क्षमता निर्माण और उन्हें स्वच्छता कार्यों के लिए पर्याप्त वित्तीय एवं तकनीकी सहायता प्रदान करना।
- स्वच्छता के प्रति अच्छे व्यवहार को प्रोत्साहित करने के लिए प्रोत्साहन और मान्यता प्रणालियों को लागू करना।
- समुदायों को स्वच्छता योजनाओं की योजना, कार्यान्वयन और निगरानी में सक्रिय रूप से शामिल करना।
- स्वच्छता नियमों के उल्लंघन पर प्रभावी दंड सुनिश्चित करने के लिए निगरानी और प्रवर्तन तंत्र को मजबूत करना।
- स्वच्छता संबंधी डेटा का नियमित संग्रह और विश्लेषण करके नीतियों एवं कार्यक्रमों की प्रभावशीलता का मूल्यांकन करना।
यूपीएससी मूल्य-संवर्धन
मुख्य परीक्षा उत्तर-लेखन हेतु कीवर्ड
स्वच्छता ही सेवा अभियान · स्वच्छ भारत अभियान · सामूहिक भागीदारी · श्रमदान · सार्वजनिक स्वच्छता · राष्ट्रीय राजमार्गों का रखरखाव · स्वच्छता लक्ष्य इकाइयाँ · सतत स्वच्छता · नागरिक सहभागिता · कचरा प्रबंधन
संवैधानिक व नीतिगत संबंध
- {‘article’: ‘अनुच्छेद 21’, ‘note’: ‘स्वच्छ पर्यावरण का अधिकार’}
- {‘article’: ‘अनुच्छेद 47’, ‘note’: ‘पोषण स्तर और जन-स्वास्थ्य में सुधार’}
- {‘article’: ‘अनुच्छेद 243W’, ‘note’: ‘नगरपालिकाओं की शक्तियाँ, प्राधिकार और उत्तरदायित्व’}
- {‘article’: ‘अनुच्छेद 243G’, ‘note’: ‘पंचायतों की शक्तियाँ, प्राधिकार और उत्तरदायित्व’}
अवधारणा प्रवाह
स्वच्छता ही सेवा अभियान का शुभारंभ → ‘एक दिन, एक घंटा, एक साथ’ श्रमदान का आह्वान → नागरिकों और सरकारी कर्मचारियों की सामूहिक भागीदारी → सार्वजनिक स्थलों और कार्यस्थलों की सफाई → स्वच्छता के प्रति जागरूकता और व्यवहार परिवर्तन → स्वच्छ भारत, विकसित भारत के लक्ष्य की प्राप्ति
प्रारंभिक अभ्यास प्रश्न
Q1. स्वच्छता ही सेवा (SHS) अभियान 2026 के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. यह अभियान 17 सितंबर से 2 अक्टूबर, 2026 तक मनाया जा रहा है।
2. इस वर्ष के अभियान की थीम ‘स्वच्छता में सहभाग, स्वच्छ भारत, विकसित भारत’ है।
3. सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने इस अभियान के तहत टोल प्लाजा पर शौचालय ब्लॉकों के नवीनीकरण और रखरखाव पर ध्यान केंद्रित किया है।
उपर्युक्त में से कितने कथन सही हैं?
- केवल एक
- केवल दो
- सभी तीन
- कोई नहीं
उत्तर: सभी तीन — कथन 1 सही है क्योंकि अभियान 17 सितंबर से 2 अक्टूबर, 2026 तक मनाया जा रहा है। कथन 2 सही है क्योंकि इस वर्ष की थीम ‘स्वच्छता में सहभाग, स्वच्छ भारत, विकसित भारत’ है। कथन 3 सही है क्योंकि मंत्रालय ने टोल प्लाजा और राष्ट्रीय राजमार्गों के अन्य स्थानों पर शौचालय ब्लॉकों के नवीनीकरण और रखरखाव को प्रमुख क्षेत्रों में से एक के रूप में पहचाना है।
Q2. निम्नलिखित में से कौन-सा/से स्वच्छता ही सेवा अभियान का/के प्रमुख उद्देश्य है/हैं?
1. स्वैच्छिक भागीदारी को बढ़ावा देना।
2. स्वच्छता की दिशा में सामूहिक कार्रवाई को प्रोत्साहित करना।
3. केवल सरकारी कर्मचारियों के लिए श्रमदान का आयोजन करना।
नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए।
- केवल 1
- केवल 2 और 3
- केवल 1 और 2
- 1, 2 और 3
उत्तर: केवल 1 और 2 — स्वच्छता ही सेवा अभियान का उद्देश्य स्वैच्छिक भागीदारी को बढ़ावा देना और स्वच्छता की दिशा में सामूहिक कार्रवाई को प्रोत्साहित करना है। यह केवल सरकारी कर्मचारियों तक सीमित नहीं है, बल्कि व्यापक नागरिक भागीदारी पर केंद्रित है।
मुख्य अभ्यास प्रश्न
✍ स्वच्छ भारत अभियान के एक महत्वपूर्ण घटक के रूप में ‘स्वच्छता ही सेवा’ अभियान के उद्देश्यों और प्रमुख विशेषताओं पर चर्चा कीजिए। सार्वजनिक स्वच्छता और नागरिक सहभागिता को बढ़ावा देने में यह अभियान कितना सफल रहा है? (15 Marks)
रूपरेखा: मॉडल-उत्तर संरचना:
1. परिचय: स्वच्छ भारत अभियान के तहत ‘स्वच्छता ही सेवा’ (SHS) अभियान का संक्षिप्त परिचय दें, इसकी शुरुआत और व्यापक लक्ष्य को रेखांकित करें।
2. उद्देश्य: SHS अभियान के प्रमुख उद्देश्यों का विस्तार से वर्णन करें, जैसे स्वैच्छिक भागीदारी को बढ़ावा देना, सामूहिक कार्रवाई को प्रोत्साहित करना, श्रमदान के माध्यम से स्वच्छता के प्रति जागरूकता बढ़ाना।
3. प्रमुख विशेषताएँ: अभियान की विशिष्ट विशेषताओं को उजागर करें, जैसे ‘एक दिन, एक घंटा, एक साथ’ का आह्वान, विभिन्न मंत्रालयों और सार्वजनिक स्थलों की भागीदारी, राष्ट्रीय राजमार्गों, टोल प्लाजा और सार्वजनिक शौचालयों के रखरखाव पर विशेष ध्यान।
4. सफलता का मूल्यांकन: सार्वजनिक स्वच्छता और नागरिक सहभागिता को बढ़ावा देने में अभियान की सफलता का आलोचनात्मक विश्लेषण करें। इसमें स्वच्छता लक्ष्य इकाइयों के रूपांतरण, सार्वजनिक स्थलों की सफाई, सफाई कर्मचारियों के सम्मान और निरंतर भागीदारी के संदेश जैसे बिंदुओं को शामिल करें।
5. चुनौतियाँ और आगे की राह: अभियान के सामने आने वाली संभावित चुनौतियों (जैसे व्यवहार परिवर्तन की निरंतरता, ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता) और भविष्य के लिए सुझावों पर संक्षेप में चर्चा करें।
6. निष्कर्ष: अभियान के महत्व और भारत को स्वच्छ एवं विकसित बनाने में इसकी भूमिका को दोहराते हुए निष्कर्ष प्रस्तुत करें।
स्रोत: PIB (Press Information Bureau)
शैक्षिक उद्देश्य हेतु AanyaAi द्वारा जनित।
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